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NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग

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Book Name: हमारा अतीत - II
Subject: इतिहास
Chapter Number: 8
Chapter Name: ईश्वर के अनुराग
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NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग - Page 1 of 7

About NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग

NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग is available here for free download. Published by NCERT for Class 7, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (7 pages). Candidates preparing for Class 7 can use NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

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NCERT Solutions for Class 7 Social Science (इतिहास) Chapter 6 ईश्वर के अनुराग – Text

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Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 7th

aglase .co

Page 2

Class : 7th

Subject : Social-Science-History

Chapter : 8

Chapter Name : ई वर के अनरु ाग

Q1 न न ल खत म मेल बैठाएँ :

बु ध नामघर

शंकरदे व व णु क पज
ू ा

नज़ामु द न औ लया सामािजक अंतर पर सवाल उठाए

नयनार सफ़
ू संत

अलवार शव क पज
ू ा

Answer.

बु ध सामािजक अंतर पर सवाल उठाए

शंकरदे व नामघर

नज़ामु द न औ लया सफ़
ू संत

नयनार शव क पज
ू ा

अलवार व णु क पज
ू ा

Page : 120 , Block Name : फर से याद कर

Page 3

Q2 र त थान क पू त कर :

(क) शंकर _______ के समथक थे।

(ख) रामानज
ु _________ के वारा भा वत हुए थे।

(ग) _______ , _______ और _______ वीरशैव मत के समथक थे।

(घ) ________ महारा म भि परं परा का एक मह वपण
ू क था।

Answer.

(क) अ वैत

(ख) अलवार

(ग) वसव ना , अ लामा- भु ज़ अ कमहादे वी

(घ) पंढनपरु

Page : 120 , Block Name : फर से याद कर

Q3 नाथपं थय , स ध और यो गय के व वास और आचार- यवहार का वणन कर।

Answer.

● इस समय ऐसे धम समह ू का वकास होने लगा था िज ह ने साधारण तक वतक का सहारा लेकर
ढ़ वाद धम के कमकांड और बनावट मा यताओं तथा समाज यव था क जमकर आलोचना क ।
● उनम नाथपंथी, स ध, और योगी जन उ लेखनीय है । इ ह ने संसार का प र याग करने का समथन
कया।
● इनके वचार से नराकार म का चंतन मनन और उसके साथ एक हो जाने क अनभ ु ू त ह मो का
माग थी।
● इसके लए उ ह ने योगासन, ाणायाम, और चंतन मनन जैसी सू म याओं के मा यम से मन एवं
शर र को कठोर श ण दे ने क आव यकता पर जोर दया।
● यह समह ू वशेष प से नीची कह जाने वाल जा तय म बहुत लोक य हुई।
● उनके वारा क गई ढ़ वाद धम क आलोचनाओं ने भि तमाग य धम के लए आधार तैयार कया, जो
आगे चलकर संपण ू उ र भारत म लोक य हुआ।

Page 4

Page : 120 , Block Name : फर से याद कर

Q4 कबीर वारा अ भ य त मख
ु वचार या- या थे? उ ह ने इन वचार को कैसे अ भ य त कया?

Answer.

● कबीर संभवत: पं हवीं-सोलहवीं सद म हुए थे। वे अ य धक भावशाल संत थे उनका लालन-पालन
बनारस म या उसके आसपास के मस ु लमान जल ु ाहा यानी बनु कर प रवार म हुआ था।
● हम उनके वचार क जानकार उनक सा थय और पद के वशाल सं ह से मलती है । िजनके बारे म यह
कहा जाता है क इनक रचना तो कबीर ने क थी यह घम ु त
ं ू भजन गायक वारा गाए थे।
● कुछ भजन गु ंथ साहब, पंच वाणी, और बीजक म सं हत एवं सरु त ह।
● उनके उपदे श म ा मणवाद हंद ू धम और इ लाम दोन क बा य आडंबरपण ू पज
ू ा के सभी प का
मजाक उड़ाया गया है ।
● उनके का य क भाषा बोल चाल क हंद थी, जो आम आद मय वारा आसानी से समझी जा सकती थी।
● उ ह ने कभी-कभी रह यमयी भाषा का भी योग कया, िजसे समझना क ठन होता है ।
● उ ह ने नराकार परमे वर म व वास रखते थे।
● उ ह ने यह उपदे श दया क भि त के मा यम से ह मो यानी मिु त ा त हो सकती है । हंद ू तथा
मसु लमान दोन लोग उनके अनय ु ायी हो गए।

Page : 120 , Block Name : फर से याद कर

Q5 सू फय के आचार- यवहार या थे?

Answer. संतो और सू फय म बहुत अ धक समानता थी। यहां तक क यह भी माना जाता है क उ ह ने आपस म
कई वचार का आदान दान कया और उ ह अपनाया।

● सफ ू मस
ु लमान रह यवाद थे।
● वे धम के बाहर आडंबर को अ वीकार करते हुए ई वर के त ेम और भि त तथा सभी मनु य के त
दयाभाव रखने पर बल दे ते थे।
● इ लाम ने एके वरवाद यानी एक अ लाह के त पण ू समपण का ढ़ता से चार कया। सफू लोग ने
मिु लम धा मक व वान वारा नधा रत वशद कमकांड और आचार सं हता को बहुत कुछ अ वीकार
कर दया।

Page 5

● इ लाम म एके वरवाद यानी एक अ लाह के त पण ू समपण का ढ़ता से चार कया इ लाम
धीरे -धीरे ज टल होता गया ले कन सू फय ने एक अलग रा ता दखाया िजसम ई वर के त यि तगत
समपण पर बल दया।
● वह ई वर के साथ ठ क उसी कार जड़ ु े रहना चाहते थे, जैसे एक ेमी द ु नया क परवाह कए बना अपनी
यतमा के साथ जड़ ु े रहना चाहता है ।
● संत क वय क तरह सफ ू लोग भी अपनी भावनाओं को य त करने के लए का य रचना कया करते थे।
● नाथपं थय , स ध और यो गय क तरह सफ ू भी यह मानते थे क द ु नया के त अलग नज रया
अपनाने के लए दल को सखाया पढ़ाया जा सकता है ।

Page : 121 , Block Name : आइए समझ

Q6 आपके वचार से बहुत-से गु ओं ने उस समय च लत धा मक व वास तथा थाओं को अ वीकार य
कया?

Answer. बहुत से गु ओं ने उस समय च लत धा मक व वास तथा थाओं को इस लए अ वीकार कया
य क उनक मा यता म उ ह ंथो और वचार क स ा ठ क थी। वह उ ह ह संपण ू समाज क याण के लए
ठ क समझते थे। स दय से उ ह ं मा यताओं के वारा समाज को दशा नदश दे ते आए थे। जो थाएं वचार
त काल न समाज के क याण के लए पया त नह ं थे और नए वचार के आगमन से उनक स ा और उनके वचार
दोन व त होते हुए नजर आ रहे थे, और िजसके वरोध म वे अपनी धा मक मा यताओं और वचार को े ठ
बता रहे थे।

Page : 121 , Block Name : आइए समझ

Q7 बाबा गु नानक क मख
ु श ाएँ या थीं?

Answer. 1539 म अपनी म ृ यु के पव
ू बाबा गु नानक ने एक अनयु ाई को अपना उ रा धकार चनु ा इनका नाम
लहणा था जो बाद म गु अंगद के नाम से जाने गए। सोलवीं शता द म बाबा गु नानक के उ रा धका रय के
नेत ृ व म उनके अनय
ु ा यय क सं या का व तार हुआ।

● यह अनय ु ायी कई जा तय के थे परं तु यापार , कृषक, और श पकार यादा थे।
● इसक वजह से यह हो सकती है क बाबा गु नानक इस बात पर बल दया करते थे क उनके अनय ु ाई
गहृ थ हो और उपयोगी व उ पादक पेश से जड़ ु े हो।
● अनय ु ा यय से ये आशा भी क जाती थी क नये समद ु ाय के सामा य कोष म योगदान कर।

Page 6

● 16वीं 17वीं शता द य क बदलती हुई प रि थ तय ने सख आंदोलन के वकास को भा वत कया शु
से ह बाबा गु नानक के वचार काशी का आंदोलन पर गहरा भाव पड़ा उ ह ने एक ई वर क उपासना
के मह व पर जोर दया।
● उ ह ने आ ह कया क जा त, धम, अथवा लंग भेद, मिु त ाि त के लए कोई मायने नह ं रखते है ।
उसके लए मिु त कसी नि य आनंद क ि थ त नह ं थी।
● अपने उपदे श के सार को य त करने के लए उ ह ने 3 श द का योग कया: नाम, दान और नान।
नाम से ता पय सह उपासना से था धान का ता पय दस ू र का भला करना और नान का ता पय आचार
वचार क प व ता से था।
● उनके उपदे श को नाम जपना, क रत करना, और वंड छकना के प म याद कया जाता है । यह
अवधारणा उ चत व वास और उपासना ईमानदार पण ू नवाह और संसाधन को मल बांटकर योग
करना के मह व के रे खां कत करती है । इस तरह बाबा गु नानक के समानता के वचार के सामािजक
राजनी तक मायने थे।

Page : 121 , Block Name : आइए समझ

Q8 जाती के त वीरशैव अथवा महारा के संत का ि टकोण कैसा था? चचा कर

Answer. वरशैव ने सभी यि तय क समानता के प म और जा त तथा नार के त यवहार के बारे म
ा मणवाद वचारधारा के व ध अपने बल तक तत ु कए। इसके अलावा वे सभी कार के कमकांड और
मू त पज
ू ा के वरोधी थे ।

13 से 17 वीं शता द तक महारा म अनेकानेक संत क व हुए, िजनके सरल मराठ भाषा म लख गए गीत आज
भी मन को े रत करते ह। इन संत क वय ने सभी कार के कमकांडो, प व ता के ढ गो, और ज म पर आधा रत
सभी सामािजक अंतर का वरोध कया। यहां तक क उ ह ने सं यास के वचार को भी ठुकरा दया और कसी भी
अ य यि त क तरह रोजी-रोट कमाते हुए प रवार के साथ रहने और वन ता पव ू क ज रतमंद साथी यि तय
क सेवा करते हुए जीवन बताने को अ धक पसंद कया। उ ह ने इस बात पर बल दया क असल भि त दस ू र के
दख
ु को बांट लेना है । इससे एक नए मानवतावाद वचार का उ भव हुआ।

Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर

Q9 वचार से जनसाधारण ने मीरा क याद को य सरु त रखा?

Answer. ब चे वयं कर।

Page 7

Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर

Q10 पता लगाएं क या आपके आसपास भि त परं परा के संतोष से जड़ु ी हुई कोई दरगाह, गु वारा या मं दर है ।
इनम से कसी एक को दे खने जाइए और बताइए क वहां आपने या दे खा और सन ु ा।

Answer. ब चे वयं कर।

Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर

Q11 इस अ याय म अनेक संत क वय क रचनाओं के उ धरण दए गए ह। उनक कृ तय के बारे म और अ धक
जानकार ा त कर और उनक क वताओं को नोट कर, जो यहां नह ं द गई है । पता लगाएं क या यह गाई जाती
ह। हां, तो कैसे गाई जाती ह और क वय ने इन म कन वषय पर लखा था।

Answer. ब चे वयं कर।

Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर

Q12 इस अ याय म अनेक संत क वय के नाम का उ लेख कया गया है । परं तु कुछ क रचनाओं को इस अ याय
म शा मल नह ं कया गया है । उ मा म कुछ और जानकार ा त कर, िजसम ऐसे क वय ने अपनी कृ तय क
रचना क । या उनक रचनाएं गाई जाती थी? उनक रचनाओं का वषय या था?

Answer. ब चे वयं कर।

Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 7
TypeSolution
Pages7
Languagehindi
Updated30 Apr 2026