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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा7
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 6: कशोराव ा— वृ एवं
प रवतन क अव ा
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ज ासा
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
73 – 88 11 26 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 27 pages
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 7 · वज्ञान · जज्ञासा
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 6: कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन
क अवस्था
कक्षा 7 वज्ञान क पाठ्यपुस्तक जज्ञासा के अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था के सभी प्रश्न के पूण एनसीईआरट
समाधान। क्रयाकलाप 6.1 से 6.4 (ता लका 6.1 से 6.4 भरी हुई), वज्ञान एवं समाज तथा वैज्ञा नक से प रचय बॉक्स, पृष्ठ 75 से 84 तक के
सभी पाठ्य प्रश्न, आइए, और अ धक सीख के दस प्रश्न और तीन अन्वेषणात्मक प रयोजनाएँ — सभी उत्तर पुस्तक क ही भाषा म, तथ्यपरक
और आयु के अनुरूप।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
जज्ञासा (कक्षा 7) 73 – 88
खं ड प्रश्न
11 26
माध्यम
हन्द
क्रयाकलाप 6.1: आइए, चचा कर — पृष्ठ 74 और 75
6.1 आयु के साथ वृ द्ध— कशोरवय के वष
क्रयाकलाप
प्र.1 प चय पर लखे अनुसार वद्या थय म सामान्यतः दृ ष्टगत प रवतन कौन-से थे? इन्ह ता लका 6.1 म सूचीबद्ध
क जए।
क्र.सं. प रवतन आपके अवलोकन
1. लंबाई/कद
2. भार और बल
3. स्वरूप
4. —
ता लका 6.1 — वृ द्ध (बड़े होने) के दौरान होने वाले सवा धक सामान्य प रवतन (पृष्ठ 75), रक्त रूप म।
जब पूरी कक्षा क प चयाँ खोलकर पढ़ जाती ह तो कुछ ही प रवतन बार-बार सामने आते ह। ये कशोरावस्था के प रवतन ह —
बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य क वह अवस्था जो लगभग 10 वष क आयु से आरंभ होती है। कक्षा 5 से 8 तक के
वद्या थय म सामान्यतः दे खे गए अवलोकन से भरी हुई ता लका 6.1 इस प्रकार है।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
ता लका 6.1 — वृ द्ध (बड़े होने) के दौरान होने वाले सवा धक सामान्य प रवतन
क्र.सं. प रवतन आपके अवलोकन
1. लंबाई/कद लगभग सभी की लंबाई बढ़ ी है; यह वृिद्ध तीव होती है और अनेक लड़ िकयों में यह उसी क क्षा के लड़ कों से एक -दो
वष पहले आरंभ हो जाती है।
2. भार और बल लंबाई के साथ भार भी बढ़ ता है। लड़ कों के कं धे और सीना चौड़ े होते है।ं लड़ के -लड़ िकयाँ दोनों अिधक दे र तक
दौड़ सकते है ं और भारी बस्ता उठा सकते है।ं
3. स्वरूप बगल और जघन क्षेत्र में बाल आने लगते है।ं लड़ कों के चेहरे पर हल्की मूँछें एवं अन्य बाल आते है।ं चेहरे पर
मुँहासे (ऐ क्नी) िनकलते है।ं लड़ िकयों में स्तनों का िवकास होता है।
4. आवाज लड़ कों की आवाज भारी हो जाती है और गले में कं ठमिण का उभार िदखता है। लड़ िकयों की आवाज में बहुत कम
पिरवतन होता है।
5. व्यवहार और मनोदशा में बारंबार पिरवतन, पबल पसंद -नापसंद , संक ोच, एकांत की इच्छा, िमत्रों के साथ अिधक समय िबताना,
संवेग नए शौकों में गहरी रुिच।
प चय पर नाम क्य नह लखते: ये व्य क्तगत प रवतन ह और कसी को भी ल क्षत या उपहास का पात्र नह
बनना चा हए। बना नाम लखे कक्षा इन प रवतन पर खुलकर और वैज्ञा नक दृ ष्ट से चचा कर पाती है — यही इस
क्रयाकलाप का उ े श्य है।
मुख्य बात: इन सभी प रवतन का समय, प्रकृ त और मात्रा हर व्य क्त म अलग-अलग होती है। जस सहपाठ क
लंबाई अभी कम है या जसके चेहरे पर अभी बाल नह आए, उसका वकास भी पूणतः सामान्य है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 75
6.1 आयु के साथ वृ द्ध— कशोरवय के वष
प्र.1 क्या आपने भी इनम से कुछ प रवतन का अनुभव कया है?
कक्षा 6, 7 और 8 के अ धकांश वद्याथ इनम से कुछ प रवतन के लए हाँ कहगे — जैसे लंबाई का तेजी से बढ़ना, आवाज म
प रवतन, चेहरे पर मुँहासे या शरीर पर नए बाल का आना।
य द आपने ऐसे प रवतन दे खे ह तो इसका अथ है क आप भी क्र मक रूप से कशोरावस्था म पहुँच रहे ह। यह अवस्था लगभग 10
वष क आयु से आरंभ होकर 19 वष क आयु तक बनी रह सकती है। यह बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य वकास क
अवस्था है, जसम शरीर वयस्क होने के लए तैयार होने लगता है।
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य द उत्तर 'अभी नह ' है तो: यह भी उतना ही सामान्य है। प्रत्येक व्य क्त कशोरावस्था का अनुभव अपनी वृ द्ध
और वकास क दर के अनुसार करता है और इसक समयाव ध भी एक व्य क्त से दूसरे म भन्न होती है। कोई
' पछड़ा' या 'आगे' नह होता।
क्या आप जानते ह? लगभग 10 से 12 वष क आयु तक अ धकांश प रवतन केवल लंबाई और भार से संबं धत
होते ह। इसके प ात अन्य स्पष्ट प रवतन आरंभ होते ह जो कशोरावस्था के आरंभ को इं गत करते ह।
क्रयाकलाप 6.2: आइए, सूची बनाएँ — पृष्ठ 78
6.3 कशोरावस्था म संवेगात्मक और व्यवहारगत प रवतन
क्रयाकलाप
प्र.1 कुछ समय लेकर सो चए और बताइए क क्या आपके या आपके सा थय के संवेग म और व्यवहार म वगत एक
या दो वष म कोई वशेष प रवतन आया है। ये प रवतन रोमांचक, ामक अथवा दोन प्रकार के हो सकते ह।
आइए, हम ता लका 6.2 म कुछ ऐसे संवेगात्मक प रवतन और उनके कारण व्यवहार म होने वाले संभा वत
प्रभाव एवं सकारात्मक वृ द्ध और वकास के प्रकार को सूचीबद्ध कर।
मुख्य संवेगात्मक व्यवहार पर संभा वत प्रभाव सकारात्मक वृ द्ध एवं वकास के प्रकार
प रवतन
मनोदशा म बारंबार संगीत, नृत्य या खेल जैसी व भन्न आत्म-अन्वेषण और ऐसी ग त व धय म स म्म लत होना
प रवतन ग त व धय म भागीदारी जो रचनात्मकता और नवाचार को जन्म दे सकती ह
प्रबल संवेग संवेदनशीलता म वृ द्ध दया-भाव, सामा जक काय म भागीदारी
अन्य कोई
ता लका 6.2 — संवेगात्मक प रवतन, व्यवहार पर उनके संभा वत प्रभाव तथा सकारात्मक वृ द्ध एवं वकास के प्रकार
(पृष्ठ 78); अं तम पं क्त पुस्तक म रक्त है।
कशोरावस्था म प्राय: बाल्यावस्था क तुलना म संवेग अ धक प्रबल होते ह। भरी हुई ता लका 6.2 इस प्रकार है — आरं भक
प्र व ष्टयाँ वही ह जो आपक पुस्तक म पहले से छपी ह, शेष वे ह जो कक्षाएँ सामान्यतः सूचीबद्ध करती ह।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था
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ता लका 6.2 — संवेगात्मक प रवतन, व्यवहार पर उनके संभा वत प्रभाव तथा सकारात्मक वृ द्ध एवं वकास के प्रकार
m व्यवहार पर संभा वत प्रभाव as e
मुख्य संवेगात्मक
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सकारात्मक वृ द्ध एवं वकास के प्रकार
प रवतन
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aमनोदशा में बारंबार कसी दन अत्य धक ऊजावान और प्रसन्न, कसी संगीत, नत्ृ य या खेल जैस ी िविभन्न गितिविधयों में भागीदारी;
पिरवतन दन उदास या चड़ चड़ा; मत्र या प रजन पर नी ंद , भोजन और व्यायाम की िनयिमत िदनचय
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झुँझलाना; अकेले रहने क इच्छा
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पबल संवेग
तीव्र प्र त क्रया दे ना, छोटag
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संवेदनशीलता म वृ द्ध — बात जल्द बुरी लगना,
टप्पणी दल पर ले लेना
आत्म-अन्वेषण और ऐसी गितिविधयों में सिम्मिलत होना जो
रचनात्मकता और नवाचार को जन्म दे ं — ले खन,
िचत्रकला, बागवानी, िव ान पिरयोजनाएँ
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दू स रों के पित वं चत और अभावग्रस्त व्य क्तय के लए गहरी दया-भाव, सामािजक काय ं में भागीदारी — स्वच्छता
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संवेद नशीलता में वृिद्ध अिभयान, छोटी क क्षाओं के िवद्यािथयों की सहायता
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अनुभू त
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glसजगता
अपने स्वरूप के पित स्वयं क सहपा ठय से तुलना; लंबाई, आवाज या यह स्मरण रखना िक ये िभन्नताएँ पूणतः सामान्य है;ं तुल ना के
a मुँहास को लेकर संकोच स्थान पर स्वास्थ् य, रुिचयों और िमत्रता पर ध्यान दे ना
सा थय से अत्य धक प्रभा वत होना om
घर में छोटे-छोटे दाियत्व ले ना; िनणयों पर माता-िपता और
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अन्य कोई — बड़ से बहस, एकांत क चाह, सलाह का वरोध,
. c िशक्षकों से शांितपूवक चच करना
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स्वतंत्र ता की इच्छा
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ऐसा क्य होता है: इस अवस्था म शरीर aglम बनने वाले कुछ हाम न मनोदशा और व्यवहार को प्रभा वत करते ह। अतः
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ये प्रबल संवेग आपक कोई कमी नह , बड़े होने का एक भाग ह।
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सुझाव: यह समझना क हमारे संवेग हमारे व्यवहार और काय को कस प्रकार प्रभा वत करते ह, हम बेहतर वकल्प
a s eचुmनने और सोच-समझकर प्र त क्रया करने म सहायता करता है। जब कोई भावना बहुत प्रबल हो तो तुरंत प्र त क्रया
agl न द, थोड़ा रुक और कसी वश्वसनीय व्य क्त से बात कर।
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as — पृष्ठ 79
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क्रयाकलाप 6.3: आइए, सूची बनाएँ
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6.4.1 पोषण संबंधी आवश्यकताओं क पू त
क्रयाकलाप
प्र.1 स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदाथ , स्वास्थ्यवधक खाद्य ोत और इनम उप स्थत ये पोषक वृ द्ध और वकास
म कस प्रकार सहायक हो सकते ह, इनके आधार पर ता लका 6.3 को भ रए।
खाद्य ोत इनसे प्राप्त होने इन पोषक के काय
वाले पोषक
दूध, ी अन्न ( मलेट), दही, पनीर कै ल्सयम, प्रोट न, अ स्थय क इष्टतम वृ द्ध म सहायता करना
और चीज़ वसा ____________
____________
____________ प्रोट न समु चत वृ द्ध, बल प्राप्त करने म सहायता करना और
____________ ऊजा स्तर बढ़ाने म सहायता करना ____________
पालक, राजमा और सूखे मेवे जैसे आयरन (लौह तत्त्व) रक्त के बनने म सहायता करना
कश मश और अंजीर ____________
ता लका 6.3 — खाद्य ोत, उनम उप स्थत पोषक और उन पोषक के काय (पृष्ठ 79); रक्त स्थान पुस्तक के अनुसार।
कशोरावस्था द्रुत वृ द्ध का काल है, अतः इस समय पौ ष्टक आहार का अत्य धक महत्व होता है। अपने आस-पास उपलब्ध खाद्य
पदाथ से ता लका 6.3 के रक्त स्थान भ रए। एक पूण उदाहरण नीचे दया गया है।
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ता लका 6.3 — खाद्य ोत, उनम उप स्थत पोषक और उन पोषक के काय
खाद्य ोत इनसे प्राप्त होने इन पोषक के काय
वाले पोषक
दू ध , श्री अन्न (िमले ट), दही, पनीर कै ल्सयम, प्रोट न, अिस्थयों की इष्टतम वृिद्ध में सहायता करना; शरीर का िनम ण करना और
और चीज़ वसा ऊज का संचय करना
तथा रागी, ितल, हरी पत्ते द ार
सिब्जयाँ
दाले ं, राजमा, चना, सोयाबीन, प्रोट न समुिचत वृिद्ध, बल पाप्त करने में सहायता करना और ऊज स्तर बढ़ ाने में
मूँग फली, अंडा, मछली, माँस , दू ध सहायता करना — पोटीन शरीर का िनम ण और मरम्मत करते है ं
पालक, राजमा और सूखे मेवे जैसे आयरन (लौह तत्त्व) रक्त के बनने में सहायता करना, जो शरीर के पत्येक भाग तक ऑक्सीजन
िकशिमश और अंजीर पहचु ँ ाता है
तथा गड
ु ़ , बाजरा, चौलाई के पत्ते
चावल, गेहू ँ की रोटी, ज्वार, बाजरा, काब हाइड्रेट पढ़ ने, खेल ने और इस अवस्था की तीव वृिद्ध के िलए आवश्यक ऊज दे ना
आलू, के ला
आँवला, अमरूद, संतरा, नी ंबू, पपीता, वटा मन और ख नज संक्रमण से रक्षा करना, आँखों और त्वचा को स्वस्थ रखना तथा शरीर ारा
गाजर, मौसमी सिब्जयाँ लौह तत्त्व के अवशोषण में सहायता करना
स्थानीय भोजन ही सव त्तम क्य : मलेट क रोट , दाल और एक हरी सब्जी वे ही पोषक दे ती ह जो कोई महँगा
डब्बाबंद खाद्य दे ता है — पर वे ताजा, सस्ता और सुलभ ह। ी अन्न ( मलेट) म कै ल्सयम और लौह तत्त्व वशेष
रूप से अ धक होते ह।
सुझाव: जैसा चत्र म दोन साथी कहते ह — समु चत वृ द्ध और खेल के मैदान म अच्छे प्रदशन के लए प्रोट न और
काब हाइड्रेट चा हए, तथा पयाप्त मात्रा म वसा, वटा मन और ख नज भी। कोई एक खाद्य सब कुछ नह दे ता,
इस लए थाली म व वधता होनी चा हए।
वज्ञान एवं समाज — पृष्ठ 80
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6.4.1 पोषण संबंधी आवश्यकताओं क पू त
वज्ञान एवं समाज
प्र.1 कशोर वशेषकर कशोरवय लड़ कयाँ शरीर म लौह तत्त्व अथवा वटा मन B12 क कमी के कारण बहुधा रक्त-
संबंधी स्वास्थ्य वकार से पी ड़त होती ह। ऐसे स्वास्थ्य वकार के बारे म पता लगाइए।
ऐसा सबसे सामान्य वकार रक्ताल्पता (एनी मया) है। रक्ताल्पता म रक्त म स्वस्थ लाल रक्त क णकाओं अथवा उनम उप स्थत
हीमोग्लो बन क मात्रा पयाप्त नह होती। हीमोग्लो बन ही ऑक्सीजन ले जाता है, अतः शरीर के प्रत्येक अंग को आवश्यकता से कम
ऑक्सीजन मलती है।
कसक कमी स्वास्थ्य वकार लक्षण
लौह तत्त्व (आयरन) लौह तत्त्व क कमी से होने थकान और दुबलता, त्वचा, नाखून तथा पलक के भीतरी भाग का पीला पड़ ना, थोड़ े
वाली रक्ताल्पता पिरश्रम पर साँस फू लना, चक्कर आना, क क्षा में ध्यान न लगना, िसरदद
िवटािमन B12 (या बड़ी लाल रक्त क णकाओं थकान, पीलापन, जीभ में जलन, हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन, दुबलता,
फोिलक अम्ल) वाली रक्ताल्पता स्मरणशिक्त कमजोर होना
कशोरवय लड़ कयाँ अ धक प्रभा वत क्य : कशोरावस्था क तीव्र वृ द्ध के लए शरीर को अ त रक्त लौह तत्त्व
चा हए और लड़ कय के शरीर से प्र त माह मा सक धम के दौरान कुछ रक्त भी नकलता है। य द आहार से पयाप्त
लौह तत्त्व न मले तो शरीर का संचय घट जाता है और रक्ताल्पता हो जाती है।
स्वयं दे खए: नचली पलक को धीरे से नीचे ख चकर उसका भीतरी भाग दे खए। स्वस्थ व्य क्त म यह गुलाबी होता
है। अत्य धक पीला या सफेद दखना उन संकेत म से एक है जन्ह च कत्सक दे खते ह। पु ष्ट केवल रक्त जाँच से ही
होती है।
प्र.2 हम अपने शरीर म लौह तत्त्व क कमी क पू त कैसे कर सकते ह?
मुख्यतः लौह तत्त्व से भरपूर आहार लेकर, उसके अवशोषण म सहायता करके और आवश्यक होने पर च कत्सक ारा बताई
गई औष ध लेकर।
1. प्र त दन लौह तत्त्व वाले खाद्य ली जए — पालक और अन्य हरी पत्तेदार स ब्जयाँ, राजमा, चना, अन्य दाल, बाजरा और
रागी, गुड़, मूँगफली तथा कश मश एवं अंजीर जैसे सूखे मेवे। मांसाहारी प रवार म अंडा, मछली और माँस भी।
2. उसी भोजन म वटा मन C जो ड़ए — आँवला, न बू, अमरूद, संतरा या टमाटर। वटा मन C पादप आहार के लौह तत्त्व को
शरीर के लए कह अ धक सुलभ बना दे ता है। दाल या चने पर न बू नचोड़ना पयाप्त है।
3. भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफ न ली जए; ये लौह तत्त्व का अवशोषण घटा दे ती ह। इन्ह भोजन से पयाप्त अंतराल पर
ली जए।
4. लोहे क कड़ाही या तवे म पकाइए — इससे थोड़ी मात्रा म लौह तत्त्व भोजन म आ जाता है।
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5. आयरन एवं फो लक अम्ल (IFA) क गोली तभी ली जए जब च कत्सक या वद्यालय का स्वास्थ्य कायक्रम दे , तथा सलाह
के अनुसार कृ मनाशक दवा भी ली जए — आँत के कृ म धीरे-धीरे रक्त क हा न करते ह।
6. थकान और पीलापन बना रहे तो रक्त जाँच कराइए और स्वयं औष ध लेने के स्थान पर च कत्सक क सलाह मा नए।
सुझाव: आयरन क गोली से मल का रंग गहरा हो सकता है — यह हा नर हत है। कोस बीच म न छोड़; शरीर के
लौह भंडार भरने म कई सप्ताह लगते ह।
प्र.3 ऐसी सरकारी योजनाओं के बारे म पता लगाइए जनका उ े श्य इन तत्व क कमी से होने वाले रोग क रोकथाम
करना है।
भारत सरकार अनेक कायक्रम चलाती है ता क कसी ब े या कशोर म लौह तत्त्व एवं अन्य पोषक क कमी न रहे। प्रमुख योजनाएँ
—
योजना यह क्या करती है
एनीिमया मुक्त भारत (AMB) रक्ताल्पता कम करने की रा व्यापी रणनीित — िवद्यािथयों और िकशोरों को साप्तािहक IFA गोली,
वष में दो बार कृ िमनाशक दवा, जाँच और उपचार।
साप्तािहक आयरन एवं फोिलक अम्ल िवद्यालयों और आँगनवािड़ यों के माध्यम से िकशोर-िकशोिरयों को पित स प्ताह एक IFA गोली, साथ
अनुपूर ण (WIFS) में जागरूकता स त्र।
रा ीय िकशोर स्वास्थ्य कायक्रम िकशोरों के स म्पूण स्वास्थ् य — पोषण, रक्ताल्पता, मािसक धम संबंधी स्वास्थ् य एवं स्वच्छता — में
(RKSK) सुधार; सािथयों ारा िशक्षा और िकशोर-िहतैषी स्वास्थ् य क्लीिनक।
पी.एम. पोषण (मध्याह्न भोजन योजना) पत्येक िवद्यालय िदवस पर पका हुआ पौिष्टक भोजन, िजससे बढ़ ते बच्चों को पोटीन, लौह तत्त्व और
अन्य पोषक िमले ं।
पोषण अिभयान तथा आई.सी.डी.एस./ बच्चों, िकशोिरयों तथा गभवती एवं धात्री माताओं के िलए अनुपूरक पोषण, वृिद्ध की िनगरानी और पोषण
आँग नवाड़ी से वाएँ िशक्षा।
खाद्य पदाथ ं का सुदृ ढ़ीकरण सरकारी योजनाओं में फोिटफाइड चावल तथा ि -सुदृ ढ़ नमक (आयोडीन + आयरन), िजससे
(फोिटिफके शन) रोजमर का भोजन ही लौह तत्त्व दे ।
यह क जए: नकटतम आँगनवाड़ी या अपने वद्यालय के स्वास्थ्य र जस्टर से पता लगाइए क आपका वद्यालय
इनम से कन योजनाओं म स म्म लत है और IFA गोली सप्ताह के कस दन द जाती है।
वैज्ञा नक से प रचय — पृष्ठ 80
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6.4.1 पोषण संबंधी आवश्यकताओं क पू त
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वै ज्ञा नक से प रचय
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a s emआप जानते ह क मानव शरीर को समु चत रूप से काय करने के लए वटा मन B12 क आवश्यकता होती
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है?
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हाँ। वटा मन B12 स्वस्थ लाल रक्त क णकाओं के नमाण, तं त्रकाओं एवं म स्तष्क के सामान्य काय तथा शरीर ारा भोजन के
उपयोग के लए आवश्यक है। a
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अ धकांश वटा मन क तरह यह मानव शरीर म न मत नह हो सकता और इसे हमारे ारा ग्रहण कए जाने वाले भोजन से ही प्राप्त
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करना पड़ता है। य द आहार म इसक कमी लंबे समय तक बनी रहे तो व्य क्त रक्ताल्पता का शकार हो सकता है तथा हाथ-पैर म
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झनझनाहट और स्मरणश क्त क दुबलता भी हो सकती है।
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a s em हॉज कन का काय महत्वपूण क्य था: उन्ह ने X- करण क सहायता से वटा मन B12 क अत्यंत ज टल
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डोरोथी
a संरचना ज्ञात क । संरचना ज्ञात होने पर ही रसायनज्ञ इस वटा मन को बनाकर औष ध के रूप म उपयोग कर सके।
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सामान्य संवत् 1964 म वे रसायन वज्ञान के क्षेत्र म नोबेल पुरस्कार जीतने वाली तीसरी म हला बन ।
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अपने शक्षक के साथ वटा मन B12 के a g ोत पर चचा क जए।
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m और अपने क्षेत्र म खाए जाने वाले खाद्य पदाथ इसम जो ड़ए।
वटा मन B12 मुख्यतः प्रा णजन्य खाद्य पदाथ तथा सुदृढ़ (फो टफाइड) खाद्य पदाथ म मलता है। यह सूची अपने शक्षक के पास
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खाद्य का प्रकार वटा मन B12 के ोत
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दुग्ध पदाथ दू ध, दही, पनीर, चीज़
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अंडा सaम्पूgणlअंडा — िवशेषकर उसकी जद
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मांस ाहारी खाद्य मछली, िचकन, माँस और यकृ त (कले जी)
फोिटफाइड दू ध, कु छ नाश्ता अनाज (सीिरयल ) और सोया पेय —eलेm
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om a s बल पढ़ कर दे िखए
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सुदृ ढ़ (फोिटफाइड) खाद्य
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B12 की गोली या इंजेक्शन, के वल िचिक त्सक के परामश पर
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चचा का बदु: पादप खाद्य सामान्यतः वटा मन B12 के वश्वसनीय ोत नह ह। अतः पूणतः पादप-आधा रत
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आहार लेने वाल को सुदृढ़ खाद्य लेने चा हए या च कत्सक य सलाह पर अनुपूरक लेना चा हए। प्र त दन दूध और
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दही लेने वाले शाकाहारी व्य क्त को प्रायः
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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 81
6.4.3 शारी रक ग त व धयाँ
प्र.1 क्या आप नय मत रूप से व्यायाम अथवा खेल-कूद म सहभा गता करते ह?
इसका उत्तर स्वयं के लए ईमानदारी से द जए। अच्छे उत्तर म यह बताया जाता है क आप क्या करते ह, कतनी बार और कतनी
दे र।
नमूना उत्तर: हाँ। म सप्ताह म चार दन वद्यालय के खेल-काल म खो-खो और फुटबॉल खेलता ँ तथा प्र त दन साइ कल से
वद्यालय आता-जाता ँ — एक ओर लगभग 20 मनट। र ववार को मत्र के साथ पाक म लगभग एक घंटे क्रकेट खेलता ँ।
य द आपका स ा उत्तर ' नय मत रूप से नह ' है तो इसे छपाने के स्थान पर स्वीकार क जए। कसी छोट दै नक ग त व ध से
आरंभ क जए — 20 मनट तेज चाल से चलना, 100 बार रस्सी कूदना या 15 मनट योग — और धीरे-धीरे बढ़ाइए।
इस आयु म यह क्य महत्वपूण है: नय मत व्यायाम से शारी रक और मान सक स्वास्थ्य उत्तम रहता है, आंत रक
बल (स्टै मना) बढ़ता है और मनोदशा सुदृढ़ होती है। कशोरावस्था म अ स्थयाँ और पे शयाँ तेजी से बढ़ती ह, और
शारी रक ग त व ध उन्ह सुदृढ़ बनाती है।
सुझाव: प्र त दन लगभग 60 मनट शरीर को स क्रय र खए। यह एक ही बार म करना आवश्यक नह — खेल,
साइ कल चलाना, सी ढ़याँ चढ़ना, घर के काम म हाथ बँटाना और पैदल चलना, सब इसम गने जाते ह।
प्र.2 आप कस प्रकार का व्यायाम करते ह?
व्यायाम कुछ प्रकार म बाँटे जा सकते ह और अच्छे सप्ताह म इनम से प्रत्येक प्रकार का कुछ अंश होना चा हए। आपक पुस्तक का
चत्र 6.2 इनम से तीन दखाता है — फुटबॉल खेलना, रस्सी कूदना और योग आसन।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
व्यायाम का प्रकार उदाहरण इससे क्या मलता है
खेल -कू द फुटबॉल, कब ी, खो-खो, क्रकेट, बैड मटन, दौड़ स्टैिमना, सहयोग की भावना, सुदृ ढ़ हृदय व
फे फड़ े, अच्छी मनोदशा
सरल दै िनक व्यायाम रस्सी कूदना, साइ कल चलाना, तेज चाल से चलना, दौड़ना, िबना िकसी उपकरण के पितिदन की जा सकने
तैरना, सी ढ़याँ चढ़ना वाली िफटनेस
योग और स्टेिचंग सूय नमस्कार, भुजंगासन, प मोत्तानासन, ताड़ासन, सरल लचीलापन, सही मुद ा, शािं त और बेहतर एकागता
श्वास-प्रश्वास अभ्यास
बल और संतल
ु न दं ड-बैठक, उठक-बैठक, सही ढं ग से भार उठाना वृिद्ध की इस अवस्था में मजबूत पेिशयाँ और
अिस्थयाँ
पारंपिरक एवं दै िनक लोकनृत्य, गरबा, भांगड़ा, मलखंब, खेत या घर के काम म सामान्य जीवन में ही समािहत आनंद दायक
गितिविधयाँ सहायता व्यायाम
स्वयं ध्यान र खए: व्यायाम से पहले वाम-अप और बाद म स् े चग क जए; जल पी जए; भारी भोजन के तुरंत बाद
व्यायाम न क जए; और दद होने पर रुक जाइए। व ाम के दन भी आवश्यक ह — शरीर व ाम के समय ही सुदृढ़
बनता है।
क्रयाकलाप 6.4: आइए, जागरूकता फैलाएँ — पृष्ठ 83
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
6.4.4 संतु लत सामा जक जीवन
क्रयाकलाप
प्र.1 उत्तरदा यत्वपूण सोशल मी डया व्यवहार के व भन्न पहलुओं के वषय म पोस्टर और प्रचारपत्र के अ भकल्पन के
लए समूह म काय क जए और उन्ह वद्यालय म नधा रत स्थान पर चपकाइए। अपने सामू हक अवलोकन के
आधार पर ता लका 6.4 को भी भ रए।
कर न कर
सम्मानपूण और दयालु ब नए व्य क्तगत फोटो अप र चत या ऑनलाइन मत्र के साथ साझा मत क जए
पोस्ट करने से पहले सो चए ____________
नजता क सुरक्षा क जए ____________
ता लका 6.4 — सोशल मी डया के संबंध म अनुपालनीय ‘क्या कर’ और ‘क्या नह कर’ (पृष्ठ 83), पुस्तक के अनुसार।
पोस्टर काय कैसे कर। कक्षा को समूह म बाँ टए और प्रत्येक समूह को एक वषय द जए, ता क सभी पोस्टर मलकर पूरा वषय
समेट ल —
पोस्ट करने से पहले सो चए — ऑनलाइन गई वस्तु को हटाना बहुत क ठन होता है।
नजता क सुरक्षा क जए — पता, फोन नंबर, वद्यालय का नाम, दनचया या पासवड कभी ऑनलाइन न डाल।
साइबर उत्पीड़न रो कए — कसी को चोट पहुँचाने वाला संदेश आगे न भेज; उसक सूचना द और कसी बड़े को बताएँ।
वश्वास करने से पहले जाँ चए — झूठ अफवाह सबसे तेजी से फैलती ह।
स्क्र न समय और न द — सोने से काफ पहले फोन रख द जए।
प्रत्येक पोस्टर म एक ही बड़ा संदेश, एक चत्र और बड़े अक्षर म कुछ शब्द र खए, और नीचे यह अवश्य ल खए क सहायता
कससे ल — माता- पता, कक्षा- शक्षक या वद्यालय के परामशदाता।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
ता लका 6.4 — सोशल मी डया के संबंध म अनुपालनीय 'क्या कर' और 'क्या नह कर'
कर न कर
सम्मानपूण और दयालु बिनए। व्यिक्तगत फोटो अपिरिचतों या ऑनलाइन िमत्रों के साथ साझा मत कीिजए।
पोस्ट करने से पहले सोिचए। झूठी अफवाहे ं या भामक संदे श मत फै लाइए और िकसी का उपहास मत कीिजए।
िनजता की सुर क्षा कीिजए। पता, फोन नंबर, िवद्यालय का नाम या पासवड साझा मत कीिजए तथा अपिरिचतों
की िमत्रता-अनुरोध स्वीकार मत कीिजए।
ऑनलाइन कोई बात उलझन या भय पैद ा करे तो बड़ों और उ त्पीड़ न वाले संदे श का उ त्तर या उसे आगे मत भेिजए ; उसे पमाण के रूप में
िशक्षकों से पूिछए। सुरिक्षत रखकर सूचना दीिजए।
स्क्रीन का समय िनिश्चत कीिजए और पढ़ ाई, खेल तथा नी ंद िकसी ऑनलाइन 'िमत्र' से अके ले मत िमिलए और अनजान िलंक पर िक्लक मत
के िलए पय प्त समय रिखए। कीिजए।
यह वज्ञान के अध्याय का भाग क्य है: कशोरावस्था जज्ञासा और उत्तेजना का काल है और कशोर अपने
सा थय से बहुत प्रभा वत होते ह। ऑनलाइन प्लेटफॉम सूचना और संपक के लए उपयोगी ह, परंतु असावधानी से
उपयोग करने पर वे न द, पढ़ाई और मान सक स्वास्थ्य को हा न पहुँचाते ह। अतः इनका दा यत्वपूण उपयोग भी
उतनी ही स्वास्थ्य-आदत है जतनी अच्छा भोजन।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 84
6.5 कशोरावस्था के संदभ म 'क्य प्रश्न'
प्र.1 परंतु मुझे आश्चय है क इस अवस्था म ये प रवतन क्य होते ह?
क्य क इनका कारण हाम न ह — हमारे शरीर म बनने वाले कुछ रसायन।
मिस्त ष्क से संके त
↓
शरीर के अलग-अलग अंगों में हाम न का उत्पादन
↓
उपयुक्त समय पर हाम न का िनमुक्त होना
↓
वृिद्ध , यौवनारंभ , मािसक धम, मनोदशा और व्यवहार का िनयंत्रण
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था
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हाम न शरीर के प्रकाय को सु न त करते हुए वृ द्ध और वकास को नयं त्रत करने म महत्त्वपूण भू मका नभाते ह। ये शरीर के
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अलग-अलग अंग म उत्पा दत होते ह और म स्तष्क ारा संकेत दए जाने क अनु क्रया-स्वरूप उपयुक्त समय पर नमुक्त होते ह।
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.c को भी प्रभा वत करते ह।
मा सक धम तथा यौवनारंभ के अन्य लक्षण स हत कशोरावस्था के अनेक प रवतन मुख्यतः इन्ह के कारण होते ह, और कुछ हाम न
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मनोदशा तथा व्यवहार
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aयेg प रवतन पहले क्य नह होते: म स्तष्क ये संकेत तभी भेजना आरंभ करता है जब शरीर वयस्क-अवस्था क
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तैयारी के लए तैयार हो जाता है — सामान्यतः लगभग 10 वष क आयु म। इसी कारण ये प रवतन सबके लए एक
ही आयु म आरंभ नह होते; हर शरीर अपनी समय-सारणी से चलता है।
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सुझाव: यह जानना क शारी रक प रवतन के साथ-साथ मनोदशा के उतार-चढ़ाव के पीछे भी हाम न ह,
कशोरावस्था को सँभालना बहुत सरल बना दे ता है। जागरूक रहकर, आवश्यकता होने पर सहायता और मागदशन
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लेकर तथा सही नणय लेकर आप अपने भावी जीवन के लए सुदृढ़ न व बना सकते ह।
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a और अ धक सीख — पृष्ठ 85 से 87
आइए,
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अध्याय के अभ्यास प्रश्न
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आइए, और अ धक सीख
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11 वष य लड़के रमेश के चेहरे पर कुछ लाल दाने (मुँहासे) नकले। उसक माँ ने उसे बताया क इसका कारण
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प्र.1
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उसके शरीर म होने वाले जै वक प रवतन ह। (i) उसके चेहरे पर इन मुँहास के होने के संभा वत कारण क्या हो
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सकते ह? (ii) इन मुँहास से कुछ राहत पाने के लए वह क्या कर सकता है?
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a (i) संभा वत कारण। रमेश 11 वष का है, अथात् वह कशोरावस्था म प्रवेश कर चुका है। इस अवस्था म त्वचा से तैलीय ाव क
मात्रा बढ़ जाती है। यह अ त रक्त तेल, मृत त्वचा और धूल के साथ मलकर त्वचा के छ को अवरुद्ध कर दे ता है। अवरुद्ध
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छद्र म संक्रमण हो जाता है और छोटे लाल मुँहासे नकल आते ह — प्रायः चेहरे पर, जहाँ तैल ग्रं थयाँ अ धक होती ह। इस त्वचा-
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संबंधी स्थ त को ऐक्नी कहते ह; मुँहासे उसी क अ भव्य क्त ह।
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त्वचा से अिधक तै लीय ाव
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त्वचा के िछद अवरुद्ध
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अवरुद्ध िछद में सं मण
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छोटा लाल मुँहासा — इस िस्थित को ऐक्नी कहते है ं
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(ii) रमेश क्या कर सकता है।
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दन म दो-तीन बार स्वच्छ जल और हल्के साबुन या फेस-वॉश से चेहरा धीरे-धीरे धोए, जससे अ त रक्त तेल हट जाए।
मुँहास को दबाए, नोचे या फोड़े नह । दबाने से संक्रमण गहरा हो जाता है और काले दाग या नशान रह जाते ह।
गंदे हाथ से चेहरा न छु ए; बाल को स्वच्छ रखे और चेहरे से दूर रखे; अपना ही स्वच्छ तौ लया और त कये का गलाफ प्रयोग
करे।
चेहरे पर भारी तेल, गाढ़ क्र म और प्रसाधन-सामग्री से बचे — इनसे छद्र और अ धक अवरुद्ध होते ह।
फल-स ब्जय से युक्त संतु लत आहार ले, पयाप्त जल पए, अच्छ न द ले और व्यायाम करे।
य द मुँहासे अ धक ह , दद कर या फैल रहे ह तो वज्ञा पत उपाय के स्थान पर च कत्सक (त्वचा रोग वशेषज्ञ) से परामश
करे।
उसक माँ सही क्य ह: इस आयु म मुँहासे 'गंद आदत ' या कसी एक खाद्य पदाथ के कारण नह होते। ये
कशोरावस्था के जै वक प रवतन का सामान्य और अस्थायी भाग ह, जो वयस्क होने पर स्वयं कम हो जाते ह। रमेश
को संकोच करने क आवश्यकता नह है।
प्र.2 नम्न ल खत म से कौन-सा खाद्य समूह कशोर के लए अपेक्षाकृत अ धक उपयुक्त वकल्प होगा और क्य ?
(क) [बगर, च ाइज, प ा, डोनट, बन और चप्स] (ख) [रोट , दाल, सब्जी, चावल, सलाद, दही और पापड़
वाली थाली]
खाद्य समूह (ख) — संतु लत थाली — अपेक्षाकृत अ धक उपयुक्त वकल्प है।
समूह इसम क्या है शरीर को क्या मलता है
(क) बगर, फे ं च फ ाइज, मैदा, अत्य धक वसा एवं तेल, ऊज तो पय प्त, परंत ु पोटीन, लौह तत्त्व, कै िल्सयम, िवटािमन एवं रे शे बहुत
िपज्जा, डोनट, बन, िचप्स, अ त रक्त नमक और शकरा कम — 'खाली कै लोरी'
सॉस
(ख) रोटी, चावल, दाल, अनाज, दाल, स ब्जयाँ, दुग्ध ऊज के िलए काब हाइडेट, वृिद्ध और बल के िलए पोटीन, अिस्थयों के िलए
सब्जी, सलाद, दही, पापड़ पदाथ कै िल्सयम, रक्त के िलए लौह तत्त्व, तथा िवटािमन, खिनज एवं रे शे — सब
एक ही भोजन में
(ख) कशोर के लए बेहतर क्य : कशोरावस्था द्रुत वृ द्ध और वकास क अव ध है। इस समय शरीर अ स्थ, पेशी और रक्त का
नमाण कर रहा होता है, अतः उसे काब हाइड्रेट और वसा के साथ-साथ प्रोट न, कै ल्सयम, लौह तत्त्व, वटा मन और ख नज भी
चा हए। थाली ये सब उ चत अनुपात म एक साथ दे ती है। समूह (क) मुख्यतः वसा, मैदा और नमक दे ता है; ऐसा भोजन बार-बार
खाने से अनावश्यक भार बढ़ता है, अ स्थय एवं रक्त का स्वास्थ्य बगड़ता है, कब्ज होता है और आगे चलकर अन्य रोग भी हो सकते
ह।
सुझाव: फास्ट फूड को सदा के लए व जत करने क आवश्यकता नह — स्वास्थ्य प्र त दन क थाली से तय होता
है। इसे कभी-कभार तक सी मत र खए और दै नक भोजन को (ख) जैसी थाली बनाइए।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 नम्न ल खत वाक्य म रेखां कत शब्द को सही रूप म ल खए— (i) कशोरवय लड़ कय म 28–30 दन के
अन्तराल पर होने वाला रक्त- ाव सकममाध है। (ii) कशोरवय लड़क क आवाज म रूक्षता बढ़े हुए त्रकवायं
के कारण होती है। (iii) तीयक ल गक लक्षण वे प्राकृ तक संकेत ह जो यह इं गत करते ह क शरीर वयस्कता
क तैयारी कर रहा है और ये रंभवयौना को च त करते ह। (iv) हम लल्कोएहॉ और ग्सड को 'ना' कहना चा हए
क्य क ये व्यसनकारी ह।
अव्यव स्थत सही शब्द अथ
शब्द
(i) िसकममाध मािसक धम आतव चक्र का वह चरण जसम शरीर से रक्त- ाव होता है; यह तीन से सात दन तक
रहता है।
(ii) त्रकवायं वाक् -यंत्र गले म स्थत वह संरचना जो बोलने म सहायता करती है। लड़क म इसक वृ द्ध से
आवाज भारी होती है और कंठम ण दखती है।
(iii) रंभवयौना यौवनारंभ वह अवस्था जसम कशोर के शरीर म बाह्य और आंत रक प रवतन होकर वह जनन
करने म सक्षम वयस्क बनता है।
(iv) लल्कोएहॉ, ग्सड ए ल्कोहॉल , व्यसनकारी पदाथ — एक बार सेवन आरंभ करने पर बार-बार लेने क तीव्र इच्छा उत्पन्न
डग्स हो जाती है।
पूण वाक्य इस प्रकार ह गे —
1. कशोरवय लड़ कय म 28–30 दन के अन्तराल पर होने वाला रक्त- ाव मा सक धम है।
2. कशोरवय लड़क क आवाज म रूक्षता बढ़े हुए वाक्-यंत्र के कारण होती है।
3. तीयक ल गक लक्षण वे प्राकृ तक संकेत ह जो यह इं गत करते ह क शरीर वयस्कता क तैयारी कर रहा है और ये यौवनारंभ
को च त करते ह।
4. हम एल्कोहॉल और ड्रग्स को 'ना' कहना चा हए क्य क ये व्यसनकारी ह।
प्र.4 शालू ने अपनी सहपाठ से कहा “ कशोरावस्था म मात्र शारी रक प रवतन होते ह जैसे लंबा होना या शरीर पर
बाल का नकलना।” क्या वह सही है? आप कशोरावस्था के इस वणन म क्या प रवतन करग?
नह , शालू सही नह है। उसके कथन को गलत बनाने वाला शब्द है 'मात्र'। लंबा होना और शरीर पर बाल का आना कशोरावस्था
के प रवतन तो ह, परंतु वे इसका केवल एक भाग ह।
संशो धत वणन: ' कशोरावस्था म शारी रक प रवतन होते ह, जैसे— लंबाई का बढ़ना, भार और बल म वृ द्ध, आवाज म प रवतन,
चेहरे पर मुँहासे और शरीर पर बाल का आना। इनके साथ आंत रक प रवतन भी होते ह — जनन म स म्म लत संरचनाओं क
प रपक्वता तथा लड़ कय म आतव चक्र का आरंभ — और संवेगात्मक तथा व्यवहारगत प रवतन भी, जैसे प्रबल संवेग, मनोदशा
म बारंबार प रवतन और संवेदनशीलता म वृ द्ध। ये सभी प रवतन मुख्यतः हाम न के कारण होते ह और इनका समय तथा मात्रा हर
व्य क्त म अलग-अलग होती है।'
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
प रवतन का प्रकार अध्याय से उदाहरण
शारीिरक (सरलता से लंबाई का बढ़ ना; लड़ कों में भार में वृिद्ध, कं धों व सीने का चौड़ ा होना; आवाज में पिरवतन और कं ठमिण; ऐ क्नी एवं
िदखने वाले ) मुँहासे ; बगल , जघन क्षेत्र और चेहरे पर बाल ; लड़ िकयों में स्तनों का िवकास
आंतिरक (िदखाई न दे ने जनन में सिम्मिलत िविभन्न संरचनाओं की पिरपक्वता; लड़ िकयों में पाय: 28–30 िदन पर होने वाले आतव चक्र का
वाले ) आरंभ
संवेग ात्मक और बाल्यावस्था की तुल ना में पबल संवेग, मनोदशा में बारंबार पिरवतन, संवेद नशीलता में वृिद्ध, सामािजक पहल में
व्यवहारगत भागीदारी, नए क्षेत्रों में गहरी रुिच
यह महत्वपूण क्य है: य द हम कशोरावस्था को 'मात्र शारी रक' कह तो जो कशोर उलझन या उदासी अनुभव कर
रहा है, वह सोचेगा क उसम कोई कमी है। यह जानना क संवेगात्मक प रवतन भी उतने ही सामान्य ह, सहायता
माँगना बहुत सरल बना दे ता है।
प्र.5 कक्षा म चचा के समय कुछ वद्या थय ने नम्न ल खत बदुओं पर चचा क । आप कन प्रश्न को पूछकर इन
बदुओं के औ चत्य को सद्ध करगे। (i) “ कशोरवय को व्यवहारगत प रवतन के संबंध म चता करने क
आवश्यकता नह होती।” (ii) “य द कोई हा नकारक पदाथ का एक बार सेवन कर लेता है तो वह इच्छानुसार
इसका सेवन करना कभी भी बंद कर सकता है।”
कसी कथन क वैज्ञा नक जाँच के लए ऐसे प्रश्न पू छए जो उसके पीछे के प्रमाण को परख।
(i) “ कशोरवय को व्यवहारगत प रवतन के संबंध म चता करने क आवश्यकता नह होती।” पूछे जाने वाले प्रश्न —
क्या कशोरावस्था म संवेग बाल्यावस्था क तुलना म अ धक प्रबल होते ह? इसका कारण क्या है?
क्या हमारे संवेग हमारे व्यवहार और हमारे चयन को प्रभा वत करते ह?
य द कोई मनोदशा के उतार-चढ़ाव, चड़ चड़ेपन या लगातार बनी उदासी क उपेक्षा करे तो उसक पढ़ाई, मत्रता और स्वास्थ्य
पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
क्या ' चता न करना' और 'समझना ही नह ' एक ही बात है? क्या इन प रवतन को समझकर माता- पता एवं शक्षक से
मागदशन लेना बेहतर नह होगा?
अध्याय यह क्य कहता है क संवेग कस प्रकार व्यवहार को प्रभा वत करते ह, यह समझना बेहतर वकल्प चुनने म सहायक
होता है?
इन प्रश्न के उत्तर क्या दशाते ह: कशोर को इन प रवतन से भयभीत होने क आवश्यकता नह — ये सामान्य ह — परंतु इन्ह
समझना और सँभालना आवश्यक है। अतः यह बदु केवल आं शक रूप से सही है।
(ii) “य द कोई हा नकारक पदाथ का एक बार सेवन कर लेता है तो वह इच्छानुसार इसका सेवन करना कभी भी बंद कर
सकता है।” पूछे जाने वाले प्रश्न —
व्यसनकारी शब्द का अथ क्या है?
तंबाकू, एल्कोहॉल या ड्रग्स का सेवन करने वाल म बार-बार इसे लेने क तीव्र इच्छा क्य उत्पन्न हो जाती है?
य द छोड़ना इतना ही सरल है तो लोग को छोड़ने के लए परामश, च कत्सक य सलाह तथा प रवार और मत्र के सहयोग क
आवश्यकता क्य पड़ती है?
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सरकार ने नशा मुक्त भारत अ भयान और रा ीय नशा मु क्त सहायता सेवा 14446 क्य आरंभ क है?
आज जो व्य क्त नशे का आद है, उसने इसक शुरुआत संभवतः कैसे क होगी?
इन प्रश्न के उत्तर क्या दशाते ह: यह बदु गलत है। ये पदाथ व्यसनकारी ह; 'केवल एक बार' से ही अ धकांश लत आरंभ होती है।
इसी लए हम पहली बार और हर बार 'ना' कहना चा हए।
प्र.6 कशोर कभी-कभी मनोदशा म नरंतर प रवतन का अनुभव करते ह। कसी दन वे स्वयं को अत्य धक ऊजावान
और प्रसन्न अनुभव करते ह जब क कसी अन्य दन वे अत्यंत उदासीनता का अनुभव करते ह। अन्य कौन-से
व्यवहारगत प रवतन इस आयु से संबं धत ह?
मनोदशा म बारंबार प रवतन के अ त रक्त कशोर म सामान्यतः नम्न ल खत व्यवहारगत प रवतन भी दखाई दे ते ह। ये सभी
सामान्य ह और इस आयु के प्रबल संवेग से जुड़े ह।
बाल्यावस्था क तुलना म प्रबल संवेग — प्रसन्नता, क्रोध, उत्तेजना और नराशा, सभी अ धक तीव्रता से अनुभव होते ह।
संवेदनशीलता म वृ द्ध — बात जल्द बुरी लगना; लंबाई, आवाज या स्वरूप पर क गई टप्पणी दल पर ले लेना।
अपने स्वरूप के प्र त सजगता — सहपा ठय से तुलना; मुँहास , लंबाई या बदलती आवाज को लेकर संकोच।
सा थय के प्र त आकषण और उनके व्यवहार का अनुसरण — मत्र क राय बहुत महत्वपूण लगने लगती है, जससे
सा थय का दबाव भी बनता है।
स्वतंत्रता और एकांत क इच्छा — स्वयं नणय लेने क चाह, बड़ से बहस, अकेले या मत्र के साथ अ धक समय बताना।
बढ़ हुई जज्ञासा और उत्तेजना — हर वस्तु के प्र त नया दृ ष्टकोण, नई चीज आजमाने क इच्छा ( जसका उपयोग समझदारी
से करना चा हए)।
नए क्षेत्र म गहरी रु च — संगीत, नृत्य, खेल, कला, वज्ञान; प्रबल पसंद-नापसंद।
दया-भाव और सामा जक सजगता — वं चत और अभावग्रस्त व्य क्तय क सहायता हेतु सामा जक पहल म स म्म लत
होना।
अ धक ऑनलाइन सहभा गता — सोशल मी डया और संदेश पर मत्र के साथ अ धक समय बताना।
ऐसा क्य होता है: कुछ हाम न मनोदशा और व्यवहार को प्रभा वत करते ह, और साथ ही कशोर को नए अनुभव
तथा नई अपेक्षाओं का सामना करना पड़ता है। इन्ह दोन के कारण संवेग प्रबल और व्यवहार बाल्यावस्था क तुलना
म अ धक प रवतनशील हो जाता है।
सुझाव: इन प्रबल भावनाओं को सही दशा द जए — संगीत, नृत्य, खेल, कला, सामा जक काय और शारी रक
ग त व ध सहायक होते ह। य द उदासी कई दन तक बनी रहे तो कसी वश्वसनीय बड़े से बात क जए; यह दुबलता
नह , समझदारी है।
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mमा सक धम
शौचालय का प्रयोग करते समय मो हनी ने ध्यान दया क प्रयोग कए गए सेनीटरी पैड कूड़ेदान के आस-पास
बखरे पड़ ह। वह असहज हो गयी और उसने इस वषय म अपनी सहे लय को बताया। उन्हeने
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co और स्वच्छता संबंधी अन्य अच्छ आदत पर चचा क । आप अपनेaसाglथय को मा सक धम
संबंधी .स्वच्छता
a s eंधmी स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी आदत के वषय म क्या सुझाव दगे?
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क. मा सक धम के दौरान व्य क्तगत स्वच्छता
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स्वच्छ सेनीटरी पैड अथवा इसी उ े श्य से बने पुनः प्रयोज्य वस्त्र के पैड का उपयोग क जए। इसे प्रत्येक चार से छह घंटे म,
और आवश्यकता होने पर उससे भी पहले, बद लए।
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पैड बदलने से पहले और बाद म साबुन से हाथ धोइए।
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जननांग क्षेत्र को दन म कम से कम दो बार स्वच्छ जल से धोइए और प्र त दन स्नान क जए। भली-भाँ त सुखाकर स्वच्छ सूती
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अंतःवस्त्र पह नए।
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gसुखाइए, और स्वच्छ, सूखे स्थान
वस्त्र के .पैcड का उपयोग करती ह तो उन्ह साबुन-पानी से अच्छ तरह धोकर धूप म पूरी तरह
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seर खए।
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a लौह तत्त्व से भरपूर आहार ली जए, पयाप्त जल पी जए तथा वद्यालय, खेल और सामान्य काय यथावत् जारी र खए। अत्य धक
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दद या असामान्य रूप से अ धक रक्त- ाव होने पर च कत्सक से म लए।
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ख. स्वच्छता संबंधी आदत — जो कमी मो हनी ने दे ख.ीco
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agl म लपेटकर ढके हुए कूड़ेदान के भीतर डा लए — कूड़ेदान के पास, फश पर या
प्रयोग कए गए पैड को अखबार या कागज
खुले म कभी नह ।
पैड को शौचालय म कभी न बहाइए; इससे ना लयाँ अवरुद्ध हो जाती ह।
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उपयोग के बाद शौचालय को स्वच्छ र खए और ठ क से फ्लश क जए, ता क अगला व्य क्त उसे स्वच्छ पाए।
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वद्यालय से आग्रह क जए क छात्राओं के शौचालय म ढका हुआ कूड़ेदान, जल, साबुन और य द संभव हो तो पैड वतरण
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मशीन रखी जाए और कूड़ेदान नय मत रूप से खाली कए जाएँ।
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जहाँ उपलब्ध ह वहाँ जैव नम्नीकरणीय सेनीटरी पैड को प्राथ मकता द जए; ये पयावरण के अनुकूल होते ह।
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mस्वास्थ्य के संकेत म से एक है। इस पर सहजता से बात क जए — glase
ग. साथ म आवश्यक दृ ष्टकोण
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मा सक धम एक प्राकृ तक प्र क्रया है और अच्छे cजनन
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सहे लय , माँ, बड़ी बहन या श क्षका से। sem
ऋतु ावक लड़ कय को प रवार a
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सेgअलग रखने जैसे मथक और वजनाओं का कोई वैज्ञा नक आधार नह है। इनका पालन
न क जए और इन्ह फैलाइए भी नह ।
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मा सक धम या सेनीटरी पैड को लेकर कसी का उपहास न क जए।
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m लए, वशेषकर सफाईक मय के लए, स्वास्थ्य का खतरा है और अन्य लड़ कय को वद्यालय म असहज एवं
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उ चत नपटान क्य आवश्यक है: खुले म पड़ा प्रयुक्त पैड उस शौचालय का उपयोग करने वाले सभी लोग के
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ल त अनुभव कराता है। सही नपटान सामुदा यक स्वास्थ्य और पयावरणीय स्वच्छता दोन क रक्षा करता है।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
क्या आप जानते ह? सरकार क मा सक धम स्वच्छता योजना (MHS) ग्रामीण क्षेत्र क कशो रय को
न:शुल्क या रयायती दाम पर पैड दे ती है, सु वधा पहल जन औष ध कद्र से सस्ते जैव नम्नीकरणीय पैड उपलब्ध
कराती है, तथा कनाटक ('शु च योजना'), त मलनाडु और ओ डशा जैसे राज्य क अपनी न:शुल्क पैड योजनाएँ ह।
प्र.8 मैरी और मनोज सहपाठ और अच्छे मत्र थे। 11 वष क होने पर मैरी क गदन म सामने क ओर एक छोटा सा
उभार वक सत हुआ। वह च कत्सक के पास गई। उन्ह ने उसे औष ध द और आयोडीनयुक्त नमक खाने को
कहा। 12 वष का होने पर उसी प्रकार का उभार मनोज क गदन के पास वक सत हुआ। तथा प च कत्सक ने
उसे बताया क यह उसके बड़े होने का एक लक्षण है। आपके अनुसार मैरी और मनोज को अलग-अलग परामश
दे ने का संभा वत कारण क्या है?
क्य क स्थान एक ही होने पर भी दोन उभार के कारण पूणतः भन्न थे — एक रोग था और दूसरा कशोरावस्था का सामान्य
प रवतन।
मैरी (11 वष) मनोज (12 वष)
उभार क्या है गदन म थायरॉइड ग्रं थ का बढ़ जाना — जसे घघा बढ़ ता हआ
ु वाक् -यंत्र, जो कं ठमिण (एडम्स ए प्पल ) के रूप में
(गॉयटर) कहते ह िदखता है
कारण आहार म आयोडीन क कमी, जससे ग्रं थ पयाप्त यौवनारंभ के हाम न, िजनसे वाक् -यंत्र बढ़ ता है — यह एक
हाम न नह बना पाती और फूल जाती है सामान्य ि तीयक लै ंिगक िवशेषता है
क्या यह िवकार हाँ — इसका उपचार आवश्यक है नही ं — यह बड़ े होने का स्वाभािवक भाग है
है?
िचिकत्सक का औष ध तथा आयोडीनयुक्त नमक और आयोडीन- कोई उपचार नही ं — के वल यह आश्वासन िक यह बड़ े होने
परामश युक्त आहार (मछली, दूध, दही) का ल क्षण है। उसकी आवाज भी भारी होगी।
च कत्सक दोन म अंतर कैसे कर पाए: कंठम ण कशोरवय लड़क म आवाज के प रवतन के साथ आती है,
नगलते समय ऊपर-नीचे होती है और उससे कोई अन्य लक्षण नह होता। घघा थायरॉइड ग्रं थ क कोमल सूजन है
और उसके साथ प्रायः थकान, भार म प रवतन तथा अन्य लक्षण भी होते ह; अतः च कत्सक जाँच करके और
आवश्यक होने पर रक्त परीक्षण कराकर नणय लेते ह।
सुझाव: घर म आयोडीनयुक्त नमक का उपयोग घघा से बचने का सबसे सरल उपाय है। नमक पकाने के अंत म
डा लए और उसे बंद डब्बे म र खए, जससे आयोडीन नष्ट न हो।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
प्र.9 कशोरावस्था के दौरान लड़क और लड़ कय म कुछ शारी रक प रवतन होते ह जनम से कुछ नम्न ल खत ह —
(i) आवाज म प रवतन (ii) स्तन का वकास (iii) मूँछ म वृ द्ध (iv) चेहरे पर बाल क वृ द्ध (v) चेहरे पर मुँहासे
(vi) जघन क्षेत्र म बाल क वृ द्ध (vii) बगल म बाल क वृ द्ध — इन प रवतन को नीचे द गई ता लका म
वग कृत क जए।
कशोरावस्था के दौरान शारी रक प रवतन
केवल लड़क म दे खे गए केवल लड़ कय म दे खे गए लड़क और लड़ कय दोन म दे खे गए
इस प्रश्न के साथ पृष्ठ 87 पर छपी रक्त ता लका।
कशोरावस्था के दौरान शारी रक प रवतन
केवल लड़क म दे खे गए केवल लड़ कय म दे खे गए लड़क और लड़ कय दोन म दे खे गए
(i) आवाज में पिरवतन (ii) स्तनों का िवकास (v) चेहरे पर मुँहासे
(iii) मूँछों में वृिद्ध — (vi) जघन क्षेत्र में बालों की वृिद्ध
(iv) चेहरे पर बालों की वृिद्ध — (vii) बगल में बालों की वृिद्ध
यह वग करण ऐसा क्य है: मूँछ, चेहरे के अन्य बाल और आवाज का स्पष्ट प रवतन लड़क म होते ह तथा स्तन
का वकास लड़ कय म — ये तीयक ल गक वशेषताएँ ह, जो स्त्री और पुरुष म अंतर करने म सहायक होती ह।
ऐक्नी तथा बगल और जघन क्षेत्र म बाल क वृ द्ध दोन म हाम न के कारण होती है, अतः ये दोन म सामान्य ह।
ध्यान दे ने योग्य बात: कशोरवय लड़ कय म भी वाक्-यंत्र वक सत होता है, परंतु वह लड़क जतना बड़ा नह
होता, जससे उनक आवाज म बहुत कम प रवतन होता है। आवाज क स्पष्ट रूक्षता तथा कंठम ण लड़क म
दखती है — इसी लए 'आवाज म प रवतन' को लड़क के स्तंभ म रखा गया है।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
प्र.10 कशोर के लए एक स्वस्थ जीवनशैली जीने के सुझाव का उल्लेख करते हुए एक पोस्टर बनाइए।
पोस्टर कैसे बनाएँ। एक चाट पेपर ली जए, ऊपर मोटे अक्षर म एक शीषक ल खए, शीट को पाँच-छह खान म बाँ टए और प्रत्येक
खाने म एक चत्र तथा एक छोटा सुझाव द जए। अक्षर इतने बड़े ह क दूर से पढ़े जा सक, और अंत म सहायता का ोत अवश्य
ल खए।
नमूना पोस्टर:
स्वस्थ िकशोरावस्था
हर िकशोर के िलए छह आदतें
1. संत िु लत आहार लीिजए 2. स्वच् छ रिहए
रोटी, दाल, दूध, दही, हरी पितिदन स्नान, हाथ धोना,
सब्जी, फल, िमलेट। जंक फूड बगल व जघन क्षेत्र की तथा
कम कीिजए। मािसक धम की स्वच्छता।
3. पितिदन सि य रिहए क्र 4. नशे को 'ना' किहए
खेल, साइिकल, रस्सी कूद, तंबाकू, गुटखा, बीड़ ी,
योग — लगभग एक घंटा। एल्कोहॉल, डग्स — पहली बार
8–9 घंटे की नी ंद लीिजए। और हर बार।
5. ऑनलाइन सुरिक्षत रिहए 6. बात कीिजए, िछपाइए नही ं
पोस्ट से पहले सोिचए। िनजता िचंताएँ माता-िपता व िशक्षकों
बचाइए। उत्पीड़ न की सूचना दीिजए। से साझा कीिजए। सेवा 14446।
कशोर के लए स्वस्थ जीवनशैली के छह सुझाव वाला पोस्टर। इसे चाट पेपर पर उता रए और अपने चत्र जो ड़ए।
सुझाव: पोस्टर के नीचे अपनी भाषा म एक पं क्त अवश्य ल खए — जैसे, 'हर शरीर अपनी ग त से बदलता है। यह
पूणतः सामान्य है।' यही वह वाक्य है जसे आपके सहपा ठय को सबसे अ धक पढ़ने क आवश्यकता है।
अन्वेषणात्मक प रयोजनाएँ — पृष्ठ 88
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
अंतर वषयक प रयोजनाएँ
अन्वे ष णात्मक प रयोजनाएँ
प्र.1 अपने आस-पास के क्षेत्र म मान सक स्वास्थ्य को सुधारने के लए काय कर रहे कुछ व शष्ट व्य क्तत्व और
संगठन के वषय म पता लगाइए और उनसे साक्षात्कार क जए। कम से कम ऐसे पाँच प्रश्न सूचीबद्ध क जए
जन्ह आप साक्षात्कार म पूछगे।
कनसे मल। वद्यालय के परामशदाता, जला अस्पताल या प्राथ मक स्वास्थ्य कद्र के मनोवैज्ञा नक अथवा मनो च कत्सक, RKSK
के पीयर एजुकेटर तथा ब्लॉक का कशोर- हतैषी स्वास्थ्य क्ली नक, युवाओं के मान सक स्वास्थ्य पर काय करने वाला कोई स्वयंसेवी
संगठन या हेल्पलाइन, योग या खेल प्र शक्षक, तथा स्थानीय आँगनवाड़ी कायकता या आशा। शक्षक क अनुम त लेकर समूह म
जाइए और एक कॉपी साथ र खए।
नमूना उत्तर — साक्षात्कार के लए पाँच प्रश्न:
1. हमारे क्षेत्र के कशोर म आप कस प्रकार क मान सक स्वास्थ्य समस्याएँ सबसे अ धक दे खते ह और वे प्रायः कस आयु म
आरंभ होती ह?
2. कसी वद्याथ के तनाव म होने के आरं भक संकेत क्या होते ह — वे संकेत जन्ह कोई मत्र या शक्षक पहचान सके?
3. आप कस प्रकार क सहायता उपलब्ध कराते ह और कोई वद्याथ या अ भभावक आप तक कैसे पहुँच सकता है? क्या यह
न:शुल्क और गोपनीय है?
4. वद्यालय अपने स्तर पर — कक्षा म, खेल के मैदान म और प्राथना-सभा म — वद्या थय के मान सक स्वास्थ्य के लए क्या कर
सकता है?
5. जो कशोर उदास, च तत या अकेला अनुभव करता है परंतु कसी से कहने म डरता है, उसे आप क्या परामश दगे?
दो और प्रश्न जोड़ सकते ह: मान सक स्वास्थ्य से जुड़ी वजनाएँ लोग के आपके पास सहायता माँगने आने पर क्या प्रभाव डालती
ह? कशोर के मान सक स्वास्थ्य म न द, व्यायाम, स्क्र न समय और आहार क क्या भू मका है?
सुझाव: उत्तर वैसे ही ल खए जैसे सुन, कसी का नाम लखने से पहले अनुम त ली जए, और रपोट के अंत म यह
ल खए क आपक कक्षा अब क्या भन्न करेगी। इसे चाट पर प्रस्तुत क जए या प्राथना-सभा म सं क्षप्त भाषण
द जए।
प्र.2 'बाल ववाह— एक सामा जक कुरी त' वषय पर भू मका नवहण (रोलप्ले) नाटक कराइए और रेखां कत
क जए क बाल ववाह कस प्रकार ब पर, वशेषकर युवा लड़ कय के समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
डालता है।
नाटक क योजना। पाँच से सात वद्याथ , लगभग आठ मनट, चार छोटे दृश्य। पात्र — सुनीता (13 वष), उसके माता- पता, कक्षा-
श क्षका, एक सहेली, आशा या आँगनवाड़ी कायकता, तथा बाल ववाह नषेध अ धकारी या पु लस अ धकारी।
1. दृश्य 1 — नणय। रश्तेदार सुनीता के माता- पता को उसका ववाह तय करने के लए मनाते ह। सुनीता कक्षा म प्रथम आती है
और आगे पढ़ना चाहती है।
2. दृश्य 2 — क्या-क्या छन जाएगा। सहेली और श क्षका गनाती ह — वद्यालय, खेल, मत्र और स्वयं बचपन।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था
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3. दृश्य 3 — स्वास्थ्य के तथ्य। आशा कायकता सरल शब्द म बताती ह क 18 वष से पहले ववाह लड़क के स्वास्थ्य को क्य
हा न पहुँचाता है।
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gक जानकारी देते ह। माता-
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4. दृश्य 4 — कानून और नणय का बदलना। अ धकारी बताते ह क बाल ववाह नषेध अ ध नयम के अंतगत बाल ववाह
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e नणय बदल देते ह; सुनीता वद्यालय लौटती है।
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दं डनीय अपराध
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संवाद म ये बदु अवश्य आने चा हए —
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लड़क का स्वास्थ्य: कशोरावस्था म उसका शरीर स्वयं बढ़ रहा होता है। जल्द ववाह प्रायः जल्द गभधारण का कारण बनता
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a s emगभावस्था एवं प्रसव क ज टलताओं तथा दुबल एवं कम भार वाले शशु
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है, जब शरीर तैयार नह होता — रक्ताल्पता, कुपोषण,
का जो खम बढ़ जाता है।
शक्षा: पढ़ाई छू ट जाती है और उसके साथ हर वह भ वष्य भी जो लड़क बना सकती थी।
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संवेगात्मक स्वास्थ्य: 13-14 वष म वयस्क दा यत्व, मत्र से कटाव, अपने जीवन पर कोई अ धकार नह — तनाव, भय और
अकेलापन।
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प रवार और समाज: नधनता अगली पीढ़ तक चलती है; जल्द ववाह करने वाले लड़क क पढ़ाई और बचपन भी छन
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जाता है।
a gl हम क्या कर सकते ह: वद्यालय म बने रह, कसी सहपाठ का ववाह तय हो रहा हो तो शक्षक या चाइल्डलाइन 1098 को
सू चत कर, और अपने घर म भी अपनी बात रख।
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सुझाव: नाटक के अंत म सभी पात्र दशक क ओर.cमुख करके एक-एक पं क्त कह — 'पढ़ाई पहले', ' ववाह 18
emस्पष्ट अंत लंबे भाषण से कह अ धक याद रहता है। agl
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के बाद', 'बचपन हमारा अ धकार है'। छोटा और
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21 जून अंतरा ीय योग दवस के रूप म मनाया जाता है। अपने शक्षक क सहायता emसे एक छोटे श वर का
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प्र.3
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क जए और कुछ आसन का अभ्यास क जए।
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श वर क योजना। त थ न त क जए (21 जून या उसके नकटतम वद्यालय- दवस), अनुम त ली जए, खुला, स्वच्छ और
समतल स्थान चु नए तथा सबसे चटाई या दरी लाने को कoहए।
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प्रात:काल खाली पेट आरंभ क जए। योग शक्षक या प्र श क्षत
पी.ट . अनुदेशक को संचालन के लए आमं त्रत e
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जए। एक सप्ताह पहले पोस्टर लगाइए और सहभा गय का र जस्टर बनाइए।
45 मनट का कायक्रम: a g
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
समय क्या कया जाए उ े श्य
5 िमनट प्राथना तथा इस पर सं क्षप्त बात क योग कशोर के लए क्य उपयोगी है वातावरण बनाना
10 वाम-अप — गदन, कंधे, कलाई, कमर और टखन का संचालन चोट से बचाव
िमनट
15 खड़े होकर कए जाने वाले आसन — ताड़ासन, वृक्षासन, त्रकोणासन; फर सूय नमस्कार सही मुद ा, संतलु न,
िमनट (3–5 चक्र) स्टैिमना
8 िमनट बैठकर व लेटकर कए जाने वाले आसन — व ासन, प श्चमोत्तानासन, भुजंगासन, रीढ़ का लचीलापन,
सेतुबंधासन पाचन
5 िमनट प्राणायाम — अनुलोम- वलोम और ामरी शांित और बेहतर एकागता
2 िमनट शवासन और शां त पाठ पूण िवश्राम
योग इस आयु के लए उपयुक्त क्य है: कशोरावस्था म शरीर तेजी से बढ़ता है और संवेग प्रबल होते ह। आसन
मुद्रा, लचीलापन और स्टै मना सुधारते ह, जब क श्वास-प्रश्वास के अभ्यास मन को स्थर करते ह — इस प्रकार योग
अध्याय म व णत शारी रक और संवेगात्मक दोन प रवतन पर काय करता है।
सावधानी: कसी आसन म बलपूवक न जाएँ; दद हो तो तुरंत रुक जाएँ। चोट, दमा या हाल म बीमार रहे वद्याथ
तथा मा सक धम म असहज अनुभव कर रही छात्रा केवल सरल आसन और श्वास-अभ्यास कर। जल सत्र के बाद
पएँ, बीच म नह ।
अध्याय — एक नज़र म
कशोरावस्था बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य वकास क अवस्था है। यह सामान्यतः लगभग 10 वष क आयु से
आरंभ होकर 19 वष क आयु तक रहती है। प्रत्येक व्य क्त इसका अनुभव अपनी वृ द्ध और वकास क दर के अनुसार करता
है — यह भन्नता पूणतः सामान्य है।
यौवनारंभ वह अवस्था है जसम कशोर के शरीर म बाह्य और आंत रक प रवतन होते ह जनसे वह जनन करने म सक्षम
वयस्क म प रव तत हो जाता है। इसे तीयक ल गक वशेषताएँ च त करती ह — वे लक्षण जो स्त्री और पुरुष म अंतर
करने म सहायक ह परंतु जनन म प्रत्यक्षतः स म्म लत नह ह।
दखाई दे ने वाले प रवतन म लंबाई या कद का बढ़ना, भार और बल म वृ द्ध, आवाज म प रवतन (वाक्-यंत्र क वृ द्ध,
जसे लड़क म कंठम ण के रूप म दे खा जाता है), चेहरे पर ऐक्नी तथा मुँहासे, बगल एवं जघन क्षेत्र म बाल का आना और
लड़क म चेहरे पर बाल आना स म्म लत ह। लड़ कय म स्तन का वकास भी होता है।
कशोरवय लड़ कय म एक महत्वपूण आंत रक प रवतन आतव चक्र (ऋतु चक्र) का आरंभ है, जो प्राय: 28–30 दन म
होता है (कई स्वस्थ लड़ कय म 21–35 दन)। जस चरण म रक्त- ाव होता है उसे मा सक धम कहते ह; यह तीन से सात
दन तक रहता है और 45–55 वष क आयु म स्वाभा वक रूप से बंद हो जाता है। मा सक धम से जुड़े मथक का कोई
वैज्ञा नक आधार नह है।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
कशोरावस्था म संवेगात्मक और व्यवहारगत प रवतन भी होते ह — बाल्यावस्था क तुलना म प्रबल संवेग, मनोदशा म
बारंबार प रवतन और संवेदनशीलता म वृ द्ध। इन्ह संगीत, नृत्य, खेल, रचनात्मकता और सामा जक काय क ओर मोड़ा जा
सकता है।
पौ ष्टक आहार, व्य क्तगत स्वच्छता (मा सक धम संबंधी स्वच्छता स हत), नय मत शारी रक ग त व ध और संतु लत
सामा जक जीवन — व्य क्तगत रूप से तथा ऑनलाइन — कशोरावस्था को सुखद और स्वस्थ अनुभव बनाते ह।
तंबाकू, गुटखा, सगरेट, बीड़ी, एल्कोहॉल और अवैध ड्रग्स हा नकारक तथा व्यसनकारी ह; इनका नय मत सेवन मादक
पदाथ क लत कहलाता है। पहली बार और हर बार 'ना' क हए। रा ीय नशा मु क्त सहायता सेवा — 14446।
कशोरावस्था के प रवतन मुख्यतः हाम न नामक रसायन के कारण होते ह, जो शरीर के अलग-अलग अंग म बनते ह और
म स्तष्क के संकेत पर उपयुक्त समय पर नमुक्त होते ह। कुछ हाम न मनोदशा और व्यवहार को भी प्रभा वत करते ह।
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कक्षा 7 वज्ञान अध्याय 6 कशोरावस्था— वृ द्ध एवं प रवतन क अवस्था AglaSem · NCERT Solutions
त्व रत पुनरावृ त्त
पद इसका अथ अध्याय से उदाहरण / ववरण स्मरण रखने योग्य बात
कशोरावस्था बाल्यावस्था और वयस्क-अवस्था के मध्य लगभग 10 वष क आयु से आरंभ प्रत्येक व्य क्त इसका अनुभव अपनी
िवकास की अवस्था होकर 19 वष तक दर से करता है
यौवनारंभ वह अवस्था िजसमें शरीर में बाह्य व तीयक ल गक वशेषताओं के प्रकट यौवनारंभ कशोरावस्था का एक भाग
आंतिरक पिरवतन होकर व्यिक्त जनन होने से च त है, दोन पयायवाची नह
करने में सक्षम वयस्क बनता है
तीयक ल गक वे लक्षण जो स्त्री-पुरुष में अंतर करने में लड़क म आवाज म प रवतन, चेहरे व ये संकेत ह क शरीर वयस्क-अवस्था
वशेषताएँ सहायक है ं परंत ु जनन में पत्यक्षतः सीने पर बाल; लड़ कय म स्तन का क तैयारी कर रहा है
सिम्मिलत नही ं वकास
वाक्-यंत्र गले में िस्थत संर चना जो बोलने में सहायता लड़क म इसक वृ द्ध से आवाज भारी लड़ कय म भी वक सत होता है,
करती है हो जाती है पर कम — अतः आवाज म प रवतन
बहुत कम
कंठम ण (एडम्स वाक् -यंत्र की वृिद्ध से गले में िदखने वाला अनेक कशोरवय लड़क म दखाई यह सभी व्य क्तय म स्पष्ट नह
एप्पल) उभार दे ता है दखता — यह भी सामान्य है
ऐक्नी और मुँहासे त्वचा-संबंध ी वह िस्थित िजसमें छोटे लाल त्वचा से तैलीय ाव के बढ़ने से छद्र ऐक्नी एक स्थ त है और मुँहासे होना
मुँहासे , पायः चेहरे पर, िदखाई दे ते है ं अवरुद्ध होकर संक्रमण हो जाता है उसक अ भव्य क्त है
आतव चक्र (ऋतु िकशोरवय लड़िकयों में पित 28–30 िदन कई स्वस्थ लड़ कय म यह 21–35 यह अच्छे जनन स्वास्थ्य के संकेत म
चक्र) पर होने वाला चक्र दन का होता है से एक है
मा सक धम चक्र का वह चरण िजसमें शरीर से रक्त- तीन से सात दन तक; 45–55 वष इन दन पेट के नचले भाग म हल्का
ाव होता है क आयु म स्वाभा वक रूप से बंद दद होना सामान्य है
मा सक धम मािसक धम के दौरान स्वच्छ और सहज सेनीटरी पैड ( चत्र 6.1), पुनः प्रयोज्य प्रयोग कया पैड अखबार म लपेटकर
संबंधी स्वच्छता बने रहना वस्त्र के पैड; MHS, RKSK एवं कूड़ेदान म डाल — शौचालय म
सु वधा योजनाएँ कभी न बहाएँ
मादक पदाथ क तंबाकू , ग टु खा, एल्कोहॉल या डग्स जैसे श्वास लेने म क ठनाई, स्मरणश क्त का पहली बार और हर बार 'ना' कह;
लत व्यसनकारी पदाथ ं का बार-बार से वन क्षय और फेफड़ क क्ष त ( चत्र 6.5) सहायता सेवा 14446
साइबर उत्पीड़न फोन, कं प्यूटर या ऑनलाइन प्ले टफॉम का ामक संदेश, झूठ अफवाह, बना भयभीत या असहाय न ह — माता-
उपयोग कर दू स रों को परे शान करना अनुम त व्य क्तगत जानकारी साझा पता और शक्षक को बताएँ
करना ( चत्र 6.4)
हाम न शरीर में बनने वाले कु छ रसायन जो वृिद्ध शरीर के अलग-अलग अंग म बनते ह, कशोरावस्था के प रवतन इसी
और िवकास को िनयंित्रत करते है ं म स्तष्क के संकेत पर नमुक्त होते ह कारण इस अवस्था म होते ह
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