Page 1
F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा5
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 5: सुद
ं रया
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — वीणा
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
46 – 60 14 66 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 45 pages
Page 2
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 5 · हद · वीणा
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 5: सुद
ं रया
NCERT कक्षा 5 हद क पाठ्यपुस्तक वीणा के पाठ 5 सुंद रया के सभी प्रश्न के पूरे हल। यह एक कहानी है और इसके रचनाकार जैनद्र कुमार ह।
कहानी ह रयाणा के एक गरीब कसान हीरा सह और उसक गाय सुंद रया क है — वह गाय जो घर क सदस्य जैसी थी, इस लए बकने के बाद भी
नए मा लक को दूध दे ने से मना कर दे ती है। पृष्ठ 46 से 60 तक के हर अभ्यास — बातचीत के लए, पाठ से (बहु वकल्पी), सो चए और ल खए,
सुंद रया और हीरा सह, समझ और अनुभव, अनुमान और कल्पना, भाषा क बात, पाठ से आगे, कल्पना क उड़ान, नाटक-मंचन, बूझो पहेली,
पुस्तकालय एवं अन्य ोत तथा भूल-भुलैया — का हल यहाँ दया गया है। पाठ के बाद पृष्ठ 59 और 60 पर छपी बना क्रमांक क रचना हाथी और
च ट भी पूरी समझाई गई है।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
वीणा (कक्षा 5) 46 – 60
खं ड प्रश्न
14 66
माध्यम
हन्द
बातचीत के लए — पृष्ठ 51
पाठ पढ़ने के बाद कक्षा म चचा के प्रश्न
बातचीत के लए
प्र.1 जवाहर सह अपनी गाय को मौसी कहकर बुलाता है। आप अपने घर या आस-पास के पशु-प क्षय को क्या
कहकर पुकारते ह?
यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है। घर के पशु-प क्षय को हम प्रायः कोई प्यारा-सा नाम दे दे ते ह या उन्ह रश्ते के नाम से बुलाते
ह।
ऐसा क्य होता है: जस जानवर के साथ हम रोज़ रहते ह, वह हम प रवार जैसा लगने लगता है। तब उसे ‘गाय’ या
‘कुत्ता’ कहना अधूरा लगता है। इसी लए जवाहर सह को भी ‘गाय’ कहना काफ नह लगा — उसने सुंद रया को
मौसी कह दया।
नमूना उत्तर: हमारे घर म एक गाय है। हम उसे गौरी कहकर बुलाते ह। दाद उसे ‘लछमी’ कहती ह। हमारी गली म एक भूरा कुत्ता
रहता है, उसे सब ब े मोती कहते ह। छत पर रोज़ आने वाली गौरैया को मेरी छोट बहन चड़ी रानी कहती है। जब हम इन नाम से
पुकारते ह तो गौरी सर उठाकर दे खती है और मोती दुम हलाने लगता है।
कक्षा म क जए: अपने सा थय से पू छए क वे अपने पशु-प क्षय को कस नाम से बुलाते ह। सारे नाम श्यामपट्ट
पर लख ली जए। आप दे खगे क बहुत-से नाम रश्त वाले ह — मौसी, काक , रानी, भाई।
Page 1 of 45
Page 3
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 सुंद रया के दूर चले जाने के बाद जवाहर सह को कैसा लगा होगा? जब आपका कोई प्रय आपसे दूर हो जाए तो
आपको कैसा लगता है?
जवाहर सह को बहुत दुख हुआ होगा। सुंद रया उसके लए सफ़ गाय नह थी — वह उसे मौसी कहता था, यानी वह उसके लए घर
क एक बड़ी सदस्य थी।
पाठ बताता है क हीरा सह गाय को बेचने से इस लए डरता था, क्य क जवाहर सह उसे मौसी कहा करता था। और गाय लाने के
लए हीरा सह को “जैसे-तैसे जवाहर सह को समझा-बुझाकर” ही ले जाना पड़ा। इसका अथ है क जवाहर सह आसानी से नह
माना।
उसे क्या-क्या महसूस हुआ होगा:
सुबह उठकर पहले वह सुंद रया को दे खता होगा। अब खूँटा खाली मलता होगा।
उसका मन बार-बार गोशाला क ओर जाता होगा।
उसे अपने पता पर गुस्सा भी आया होगा और उनक मजबूरी समझकर तरस भी।
नमूना उत्तर (अपने बारे म): जब मेरी बड़ी बहन पढ़ने के लए दूसरे शहर चली गई, तब मुझे बहुत अकेला लगा। घर खाली-खाली
लगने लगा। उसक कताब और उसक जगह दे खकर मन भर आता था। धीरे-धीरे आदत पड़ी, पर याद आज भी आती है।
जवाहर सह को भी ठ क ऐसा ही लगा होगा।
प्र.3 जवाहर सह सुंद रया क दे खभाल के लए क्या-क्या करता होगा?
जवाहर सह सुंद रया क दे खभाल एक अपने सदस्य क तरह करता होगा। कहानी म जो काम हीरा सह सेठ के घर पर करता है, वही
काम गाँव म जवाहर सह करता होगा।
पाठ में हीरािसंह के काम ये है ं —
“हीरािसंह ने खुद उसे सानी-पानी िदया, सहलाया और अपने हाथों से दुहा।”
इसी से हम अनुमान लगा सकते ह क जवाहर सह —
1. सवेरे-सवेरे उसके आगे चारा डालता होगा और सानी-पानी दे ता होगा।
2. उसे नहलाता होगा और खरहरे से उसका शरीर साफ़ करता होगा।
3. दन म उसे चराने ले जाता होगा।
4. दूध दुहने म माँ या पताजी क मदद करता होगा।
5. रात को उसे खूँटे से बाँधकर, चारा-पानी दे खकर ही सोता होगा।
6. सद म उसके ऊपर बोरी या झूल डाल दे ता होगा और उसे मौसी कहकर पुचकारता होगा।
Page 2 of 45
Page 4
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
ध्यान द जए: दे खभाल केवल खाना दे ना नह है। पुचकारना, बात करना और पास बैठना भी दे खभाल है। सुंद रया
इन्ह बात को याद रखती है — तभी वह हीरा सह के पुचकारने पर दूध दे दे ती है।
प्र.4 आप अपने आस-पास के पशु-प क्षय के लए क्या-क्या करते ह?
यह आपके अपने काम का प्रश्न है। नीचे वे काम दए ह जो एक व ाथ सचमुच कर सकता है।
मौसम / अवसर क्या कर सकते ह
गरमी छत या आँगन में िम ी के बरतन में रोज़ ताज़ ा पानी रखना। पानी रोज़ बदलना।
हर दन छत पर थोड़ े दाने या बाजरा डालना। बचा हआ
ु रोटी का टुक ड़ ा गली के कु त्ते को दे ना।
सद पशु के ऊपर पुर ानी बोरी या झूल डालना। कु त्ते -िबल्ली के िलए बरामदे में बोरा िबछा दे ना।
पेड़ पर लकड़ ी या िम ी का घोंस ला बाँध ना, तािक िचिड़ याँ रह सकें ।
चोट लगने पर बड़ ों को बताना और पशु-िचिक त्सालय तक खबर पहचु ँ ाना।
हमेशा िकसी पशु-पक्षी को न मारना, न डराना। घोंस ले से अंडे या बच्चे न उठाना।
नमूना उत्तर: हम अपनी छत पर रोज़ सवेरे एक कटोरे म पानी भरकर रखते ह और थोड़े चावल डाल दे ते ह। गरमी म पानी दन म दो
बार बदलते ह। हमारे स्कूल के पीछे एक गली का कुत्ता रहता है, हम अपनी रोट म से एक टु कड़ा उसे दे ते ह। पछले साल हमने
पताजी क मदद से नीम के पेड़ पर लकड़ी का एक घ सला बाँधा था। इस साल उसम गौरैया ने अंडे दए ह।
पाठ से — पृष्ठ 51 और 52
नीचे दए गए प्रश्न के सही उत्तर पर (☺) का चह्न बनाइए। प्रश्न के एक से अ धक उत्तर भी सही हो सकते ह—
पाठ से बहु वकल्पी
प्र.1 लोग सुंद रया को दे खकर ईष्या क्य करते थे? (क) सुंद रया को खाने-पीने को बहुत कुछ मलता था। (ख)
सुंद रया बहुत आकषक थी। (ग) सुंद रया बहुत दूध दे ती थी। (घ) सुंद रया सभी से प्रेम करती थी।
इस प्रश्न म दो वकल्प पर मुस्कान का चह्न (☺) बनेगा — (ख) सुंद रया बहुत आकषक थी। और (ग) सुंद रया बहुत दूध दे ती
थी।
Page 3 of 45
Page 5
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
पाठ की दो पंिक्तयाँ िमलकर पूरा उत्तर दे दे त ी है ं —
m l as
.co
“सुंद िरया गाय डील-डौल में काफी बड़ ी थी। उसे दे खकर लोगों को ईष्य होती थी।”
m a g
l a se
g
“गाय तो ऐसी है िक दू ध दे ने में कामधेन ।
ु पंद ह सेर दू ध उसके तले उतरता है।”
a
co m
ईष्या का अथ है — दूसरे के पास कोई अ चीज़ दे खकर मन म होने वाली जलन।
e m . ag
वकल्प सही / कारण
g l as
ग़लत
a
(क) सुंद रया को खाने- ग़लत
co
पाठ ठ क इसका उलटा कहता है — “गरीबी के कारण हीरा सह गाय का चारा भी नह जुटा
m
e m.
पीने को बहुत कुछ मलता पाता था।” जस गाय को चारा तक नह मलता, उसे दे खकर कोई इस बात पर जलन नह
m l as
.co
था। करेगा।
a g
a s em सही ☺
glआकषक थी।
(ख) सुंद रया बहुत “डील-डौल म काफ बड़ी थी। उसे दे खकर लोग को ई या होती थी।” — ये दोन वाक्य साथ-
a
साथ छपे ह, इस लए कारण साफ़ है। आगे सेठ के बारे म भी लखा है — “सचमुच वैसी सुंदर,
स्वस्थ गाय उन्ह ने अब तक न दे खी थी।”
om a s
. c agl
सही ☺
इसी बात परm
(ग) सुंद रया बहुत दूध वह पंद्रह सेर दूध दे ती थी। गाँव म इतना दूध दे ने वाली गाय बहुत बड़ी बात होती है। पड़ो सय को
दे ती थी।
s e
a क वह गाय जो माँगी हुई हर चीज़ दे देती थी।
जलन होती थी। हीरा सह उसे ‘दूध दे ने म कामधेनु’ कहता है — कामधेनु यानी
agl
कथाओं
mचीज़ देखकर होती है।
(घ) सुंद रया सभी से प्रेम ग़लत यह बात पाठ म लखी ही नह है। गाय हीरा सह और उसके प रवार से प्रेम करती थी, ‘सभी’ से
करती थी। नह । और कसी के प्रेम करने पर लोग ई या नह करते — ई या तो अ
. co
se m
o m l a
g हो सकते ह। इस लए एक
याद.cर खए: इस अभ्यास का नदश साफ़ कहता है क एक से अ धक उत्तर भीaसही
m
ase वकल्प चुनकर रुक मत जाइए — चार को प ढ़ए और हर एक को पाठ से मलाइए।
agl
se m
com g l a
m . a
ase
हीरा सह के मन म सुंद रया को बेचने क बात क्य आई? (क) सुंद रया सभी को परेशान करने लगी थी। (ख)
gl
प्र.2
a
सुंद रया के लए चारे का प्रबंध करना क ठन हो गया था। (ग) सुंद रया हीरा सह के घर नह रहना चाहती थी। (घ)
सुंद रया पड़ो सय को परेशान करती थी।
co m
m .
as e
m l
m .co a g
मुस्कान का चह्न (☺) केवल एक वकल्प पर बनेगा — (ख) सुंद रया के लए चारे का प्रबंध करना क ठन हो गया था।
l a se
ag पाठ की पंिक्तयाँ —
.c
s e m
om a
agl
“गरीबी के कारण हीरािसंह गाय का चारा भी नही ं जुट ा पाता था।
. c
s e m ह ने सोचा — ‘मै ं सुंदिरया को बेच दू ँ?’”
a
खाने -पीने की कमी होने लगी तो हीरािसं
agl
यानी कारण गाय म नह था, गरीबी म था। हीरा सह गाय से नाराज़ नह था — वह बस मजबूर था।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 4 of 45
Page 6
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
वकल्प सही / कारण
ग़लत
(क) सुंद रया सभी को परेशान करने ग़लत पूरी कहानी म सुंद रया ने कसी को परेशान नह कया। वह सीधी और शांत गाय है।
लगी थी। दूध भी वह तभी रोकती है जब उसे अपने प रवार से अलग कर दया जाता है।
(ख) सुंद रया के लए चारे का सही ☺ यही बात पाठ म शब्दशः लखी है। ‘प्रबंध’ यानी इंतज़ाम। घर म खाने-पीने क कमी
प्रबंध करना क ठन हो गया था। होने लगी थी, तब बेचने का वचार आया।
(ग) सुंद रया हीरा सह के घर नह ग़लत बात ठ क उलट है। सुंद रया उसी घर म रहना चाहती थी। इसी लए वह सेठ के यहाँ
रहना चाहती थी। जाकर दूध दे ना बंद कर दे ती है और अंत म हीरा सह उसे गाँव वापस भेज दे ता है।
(घ) सुंद रया पड़ो सय को परेशान ग़लत पड़ोसी परेशान नह थे — वे तो ई या करते थे! यानी उन्ह सुंद रया अ लगती थी,
करती थी। बुरी नह ।
एक और बात: हीरा सह ने ‘बेच दूँ ?’ सोचा ज़रूर, पर तुरंत बेचा नह । वह डरता रहा, क्य क जवाहर सह गाय को
मौसी कहता था। इसी से पता चलता है क यह घर गाय से कतना जुड़ा हुआ था।
प्र.3 हीरा सह ने स्वयं को गाय क नौकरी पर लगाने क बात क्य कही? (क) सुंद रया को ठ क से चारा नह मलता
था। (ख) वह गाय से बछोह सहन नह कर पा रहा था। (ग) उसे रुपय क आवश्यकता थी। (घ) गाय घोसी के
व्यवहार से प्रसन्न नह थी।
मुस्कान का चह्न (☺) बनेगा — (ख) वह गाय से बछोह सहन नह कर पा रहा था।
बछोह का अथ है — बछड़ने का दुख, जुदाई।
पहले उसका मन भरा —
“रु पए तो ले िलए लेिकन हीरािसंह का जी भरा जा रहा था।”
िफर उसने कहा —
“गाय की नौकरी पर मुझे लगा दीिजए। चाहे तन ख्वाह कम कर दीिजए।”
Page 5 of 45
Page 7
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
वकल्प सही / कारण
ग़लत
(क) सुंद रया को ठ क से ग़लत चारे क कमी गाँव म थी, सेठ के यहाँ नह । सेठ धनी था और उसने गाय के लए अलग घोसी रखा
चारा नह मलता था। हुआ था। सेठ के घर चारे क कोई शकायत पाठ म नह है।
(ख) वह गाय से बछोह सही ☺ यही असली कारण है। रुपए मल जाने पर भी उसका ‘जी भर’ रहा था। गाय जाने लगी तो वह
सहन नह कर पा रहा एकटक दे खता रहा। जो आदमी बछड़ना नह चाहता, वही कहेगा — मुझे गाय के साथ ही लगा
था। द जए।
(ग) उसे रुपय क ग़लत यह वकल्प धोखा दे सकता है, क्य क रुपय क ज़रूरत तो उसे सचमुच थी। पर ध्यान से प ढ़ए
आवश्यकता थी। — उसने साथ ही कहा, “चाहे तनख्वाह कम कर द जए।” जसे रुपए चा हए ह , वह अपनी
तनख्वाह घटाने को नह कहेगा। यानी यहाँ उसका कारण रुपया नह , प्यार था।
(घ) गाय घोसी के ग़लत घोसी ने गाय के साथ कोई बुरा व्यवहार नह कया। पाठ म उसक कोई शकायत नह है। गाय
व्यवहार से प्रसन्न नह थी। दुखी घोसी के कारण नह , अपने प रवार से अलग होने के कारण थी।
प्र.4 गाय घोसी के साथ क्य नह जाना चाहती थी? (क) गाय हीरा सह और उसके प रवार से अलग नह होना चाहती
थी। (ख) गाय को भय था क घोसी उसे स्नेह से नह पालेगा। (ग) गाय को अपने गाँव के सभी लोग क याद आ
रही थी। (घ) गाय बीमार थी और चल नह पा रही थी।
मुस्कान का चह्न (☺) बनेगा — (क) गाय हीरा सह और उसके प रवार से अलग नह होना चाहती थी।
पाठ का सबसे सुंद र वाक्य यही उत्तर दे त ा है —
“गाय ने उसकी ओर दे खा। जै से पूछना चाहती थी — ‘क्या सचमुच ही इसके साथ चली जाऊँ ?’”
गाय बोल नह सकती, पर उसक आँख हीरा सह से पूछ रही ह। वह घोसी से नह डर रही — वह हीरा सह से अलग नह होना
चाहती।
Page 6 of 45
Page 8
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
वकल्प सही / कारण
ग़लत
(क) गाय हीरा सह और उसके सही ☺ पूरी कहानी इसी बात को बार-बार सद्ध करती है। सेठ के यहाँ वह दूध नह दे ती, पर
प रवार से अलग नह होना हीरा सह के पुचकारने पर साढ़े तेरह सेर दूध दे दे ती है। एक रात खूँटा तुड़ाकर उसी के
चाहती थी। दरवाज़े आ जाती है।
(ख) गाय को भय था क घोसी ग़लत यह अनुमान अ ा लगता है, पर पाठ इसे कह नह कहता। घोसी ने गाय के साथ कोई
उसे स्नेह से नह पालेगा। बुरा व्यवहार नह कया — उसने तो खुद खूँटे से बाँधा भी था। गाय का दुख घोसी को
लेकर नह , हीरा सह को लेकर था।
(ग) गाय को अपने गाँव के सभी ग़लत पाठ म ‘गाँव के सभी लोग ’ क कोई बात नह है। गाय का लगाव एक प रवार से है —
लोग क याद आ रही थी। हीरा सह, जवाहर सह और उनका घर। पूरे गाँव से नह ।
(घ) गाय बीमार थी और चल नह ग़लत गाय बलकुल स्वस्थ थी। सेठ ने खुद सोचा — “सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्ह ने
पा रही थी। अब तक न दे खी थी।” और उसी दन उसने पंद्रह सेर से ऊपर दूध भी दया था।
पूरी कहानी का सार यह छपा है: गाय दूध इस लए नह रोकती क वह ज है। वह अपनी बात कहने का यही
एक तरीका जानती है। बोल नह सकती, इस लए दूध रोककर कहती है — मुझे वापस भेज दो।
सो चए और ल खए — पृष्ठ 52
कहानी के भीतर छपे कारण को समझने वाले प्रश्न
सो चए और ल खए
प्र.1 हीरा सह गाय को बेचने से क्य डर रहा था?
हीरा सह गाय को बेचने से इस लए डर रहा था, क्य क उसका बड़ा लड़का जवाहर सह सुंद रया को मौसी कहकर बुलाता था।
पाठ की पंिक्त —
“पर उसका बड़ ा लड़ का जवाहरिसंह सुंद िरया को मौसी कहा करता था।
इसिलए वह उसे बेच ने से डरता था।”
इस एक शब्द म कतनी बात है: ‘मौसी’ माँ क बहन को कहते ह — यानी घर का बहुत नज़द क रश्ता। जब
ब ा गाय को मौसी कहने लगे, तो वह गाय घर क सदस्य बन जाती है। सदस्य को कोई बेचता नह । इस लए
हीरा सह को डर था क जवाहर सह मानेगा नह और घर म दुख फैल जाएगा।
Page 7 of 45
Page 9
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
यह डर सच भी नकला। गाय लाने के लए उसे “जैसे-तैसे जवाहर सह को समझा-बुझाकर” ही लाना पड़ा — यानी बहुत
मु श्कल से।
प्र.2 सेठ हीरा सह क गाय को दे खकर क्य प्रसन्न हुआ?
सेठ इस लए प्रसन्न हुआ, क्य क गाय जतनी बताई गई थी, उससे भी अ नकली — वह सुंदर भी थी, स्वस्थ भी, और दूध भी
वादे से ज़्यादा दे रही थी।
पाठ की पंिक्तयाँ —
ु खुश हएु । सचमुच वैसी सुंद र, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न दे खी थी।”
“गाय दे खकर सेठ बहत
“दू ध पंद ह सेर से कु छ ऊपर ही बैठा।”
हीरा सह ने कहा था क गाय पंद्रह सेर दूध दे ती है। पर जब उसने अपने हाथ से दुहा, तो दूध पंद्रह सेर से भी कुछ ऊपर नकला।
खुश होकर सेठ ने सौ के ऊपर सात रुपए और दे दए।
रुपय का हसाब: सौदा दो सौ पाँच रुपए म तय हुआ था। सौ रुपए हीरा सह पहले ही ले चुका था। अब सेठ ने एक
सौ सात रुपए और दए। कुल हुए 207 रुपए — यानी तय रकम से भी दो रुपए ज़्यादा। इसी से पता चलता है क
सेठ कतना प्रसन्न था।
प्र.3 “तुमने मुझे धोखे म क्य रखा?” सेठ ने हीरा सह से ऐसा क्य कहा?
सेठ ने ऐसा इस लए कहा, क्य क अगले ही दन गाय ने सवेरे पाँच सेर दूध भी नह दया, जब क हीरा सह ने पंद्रह सेर बताया था।
सेठ के अपने शब्द —
“त मु ने मुझे धोखे में क्यों रखा? गाय से सवेरे पाँच सेर दू ध भी तो नही ं उतरा।”
सेठ क सोच क्या थी: सेठ ने दो सौ पाँच रुपए इसी लए दए थे क गाय पंद्रह सेर दूध दे ती है। अब दूध पाँच सेर भी
नह मला। सेठ को लगा क हीरा सह ने पहले दन खुद दुहकर उसे बहका दया और असली बात छपा ली। इस लए
उसने ‘धोखा’ शब्द कहा। आगे तो उसने यह भी कह दया — “यह तो सरासर धोखा है।” सरासर यानी बलकुल,
पूरी तरह।
पर सच यह था क हीरा सह ने कोई धोखा नह कया था। उसने अपने हाथ से पंद्रह सेर से ऊपर दूध दुहकर दखाया था। असली
कारण कोई और था — गाय अपने प रवार से अलग होने के कारण दुखी थी, इस लए घोसी को दूध नह दे रही थी।
Page 8 of 45
Page 10
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
m
m .cहैo।
ध्यान द जए: सेठ बुरा आदमी नह है। वह हीरा सह को ‘ईमानदार चौक दार’ कहता है और उसक तनख्वाह बढ़ाने
को भी तैयार है। वह बस वह बात नह दे ख पा रहा जो हीरा सह दे ख रहा है — क गाय के भी मनeहोता
c o m g l as
m . a
as e
g l
a सेठ के कुछ कहने से पहले ही हीरा सह गाय को लेकर क्य चल दया?
प्र.4
co m
m . ag
l a se
हीरा सह इस लए चल दया, क्य क उसका मनaपूg
री तरह बदल चुका था। अब वह कोई बहस नह चाहता था और कोई नया कारण
भी नह सुनना चाहता था। उसने तय कर लया था क गाय आज ही गाँव जाएगी।
co m
em.
m l as
.co
उससे पहले वह सेठ से कह चुक ा था —
a g
a s em
“आप मुझ से िजतने महीने चाहे ं कसकर चाकरी करवाएँ,
a gl पर गाय आज ही यहाँ से गाँव चली जाएगी।
रु पए जब आपके चुक ता हो जाएँ, मुझसे कह दीिजएगा।”
m a s
em
.co agl
a s
उसका मन क्य बदला: उससे पछलीglरात सुंद रया खूँटा तुड़ाकर उसके दरवाज़े पर आ खड़ी हुई थी। वह उसे
a
अपराधी क आँख से दे ख रही थी, मानो कह रही हो — “म अपरा धनी ँ। ले कन मुझे क्षमा कर दे ना। म बड़ी
co m
.
दु खया ँ।” यह दे खकर हीरा सह वह्वल हो उठा और गाय क गदन से लपटकर दे र तक ससकता रहा। उसी रात
e m
m as
उसने समझ लया क गाय यहाँ जी वत नह रह पाएगी।
.co a g l
a s em यानी नौकरी। हीरा सह ने अपना घाटा मंज़ूर कर लया — रुपए तनख्वाह से कटते रह, वह बरस काम करता रहे, पर गाय
gl आज़ाद हो जाए। सेठ शायद फर कोई सौदा करना चाहते, इस लए हीरा सह ने उन्ह बोलने का मौका ही नह दया।
‘चाकरी’
a
se m
com g l a
. a
कहानी का अंत यही कहता है: कुछ रश्ते रुपय से बड़े होते ह।
m
ase
agl
m
सुद
ं रया और हीरा सह — पृष्ठ 53
. co
em
पात्र क वशेषताएँ ल खए — खाली खान वाली ग त व ध
m l as
.co a g
सुं द रया और हीरा सह ता लका
se m
g l a
a c
.
प्र.1 कहानी म सुंद रया क बहुत-सी वशेषताओं का पता चलता है। उन वशेषताओं को नीचे ल खए। आपक
सु वधा के लए एक उदाहरण दया जा रहा है— [वह बहुत आकषक है।]
s e m
m a
m . co agl
l a se
agछह खाने बने ह। पहले खाने म उदाहरण पहले से भरा है। बाक पाँच खाने आपको भरने ह।
पुस्तक म गाय के चत्र के चार ओर
नीचे सभी छह खाने भरकर दए गए ह।
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 9 of 45
Page 11
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
खाना सुंद रया क वशेषता पाठ से प्रमाण
1 ( दया वह बहुत आकषक है। “उसे दे खकर लोग को ई या होती थी।”
हुआ)
2 वह डील -डौल में काफी बड़ ी और स्वस्थ है। “सुंद रया गाय डील-डौल म काफ बड़ी थी।” और सेठ ने “वैसी
सुंदर, स्वस्थ गाय अब तक न दे खी थी।”
3 वह बहतु दू ध दे ती है — पंद ह से र से भी ऊपर। “पंद्रह सेर दूध उसके तले उतरता है।” “दूध पंद्रह सेर से कुछ ऊपर
ही बैठा।”
4 वह अपने पिरवार से बहुत प्यार करती है और उससे “गाय ने उसक ओर दे खा। जैसे पूछना चाहती थी — ‘क्या सचमुच
अलग नही ं होना चाहती। ही इसके साथ चली जाऊँ?’”
5 वह मनुष्य की भावनाएँ समझती है और अपनी बात “गाय ने मुँह ऊपर उठाया मानो पूछ रही हो — ‘बोलो मुझे क्या
आँखों से कह दे ती है। करना है?’”
6 उसमें अपनापन और पछतावा दोनों है ं — गलती लगने “सुंद रया उसे अपराधी क आँख से दे ख रही थी। मानो क्षमा याचना
पर वह क्षमा भी माँगती है। कर रही हो।”
तरीका: वशेषता ढूँ ढ़ने के लए यह पू छए — ‘वह कैसी है?’ और ‘वह क्या करती है?’ हर उत्तर एक वशेषता है।
फर उसके लए पाठ क एक पं क्त ढूँ ढ़ ली जए। बना प्रमाण के लखी वशेषता कमज़ोर होती है।
प्र.2 अब आप हीरा सह क वशेषताओं को अपनी लेखन-पु स्तका म ल खए।
हीरा सह क वशेषताएँ नीचे द गई ह। इन्ह अपनी लेखन-पु स्तका म इसी तरह ता लका बनाकर ल खए।
Page 10 of 45
Page 12
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
हीरा सह क वशेषता पाठ से प्रमाण
वह ईमानदार है। उसने सेठ को सच बता दया — “सेठ जी, सच यह है क वह गाय अपनी ही है।” और सेठ ने खुद कहा —
“तुम्हारे जैसा ईमानदार चौक दार हम दूसरा कहाँ मलेगा?”
वह मेहनती है। नौकरी क तलाश म गाँव से दल्ली आ गया और चौक दार का काम करने लगा। बाद म कहा — “ जतने महीने
चाह कसकर चाकरी करवाएँ।”
वह पशुओं से प्यार करता “हीरा सह ने खुद उसे सानी-पानी दया, सहलाया और अपने हाथ से दुहा।”
है।
वह भावुक है — िदल का “दे खकर हीरा सह वह्वल हो उठा। उसके आँसू रोके न रुके। वह सुंद रया क गदन से लपट दे र तक ससकता
कोमल। रहा।”
वह अपने पिरवार के पित गाय बेचने का वचार भी उसने घर क भूख मटाने के लए कया, और मले हुए रुपए गाँव भेज दए, जनसे
िज़ म्मेद ार है। मकान क मरम्मत हुई।
वह त्याग करना जानता है। गाय को गाँव भेजने के लए वह महीन बना रुपए के काम करने को तैयार हो गया — “रुपए जब आपके
चुकता हो जाएँ, मुझसे कह द जएगा।”
वह स्वािभमानी है। उसने सेठ से भीख नह माँगी। जो रुपया लया, उसे लौटाने या काम से चुकाने क बात कही।
छोटा-सा गुर: कसी पात्र क वशेषता जाननी हो तो उसके काम दे खए, उसक बात नह । हीरा सह ने कह नह
कहा क “म ईमानदार ँ” — उसके काम से यह अपने आप दख जाता है।
समझ और अनुभव — पृष्ठ 53
अपने अनुभव से जोड़कर सोचने वाले प्रश्न
समझ और अनु भ व
प्र.1 क्या आपको लगता है क पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते ह? कोई अनुभव साझा क जए।
हाँ, पशु-पक्षी हमारी भावनाएँ समझते ह। वे हमारी बात शब्द से नह , हमारी आवाज़, छू ने के तरीके और चेहरे से समझते ह।
पूरी कहानी इसी बात पर िटकी है —
घोसी के हाथ में गाय ने पाँच सेर दू ध भी नही ं िदया।
हीरािसंह के पुच कारने पर उसी गाय ने साढ़ े ते रह सेर दू ध दे िदया।
दू ध वही था, गाय वही थी — फ़क़ िसफ़ प्यार का था।
Page 11 of 45
Page 13
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
नमूना उत्तर (अपना अनुभव): हमारे घर के बाहर एक कुत्ता रहता है, जसका नाम हमने मोती रखा है। जस दन मेरी परीक्षा
खराब गई थी, म चुपचाप सीढ़ पर बैठा था। मोती आकर मेरे पैर के पास बैठ गया और मुझे दे खता रहा। वह उस दन भ का भी
नह । जब म हँसकर उठा, तब वह दुम हलाता हुआ मेरे साथ दौड़ने लगा। मुझे लगा क उसे मेरा दुख समझ आ गया था।
और उदाहरण जो आप दे सकते ह: बछड़ा माँ क आवाज़ पहचान लेता है · गाय पालने वाले के आते ही रँभाने
लगती है · तोता घर के लोग को पहचानकर बोलता है · बल्ली डाँट पड़ने पर छप जाती है।
प्र.2 जवाहर सह सुंद रया को मौसी कहकर क्य संबो धत करता होगा?
क्य क उसके लए सुंद रया कोई पालतू पशु नह , ब ल्क घर क एक बड़ी सदस्य थी। मौसी माँ क बहन को कहते ह — यानी माँ
जैसा ही प्यारा और भरोसे वाला रश्ता।
तीन कारण जो कहानी से नकलते ह:
1. गाय दूध दे ती है, माँ क तरह पालती है। जस घर म गरीबी हो, वहाँ गाय का दूध ब के लए माँ के दूध
जैसा ही सहारा होता है। इस लए ब े को वह माँ जैसी लगी।
2. जवाहर सह ही उसक दे खभाल करता था। रोज़ चारा-पानी दे ते-दे ते वह उससे बात भी करता होगा। जससे
रोज़ बात होती है, उसे नाम से नह , रश्ते से पुकारा जाता है।
3. हमारे यहाँ गाय को आदर से दे खा जाता है। भारत के गाँव म गाय को घर का सदस्य ही माना जाता है,
इस लए उसे रश्ते का नाम दे ना स्वाभा वक है।
इस एक शब्द का असर पूरी कहानी पर पड़ा। इसी ‘मौसी’ के कारण हीरा सह गाय बेचने से डरता था, और इसी कारण गाय लाते
समय उसे जवाहर सह को “जैसे-तैसे समझा-बुझाकर” लाना पड़ा।
प्र.3 हम दे खते ह क नगर म बड़े पशुओं (गाय, भस, ऊँट आ द) को पालतू बनाने वाले लोग क संख्या बहुत कम है।
आपको इसके क्या कारण लगते ह?
इसका मुख्य कारण यह है क नगर म बड़े पशु के लए जगह, चारा और समय — तीन जुटाना बहुत क ठन है।
Page 12 of 45
Page 14
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
कारण क्य
जगह की कमी नगर म लोग छोटे -छोटे फ्लैट म रहते ह। गाय-भस के लए खुला बाड़ा और खूँटा चा हए, जो वहाँ नह होता।
चारे की कमी गाँव म खेत, चरागाह और भूसा पास ही मल जाते ह। नगर म हरा चारा खरीदना पड़ता है और वह महँगा भी
है।
समय की कमी पशु को रोज़ दो बार चारा-पानी, दुहाई और सफ़ाई चा हए। नगर म लोग सारा दन नौकरी पर रहते ह।
सफ़ ाई और गोबर की गोबर और मूत्र नकालने क जगह नगर म नह होती। गाँव म उसी से खाद और उपले बन जाते ह।
समस्या
दू ध आसानी से िमल जाना नगर म डेयरी और थैली वाला दूध हर गली म मलता है। इस लए गाय पालने क ज़रूरत ही नह रह जाती।
यातायात और िनयम नगर क भीड़-भरी सड़क पर पशु घूमने से दुघटना हो सकती है। कई नगर म इसके नयम भी बने हुए ह।
सो चए: कहानी म हीरा सह भी यही मु श्कल भोगता है। सेठ के यहाँ गाय के लए अलग घोसी रखना पड़ता है,
क्य क नगर म मा लक के पास खुद गाय सँभालने का समय नह है।
प्र.4 पशु-पक्षी मनुष्य क तरह बोल तो नह पाते परंतु वे भी आपस म अपनी बात करते ह गे। क्या आप इस बात से
सहमत ह? अपने उत्तर के लए उदाहरण भी द जए।
हाँ, म इस बात से पूरी तरह सहमत ँ। पशु-पक्षी आपस म बात ज़रूर करते ह। बस उनक भाषा शब्द क नह होती — वह
आवाज़ , हाव-भाव और गंध क भाषा होती है।
उदाहरण वे क्या कहते ह
ची ंिटयाँ एक च ट को दाना मलता है तो थोड़ी दे र म पूरी कतार वहाँ पहुँच जाती है। वे रास्ते पर अपनी गंध छोड़ती जाती ह — यही
उनका ‘संदेश’ है।
कौआ एक कौआ ज़ोर-ज़ोर से काँव-काँव करता है तो कुछ ही पल म कई कौए इक े हो जाते ह। यह खतरे क सूचना होती है।
गाय और बछड़ा दूर हो तो गाय रँभाती है और बछड़ा उसी आवाज़ को पहचानकर दौड़ा चला आता है। सैकड़ गाय के बीच भी वह
बछड़ ा अपनी माँ क आवाज़ पहचान लेता है।
कु त्ते रात म एक कुत्ता भ कता है तो पूरी गली के कुत्ते जवाब दे ने लगते ह। दुम हलाना, कान झुकाना — ये सब भी उनके इशारे
ह।
मुग मुग एक खास आवाज़ नकालती है तो चूज़े दौड़कर उसके पंख के नीचे छप जाते ह।
Page 13 of 45
Page 15
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
कहानी से जो ड़ए: सुंद रया भी बोल नह पाती, फर भी अपनी बात पूरी तरह कह दे ती है। कभी मुँह ऊपर उठाकर,
mइसी लए वह
कभी अपराधी क आँख से दे खकर, कभी दूध रोककर। हीरा सह उसक यह भाषा समझ लेता हैe—
s
m
coले जाता है। gl a
. a
em
गाय को वापस
a s
agl
co m
ag
अनुमान और कल्पना — पृष्ठ 53
m .
कहानी से आगे बढ़कर सोचने और कल्पना करने वाले प्रश्न
ase
अनु मान और कल्पना a g l
co m
em.
गाय का नाम ‘सुंद रया’ कसने एवं क्य रखा होगा?
as
प्र.1
m l
.co a g
a s em
gयहl नाम सबसे अ धक संभव है क हीरा सह के प रवार ने रखा होगा — शायद जवाहर सह ने या उसक माँ ने। और नाम इस लए
a
रखा होगा, क्य क गाय दे खने म बहुत सुंदर थी।
m a s
m .co agl
‘सुंद िरया’ शब्द को तोड़ कर दे िखए —
l a se
सुंद र + इया = सुंद िरया a g
‘इया’ लगने से नाम में प्यार और अपनापन आ जाता है।
co m
m .
as e
com
यह.अनु a g l
e m
as
मान क्य ठ क बैठता है:
agl पाठ कहता है — “उसे दे खकर लोग को ई या होती थी।” यानी वह सचमुच सुंदर थी।
सेठ ने भी सोचा — “सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्ह ने अब तक न दे खी थी।”
se m
com g l a
. a
गाँव म पशुओं के नाम उनके रंग-रूप या स्वभाव से ही रखे जाते ह — का लया, गौरी, चंदा, लाली।
m
ase
agl
नाम रखने वाला वही होता है जो पशु को सबसे ज़्यादा प्यार करता है। इस घर म वह जवाहर सह था, जो उसे मौसी कहकर बुलाता
m
था। इस लए बहुत संभव है क नाम भी उसी का दया हुआ हो।
. co
em
c o m g l as
m . हीरा सह के घर से सुंद रया क वदाई के दृश्य क कल्पना क जए। a
a s e प्र.2
agl c
m .
s e
े उत्तर म ये चार बात होनी चा हए — la
. c om
यह दृश्य कहानी म लखा नह है, इस लए इसे आपको अपनी कल्पना से लखना है। एक अ
a g
se m
a
जगह और समय, घर के लोग के भाव, गाय के हाव-भाव, और अंत म वदाई का पल।
नमूना उत्तर:
ag l
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 14 of 45
Page 16
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
सवेरे का समय था। सूरज अभी ठीक से िनकला भी नही ं था।
हीरािसंह ने आँगन में खूँटे से सुंद िरया की रस्सी खोली।
जवाहर सह दौड़कर आया और गाय के गले से लपट गया। वह बोला — “मौसी को मत ले जाइए, पताजी।” उसक माँ ने उसे पीछे
ख च लया, पर उसक आँख भी भरी हुई थ । छोटे भाई-बहन दरवाज़े क ओट से दे ख रहे थे।
माँ ने अंदर से एक रोट और गुड़ लाकर सुंद रया को खलाया। उसके माथे पर हाथ फेरा और धीरे से कहा — “अ े घर जा रही है,
दुखी मत होना।” सुंद रया ने रोट तो ले ली, पर चबाना भूल गई।
गाय ने दरवाज़े तक जाकर एक बार मुड़कर आँगन क ओर दे खा। फर लंबी-सी रँभाहट नकाली। गोशाला म बँधा दूसरा पशु भी
जवाब म रँभा उठा। पड़ोस क कुछ औरत बाहर आ गईं। कसी ने कहा — “ऐसी गाय फर न मलेगी।”
हीरा सह ने रस्सी थामी और मुँह फेर लया, ता क कोई उसके आँसू न दे ख ले। जवाहर सह गली के मोड़ तक पीछे -पीछे दौड़ता रहा।
मोड़ पर आकर सुंद रया एक बार फर रुक , पीछे दे खा और तब धीरे-धीरे आगे बढ़ गई।
लखने का तरीका: दृश्य लखते समय आँख -दे खा हाल क तरह ल खए। ‘सब दुखी थे’ मत ल खए — ल खए
क कौन क्या कर रहा था। इसी से पाठक को दुख दखाई दे ता है।
प्र.3 सुंद रया को वापस घर लेकर जाते हुए हीरा सह को कैसा लग रहा होगा एवं क्य ?
हीरा सह को उस समय दो तरह के भाव एक साथ हुए ह गे — गहरा संतोष और साथ ही थोड़ी चता।
भाव क्य
संतोष और सुख उसने वही कया जो उसका मन कह रहा था। रात-भर क बेचैनी अब खत्म हो गई थी। सुंद रया फर से उसके
साथ थी।
हलकापन उसका ‘जी भर’ रहा था, आँसू रुक नह रहे थे। अब वह बोझ उतर गया। जैसे कोई गलती सुधार ली हो।
जवाहरिसंह की खुशी की उसे यह सोचकर अ ा लग रहा होगा क बेटा अपनी ‘मौसी’ को दे खकर कैसे दौड़ता हुआ आएगा।
क ल्पना
िचंता रुपए तो खच हो चुके थे। अब महीन तक तनख्वाह म से कटौती होगी। घर कैसे चलेगा — यह डर भी साथ
चल रहा होगा।
गाय के िलए िफ़ क्र गाँव म फर चारे क तंगी होगी। पर यह सोचकर वह मन को समझा लेता होगा क भूखी रहकर भी गाय अपने
घर म खुश रहेगी।
Page 15 of 45
Page 17
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
सबसे बड़ा भाव कौन-सा है: संतोष। क्य क उसने खुद कहा — “ जतने महीने चाह कसकर चाकरी करवाएँ, पर
गाय आज ही यहाँ से गाँव चली जाएगी।” जो आदमी अपनी मेहनत दे कर भी कुछ पाना चाहे, उसे वह चीज़ पाकर
सबसे बड़ा सुख मलता है।
भाषा क बात — पृष्ठ 54 और 55
मुहावरे, समानाथ शब्द, वाक्य का अथ और सवनाम पहचानना
भाषा क बात
प्र.1 (क) नीचे दए गए मुहावर का प्रयोग कहानी म कया गया है। कहानी म इन्ह ढूँ ढ़ए और इनके अथ लखकर
अपनी लेखन-पु स्तका म वाक्य बनाइए— लाज से गड़ जाना
अथ — बहुत श मदा हो जाना; शम के मारे कसी से आँख न मला पाना।
कहानी में यह पंिक्त पृष्ठ 47 पर है —
“हीरािसंह लाज से गड़ गया िक वह कै से बताए िक सुंद िरया उसके पिरवार का अंग है।”
वहाँ शम क्य आई: सेठ धनी था और हीरा सह उसका नौकर। अपने सेठ के सामने यह कहना क “एक गाय मेरे
लए प रवार जैसी है” — उसे बहुत छोटा और कमज़ोर लगा। इस लए वह चुप रह गया।
अपने वाक्य —
चोरी पकड़ी जाने पर मोहन लाज से गड़ गया।
पूरी कक्षा के सामने अपनी गलती सुनकर वह लाज से गड़ गई।
प्र.1 (ख) मुहावरा — दूध दे ने म कामधेनु
अथ — बहुत अ धक दूध दे ने वाली गाय। कामधेनु पुरानी कथाओं क वह गाय है जो माँगी हुई हर चीज़ दे दे ती थी। इस लए जो
गाय खूब दूध दे , उसे कामधेनु कहा जाता है।
कहानी में यह पंिक्त पृष्ठ 46 पर है —
“गाय तो ऐसी है िक दू ध दे ने में कामधेन ।
ु पंद ह सेर दू ध उसके तले उतरता है।”
यह बात हीरा सह सेठ से कहता है। वह गाय क तारीफ़ इसी एक शब्द म कर दे ता है।
Page 16 of 45
Page 18
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
अपने वाक्य —
चाचा जी क भस तो दूध दे ने म कामधेनु है।
हमारी गौशाला क लाली दूध दे ने म कामधेनु मानी जाती है।
प्र.1 (ग) मुहावरा — जी भर जाना
अथ — मन भर आना; दुख या प्यार के कारण रोने जैसा हो जाना।
कहानी में यह पंिक्त पृष्ठ 48 पर है —
“रु पए तो ले िलए लेिकन हीरािसंह का जी भरा जा रहा था।”
ध्यान द जए: ‘जी भर जाना’ और ‘जी भरकर खाना’ एक बात नह है। ‘जी भरकर’ का अथ है — मन भर जाने
तक, यानी खूब। पर ‘जी भर आना/जाना’ का अथ है — रोना आ जाना। यहाँ दूसरा अथ है, क्य क हीरा सह दुखी
था।
अपने वाक्य —
दाद को स्टे शन पर छोड़ते समय मेरा जी भर आया।
पुरानी तस्वीर दे खकर माँ का जी भर गया।
प्र.1 (घ) मुहावरा — एकटक दे खना
अथ — बना पलक झपकाए लगातार दे खते रहना।
कहानी में यह पंिक्त पृष्ठ 48 पर है —
“घोसी के पीछे -पीछे चली गई। हीरािसंह एकटक दे खता रहा।”
‘टक’ का अथ है नज़र। ‘एक-टक’ यानी एक ही नज़र से — नज़र हटाए बना। हीरा सह गाय को जाते हुए तब तक दे खता रहा, जब
तक वह दखती रही।
अपने वाक्य —
ब ा आसमान म उड़ते हवाई जहाज़ को एकटक दे खता रहा।
वह चत्र इतना सुंदर था क सब उसे एकटक दे खते रह गए।
Page 17 of 45
Page 19
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.1 (ङ) मुहावरा — आँख लगना
अथ — न द आ जाना; सो जाना।
कहानी में यह पंिक्त पृष्ठ 50 पर है —
“हीरािसंह चुपचाप अपनी कोठरी में जाकर लुढ़क गया। कब आँख लगी, कु छ पता नही ं।”
यहाँ यह मुहावरा क्य सुंदर लगता है: हीरा सह इतना दुखी और थका हुआ था क उसे पता ही नह चला क वह
कब सो गया। ‘वह सो गया’ लखने से यह बात नह आती। ‘कब आँख लगी, कुछ पता नह ’ से थकान भी दखती है
और मन का बोझ भी।
अपने वाक्य —
पढ़ते-पढ़ते कब आँख लग गई, पता ही नह चला।
बस म सफ़र करते हुए मेरी आँख लग गई।
प्र.2 (क) नीचे कुछ वाक्य दए गए ह। वाक्य म रेखां कत शब्द से मलते-जुलते अथ वाले शब्द चुनकर वाक्य पुनः
ल खए— सुंद रया क सुंदरता से कई लोग को जलन होती थी। (प्रसन्नता/ईष्या)
सही शब्द है — ईष्या।
नया वाक्य —
सुंद िरया की सुंद रता से कई लोगों को ईष्य होती थी।
जलन और ईष्या — दोन का अथ एक ही है: दूसरे के पास कोई अ चीज़ दे खकर मन म होने वाली कुढ़न।
प्रसन्नता क्य नह : प्रसन्नता का अथ है खुशी। खुशी और जलन एक-दूसरे के उलट ह। यहाँ लोग खुश नह थे, वे कुढ़ रहे थे।
पाठ से मलाइए: कहानी म यही बात इन शब्द म है — “उसे दे खकर लोग को ई या होती थी।”
प्र.2 (ख) वहाँ क गाय अ होती ह। एक गाय का बंदोबस्त कर दो। (प्रबंध/संकेत)
सही शब्द है — प्रबंध।
Page 18 of 45
Page 20
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
नया वाक्य —
m l as
.co
वहाँ की गाये ं अच् छी होती है।
ं एक गाय का पबंध कर दो।
a g
a s em
बंa gl और प्रबंध — दोन का अथ है: इंतज़ाम करना, व्यवस्था कर देना।
दोबस्त
m
संकेत क्य नह : संकेत का अथ है इशारा। सेठ हीरा सह से इशारा नह माँग रहा — वह चाहता है क गाय का इंतज़ाम हो जाए।
. co ag
e m
l as
दे खए: ‘प्रबंध’ शब्द इसी पाठ के ‘पाठ से’ प्रश्न 2 (ख) म भी आया है — “सुंद रया के लए चारे का प्रबंध करना
g
क ठन हो गया था।” a
co m
e m.
m l as
.co a g
प्र.2 (ग) सुंद रया मेरी रुसवाई क्य कराती है? (प्रशंसा/अपमान)
se m
l a
gउत्तर
a
s
सही शब्द है — अपमान।
m a
m .co agl
l a se
g
नया वाक्य —
सुंद िरया मेरा अपमान क्यों कराती है?
a
c o m
.
mहै।
रुसवाई का अथ है — अपमान, बदनामी। पुस्तक ने पृष्ठ 50 के ‘ शक्षण-संकेत’ म स्वयं यह अथ दया
s e
c नह : प्रशंसा का अथ है तारीफ़। यहाँ तो हीरा सह दुखी है — सेठ उसे धोखेबaाज़glकहa रहा है। तारीफ़ क बात कह नह
प्रशंसा क्यom
.
है।em
a s
agl
वाक्य बनाते समय ध्यान: ‘मेरी रुसवाई’ कहगे, पर ‘मेरा अपमान’ कहगे — क्य क ‘रुसवाई’ स्त्री लग है और
se m
com g l a
. a
‘अपमान’ पु ल्लंग। शब्द बदलने पर वाक्य के दूसरे शब्द भी बदल जाते ह।
m
ase
agl
m
सुंद रया को दे खकर हीरा सह वह्वल हो उठा। (भावुक/प्रसन्न)
co
प्र.2 (घ)
m .
m ase
.co
a g l
s e mसही शब्द है — भावुक।
agla
.c
नया वाक्य —
s e m
m a
e m
सुंद िरया को दे खकर हीरािसंह भावुक हो उठा।. co agl
g l as
a
वह्वल का अथ है — भाव से भरा हुआ, बेचैन; ऐसा क अपने पर काबू न रहे।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 19 of 45
Page 21
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्रसन्न क्य नह : प्रसन्न का अथ है खुश। पर पाठ आगे कहता है — “उसके आँसू रोके न रुके। वह सुंद रया क गदन से लपट दे र
तक ससकता रहा।” जो आदमी ससक रहा हो, वह प्रसन्न नह होता।
प्र.2 (ङ) आप मुझसे जतने महीने चाह, कसकर चाकरी करवाएँ। (नौकरी/बागवानी)
सही शब्द है — नौकरी।
नया वाक्य —
आप मुझ से िजतने महीने चाहे,ं कसकर नौकरी करवाएँ।
चाकरी का अथ है — नौकरी, सेवा। यह एक पुराना शब्द है।
बागवानी क्य नह : बागवानी का अथ है बाग-बगीचे क दे खभाल करना। हीरा सह माली नह , चौक दार था। वह सेठ से कह रहा है
क वे उससे जतने महीने चाह काम करा ल।
‘कसकर’ का अथ: यहाँ इसका अथ है — जी भरकर, पूरी सख़्ती से। यानी “मुझसे खूब काम ली जए, पर गाय
छोड़ द जए।”
प्र.3 (क) कहानी म से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दए गए ह। इन्ह ध्यानपूवक प ढ़ए और इन पर वचार क जए। आपको
इनका क्या अथ समझ आया? अपने वचार समूह म साझा क जए— रुपए तो ले लए ले कन हीरा सह का
जी भरा जा रहा था।
अथ — हीरा सह को गाय के रुपए तो मल गए, पर उसका मन भर आया। उसे खुशी नह हुई, दुख हुआ।
यह वाक्य क्या बताता है: इस एक वाक्य म दो उलट बात साथ रखी गई ह — ‘रुपए मले’ और ‘मन भर आया’।
बीच म ‘ले कन’ लगाकर लेखक कह दे ता है क रुपया सुख नह दे ता। जस चीज़ से हमारा दल जुड़ा हो, उसके
बदले म मला पैसा भी बोझ जैसा लगता है।
यह वाक्य पूरी कहानी क ‘चाबी’ है। इसके तुरंत बाद हीरा सह कहता है — “गाय क नौकरी पर मुझे लगा द जए। चाहे तनख्वाह
कम कर द जए।” यानी वह रुपया घटवाने को तैयार है, पर गाय से दूर नह होना चाहता।
मेरे वचार: कुछ चीज़ बक तो जाती ह, पर मन से नह जात । हीरा सह के हाथ म रुपए थे और आँख म आँसू।
Page 20 of 45
Page 22
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 (ख) गाय क नौकरी पर मुझे लगा द जए। चाहे तनख्वाह कम कर द जए।
अथ — हीरा सह सेठ से कह रहा है क उसे गाय क दे खभाल का काम दे दया जाए। इसके लए वह कम वेतन लेने को भी तैयार
है।
इसम कतनी बड़ी बात छपी है: दु नया म हर आदमी ज़्यादा तनख्वाह माँगता है। हीरा सह कम तनख्वाह माँग
रहा है। वह भी उस समय, जब उसके घर म खाने क कमी है। इसका सीधा अथ है क उसके लए सुंद रया का साथ
रुपए से भी बड़ा है।
‘गाय क नौकरी’ कहना भी बहुत सुंदर है। वह ऐसे कह रहा है जैसे गाय कोई मा लक हो और वह उसका नौकर बनना चाहता हो।
मेरे वचार: यह वाक्य बताता है क स ा प्यार सौदा नह करता। हीरा सह गाय बेचकर भी उसे छोड़ना नह चाहता — वह बस पास
रहना चाहता है।
आगे क्या हुआ: सेठ ने मना कर दया। उसने कहा क हीरा सह जैसा ईमानदार चौक दार दूसरा नह मलेगा और
उसे ोढ़ पर ही रहना होगा। तनख्वाह वह एक रुपया और बढ़ाने को तैयार था — पर काम वही रहेगा।
प्र.3 (ग) गाय ने उसक ओर दे खा। जैसे पूछना चाहती थी — “क्या सचमुच ही इसके साथ चली जाऊँ?”
अथ — गाय बोल नह सकती थी, पर उसक आँख हीरा सह से पूछ रही थ क क्या उसे सचमुच घोसी के साथ चला जाना है।
लेखक ने यह कैसे कहा: ध्यान द जए — लेखक ने यह नह लखा क ‘गाय ने पूछा’। उसने लखा है ‘जैसे पूछना
चाहती थी’। यानी गाय ने कुछ कहा नह , बस दे खा। पर उस दे खने म इतना कुछ था क हीरा सह समझ गया। यही
इस कहानी क सबसे बड़ी बात है — पशु भी हमसे बात करते ह, बस उनक भाषा शब्द क नह होती।
इस वाक्य के बाद हीरा सह ने उसे थपथपाया, तब वह घोसी के पीछे चली गई। यानी गाय ने उसक ‘हाँ’ का इंतज़ार कया।
मेरे वचार: यह वाक्य पढ़कर लगता है जैसे गाय एक भरोसा माँग रही हो। और सबसे दुखद बात यह है क हीरा सह उसे ‘हाँ’ कहता
है, जब क उसका अपना मन ‘ना’ कह रहा है।
प्र.3 (घ) फर गाय के गले पर सर रखकर बोला — “सुंद रया, दे ख... मेरी ओछ मत करा। म दूर ँ तो क्या! इसम मुझे
सुख है?”
अथ — हीरा सह गाय से वनती कर रहा है क वह उसे नीचा न दखाए। वह कह रहा है — म दूर ज़रूर ँ, पर इससे मुझे कोई सुख
नह मल रहा।
Page 21 of 45
Page 23
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
ओछ करना का अथ है — कसी को हलका दखाना, उसक बात छोट कर दे ना। गाय दूध नह दे रही थी, इस लए सेठ हीरा सह
को झूठा समझ रहा था।
यहाँ हीरा सह क्या कर रहा है: वह गाय को डाँट नह रहा। वह उससे ऐसे बात कर रहा है जैसे कसी अपने से करते
ह — गले पर सर रखकर, धीरे से। और अपनी सफ़ाई भी दे रहा है — “म दूर ँ तो क्या! इसम मुझे सुख है?” यानी
“म भी अपनी मज़ से दूर नह हुआ ँ, म भी दुखी ँ।”
मेरे वचार: यह वाक्य पढ़कर लगता है क दोन एक-दूसरे को समझा रहे ह और दोन ही मजबूर ह। यही मजबूरी कहानी को इतना
छू ने वाला बना दे ती है।
प्र.4 (क) रेखां कत शब्द कसके लए प्रयोग कए गए ह? पहचानकर ल खए— उसे एक सेठ के यहाँ चौक दार क
नौकरी मल गई। (रेखां कत — उसे)
यह उदाहरण पुस्तक म पहले से भरा हुआ है — हीरा सह के लए।
पूरा वाक्य पाठ में इस तरह है —
“नौकरी की तलाश में वह िद ल्ली चला आया। वहाँ उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी िमल गई।”
पहचानने का तरीका: ‘उसे’, ‘वह’, ‘उसके’, ‘उन्ह ने’ जैसे शब्द सवनाम कहलाते ह। सवनाम कसी नाम क जगह
आता है। यह जानने के लए क वह कसक जगह आया है, उससे पहले वाला वाक्य प ढ़ए। यहाँ पहले वाक्य म
‘वह दल्ली चला आया’ है और उससे भी पहले हीरा सह का नाम है। इस लए ‘उसे’ = हीरा सह।
प्र.4 (ख) उसे दे खकर लोग को ईष्या होती थी। (रेखां कत — उसे)
सुंद रया (गाय) के लए।
पाठ में इससे पहले का वाक्य —
“सुंद िरया गाय डील-डौल में काफी बड़ ी थी। उसे दे खकर लोगों को ईष्य होती थी।”
ठ क पहले वाले वाक्य म ‘सुंद रया गाय’ लखा है। इस लए ‘उसे’ सुंद रया के लए ही आया है।
Page 22 of 45
Page 24
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
ध्यान द जए: प्र.4 (क) म भी ‘उसे’ था और यहाँ भी ‘उसे’ है, पर दोन अलग-अलग के लए ह। इसी लए सवनाम
पढ़ते समय आस-पास का वाक्य दे खना ज़रूरी होता है।
प्र.4 (ग) वह कैसे बताए क सुंद रया उसके प रवार का अंग है। (रेखां कत — वह, उसके)
दोन रेखां कत शब्द हीरा सह के लए आए ह।
रेखां कत कसके कैसे पता चला
शब्द लए
वह हीरािसंह पूरा वाक्य पाठ म यह है — “हीरा सह लाज से गड़ गया क वह कैसे बताए…” यानी बताने वाला
हीरा सह ही है।
उसके हीरािसंह सुंद रया जस प रवार का अंग है, वह हीरा सह का ही प रवार है — बीवी, ब े और जवाहर सह।
‘अंग’ का अथ यहाँ: शरीर का हस्सा नह , ब ल्क सदस्य। ‘प रवार का अंग’ यानी प रवार का ही एक सदस्य।
प्र.4 (घ) सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्ह ने अब तक न दे खी थी। (रेखां कत — उन्ह ने)
सेठ जी के लए।
पाठ में इससे पहले का वाक्य —
ु खुश हएु । सचमुच वैसी सुंद र, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न दे खी थी।”
“गाय दे खकर सेठ बहत
‘उन्ह ने’ क्य , ‘उसने’ क्य नह : सेठ एक ही व्य क्त है, फर भी लेखक ने ‘उन्ह ने’ लखा। ऐसा आदर दखाने के
लए कया जाता है। इसी कारण पाठ म ‘सेठ बहुत खुश हुए’ भी लखा है, ‘हुआ’ नह । बड़े या आदरणीय व्य क्त के
लए हद म बहुवचन का प्रयोग होता है।
प्र.4 (ङ) गाय उसके साथ जाना ही नह चाहती थी। (रेखां कत — उसके)
घोसी के लए।
Page 23 of 45
Page 25
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
पाठ में पूरा वाक्य —
m l as
.co
“जब घोसी गाय को ले जाने लगा, तब गाय उसके साथ जाना ही नही ं चाहती थी।”
a g
a s em
aglयानी दूध दुहने और पशुओं क देखभाल करने वाला व्य क्त, ग्वाला। सेठ ने गाय उसी के सपुद यानी हवाले कर द थी।
घोसी
. com
अभ्यास क जए: इसी वाक्य को उलटकर दे खए — “गाय हीरा सह के साथ जाना चाहती थी।” अब ‘उसके’ का
ag
काम एक नाम ने ले लया। सवनाम इसी लए आते eहm
a s
agl
— ता क एक ही नाम बार-बार न दोहराना पड़े।
co m
पाठ से आगे — पृष्ठ 55 और 56
e m.
m l as
.co a g
पशु-प क्षय क दे खभाल, दूध और गौशाला से जुड़े व्यावहा रक काम
se m गतवध
g l a
पाठ से आगे
a
m a s
agl
नीचे कुछ चत्र दए गए ह। इनको दे खते हुए अपने समूह म चचा कर यह सुझाइए क हम पशु-प क्षय के लए
.co
प्र.1
m
क्या-क्या कर सकते ह। आप इनके अ त रक्त भी कुछ और बदु जोड़ सकते ह।
l a se
उत्तर a g
m
पुस्तक के पृष्ठ 55 पर छह चत्र दए गए ह। नीचे हर चत्र और उससे नकलने वाला सुझाव दया गया है।
. co
e m
m l as
.co
चत्र चत्र म क्या है हम क्या कर सकते ह
a g
se m
a
पेड़ पर या छत पर दाना-घर बनाकर बाँिधए और उसमें रोज़ थोड़ ा
l
1 पेड़ पर लकड़ी का घर, उसम दाना बखरा है और तीन नीली
ag च ड़याँ बैठ ह बाजरा या चावल डािलए।
se m
com a
सद में पशुओं को झूल या बोरी ओढ़ ाइए , तािक उ न्हे ं ठं ड न लगे।
l
2 एक बछड़ा लाल रंग क झूल ओढ़े खड़ा है
. a g
sem
गाजर , मूल ी जैस ी सिब्ज़ यों को छोटे-छोटे टुक ड़ ों में काटकर पशुओं
a
3 कट हुई स ब्ज़याँ — गोल-गोल सफ़ेद टु कड़े और गाजर-
मूली; दो हाथ कची से सब्ज़ी काटlरहे
ag
ह को िखलाइए , तािक वे आसानी से खा सकें ।
पशुओं को नहलाइए और साफ़ रिखए। गंद गी से उ न्हे ं बीमारी और
m
4 एक लड़क गाय को नहला-प छ रही है, पास बालट रखी है
कीड़ े लग जाते है।ं
. co
e m
c o m ददूसरी g l as
गरमी में छत या दीवार पर पानी का बरतन रिखए और रोज़ पानी
. a
5 वार पर पीला कटोरा भरा है, एक च ड़या पानी पी रही है,
em
बदिलए।
s
उड़कर आ रही है
gl a
a गली के कु त्ते -िबल्ली को खाना दीिजए। बचा हुआ खाना फें कने के
c
.
6 एक लड़क कटोरे से कुत्ते को खाना डाल रही है
बजाय उ न्हे ं दे दीिजए।
s e m
m a
e m . co agl
as
और भी कुछ बदु जो आप जोड़ सकते ह —
a g l
1. कसी भी पशु-पक्षी को न मा रए, न पत्थर फ कए।
2. चोट लगे या बीमार पशु के बारे म बड़ को बताइए और पशु- च कत्सालय तक खबर पहुँचाइए।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 24 of 45
Page 26
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
3. घ सले से अंडे या ब े मत उठाइए।
4. पतंग का माँझा पेड़ पर मत छो ड़ए — उसम पक्षी फँस जाते ह।
5. प क्षय को पजरे म बंद मत क जए।
6. कूड़ा-प्ला स्टक खुले म मत फ कए, क्य क गाय उसे खा लेती है।
समूह-चचा का तरीका: चार -पाँच के समूह बनाइए। हर समूह एक चत्र लेकर उस पर दो मनट बोले। फर सारे
सुझाव श्यामपट्ट पर एक सूची म ल खए और तय क जए क इस महीने आपक कक्षा कौन-से दो काम सचमुच
करेगी।
प्र.2 आपके घर म दूध कहाँ से आता है? यह भी पता क जए क कन- कन पशुओं का दूध पीने के लए उपयोग कया
जाता है।
यह पता लगाने वाला काम है। पहले घर म पू छए क दूध कहाँ से आता है, फर उसे लख ली जए।
दूध आने के तरीके —
1. अपने घर क गाय या भस से — गाँव म प्रायः ऐसा ही होता है।
2. दूधवाले (ग्वाले) से — वह रोज़ सवेरे बरतन म दूध दे कर जाता है।
3. डेयरी या दूध-बूथ से — थैली या बोतल म बंद दूध।
4. दुकान से — डब्बाबंद या पाउडर वाला दूध।
कन- कन पशुओं का दूध पया जाता है —
पशु कहाँ अ धक दूध क खास बात
गाय पूरे भारत म हलका और आसानी से पचने वाला। छोटे बच्चों को यही िदया जाता है।
भैस
ं उत्तर भारत म बहुत गाढ़ ा दू ध । इससे मलाई, दही और घी अिधक बनता है।
बकरी पहाड़ी और सूखे इलाक म कम मात्रा में, पर बीमारी में लाभदायक माना जाता है।
ऊँटनी राजस्थान, गुजरात रे िगस्तान के लोगों का मुख्य दू ध ।
भेड़ कुछ पहाड़ी क्षेत्र इससे पनीर जैस ी चीज़ ें बनती है।ं
याक ल ाख, अरुणाचल, स क्कम बहतु ठं डे पहाड़ ी इलाकों में इसी का दू ध और मक्खन काम आता है।
नमूना उत्तर: हमारे घर म दूध पास क डेयरी से आता है। पताजी रोज़ सवेरे थैली वाला दूध ले आते ह। कभी-कभी हमारे मोहल्ले
का ग्वाला भस का दूध भी दे जाता है। हमने पता कया क हमारे यहाँ सबसे अ धक गाय और भस का दूध पया जाता है। नानी के
गाँव म लोग बकरी का दूध भी पीते ह।
Page 25 of 45
Page 27
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 कसी गौशाला अथवा दुग्ध उत्पादन कद्र (डेयरी फाम) का भ्रमण कर पता क जए क पशुओं का लालन-पालन
कैसे कया जाता है। आप इस ग त व ध म शक्षक एवं अ भभावक क सहायता ले सकते ह।
यह भ्रमण वाला काम है। इसे शक्षक या घर के बड़ के साथ ही क जए। नीचे तरीका और एक नमूना रपोट द गई है।
भ्रमण से पहले —
1. शक्षक या अ भभावक से अनुम त और साथ ले ली जए।
2. एक छोट कॉपी और प सल साथ र खए।
3. पहले से पाँच-छह प्रश्न लख ली जए, ता क वहाँ पूछना याद रहे।
वहाँ ये प्रश्न पू छए —
यहाँ कतने पशु ह और कौन-कौन से ह?
उन्ह दन म कतनी बार और क्या-क्या खलाया जाता है?
पानी कहाँ से आता है? कतनी बार दया जाता है?
दूध कब-कब दुहा जाता है? हाथ से या मशीन से?
बाड़े क सफ़ाई कैसे होती है? गोबर का क्या कया जाता है?
पशु बीमार हो जाए तो क्या करते ह? ट के कब लगते ह?
सद -गरमी म उनके लए क्या खास इंतज़ाम होता है?
नमूना उत्तर (भ्रमण रपोट):
बात जो हमने दे खा
कहाँ गए अपने िशक्षक के साथ पास की गौशाला में।
कतने पशु वहाँ लगभग चालीस गाये ं और दस भैसं े ं थी ं। हर पशु के िलए अलग खूँटा था।
खाना िदन में तीन बार — हरा चारा, भूस ा और खली। पानी की नाँद हमेशा भरी रहती है।
दुहाई सवेरे और शाम — दो बार। कु छ गाये ं मशीन से दुही जाती है,ं कु छ हाथ से ।
सफ़ाई बाड़ ा रोज़ धोया जाता है। गोबर अलग ग े में डालकर खाद बनाई जाती है।
इलाज महीने में एक बार पशु-िचिक त्सक आते है ं और समय पर टीके लगाते है।ं
मौसम गरमी में पंखे चलते है,ं सद में बाड़ े में परदे लगाए जाते है ं और पशुओं को झूल ओढ़ ाई जाती है।
हमने क्या सीखा: पशु पालना केवल दूध लेना नह है। समय पर चारा, साफ़ पानी, साफ़ जगह, ट के और थोड़ा
प्यार — ये सब मलकर ही पशु को स्वस्थ रखते ह। कहानी म हीरा सह भी यही करता है — “सानी-पानी दया,
सहलाया और अपने हाथ से दुहा।”
Page 26 of 45
Page 28
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
कल्पना क उड़ान — पृष्ठ 56
सुंद रया और हीरा सह के बीच क क ल्पत बातचीत — चार खाली बुलबुले भ रए
कल्पना क उड़ान सं वाद-ले ख न
प्र.1 सेठ के घर से लौटकर जाते हुए हीरा सह सुंद रया को बहुत प्यार करता है, उसको सहलाता है एवं उससे बात
करता है। य द सुंद रया भी बोल सकती तो कल्पना क जए क सुंद रया और हीरा सह के बीच क्या बातचीत
होती।
पुस्तक के पृष्ठ 56 पर चार खाली बुलबुले बने ह। पहला और चौथा सुंद रया के पास है, दूसरा और तीसरा हीरा सह के पास। नीचे
चार बुलबुले भरकर दए गए ह।
बुलबुला कौन बोल रहा क्या कहेगा
है
1 सुंद िरया “मुझे माफ़ कर दे ना, हीरा। मैंने जान-बूझकर दू ध नही ं रोका था। तुम्हारे िबना मेरे तले दू ध उतरता ही नही ं
था।”
2 हीरािसंह “माफ़ ी तो मुझे माँग नी चािहए , सुंद िरया। घर की भूख ने मुझसे यह गलती करा दी। मैंने तुझे बेच िदया
था।”
3 हीरािसंह “अब िचंता मत कर। हम गाँव चल रहे है।
ं जवाहर तुझे दे खते ही दौड़ ा आएगा — वह तुझे आज भी मौसी ही
कहता है।”
4 सुंद िरया “बस , यही सुनना था। चारा कम िमले तो कोई बात नही,ं पर अब मुझे कभी अपने से दू र मत करना। ”
अपना संवाद लखते समय ध्यान र खए:
1. बातचीत म एक बोले, फर दूसरा — बारी-बारी से।
2. हर बुलबुले म एक-दो छोटे वाक्य ही ल खए। बुलबुले म लंबा उत्तर नह आता।
3. बात कहानी से जुड़ी होनी चा हए — दूध, चारा, घोसी, जवाहर सह, गाँव।
4. संवाद के आगे-पीछे उद्धरण चह्न (“ ”) लगाना मत भू लए।
यह अभ्यास क्य दया गया है: कहानी म गाय बोलती नह , पर लेखक बार-बार लखता है — ‘मानो पूछ रही हो’,
‘जैसे कहती हो’। यानी लेखक ने भी यही कल्पना क थी। अब वही काम आपको करना है।
नाटक-मंचन — पृष्ठ 57
Page 27 of 45
Page 29
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
कहानी को नाटक म बदलकर कक्षा म खे लए
नाटक-मं च न गतवध
प्र.1 आपने ‘सुंद रया’ कहानी पढ़ । इस कहानी को नाटक के रूप म बदलकर कक्षा म अपने समूह के साथ नाटक-
मंचन क जए।
यह करने वाला काम है। नीचे पूरा तरीका और एक छोटा नमूना नाटक दया गया है, जसे आप कक्षा म वैसे ही खेल सकते ह।
चरण 1 — पात्र बाँ टए। हीरा सह · सेठ जी · घोसी · जवाहर सह · सुंद रया (गाय) · सूत्रधार (जो बीच-बीच म कहानी बताए)।
चरण 2 — कहानी को चार दृश्य म बाँ टए।
दृश्य जगह क्या होता है
1 हिरयाणा का गाँव गरीबी। हीरािसंह गाय बेचने की सोचता है। जवाहरिसंह मना करता है।
2 िदल्ली — से ठ का घर से ठ गाय माँगता है। सौदा दो सौ पाँच रुपए में तय होता है। हीरािसंह सच बता दे ता है।
3 से ठ की ड ोढ़ ी गाय आती है। घोसी को दू ध नही ं दे ती। से ठ नाराज़ होता है। हीरािसंह खुद दुहता है।
4 रात और अगला सवेर ा सुंद िरया दरवाज़ े पर आती है। हीरािसंह िवह्व ल हो जाता है और गाय को ले क र गाँव चल दे ता है।
चरण 3 — सामान जुटाइए। हीरा सह के लए पगड़ी और अंगोछा · सेठ के लए कुरता और चश्मा · दूध के लए एक बालट · गाय
के लए कागज़ के दो स ग और गले म घंट ।
चरण 4 — नमूना संवाद (दृश्य 3 का एक हस्सा):
सेठ जी: हीरािसंह! त मु ने मुझे धोखे में क्यों रखा? गाय से सवेरे पाँच सेर दू ध भी तो नही ं उतरा।
हीरािसंह: (िसर झुक ाकर) सेठ जी, मैन
ं े खुद पंद ह सेर से ऊपर दू ध दुहकर आपको िदया था।
सेठ जी: तो जाकर गाय को दे खो।
(हीरािसंह गाय के पास जाता है, पुच कारता है)
हीरािसंह: सुंद िरया, मेरी रुसवाई क्यों कराती है?
(गाय मुँह ऊपर उठाती है)
हीरािसंह: (घोसी से) बालटी लाओ।
घोसी: मै ं तो पहले ही दुह चुक ा हूँ।
हीरािसंह: पर त मु बालटी तो लाओ।
Page 28 of 45
Page 30
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
m
.co
अ भनय क सलाह: गाय का पात्र बोलेगा नह । वह सर हलाकर, मुँह ऊपर उठाकर और आँख से ही अपनी बात
कहेगा — ठ क जैसे कहानी म है। सूत्रधार बीच-बीच म बता दे गा क गाय क्या कहना चाह रही है।em
c o m g l as
m . a
as e
a g l
बूझो पहेली — पृष्ठ 57
co m
. ag
तीन पहे लयाँ — उत्तर पृष्ठ के नीचे उलटा छपा है: “उत्तर — कोयल, कछु आ, नाव”
e m
बू झो पहे ली पहे ली
g l as
a
co m
प्र.1 राग सुरीला रंग से काली, सबके मन को भाती। बैठ पेड़ क डाली पर जो, मीठे गीत सुनाती।
e m.
m l as
.co a g
se m
l a
सरल अथ — इसक आवाज़ बहुत मीठ है और रंग काला है। यह सबको अ लगती है। पेड़ क डाली पर बैठकर यह मीठे गीत
a g है।
गाती
s
उत्तर — कोयल
om a
e
. c
mकैसे बैठता है agl
a s
पहेली का सुराग-शब्द वह कोयल पर
राग सुर ीला aglकी कू क सबसे मीठी मानी जाती है। ‘राग’ यानी गाने का सुर।
कोयल
co m
.
रंग से काली कोयल का रंग काला होता है। यही सबसे बड़ ा सुर ाग है।
e m
m l as
.co g
कोयल पेड़ों पर रहने वाली िचिड़ या है, आम के पेड़ पर वह खूब कू कती है।
a
बैठ पेड़ की डाली पर
a s eमीठेmगीत सुनाती
gl
वसंत में उसकी कू क सुनकर सबका मन खुश हो जाता है।
a
se m
com
मलान: पुस्तक ने पृष्ठ 57 के नीचे तीन उत्तर उलटे अक्षर म छापे ह — “उत्तर — कोयल, कछु आ, नाव”। पन्ने
g l a
m . a
e
को घुमाकर प ढ़ए और अपने उत्तर मला ली जए। पहली पहेली का उत्तर कोयल ही है।
g l as
a
कौआ क्य नह : कौआ भी काला होता है और पेड़ पर बैठता है। पर उसक आवाज़ ‘सुरीली’ या ‘मीठ ’ नह कही
co m
.
जाती। ‘राग सुरीला’ और ‘मीठे गीत’ — ये दो शब्द कौए को बाहर कर दे ते ह।
e m
m l as
.co a g
a s emप्र.2
agl
जल-थल दोन म है रहता, धीमी जसक चाल। खतरा पाकर समट जाए झट, बन जाता खुद ढाल।
.c
s e m
. c om a g la
s e m पर भी। इसक चाल बहुत धीमी है। खतरा दखते ही यह अपने आप को समेटकर
g aउसक ढाल बन जाती है।
सरल अथ — यह पानी म भी रहता है और ज़मीन
छपा लेता है और उसक अपनी पीठlही
उत्तर — कछु आ
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 29 of 45
Page 31
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
जल-थल का अथ है — पानी और ज़मीन। ढाल वह चीज़ होती है जससे लड़ाई म वार रोका जाता है।
पहेली का सुराग-शब्द वह कछु ए पर कैसे बैठता है
जल-थल दोनों में है रहता कछु आ पानी में तैर ता भी है और ज़ मीन पर चलता भी है।
धीमी िजसकी चाल कछु ए की धीमी चाल तो कहावत बन चुक ी है — ‘खरगोश और कछु ए ’ की कहानी याद कीिजए।
खतरा पाकर िसमट जाए झट डर लगते ही वह अपना िसर , पैर और पूँछ खोल के भीतर खी ंच ले ता है।
बन जाता खुद ढाल उसकी कड़ ी पीठ ही उसकी ढाल है। उसे अलग से कोई हिथयार नही ं चािहए।
मलान: उलट छपी पं क्त म दूसरा उत्तर कछु आ ही दया है।
प्र.3 लकड़ी का एक ऐसा घर, जो है जल म चलता। सबको अपने साथ बठाकर, पार सभी को करता।
सरल अथ — यह लकड़ी का बना हुआ है और घर जैसा दखता है, पर यह ज़मीन पर नह , पानी पर चलता है। यह सब लोग को
अपने भीतर बठाकर नद के उस पार पहुँचा दे ता है।
उत्तर — नाव
पहेली का सुराग-शब्द वह नाव पर कैसे बैठता है
लकड़ी का एक ऐसा घर पुर ाने ज़ माने की नावें लकड़ ी की बनती थी ं और ऊपर से खुल ी-सी झोपड़ ी जैस ी लगती थी ं।
जो है जल में चलता नाव ज़ मीन पर नही,ं पानी पर तैर ती है। यही उसकी सबसे बड़ ी पहचान है।
सबको अपने साथ िबठाकर एक नाव में कई लोग एक साथ बैठ जाते है।ं
पार सभी को करता नाव का काम ही यही है — इस िकनारे से उस िकनारे तक पहचु ँ ाना।
मलान: उलट छपी पं क्त का तीसरा उत्तर नाव है। पूरी पं क्त है — “उत्तर — कोयल, कछु आ, नाव”।
पहेली बूझने का तरीका: हर पहेली म एक शब्द सबसे बड़ा सुराग होता है। पहली म ‘काली’ और ‘सुरीला’, दूसरी
म ‘जल-थल’ और ‘ समट जाए’, तीसरी म ‘जल म चलता’। पहले वह शब्द ढूँ ढ़ए, फर बाक पं क्तय से जाँच
ली जए क उत्तर हर पं क्त पर सही बैठता है या नह ।
पुस्तकालय एवं अन्य ोत — पृष्ठ 57
Page 30 of 45
Page 32
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
‘सेर’ जैसी और कौन-सी प्राचीन भारतीय मापन इकाइयाँ थ
पु स्तकालय एवं अन्य ोत
प्र.1 इस पाठ म दूध क मात्रा को ‘सेर’ ारा दशाया गया है जो मापन क एक प्राचीन भारतीय इकाई थी। इसी प्रकार
वस्तुओं क मात्रा के मापन क और भी प्राचीन भारतीय इकाइयाँ प्रच लत थ । आप पुस्तकालय से मापन से
संबं धत पुस्तक ढूँ ढ़कर मापन क अन्य प्राचीन भारतीय इकाइय का पता लगाइए। इसके लए आप अपने शक्षक
और अ भभावक क भी सहायता ले सकते ह। कक्षा म सहपा ठय के साथ इसे साझा क जए।
यह खोजने वाला काम है। पुस्तकालय क कताब से, शक्षक से और घर के बड़ से पूछकर आप ये इकाइयाँ पता कर सकते ह।
नीचे कुछ प्रमुख पुरानी भारतीय इकाइयाँ द गई ह।
इकाई कस चीज़ के लए लगभग कतनी
रत्ती तौल — सोना, दवाई सबसे छोटी तौल। घुँघ ची के बीज के बराबर।
माशा तौल — सोना-चाँद 8 र त्त ी = 1 माशा
तोला तौल — सोना-चाँद 12 माशे = 1 तोला (लगभग 11–12 ग ाम )
छटाँक तौल — घी, मसाला 5 तोले = 1 छटाँक (लगभग 58 ग ाम )
पाव तौल — सब्ज़ी, अनाज 4 छटाँक = 1 पाव (लगभग 250 ग ाम )
आधा से र / अ ा तौल 2 पाव = आधा से र
से र तौल और दूध क मात्रा 4 पाव = 1 से र (लगभग एक िकलो) — इसी पाठ में आया है
धड़ी तौल — अनाज 5 से र = 1 धड़ ी
मन तौल — अनाज क बड़ी मात्रा 40 से र = 1 मन (लगभग 37 िकलो)
पसे र ी तौल — अनाज 5 से र का बाट, िजससे अनाज तौला जाता था
गज़ लंबाई — कपड़ा लगभग 91 से ंटीमीटर
हाथ लंबाई — रस्सी, कपड़ा कोहनी से उँ गिलयों तक की लंबाई
बािलश्त लंबाई खुल ी हथेल ी में अँगूठे से छोटी उँ गली तक की दू र ी
कोस दूरी लगभग 3 िकलोमीटर। गाँवों में आज भी कहते है ं — “दो कोस दू र है।”
बीघा ज़मीन का क्षेत्रफल खेत नापने की इकाई। हर पदे श में इसका माप कु छ अलग है।
कक्षा म साझा करने का तरीका —
1. दो-दो के जोड़े बनाइए। हर जोड़ा दो इकाइय पर पता लगाए।
Page 31 of 45
Page 33
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
2. दादा-दाद या नाना-नानी से पू छए — “आप बचपन म अनाज कस माप से लेते थे?”
3. पास क दुकान पर पू छए क क्या आज भी कोई पुराना बाट रखा है।
4. एक चाट बनाइए — एक ओर पुरानी इकाई, दूसरी ओर आज क इकाई ( ाम, कलो ाम, मीटर, कलोमीटर)।
पुरानी इकाइयाँ क्य बदल गईं: ‘हाथ’ और ‘बा लश्त’ हर आदमी के अलग-अलग होते ह। इस लए नाप हर जगह
एक-सा नह रहता था। सन 1956 के बाद पूरे दे श म एक ही व्यवस्था — मीटर, कलो ाम, लीटर — लागू कर द
गई, ता क हर जगह नाप एक बराबर रहे।
भूल-भुलय
ै ा — पृष्ठ 58
शब्द-पहेली — जवाहर सह का पत्र हीरा सह तक पहुँचाने के लए म हला डा कया को बाहर नका लए
भू ल -भु लै या शब्द-पहे ली
प्र.1 बाएँ से दाएँ का सूचक — 1. हीरा सह कहाँ रहता था? (चार खाने; पहले खाने म ‘ह’, तीसरे म ‘या’)
उत्तर — ह रयाणा
ह | िर | या | णा
पहला खाना ‘ह’ और तीसरा खाना ‘या’ पहले से छपा है — दोनों ठीक बैठते है।
ं
पाठ क पहली ही पं क्त यह बता दे ती है — “ह रयाणा के कसी गाँव म हीरा सह नामक एक कसान था।”
Page 32 of 45
Page 34
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
पूरी पहेली एक नज़र म —
क्रम दशा सूचक उत्तर खाने
1 बाएँ से दाएँ हीरा सह कहाँ रहता था? हिरयाणा 4
2 ऊपर से नीचे गाय का नाम क्या था? सुंद िरया 4
3 बाएँ से दाएँ जवाहर सह सुंद रया को क्या कहा करता था? मौसी 2
4 बाएँ से दाएँ सेठ के यहाँ हीरा सह को कौन-सी नौकरी मली? चौकीदार 4
5 ऊपर से नीचे मापन क एक प्राचीन इकाई। से र 2
6 ऊपर से नीचे सुंद रया को क्या कहा गया है? कामधे न ु 4
7 बाएँ से दाएँ दूध से क्या बनता है? मक्खन 3
8 बाएँ से दाएँ सुंद रया ने स्वयं को क्या कहा? दुिखया 3
9 बाएँ से दाएँ सुंद रया सेठ को दखने म कैसी लगी? सुंद र 3
10 बाएँ से दाएँ हीरा सह कैसा व्य क्त था? ईमानदार 5
11 ऊपर से नीचे ‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए। समझदार 5
12 ऊपर से नीचे ‘ सपुद’ का अथ क्या है? सौंपना 3
प्र.2 ऊपर से नीचे का सूचक — 2. गाय का नाम क्या था? (चार खाने; पहले खाने म ‘सुं’; अं तम खाना क्रम 1 वाले
‘या’ से मलता है)
उत्तर — सुंद रया
सुं | द | िर | या
पहला खाना ‘सुं’ छपा हुआ है। सबसे नीचे वाला खाना क्रम 1 (ह रयाणा) के तीसरे खाने ‘या’ पर आकर मलता है — इसी से दोन
शब्द जुड़ जाते ह।
यही पाठ का शीषक भी है और गाय का नाम भी।
Page 33 of 45
Page 35
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
बाएँ से दाएँ का सूचक — 3. जवाहर सह सुंद रया को क्या कहा करता था? (दो खाने; दूसरे म ‘सी’)
e
प्र.3
m l as
.co a g
a s em
a l मौसी
उत्तरg—
com
. ag
मौ | सी
se m
पाठ क पं क्त — “उसका बड़ा लड़का जवाहरa
सह
l a
g सुंद रया को मौसी कहा करता था।”
co m
m.
मौसी माँ क बहन को कहते ह। इसी एक शब्द से पता चल जाता है क गाय उस घर के लए कतनी अपनी थी।
m as e
.co a g l
a s em
a glप्र.4 बाएँ से दाएँ का सूचक — 4. सेठ के यहाँ हीरा सह को कौन-सी नौकरी मली? (चार खाने; पहले म ‘चौ’, तीसरे म
‘दा’)
m a s
m .co agl
se
g l a
a
उत्तर — चौक दार
co m
.
चौ | की | दा | र
e m
पाठ क .c
m
पंoक्त — “वहाँ उसे एक सेठ के यहाँ चौक दार क नौकरी मल गई।” g l as
em a
a s
agl
इस शब्द का आ खरी खाना ‘र’ नीचे जाने वाले क्रम 5 (सेर) से जुड़ा हुआ है।
se m
com g l a
m . a
ase
प्र.5 ऊपर से नीचे का सूचक — 5. मापन क एक प्राचीन इकाई। (दो खाने; पहले म ‘से’)
agl
co m
.
उत्तर — सेर
e m
m l as
m .सेco| र a g
l a se
ag
.c
m
‘र’ वाला खाना क्रम 4 (चौक दार) के आ खरी खाने से मलता है।
m a s e
co agl
पाठ म दूध इसी माप से नापा गया है — “पंद्रह सेर दूध उसके तले उतरता है”, “साढ़े तेरह सेर दूध”। एक सेर लगभग एक
m .
e
कलो ाम के बराबर होता था।
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 34 of 45
Page 36
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 ऊपर से नीचे का सूचक — 6. सुंद रया को क्या कहा गया है? (चार खाने; पहले म ‘का’, अं तम म ‘नु’)
उत्तर — कामधेनु
का | म | धे | नु
पाठ क पं क्त — “गाय तो ऐसी है क दूध दे ने म कामधेनु।”
दूसरा खाना ‘म’ है और यही खाना क्रम 7 (मक्खन) का पहला अक्षर भी बन जाता है। पहला खाना ‘का’ और चौथा ‘नु’ पुस्तक म
छपे हुए ह।
कामधेनु कौन है: पुरानी कथाओं क वह गाय, जो माँगी हुई हर चीज़ दे दे ती थी। इसी लए बहुत दूध दे ने वाली गाय
को कामधेनु कहा जाता है।
प्र.7 बाएँ से दाएँ का सूचक — 7. दूध से क्या बनता है? (तीन खाने; बीच वाले म ‘क्ख’)
उत्तर — मक्खन
म | क्ख | न
पहला खाना ‘म’ ऊपर से आ रहे क्रम 6 (कामधेनु) का दूसरा अक्षर है। बीच वाला ‘क्ख’ पुस्तक म छपा हुआ है।
दूध से दही, मलाई, मक्खन, घी, पनीर, खोया और छाछ — सब बनते ह। पर तीन खान म और ‘क्ख’ के साथ केवल मक्खन ही
बैठता है।
प्र.8 बाएँ से दाएँ का सूचक — 8. सुंद रया ने स्वयं को क्या कहा? (तीन खाने; पहले म ‘दु’, तीसरे म ‘या’)
उत्तर — दु खया
दु | िख | या
पाठ क पं क्त — गाय क आँख मानो कह रही थ — “म अपरा धनी ँ। ले कन मुझे क्षमा कर दे ना। म बड़ी दु खया ँ।”
Page 35 of 45
Page 37
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
दु खया का अथ है — दुख भोगने वाली। यह पूरे पाठ का सबसे मा मक शब्द है, क्य क यह गाय क ओर से कहा
गया है।
प्र.9 बाएँ से दाएँ का सूचक — 9. सुंद रया सेठ को दखने म कैसी लगी? (तीन खाने; बीच वाले म ‘द’)
उत्तर — सुंदर
सुं | द | र
पाठ क पं क्त — “सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्ह ने अब तक न दे खी थी।”
ध्यान द जए: बीच का खाना ‘द’ छपा है। ‘सुंद रया’ भी ‘सुं’ से शुरू होता है, पर वह चार खान का शब्द है और
इस पं क्त म तीन ही खाने ह। इस लए यहाँ उत्तर सुंदर है।
प्र.10 बाएँ से दाएँ का सूचक — 10. हीरा सह कैसा व्य क्त था? (पाँच खाने; पहले म ‘ई’, तीसरे म ‘न’, पाँचव म ‘र’)
उत्तर — ईमानदार
ई | मा | न | दा | र
पाठ म सेठ जी खुद कहते ह — “हीरा सह, तुम्हारे जैसा ईमानदार चौक दार हम दूसरा कहाँ मलेगा?”
इस शब्द का आ खरी खाना ‘र’ ऊपर से आ रहे क्रम 11 (समझदार) का भी आ खरी अक्षर है — यह दोन शब्द मलते ह।
हीरा सह क ईमानदारी कहानी म दखती भी है — उसने सेठ को साफ़ बता दया क गाय उसक अपनी है, जब क
छपाकर वह ज़्यादा दाम भी ले सकता था।
प्र.11 ऊपर से नीचे का सूचक — 11. ‘दार’ प्रत्यय से एक शब्द बनाइए। (पाँच खाने; पहले म ‘स’, अं तम खाना क्रम
10 वाले ‘र’ से मलता है)
उत्तर — समझदार
Page 36 of 45
Page 38
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
स | म | झ | दा | र
प्रत्यय वह टु कड़ा होता है जो शब्द के अंत म जुड़कर नया शब्द बना दे ता है। ‘दार’ प्रत्यय से बहुत-से शब्द बनते ह —
समझ + दार = समझदार
ईमान + दार = ईमानदार
दुकान + दार = दुकानदार
चौक + दार = चौक दार
ज़म्मा + दार = ज़म्मेदार
यही शब्द क्य : खाने पाँच ह, पहला अक्षर ‘स’ है और आ खरी ‘र’ है (जो क्रम 10 से आ रहा है)। ‘दुकानदार’ और
‘चौक दार’ पहले अक्षर पर नह बैठते। ‘समझदार’ तीन शत पूरी करता है।
प्र.12 ऊपर से नीचे का सूचक — 12. ‘ सपुद’ का अथ क्या है? (तीन खाने; पहले म ‘स ’, तीसरे म ‘ना’)
उत्तर — स पना
सौं | प | ना
यह अथ पुस्तक ने स्वयं पृष्ठ 50 के शक्षण-संकेत म दया है — “ सपुद, रुसवाई, मसनूई … इनका अथ क्रमशः स पना, अपमान
और बनावट है।”
पाठ क पं क्त — “घोसी को बुलाकर सेठ जी ने गाय उसके सपुद कर द ।” यानी गाय घोसी को स प द ।
पहेली पूरी होने पर: सारे शब्द भर जाने पर रास्ता बन जाता है और म हला डा कया भूल-भुलैया से बाहर नकलकर
जवाहर सह का पत्र हीरा सह तक पहुँचा दे ती है।
हाथी और च ट — पृष्ठ 59 और 60
Page 37 of 45
Page 39
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
पाठ के बाद छपी बना क्रमांक क रचना — सड़क-सुरक्षा सखाती एक छोट कहानी
अनु पू र क रचना हाथी और च ट
प्र.1 ‘हाथी और च ट ’ रचना कस बारे म है? इसे अपने शब्द म बताइए।
यह एक छोट -सी मज़ेदार कहानी है, जो हँसते-हँसते सड़क-सुरक्षा क बात सखा दे ती है। यह पाठ 5 के बाद पृष्ठ 59 पर बना
क्रमांक के छपी है।
कहानी इस तरह है —
1. च ट रानी अपनी फटफ टया (मोटर साइ कल) पर बैठकर कुश्ती दे खने जा रही थी।
2. रास्ते म हाथी भाई मले। उन्ह ने हाथ दखाया तो च ट रुक गई।
3. हाथी बोला — “म सोच रहा था क मेरे जैसे पहलवान को छोड़कर तुम्ह अकेले कुश्ती दे खने म आनंद नह आएगा।”
4. च ट ने कहा — “ठ क है पहलवान भाई, पीछे बैठ जाइए।” हाथी के बैठते ही उसने सरपट फटफ टया दौड़ा द ।
5. रास्ते म एक रोड़ा (पत्थर) आ गया। फटफ टया पलट गई।
6. हाथी के सर पर बहुत चोट लगी, पर च ट को केवल मामूली-सी खर च आई।
रचना का भाव: कहानी बड़े-छोटे क नह है। यह इस बात क है क नयम मानने वाला बच जाता है। हाथी बड़ा
और ताकतवर था, फर भी उसे ज़्यादा चोट लगी — क्य क उसने हेलमेट नह पहना था। च ट छोट थी, पर सुर क्षत
रही।
पछली कक्षा से जुड़ाव: रचना क पहली पं क्त कहती है — “आपने कक्षा 3 क पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ म च ट और
हाथी क छु पन-छु पाई का आनंद लया होगा।” यानी ये दोन पात्र पहले भी मल चुके ह।
प्र.2 सो चए, च ट को चोट क्य नह आई?
च ट को चोट इस लए नह आई, क्य क उसने हेलमेट पहन रखा था।
पुस्तक ने पृष्ठ 59 के नीचे उत्तर उलटे अक्षरों में छापा है —
“उत्तर — ची ंटी ने हेलमेट पहन रखा था।”
प े को घुमाकर पिढ़ ए और अपना उत्तर िमला लीिजए।
चत्र म भी यही दखता है। च ट के सर पर नीले रंग का हेलमेट है। और अस्पताल वाले चत्र म हाथी के सर पर प ट्टयाँ बँधी ह,
जब क च ट बगल क छोट चारपाई पर आराम से बैठ है।
Page 38 of 45
Page 40
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
हेलमेट काम कैसे करता है: गरने पर सबसे पहले और सबसे ज़ोर क चोट सर पर लगती है। हेलमेट एक कड़ा
m a s emए क पीठ
gl
खोल है, जो चोट को अपने ऊपर ले लेता है और सर तक पहुँचने नह दे ता — ठ क वैसे ही जैसे कछु
. coजाती है। a
em
उसक ढाल बन
a s
gl
aध्यान द जए: हाथी बहुत बड़ा और ताकतवर था, फर भी चोट उसे ज़्यादा लगी। यानी सुरक्षा ताकत से नह ,
co m
ag
सावधानी से मलती है।
m .
as e
a g l
च ट बन हाथी नह । ै फक नयम का पालन कर। आप क्या-क्या कर सकते ह—
m
प्र.3
co
e m.
om g l as
पुस्तक ने पृष्ठ.c60 पर स्वयं ये नयम बताए ह। इन्ह नीचे क्रम से रखा गया है।
em a
a s
gl
a क्रम क्या करना है क्य
m a s
.co agl
1 चलने के िलए सड़ क के िकनारे बनी पटिरयों (फु टपाथ) का उपयोग कीिजए। बीच सड़क पर चलने से वाहन टकरा सकता है।
se m
g l a
a
2 सड़ क पार करनी हो तो सावधानी बरितए। जल्दबाज़ी ही सबसे बड़ी दुघटना का कारण बनती
है।
co m
.
3 लाल बत्ती होने की पतीक्षा कीिजए , क्योंिक लाल बत्ती जलने पर वाहनों को तब सड़क खाली होती है और पार करना सुर क्षत
रुकना होता है। रहता है।
se m
m
4 .coसड़ क के दोनों ओर दे िखए और जेबा क्रॉिसंग के िचह्न पर चलकर ही पार जे a
l a
g सग पैदल चलने वाल के लए ही बनी
m
ase कीिजए।
ा क्रॉ
agl
होती है।
se m
5 अिभभावकों के साथ हों तो उनका हाथ अवश्य पकिड़ ए। भीड़ म ब ा अकेला पड़ जाए तो खतरा बढ़ जाता
com
है।
g l a
m . a
ase
agl
6 सड़ क पार करते समय न बातचीत कीिजए , न दौिड़ ए। पुस्तक के शब्द म — “वरना ध्यान भटक सकता
है।”
इनके अलावा आप ये भी कर सकते ह —
co m
m .
m
दुप हया वाहन पर बैठते समय हेलमेट ज़रूर पह नए — च ट क तरह।
as e
.co a g l
m सड़क पर या वाहन म खे लए नह ।
कार म बैठ तो सुरक्षा पेट (सीट बेल्ट) लगाइए।
l a se
ag
.c
घर के बड़ को भी याद दलाइए क वे नयम मान।
s e m
m a
. co agl
शीषक का अथ: “च ट बन हाथी नह ” — यानी च ट क तरह सावधान ब नए, हाथी क तरह लापरवाह नह । यही
e m
l as
इस पूरी रचना का संदेश है।
a g
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 39 of 45
Page 41
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 अब आप नीचे दए गए सड़क संकेत (रोड साइन) को पहचा नए और सम झए—
पृष्ठ 60 पर छह सड़क संकेत दए गए ह। हर संकेत का नाम पुस्तक ने चत्र के नीचे छाप दया है। नीचे हर संकेत का रूप और
उसका अथ दया गया है।
संकेत दखने म कैसा है क्या कहता है
यातायात खंभे पर लगी बत्ती, जसम ऊपर से नीचे तीन गोले — लाल, लाल — रुक जाइए। पीला — तैयार हो जाइए। हरा —
संके तक पीला और हरा अब जाइए। इसे ही टैिफक लाइट कहते है।ं
पैद ल क्रॉिसंग लाल कनारी वाला तकोना बोड, जसम एक आदमी सफ़ेद यहाँ पैद ल चलने वाले सड़ क पार करते है।ं पैद ल यात्री
धा रय पर चलता दख रहा है यही ं से पार करे ं और वाहन चालक यहाँ गित धीमी करे ं।
रुिकए लाल रंग का आठ कोन वाला बोड वाहन को यहाँ पूर ी तरह रोकना है। यह ‘स्टॉप’ का िचह्न
है।
हेल मेट पहिनए पीले चौकोर बोड पर काले रंग का हेलमेट दुपिहया वाहन चलाने और उस पर बैठने वाले , दोनों हेल मेट
पहने।ं कहानी में ची ंटी इसी कारण बच गई।
सुर क्षा पेटी नीले गोल चह्न म बैठा हुआ आदमी, जसके ऊपर से पेट कार में बैठते ही सीट बेल्ट लगाना ज़ रूरी है। ‘अिनवाय’
अिनवाय है बँधी है का अथ है — जो करना ही पड़ ेगा।
फु टपाथ पर हरे रंग का बोड, जस पर सफ़ेद रंग म चलता हुआ आदमी पैद ल चलने वाले सड़ क पर नही,ं िकनारे बने फु टपाथ पर
चले ं और नीचे लखा है ‘सावज नक पैदल पथ (फुटपाथ)’ चले ं।
रंग भी कुछ कहते ह: लाल रंग रोकने या मना करने के लए होता है। पीला रंग चेतावनी दे ता है — सावधान हो
जाइए। नीला रंग बताता है क यह काम करना ही है। हरा रंग कहता है क आगे ब ढ़ए या यह रास्ता आपके लए है।
करके दे खए: स्कूल जाते-आते रास्ते म जो संकेत दख, उन्ह अपनी कॉपी म बनाइए और नीचे उनका अथ ल खए।
कक्षा म सबके चत्र मलाकर एक ‘सड़क-संकेत चाट’ बना ली जए।
प्र.5 ‘हाथी और च ट ’ रचना का ‘सुंद रया’ पाठ से क्या संबंध है?
दोन रचनाओं म पशु मुख्य पात्र ह और दोन ही यह बात कहती ह क बड़ा होना ही सब कुछ नह होता।
Page 40 of 45
Page 42
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
बात सुंद रया हाथी और च ट
िवधा कहानी — गंभीर और भावुक छोटी हास्य-कहानी — हँस ाते हुए िसखाने वाली
मुख्य पात्र एक गाय और एक कसान एक हाथी और एक ची ंटी
पशु की भूिमका गाय बोलती नह , पर आँख से सब कह दे ती है यहाँ पशु मनुष्यों की तरह बोलते और वाहन
चलाते है ं
छोटा बनाम सेठ के पास रुपया और ताकत है, पर जीत गरीब हीरा सह के प्यार क हाथी बड़ ा और पहलवान है, पर बचती छोटी
बड़ा होती है ची ंटी है
संदे श रश्ते और भावनाएँ रुपए से बड़ी ह सावधानी और िनयम ताकत से बड़ े है ं
एक और जुड़ाव: ‘सुंद रया’ म हम सीखते ह क पशु हमारी भावनाएँ समझते ह, इस लए उनसे प्यार क जए। ‘हाथी
और च ट ’ म वही पशु हम सखाते ह क अपना ध्यान कैसे रखा जाए। दोन मलकर एक ही बात कहते ह — दूसर
का भी ध्यान र खए और अपना भी।
अध्याय — एक नज़र म
सुंद रया एक कहानी है। इसके रचनाकार जैनद्र कुमार ह — यह नाम कहानी के अंत म पृष्ठ 50 पर छपा है। जैनद्र कुमार हद
के प्र सद्ध कहानीकार और उपन्यासकार थे। उनक कहा नयाँ मन के भीतर के भाव को बहुत सादगी से कहती ह। यह कहानी
भी वैसी ही है।
कहानी ह रयाणा के एक गाँव से शुरू होती है। वहाँ हीरा सह नाम का एक कसान रहता है। वह गरीब है। उसक समझ म यह
नह आता क वह अपने बीवी-ब और अपनी प्यारी गाय सुंद रया क परव रश — यानी पालन-पोषण — कैसे करे।
सुंद रया साधारण गाय नह है। वह डील-डौल यानी शरीर के आकार म काफ बड़ी है। उसे दे खकर लोग को ई या होती है। वह
पंद्रह सेर दूध दे ती है। हीरा सह उसे ‘दूध दे ने म कामधेनु’ कहता है। हीरा सह का बड़ा लड़का जवाहर सह उसे मौसी कहकर
बुलाता है। यानी गाय घर क सदस्य जैसी है।
गरीबी के कारण हीरा सह चारा तक नह जुटा पाता। वह नौकरी क तलाश म दल्ली आ जाता है। वहाँ उसे एक सेठ के यहाँ
चौक दार क नौकरी मल जाती है। सेठ को एक अ गाय चा हए। हीरा सह पहले घुमा- फराकर बात करता है, फर सच
बता दे ता है क वह गाय उसक अपनी है। सेठ खुश होकर दो सौ पाँच रुपए म सौदा तय कर लेता है।
गाय आ जाती है। हीरा सह खुद उसे सानी-पानी दे ता है, सहलाता है और अपने हाथ से दुहता है। दूध पंद्रह सेर से भी कुछ
ऊपर उतरता है। पर जैसे ही गाय घोसी — यानी दूध दुहने और पशु सँभालने वाले नौकर — के हवाले होती है, वह दूध दे ना बंद
कर दे ती है। सवेरे पाँच सेर दूध भी नह उतरता। सेठ को लगता है क हीरा सह ने धोखा कया है।
हीरा सह जब खुद जाकर पुचकारता है, तब वही गाय साढ़े तेरह सेर दूध दे दे ती है। एक रात तो सुंद रया खूँटा तुड़ाकर ोढ़
— यानी घर के मुख्य दरवाज़े के भीतर क जगह — म आकर अपना दूध गरा जाती है। फर वह हीरा सह के दरवाज़े पर आ
खड़ी होती है और अपराधी क आँख से उसे दे खती है, मानो क्षमा माँग रही हो।
यह दे खकर हीरा सह वह्वल — यानी भावुक और बेचैन — हो उठता है। उसके आँसू रुकते नह । अगले सवेरे वह सेठ से
कहता है क वे उससे चाहे जतने महीने कसकर काम करवा ल, पर गाय आज ही गाँव चली जाएगी। और सेठ कुछ कह, इससे
पहले ही वह गाय को लेकर चल दे ता है।
Page 41 of 45
Page 43
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
कहानी का भाव यह है क पशु भी हमारी भावनाएँ समझते ह। सुंद रया दूध इस लए नह दे ती क वह ज है, ब ल्क
इस लए क वह अपने प रवार से अलग नह होना चाहती। और हीरा सह के लए भी सुंद रया सफ़ एक गाय नह , प रवार का
अंग है। रुपया उससे बड़ा नह है।
कहानी क भाषा म कुछ पुराने शब्द आए ह — सपुद (स पना), रुसवाई (अपमान) और मसनूई (बनावट )। पुस्तक ने पृष्ठ
50 के ‘ शक्षण-संकेत’ म इनके अथ स्वयं दे दए ह। पाठ के बाद पृष्ठ 59–60 पर बना क्रमांक क एक और रचना हाथी और
च ट छपी है, जो हँसते-हँसते सड़क-सुरक्षा और हेलमेट क बात सखा दे ती है।
Page 42 of 45
Page 44
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द अथ पाठ क पं क्त अपने वाक्य म प्रयोग
परव रश पालन-पोषण, दे खभाल “वह अपने बीवी-ब और अपनी प्यारी दाद ने अपने पोते क परव रश बड़े
गाय सुंद रया क परव रश कैसे करे?” प्यार से क ।
डील-डौल शरीर का आकार और गठन “सुंद रया गाय डील-डौल म काफ बड़ी पहलवान का डील-डौल दे खकर
थी।” सब च क गए।
ई या दू स रे के पास अच्छी चीज़ दे खकर होने “उसे दे खकर लोग को ई या होती थी।” अ े दोस्त एक-दूसरे से ई या नह
वाली जलन करते।
चारा पशुओ ं का खाना — घास, भूस ा आिद “गरीबी के कारण हीरा सह गाय का चारा सुबह-सुबह कसान भस के आगे
भी नह जुटा पाता था।” चारा डालता है।
बंदोबस्त पबंध , इंतज़ाम “एक गाय का बंदोबस्त कर दो।” बा रश आने से पहले छत का
बंदोबस्त कर लो।
नगाह नज़र, दृ िष्ट “एक है मेरी नगाह म।” मेरी नगाह म यह कताब सबसे
अ है।
कामधेनु कथाओं की वह गाय जो माँग ी हुई हर चीज़ दे “गाय तो ऐसी है क दूध दे ने म कामधेनु।” हमारी काली गाय तो दूध दे ने म
दे ती थी; बहुत दू ध दे ने वाली गाय कामधेनु है।
सेर वज़न और मात्रा नापने की एक पुर ानी “पंद्रह सेर दूध उसके तले उतरता है।” पहले लोग आटा सेर म तौलकर
भारतीय इकाई (लगभग एक िकलो के लाते थे।
बराबर)
लाज से गड़ बहुत शिम दं ा हो जाना “हीरा सह लाज से गड़ गया।” झूठ पकड़े जाने पर मोहन लाज से
जाना गड़ गया।
सपुद सौंपना, हवाले करना “घोसी को बुलाकर सेठ जी ने गाय उसके चाबी मने चौक दार के सपुद कर
सपुद कर द ।” द।
घोसी दू ध दुहने और पशु सँभालने वाला व्यिक्त; “हीरा सह ने घोसी से कहा — ‘बालट घोसी सवेरे-सवेरे गाय दुहने आ
ग्वाला लाओ।’” जाता है।
सानी-पानी पशु को िदया जाने वाला भीगा चारा और “हीरा सह ने खुद उसे सानी-पानी दया।” भैया रोज़ बछड़े को सानी-पानी
पानी दे ता है।
दुहना पशु का दू ध िनकालना “अपने हाथ से दुहा।” नानी अब भी खुद गाय दुहती ह।
ोढ़ घर के मुख्य दरवाज़े के भीतर की जगह, “बहुत-सा दूध ोढ़ म बखरा हुआ था।” अम्मा ोढ़ म बैठकर हमारा
दे हरी रास्ता दे खती थ ।
तनख्वाह काम के बदले िमलने वाला महीने का वेतन “चाहे तनख्वाह कम कर द जए।” पताजी को हर महीने क पहली
तारीख़ को तनख्वाह मलती है।
Page 43 of 45
Page 45
as e
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
शब्द अथ पाठ क पं क्त अपने वाक्य म प्रयोग
m a e तक इस दुकान म
sबरस
चाकरी
.co
नौकरी, से वा “ जतने महीने चाह कसकर चाकरी
l
ag चाकरी क ।
उसने
m
ase
करवाएँ।”
agl
बछोह िबछड़ने का दुख, जुद ाई (अभ्यास ‘पाठ से’ प्रश्न 3 म) गाँव छोड़ते समय बछोह का दुख
सबसे बड़ा होता है।
co m
रुसवाई अपमान, बदनामी
e m .
“सुंद रया, मेरी रुसवाई क्य कराती है?” सच बोलने वाले को कभी रुसवाई ag
g l as नह झेलनी पड़ती।
ओछ करना हलका िदखाना, नीचा िदखाना
a “सुंद रया, दे ख... मेरी ओछ मत करा।” भरी सभा म कसी क ओछ मत
com
करो।
.
a s em मुस्कान मसनूई थी, दल से
com l नह थी।
मसनूई बनावटी, बनाई हईु “ऐसी मसनूई बात और से कहना।” उसक
e m . ag
a s
agl
करतूत बुर ा काम, हरकत “खबर लगाओ क वह कौन आदमी है, शीशा कसक करतूत से टू टा, यह
जसक करतूत है?” पता लगाइए।
“यहm a s
.co agl
सरासर िबलकु ल, पूर ी तरह तो सरासर धोखा है।” बना सुने सज़ा दे ना सरासर
a s em अन्याय है।
मरम्मत टू टी चीज़ को ठीक कराना ag l “काफ रुपया मकान क मरम्मत म लग बा रश से पहले छत क मरम्मत
गया था।” करा ली जए।
co m
m .
as e कराया।
पुचकारना प्यार से थपथपाकर या मीठी आवाज़ से “उसने गाय को पुचकारकर कहा।” माँ ने रोते ब े को पुचकारकर चुप
c o m बुलाना g l
. a
a s em
gl देखना
एकटक िबना पलक झपकाए लगातार दे खना “हीरा सह एकटक दे खता रहा।” ब ा आसमान म उड़ते हवाई
a जहाज़ को एकटक दे खता रहा।
se m
जी भर जाना मन भर आना, रोने को हो आना
o m
c भरा जा रहा था।”
“रुपए तो ले लए ले कन हीरा सह का जी वदाई के समय सबका जी भर
g l a
m. a
ase
आया।
आँख लगना नी ंद आ जाना
agl “कब आँख लगी, कुछ पता नह ।” पढ़ते-पढ़ते कब आँख लग गई,
पता ही नह चला।
माँm
. coउठा।
m
वह्वल भावुक और बेचैन “दे खकर हीरा सह वह्वल हो उठा।” क च पढ़कर वह वह्वल हो
m as e
. c o a g l
s e m याचना
a
क्षमा माफ़ ी माँग ना “मानो क्षमा याचना कर रही हो।” गलती हो जाए तो क्षमा याचना कर
agl
लेनी चा हए।
.c
अपरा धनी “म अपरा धनी ँ।” उसने खुद को अपरा धनी मानकर
s e m
m a
गलती करने वाली स्त्री
.co agl
सर झुका लया।
se m
दु खया दुखी, दुख भोगने वाली
g l a “म बड़ी दु खया ँ।” वह दु खया माँ रात-भर जागती
a रही।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 44 of 45
Page 46
कक्षा 5 हद अध्याय 5 सुंद रया AglaSem · NCERT Solutions
शब्द अथ पाठ क पं क्त अपने वाक्य म प्रयोग
थपथपाना हलके -हलके हाथ मारकर दुल ारना “हीरा सह ने उसे थपथपाया।” कोच ने खलाड़ी क पीठ
थपथपाई।
चौक दार पहरा दे ने वाला “उसे एक सेठ के यहाँ चौक दार क नौकरी रात-भर चौक दार गली म पहरा
मल गई।” दे ता है।
Page 45 of 45