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अंक-योजना
पूरी तरह से गोपनीय
(केवल आंतररक और प्रततबंधित उपयोग के ललए)
सीतनयर स्कूल सर्टि फिकेट परीक्षा, 2024
ववषय--र्हंदी (ऐच्छिक) (Q.P. कोड 29/1/1--3)
Series QS1PR/1
सामान्य निर्दे श:-
1 आप जानते हैं फक अभ्यधथियों के वास्तववक एवं सही मल
ू यांकन में मल
ू यांकन सबसे महत्वपर्
ू ि प्रफिया
है । मल
ू यांकन में एक िोटी-सी गलती गंभीर समस्याओं का कारर् बन सकती है , जो उम्मीदवारों
के भववष्य, लिक्षा-प्रर्ाली और लिक्षर् को प्रभाववत कर सकती है । गलततयों से बचने के ललए आपसे
अनरु ोि है फक मल
ू यांकन िरू
ु करने से पहले स्पॉट मल
ू यांकन र्दिातनदे िों को ध्यान से पढें और
समझें।
2 “मल
ू यांकन नीतत एक गोपनीय नीतत है क्योंफक यह आयोच्जत परीक्षाओं, फकए गए मल
ू यांकन और
कई अन्य पहलओ
ु ं की गोपनीयता से संबधं ित है । इसके फकसी भी तरह से जनता के बीच लीक होने
से परीक्षा-प्रर्ाली पटरी से उतर सकती है और लाखों उम्मीदवारों के जीवन और भववष्य पर असर
पड़ सकता है । इस नीतत/दस्तावेज़ को फकसी के साथ साझा करने, फकसी पत्रिका में प्रकालित करने
और समाचार पि/वेबसाइट आर्द में िापने पर बोडि और आईपीसी के ववलभन्न तनयमों के तहत
कारि वाई हो सकती है ।'
3 मल
ू यांकन अंक-योजना में र्दए गए तनदे िों के अनस
ु ार फकया जाना है । इसे अपनी व्याख्या या फकसी
अन्य ववचार के अनस
ु ार नहीं फकया जाना चार्हए। अंक-योजना का कड़ाई से पालन फकया जाना
चार्हए। हालााँफक, मल
ू यांकन करते समय, जो उत्तर नवीनतम जानकारी या ज्ञान पर आिाररत हैं
और/या नवीन हैं अथवा उनकी सत्यता का मल
ू यांकन फकया जा सकता है उन्हें उधचत अंक र्दए जा
सकते हैं। योग्यता-आिाररत प्रश्नों का मल
ू यांकन करते समय, कृपया र्दए गए उत्तर को समझने का
प्रयास करें भले ही उत्तर अंक-योजना से न हो, लेफकन उम्मीदवार द्वारा सही योग्यता धगनाई गई
हो, उधचत अंक र्दए जाने चार्हए।
4 अंक-योजना में उत्तरों के ललए केवल सझ
ु ाव-त्रबंद ु र्दए गए हैं।
ये केवल र्दिातनदे िों की प्रकृतत में हैं और संपर्
ू ि उत्तर नहीं बनाते हैं। ववद्याधथियों की अपनी
अलभव्यच्क्त हो सकती है और यर्द अलभव्यच्क्त सही है तो उसके अनस
ु ार उधचत अंक र्दये जाने
चार्हए।
5 मख्
ु य-परीक्षक को पहले र्दन प्रत्येक मल
ू यांकनकताि द्वारा मल
ू यांफकत पहली पााँच उत्तर-पच्ु स्तकाओं
को दे खना होगा, ताफक यह सतु नच्श्चत हो सके फक मल
ू यांकन अंक-योजना में र्दए गए तनदे िों के
अनस
ु ार फकया गया है । यर्द कोई लभन्नता हो तो ववचार-ववमिि के बाद उसे िन्ू य फकया जाए।
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मल
ू यांकन के ललए िेष उत्तर-पच्ु स्तकाएाँ यह सतु नच्श्चत करने के बाद ही दी जाएाँगी फक मल
ू यांकनकतािओं
के अंकन में कोई महत्वपर्
ू ि लभन्नता नहीं है ।
6 जहााँ भी उत्तर सही होगा, मल
ू यांकनकताि (√) अंफकत करें गे। गलत उत्तर के ललए िॉस 'X' अंफकत
फकया जाए।
7 यर्द फकसी प्रश्न के कुि भाग हैं, तो कृपया प्रत्येक भाग के ललए दार्हनी ओर अंक दें । फिर प्रश्न
के ववलभन्न भागों के ललए र्दए गए अंकों को जोड़ र्दया जाना चार्हए और बाएं हाथ के हालिये में
ललखा जाना चार्हए और घेरा बनाया जाना चार्हए। इसका सख्ती से पालन फकया जाए।
8 यर्द फकसी प्रश्न में कोई भाग नहीं है तो बाएं हाथ के हालिए में अंक र्दए जाने चार्हए और घेरा
लगाना चार्हए। इसका भी सख्ती से पालन फकया जाए।
9 यदर्द किसी छात्र िे अनिरिक्ि प्रश्ि किया है िो अधिि अंि प्राप्ि उत्ति मान्य हो औि िम अंि
आिे वाले उत्ति िो ‘अनिरिक्ि प्रश्ि’—इस िोट िे साथ िाट दर्दया जाए।
10 फकसी िर्ु ट के संचयी प्रभाव के ललए कोई अंक नहीं काटा जाएगा। इसके ललए केवल एक बार दं डडत
फकया जाना चार्हए।
11 अंकों का एक परू ा पैमाना 0 से 80 का उपयोग करना होगा। यर्द उत्तर योग्य है तो कृपया पर्
ू ि अंक
दे ने में संकोच न करें ।
12 प्रत्येक परीक्षक को आवश्यक रूप से परू े कायि समय अथाित प्रततर्दन 8 घंटे तक मल
ू यांकन कायि
करना होगा तथा मख्
ु य ववषयों में प्रततर्दन 20 उत्तर पच्ु स्तकाओं तथा अन्य ववषयों में प्रततर्दन 25
उत्तर पच्ु स्तकाओं का मल
ू यांकन करना होगा (स्पॉट गाइडलाइन्स में वववरर् र्दया गया है )। प्रश्न-पि
में कम फकये गये पाठ्यिम और प्रश्नों की संख्या।
13 सतु नच्श्चत करें फक आप अतीत में मल
ू यांकनकताि द्वारा की गई तनम्नललखखत सामान्य प्रकार की
िर्ु टयााँ न करें :-
● उत्तर पच्ु स्तका में उत्तर या उसके फकसी भाग को त्रबना मल
ू यांकन फकये िोड़ दे ना।
● फकसी उत्तर के ललए तनिािररत अंक से अधिक अंक दे ना।
● फकसी उत्तर पर र्दए गए अंकों का गलत योग।
● उत्तर पच्ु स्तका के अंदर के पन्नों से मख्
ु य पष्ृ ठ पर अंकों का गलत स्थानांतरर्।
● िीषिक पष्ृ ठ पर प्रश्नों के अंकों का गलत योग।
● िीषिक पष्ृ ठ पर दो कॉलमों के अंकों का गलत योग।
● गलत कुल योग।
● िब्दों और अंकों में ललखे गए प्रापतांकों का परस्पर मेल न खाना/समान न होना।
● उत्तर पच्ु स्तका से ऑनलाइन अंक-सच
ू ी में अंकों का गलत स्थानांतरर्।
● उत्तरों को सही के रूप में धचच्ननत फकया गया, लेफकन अंक नहीं र्दए गए।
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● उत्तर के आिे या कुि भाग को सही और िेष को गलत धचच्ननत फकया गया, लेफकन कोई अंक
नहीं र्दया गया।
14 उत्तर पच्ु स्तकाओं का मल
ू यांकन करते समय यर्द उत्तर परू ी तरह से गलत पाया जाता है , तो इसे
िॉस (X) के रूप में धचच्ननत फकया जाना चार्हए और िन्
ू य (0) अंक र्दए जाने चार्हए।
15 फकसी भी मल
ू यांकन न फकए गए भाग, िीषिक पष्ृ ठ पर अंक न ले जाना या उम्मीदवार द्वारा पाई
गई कुल िर्ु ट से मल
ू यांकन कायि में लगे सभी कलमियों और बोडि की प्रततष्ठा को नक
ु सान होगा।
इसललए, सभी संबधं ित पक्षों की प्रततष्ठा बनाए रखने के ललए, यह फिर से दोहराया जाता है फक
तनदे िों का साविानीपव
ू क
ि और वववेकपर्
ू ि तरीके से पालन फकया जाए।
16 परीक्षकों को वास्तववक मल
ू यांकन िरू
ु करने से पहले ‘स्पॉट मल
ू यांिि िे ललए दर्दशानिर्दे श’ में र्दए
गए र्दिातनदे िों से पररधचत होना चार्हए।
17 प्रत्येक परीक्षक यह भी सतु नच्श्चत करे गा फक सभी उत्तरों का मल
ू यांकन फकया गया है , अंकों को मख
ु
पष्ृ ठ पर ले जाया गया है, सही ढं ग से योग फकया गया है और अंकों और िब्दों में ललखा गया है ।
18 उम्मीदवार तनिािररत प्रसंस्करर् िल
ु क का भग
ु तान करके अनरु ोि पर उत्तर पच्ु स्तका की िोटोकॉपी
प्रापत करने के हकदार हैं। सभी परीक्षकों/अततररक्त मख्
ु य परीक्षकों/मख्
ु य परीक्षकों को एक बार फिर
याद र्दलाया जाता है फक उन्हें यह सतु नच्श्चत करना होगा फक मल
ू यांकन अंक-योजना में र्दए गए
प्रत्येक उत्तर के ललए मल
ू य त्रबंदओ
ु ं के अनस
ु ार सख्ती से फकया गया है ।
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प्रश्न-पत्र कोड 92/1/1, 2, 3
अंि-योजिा
दहन्र्दी (ऐच्छछि)
Series QS1PR/1
निर्धारित समय : 3 घटं े अनर्कतम अक
ं : 80
क्र. प्रश्ि-पत्र िोड उत्ति-संिेि अंि
सं. 29/1 29/1 29/1
/1 /2 /3
प्रश्ि प्रश्ि प्रश्ि
सं. सं. सं.
खंड-अ
(वस्िुपिि प्रश्ि)
1
1 2 1 अपदिि गदयांश पि आिारिि प्रश्ि-- 10 ×1=
(i) (B) तेजी से बदलती जलवधयु परिनथिनतयों में भी इिकी 10
खेती संभव होिे के कधिण
(ii) (D) मोटे अिधज के सेवि औि उतपधदि के नलए प्रेरित
कििध
(iii) (B) नवषमम जलवधयु में भी खेती की जध सकिे के कधिण
(iv) (D) इिके उतपधदि में लधगत कम आती है
(v) (C) कम गण ु वत्तध वधली नमट्टी में भी इ्हें लगधयध जध सकतध है
(vi) (A) कम लधगत औि पौनिकतध से भिपिू होिे के कधिण
(vii) (C) पौनटक औि थवधथ्य के नलए अिक ु ू ल होिे के कधिण
(viii) (A) गणु वत्तध के प्रनत लोगों को जधगूकक कि
(ix) (D) किि औि कधिण दोिों सही हैं तिध कधिण, किि की
सही वयधखयध कितध है
(x) (C) I औि II दोिों
2 2 1 2 अपदिि िावयांश पि आिारिि प्रश्ि-- 8 x 1=8
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(i) (C) सृनि में प्रधचीितम होिे कध
(ii) (C) बल ु बलु े
(iii) (C) िये-िये सृजि कििे के कधिण
(iv) (A) नरयधतमक प्रनतभध
(v) (B) सदृु ढ़ समधज की िचिध
(vi) (D) नरयधतमक कनतत से यतु त मधिव को
(vii) (D) सकधिधतमक प्रगनत के नवरुद्ध ख़ी ी कनततयों कध
(viii) (C) िए-िए कीनतम ा धि गढ़ िहे हैं
3 3 6 6 अलिवयच्क्ि औि माध्यम पि आिारिि प्रश्ि-- 5 x 1=5
(i) (B) समधचधि-पत्र
(ii) (A) उसकध थिधनयतव कध गणु है
(iii) (D) पत्रकधिीय लेखि
(iv) (D) II, I औि III
(v) (A) उलटध नपिधनमड कैली में
4 4 5 3 पदिि िावयांश पि आिारिि प्रश्ि-- 5 x 1=5
(i) (C) जीवि में प्रस्ितध कध ाध जधिध
(ii) (A) हि नदि की करुदु आत उ्लधस के सधि होती है
(iii) (A) कहि की पणू ता ध औि रितततध से
(iv) (D) मोक्षदधनयिी गगं ध कध
(v) (C) मृतयुूकपी अर्ं कधि
5 5 4 4 पदिि गदयांश पि आिारिि प्रश्ि-- 5 x 1=5
(i) (A) नजसकध मि अपिे नियंत्रण में है
(ii) (B) अपिी कमजोरियों को नापधिे की कोनकक
(iii) (D) दसू िों को समधि थति पि लधिे की कोनकक कििध
(iv) (D) थवयं पि नियंत्रण िखें, मि पि नवजय प्रधप्त किें
(v) (D) किि औि कधिण दोिों सही हैं तिध कधिण, किि की
सही वयधखयध कितध है
6 6 3 5 पिू ि पाठ्यपस्
ु िि (अन्ििाल) पि आिारिि प्रश्ि-- 7 x 1=7
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(i) (B) गधाँव वधलों द्वधिध सभु धगी के प्रसंग में की जधिे वधली
बदिधमी से (29/1/1)
(i) (B) सभु धगी कध िधत भि सिू दधस की झोंप़ी ी में िहिध (29/1/2)
(i) (D) भैिों को नमली पैसों की िैली पि (29/1/3)
(ii) (A) संखयधओं ं में
(iii) (A) सभु धगी के घि से बेघि होिे की
(iv) (B) कट जधिे के कधिण ददा से कसकिध
(D) िए दधाँत निकलिे पि होिे वधलध ददा
(दोिों में से कोई भी नवक्प थवीकधया)
(v) (C) पधिी ाो़ी कि जमीि पि आ जधती है
(vi) (B) आसमधि में बधदल गिज िहे िे
(vii)(D) किि तिध कधिण दोिों सही हैं औि कधिण, किि की
सही वयधखयध कितध है
खंड-ब
(वर्णिात्मि प्रश्ि)
5
7 7 7 7 ककसी एक किषय पर 100 शब्दों रच रत्म क ेख ्--
नवषमय-वथतु : 3 अक ं
भधषमध : 1 अक ं
प्रथतनु त : 1 अक ं
8 (xi) (अकिव्यकि और ध्य पुस्तक पर आधररत)
2 x 3=6
(xii) ककन्हीं दो प्रश््ों कख तर लर े ि 60 शब्दों रच अपखकित --
8 9 9
(क) कब्दों से खेलिध
कब्द कनवतध की अिजधिी दनु ियध कध पहलध उपकिण
कब्दों से मेलजोल कनवतध की पहली कता
कब्दों के भीति नापे अिा की पितों को खोलिध
कब्दों की तक ु बंदी से ांद, लय औि वयवथिध की दनु ियध में
ले जधिध
(कोई तीि नबदं ु थवीकधया)
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(ख) सवं धद द्वधिध कहधिी के पधत्र को थिधनपत, नवकनसत कििध
औि गनत देिध
जो घटिध यध प्रनतनरयध कहधिीकधि होते हुए िहीं नदखध
सकतध, उसे संवधदों के मधध्यम से सधमिे लधिध
संवधद के नबिध पधत्र की क्पिध भी मनु ककल
(ग) िधटक में थवीकधि से अनर्क अथवीकधि की र्धिणध कध
महत्त्व
नजस िधटक में असंतनु ट, ाटपटधहट, प्रनतिोर् औि अथवीकधि
जैसे िकधिधतमक तत्त्वों की नजतिी ्यधदध उपनथिनत, वह उतिध
ही िोचक औि प्रभधवकधली
नकसी भी नवचधि, वयवथिध अिवध तधतकधनलक समथयधओं ं
को यिधनथिनत थवीकधि कििे वधले िधटक अनर्क लोकनप्रय
िहीं
9 (xiii) प्रश््ों कख तर लर े ि 60 शब्दों रच अपखकित -- 2 x 3=6
9 8 8
(क) (1+2)
संपधदक के िधम पधठकों के पत्र को
पधठकों द्वधिध नवनभ्ि म्ु ों पि अपिी िधय वयतत कििे के
सधि जि-समथयधओं ं को उठधकि जिमत को प्रनतनबनं बत
कििध
िए लेखकों के नलए लेखि की करुदु आत कििे कध अवसि
(ख) (2+1)
नह्दी के फौंट की सहज अिपु लब्र्तध
नह्दी कध अपिध कोई ‘की-बोड ा’ ि होिध
ड धयिनमक (सवामध्य) फौंट कध ि होिध
आिश्यक कद अपखकित
नह्दी फौंट को सहज उपलब्र् किधयध जधए
‘की-बोड ा’ कध मधिकीकिण हो
10 पद्य ण्ड पर आधररत ककन्हीं दो प्रश्नों कख तर लर े ि 40 2 x 2=4
10
शब्दों रच अपखकित--
(क) कनव नििधलध कध जीवि-संघषमा
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भधग्यहीि नपतध कध संघषमा, समधज से उसके संबंर्,
पत्रु ी के प्रनत बहुत कुा ि कि पधिे कध अकमा्यतध
बोर्
(ख) पे़ी ों से पत्ते झ़ी िध , िई कोपलें फूटिध
कीतल-मदं हवध बहिध, ढधक के जगं ल दहकिध
कोयल, भ्रमिों कध अपिी मथती में झमू िध
िंग-नबिंगे फूल नखलिध
(ग) िधनयकध सजु धि कब तक कनव घिधिंद की पक ु धि को
सिु कि भी ि सिु िे कध नदखधवध किती िहेगी?
घिधिंद को पणू ा नवश्वधस है नक उसकी ‘कूकतधभिी मक ू तध’
के आगे िधनयकध को अपिध हठ ाो़ी िध ही प़ी ेगध औि
कनव से बधत कििी ही होगी
10
(क) नदवगं त पत्रु ी सिोज की थमृनत की सघि अिभु नू तयों की
अनभवयनि
पत्रु ी के मधध्यम से नदवगं त पतिी की भी थमृनत हो आिध
अभधव औि संघषमों के चलते पुत्री सिोज के नलए बहुत
कुा ि कि पधिे की पी़ी ध
(ख) आज के िगिीय मिु य कध प्रकृ नत से िधतध टूटिध
ऋतपु रिवताि से उतप्ि प्रधकृ नतक परिवतािों से अिजधि
वसंत के आगमि की सचू िध भी कै लेंड ि देखकि, थकूल,
कॉलेज यध दफ्ति में ाुट्टी से नमलिध ही जीवि की
नवड ंबिध
(ग) घिधिदं को अपिे प्रेम पि पणू ा नवकवधस
कनव को अपिे मौि में प्रेम की पी़ी ध से प्रेयसी को उससे
बधत कििे (प्रेमधनभवयनि) के नलए नववक होिे कध
नवश्वधस
उसके हृदय की पी़ी ध अवकय ही प्रेयसी महससू किे गी औि
उससे नमलिे आएगी
10
(क) नहंदू र्धनमाक मध्यतधओं ं के अिसु धि मृतक वयनतत की
आतमध की कधंनत, मोक्ष तिध अपिी भधवधनभवयनि के
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नलए जल तिध नतल आनद अ्य वथतओं ु ं से नकयध गयध
अपाण ही तपाण कहलधतध है
कनव अपिे नवगत जीवि में नकए गए अच्ाे कमों कध
फल अपिी पत्रु ी को भेंट कि उसकध तपाण कितध है
(ख) वसंत ॠतु की हवध में कीत ॠतु की हवध की काँ पकपधहट
ि होकि, ह्की-सी गमधाहट होती है
ऐसध लगतध है हवध गमा पधिी में िहधकि आई हो
नखली-नखली तेजी से आती हवध, गोल-गोल नफिकी-
सी घमू ती है
(ग) प्रेनमकध सजु धि के ि आिे से घिधिंद कध उदधस होिध
प्रेयसी के आगमि की सच ू िध देिे वधले आिदं के बधदल
अब उसके मि ूकपी आकधक में िहीं नघिते
11 (xiv) ककसी एक कव्यांश की सप्रसां व्यख्य--
11 11 11 6
संदभा – 1 अक ं (कनव औि कनवतध कध िधम)
प्रसंग – 1 अक ं (पवू धापि संबंर्)
वयधखयध – 3 अक ं
नवकेषम – 1 अक ं
(क) कनव – जयकक ं ि प्रसधद
कनवतध – देवसेिध कध गीत
अथि
(ख) कनव—मनलक महु म्मद जधयसी
कनवतध – बधिहमधसध
12 द्य ांड पर आधररत दो प्रश्नों कख तर लर े ि 40 शब्दों रच 2 x 2=4
12
अपखकित--
(क) बधलक द्वधिध इिधम में लड ्ड ू की मधाँग को
लेखक िे सख ु की सधाँस ली नक बधलक िोपे गए ज्ञधि के
बोझ से मतु त हो गयध उसकी बधलसल ु भ प्रवृनत्तयधाँ,
थवधभधनवकतध, जीवतं तध बिी हुई है
(ख) मि कध भधिी होिध
संवधद सिु धिे में थवयं को असमिा पधिध
ब़ी ी बहुरियध के दख ु ों से समधिभु नू त कििध
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ब़ी ी बहुरियध के अपिे गधाँव (मधयके ) लौट जधिे की
आकक ं ध पि सवं नदयध को अपिे गधाँव की बदिधमी की
नचंतध
(ग) हि की पौ़ी ी की भी़ी में एकसत्रू तध िी, सबकध गतं वय एक
ही िध सभी जीवि के प्रनत क्यधण की कधमिध नलए
आगे बढ़ िहे िे कोई दौ़ी िहीं िी
कहि की भी़ी में अपिे-अपिे गतं वय थिल पि पहुचाँ िे की
कीघ्रतध होती है एक दसू िे से आगे निकलिे की हो़ी
िहती है
12 (क) ‘बधलक बच गयध’ कध अिा : ज्ञधि के जबिि लधदे जधिे
वधले बोझ से बधलक की जीवतं तध कध, थवधभधनवकतध कध
बच जधिध
बधलक द्वधिध इिधम में लड ्ड ू मधाँगे जधिे पि उसके मधतध-
नपतध औि अध्यधपकों द्वधिध लधदे जधिे वधले ज्ञधि के बोझ
से बचिे के सदं भा में
(ख) सवं नदयध की आाँखों के सधमिे ब़ी ी बहुरियध कध चेहिध घमू
िहध िध, उसकध संवधद उसे कधाँटे की तिह चभु िहध िध,
उसके मि को पीऩी त कि िहध िध
जलपधि किते समय उसे लग िहध िध, मेिे सधमिे भिी
िधली िखी है जबनक ब़ी ी बहुरियध दधलधि पि भख ू ी-
प्यधसी बैठी उसकी िधह देख िही होगी
संवधद ि सिु ध पधिे की बेचैिी उसे चैि से िहिे िहीं दे िही
िी
(ग) मनं दि में जब संभव पंनड त जी से कलधवध बाँर्वध िहध िध
तभी एक दबु ली-पतली ल़ी की भी उसी के पधस आकि
ख़ी ी हो गई औि अपिी कलधई पजु धिी की तिफ बढ़ध दी
ल़ी की िे पजु धिी जी से अगले नदि आिे के नलए कहध
– ‘हम कल आिती की बेलध आएाँगे ’
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पजु धिी द्वधिध ल़ी की द्वधिध प्रयतु त ‘हम’ को यगु ल अिा में
लेते हुए सभं व औि पधिो को दपं ती के ूकप में आकीषम
नदयध
ल़ी की को देखकि संभव के मि में प्रेम कध अक ं ु ि थफुनटत
हुआ
12
(क) पधठ के आर्धि पि ऐसध लगतध है नक संवनदयध लंबे समय
के बधद अपिे गधाँव से कनटहधि पहुचाँ ध िध
अब कनटहधि थटेकि कध कधयधक्प हो चक ु ध िध, कौि-सी
गध़ी ी आ िही है, कौि-सी गध़ी ी जधिे वधली है, अलग-
अलग थटेकिों के नलए गध़ी ी कौि-से प्लेटफॉमा पि ख़ी ी है,
घोषमणध भोंपू (लधउड थपीकि) द्वधिध समय-समय पि की जध
िही िी नकसी से पा ू िे यध भटकिे की पिे कधिी अब वहधाँ
िहीं िी
(ख) इिधम की बधत सिु कि बधलक दनु वर्धग्रथत नथिनत में आ
गयध िध उसके हृदय में कृ नत्रमतध औि थवधभधनवकतध
के भधवों की ल़ी धई चल िही िी वह समझ िहीं पध
िहध िध नक थवयं को खक ु किे यध अपिे गरुदु जिों को
अतं में बधलक के बधलपि की जीत हुई बधलक की
सहज प्रवृनत्तयधाँ जीत गई ं
(ग) मनं दि में घटिे वधली घटिध के नलए अफ़सोस जतधएगध
ल़ी की उस बधत को कोई नवकेषम महत्त्व िहीं देगी
ल़ी की से उसके कहि कध िधम पतध कििे की कोनकक
किे गध औि इस तिह बधतों कध नसलनसलध आगे बढ़ेगध
13 13 13 13 ककसी एक द्यांश की सप्रसां व्यख्य -- 6
संदभा – 1 अक ं (पधठ औि लेखक कध िधम)
प्रसगं – 1 अक ं (पवू धापि सबं र्ं )
वयधखयध – 3 अक ं
नवकेषम – 1 अक ं
(क) पधठ – प्रेमघि की ाधयध-थमृनत
लेखक – िधमचंद्र कतु ल
अथि
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(ख) पधठ —जहधाँ कोई वधपसी िहीं
लेखक—निमाल वमधा
14 ककसी एक प्रश्न क तर लर े ि 60 शब्दों रच अपखकित-- 3
14
(क) देक के अ्य भधगों में भी िनदयों की नथिनत मधलवध से
अलग िहीं
िनदयों में के वल चौमधसे में ही पधिी आिध
कुा िनदयधाँ तो नवलप्तु होिे के कगधि पि
कहिी औि िधसधयनिक कचिे से िनदयधाँ प्रदनू षमत
पहध़ी ों से मैदधिों तक पहुचाँ ते-पहुचाँ ते उिकध जल
नवषमैलध होिध
अथि
(ख) जीवि ूकपी खेल की बधत
जीवि सफलतध-असफलतध कध रम
असफलतधओं ं से ि घबिधिध
सकधिधतमकतध के सधि चिु ौनतयों कध सधमिध र्ैयापवू क ा
कििध
दृढ़-इच्ाधकनतत से कधया की पनू ता
14 (क) सिू दधस गधाँर्ीवधदी नवचधिर्धिध की प्रनतमनू ता, आतमबल
के सहधिे ईयधा व अ्यधय के नवरुद्ध जीवि-संग्रधम में
जझू िध, नवषमम परिनथिनतयों कध सधमिध सधहस व र्ैया से
कििध, क्षमधकील, पिोपकधिी, संतोषमी, प्रनतकोर् की
भधविध से पिे
वतामधि समय में जीवि-म्ू यों की थिधपिध, प्रनतकोर् की
भधविध समधप्त कििे औि पिु निामधाण के नलए प्रेिणध हेतु
सिू दधस जैसे चरित्र की प्रधसंनगकतध तयोंनक प्रनतकोर्
दबु ाल मि की निकधिी
(ख) (1+2)
औद्योनगक इकधइयों द्वधिध नवषमैलध, िधसधयनिक अपनकट
िनदयों में बहधयध जधिध
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र्धनमाक आथिधओं ं के चलते पजू ध की सधमग्री कध िदी
में प्रवधनहत नकयध जधिध
बढ़ती आबधदी द्वधिध भी िनदयों को प्रदनू षमत नकयध जधिध
सुझि
जलकोर्ि इकधइयधाँ लगधिध
प्रदषमू ण फै लधिे वधलों के नवरुद्ध कठोि कधयावधही
लोगों को सधमधनजक मीनड यध द्वधिध जधगरुदक कििध
14
(क) अमेरिकध की यह घोषमणध नबलकुल अिनु चत
वकै वीकिण के इस दौि में प्रतयेक देक कध प्रतयक्ष यध
अप्रतयक्ष ूकप से एक-दसू िे से ज़ी ु धव
नवकनसत देकों की जीवि प्ध नत से नवकधसकील देकों पि
भी प्रभधव
प्रधकृ नतक परिवेक की सिु क्षध नकसी एक देक की िहीं बन्क
सबकी सधझी नजम्मेदधिी
अथि
(ख) सिू दधस के चरित्र कध उ््वल पक्ष—उसकध सहृदय,
संवदे िकील एवं पिोपकधिी थवभधव
खदु बेघि हो जधिे पि भी सभु धगी के बेघि होिे के दख ु
से सिू दधस कध अपिधर्बोर् से ग्रनसत होिध
भैिों उसे थवीकधि किे गध यध िहीं, वह अब तयध किे गी ?
कहधाँ जधएगी— मधिवतध के कधिण इस बधत से नचनं तत
होिध
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