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सत्र 2024 -2025 के लिए पाठयक्रम (कक्षा -IV)
विषय – ह द
िं ी
लिक्षकों के लिए सझ
ु ाि
➢ खेल आधारित, गततविधध आधारित ि समूह आधारित शिक्षण विधधयों का प्रयोग किें । गततविधधयों में विद्याधथियों को एक दस
ू िे से
सीखने के पयािप्त अिसि उपलब्ध हों।
➢ भाषा शिक्षण के शलए कक्षा लाइब्रेिी, समाचाि-पत्र, िीडियो औि ऑडिओ रिकॉडििंग आदद का भी प्रयोग किें । बच्चों को शसर्फि ककताबों तक
ही सीशमत ना िखा जाए।
➢ भाषा के चािों कौिलों (श्रिण कौिल, िाचन कौिल, पठन कौिल औि लेखन कौिल) को बिाबि महत्ि दें । बच्चों को ऐसी गततविधधयााँ
कििाई जाएाँ जजनसे सभी कौिलों का विकास हो सके।
➢ जब आप कोई भी पाठ बच्चों को पढा िहे हो तो उसके पाठ के लेखक औि प्रयोग की गई सादहत्य की विधा के बािे में भी बच्चों को
ज़रूि बताएाँ।
➢ व्याकिण भाषा शिक्षण का अशभन्न अंग है व्याकिण बच्चों को िटाया ना जाए। व्याकिण के व्यिहारिक स्िरूप पि अधधक बल दें ि
उसका सन्दभि में प्रयोग किना शसखाएाँ।
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सत्र 2024 -2025 के लिए पाठयक्रम
कक्षा -IV
विषय - ह द
िं ी
क्रम पाठ पाठ का सिंििधन
सीखने के प्रतिफि हिप्पणी ( कौिि)- िाचन, श्रिण, पठन, िेखन सुझाविि गतिविधियााँ
सिंख्या सिंख्या नाम कायधपत्रत्रका
सत्र 1
-विशभन्न प्रकाि के बादलों के
संगम कायिपजु स्तका की कायिपत्रत्रका ि. 1, 4 एिं 9
• पढी, सन
ु ी, दे खी घटनाओं िाचन ि श्रिण कौिल – बादल विषय पि माइंि
धचत्र बनाना।
आदद के विषय में तथा मैवपंग, विद्याथी िषाि से जड़
ु े अपने अनभ
ु ि कक्षा में
-िब्दों को िणिमाला के
समाचािों, कविताओं, साझा किें गे।
िमानुसाि शलखना।
मन के कहातनयों पि सिाल पछ
ू पठन कौिल- विद्याधथियों को पाठ से संबंधधत कोई
-बादलों का धचत्र बनाकि
भोले- सकते हैं औि बातचीत पद्यांि पढने के शलए दीजजए औि सिल प्रश्न-उत्ति
1 1 उनकी Emoji बनाना एिं
भाले कि सकते हैं, अपनी िाय पूतछए।
उनकी संिेदनाओं पि
बादल ि प्रततकिया व्यक्त किते लेखन कौिल- बादल को एक अनौपचारिक पत्र
बातचीत किनाI
हैं। शलखखए, बादलों का धचत्र दे खकि उनका िणिन।
-कविता को लय-ताल के
• विद्याथी धािा-प्रिाह से व्याकिण- संज्ञा, वििेषण आदद का सन्दभि में
साथ गाने बजाने के शलए
कविता पढना सीखते हैं। प्रयोग।
प्रेरित किनाI
• पढने की विविध यजु क्तयों िाचन ि श्रिण कौिल – पल्स पोशलयो अशभयान पि -सन
ु ीता की कहानी बताते
सन
ु ीता का इस्तेमाल किते हैं, चचाि, बाज़ाि का धचत्र िणिन। हुए शमत्र को पत्र।
की जैस-े वप्रन्ट औि धचत्रों पठन कौिल- बच्चों को जोड़े/समह
ू में पाठ को पढने -वपकतनक का धचत्र िणिन।
2 12
पदहया की मदद से अनम
ु ान औि उसपि बातचीत किने का अिसि दें I -अपदठत गद्यांि पढने के
कुसी लगाना, िब्दों को लेखन कौिल- अनौपचारिक पत्र (सुनीता के बािे में शलए दीजजए औि सिल
पहचानना, पूिि अनुभि ि पढकि तुम्हािे मन में जो सिाल आ िहे होंगे तो िो प्रश्न-उत्ति पूतछए
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जानकािी का प्रयोग किते बातें सुनीता को धचट्ठी शलखकि बताइए)।
हुए अनुमान लगाना। व्याकिण- वििाम धचन्ह, सििनाम आदद का सन्दभि
• संिेदनिीलता का विकास में प्रयोग।
होना।
िाचन ि श्रिण कौिल – एक विद्यार्थी मुहािरे पर
मूक अभिनय करे गा और बाक़ी विद्यार्थी अनुमान -विशभन्न प्रकाि के कपड़ों के
• अपनी कल्पना से लगाकर मुहािरे बताएँगे। नमूने धचपकाना।
कहानी, कविता िणिन पठन कौिल- कहानी को आगे बढने के शलए -मुहाििों का अशभनय।
दोस्त आदद शलखते हुए भाषा प्रोत्सादहत किना। -मनपसंद पोिाक का धचत्र
3 5 की का सजृ नात्मक प्रयोग लेखन कौिल- प्रश्न बनाना, मनपसंद पोिाक का बनाकि िं ग भिना।
पोिाक कि सकते हैं। धचत्र बना कि पााँच िाक्य, कहानी लेखन। -विद्याधथियों को कोई
• वििेषता िाले िब्द अनौपचारिक पत्र (नसीरुद्दीन औि जमाल साहब के अपदठत गद्यांि पढने के
पहचान सकते हैं। बीच) शलए दे ना औि सिल प्रश्न-
व्याकिण- मह
ु ाििे औि नक्
ु ते िाले िब्द आदद का उत्ति पछ
ू नाI
सन्दभि में प्रयोगI
िाचन ि श्रिण कौिल – रोल प्ले, स्ितंत्रता सेनानी
-अनुपयोगी िस्तु से ककसी
• अलग-अलग िचनाओं में और उनके बारे में पााँच िाक्य बनाइए, पष्ृ ठ 78, 79
नई िस्तु का तनमािण।
आए नए िब्दों का अथि पर गाँधी जी के चित्रों पर कक्षा में ििाा।
-महात्मा गााँधी विषय पि
स्ितत्रं ग्रहण कि सकते हैं औि पठन कौिल- विद्याधथियों को ककसी स्ितंत्रता सेनानी
अनुच्छे द।
4 9 ता की उनसे नए िाक्य बना से सम्बंधधत अपदठत गद्यांि पढने के शलए दीजजए
-स्ितंत्रता सेनानी से
ओि सकते हैं। औि उसपि बातचीत कीजजए (कक्षा लाइब्रेिी में
सम्बंधधत अपदठत गद्यांि
• दे ि के प्रतत अपना प्रेम उपलब्ध पुस्तकों की मदद लीजजए)
पढने के शलए दीजजए औि
व्यक्त कि सकते हैं। लेखन कौिल- िरखे का चित्र बनाकर उसके बारे में
सिल प्रश्न पतू छए
कुछ पंक्क्तयाँ भलखना, महात्मा गाँधी/ जिाहि लाल
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नेहरू/ सुभाष चंद्र बोस/लाल बहादिु िास्त्री पर
अनुच्छे द, नमक विषय पर माइंड मैवपंग।
व्याकरण- अनुस्िाि और अनुनाभसक शब्द आदद का
सन्दभि में प्रयोग।
-पौधों ि बेलो पि लगने
िाचनि श्रिण कौिल – “जब मेिी गें द खो गई” इस
िाली सजब्जयों की सूची
बािे में अनुभि बच्चे कक्षा के साथ साझा किे गें।
बनाइए।
• अपनी कल्पना से पठन कौिल- विद्याधथियों को अपदठत गद्यांि
-कहानी को नया िीषिक
कहानी, कविता िणिन पढने के शलए ददए जाए औि उस पि बातचीत की
दीजजए।
ककिशम आदद शलखते हुए भाषा जाए। (कक्षा लाइब्रेिी में उपलब्ध पुस्तकों की मदद
-मनपसंद खेल का धचत्र
5 3 च की का सजृ नात्मक प्रयोग लीजजए)
बनाकि कुछ िाक्य
गें द कि सकते हैं। लेखन कौिल- अपने ककसी खखलौने के बािे में
शलखना।
• संबंधों की गहिाई को बताते हुए पााँच िाक्य शलखना, पौधों ि बेलों पि
-अपदठत गद्यांि/ नई
समझ सकते हैं। लगने िाली सजब्ज़यों की सूची बनाना।
कहानी पढने के शलए ददए
व्याकिण- िाक्यांिों के शलए एक िब्द, पयाियिाची
जाए औि उस पि आधारित
िब्द (संख्या संबंधी) आदद का सन्दभि में प्रयोग।
सिल प्रश्न पछ
ू े जाएाँ।
-नोि- उपयक्
ुध ि पाठ्यक्रम पन
ु रािवृ ि के साथ मध्यािधि परीक्षा से प िे पण
ू ध ो जाना चाह ए।
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सत्र 2
िाचन ि श्रिण कौिल – पाठ का अशभनय किना संगम
(role play), िसोई में प्रयोग किने िाले उपकिणों कायिपुजस्त
-त्रबना आग के कहना पकाना
• भाषा की बािीककयााँ जैसे जैसे - मथनी , िई , त्रबलोनीं पि चचाि, पसंदीदा का की
जैसे – चाट, सैंिविच आदद ।
वििाम-धचह्न, सििनाम, व्यंजन के बािे में बताना। कायिपत्रत्रका
-त्रबल्ली का मुखौटा बनाना।
थप्प वििेषण, शलंग, िचन पठन कौिल- विद्याधथियों को कक्षा लाइब्रेिी में से ि. 10,
-आसपास के जानििों के
िोटी आदद का प्रयोग कि कोई नाटक पढने के शलए ददया जाए औि उस पि 11 एिं
6 10 पसंदीदा भोजन कक सच
ू ी
थप्प सकते हैं। आधारित सिल प्रश्न पूछे जाए। 17
बनाना।
दाल • अशभनय द्िािा अपने लेखन कौिल- आिाज़ िाले िब्द शलखना, बच्चों
-िसोई घि से सम्बंधधत
मन के भािों को व्यक्त द्िािा खेले जाने िाले खेलों की सूची बनाना, दी
मुक्त खेल (Free Play
कि सकते हैं। गई कविता को पूिा किना।
Time) खेलने का अिसि दें I
व्याकिण- द्वित्ि व्यंजन, किया, सििनाम आदद का
सन्दभि में प्रयोग।
िाचन ि श्रिण कौिल – कविता को लय ताल के
साथ गाने औि बजाने के शलए बच्चों को प्रेरित किें , -कविता पिू ी किना।
• अलग-अलग िचनाओं में “घंटी” पि माइंि मैवपंग। -घंटी का धचत्र बनाकि उसमें
आए नए िब्दों का अथि पठन कौिल- विद्याधथियों को कक्षा लाइब्रेिी में से िं ग भिना।
ग्रहण कि सकते हैं औि ककसी भी नाटक की ककताब पढने को दी जाए औि -िगि पहे ली में से नाम िाले
पढक्कू
7 11 उनसे नए िाक्य बना अशभनय कििाया जाए। िब्द खोजना।
की सूझ
सकते हैं। लेखन कौिल- विद्याधथियों को 5-6 िब्दों दें औि -अपदठत गद्यांि/ नई कहानी
• जजज्ञासा का विकास उनसे कविता/कहानी का तनमािण किने के शलए पढने के शलए ददए जाए औि
कि सकते हैं। प्रेरित कीजजए। उस पि आधारित सिल
व्याकिण- किया, मुहाििे , तुकांत िब्द आदद का प्रश्न पूछे जाएाँ।
सन्दभि में प्रयोग।
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िाचन ि श्रिण कौिल –— “आप बड़े होकि क्या
बनना चाहते हो” कक्षा को बताएाँ, पष्ृ ठ संख्या 32
पि दी गई कविता “उलझन” पढें , विद्याथी अपनी
• अपनी कल्पना से खत्रू बयों के बािे में कक्षा को बताएाँगे, पाठ में बताए -बच्चों से उनके पसंदीदा
कहानी, कविता िणिन गए कमिचारियों की सूची बनाएाँ। व्यिसायों के बािे में
पापा
आदद शलखते हुए भाषा पठन कौिल- पाठ में से गद्यांि लीजजए औि बातचीत की जाएI
8 4 जब
का सजृ नात्मक प्रयोग उसपि आधारित प्रश्न पूतछए। -व्यिसायों के आधाि पि
बच्चे थे
कि सकते हैं। लेखन कौिल- अनुच्छे द लेखन –‘आप बड़े होकि बच्चों को अशभनय किने के
क्या बनना चाहते हो’, रिश्तों के नाम (पारििारिक शलए प्रोत्सादहत ककया जाएI
संबंधों के बािे में जानकािी)
व्याकिण- सििनाम, िाक्यांिों के शलए एक िब्द
आदद का सन्दभि में प्रयोग।
• भाषा की बािीककयााँ जैसे िाचन ि श्रिण कौिल –‘यदद भीखू भाई को आम -विशभन्न िाज्यों के तनिासी
वििाम-धचह्न, सििनाम, खाने की इच्छा होती’ विषय पि चचाि कीजजए। ि उनकी िेि-भष
ू ा पि
वििेषण, शलंग, िचन पठन कौिल- कक्षा लाइब्रेिी से ककसी िाज्य की बातचीत की जा सकती है ।
आदद का प्रयोग कि लोक कथा बच्चों को पढने के शलए दीजजए, -अपदठत गद्यांि/ नई कहानी
मुफ़्त
सकते हैं। विद्याथी इस कहानी को अपने िब्दों में शलखेंगे। पढने के शलए ददए जाए औि
9 14 ही
• अपने तनजी अनुभिों को लेखन कौिल-अनुच्छे द लेखन – ‘मेिा शमत्र’, भीखू उस पि आधारित सिल
मुफ़्त
जोड़ते हुए अपने विचािों भाई के बािे में अपने िब्दों में शलखखए, भीखू भाई प्रश्न पूछे जाएाँ।
को मौखखक तथा शलखखत औि नारियल िाले के बीच की बातचीत को अपने -िाज्यों की बोशलयों के कुछ
रूप में अशभव्यक्त कि िब्दों में शलखखए (पेज 123) िब्दों के विषय में बातचीत
सकते हैं। व्याकिण- शलंग बदलो, सििनाम। की जा सकती है
नोि- उपयक्
ुध ि पाठ्यक्रम पन
ु रािवृ ि के साथ िावषधक परीक्षा से प िे पण
ू ध ो जाना चाह ए।