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CBSE Class 12 Political Science Question Paper 2020 Set 59-2-1 Solutions (Hindi)

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About CBSE Class 12 Political Science Question Paper 2020 Set 59-2-1 Solutions (Hindi)

CBSE Class 12 Political Science Question Paper 2020 Set 59-2-1 Solutions (Hindi) is available here for free download. Published by CBSE for Class 12, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (19 pages). Candidates preparing for Class 12 can use CBSE Class 12 Political Science Question Paper 2020 Set 59-2-1 Solutions (Hindi) to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

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CBSE Class 12 Political Science Question Paper 2020 Set 59-2-1 Solutions (Hindi) – Text

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Page 1

अितयंत गोपनीय -केवल आं त रक एवं सीिमत योग हे तू

सीिनयर ू ल सिटिफकेट परी ा,माच-2020

अं क-योजना POLITICAL SCIENCE
SUBJECT CODE: 028 PAPER CODE : 59/2/1

सामा िनदश :-

1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।

2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू यांकन करते समय नवीनतम सूचना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए पूरे अंक दए जाएँ।

3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।

4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती है।

5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।

6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।

7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।

8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदेखा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।

9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।

Page 2

10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)

11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –

 उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
 उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
 उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
 उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
 आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
 योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
 उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
 कु ल अंक के योग म अशुि
 उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
 उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।

12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।

13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता है।

14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।

15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।

16. क ीय मा यिमक िश ा बोड प रषद पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत
शु क भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित देती है।

ववशिष्ट तनदे ि
1. अांिन ्ोजना में ददए गए उत्तर सझ
ु ावात्मि उत्तर हैं इस प्रिार उत्तर सामग्री साांिेतति है ।उम्मीदवार ववशभन्न रूपों
े आधार पर ्हाां सझ
में उत्तर दे सिते हैं। लेकिन ,मूल्ाांिन िे मानिीिरर् िे शलए अपेक्षक्षत सामग्री ि ु ाई गई
माकििंग स्िीम िा पालन िरना उचचत है ।हालाांकि ,उम्मीदवार द्वारा किसी अन्् प्रासांचगि और सही पररभाषा /
अांि / उत्तर ददए जाने पर पूरा श्रे् दद्ा जाना चादहए ।उन उत्तरों िो अांि ददए जान े चादहएां स्जन्हें उम्मीदवार ने
अपने िब्दों में शलखने िा प्र्ास कि्ा है ।
2. जहाां पर िेवल उदाहरर्ों /िारिों /मूल् बबदांओ
ु ां िी एि तनस्श्चत सांख््ा पूछी गई है ,वहाां मूल्ाांिन िे शलए िेवल
उत्तर िी आवश््ि सांख््ा पर ववचार कि्ा जाना चादहए और बािी िा िोई अांि नहीां दद्ा जाना चादहए।

3. मूल्ाांिनिताणओां द्वारा अांिों िे "मॉडरे िन" िा िोई प्र्ास नहीां कि्ा जाना चादहए। उम्मीदवार द्वारा वास्तव में
प्राप्त किए गए अांि मूल्ाि
ां निताणओां िे शलए िोई चचता
ां िा ववष् नहीां है ।
4. िुछ प्रश्न उच्चतर ववचार क्षमता से सांबचध
ां त हैं ।इन प्रश्नों िा सावधानीपूवि
ण मल
ू ्ाांिन कि्ा जाना चादहए ।ताकि,
उम्मीदवार िी समझ /ववश्लेषर्ात्मि क्षमता िा वववि
े पूर्ण ढां ग से मूल्ाि
ां न कि्ा जा सिे।

Page 3

खंड - क
iz0 1- पहले खाड़ी युद्ध के समय इराक का राष्ट्रपति कौन था ?
अथवा
दक्षिण एशियाई िेत्र में अपऩी अथथव्यवस्था का उदारीकरण करने वाला
पहला दे ि कौन- सा था ?
m0 सद्दाम हुसैन P-34
अथवा P-73
1
श्रीलंका
iz0 2- रूस में समाजवादी क्ाांति के बाद समाजवादी गणराज्य (यू. एस. एस. आर.)
ककस वर्थ में अस्स्ित्व में आया ?
A) 1914
B) 1917
C) 1939
D) 1991
m0 B) 1917 1 P-18

iz0 3- एस. ई. ए. टी. ओ. (स़ीटो) का पण
ू थ रूप शलखखए ।

m0 दक्षिण पर्व
ू ी एशियाई संधि संगठन 1 P-6

iz0 4- तनम्नशलखखि घटनाओां में से सबसे अांि में कौन-स़ी घटना घटी ?
A) नाटो की स्थापना
B) प्रथम ववश्व युद्ध
C) हहरोशिमा में परमाणु बम का गगराया जाना
D) प्रथम गुटतनरपेि सम्मेलन
m0 D) प्रथम गुटननरपेि सम्मेलन 1 P-10

iz0 5- यूरोप़ीय सांघ की स्थापना के उद्दे श्यों के बारे में तनम्नशलखखि में से कौन-सा
कथन असत्य है:
A) एक साझ़ी ववदे ि ऩीति प्रदान करना
B) एकल मुद्रा का तनमाथण
C) एक साझे बाजार की स्थापना
D) न्याय िथा आिांररक मामलों से जड
ु े मद्
ु दों पर सहयोग
m0 C) एक साझे बाजार की स्थापना 1 P-52

1

Page 4

iz0 6- स्विांत्रिा के पश्चाि भारि द्वारा अपनाई गई सांरिणवाद की ऩीति को कोई
एक िकथ दे कर न्यायोगचि ठहराइए।
m0 i) आयात पर रोक लगाना जजससे अपने दे ि के उत्पादक चीजों को बनाना P-
144
सीख सकें ।
ii) स्थानीय उत्पादन को बढार्वा दे ना ।
अथर्वा कोई अन्य प्रासंधगक बबंद।ु
1
(कोई एक)
iz0 7- ववश्व व्यापार सांगठन (डब्ल्यू. टी. ओ.) को ववकासि़ील दे िों के शलए अगधक
स्व़ीकायथ बनाने के शलए कोई एक कदम सुझाइए।
m0 i) इसकी प्रक्रियाओं में पारदशििता होनी चाहहए। । P-93
ii) यह बडी िजततयों से प्रभावर्वत नह ं होना चाहहए।
या क्रकसी अन्य प्रासंधगक बबंद।ु
(कोई एक) 1
iz0 8- तनम्नशलखखि कथन की सही अथवा गलि के रूप में पहचान कीस्जए।
ककस़ी एक उदाहरण }kjk अपने उत्तर की पुस्ष्ट्ट कीस्जए।

उत्तरी गोला)Z के दे ि ‘ववश्व की साांझ़ी सांपदा’ की सुरिा के शलए दक्षिण़ी
गोला)Z के दे िों से कहीां ज्यादा गचांतिि हैं ।

m0 P-
• सही
121
• उत्तर गोला)Z वर्वकशसत है और वर्वश्र्व की सांझी संपदा के समथिन के शलए
1
उनके पास बेहतर बुननयाद ढााँचा और तकनीक है ।
iz0 9- भारि में दे ि़ी ररयासिों को शमलाने में महत्वपूणथ भूशमका तनभाने वाले नेिा
का पूरा नाम शलखखए ।
m0 सरदार र्वल्लभ भाई पटे ल 1 P-17

iz0 10- आपके ववचार में , भारि में पहले ि़ीन आम चन
ु ावों में काांग्रेस पाटी के प्रभत्ु व
के शलए उत्तरदाई प्रमख
ु कारण कौन-सा था ?
m0 i) इसे राष्ट्र य आंदोलन की वर्वरासत शमल थी। P-30
ii) यह उस समय एकमात्र पाटी थी जजसके पूरे भारत में संगठन थे।
iii) इसमें नेहरू का कररश्माई नेतत्ृ र्व था।
अथर्वा dksbZ vU; mi;qDr dkj.k 1
¼dksbZ ,d dkj.k½

2

Page 5

iz0 11- उस राजऩीतिक दल की पहचान कीस्जए जो एक दे ि, एक सांस्कृति और एक
राष्ट्र के ववचार पर बल दे िा है ।
A) भारि़ीय राष्ट्रीय काांग्रेस
B) भारि़ीय जनसांघ
C) स्विांत्र पाटी
D) d) भारि़ीय कम्युतनस्ट पाटी
m0 B) भारतीय जनसंघ 1 P-39

iz0 12- तनम्नशलखखि में से कौन इकोनॉम़ी ऑफ परफॉमेंस नामक पुस्िक का लेखक
था ?
A) मौलाना अबल
ु कलाम आजाद
B) स़ी राजगोपालाचारी
C) आचायथ नरें द्र दे व
D) जे. स़ी. कुमारप्पा

m0 D) जे. सी. कुमारप्पा 1 P-55

iz0 13- उपयक्
ु ि राज्य के नाम }kjk ररक्ि स्थानों की पतू िथ कीस्जए :
________ राज्य में तनयोजन और ववकास के शलए जो रास्िा चुना गया उसे
‘_________ मॉडल’ कहा जािा है ।
m0 केरल, केरल ½+½=1 P-54

iz0 14- 'वप्रव़ी पसथ’ की अवधारणा स्पष्ट्ट कीस्जए ।

m0 P-94
‘वप्रर्वी पसि’ ररयासतों के िासकों और उनके पररर्वारों को द जाने र्वाल
1
र्वंिानुसार या सरकार भत्ते के अनुदान का रूप था।
iz0 15- ककस़ी राष्ट्र की ववदे ि ऩीति ककस कारक से प्रभाववि होि़ी है ? सही उत्तर
चुतनए ।
A) केवल साांस्कृतिक कारक
B) केवल आांिररक कारक
C) आांिररक और अांिराथष्ट्रीय कारक
D) केवल आगथथक कारक
m0 B) आंतररक और अंतरािष्ट्र य कारक P-67
1

3

Page 6

iz0 16- ऩीचे हदए गए कथन को सही करके अपऩी उत्तर पुस्स्िका में पन
ु : शलखखए ।
नेहरू के बाद, अटल बबहारी वाजपेय़ी, 1988 में दो दे िों के ब़ीच सांबांधों को
सुधारने के शलए च़ीन जाने वाले प्रथम प्रधानमांत्ऱी बने।
m0 नेहरू के बाद, राज़ीव गााँध़ी, 1988 में दो दे िों के बीच संबंिों को सुिारने P-73
के शलए चीन जाने र्वाले प्रथम प्रिानमंत्री बने। 1

iz0 17- 22 वें राज्य के रूप में शसस्क्कम के भारि के साथ ववलय के समय, चोग्याल
की भूशमका का ववश्लेर्ण कीस्जए।
m0 P-
चोग्याल ने भारत के साथ शसजतकम के वर्वलय को स्र्वीकार नह ं क्रकया और
167
उनके समथिकों ने भारत सरकार पर गुंडागदी और बल प्रयोग का आरोप
1
लगाया।
iz0 18- क्या आप इस कथन से सहमि हैं कक “1975 में आपािकाल की घोर्णा ने
भारि में िस्क्ियों के सांघ़ीय वविरण को कमजोर कर हदया” ? ककस़ी एक
िकथ }kjk अपने उत्तर की पस्ु ष्ट्ट कीस्जए ।
m0 • हााँ, मैं इससे सहमत हूाँ तयोंक्रक P-
109
i) आपातकाल के दौरान, िजततयों का वर्वतरण ननलंबबत कर हदया गया था।
सभी िजततयां केंद्र सरकार के हाथों में आ गईं।
ii) मौशलक अधिकार प्रनतबंधित थे।
अथर्वा dksbZ vU; mi;qDr dkj.k 1
¼dksbZ ,d dkj.k½
iz0 19- िाड़ी ववरोध़ी आांदोलन को परू ी िरह से एक महहला आांदोलन क्यों कहा गया
है ?
m0 (i) इस आंदोलन ने महहलाओं को घरे लू हहंसा के ननजी मुद्दों पर चचाि P-
138
करने के शलए एक मंच प्रदान क्रकया।
(ii) यह आंदोलन महहलाओं के खखलाफ यौन हहंसा के मुद्दों पर केंहद्रत था,
जो पररर्वार के भीतर या बाहर था।
(iii) महहलाएं दहे ज के खखलाफ अशभयान में िाशमल हुईं और उन्होंने
व्यजततगत और संपवत्त संबंिी कानूनों की मांग की, जो समानता पर
आिाररत थे।
(iv) इन अशभयानों ने सामाजजक जागरूकता बढाने में बहुत योगदान हदया
और साथ ह सामाजजक सुिारों को खोलने के शलए कानूनी सुिारों से
स्थानांतररत कर हदया।
1
(कोई एक)

4

Page 7

iz0 20- 1985 के असम समझौिे के पररणाम का आकलन कीस्जए ।

m0 असम समझौते से िांनत की स्थापना हुई और असम में राजनीनत का P-
165
चेहरा बदल गया। लेक्रकन इससे आप्रर्वास की समस्या हल नह ं हुई। 1

खंड - ख
iz0 21- सांयुक्ि राष्ट्र सुरिा पररर्द की स्थाई सदस्यिा के शलए, भारि की
उम्म़ीदवारी का समथथन ककस़ी एक उपयुक्ि िकथ }kjk कीस्जए ।

m0 i. Hkkjr fo”o esa lcls cM+h vkcknh okyk ns”k gS A P-93

ii. Hkkjr fo”o dk lcls cM+k yksdra= gS rFkk blus la;qDr jk’Vª la?k dh
yxHkx lHkh प्रयासों esa Hkkx fy;k gSA
iii. la;qDr jk’Vª la?k }kjk “kkafr LFkkfir djus ds iz;klksa esa Hkkjr yacs
le; ls vge Hkwfedk fuHkkrk jgk gSA
iv. Hkkjr rsth ls varjk’Vªh; Lrj ij vkfFkZd&”kfDr cudj mHkj jgk gSA
viuh mnkjhdj.k o oS”ohdj.k dh uhfr;ksa ds dkj.k Hkh Hkkjr lqj{kk
ifj’kn dh LFkk;h lnL;rk dk nkosnkj gSA
v. Hkkjr la;qDr jk’Vªla?k ds ctV esa fu;fer :Ik ls viuk ;ksxnku nsrk
jgk gS vkSj ;g dHkh Hkh vius Hkqxrku ls ugha pwdk gSA
vFkok dksbZ vU; mi;qDr rdZA
¼dksbZ ,d ½ 2

iz0 22- भारि के एक-दल के प्रभत्ु व और च़ीन के एक-दल के प्रभत्ु व के ब़ीच अांिर

स्पष्ट्ट कीस्जए।
m0 भारत के एक-दल य प्रभुत्र्व और चीन के एक-दल य प्रभुत्र्व के बीच अंतर - P-35
i) संर्वैिाननक रूप से दे ि पर िासन करने के शलए चीन के पास केर्वल
एक ह दल का प्रार्विान है , जबक्रक भारत में बहुदल य व्यर्वस्था है।
ii) चीन के चुनार्वों में संर्वैिाननक प्रार्विानों के माध्यम से हे रफेर क्रकया
जाता है जजससे दे ि में केर्वल एक ह दल िासन कर सकता है । भारत
में एक-दल य प्रभुत्र्व ननयशमत आम चुनार्वों के माध्यम से लोकतांबत्रक 2
रूप से स्थावपत हुआ ।
(कोई एक)

5

Page 8

iz0 23- 1973 में भारि के मख्
ु य न्यायाध़ीि ए. एन. रे . की तनयस्ु क्ि वववादास्पद
क्यों बन गई ?
m0 1973 में, न्यायमूनति ए.एन. रे को भारत के मुख्य न्यायािीि के रूप में P-
108
ननयुतत क्रकया गया था। यह ननयुजतत राजनीनतक रूप से वर्वर्वादास्पद हो
गई तयोंक्रक इस ननयुजतत में तीन न्यायािीिों की र्वररष्ट्ठता को अनदे खा
क्रकया गया था। इन न्यायािीिों ने सरकार के इस कदम के वर्वरुद्ि
2
फैसला हदया था ।
खंड - ग
iz0 24- 1971 के बाांग्लादे ि युद्ध में भारि की भूशमका की व्याख्या कीस्जए ।

m0 1971 के बांग्लादे ि यद्
ु ि में भारत की भशू मका P-
74,76
• भारत को लगभग 80 लाख पर्व
ू ी पाक्रकस्तानी िरणाधथियों का बोझ
उठाना पडा। इन िरणाधथियों ने भारत के नजद की िेत्रों में िरण ल ।
• भारत ने बांग्लादे ि में स्र्वतंत्रता संग्राम को नैनतक और भौनतक
समथिन हदया।
• भारत ने दस हदनों तक पूणि पैमाने पर युद्ि लडा और पूर्वी
पाक्रकस्तान को एक स्र्वतंत्र दे ि, बांग्लादे ि के रूप में मान्यता प्राप्त
करने में मदद की।
(संपूणि रूप में आकलन कीजजए) 4

iz0 25- ककन्हीां चार िकों }kjk शस) कीस्जए कक सोववयि सांघ प्रिासतनक और
राजऩीतिक अथों में स्स्थर हो गया था ।
अथवा
यहद सोववयि सांघ का ववघटन नहीां हुआ होिा, िो उस स्स्थति का ववश्व
राजऩीति पर क्या असर होिा ?
m0 i) कम्युननस्ट पाटी लोगों के प्रनत जर्वाबदे ह नह ं थी। P-21
ii) आम जनता िीमे और कठोर प्रिासन से अलग-थलग हो गई थी।
iii) भ्रष्ट्टाचार व्याप्त था।
iv) सोवर्वयत प्रणाल खल
ु ेपन की अनम
ु नत दे ने के शलए तैयार नह ं थी।
v) आम नागररकों की तल
ु ना में नौकरिाहों ने अधिक वर्विेषाधिकार
प्राप्त कर शलए थे ।
vi) अधिकारों का केंद्र करण।
4x1=4
(कोई चार)

6

Page 9

अथवा
यहद सोवर्वयत संघ का वर्वघटन नह ं हुआ होता तो इससे ननजश्चत रूप से
ननम्नशलखखत घटनाएं प्रभावर्वत हुई होती ।
P-23
i) िीत युद्ि का अंत नह ं हुआ होता ।
ii) संयत
ु त राष्ट्र वर्वश्र्व की एकमात्र महािजतत के रूप में उभर कर सामने
नह ं आता।
iii) अधिकांि दे ि जो पूर्वि सोवर्वयत संघ का हहस्सा थे, र्वे कभी भी स्र्वतंत्रत
नह ं हो पाते ।
iv) परमाणु हधथयारों का संचय ननरतंर रूप से जार रहता ।
अथर्वा कोई अन्य प्रासंधगक बबंद।ु
4x1=4
(कोई चार बबंद)ु

iz0 26- यह कहना कहाां िक उगचि है कक यहद दक्षिण एशिया के सभ़ी दे ि अपऩी
स़ीमा रे खा के आरपार मक्
ु ि व्यापार पर सहमि हो जाएां, िो इस िेत्र में
िाांति और सहयोग के एक नए अध्याय की िरु
ु आि हो सकि़ी है ?
m0 • कथन के पि में तकि P-78
i) साकि सदस्यों ने SAFTA समझौते पर हस्तािर क्रकए, जजसने अपने
सदस्यों के शलए एक मुतत व्यापार िेत्र के गठन का र्वादा क्रकया।
ii) भारत को लगता है क्रक उससे सभी को र्वास्तवर्वक आधथिक लाभ
होगा ।
iii) र्वह िेत्र जो अधिक स्र्वतंत्र रूप से व्यापार करता है, राजनीनतक
मद्
ु दों पर बेहतर सहयोग करने में भी सिम होगा।
(कोई दो)
• कथन के वर्वपि में तकि
i) कुछ दे िों को डर है क्रक यह उनके बाजारों पर अनतिमण करने का
एक तर का है।
ii) यह उनकी सामाजजक व्यर्वस्था और राजनीनत को प्रभावर्वत कर
सकता है।
अथर्वा कोई अन्य प्रासंधगक बबंद।ु
2+2=4
(कोई दो)
iz0 27- मांडल आयोग का अध्यि कौन था ? इस आयोग की ककन्हीां ि़ीन मुख्य
शसफाररिों का उ्लेख कीस्जए ।

7

Page 10

m0  मंडल आयोग के अध्यि बबंदेश्र्वर प्रसाद मंडल थे। P-
181,
 इसकी मख्
ु य शसफाररिें : 182
i) आयोग ने सलाह द क्रक वपछडे र्वगि को वपछडी जानत के अथि में
स्र्वीकार क्रकया जाना चाहहए तयोंक्रक अनुसूधचत जानत के अलार्वा कई
अन्य जानतयों को भी जानत व्यर्वस्था में ननम्न माना जाता था।
ii) इन समुदायों के शलए िैिखणक संस्थानों और सरकार नौकररयों में
27% सीटों के आरिण की शसफाररि की गई ।
iii) इसने अन्य वपछडे र्वगि की जस्थनत में सुिार के शलए भूशम सुिारों की
शसफाररि भी की।
iv) इस प्रकार मंडल आयोग ने आधथिक और व्यार्वसानयक संरचनाओं से
सम्बंधित शसफाररिें भी कीं।
1+3=4
(कोई तीन)
खंड - घ
iz0 28- ऩीचे हदए गए अविरण का ध्यानपूवक
थ अध्ययन कीस्जए और तनम्नशलखखि
प्रश्नों के उत्तर शलखखए :
फैसला हुआ क्रक अब तक जजस भ-ू भाग को ‘इंडडया’ के नाम से जाना जाता
था उसे ‘भारत’ और ‘पाक्रकस्तान’ नाम के दो दे िों के बीच बांट हदया जाएगा
। यह वर्वभाजन ददि नाक तो था ह , इस पर फैसला करना और अमल में
लाना और भी कहठन था। तय क्रकया गया क्रक िाशमिक बहुसंख्या को
वर्वभाजन का आिार बनाया जाएगा । इसके मायने यह थे क्रक जजन इलाकों
में मस
ु लमान बहुसंख्यक थे र्वह इलाके पाक्रकस्तान के भू-भाग होंगे और िेष
हहस्से भारत कहलाएंगे। यह बात थोडी आसान जान पडती है , लेक्रकन असल
में इसमें कई क्रकस्म की हदतकतें थीं ।

A) 1947 में भारि का ववभाजन इिना अगधक ददथ नाक क्यों शसद्ध हुआ ?
B) ववभाजन की राह में उत्पन्न हुई ककन्हीां दो मुख्य कहठनाइयों का
ववश्लेर्ण कीस्जए ।
C) यहद भारि का ववभाजन ने हुआ होिा िो ववश्व में भारि की क्या
स्स्थति होि़ी ?

m0 A) i) यह जनसंख्या का सबसे बडा, सबसे अचानक, अननयोजजत और P-8

दख
ु द हस्तांतरण था ।
ii) सीमा के दोनों ओर हत्याएं और अत्याचार हुए ।

8

Page 11

B) i) बिहटि भारत में कोई भी इलाका ऐसा नह ं था जो मजु स्लम
बहुसंख्यक हों।
ii) सभी मुजस्लम बहुसख्
ं यक िेत्र पाक्रकस्तान में िाशमल नह ं होना
चाहते थे। उदाहरण के शलए खान अब्दल
ु गफ्फार खान, जजन्हें
'फ्रंहटयर गांिी' के नाम से जाना जाता है, र्वे द्र्वी-राष्ट्र शसद्िांत के
कट्टर वर्वरोिी थे ।
iii) बिहटि भारत के दो मुजस्लम बहुल प्रांतों, पंजाब और बंगाल में
अनेक िेत्र ऐसे थे जहां गैर-मुजस्लम भी बडी संख्या में थे।
iv) पाक्रकस्तान के िेत्र में आने र्वाले लाखों हहंद ू और शसख और भारत
में आने र्वाले पंजाब तथा बंगाल में रहने र्वाले उतनी बडी संख्या में
मस
ु लमान अपने ह घरों में स्र्वयं को फंसा हुआ समझ रहे थे ।
(कोई दो)
C) i) भारत बहुत बडा राष्ट्र रहा होता।
ii) भारत वर्वश्र्व पररदृश्य में बहुत महत्र्वपूणि भूशमका ननभाता रहा होता।
iii) कश्मीर मुद्दा और आतंकर्वाद समस्या नह ं होती।
अथर्वा कोई अन्य प्रासंधगक बबंद।ु 1+2+2=5

(कोई दो)

iz0 29- ऩीचे हदए गए अविरण का ध्यानपव
ू क
थ अध्ययन कीस्जए और तनम्नशलखखि
प्रश्नों के उत्तर शलखखए :

सोवर्वयत संघ के बाहर हो रहे इन पररर्वतिनों के साथ-साथ अंदर भी संकट
गहराता जा रहा था और इससे सोवर्वयत संघ के वर्वघटन की गनत और तेज
हो गई । गोबािचेर्व ने दे ि के अंदर आधथिक-राजनैनतक सुिारों और
लोकतंत्रीकरण की नीनत चलाई । इन सुिार नीनतयों का कम्युननस्ट पाटी के
नेताओं }kjk वर्वरोि क्रकया गया ।

A) ककन पररविथनों के कारण सोववयि सांघ के ववघटन की गति िेज हो
गई ?
B) गोबाथचेव के द्वारा प्रारां भ ककए गए सध
ु ारों का ववरोध करने का क्या
पररणाम तनकला ?
C) बोररस ये्िशसन ककस प्रकार एक नायक के रूप में उभरा ?

9

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m0 A) पर्व
ू ी यरू ोपीय दे िों के लोग जो सोवर्वयत गट
ु का हहस्सा थे, अपनी ह P-19
सरकार का वर्वरोि करने लगे। अिांनत और वर्वरोि होने पर सोवर्वयत
संघ ने हस्तिेप नह ं क्रकया।

B) i) 1991 में एक तख्तापलट हुआ जजसे कम्यनु नस्ट दल ने प्रोत्साहहत
क्रकया जजसके पररणामस्र्वरूप यू.एस.एस.आर. का वर्वघटन हुआ।
ii) बोररस येल्तशसन एक राष्ट्र य नायक के रूप में उभरे ।

C) बोररस येल्तशसन ने तख्तापलट का वर्वरोि क्रकया और रूसी गणराज्य
के लोकवप्रय चुनार्व भी जीते और उसने केंद्र कृत ननयंत्रण से छुटकारा 2+2+1=5
पाने का प्रयास िरु
ु कर हदया ।

iz0 30- ऩीचे हदए गए गचत्र का ध्यानपव
ू क
थ अध्ययन कीस्जए और तनम्नशलखखि
प्रश्नों के उत्तर शलखखए :

A) काटूथन में हदखाए गए सैतनक िथा कबि
ू र ककस बाि के प्रि़ीक हैं ?
B) काटूथन }kjk क्या सांदेि हदया जा रहा है ?
C) काटूथन के अनुसार, सैतनक ककस कायथ को पूरा करने का प्रयास कर
रहा है ?
m0 A) कबूतर िांनत का प्रतीक है और सैननक िांनत बनाए रखने के शलए P-
बल का प्रनतननधित्र्व करता है। 100

B) यहद िांनत बनाए रखने के शलए िांनत सेना दल का उपयोग क्रकया
जाना हो तो कभी-कभी बल का उपयोग करना आर्वश्यक होता है।
C) बल का उपयोग करके िांनत बनाए रखने के शलए शसपाह पिी को
2+2+1=5
र्वि में करने की कोशिि कर रहा है ।

नोट : तनम्नशलखखि प्रश्न केवल दृस्ष्ट्टबागधि परीिागथथयों के शलए, प्रश्न सांख्या
30 के स्थान पर हैं:
30.1 पारं पररक सुरिा नीनत के घटक के रूप में गठबंिन ननमािण का तया
अथि है ?

10

Page 13

30.2 पारं पररक सरु िा की आंतररक और बाहर िारणा के बीच अंतर
स्पष्ट्ट कीजजए।

30.1 पारं पररक सुरिा नीनत के घटक के रूप में गठबंिन ननमािण राज्यों का
एक गठबंिन है जो सैन्य हमलों के खखलाफ बचार्व या बचार्व के शलए अपने
कायों का समन्र्वय करता है। अधिकांि गठबंिनों को शलखखत संधियों के
द्र्वारा औपचाररक रूप हदया जाता है जजससे यह स्पष्ट्ट रहे क्रक खतरे का
गठन कौन कर रहा है।

30.2
ikjEifjd lqj{kk dh vkarfjd /kkj.kk%
P-
(i) vkarfjd lSfud la?k’kZ A
101-
(ii) vyxkooknh vkanksyuA
103
(iii) vkarfjd ;q) अथर्वा शसवर्वल र्वार

ikjEifjd lqj{kk dh ckâ;~ /kkj.kk%
(i) fdlh ns”k dks ckgjh lsuk ls [krjkA
(ii) अपरोि] izfrj{kk vkSj “kfDr lary
q uA 2+(1½+1
½)=5
(iii) Ikkjaifjd lqj{kk ds ?kVd ds :Ik esa xqV cukuk A

iz0 31- भारि के हदए गए राजऩीतिक रे खा-मानगचत्र, में पााँच राज्यों कोA, B, C, D

िथा E }kjk दिाथया गया है । ऩीचे दी गई जानकारी के आधार पर इन
राज्यों की पहचान कीस्जए और अपऩी उत्तर-पुस्स्िका में इनके सही नाम,
प्रयोग की गई जानकारी की क्म सांख्या िथा सम्बस्न्धि अिर, ऩीचे दी गई
िाशलका के रूप में शलखखए :
प्रयोग की गई जानकारी की सम्बस्न्धि राज्य का नाम
क्म-सांख्या अिर
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)

11

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(i) िाड़ी-ववरोध़ी आांदोलन से सांबांगधि राज्य ।
(ii) सूचना के अगधकार के शलए आांदोलन से सांबांगधि राज्य ।
(iii) वह राज्य जहाां ‘ऑपरे िन ब्ललू स्टार’ ककया गया ।
(iv) हाल ही में बनाया गया केंद्र-िाशसि प्रदे ि ।
(v) बगावि से प्रभाववि िेत्र जो 1986 में राज्य बना ।
m0
प्रयोग की गई जानकार की सम्बजन्ित राज्य का नाम
िम-संख्या अिर
(i) C आाँध्रप्रदे ि
(ii) D राजस्थान
(iii) A पंजाब
(iv) E जम्मू तथा कश्मीर
(v) B शमजोरम 5x1=5

नोट : तनम्नशलखखि प्रश्न केवल दृस्ष्ट्टबागधि परीिागथथयों के शलए, प्रश्न सांख्या
31 के स्थान
पर हैं:
31.1 िाड़ी-ववरोध़ी आांदोलन ककस राज्य से सांबांगधि हैं ?
31.2 ‘सूचना के अगधकार’ सांबांध़ी आांदोलन की िरु
ु आि ककस राज्य से की
गय़ी थ़ी ?

12

Page 15

31.3 ‘ऑपरे िन ब्ललू स्टार’ ककस राज्य से सांबांगधि हैं?
31.4 हाल ही में बने दो केंद्र-िाशसि प्रदे िों के नाम शलखखए।
31.5 भारि़ीय सांघ के 22 वें राज्य का नाम शलखखए जो 1975 में अस्स्ित्व
में आया।

31.1 आाँध्रप्रदे ि
31.2 राजस्थान
31.3 पंजाब
31.4 जम्मू तथा कश्मीर
31.5 शमजोरम 5x1=5
खंड - ङ

iz0 32- ऐसे ककन्ही ि़ीन ववशभन्न िरीकों की व्याख्या कीस्जए स्जनके }kjk अमेररकी
वचथस्व से तनपटा जा सकिा है
अथवा
यूरोप़ीय सांघ को अति प्रभाविाली िेत्ऱीय सांगठन बनाने के शलए उत्तरदाई
ककन्हीां ि़ीन कारकों की व्याख्या कीस्जए।

m0 (i) बैंडवैगन रणऩीति & opZLo dk izfrjks/k djus dk lcls lgh P-47
rjhdk gS fd rkdroj ns”k ds fo:) tkus ds ctk; mlds
opZLora= esa jgrs gq, voljksa dk ykHk mBk;k tk,A

(ii) तिपने की रणऩीति & ,d fodYi ;g gS fd opZLo okys ns”k ls
;FkklaHko nwj jgk tk,A phu] :l vkSj ;wjksih; la?k vkfn Loa;
dks vejhdh fuxkg esa p<+us ls cpk jgs gSaA ijarq cM+s ns'kksa ds fy,
;g j.kuhfr vf/kd fnuksa rd dke ugha vk ldrhA

(iii) गैर-सरकारी सांगठनों सामास्जक आांदोलनों और जनमि का
सांयोजन- vejhdh opZLo dks vkfFkZd vkSj lkaLÑfrd /kjkry ij
3x2=6 P-53-
pqukSrh fey ldrh gS vkSj ;g pqukSrh Lo;alos h laxBu] lkekftd
54
vkanksyu vkSj tuer ds vkilh esy ls çLrqr gks ldrh gSA
अथर्वा कोई अन्य प्रासंधगक बबंद।ु
(कोई तीन)
vFkok

13

Page 16

;wjksih; la?k ds vfr izHkko”kkyh {ks=h; laxBu cuus ds fy, mRrjnk;h rhu
dkjd %
i. vkfFkZd {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
 ;g fo”o dh lcls cM+h vFkZO;oLFkk gSA
 bldh eqnzk] ;wjks] vejhdh Mkyj ds izHkqRo ds fy, [krjk cu
ldrh gSA
 bldh vkfFkZd “kfDr dk izHkko blds utnhdh ns”kksa ij gh
ugha] cfYd ,f”k;k vkSj vÝhdk ds nwj&njkt ds eqYdksa ij Hkh
gSA
 fo”o O;kikj esa bldh fgLlsnkjh vejhdk ls rhu xquh vf/kd
gSA
(कोई दो)
ii. [email protected] {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
 ;wjksih; la?k ds nks lnL;&ns”k fczVsu vkSj Ýkal lqj{kk ifj’kn ds
LFkkbZ lnL; gSaA
 ;wjksih; la?k ds dbZ vkSj lnL; la;qDr jk’Vª la?k dh lqj{kk
ifj’kn ds vLFkkbZ lnL; Hkh gSaA
 ;wjksih; la?k us vejhdh uhfr;ksa dks Hkh izHkkfor fd;k gS tSls
bZjku ds ijek.kq dk;ZØe ls lacfa /kr orZeku vejhdh n`f’Vdks.kA
(कोई दो)
iii. lSU; {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
 lSfud rkdr ds fglkc ls ;wjksih; la?k ds ikl nqfu;k dh nwljh
lcls cM+h lsuk gSA
 bldk dqy j{kk ctV vejhdk ds ckn lcls vf/kd gSA
 blds nks lnL; ns”kks& a fczVsu vkSj Ýkal ds ikl yxHkx 550
3x2=6
ijek.kq gfFk;kj gSaA
(कोई दो)
iz0 33- ‘साझ़ी लेककन अलग-अलग स्जम्मेदारी’ की अवधारणा को लागू करने के
शलए ककन्हीां ि़ीन िरीकों का सुझाव दीस्जए ।
अथवा
वैश्व़ीकरण के प्रतिरोध के ककन्हीां ि़ीन कारणों का ववश्लेर्ण कीस्जए ।

14

Page 17

m0 अर्विारणा को लागू करने के तर के: P-
123
i) वर्वकशसत दे िों को पाररजस्थनतक संरिण के शलए समान जजम्मेदार लेनी
चाहहए।
ii) वर्वकासिील दे िों का मानना है क्रक पयािर्वरणीय धगरार्वट मुख्य रूप से
वर्वकशसत दे िों द्र्वारा हुई थी इसशलए उन्हें नुकसान की पूनति करनी
चाहहए।
iii) वर्वकशसत दे िों का मानना है क्रक औद्योगीकरण के कारण उन पर
प्रनतबंि नह ं होना चाहहए।
iv) अंतरािष्ट्र य पयािर्वरण कानून से संबंधित ननयमों के वर्वकास, आर्वेदन और
व्याख्या में वर्वकासिील दे िों की वर्विेष आर्वश्यकताओं को ध्यान में रखा
3x2=6
जाना चाहहए।
(कोई तीन व्याख्या सहहत )

अथवा
oS”ohdj.k ds izfrjks/k ds dkj.k %&
i. okeiafFk;ksa dk rdZ gS fd ledkyhu oS”ohdj.k oSf”od iwt
a hokn ds
P-
,d fo”ks’k i{k dk izfrfuf/kRo djrk gS] tks vehj vkSj xjhc ds chp 145
ds varj dks c<+krk gSA
ii. jkT; detksj gks jgk gS vkSj yksxksa ds dY;k.kdkjh dk;ksZa dks djus
dh mldh {kerk ?kV jgh gSA
iii. dqN {ks=ksa esa vkfFkZd vkRefuHkZjrk vkSj laj{k.kokn dk nkSj iqu%
LFkkfir djuk pkgrs gSaA
iv. lkaLd`frd lanHkZ esa budh fpark gS fd ijEijkxr laLd`fr dh gkfu
gksxh vkSj iqjkus thou ewY; vkSj rkSj&rjhdksa ls orZeku ih<+h gkFk /kks
cSBsxhA
vFkok dksbZ vU; mi;qDr dkj.k 3x2=6
¼ dksbZ rhu O;k[;k lfgr½

iz0 34- उन पररस्स्थतियों का वणथन कीस्जए स्जनके अांिगथि 1969 में राष्ट्रपति पद
के शलए चुनाव हुए थे। इस चुनाव के पररणाम ने काांग्रेस पाटी को कैसे
प्रभाववि ककया ?

15

Page 18

अथवा
1975 के आपािकाल }kjk शसखाए गए ककन्हीां ि़ीन सबकों का वणथन
कीस्जए ।
m0 • 1969 के राष्ट्रपनत चुनार्व की पररजस्थनतयााँ - P-
93,94
i) राष्ट्रपनत जाक्रकर हुसैन की मत्ृ यु
ii) शसंडीकेट और इंहदरा गांिी के बीच खुले तौर पर गुटबाजी सामने
आई ।
iii) राष्ट्रपनत चुनार्व के शलए कांग्रेस के उम्मीदर्वार के रूप में शसंडडकेट
के उम्मीदर्वार एन. संजीर्व रे ड्डी रहे , लेक्रकन तत्काल न प्रिानमंत्री
इंहदरा गांिी ने एक स्र्वतंत्र उम्मीदर्वार र्वी.र्वी.धगर का समथिन
क्रकया।
iv) कांग्रेस अध्यि एस.नजाशलंगप्पा ने 'जव्हप' जार करके कांग्रेस के
सभी वर्विायकों से रे ड्डी के पि में मतदान करने के शलए कहा।
इंहदरा के समथिकों ने अखखल भारतीय कांग्रेस कमेट की वर्विेष
बैठक की मांग की।
v) प्रिानमंत्री इंहदरा गांिी ने कांग्रेस सदस्यों द्र्वारा वर्वर्वेक मतदान
का आह्र्वान क्रकया।
(कोई तीन)

 इस चुनार्व के पररणाम
i) कांग्रेस पाटी में औपचाररक वर्वभाजन ।
ii) कांग्रेस अध्यि ने इंहदरा गांिी को ननष्ट्काशसत कर हदया - उन्होंने
अपनी पाटी को मूल कांग्रेस होने का दार्वा क्रकया।
iii) नर्वंबर 1969 तक शसंडडकेट को कांग्रेस (आगेनाईजेिन ) के रूप में
और इंहदरा के समूह को कांग्रेस ( ररजतर्वजजननस्ट) कहा जाने लगा
था। इन दो गुटों को पुराने और नए कांग्रेस के रूप में भी र्वखणित
क्रकया गया था।
iv) इस वर्वभाजन को समाजर्वाहदयों और रूहढर्वाहदयों में तथा अमीरों और
गर बों के बीच तक वर्वचारात्मक वर्वभाजन के रूप में दिािया गया । 3+3=6
(कोई तीन)

16

Page 19

अथवा

आपातकाल }kjk सीखे गए सबक:
i) भारत में लोकतंत्र को समाप्त करना बेहद कहठन है। P-
117-
ii) संवर्विान में आपातकाल न प्रार्विान के बारे में कई अस्पष्ट्टताओं को 118
सुिारा गया है। अब ‘आंतररक आपातकाल’ केर्वल ‘सिस्त्र वर्वद्रोह’
के आिार पर ह घोवषत क्रकया जा सकता है और यह आर्वश्यक है
क्रक राष्ट्रपनत को आपातकाल घोवषत करने की सलाह मंबत्रपररषद
द्र्वारा शलखखत रूप में द जानी चाहहए।
iii) आपातकाल ने प्रत्येक नागररक को लोकतंत्र में उनके अधिकारों और
नागररक स्र्वतंत्रता के बारे में जागरूक क्रकया।
iv) भारत में कोई भी सरकार सत्ता में नह ं रह सकती है यहद र्वह आम
लोगों के हहत के खखलाफ काम करती है अथर्वा जनता के प्रनत
कठोर होती है।
v) आपातकाल के दौरान नागररक स्र्वतंत्रता को प्रभार्वी ढं ग से संरक्षित
करने के शलए न्यायपाशलका की अिमता प्रकाि में आई ।
vi) आपातकाल न ननयमों का कायािन्र्वयन पुशलस और प्रिासन के
माध्यम से हुआ। ये संस्थान स्र्वतंत्र रूप से कायि नह ं कर सकते थे। 3x2=6

vFkok dksbZ vU; mi;qDr सबक
¼dksbZ rhu O;k[;k lfgr½

17

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSolution
Pages19
Updated30 Apr 2026