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प्रतिदर्श प्रश्न पत्र, 2021-22
द्वितीय सत्र
विषय- हिंदी ' ब' (कोड-085)
कक्षा- 10 अंक योजना
निर्धारित समय - 2 घंटे पर्णां
ू क – 40
सामान्य निर्देश :
(1) अंक योजना का उद्दे श्य मल्
ू यांकन को अधिकाधिक वस्तनि
ु ष्ठ बनाना है ।
(2) इस प्रश्नपत्र में वर्णनात्मक प्रश्न हैं। अत: अंक योजना में दिए गए उत्तर-बिंद ु अंतिम नहीं हैं। ये सझ
ु ावात्मक
एवं सांकेतिक हैं।
ु ं से भिन्न, किंतु उपयक्
(3) यदि परीक्षार्थी इन सांकेतिक बिंदओ ु त उत्तर दे , तो उसे अंक दिए जाएँ।
(4) मल्
ू यांकन कार्य निजी व्याख्या के अनस
ु ार नहीं, बल्कि अंक योजना में निर्दिष्ट निर्देशानस
ु ार ही किया जाए।
खंड-क (वर्णनात्मक प्रश्नों के संभावित संकेत)
प्रश्न 1(प्रश्नों के उत्तरों की शब्द-सीमा 25-30
शब्द ) (2 ×2 =4 अंक)
ु ं का उल्लेख अपेक्षित)
उत्तर 1(क) पर्वत में मनष्ु य की भाँति भावनाएँ हैं। तालाब या दर्पण एक संकेतक है कि पर्वत क्या महसस
ू
कर रहा है । वह स्वयं को निहारकर अपने अंतर्निहित भावों को समझने का प्रयास करता है । विशाल
आकार को दे खकर गर्वित होता है और अपने ऊपर खिले फूलों की शोभा को दे खकर प्रसन्न हो रहा है । (2
अंक)
(ख) 'कर चले हम फिदा' कविता और 'कारतस
ू ' एकांकी में एक समान दे शभक्ति का भाव निहित है । दे श
की एकता, अखंडता व सरु क्षा के लिए प्राण न्योछावर करने की भावना समाहित है । कविता में सैनिकों
की कर्तव्य भावना का वर्णन है एवं एकांकी में वज़ीर अली के कारनामों से मातभ
ृ मि
ू के प्रति उसकी
कर्तव्यनिष्ठा का पता चलता है । कविता और एकांकी पाठक के हृदय में दे शभक्ति व कर्तव्य भावना को
जगाती हैं। (2 अंक)
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(ग) जाँबाज वज़ीर अली अत्यंत साहसी, पीर तथा पराक्रमी था। वह अवध के नवाब आसिफउद्दौला का
बेटा था। वह जब स्वयं अवध के तख्त पर बैठा था, तो केवल पाँच महीने के शासन में ही उसने अवध
के दरवार को अंग्रेज़ी प्रभाव से पर्ण
ू तया मक्
ु त कर दिया था। उसके अंग्रेज़ विरोधी कार्यों को दे खते हुए
अंग्रेज़ों ने अपने षड्यंत्रों द्वारा उसे तख्त से हटाकर उसके पिता के भाई सआदत अली को नवाव घोषित
कर दिया था। वज़ीर अली ने ऐसी विषम परिस्थितियों से भी हार नहीं मानी तथा वह सदै व अंग्रेज़ो को
खदे ड़ने के लिए प्रयत्न करता रहा। वह लगातार अपने बहादरु सिपाहियों के साथ नेपाल की ओर बढ़ने का
प्रयास कर रहा था ताकि वहाँ पहुँचकर वह अपनी शक्ति का विस्तार कर सके और अंग्रेज़ों को बाहर कर
सके। (2 अंक)
प्रश्न 2 दिए गए दो प्रश्नों में से कोई एक प्रश्न
शब्द-सीमा 60-70 शब्द
ु ं का उल्लेख अपेक्षित)(4×1 =4 अंक
)
उत्तर 2 (क) 'पतझर में टूटी पत्तियाँ' पाठ में 'झेन की दे न' हमें जो सीख प्रदान करती है वह निश्चित रूप
से मग
ृ ाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है । झेन की दे न में मानसिक रोग होने के विभिन्न कारणों में
जीवन की अधिक रफ्तार, मानसिक तनाव, उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा आदि बताए गए हैं। अधिक से
अधिक काम करना व कम समय में काम निपटाना ऐसे कारणों से ही मानसिक तनाव बढ़ जाता है । यह
रफ्तार दिमाग को रुग्ण कर दे ती है । हम अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं और स्वयं से बातें करते हैं,
लगातार बड़बड़ाते रहते हैं। मग
ृ ाक्षी के साथ भी ऐसा ही हुआ और जीवन में संतल
ु न न होने से वह बीमार
हो गई। झेन की दे न में 'टी-सेरेमनी' के माध्यम से वर्तमान का महत्व एवं सख
ु -चैन व आराम की ज़िंदगी
के विषय में बताया गया है । भत
ू काल एवं भविष्यत काल के मिथ्या होने को समझकर सहजता से जीते
हुए कर्मरत रहकर, तनावरहित होकर हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।(4 अंक)
(ख) कवि मैथिलीशरण गप्ु त ने अपनी कविता' मनष्ु यता' के द्वारा मानव जाति को प्रेरित किया है । वे
मानव को सहिष्णत
ु ा, परमार्थ, विश्वबंधत्ु व करुणा, उदारता, धैर्य, सहयोग आदि गण
ु ों को अपनाने के
लिए प्रेरित करते हैं। अधीर होकर भाग्यहीन होने से अच्छा है कि हम धैर्यवान बनें। मेलजोल, प्रेम व
सौहार्द की भावना परस्पर होनी चाहिए तथा वैचारिक भिन्नता को बढ़ने नहीं दे ना चाहिए। हमें अपने
लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तथा ईश्वर की प्राप्ति के लिए विभिन्न मार्गों को एक करके पारस्परिक मतभेदों
को भल
ु ा दे ना चाहिए तथा तर्कों से परे ईश्वर के एक पंथ पर आगे बढ़ना चाहिए। परमात्मा का अस्तित्व
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सभी तर्कों से ऊपर है और हम सभी उनके अंश हैं। अतः इन सद्गण
ु ों को अपनाते हुए मनष्ु य को
लोककल्याण पर बल दे ना चाहिए। (4 अंक)
प्रश्न 3 दिए गए तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर
शब्द-सीमा 40-50 शब्द (2 ×3=6)
ु ं का उल्लेख अपेक्षित)
उत्तर - 3 (क) हरिहर काका और लेखक के बीच बहुत ही मधरु एवं आत्मीय संबध
ं थे । लेखक गाँव में
जिन लोगों का सम्मान करते थे हरिहर काका उनमें से एक थे। हरिहर काका की आँखों में लेखक ने उस
दख
ु को दे खा जो रिश्तों की गर्माहट के भावों को नकारता हुआ तथा पाँव पसारती हुई, स्वार्थ लिप्सा और
धर्म की आड़ में फलने-फूलने का अवसर पा रही हिंसा प्रवत्ति
ृ को उजागर करता है ।
ठाकुरबारी के महं त एवं हरिहर काका के भाइयों का एकमात्र उद्दे श्य हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन
को हथियाना था। इसके लिए उन्होंने कई तरह के हथकंडे अपनाए और हरिहर काका पर बहुत जल्
ु म और
अत्याचार किए। उनके विश्वास को ठे स पहुँचाई। ठाकुरबारी के महं त ने ज़बरदस्ती सादे कागज़ पर अँगठ
ू े
के निशान लिए, उन्हें मारा-पीटा तथा हाथ पाँव और मँह
ु बाँधकर कमरे में बंद कर दिया। हरिहर के
भाइयों ने भी ऐसा ही किया। भौतिक सख
ु ों की होड़, रिश्तों की अहमियत को औपचारिकता और आडंबर
का जामा पहनाना इत्यादि के कारण हरिहर की पंद्रह बीघे ज़मीन उनके लिए जी का जंजाल बन गई थी।
(3 अंक)
(ख) लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को परू ा करने के लिए तरह-तरह की
योजनाएँ बनाया करते थे। जैसे- हिसाब के मास्टर जी द्वारा दिए गए दो सौ सवालों को परू ा करने के
लिए रोज़ दस सवाल निकाले जाने पर बीस दिन में परू े हो जाएँगे , लेकिन खेल-कूद में छुट्टियों भागने
लगती, तो मास्टर जी की पिटाई का डर सताने लगता फिर लेखक रोज़ के पंद्रह सवाल परू े करने की
योजना बनाते , तब उसे छुट्टियां भी बहुत कम लगने लगती और दिन बहुत छोटे लगने लगते तथा
स्कूल का भय भी बढ़ने लगता। ऐसे में लेखक पिटाई से डरने के बावजद
ू उन लोगों की भाँति बहादरु
बनने की कल्पना करने लगते , जो छुट्टियों का काम परू ा करने की बजाय मास्टर जी से पिटाई खाना
ही अधिक बेहतर समझते थे।
छात्र-छात्राएँ अपने मतानस
ु ार अपनी योजनाओं का वर्णन करें गे। (3 अंक)
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(ग) ज़हीन (बद्
ु धिमान) होने के बावजद
ू भी टोपी नौवीं कक्षा में दो बार फेल हो गया। उसकी पारिवारिक
परिस्थितियाँ उसकी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करती थीं। जब भी वह पढ़ने बैठता तो बड़े भाई या माँ को
कोई काम याद आ जाता, जो सिर्फ़ वही कर सकता था। छोटा भाई उसकी कॉपियाँ खराब कर दिया
करता था। दस
ू रे साल उसे टाइफाइड हो गया। डॉक्टर भग
ृ ु नारायण चन
ु ाव के लिए खड़े हो गए और घर
में चन
ु ावी माहौल छा गया परं तु फिर उसने दृढ़निश्चय किया कि वह किसी भी तरह परीक्षा पास ज़रूर
करे गा और उसने कर दिखाया। सच्ची लगन और दृढ़निश्चय से जो काम उसने तीसरे साल में किया उसे
पहले साल में भी कि जा सकता था। परिस्थितियाँ सदै व हमारे अनक
ु ू ल नहीं होती परं तु उनका सामना
करके कर्तव्यपथ पर बढ़कर ही हम लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। (3 अंक)
खंड-ख
प्रश्न 4 दिए गए तीन अनच्
ु छे दों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदओ
ु ं के आधार पर लगभग
150 शब्दों में अनच्
ु छे द लेखन- (6 अंक)
भमि
ू का- 1 अंक
विषयवस्त-ु 4 अंक
भाषा- 1 अंक
प्रश्न 5 पत्र लेखन (120 शब्द) (5 अंक)
आरं भ और अंत की औपचारिकताएँ- 1अंक
विषय वस्तु - 3 अंक
भाषा - 1 अंक
प्रश्न 6 सच
ू ना लेखन (50 शब्द) (2×2.5=5 अंक)
क और ख प्रश्नों में दिए गए दो-दो विषयों में से एक-एक सच
ू ना लगभग 50 शब्दों में
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(2.5 अंक की सच
ू ना की जाँच के लिए अंक विभाजन)
औपचारिकताएँ - ½ अंक
विषयवस्तु - 1 ½ अंक
भाषा - ½ अंक
प्रश्न 7 विज्ञापन लेखन (2×2.5=5 अंक)
क और ख प्रश्नों में दिए गए दो-दो विषयों में से एक-एक विज्ञापन लगभग 50 शब्दों में (2.5 अंक के
विज्ञापन की जाँच के लिए अंक विभाजन)
विषयवस्त-ु 1 अंक
प्रस्तति
ु - 1 अंक
भाषा - 1/2 अंक
प्रश्न 8 लघक
ु था (5 अंक)
शब्द-सीमा लगभग 120 शब्द
विषयवस्त-ु 2 अंक
प्रस्तति
ु - 2 अंक
भाषा - 1 अंक
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