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श ा िनदे शालय, रा ीय राजधानी े िद ी
Directorate of Education, GNCT of Delhi
Suggestive Answers
Term-2 (Session-2021-2022)
Subject - Political Science
Class- 11
.स
ं . अनु भाग- ए / Section-A अंक
Q.N. Mark
s
1. ग धी जी का राज से ा आशय था? 2
उ र राज का आशय अपने ऊपर अपना राज है। ग धी जी ने ' हद राज' म इसके िवषय म
लखा है। ग धी जी के अनुसार- "जब हम यं पर शासन करना सीखते ह तभी राज है"।
राज केवल तं ता ही नह ब ऐसी सं थाओं से मुि भी है, जो मनु को उसी
मनु ता से वं चत करती है। ग धी जी का मानना था िक ' राज' के फल प होने वाले
बदलाव ाय के स ध त से िनद शत होकर ि गत और सामूिहक दोन तरह िक
संभावनाओं को अवमु करगे।
अथवा
हािन स ध त का स
ं वणन क जये ।
उ र हािन स ध त का अथ है- िकसी के काय करने क तं ता म ि गत या सामूिहक प
से ह प
े करने का इकलौता ल आ -र ा है। स समाज के िकसी सद क इ ा
के खलाफ शि के औ च पूण योग का एकमा उ े य िकसी अ को हािन से
बचाना हो सकता है।
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2. लोक सभा क िक दो िवशे ष शि य का उ े ख क जए। 2
उ र i. धन िवधेयक केवल लोक सभा म ही पेश िकए जा सकते ह और वही उसे संशो धत या
अ ीकृत कर सकती है।
ii. मंि प रषद केवल लोकसभा के त उ रदायी होती है।
3.
जनिहत या चका िकस तरह गरीब क मदद कर सकती है? अपने िवचार तक सिहत 2
ल खए।
उ र परी ाथ अपने िवचार िववेक से लखगे।
4. इमै नुएल क ट के अनु सार ाय ा है? 2
उ र इमैनए
ु ल क ट के अनुसार हर मनु क ग रमा होती है। अगर सभी ि य क ग रमा
ीकृत है, तो उनम से हर एक का ा यह होगा िक उ अपनी तभा के िवकास और
ल क पू त के लए अवसर ा हो। ाय के लए ज री है िक हम तमाम ि य को
समु चत और बराबर क अहिमयत द।
5. लोकसभा का सद होने के लए एक ाशी म िकन यो यताओं का होना 4x.5
=2
आव यक है? िक चार यो यताओं को ल खए।
1. वह भारत का नाग रक हो।
उ र
2. उसक आयु 25 वष या उससे अ धक हो।
3. वह िकसी लाभ के पद पर ना हो।
4. वह पागल या िदवा लया ना हो।
5. अदालत ारा अपराधी घोिषत नह िकया गया हो। (कोई चार)
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6. समाजवाद के मु सरोकार का वणन क जए। 2
समाजवाद असमानताओं के जवाब म उपजे कुछ राजनी तक िवचार का समूह है। ये
उ र
खासकर वे असमानताए
ँ थ , जो औ ोिगक पू
ँ जीवादी अथ व था से पैदा ई और उसम
बाद तक बनी रह । समाजवाद का मु सरोकार वतमान असमानताओं को न
ू तम
करना और संसाधन का ायपूण ब
ँ टबारा है। हाल िक समाजवाद के प धर पूरी तरह से
बाज़ार के खलाफ तो नह होते, लेिकन वे श ा और ा सेवा जैसे आधारभूत े म
सरकारी िनयमन, िनयोजन और िनयं ण का समथन करते ह।
7. स
ं िवधान के अनु े द 74 (1) का स
ं बंध िकस से है? ल खए। 2
उ र रा प त को सलाह दे ने के लए एक मंि प रषद होगी जसका धान, धानमं ी होगा।
रा प त अपने कृ का योग करने म ऐसी सलाह के अनुसार काय करेगा।
परंतु, रा प त मंि प रषद से ऐसी सलाह पर पुन वचार करने को कह सकता है और
रा प त ऐसे पुन वचार के प चात दी गयी सलाह के अनुसार ही काय करेगा।
8. यिद एक अ ापक क ा के कमजोर छा के मनोबल को उठाने के लए कुछ 2
अतर अंक दे दे ते ह तो इसम ाय का कौन सा स ध त काम करता है। ा
आप इसे ायस
ं गत मानग? सतक उ र ल खए।
उ र परी ाथ िववेक से उ र दगे।
अनु भाग-बी/Section-B
9. ायपा लका क तं ता को स
ं िवधान ारा िकस कार सु िन चत िकया गया है? 4x1=4
ऐसे िक चार उपाय को ल खए।
3
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उ र भारतीय संिवधान म िन ल खत उपाय ारा ायपा लका क तं ता को सुिन चत
िकया गया है-
1. दलगत राजनी त क भूिमका को र रखने के लए ायाधीश क िनयुि य के
मामले म िवधाियका को सि लत नह िकया गया है।
2. ायाधीश के प म िनयु होने के लए िकसी ि को वकालत का अनुभव
होना चािहए।
3. ायाधीश का कायकाल िन चत होता है।
4. ायाधीश के वेतन सं चत िन ध से िदये जाते ह।
5. ायाधीश के रटायर होने के बाद उनके ारा वकालत करने पर तबंध है।
(कोई चार)
10. अवसर क समानता से आप ा समझते ह ? 4
उ र
अवसर क समानता से आशय है िक समाज म तमाम लोग को समान मह दे ना। माना
जाता है िक मनु होने के नाते सभी ि य म कुछ समान चा रि क िवशेषताए
ँ होती ह।
इस लए वे समान अ धकार और समान बत व के अ धकारी ह। आज अ धक श
उदारवादी जनतं म कुछ मह पूण अ धकार िदए गए ह। इनम जीवन, तं ता और
संप के अ धकार जैसे नाग रक अ धकार शािमल ह। इसम समाज के अ सद के
साथ समान अवसर के उपभोग करने सामा जक अ धकार और मता धकार जैसे
राजनी तक अ धकार भी शािमल ह। समान अ धकार के अलावा समक के साथ बत व
के स ध त के लए ज री है, िक लोग के साथ वग, जा त , न या लग के आधार पर
भेदभाव न िकया जाए। उ उनके काम और कायकलाप के आधार पर ज चा जाना
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चािहए।
11. भारत के िदए गए मान च म ए, बी, सी और डी से ऐसे चार रा दश ए गए ह जह 4x1=4
ि सदनीय िवधानम
ं डल है। इनको पहचान कर अपनी उ र-पु का म िन ल खत
ता लका के प म ल खए।
उ र
म संबं धत अ र रा का नाम
सं ा
i A उ र दे श
ii B कन टक
iii C महारा
iv D तेल
ं गाना
अनु भाग-सी/Section-C
12. नकारा क और सकारा क तं ता म मु अंतर ल खए। 6
उ र
1) नकारा क तं ता म िकसी बाहरी स ा का ह प
े नह होता है। यह उस े
को पहचानने और बचाने का यास करती है, जसम ि अनुल
ं घनीय हो।
जबिक सकारा क तं ता के प धर का मानना है क ि केवल समाज म
ही तं हो सकता है, समाज से बाहर नह और इस लए वह इस समाज को ऐसा
बनाने का यास करते ह, जो ि के िवकास का रा ा साफ कर। सकारा क
त ता के अनुसार रा का काय ि के िवकास म आने वाली बाधाओं को
र करना है।
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2) नकारा क तं ता का तक यह करता है क ि ' ा करने से मु ' है।
इससे उलट सकारा क तं ता के तक 'कुछ करने क तं ता' के िवचार क
ा ा से जुड़े ह।
3) नकारा क त ता आ थक े म अह प
े कारी रा का समथक है जबिक
सकारा क त ता ि के पूण िवकास के लए रा को आव यक मानती
है।
4) नकारा क त ता के अनुसार रा का काय सीिमत है। सकारा क
त ता रा को क ाणकारी भूिमका के प म दे खती है।
5) नकारा क त ता के अनुसार तबंध एक बुराई है। परंतु सकारा क
त ता ऐसा नह मानती है।
अथवा
अभ ि क तं ता पर उ चत तबंध होना चािहए या नह । इस िवषय म अपने
िवचार को तक सिहत अ भ क जये ।
उ र परी ाथ िववेक से उ र दगे।
6
13. रा प त के िक तीन िवशे षा धकार का वणन क जए। 3x2=6
उ र
1) रा प त मंि प रषद क सलाह को लौटा सकता है और उसे अपने िनणय पर
पुन वचार करने के लए कह सकता है। जब रा प त को ऐसा लगता है िक
सलाहम कुछ गलती है या कानूनी प से कुछ किमय ह या फैसला दे श के िहत म
नह है, तो वह मंि प रषद से अपने िनणय पर पुन वचार करने के लए कह सकता
है।
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2) सरे, रा प त के पास वीटो क शि (िनषेधा धकार) होती है जससे वह संसद
ारा पा रत िवधेयक (धन िवधेयक को छोड़ कर) को ीकृ त दे ने म िवल
ं ब कर
सकता है या ीकृ त दे ने से मना कर सकता है।
3) तीसरे कार का िवशेषा धकार राजनी तक प र थ तय के कारण पैदा होता है।
औपचा रक प से रा प त धानमं ी क िनयुि करता है। सामा तः: अपनी
संसदीय व था म लोकसभा के ब मत दल के नेता को धानमं ी के प म
िनयु िकया जाता है। लेिकन यिद चुनाव के बाद िकसी भी नेता को लोकसभा म
ब मत ा न हो तो रा प त को अपने िवशेषा धकार का योग कर यह िनणय
लेना होता है िक िकसे ब मत का समथन ा है या कौन सरकार बना सकता है
और सरकार चला सकता है।
अथवा
म
ं ि प रषद के धान के प म धानम
ं ी क भू िमका का उ े ख क जए।
उ र
मंि प रषद के धान के प म धानमं ी क िन ल खत भूिमकाए
ँ है: 6
1) मंि प रषद का िनम ण करना।
2) िवभाग का ब
ँ टबारा करना।
3) मंि प रषद का पुनगठन करना।
4) मंि मंडल का अ होना।
5) रा प त व मंि मंडल के बीच क कड़ी होना।
6) सदन का नेता होना।
7) सरकार का मु खया होना।
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