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अितयंत गोपनीय -केवल आं त रक एवं सीिमत योग हे तू
सीिनयर ू ल सिटिफकेट परी ा,माच-2020
अं क-योजना POLITICAL SCIENCE
SUBJECT CODE: 028 PAPER CODE : 59/2/2
सामा िनदश :-
1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।
2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू यांकन करते समय नवीनतम सूचना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए पूरे अंक दए जाएँ।
3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।
4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती है।
5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।
6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।
7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।
8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदेखा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।
9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।
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10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)
11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –
उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
कु ल अंक के योग म अशुि
उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।
12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।
13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता है।
14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।
15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।
16. क ीय मा यिमक िश ा बोड प रषद पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत
शु क भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित देती है।
ववशिष्ट तनदे ि
1. अांिन ्ोजना में ददए गए उत्तर सझ
ु ावात्मि उत्तर हैं इस प्रिार उत्तर सामग्री साांिेतति है ।उम्मीदवार ववशभन्न रूपों
े आधार पर ्हाां सझ
में उत्तर दे सिते हैं। लेकिन ,मूल्ाांिन िे मानिीिरर् िे शलए अपेक्षक्षत सामग्री ि ु ाई गई
माकििंग स्िीम िा पालन िरना उचचत है ।हालाांकि ,उम्मीदवार द्वारा किसी अन्् प्रासांचगि और सही पररभाषा /
अांि / उत्तर ददए जाने पर पूरा श्रे् दद्ा जाना चादहए ।उन उत्तरों िो अांि ददए जान े चादहएां स्जन्हें उम्मीदवार ने
अपने िब्दों में शलखने िा प्र्ास कि्ा है ।
2. जहाां पर िेवल उदाहरर्ों /िारिों /मूल् बबदांओ
ु ां िी एि तनस्श्चत सांख््ा पूछी गई है ,वहाां मूल्ाांिन िे शलए िेवल
उत्तर िी आवश््ि सांख््ा पर ववचार कि्ा जाना चादहए और बािी िा िोई अांि नहीां दद्ा जाना चादहए।
3. मूल्ाांिनिताणओां द्वारा अांिों िे "मॉडरे िन" िा िोई प्र्ास नहीां कि्ा जाना चादहए। उम्मीदवार द्वारा वास्तव में
प्राप्त किए गए अांि मूल्ाि
ां निताणओां िे शलए िोई चचता
ां िा ववष् नहीां है ।
4. िुछ प्रश्न उच्चतर ववचार क्षमता से सांबचध
ां त हैं ।इन प्रश्नों िा सावधानीपूवि
ण मल
ू ्ाांिन कि्ा जाना चादहए ।ताकि,
उम्मीदवार िी समझ /ववश्लेषर्ात्मि क्षमता िा वववि
े पूर्ण ढां ग से मूल्ाि
ां न कि्ा जा सिे।
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खंड - क
iz0 1- किस यद्
ु ध िो िंप्यट
ू र यद्
ु ध िे नाम से भी जाना जाता है ?
अथवा
श्रीलंिा िो पहले किस नाम से जाना जाता था ?
m0 प्रथम खाड़ी युद्ध P-34
1
अथवा P-72
1
सिलोन
iz0 2- ननम्नललखित में से िौन इिोनॉमी ऑफ परफॉमेंस नामि पुस्ति िा लेिि
था ?
A) मौलाना अबल
ु िलाम आजाद
B) सी राजगोपालाचारी
C) आचायय नरें द्र दे व
D) जे. सी. िुमारप्पा
m0 D) जे. ि़ी. कुमारप्पा 1 P-55
iz0 3- 22 वें राज्य िे रूप में लसक्किम िे भारत िे साथ ववलय िे समय, चोग्याल
िी भूलमिा िा ववश्लेषण िीक्जए।
m0 P-167
चोग्याल ने भारत के िाथ सिक्ककम के विलय को स्ि़ीकार नह ं ककया और
उनके िमथथकों ने भारत िरकार पर गुंडागर्दी और बल प्रयोग का आरोप
1
लगाया।
iz0 4- ववश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू. टी. ओ.) िो वविासशील दे शों िे ललए अधधि
स्वीिायय बनाने िे ललए िोई एि िदम सझ
ु ाइए।
m0 i) इिकी प्रकियाओं में पारर्दसशथता होऩी चाहहए। । P-93
ii) यह बड़ी शक्कतयों िे प्रभावित नह ं होना चाहहए।
या ककि़ी अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
(कोई एक) 1
iz0 5- भारत में दे शी ररयासतों िो लमलाने में महत्वपूणय भूलमिा ननभाने वाले नेता
िा पूरा नाम ललखिए ।
m0 िरर्दार िल्लभ भाई पटे ल 1 P-17
1
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iz0 6- सांस्िृनति ववषमता से कया अलभप्राय है ?
m0 िैश्ि़ीकरण प्रत्येक िंस्कृतत को अलग और विसशष्ट बनाता है। इि घटना P- 144
को िांस्कृततक विषमता कहा जाता है। 1
iz0 7- 1985 िे असम समझौते िे पररणाम िा आिलन िीक्जए ।
m0 अिम िमझौते िे शांतत की स्थापना हुई और अिम में राजऩीतत का P-165
चेहरा बर्दल गया। लेककन इििे आप्रिाि की िमस्या हल नह ं हुई। 1
iz0 8- किसी राष्ट्र िी ववदे श नीनत किस िारि से प्रभाववत होती है ? सही उत्तर
चुननए ।
A) िेवल सांस्िृनति िारि
B) िेवल आंतररि िारि
C) आंतररि और अंतरायष्ट्रीय िारि
D) िेवल आधथयि िारि
m0 B) आंतररक और अंतराथष्र य कारक 1 P-67
iz0 9- रूस में समाजवादी क्ांनत िे बाद समाजवादी गणराज्य (य.ू एस. एस. आर.)
किस वषय में अक्स्तत्व में आया ?
A) 1914
B) 1917
C) 1939
D) 1991
m0 B) 1917 1 P-18
iz0 10- कया आप इस िथन से सहमत हैं कि “1975 में आपातिाल िी घोषणा ने
भारत में शक्कतयों िे संघीय ववतरण िो िमजोर िर ददया” ? किसी एि
तिय }kjk अपने उत्तर िी पुक्ष्ट्ट िीक्जए ।
m0 • हााँ, मैं इििे िहमत हाँ कयोंकक P-109
i) आपातकाल के र्दौरान, शक्कतयों का वितरण तनलंबबत कर हर्दया गया था।
िभ़ी शक्कतयां केंद्र िरकार के हाथों में आ गईं।
ii) मौसलक अगधकार प्रततबंगधत थे।
अथिा dksbZ vU; mi;qDr dkj.k 1
¼dksbZ ,d dkj.k½
2
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iz0 11- नीचे ददए गए िथन िो सही िरिे अपनी उत्तर पुक्स्तिा में पन
ु : ललखिए ।
नेहरू िे बाद, अटल बबहारी वाजपेयी, 1988 में दो दे शों िे बीच संबंधों िो
सुधारने िे ललए चीन जाने वाले प्रथम प्रधानमंत्री बने।
m0 नेहरू के बार्द, राजीव गााँधी, 1988 में र्दो र्दे शों के ब़ीच िंबंधों को िुधारने P-73
के सलए च़ीन जाने िाले प्रथम प्रधानमंत्ऱी बने। 1
iz0 12- ननम्नललखित घटनाओं में से सबसे अंत में िौन-सी घटना घटी ?
A) नाटो िी स्थापना
B) प्रथम ववश्व यद्
ु ध
C) दहरोलशमा में परमाणु बम िा धगराया जाना
D) प्रथम गुटननरपेक्ष सम्मेलन
m0 D) प्रथम गुटतनरपेक्ष िम्मेलन 1 P-10
iz0 13- आपिे ववचार में , भारत में पहले तीन आम चुनावों में िांग्रेस पाटी िे प्रभुत्व
िे ललए उत्तरदाई प्रमुि िारण िौन-सा था ?
m0 i) इिे राष्र य आंर्दोलन की विराित समल थ़ी। P-30
ii) यह उि िमय एकमात्र पाटी थ़ी क्जिके परे भारत में िंगठन थे।
iii) इिमें नेहरू का कररश्माई नेतत्ृ ि था।
अथिा dksbZ vU; mi;qDr dkj.k
¼dksbZ ,d dkj.k½ 1
iz0 14- ‘िांग्रेस लसंडडिेट’ िा अथय स्पष्ट्ट िीक्जए ।
m0 i) कांग्रेि के भ़ीतर शक्कतशाल और प्रभािशाल नेताओं का एक P-92
िमह क्जन्होंने इंहर्दरा गांध़ी और लाल बहार्दरु शास्त्ऱी को प्रधान
मंत्ऱी बनाने में प्रमुख भसमका तनभाई।
ii) यह कांग्रेि के भ़ीतर के. कामराज, एि. के. पाहटल, एन. िंज़ीि
रे ड्ड़ी आहर्द जैिे िररष्ठ नेताओं का एक िमह था। 1
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
(कोई एक)
iz0 15- उपयक
ु त राज्य िे नाम }kjk ररकत स्थानों िी पनू तय िीक्जए :
________ राज्य में ननयोजन और वविास िे ललए जो रास्ता चुना गया उसे
‘_________ मॉडल’ िहा जाता है ।
m0 केरल, केरल ½+½=1 P-54
3
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iz0 16- ताडी ववरोधी आंदोलन िो परू ी तरह से एि मदहला आंदोलन कयों िहा गया
है ?
m0 (i) इि आंर्दोलन ने महहलाओं को घरे ल हहंिा के तनज़ी मुद्र्दों पर चचाथ P-138
करने के सलए एक मंच प्रर्दान ककया।
(ii) यह आंर्दोलन महहलाओं के खखलाफ यौन हहंिा के मुद्र्दों पर केंहद्रत था,
जो पररिार के भ़ीतर या बाहर था।
(iii) महहलाएं र्दहे ज के खखलाफ असभयान में शासमल हुईं और उन्होंने
व्यक्कतगत और िंपवि िंबंध़ी काननों की मांग की, जो िमानता पर
आधाररत थे।
(iv) इन असभयानों ने िामाक्जक जागरूकता बढाने में बहुत योगर्दान हर्दया
और िाथ ह िामाक्जक िुधारों को खोलने के सलए कानऩी िुधारों िे
स्थानांतररत कर हर्दया।
1
(कोई एक )
iz0 17- एस. ई. ए. टी. ओ. (सीटो) िा पूणय रूप ललखिए ।
m0 र्दक्षक्षण पिी एसशयाई िंगध िंगठन 1 P-6
iz0 18- ननम्नललखित िथन िी सही अथवा गलत िे रूप में पहचान िीक्जए।
किसी एि उदाहरण }kjk अपने उत्तर िी पुक्ष्ट्ट िीक्जए।
उत्तरी गोला)Z िे दे श ‘ववश्व िी सांझी संपदा’ िी सुरक्षा िे ललए दक्षक्षणी
गोला)Z िे दे शों से िहीं ज्यादा धचंनतत हैं ।
m0 P-121
• सही
• उिर गोला)Z विकसित है और विश्ि की िांझ़ी िंपर्दा के िमथथन के सलए
1
उनके पाि बेहतर बुतनयार्द ढााँचा और तकऩीक है ।
iz0 19- यूरोपीय संघ िी स्थापना िे उद्दे श्यों िे बारे में ननम्नललखित में से िौन-सा
िथन असत्य है:
A) एि साझी ववदे श नीनत प्रदान िरना
B) एिल मुद्रा िा ननमायण
C) एि साझे बाजार िी स्थापना
D) न्याय तथा आतंररि मामलों से जुडे मुद्दों पर सहयोग
m0 C) एक िाझे बाजार की स्थापना 1 P-52
4
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iz0 20- उस राजनीनति दल िी पहचान िीक्जए जो एि दे श, एि संस्िृनत और एि
राष्ट्र िे ववचार पर बल दे ता है ।
A) भारतीय राष्ट्रीय िांग्रेस
B) भारतीय जनसंघ
C) स्वतंत्र पाटी
D) d) भारतीय िम्युननस्ट पाटी
m0 B) भारत़ीय जनिंघ 1 P-39
खंड - ख
iz0 21- भारत िे एि-दल िे प्रभत्ु व और चीन िे एि-दल िे प्रभत्ु व िे बीच अंतर
स्पष्ट्ट िीक्जए।
m0 भारत के एक-र्दल य प्रभुत्ि और च़ीन के एक-र्दल य प्रभुत्ि के ब़ीच अंतर - P-35
i) िंिैधातनक रूप िे र्दे श पर शािन करने के सलए च़ीन के पाि केिल
एक ह र्दल का प्रािधान है , जबकक भारत में बहुर्दल य व्यिस्था है।
ii) च़ीन के चुनािों में िंिैधातनक प्रािधानों के माध्यम िे हे रफेर ककया
जाता है क्जििे र्दे श में केिल एक ह र्दल शािन कर िकता है ।
भारत में एक-र्दल य प्रभुत्ि तनयसमत आम चुनािों के माध्यम िे 2
लोकतांबत्रक रूप िे स्थावपत हुआ ।
(कोई एक)
iz0 22- संयुकत राष्ट्र सुरक्षा पररषद िी स्थाई सदस्यता िे ललए, भारत िी
उम्मीदवारी िा समथयन किसी एि उपयुकत तिय }kjk िीक्जए ।
m0 i. Hkkjr fo”o esa lcls cM+h vkcknh okyk ns”k gS A P-93
ii. Hkkjr fo”o dk lcls cM+k yksdra= gS rFkk blus la;qDr jk’Vª la?k dh
yxHkx lHkh प्रयािों esa Hkkx fy;k gSA
iii. la;qDr jk’Vª la?k }kjk “kkafr LFkkfir djus ds iz;klksa esa Hkkjr yacs
le; ls vge Hkwfedk fuHkkrk jgk gSA
iv. Hkkjr rsth ls varjk’Vªh; Lrj ij vkfFkZd&”kfDr cudj mHkj jgk gSA
viuh mnkjhdj.k o oS”ohdj.k dh uhfr;ksa ds dkj.k Hkh Hkkjr lqj{kk
ifj’kn dh LFkk;h lnL;rk dk nkosnkj gSA
v. Hkkjr la;qDr jk’Vªla?k ds ctV esa fu;fer :Ik ls viuk ;ksxnku nsrk
jgk gS vkSj ;g dHkh Hkh vius Hkqxrku ls ugha pwdk gSA
vFkok dksbZ vU; mi;qDr rdZA
2
¼dksbZ ,d ½
5
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iz0 23- भारतीय राजनीनत पर 1974 िे गजु रात छात्र आंदोलन िे किन्हीं दो
प्रभावों िा वणयन िीक्जए ।
m0 i) छात्रों के विरोध के िाथ प्रमुख विपक्ष़ी र्दल शासमल हो गए और विरोध P-104
इतना फ़ैल गया कक राज्य में राष्रपतत शािन लगाना पडा । विपक्ष़ी
र्दलों ने राज्य विधानिभा के सलए नए चुनाि कराने की मांग की।
ii) मोरारज़ी र्दे िाई ने घोषणा की कक यहर्द राज्य में नए सिरे िे चुनाि
नह ं हुए तो िह अतनक्श्चतकाल न उपिाि पर चले जाएंगे। इि़ी र्दबाि
में , जन 1975 में गुजरात में विधानिभा चुनाि करिाए गए । कांग्रेि
2x1=2
इि चुनाि में हार गई।
खंड - ग
iz0 24- नतब्लबत मुद्दा कया था ? भारत ने नतब्लबती शरणाधथययों िी किस प्रिार
मदद िी ?
m0 • 1950 में च़ीन ने ततब्बत पर अगधकार कर सलया। ततब्बत़ी आबार्द के बडे हहस्िे P-69
ने इि अगधग्रहण का विरोध ककया। 1958 में च़ीन के कब्जे के खखलाफ ततब्बत में
एक िशस्त्र विद्रोह हुआ। इि विद्रोह को च़ीऩी िेनाओं ने र्दबा हर्दया था। क्स्थतत को
भांपते हुए र्दलाई लामा अपने हजारों अनुयातययों के िाथ भारत में आ गए और
भारत िरकार िे शरण मांग़ी ।
• भारत ने ततब्बत़ी प्रिासियों को बिाने में कई तर कों िे मर्दर्द की
(i) 1959 में ततब्बत़ी धमथगुरु र्दलाई लामा ने भारत िरकार िे शरण मांग़ी
क्जिे मंजर कर सलया गया।
(ii) बड़ी िंख्या में ततब्बततयों ने भारत में शरण ल , विशेष रूप िे हर्दल्ल में ।
2+2=4
(iii) 1950 और 1960 के र्दशकों में कई भारत़ीय राजऩीततक नेताओं और र्दलों
ने ततब्बत की स्ितंत्रता के सलए िमथथन हर्दया।
iz0 25- यह िहना िहां ति उधचत है कि यदद दक्षक्षण एलशया िे सभी दे श अपनी
सीमा रे िा िे आरपार मुकत व्यापार पर सहमत हो जाएं, तो इस क्षेत्र में
शांनत और सहयोग िे एि नए अध्याय िी शरु
ु आत हो सिती है ?
6
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m0 • कथन के पक्ष में तकथ P-78
i) िाकथ िर्दस्यों ने SAFTA िमझौते पर हस्ताक्षर ककए, क्जिने अपने
िर्दस्यों के सलए एक मक
ु त व्यापार क्षेत्र के गठन का िार्दा ककया।
ii) भारत को लगता है कक उििे िभ़ी को िास्तविक आगथथक लाभ
होगा ।
iii) िह क्षेत्र जो अगधक स्ितंत्र रूप िे व्यापार करता है, राजऩीततक
मुद्र्दों पर बेहतर िहयोग करने में भ़ी िक्षम होगा।
(कोई र्दो)
• कथन के विपक्ष में तकथ
i) कुछ र्दे शों को डर है कक यह उनके बाजारों पर अततिमण करने का
एक तर का है।
ii) यह उनकी िामाक्जक व्यिस्था और राजऩीतत को प्रभावित कर
िकता है।
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
2+2=4
(कोई र्दो)
iz0 26- किन्हीं चार तिों }kjk लस) िीक्जए कि सोववयत संघ प्रशासननि और
राजनीनति अथों में क्स्थर हो गया था ।
अथवा
यदद सोववयत संघ िा ववघटन नहीं हुआ होता, तो उस क्स्थनत िा ववश्व
राजनीनत पर कया असर होता ?
m0 i) कम्यतु नस्ट पाटी लोगों के प्रतत जिाबर्दे ह नह ं थ़ी। P-21
ii) आम जनता ध़ीमे और कठोर प्रशािन िे अलग-थलग हो गई थ़ी।
iii) भ्रष्टाचार व्याप्त था।
iv) िोवियत प्रणाल खल
ु ेपन की अनुमतत र्दे ने के सलए तैयार नह ं थ़ी।
v) आम नागररकों की तुलना में नौकरशाहों ने अगधक विशेषागधकार
प्राप्त कर सलए थे ।
4x1=4
vi) अगधकारों का केंद्र करण।
(कोई चार)
अथवा
यहर्द िोवियत िंघ का विघटन नह ं हुआ होता तो इििे तनक्श्चत रूप िे
तनम्नसलखखत घटनाएं प्रभावित हुई होत़ी ।
P-23
i) श़ीत युद्ध का अंत नह ं हुआ होता ।
7
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ii) िंयक
ु त राष्र विश्ि की एकमात्र महाशक्कत के रूप में उभर कर िामने
नह ं आता।
iii) अगधकांश र्दे श जो पिथ िोवियत िंघ का हहस्िा थे, िे कभ़ी भ़ी स्ितंत्रत
नह ं हो पाते ।
iv) परमाणु हगथयारों का िंचय तनरतंर रूप िे जार रहता ।
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
4x1=4
(कोई चार बबंर्द)ु
iz0 27- ‘अन्य वपछडा वगय’ से कया अलभप्राय है ? भारतीय राजनीनत में ओ.बी.सी.
िी भूलमिा िा वणयन िीक्जए ।
m0 अन्य वपछडा िगथ अनुिगचत जातत और अनुिगचत जनजातत के अलािा P-180
उनअन्य िमर्द
ु ायों को र्दशाथता है जो शैक्षक्षक और िामाक्जक वपछडेपन
िे प़ीडडत हैं।
भारत़ीय राजऩीतत में ओब़ीि़ी की भसमका:
i) इन िमुर्दायों िे िमथथन पाने िाले गैर-कांग्रेि़ी र्दलों के उर्दय ने पहल
बार 1977 में जनता पाटी की िरकार के रूप में राष्र य स्तर पर
असभव्यक्कत प्राप्त की ।
ii) 1980 में जनता र्दल ने ओ.ब़ी.ि़ी के मजबत िमथथन के िाथ
राजऩीततक िमहों को एकजुट ककया ।
iii) मंडल आयोग की ररपोटथ के कायाथन्ियन ने 'अन्य वपछडा िगथ' की
राजऩीतत को प्रभावित ककया।
iv) 1980 में भ़ी अन्य कई र्दलों का उर्दय हुआ क्जन्होंने सशक्षा, रोजगार
और राजऩीततक शक्कतयों के बंटिारे में ओब़ीि़ी के सलए बेहतर 1+3=4
अििर तलाशे।
(कोई त़ीन)
खंड - घ
iz0 28- नीचे ददए गए धचत्र िा ध्यानपूवि
य अध्ययन िीक्जए और ननम्नललखित
प्रश्नों िे उत्तर ललखिए :
8
Page 11
A) िाटूयन में ददिाए गए सैननि तथा िबत
ू र किस बात िे प्रतीि हैं ?
B) िाटूयन }kjk कया संदेश ददया जा रहा है ?
C) िाटूयन िे अनुसार, सैननि किस िायय िो पूरा िरने िा प्रयास िर
रहा है ?
m0 A) कबतर शांतत का प्रत़ीक है और िैतनक शांतत बनाए रखने के सलए P-100
बल का प्रतततनगधत्ि करता है।
B) यहर्द शांतत बनाए रखने के सलए शांतत िेना र्दल का उपयोग ककया
जाना हो तो कभ़ी-कभ़ी बल का उपयोग करना आिश्यक होता है।
C) बल का उपयोग करके शांतत बनाए रखने के सलए सिपाह पक्ष़ी को
िश में करने की कोसशश कर रहा है ।
नोट : ननम्नललखित प्रश्न िेवल दृक्ष्ट्टबाधधत परीक्षाधथययों िे ललए, प्रश्न संख्या 2+2+1=5
28 िे स्थान पर हैं:
28.1 पारं पररक िुरक्षा ऩीतत के घटक के रूप में गठबंधन तनमाथण का कया
अथथ है ?
28.2 पारं पररक िुरक्षा की आंतररक और बाहर धारणा के ब़ीच अंतर
स्पष्ट कीक्जए।
28.1 पारं पररक िरु क्षा ऩीतत के घटक के रूप में गठबंधन तनमाथण राज्यों का P-101-
एक गठबंधन है जो िैन्य हमलों के खखलाफ बचाि या बचाि के सलए अपने 103
कायों का िमन्िय करता है। अगधकांश गठबंधनों को सलखखत िंगधयों के
द्िारा औपचाररक रूप हर्दया जाता है क्जििे यह स्पष्ट रहे कक खतरे का
गठन कौन कर रहा है।
28.2
ikjEifjd lqj{kk dh vkarfjd /kkj.kk%
(i) vkarfjd lSfud la?k’kZ A
(ii) vyxkooknh vkanksyuA
(iii) vkarfjd ;q) अथिा सिविल िार
ikjEifjd lqj{kk dh ckâ;~ /kkj.kk%
(i) fdlh ns”k dks ckgjh lsuk ls [krjkA
(ii) अपरोध] izfrj{kk vkSj “kfDr lary
q uA
2+(1½+1
(iii) Ikkjaifjd lqj{kk ds ?kVd ds :Ik esa xqV cukuk A ½)=5
9
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iz0 29- नीचे ददए गए अवतरण िा ध्यानपव
ू ि
य अध्ययन िीक्जए और ननम्नललखित
प्रश्नों िे उत्तर ललखिए :
हर र्दे श को पंज़ीिार्द अथथव्यिस्था के सलए बर्दलाि करने की आिश्यकता थ़ी,
क्जिका मतलब था िोवियत िंघ के र्दौर में विकसित हुई हर िंरचना िे
तनजात पाना । शॉक थेरेप़ी की ििोपरर मान्यता थ़ी की समक्ल्कयत का
िबिे प्रभाि़ी रूप तनज़ी स्िासमत्ि होगा। इिके अंतगथत राज्य की िंपर्दा के
तनज़ीकरण और व्यििातयक स्िासमत्ि के ढांचे को तरु ं त अपनाने की बात
शासमल थ़ी। िामहहक ‘फामथ’ को तनज़ी ‘फामथ’ में बर्दला गया और पंज़ीिार्द
पद्धतत िे खेत़ी शरू
ु हुई। इि िंिमण में राज्य-तनयंबत्रत िमाजिार्द या
पंज़ीिार्द के अततररकत ककि़ी भ़ी िैकक्ल्पक व्यिस्था या ‘त़ीिरे रुख’ को
मंजर नह ं ककया गया।
A) ननजी स्वालमत्व से कया अलभप्राय है ?
B) सामदू हि फामो िो ननजी फामों में कयों बदला जाना था ? िोई दो
िारण दीक्जए ।
C) राज्य-ननयंबत्रत समाजवाद िे किन्हीं दो लाभों िो उजागर िीक्जए ।
m0 A) इिका अथथ है कक व्यक्कतयों, पररिारों या िमह द्िारा स्िासमत्ि के P-24
अगधकारों में राज्य हस्तक्षेप नह ं कर िकता ।
B) i) कयोंकक िामहहक खेत़ी के अंतगथत, कायथ न करने िालों को भ़ी बराबर
का हहस्िा समलता था ।
ii) गुणििा या मानक ठीक नह ं था ।
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
(कोई र्दो)
C) i) यह िभ़ी नागररकों के सलए न्यनतम ज़ीिन स्तर िुतनक्श्चत करता
है।
ii) िरकार स्िास््य, सशक्षा, बाल विकाि और अन्य कल्याणकार योजनाओं 1+2+2=5
जैि़ी बुतनयार्द आिश्यकताओं पर िक्ब्िड़ी र्दे त़ी है।
iz0 30- नीचे ददए गए अवतरण िा ध्यानपूवि
य अध्ययन िीक्जए और ननम्नललखित
प्रश्नों िे उत्तर ललखिए :
फैिला हुआ कक अब तक क्जि भ-भाग को ‘इंडडया’ के नाम िे जाना जाता
10
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था उिे ‘भारत’ और ‘पाककस्तान’ नाम के र्दो र्दे शों के ब़ीच बांट हर्दया जाएगा
। यह विभाजन र्दर्दथ नाक तो था ह , इि पर फैिला करना और अमल में
लाना और भ़ी कहठन था। तय ककया गया कक धासमथक बहुिंख्या को
विभाजन का आधार बनाया जाएगा । इिके मायने यह थे कक क्जन इलाकों
में मुिलमान बहुिंख्यक थे िह इलाके पाककस्तान के भ-भाग होंगे और शेष
हहस्िे भारत कहलाएंगे। यह बात थोड़ी आिान जान पडत़ी है , लेककन अिल
में इिमें कई ककस्म की हर्दककतें थ़ीं ।
A) 1947 में भारत िा ववभाजन इतना अधधि ददय नाि कयों लसद्ध हुआ ?
B) ववभाजन िी राह में उत्पन्न हुई किन्हीं दो मुख्य िदठनाइयों िा
ववश्लेषण िीक्जए ।
C) यदद भारत िा ववभाजन ने हुआ होता तो ववश्व में भारत िी कया
क्स्थनत होती ?
m0 A) i) यह जनिंख्या का िबिे बडा, िबिे अचानक, अतनयोक्जत और P-8
र्दख
ु र्द हस्तांतरण था ।
ii) ि़ीमा के र्दोनों ओर हत्याएं और अत्याचार हुए ।
B) i) बिहटश भारत में कोई भ़ी इलाका ऐिा नह ं था जो मक्ु स्लम
बहुिंख्यक हों।
ii) िभ़ी मुक्स्लम बहुिख्
ं यक क्षेत्र पाककस्तान में शासमल नह ं होना
चाहते थे। उर्दाहरण के सलए खान अब्र्दल
ु गफ्फार खान, क्जन्हें
'फ्रंहटयर गांध़ी' के नाम िे जाना जाता है, िे द्ि़ी-राष्र सिद्धांत के
कट्टर विरोध़ी थे ।
iii) बिहटश भारत के र्दो मुक्स्लम बहुल प्रांतों, पंजाब और बंगाल में
अनेक क्षेत्र ऐिे थे जहां गैर-मुक्स्लम भ़ी बड़ी िंख्या में थे।
iv) पाककस्तान के क्षेत्र में आने िाले लाखों हहंर्द और सिख और भारत
में आने िाले पंजाब तथा बंगाल में रहने िाले उतऩी बड़ी िंख्या में
मुिलमान अपने ह घरों में स्ियं को फंिा हुआ िमझ रहे थे ।
(कोई र्दो)
11
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C) i) भारत बहुत बडा राष्र रहा होता।
ii) भारत विश्ि पररदृश्य में बहुत महत्िपणथ भसमका तनभाता रहा होता।
iii) कश्म़ीर मुद्र्दा और आतंकिार्द िमस्या नह ं होत़ी।
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
1+2+2=5
(कोई र्दो)
iz0 31- भारत के हर्दए गए राजऩीततक रे खा-मानगचत्र, में पााँच राज्यों कोA, B, C, D
तथा E }kjk र्दशाथया गया है । ऩीचे र्द गई जानकार के आधार पर इन
राज्यों की पहचान कीक्जए और अपऩी उिर-पक्ु स्तका में इनके िह नाम,
प्रयोग की गई जानकार की िम िंख्या तथा िम्बक्न्धत अक्षर, ऩीचे र्द गई
तासलका के रूप में सलखखए :
प्रयोग की गई जानकार की िम्बक्न्धत राज्य का नाम
िम-िंख्या अक्षर
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
(i) ताड़ी-विरोध़ी आंर्दोलन िे िंबंगधत राज्य ।
(ii) िचना के अगधकार के सलए आंर्दोलन िे िंबंगधत राज्य ।
(iii) िह राज्य जहां ‘ऑपरे शन ब्ल स्टार’ ककया गया ।
12
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(iv) हाल ह में बनाया गया केंद्र-शासित प्रर्दे श ।
(v) बगाित िे प्रभावित क्षेत्र जो 1986 में राज्य बना ।
m0
प्रयोग की गई जानकार की िम्बक्न्धत राज्य का नाम
िम-िंख्या अक्षर
(i) C आाँध्रप्रर्दे श
(ii) D राजस्थान
(iii) A पंजाब
(iv) E जम्म तथा कश्म़ीर
(v) B समजोरम
5x1=5
नोट : ननम्नललखित प्रश्न िेवल दृक्ष्ट्टबाधधत परीक्षाधथययों िे ललए, प्रश्न संख्या
31 िे स्थान
पर हैं:
31.1 ताड़ी-विरोध़ी आंर्दोलन ककि राज्य िे िंबंगधत हैं ?
31.2 ‘िचना के अगधकार’ िंबंध़ी आंर्दोलन की शरु
ु आत ककि राज्य िे की
गय़ी थ़ी ?
31.3 ‘ऑपरे शन ब्ल स्टार’ ककि राज्य िे िंबंगधत हैं?
31.4 हाल ह में बने र्दो केंद्र-शासित प्रर्दे शों के नाम सलखखए।
31.5 भारत़ीय िंघ के 22 िें राज्य का नाम सलखखए जो 1975 में अक्स्तत्ि
में आया।
31.1 आाँध्रप्रर्दे श
31.2 राजस्थान
31.3 पंजाब
31.4 जम्म तथा कश्म़ीर
31.5 समजोरम 5x1=5
खंड - ङ
iz0 32- उन पररक्स्थनतयों िा वणयन िीक्जए क्जनिे अंतगयत 1969 में राष्ट्रपनत पद
िे ललए चन
ु ाव हुए थे। इस चन
ु ाव िे पररणाम ने िांग्रेस पाटी िो िैसे
प्रभाववत किया ?
13
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अथवा
1975 िे आपातिाल }kjk लसिाए गए किन्हीं तीन सबिों िा वणयन
िीक्जए ।
m0 • 1969 के राष्रपतत चुनाि की पररक्स्थततयााँ - P-
93,94
i) राष्रपतत जाककर हुिैन की मत्ृ यु
ii) सिंड़ीकेट और इंहर्दरा गांध़ी के ब़ीच खुले तौर पर गुटबाज़ी िामने
आई ।
iii) राष्रपतत चुनाि के सलए कांग्रेि के उम्म़ीर्दिार के रूप में सिंडडकेट
के उम्म़ीर्दिार एन. िंज़ीि रे ड्ड़ी रहे , लेककन तत्काल न प्रधानमंत्ऱी
इंहर्दरा गांध़ी ने एक स्ितंत्र उम्म़ीर्दिार ि़ी.ि़ी.गगर का िमथथन
ककया।
iv) कांग्रेि अध्यक्ष एि.नजासलंगप्पा ने 'क्व्हप' जार करके कांग्रेि के
िभ़ी विधायकों िे रे ड्ड़ी के पक्ष में मतर्दान करने के सलए कहा।
इंहर्दरा के िमथथकों ने अखखल भारत़ीय कांग्रेि कमेट की विशेष
बैठक की मांग की।
v) प्रधानमंत्ऱी इंहर्दरा गांध़ी ने कांग्रेि िर्दस्यों द्िारा वििेक मतर्दान
का आह्िान ककया।
(कोई त़ीन)
इि चुनाि के पररणाम
i) कांग्रेि पाटी में औपचाररक विभाजन ।
ii) कांग्रेि अध्यक्ष ने इंहर्दरा गांध़ी को तनष्कासित कर हर्दया - उन्होंने
अपऩी पाटी को मल कांग्रेि होने का र्दािा ककया।
iii) निंबर 1969 तक सिंडडकेट को कांग्रेि (आगेनाईजेशन ) के रूप में
और इंहर्दरा के िमह को कांग्रेि ( ररक्किक्जतनस्ट) कहा जाने लगा
था। इन र्दो गुटों को पुराने और नए कांग्रेि के रूप में भ़ी िखणथत
ककया गया था।
iv) इि विभाजन को िमाजिाहर्दयों और रूहढिाहर्दयों में तथा अम़ीरों और 3+3=6
गर बों के ब़ीच तक विचारात्मक विभाजन के रूप में र्दशाथया गया ।
(कोई त़ीन)
अथवा
14
Page 17
आपातकाल के ि़ीखे गए िबक:
i) भारत में लोकतंत्र को िमाप्त करना बेहर्द कहठन है। P-117-
ii) िंविधान में आपातकाल न प्रािधान के बारे में कई अस्पष्टताओं को 118
िुधारा गया है। अब ‘आंतररक आपातकाल’ केिल ‘िशस्त्र विद्रोह’ ‘
के आधार पर ह घोवषत ककया जा िकता है और यह आिश्यक है
कक राष्रपतत को आपातकाल घोवषत करने की िलाह मंबत्रपररषर्द
द्िारा सलखखत रूप में र्द जाऩी चाहहए।
iii) आपातकाल ने प्रत्येक नागररक को लोकतंत्र में उनके अगधकारों और
नागररक स्ितंत्रता के बारे में जागरूक ककया।
iv) भारत में कोई भ़ी िरकार ििा में नह ं रह िकत़ी है यहर्द िह आम
लोगों के हहत के खखलाफ काम करत़ी है अथिा जनता के प्रतत
कठोर होत़ी है।
v) आपातकाल के र्दौरान नागररक स्ितंत्रता को प्रभाि़ी ढं ग िे िंरक्षक्षत
करने के सलए न्यायपासलका की अक्षमता प्रकाश में आई ।
vi) आपातकाल न तनयमों का कायाथन्ियन पुसलि और प्रशािन के
माध्यम िे हुआ। ये िंस्थान स्ितंत्र रूप िे कायथ नह ं कर िकते थे।
3x2=6
vFkok dksbZ vU; mi;qDr िबक
¼dksbZ rhu O;k[;k lfgr½
iz0 33- पयायवरणीय क्षरण िी रोिथाम िे ललए भारत सरिार द्वारा उठाए गए
किन्ही तीन िदमों िा मू्यांिन िीक्जए ।
अथवा
वैश्वीिरण िे ववस्तार में प्रौद्योधगिी िे योगदान िा आिलन िीक्जए ।
m0 भारत िरकार द्िारा पयाथिरण़ीय क्षरण की रोकथाम करने के सलए P-126
उठाए गए कर्दम: -
(i) नेशनल ऑटो-फ्यल पॉसलि़ी
नेशनल ऑटो-फ्यल पॉसलि़ी िाहनों के सलए स्िच्छ ईंधन को अतनिायथ
करत़ी है।
(ii) ऊजाथ िंरक्षण अगधतनयम
2001 में पाररत ऊजाथ िंरक्षण अगधतनयम, ऊजाथ र्दक्षता में िध
ु ार के सलए
पहल की रूपरे खा तैयार करता है। 2003 का विद्यत
ु अगधतनयम में iquuZok
ऊजाथ के उपयोग को प्रोत्िाहहत करता है।
15
Page 18
(iii) बायोड़ीजल राष्र य समशन
भारत िरकार बायोड़ीजल पर एक राष्र य समशन शरू
ु करने के सलए भ़ी
इच्छुक है। भारत बायोड़ीज़ल का उत्पार्दन करने के सलए लगभग 11
समसलयन हे कटे यर भसम का उपयोग कर रहा है। र्दतु नया के िबिे बडे
नि़ीकरण़ीय ऊजाथ कायथिमों में िे एक भारत में चल रहा है। 3x2=6
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक कर्दम
(कोई त़ीन व्याख्या िहहत)
अथवा
oS”ohdj.k dks c<+kok nsus esa izkS|ksfxdh dk ;ksxnku %
P-138
i. VsyhxzkQ] VsyhQksu vkSj ekbØksfpi ds vkfo’dkj us fo”o ds
fofHkUUk Hkkxksa ds chp lapkj dh Økafr dj fn[kkbZ gSA
ii. बेहतर और तेज पररिहन प्रणाल laHko gks ldh gSA
iii. izkS|ksfxd izxfr vkSj rduhdh fodkl us fopkjksa] iwath vkSj
oLrqvksa ds izokg dks fo”o ds ,d dksus ls nwljs dksus rd lEHko
cuk;k gSA
iv. eqnz.k vkSj baVjusV dh ubZ rduhd izkIr gqbZ gSA 3x2=6
अथिा dksbZ vU; mi;qDr ;ksxnku
(कोई त़ीन व्याख्या िहहत)
iz0 34- ऐसे किन्ही तीन ववलभन्न तरीिों िी व्याख्या िीक्जए क्जनिे }kjk अमेररिी
वचयस्व से ननपटा जा सिता है
अथवा
यूरोपीय संघ िो अनत प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठन बनाने िे ललए उत्तरदाई
किन्हीं तीन िारिों िी व्याख्या िीक्जए।
m0 (i) बैंडवैगन रणनीनत & opZLo dk izfrjks/k djus dk lcls lgh P-47
rjhdk gS fd rkdroj ns”k ds fo:) tkus ds ctk; mlds
opZLora= esa jgrs gq, voljksa dk ykHk mBk;k tk,A
(ii) नछपने िी रणनीनत & ,d fodYi ;g gS fd opZLo okys ns”k ls
;FkklaHko nwj jgk tk,A phu] :l vkSj ;wjksih; la?k vkfn Loa;
dks vejhdh fuxkg esa p<+us ls cpk jgs gSaA ijarq cM+s ns'kksa ds fy,
;g j.kuhfr vf/kd fnuksa rd dke ugha vk ldrhA
16
Page 19
(iii) गैर-सरिारी संगठनों सामाक्जि आंदोलनों और जनमत िा
संयोजन- vejhdh opZLo dks vkfFkZd vkSj lkaLÑfrd /kjkry ij 3x2=6
pqukSrh fey ldrh gS vkSj ;g pqukSrh Lo;alos h laxBu] lkekftd
vkanksyu vkSj tuer ds vkilh esy ls çLrqr gks ldrh gSA
अथिा कोई अन्य प्रािंगगक बबंर्द।ु
(कोई त़ीन)
vFkok
;wjksih; la?k ds vfr izHkko”kkyh {ks=h; laxBu cuus ds fy, mRrjnk;h rhu
dkjd % P-53-
54
i. vkfFkZd {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
;g fo”o dh lcls cM+h vFkZO;oLFkk gSA
bldh eqnzk] ;wjks] vejhdh Mkyj ds izHkqRo ds fy, [krjk cu
ldrh gSA
bldh vkfFkZd “kfDr dk izHkko blds utnhdh ns”kksa ij gh ugha]
cfYd ,f”k;k vkSj vÝhdk ds nwj&njkt ds eqYdksa ij Hkh gSA
fo”o O;kikj esa bldh fgLlsnkjh vejhdk ls rhu xquh vf/kd gSA
(कोई र्दो)
ii.
[email protected] {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
;wjksih; la?k ds nks lnL;&ns”k fczVsu vkSj Ýkal lqj{kk ifj’kn ds
LFkkbZ lnL; gSaA
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ifj’kn ds vLFkkbZ lnL; Hkh gSaA
;wjksih; la?k us vejhdh uhfr;ksa dks Hkh izHkkfor fd;k gS tSls
bZjku ds ijek.kq dk;ZØe ls lacfa /kr orZeku vejhdh n`f’Vdks.kA
(कोई र्दो)
iii. lSU; {ks= esa ;wjksih; la?k dk izHkko %
lSfud rkdr ds fglkc ls ;wjksih; la?k ds ikl nqfu;k dh nwljh
lcls cM+h lsuk gSA
bldk dqy j{kk ctV vejhdk ds ckn lcls vf/kd gSA 3x2=6
blds nks lnL; ns”kks& a fczVsu vkSj Ýkal ds ikl yxHkx 550
ijek.kq gfFk;kj gSaA
(कोई र्दो)
17