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NCERT
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CLASS - 7th
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Class : 7th
Subject : Social-Science-History
Chapter : 8
Chapter Name : ई वर के अनरु ाग
Q1 न न ल खत म मेल बैठाएँ :
बु ध नामघर
शंकरदे व व णु क पज
ू ा
नज़ामु द न औ लया सामािजक अंतर पर सवाल उठाए
नयनार सफ़
ू संत
अलवार शव क पज
ू ा
Answer.
बु ध सामािजक अंतर पर सवाल उठाए
शंकरदे व नामघर
नज़ामु द न औ लया सफ़
ू संत
नयनार शव क पज
ू ा
अलवार व णु क पज
ू ा
Page : 120 , Block Name : फर से याद कर
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Q2 र त थान क पू त कर :
(क) शंकर _______ के समथक थे।
(ख) रामानज
ु _________ के वारा भा वत हुए थे।
(ग) _______ , _______ और _______ वीरशैव मत के समथक थे।
(घ) ________ महारा म भि परं परा का एक मह वपण
ू क था।
Answer.
(क) अ वैत
(ख) अलवार
(ग) वसव ना , अ लामा- भु ज़ अ कमहादे वी
(घ) पंढनपरु
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Q3 नाथपं थय , स ध और यो गय के व वास और आचार- यवहार का वणन कर।
Answer.
● इस समय ऐसे धम समह ू का वकास होने लगा था िज ह ने साधारण तक वतक का सहारा लेकर
ढ़ वाद धम के कमकांड और बनावट मा यताओं तथा समाज यव था क जमकर आलोचना क ।
● उनम नाथपंथी, स ध, और योगी जन उ लेखनीय है । इ ह ने संसार का प र याग करने का समथन
कया।
● इनके वचार से नराकार म का चंतन मनन और उसके साथ एक हो जाने क अनभ ु ू त ह मो का
माग थी।
● इसके लए उ ह ने योगासन, ाणायाम, और चंतन मनन जैसी सू म याओं के मा यम से मन एवं
शर र को कठोर श ण दे ने क आव यकता पर जोर दया।
● यह समह ू वशेष प से नीची कह जाने वाल जा तय म बहुत लोक य हुई।
● उनके वारा क गई ढ़ वाद धम क आलोचनाओं ने भि तमाग य धम के लए आधार तैयार कया, जो
आगे चलकर संपण ू उ र भारत म लोक य हुआ।
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Q4 कबीर वारा अ भ य त मख
ु वचार या- या थे? उ ह ने इन वचार को कैसे अ भ य त कया?
Answer.
● कबीर संभवत: पं हवीं-सोलहवीं सद म हुए थे। वे अ य धक भावशाल संत थे उनका लालन-पालन
बनारस म या उसके आसपास के मस ु लमान जल ु ाहा यानी बनु कर प रवार म हुआ था।
● हम उनके वचार क जानकार उनक सा थय और पद के वशाल सं ह से मलती है । िजनके बारे म यह
कहा जाता है क इनक रचना तो कबीर ने क थी यह घम ु त
ं ू भजन गायक वारा गाए थे।
● कुछ भजन गु ंथ साहब, पंच वाणी, और बीजक म सं हत एवं सरु त ह।
● उनके उपदे श म ा मणवाद हंद ू धम और इ लाम दोन क बा य आडंबरपण ू पज
ू ा के सभी प का
मजाक उड़ाया गया है ।
● उनके का य क भाषा बोल चाल क हंद थी, जो आम आद मय वारा आसानी से समझी जा सकती थी।
● उ ह ने कभी-कभी रह यमयी भाषा का भी योग कया, िजसे समझना क ठन होता है ।
● उ ह ने नराकार परमे वर म व वास रखते थे।
● उ ह ने यह उपदे श दया क भि त के मा यम से ह मो यानी मिु त ा त हो सकती है । हंद ू तथा
मसु लमान दोन लोग उनके अनय ु ायी हो गए।
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Q5 सू फय के आचार- यवहार या थे?
Answer. संतो और सू फय म बहुत अ धक समानता थी। यहां तक क यह भी माना जाता है क उ ह ने आपस म
कई वचार का आदान दान कया और उ ह अपनाया।
● सफ ू मस
ु लमान रह यवाद थे।
● वे धम के बाहर आडंबर को अ वीकार करते हुए ई वर के त ेम और भि त तथा सभी मनु य के त
दयाभाव रखने पर बल दे ते थे।
● इ लाम ने एके वरवाद यानी एक अ लाह के त पण ू समपण का ढ़ता से चार कया। सफू लोग ने
मिु लम धा मक व वान वारा नधा रत वशद कमकांड और आचार सं हता को बहुत कुछ अ वीकार
कर दया।
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● इ लाम म एके वरवाद यानी एक अ लाह के त पण ू समपण का ढ़ता से चार कया इ लाम
धीरे -धीरे ज टल होता गया ले कन सू फय ने एक अलग रा ता दखाया िजसम ई वर के त यि तगत
समपण पर बल दया।
● वह ई वर के साथ ठ क उसी कार जड़ ु े रहना चाहते थे, जैसे एक ेमी द ु नया क परवाह कए बना अपनी
यतमा के साथ जड़ ु े रहना चाहता है ।
● संत क वय क तरह सफ ू लोग भी अपनी भावनाओं को य त करने के लए का य रचना कया करते थे।
● नाथपं थय , स ध और यो गय क तरह सफ ू भी यह मानते थे क द ु नया के त अलग नज रया
अपनाने के लए दल को सखाया पढ़ाया जा सकता है ।
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Q6 आपके वचार से बहुत-से गु ओं ने उस समय च लत धा मक व वास तथा थाओं को अ वीकार य
कया?
Answer. बहुत से गु ओं ने उस समय च लत धा मक व वास तथा थाओं को इस लए अ वीकार कया
य क उनक मा यता म उ ह ंथो और वचार क स ा ठ क थी। वह उ ह ह संपण ू समाज क याण के लए
ठ क समझते थे। स दय से उ ह ं मा यताओं के वारा समाज को दशा नदश दे ते आए थे। जो थाएं वचार
त काल न समाज के क याण के लए पया त नह ं थे और नए वचार के आगमन से उनक स ा और उनके वचार
दोन व त होते हुए नजर आ रहे थे, और िजसके वरोध म वे अपनी धा मक मा यताओं और वचार को े ठ
बता रहे थे।
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Q7 बाबा गु नानक क मख
ु श ाएँ या थीं?
Answer. 1539 म अपनी म ृ यु के पव
ू बाबा गु नानक ने एक अनयु ाई को अपना उ रा धकार चनु ा इनका नाम
लहणा था जो बाद म गु अंगद के नाम से जाने गए। सोलवीं शता द म बाबा गु नानक के उ रा धका रय के
नेत ृ व म उनके अनय
ु ा यय क सं या का व तार हुआ।
● यह अनय ु ायी कई जा तय के थे परं तु यापार , कृषक, और श पकार यादा थे।
● इसक वजह से यह हो सकती है क बाबा गु नानक इस बात पर बल दया करते थे क उनके अनय ु ाई
गहृ थ हो और उपयोगी व उ पादक पेश से जड़ ु े हो।
● अनय ु ा यय से ये आशा भी क जाती थी क नये समद ु ाय के सामा य कोष म योगदान कर।
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● 16वीं 17वीं शता द य क बदलती हुई प रि थ तय ने सख आंदोलन के वकास को भा वत कया शु
से ह बाबा गु नानक के वचार काशी का आंदोलन पर गहरा भाव पड़ा उ ह ने एक ई वर क उपासना
के मह व पर जोर दया।
● उ ह ने आ ह कया क जा त, धम, अथवा लंग भेद, मिु त ाि त के लए कोई मायने नह ं रखते है ।
उसके लए मिु त कसी नि य आनंद क ि थ त नह ं थी।
● अपने उपदे श के सार को य त करने के लए उ ह ने 3 श द का योग कया: नाम, दान और नान।
नाम से ता पय सह उपासना से था धान का ता पय दस ू र का भला करना और नान का ता पय आचार
वचार क प व ता से था।
● उनके उपदे श को नाम जपना, क रत करना, और वंड छकना के प म याद कया जाता है । यह
अवधारणा उ चत व वास और उपासना ईमानदार पण ू नवाह और संसाधन को मल बांटकर योग
करना के मह व के रे खां कत करती है । इस तरह बाबा गु नानक के समानता के वचार के सामािजक
राजनी तक मायने थे।
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Q8 जाती के त वीरशैव अथवा महारा के संत का ि टकोण कैसा था? चचा कर
Answer. वरशैव ने सभी यि तय क समानता के प म और जा त तथा नार के त यवहार के बारे म
ा मणवाद वचारधारा के व ध अपने बल तक तत ु कए। इसके अलावा वे सभी कार के कमकांड और
मू त पज
ू ा के वरोधी थे ।
13 से 17 वीं शता द तक महारा म अनेकानेक संत क व हुए, िजनके सरल मराठ भाषा म लख गए गीत आज
भी मन को े रत करते ह। इन संत क वय ने सभी कार के कमकांडो, प व ता के ढ गो, और ज म पर आधा रत
सभी सामािजक अंतर का वरोध कया। यहां तक क उ ह ने सं यास के वचार को भी ठुकरा दया और कसी भी
अ य यि त क तरह रोजी-रोट कमाते हुए प रवार के साथ रहने और वन ता पव ू क ज रतमंद साथी यि तय
क सेवा करते हुए जीवन बताने को अ धक पसंद कया। उ ह ने इस बात पर बल दया क असल भि त दस ू र के
दख
ु को बांट लेना है । इससे एक नए मानवतावाद वचार का उ भव हुआ।
Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर
Q9 वचार से जनसाधारण ने मीरा क याद को य सरु त रखा?
Answer. ब चे वयं कर।
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Page : 121 , Block Name : आइए वचार कर
Q10 पता लगाएं क या आपके आसपास भि त परं परा के संतोष से जड़ु ी हुई कोई दरगाह, गु वारा या मं दर है ।
इनम से कसी एक को दे खने जाइए और बताइए क वहां आपने या दे खा और सन ु ा।
Answer. ब चे वयं कर।
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Q11 इस अ याय म अनेक संत क वय क रचनाओं के उ धरण दए गए ह। उनक कृ तय के बारे म और अ धक
जानकार ा त कर और उनक क वताओं को नोट कर, जो यहां नह ं द गई है । पता लगाएं क या यह गाई जाती
ह। हां, तो कैसे गाई जाती ह और क वय ने इन म कन वषय पर लखा था।
Answer. ब चे वयं कर।
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Q12 इस अ याय म अनेक संत क वय के नाम का उ लेख कया गया है । परं तु कुछ क रचनाओं को इस अ याय
म शा मल नह ं कया गया है । उ मा म कुछ और जानकार ा त कर, िजसम ऐसे क वय ने अपनी कृ तय क
रचना क । या उनक रचनाएं गाई जाती थी? उनक रचनाओं का वषय या था?
Answer. ब चे वयं कर।
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