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Board Of School Education Haryana
मॉडल पेपर
2025
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ह"रयाणा (व*यालय ,श.ा बोड2
अ"ययन &'न - 2024-25
क#ा : &यारहवीं -वषय : /ह0द2 (आधार)
"नधा&'रत समय : 3 घंटे पूणा5क : 80
सामा7य "नद9 श -
1. इस $%नप( म* दो ख.ड ह1- ख.ड (अ) और ख.ड (ब)।
2. खंड (अ) म* बहु<वक?पीय और खंड (ब) म* वणCनाEमक $%न ह1।
3. ख.ड अ म* कुल 6 $%न के 30 बहु<वक?पीय $%न पूछे गए ह1।खंड ब म* कुल 9 $%न ह1।
4. LनदM शानुसार <वक?पO का Pयान रखते हुए सभी $%नO के उTर दे ना अLनवायC है ।
5. $%न-प( के दOनO खंडO म* $%नO कV कुल संWया 15 है और सभी $%न अLनवायC ह1।
6. $%न का उTर Xलखते समय $%न Yम संWया अव%य Xलख*।
7. सभी $%नO के उTर Yमानुसार Xलख*।
खंड – अ
बहु*वक-पीय 12न
!"न- 1 'न(न)ल+खत अप0ठत ग3यांश को पढ़कर इस पर आधा@रत !"नA के उDर दFिजए। 5 x 1= 5 अंक
‘उ#साह क) *गनती अ0छे गुण5 म7 होती है । ;कसी भाव के अ0छे या बुरे होने का AनBचय अ*धकतर उसक) EवGृ H के शुभ
या अशभ
ु पKरणाम के Gवचार से होता है । वहL उ#साह जो कतNOय कम5 के EAत इतना संद
ु र Sदखाई पड़ता है । अकतNOय
कम5 क) ओर होने पर वैसा BलाYय नहLं Eतीत होता। आ#म-र\ा, पर-र\ा, दे श-र\ा आSद के Aन^मH साहस क) जो
उमंग दे खी जाती है , उसमे परपीड़न, डकैती आSद कम5 का साहस कभी नहLं पहुँच सकता। यह बात होते हुए भी Gवशुbध
उ#साह या साहस क) Eशंसा संसार म7 थोड़ी-बहुत होती हL है । अ#याचाKरय5 या डाकुओं के शौयN और साहस क) कथाएँ भी
लोग तारLफ़ करते हुए सुनते हg।
अब तक उ#साह का Eधान hप हL हमारे सामने रहा, िजसम7 साहस का परू ा योग रहता है । पर कमNमाk के संपादन म7
जो त#परतापूणN आनंद दे खा जाता है यह भी उ#साह हL कहा जाता है । सब काम5 म7 साहस अपेl\त नहLं होता, पर थोड़ा-
बहुत आराम, Gवmाम, सुभीते इ#याSद का #याग सबम7 करना पड़ता है और कुछ नहLं तो उठकर बैठना, खड़ा होना या
दस-पाँच कदम चलना हL पड़ता है । जब तक आनंद का लगाव ;कसी ;oया, Oयापार या उसक) भावना के साथ नहLं
Sदखाई पड़ता तब तक उसे ‘उ#साह’ क) संqा Eाrत नहLं होती। यSद ;कसी GEय ^मk के आने का समाचार पाकर हम
चप
ु चाप sय5-के-#य5 आनंSदत होकर बैठे रह जाएँ या थोड़ा हँस भी द7 तो यह हमारा उ#साह नहLं कहा जाएगा।
हमारा उ#साह तभी कहा जाएगा जब हम अपने ^मk का आगमन सुनते हL उठ खड़े ह5गे, उससे ^मलने के ^लए दौड़
पड़7गे और उसके ठहरने आSद के Eबंध म7 Eसtन-मुख इधर-उधर आते-जाते Sदखाई द7 गे। Eय#न और कमN-संकuप उ#साह
नामक आनंद के Aन#य ल\ण हg।
E#येक कमN म7 थोड़ा या बहुत बुb*ध का योग भी रहता है । कुछ कमv म7 तो बुb*ध क) त#परता और शरLर क) त#परता
दोन5 बराबर साथ-साथ चलती है । उ#साह क) उमंग िजस Eकार हाथ-पैर चलवाती है उसी Eकार बb
ु *ध से भी काम कराती
है । ऐसे उ#साह वाले को कमNवीर कहना चाSहए या बुb*धवीर-यह EBन मुxारा\स-नाटक बहुत अ0छz तरह हमारे सामने
लाता है । चाण{य और रा\स के बीच जो चोट7 चलL हg वे नीAत क) है -श|k क) नहLं।
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EBन 1. उ#साह म7 सबसे अ*धक योगदान ;कसका रहता है ?
(क) साहस का (ख) धन का (ग) बुb*ध का (घ) चKरk का
EBन 2. E#येक कमN म7 ;कस का योग रहता है ?
(क) साहस का। (ख) बुb*ध का (ग) धन का (घ) oोध का
EBन 3. चाण{य और रा\स के बीच ;कस Eकार क) चोट7 चलL थी ?
(क) मन क) (ख) बb
ु *ध क) (ग) नीAत क) (घ) अनीAत क)
EBन 4. उ#साह क) *गनती ;कस Eकार के गुण5 म7 होती है ?
(क) ताम^सक गुण5 म7 (ख) साह^सक गुण5 म7 (ग) बुरे गुण5 म7 (घ) अ0छे गुण5 म7
EBन 5. लोग {या करते हुए अ#याचाKरय5 क) कथाएँ सुनते हg?
(क) तारLफ करते हुए (ख) Aनंदा करते हुए (ग) दख
ु जताते हुए। (घ) Eसtनता जताते हुए
!"न- 2 'न(न)ल+खत अप0ठत प3यांश को पढ़कर इस पर आधा@रत !"नA के उDर दFिजए। 1 x 5 = 5 अंक
सख
ु -दख
ु म|
ु काना नीरज से रहना
वीर5 क) माता हूँ वीर5 क) बहना।
मg वीर नारL हूँ साहस क) बेटL,
मातभ
ृ ू^म-र\ा को वीर सजा दे ती।
आकुल अंतर क) पीर राˆ‰ हे तु सहना,
वीर5 क) माता हूँ वीर5 क) बहना।
मात-भू^म जtम-भू^म राˆ‰-भू^म मेरL,
कोSट-कोSट वीर पूत bवार-bवार दे रL।
जीवन-भर मु|काए भारत का अँगना,
वीर5 क) माता हूँ वीर5 क) बहना।
EBन- i - सुख दख
ु म7 मु|कराते हुए कैसे रहना चाSहए?
(क) धीरज (ख) धीर (ग) शीर (घ) वीर
EBन- ii आकुल अंतर क) पीड़ा ;कसके ^लए सहनी चाSहए ?
(क) राˆ‰ (ख) समाज (ग) जाAत (घ) धमN
EBन- iii मातभ
ृ ^ू म जtमभ^ू म... मेरL। उपय{
ु त श‹द खालL |थान म7 भKरए
(क) दे वभू^म (ख) गांव भू^म (ग) शहर भू^म। (घ) राˆ‰भू^म
EBन- iv भारत का अंगना कब तक मु|कराए
(क) जीवन भर (ख) उ• भर (ग) मुŽठz भर (घ) पल भर
EBन- v ‘माता’ के ^लए पयाNयवाची छांSटए-
(क) जननी (ख) दादL (ग) नानी (घ) बुआ
!"न- 3 काPय खंड पर आधा@रत 'न(न)ल+खत बहुUवकWपीय !"नA के उDर दFिजए। 5x1 = 5 अंक
(i) अqानी गु• क) शरण म7 जाने पर ^शˆय क) बाद म7 ------- दशा होती है ।
(क) qान Eाrत करने वालL
(ख) पछतावे वालL
(ग) |वयं ग•
ु बनने वालL
(घ) घम•ड वालL
(ii) 'द*ध म*थ घत
ृ काSढ़ ^लयो' से ---------- आशय है ।
(क) सार त#व “हण करना।
(ख) दहL ”बलोकर घी Aनकालना
(ग) दध
ू दहL का Oयापार करना
(घ) भगवान क) मूAतN पर दध
ू चढ़ाना
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(iii) कवAयkी ;कसे परू L तरह खो दे ना चाहती है ?
(क) इ0छाओं को
(ख) घर वाल5 के Eेम को
(ग) भौAतक सुख5 को
(घ) इनम7 से कोई नहLं
(iv) EकृAत के Gवनाश और Gव|थापन के कारण - - - समाज संकट म7 है ।
(क) क|बावा^सय5 का
(ख) गांववा^सय5 का
(ग) शहरवा^सय5 का
(घ) आSदवा^सय5 का
(v) ' घर क) याद' नामक कGवता के आधार पर कॉलम अ को कॉलम ब से सम
ु े^लत करके सहL Gवकuप चAु नए।
कॉलम अ कॉलम ब
1 पाँव जो पीछे हटाता (i) नैन जल से छाए ह5गे
2 जब ;क नीचे आए ह5गे (ii) उtह7 दे ते धीर रहना
3 ;कtतु उनसे यह न कहना (iii) कोख को मेरL लजाता
(क) 1 (i), 2(ii) , 3 (iii)
(ख) 1 (ii), 2(iii) . 3 (i)
(ग) 1 (iii), 2(i) , 3 (ii)
(घ) 1 (ii), 2(i) , 3 (iii)
!"न 4 'न(न)ल+खत ग3य खंड पर आधा@रत बहुUवकWपीय !"नA के उDर दFिजए। 5 * 1 = 5
(i) ‘tयाय और नीAत सब ल–मी के —खलौने हg’ कथन ;कसका है ?
(क) वंशीधर का
(ख) अलोपीदLन का
(ग) बदलू ^संह का
(घ) वंशीधर के Gपता का
(ii) रजनी एकांक) म7 अ^मत के ग—णत Gवषय म7 कम अंक आने का {या कारण था ?
(क) पढ़ाई पर ™यान न दे ने के कारण।
(ख) परL\ा के समय बीमार होने के कारण
(ग) परL\ा म7 नकल करते पकड़े जाने के कारण
(घ) Žयूशन न लेने पर अ™यापक bवारा कम अंक दे ने के कारण
(iii)' अपू के साथ ढ़ाई साल' नामक पाठ साSह#य क) --- Gवधा है ।
(क) रे खा*चk
(ख) आ#मकथा
(ग) सं|मरण
(घ) जीवनी
(iv) 'गलता लोहा ' पाठ म7 मोहन कैसी बुb*ध का बालक था?
(क) मंद बb
ु *ध
(ख) कुशा“ बुb*ध
(ग) सामाtय बुb*ध
(घ) इनम7 से कोई नहLं
(v) 'जामुन का पेड़' नामक पाठ के आधार पर कॉलम अ को कॉलम ब से सुमे^लत करके सहL Gवकuप चुAनए।
कॉलम अ कॉलम ब
1 मालL दौड़ा दौड़ा (i) बाहर लॉन म7 आया
2 {लकN दौड़ा-दौड़ा (ii) चपरासी के पास गया
3 सप
ु Kरंट7ड7ट दौड़ा- दौड़ा (iii) सप
ु Kरंट7ड7ट के पास गया
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(क) 1 (i), 2(ii), 3 (iii)
(ख) 1 (ii), 2(iii) 3 (i)
(ग) 1 (iii), 2(i) 3 (ii)
(घ) 1 (ii), 2(i) 3 (ii)
!"न- 5 अ)भPयि\त और मा_यम पर आधा@रत 'न(न)ल+खत बहुUवकWपीय !"नA के उDर दFिजए। 5 x 1= 5 अंक
(i) क\ा समूह म7 आपसी Gवचार-GवमशN संचार के --- Eकार का उदाहरण है ।
(क) समूह संचार
(ख) अंतः वैयि{तक
(ग) जनसंचार
(घ) अंतर वैयि{तक
(ii) त›य5 क) शुbधता, व|तुपरकता, Aनˆप\ता, संतुलन और œोत हg।
(क) संपादन के Eकार
(ख) संपादन के गुण
(ग) संपादन के ^सbधांत
(घ) संपादन के त•व
(iii) नीचे Sदए गए डायरL से संबं*धत कथन5 म7 से सहL कथन छांSटए।
(क) डायरL अंतरं ग रचना है ।
(ख) डायरL Aनतांत वैयि{तक रचना है ।
(ग) डायरL हमारL सबसे अ0छz दो|त है ।
(घ) डायरL |वलेखन है इस^लए उसम7 ;कसी घटना का एक हL प\ उजागर होता है ।
(iv) अतीत म7 होने वालL घटनाओं को जाता है । -- तकनीक से E|तुत ;कया
(क) žलैशबैक
(ख) žलैशफारवडN
(ग) žलैशलाईट
(घ) žलैशलाईव
(v) वतNमान म7 समाचार मा™यम5 म7 ;कन समाचार5 को Eाथ^मकता दे ने का •झान Eबल हुआ है ।
(क) राजनीAतक समाचार5 को
(ख) खेल संबंधी समाचार5 को
(ग) मजेदार और मन5रजक समाचार5 को
(घ) पयाNवरण संबंधी समाचार5 को
!"न 6 Pयाकरण पर आधा@रत बहुUवकWपीय !"नA के उDर दFिजए। 5x1 = 5 अंक
(i) ' पंचामत
ृ ' म7 समास - है ।
(क) त#पु•ष
(ख) bवtbव
(ग) कमNधारय
(घ) bGवगु
(ii) Aन न^ल—खत म7 कॉलम अ को कॉलम ब के श‹द5 को उ*चत सिtध से ^मलान क)िजए।
कॉलम अ कॉलम ब
1 संचय (i) अयाSद सिtध
2 नाGवक (ii) GवसगN सिtध
3 सं¡यागमन (iii) Oयंजन सिtध
4 AनधNन (iv) यण ् सिtध
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(क) 1 (ii). 2(iii) 3 (1), 4 (iv)
(ख) 1 (i), 2(ii) , 3 (iii), 4 (iv)
(ग) 1 (iii), 2(i) , 3 (iv), 4 (ii)
(घ) 1 (iv), 2(i) 3 (ii), 4 (iii)
(iii) Aन न^ल—खत म7 से शb
ु ध वा{य छाँSटए ।
(क) वह दस आम लेकर आया।
(ख) वह दस5 आम को लेकर आया।
(ग) वह दस5 आम5 को लेकर आया।
(घ) वह द^सय5 आम को लेकर आया।
(iv) 'एक सेब क) पेटL ले आना'। इस वा{य म7 दोष है -
(क) श‹द-oम संबंधी
(ख) मुहावरे संबंधी
(ग) पुन•ि{त संबंधी
(घ) परसगN संबंधी
(v) ‘ल बोदर’ का Gव“ह पद होगा ।
(क) ल बा उदर है िजसका (गणेश जी)
(ख) ल बा है उदर िजसका
(ग) ल बे उदर वाले गणेश जी
(घ) ल बे पेट वाला
खंड – ब वण)ना,मक /0न
!"न- 7 'न(न)ल+खत प3यांश कc स!संग Pयाdया कcिजए । 5 अंक
मेरे तो *गरधर गोपाल, दस
ू रो न कोई
जा के ^सर मोर-मुकुट, मेरा पAत सोई
छा£ड़ दयी कुल क) काAन कहा कKरहै कोई?
संतन Sढ़ग बैSठ बैSठ लोक लाज खोयी। -
अथवा
'न(न)ल+खत प3यांश के आधार पर !"नA के उDर )ल+खए।
नाचने के ^लए खुला आंगन
गाने के ^लए गीत
हँसने के ^लए थोड़ी-सी —खल—खलाहट
रोने के ^लए मुŽठz भर एकांत
ब0च5 के ^लए मैदान
पशुओं के ^लए हरL-हरL घास
बढ़
ू 5 के ^लए पहाड़5 क) शािtत।
(i) कGवता और कवAयkी का नाम ^ल—खए।
(ii) कवAयkी ;कन गीत5 को बचाने क) बात कहती है ?
(iii) कवAयkी ने ब0च5, पशुओं और बुजुग¤ को {या Eाrत होने क) बात क) है ?
(iv) कवAयkी ने ;कस Eकार क) *चंता Oय{त क) है ?
(v) अवतरण म7 AनSहत काOय-सौtदयN |पˆट क)िजए।
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!"न- 8 काPय खंड पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनस
ु ार उपय\
ु त शhदA मi दFिजए ।
क) कबीर क) ¥िˆट म7 ईBवर एक है । इसके समथNन म7 उtह5ने कौन -कौन से तकN Sदए हg? 3 अंक
ख) ‘सबसे ख़तरनाक’ कGवता का मूल भाव |पˆट क)िजए । 2 अंक
!"न- 9 'न(न)ल+खत ग3यांश कc स!संग Pयाdया कcिजए । 5 अंक
”बछुड़ने का समय बड़ा क•णो#पादक होता है । आपको ”बछड़ते दे खकर आज §दय म7 बड़ा दख
ु है । माइ लॉडN ! आपके
दस
ू रL बार इस दे श म7 आने से भारतवासी ;कसी Eकार Eसtन न थे। वे यहL चाहते थे ;क ;फर न आय7। पर आप आए
और उससे यहाँ के लोग बहुत हL द^ु सत हुए। वे Sदन-रात यहL मानते थे ;क जuद यहाँ से पढ़ार7 । पर अहो! आपके जाने
पर हषN क) जगह Gवषाद होता है । इसी से जाना ;क ”बछडन-समय बड़ा क•णो#पादक होता है , बड़ा पGवk बढ़ा AनमNल
और बड़ा कोमल होता है । वैर-भाव छूटकर शांत रस का आGवभाNव उस समय होता है ।
अथवा
EाइमरL |कूल क) सीमा लाँघते हL मोहन ने छाkवGृ H Eाrत कर ”kलोक ^संह मा|टर क) भGवˆयवाणी को ;कसी हद तक
^सbध कर Sदया तो साधारण है ^सयत वाले यजमान5 क) पुरोSहताई करने वाले वंशीधर AतवारL का ह©सला बढ़ गया और
वे मी अपने पुk को पढ़ा-^लखा कर बड़ा आदमी बनाने का |वrन दे खने लगे। पीSढ़य5 से चले आते पैतक
ृ धंधे ने उtह7
Aनराश कर Sदया था। दान-दl\णा के बत
ू े पर वे ;कसी तरह पKरवार का आधा पेट भर पाते थे। मोहन पढ़-^लखकर वंश
का दाKरxय ^मटा दे यह उनक) हाSदN क इ0छा थी।
(i) लेखक व पाठ का नाम ^ल—खए।
(ii) मोहन ने मा|टर ”kलोक ^संह क) ;कस भGवˆयवाणी को सच ^सbध ;कया था?
(iii) वंशीधर जी ने {या |वrन दे खना आरं भ कर Sदया था?
(iv) वंशीधर जी क) हाSदN क इ0छा {या थी ?
(v) वंशीधर जी क) इ0छा पूरL होने म7 {या बाधा थी ?
!"न- 10 ग3य खंड पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनुसार उपयु\त शhदA मi दFिजए ।
(क) मुंशी वंशीधर क) कोई तीन चाKर”kक Gवशेषताएँ ^ल—खए। 3 अंक
(ख) ‘भारत माता’ पाठ का मल
ू भाव |पˆट क)िजए। 2 अंक
!"न- 11 'न(न !"नA मi से lकसी एक का उDर लगभग 250 शhदA मi दFिजए। 5 अंक
उपायु{त ^भवानी, हKरयाणा क) ओर से एक कायाNलय आदे श ^लख7 िजसम7 सभी कायाNलय5 को
अ#या*धक गमª को दे खते हुए बालवाSटका से बारहवीं तक Sदनांक 27 मई से 31 मई तक अवकाश घोGषत
होने का Aनद¬ श हो।
अथवा
|ववत
ृ म7 कौन – कौन से ”बंदओ
ु ं को शा^मल ;कया जाता है और उनक) E|तुAत का {या Eभाव पड़ता है ?
उदाहरण सSहत |पˆट क)िजए।
!"न- 12 अ)भPयि\त और मा_यम पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनस
ु ार उपय\
ु त
शhदA मi दFिजए ।
(क) जनसंचार के Eमुख कायv का उuलेख क)िजए। 3 अंक
(ख) पटकथा और नाटक के मूल अंतर को |पˆट क)िजए। 2 अंक
!"न – 13 Uवतान भाग -1 पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनस
ु ार उपय\
ु त शhदA मi
दFिजए ।
(क) लता ने क•ण रस के गान5 के साथ tयाय नहLं ;कया है , जब;क शंग
ृ ारपरक गाने वे बड़ी उ#कटता से।
गाती है -इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हg ? 3 अंक
(ख) ‘राज|थान क) रजत बँद
ू 7 ’ पाठ का उbदे Bय |पˆट क)िजए। 2 अंक
(ग) तातश
ु के घर आकर बेबी सख
ु ी थी, ;फर भी वह उदास {य5 हो जाती थी ? 2 अंक
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!"न- 14 Pयाकरण पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनस
ु ार उपय\
ु त शhदA मi दFिजए ।
क) यमक और Bलेष अलंकार म7 उदाहरण के मा™यम से अंतर |पˆट क)िजए। 3 अंक
ख) ‘एकैक’ और ‘पवन’ श‹द5 का सं*ध Gव0छे द क)िजए। 2 अंक
!"न- 15 आदशg जीवन मूWय (उDरा) पर आधा@रत 'न(न)ल+खत !"नA के उDर दशाgए गए अंकA के अनुसार उपयु\त
शhदA मi दFिजए । 2 x 4 = 8 अंक
क) गीता म7 कमN और फल के संबंध म7 {या बताया गया है ?
ख) ‘|वा™याय’ पाठ म7 ;कस स#य समाचार का उuलेख हुआ है ?
ग) ‘धAृ त’ पाठ म7 Gवbया*थNय5 के ^लए {या संदेश Sदया गया है ?
घ) डॉ॰ कलाम bवारा भारतीय र\ा अनुसंधान संगठन म7 Aनभाई गई भू^मका पर Eकाश डा^लए ।
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