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MBOSE Class 12 Sample Question Paper 2026 Hindi Elective

Get here MBOSE Class 12 Sample Question Paper 2026 for Hindi Elective subject. Here at aglasem.com get all latest Meghalaya Board of School Education 12th class Model Papers. MBOSE Class 12 Hindi Elective Sample Paper 2026 pdf is give below. More Detail
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Frequently Asked Questions

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MBOSE Class 12 Sample Question Paper 2026 Hindi Elective – Text

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Page 1

Meghalaya Board of School Education

SAMPLE
PAPERS

Page 2

Hindi (Elective)
Class XII (Arts)
FULL MARKS =80
TIME:3 HOURS

Section A
प्र: 1. निम्ननिखित काव्ाां श को ध्यािपू र्वक पढ़कर पू छे गए प्रश्ोां के सही उत्तर र्ािे
नर्कल्प चुनिए:
(1x5=5)

पु िनक सरीर सभोां भए ठाढ़े । र्ीरज ियि िेह जि बाढ़े ॥ कहब मोर मु नििाथ निर्ाहा।
एनह तें अनिक कहााँ मैं काहा " मैं जाकर निज िाथ सु आऊ। अपरानिद्ध पर कोह में काऊ
॥ मो पर कृपा सिेह नर्से िी, िे भत सु निस ि कबहाँ दे िी ॥ नससु पर्व िै पररहरे र् सां ग्गू।
कबहाँ ि कीन्ह और मि भां गू " मैं प्रभु कृपा रीनत नजये जोहोां। हारे छु िे िे नजतार्ाह मोही ॥

क) प्रस्तु त पांखियोां के कनर् कौि हैं ?

(i)सुरदास(ii) तु िसीदास(iii) जायसी(iv) कबीरदास

ि) में जािउ निज िाथ भु आऊ' में नकसके स्वभार् को उजागर नकया गया है ?

(i) लक्ष्मण(ii) भरत(iii) राम(iv) दशरथ

ग) प्रस्तु त पांखियोां में नकस भाषा का प्रयोग नकया गया है?

(i) सांस्कृत(ii) बृज(iii) सडीबोिी(iv) अर्िी

घ) िेित िुनिस' मैं नकस अिां कार का प्रयोग हआ है ?

(i)अिुप्रास (ii)रूपक (iii)उपमI(iv) उत्प्रेक्षा

ड) नकसिे बचपि से राम का साथ िहीां छोडा ?
(i)िक्ष्मण(ii)मु निर्नशष्ठ (iii)भ्ररत (iv)हिुमाि

प्रः-२. निम्ननिखित गद् याां श को पढ़कर नदए गए प्रश्ोां के सही उत्तर र्ािे नर्कल्प चु निए :- (1x5-5)

Page 3

बािक के मु ि पर नर्िक्षण रां गोां का पररर्तव ि हो रहा था, हृदय में कृनिम और स्वाभानर्क भार्ोां की
िडाई की झिक आाँ िोां में दीि रही थी। कुछ िााँ सकर, गिा साफ कर िकिी परदे के हट जािे पर
स्वयां नर्खित होकर बािक िे िीरे से कहा, 'िड् डू', नपता और अध्यापक निराश हो गए। र्ृत्तिै समय
तक मे रा श्वास घुट रहा था। अब मैं िे सुि से सााँ स भरी। उि सबिे बािक की प्रर्ृनत्तयोां का गिा घोांटिे में
कुछ उठा िहीां रिा था। पर बािक बच गया। उसके बचिे की आशा है क्ोांनक र्ह िड् डू' की पुकार
जीनर्त र्ृक्ष के हरे पत्तोां का मिु र ममव र था, मे रे काठ की अिमारी की नसर दु िािे र्ािी िङ्काडाहट
िहीां।

क)'बच्चे के मु िपर रां ग बदि रहे थे । इस पांखि के आिार पर आकिि करिे से ज्ञात होता है नक बच्चे में
उठ रहे भार्... के हैं।

(i) सहृदयता (ii)घबराहट(iii) अांतरट् र्ांद्र्(iv) रोमाां चकता

ि) गद् याां श के आिार पर कौि-सा र्ाक् सही है ?

(i) काठकीअिमारीसदै र्नसरदु िातीहै । (ii)शिक्षा प्रणालीपरव्ां ग्यनकयागयाहै ।

(ii) बच्चोांकोपढ़ाािाअत्यां तसहजकायवहै।(iv)र्ृक्षके हरे पत्तो का सांगीत मिु र होता है I

ग) प्रस्तु त गद् याां श सानहत्य की कौि सी नर्िा से उद् िृत है ?
(i)निबांि (ii)िाटक(iii)कहािी(iv)आत्मकथा

घ) बािक द् र्ारा िीरे से िड् डू कहिा दशाव ता है नक-
(५) छोटी र्स्तु भी पुरस्कार है । (ii)कृनिमता का िबादा उतर गया।(iii)कृनिमता का स्थानयत्त्व सांभर्
है ।(iv)िे िक का उद् दे श्य पूरा हो गया।

ड) गद् याां श हमें सांदेश दे ता है नक -
(i)नशक्षा हमें बच्चे पर िादिी िहीां चानहए।
(ii)रटां त प्रणािी के कारण बच्चे की हृदय व्था नचांताजिक हो जाती है।
(iii)बािक में निडरता थी तभी अपिी िड् डू की इच्छा को प्रकट कर पाया है।
(iv)नचत्ता और अध्यापक चाहते थे नक बािक पुस्तक मााँगे ।

प्रः३. निम्ननिखित प्रश्ोां के सही उत्तर र्ािे नर्कल्प चु निए-(1x5=5)

(क) " यह फूस की राि ि थी, उसकी अनभिाषाओां की राि थी।"-यह नकसके सांबांि में कहा गया है ?
(i) भे रौां (ii)सूरदास (iii)जगिर(iv) िायकराम

(ि) सूरदास की झोांपडी प्रेमचां द के नकस उपन्यास का अांश है ?
(i)रां गभू नम (ii)कमव भूनम(iii)निमव िा(iv)गोदान

(ग) आरोहण िामक कहािी के िे िक कौि है ?
(i)प्रेमचां द (ii)प्रभाष जोशी(iii)सांजीर्(iv)नर्श्विाथ निपाठी

Page 4

(घ) रूपनसांह नकतिे सािोां बाद अपिे गााँ र् िौट रहा था ?

(i)ग्यारह (ii)बारह (iii)ते रह(iv)चौदह

(ड) सुरगी का अथव क्ा है ?
(i)ग़ॉर् (ii)िदी(iii)पहाड(iv)स्वगव

प्र.म. निम्ननिखित प्रश्ोां के सही उत्तर र्ािे नर्कल्पचु निए- (1x5=5)
क) शब्दशखि के नकतिे भे द हैं ?
(i)एक(ii)दो(iii)तीि(iv)चार
ि) 'सठ सुिरनह सत्त सांगनत पाई। इस पांखि में कौि सा अिां कार है ?
(i)अिुप्रास (ii)यमक(iii)श्ले ष(iv)उत्प्रेक्षा
ग)रस के नकतिे अांग हैं ?
(i)एक (ii)दो (iii)तीि(iv)चार
घ) व्ां जिा शब्दशखि को_____भी कहा जाता है ।
(i)र्ाच्याथव (ii)व्ां ग्याथव (iii)िक्ष्याथव (iv)इिमें से कोई िही
ड) कथि (A): मै या में तो चां द्र खििौिा िै ह - में रूपक अथव कार हैं ।
कारण (R): खििौिे पर चााँ द की सांभार्िा व्ि की गई है ।
(i)कथि (A) तथा कारराण (R) दोिो सही है तथा कारण कथि की सही व्ाख्या करता है।
(ii)कथि(A) गित है िे नकि कारण (R) सही है ।
(iii)कथि (A) तथा कारण (R) दोिोां गित हैं ।
(iv)कथि (A) सही है िे नकि कारण (R) उसकी गितव्ाख्या करता है ।

SECTION B
प्र:5. निम्ननिखित प्रश्ोां में से नकन्ही पााँ च का सांनक्षप्त उत्तर निखिए। 2x5=10

(क)अनभिा शब्दशखि की पररभाषा निखिए।
(ि)स्थायी भार् नकसे कहते हैं ?
(ग)उपमा अिां कार का एक उदाहरण दीनजए।
(घ)करुण रस की पररभाषा निखिए।
(ड)श्लेष अिां कार की पररभाषा निखिए।
(च)हास्य रस का एक उदाहरण दीनजए ।

प्रः6. निम्ननिखित प्रश्ोां में से नकन्ही तीि का उत्तर निखिए। 5x3=15
(क)गीत गािे दो मु झे कनर्ता का प्रनतपाद्यनिखिए।
(ि)राम र्ि गमि के पश्चात भरत की मिोदशा को स्पष्ट कीनजए I
(ग)माघ महीिे में नर्रनहणी को क्ा अिुभूनत होती है ?
(घ)दे र्सेिा की हार या निराशा के क्ा कारण है ?

प्रः7.निम्ननिखित अर्तरणोां में से नकसी एक का सप्रसांग व्ाख्या कीनजए।5x1=5
(क) आह! र्ेदिा नमिी नर्दाई

Page 5

मै िे भ्रमर्श जीर्ि सांनचत
मिु कररयोां की भीि िु टाई।
अथर्ा
नर्नि ि सकेउ सनह मोर दु िारा। िीच बीचु जििी नमस पारा ॥
यहठ कहत मोनह आजुि सोभा। अपिी समु नझ सािु सुनच को भा II

प्रः8.निन्मनिखित प्रश्ो में से नकन्ही तीि का उत्तर निखिए:5x3=15
(क) िे िक का गाां िी जी के साथ चििे का पहिा अिुभर् नकस प्रकार का रहा?
(ि) दू सरा दे र्दास कहािी के शीषवक की साथव कता स्पष्ट कीनजए I
(ग) पसोर्ा की प्रनसखद्ध का क्ा कारण था और िे िक र्हााँ क्ोां जािा चाहता था?
(घ) िे िक िे िमव का रहस्य जाििे के निए घडी के पुर्ज़े का दृष्टाां त क्ोां नदया है ?

प्र:9.निन्मनिखित गद् याां श को पढ़कर नकसी एक का सप्रसांग व्ाच्या कीनजए- 5x1=5

(क) िक्ष्मी की इच्छा करिे र्ािे को िक्ष्मी नमिे या ि नमिे परां तु यनद िक्ष्मी नकसी के पास जािा चाहें तो
उन्हें कौि रोक सकता है ?
अथर्ा
िीांद और स्वप्न के बीच सांभर् की आाँ िोां में घाट की पूरी बात उत्तर आई। िडकी का आाँ ि मूाँ दकर
अचव िा करिा, माथे पर भीगे बािोां की िट, कुरते को छूता उसका गुिाबी आाँ चि और पुजारी से कहता
उसका सौम्य स्वर 'हमकि आएां गे।'

प्र:10. निम्ननिखित प्रश्ोां में से नकसी दो प्रश्ोां का उत्तर निखिए:5x2=10
(क) सूरदास के चररि की नर्शेषताओां को स्पष्ट कीनजए।
(ि) पत्थर की जानत से िे िक का क्ा आशय है ? उसके नर्नभन्न प्रकारोां के बारे में निखिए।
(ग)शैिा और भू प िे नकस तरह पहाड पर अपिी नजांदगी की कहािी नििी?

Page 6

Answer Keys
Hindi (Elective)
Class XII (Arts)

Section A
Time: 3 hours
Full Marks: 80

प्र. 1 1x5=5
क.(ii)
ि.(iii)
ग.(iv)
घ.(i)
ड). (iii)

प्र 2. 1x5=5
क.(iii)
ि.(ii)
ग.(i)
घ.(ii)
ड.(i)

प्र 3. 1x5=5
क. (ii)
ि. (i)
ग.(iii)
घ.(i)
ड.(iv)
प्र 4. 1x5=5
क). (iv)
ि). (i)
ग). (iv)
घ). (ii)
ड). (iv)

Section B 2x5=10

Page 7

प्र.5
(क) शब्द को सुििे या पढ़िे के बाद श्रोता या पाठक को शब्द का जो प्रनसद्ध अथव
तु रांत ज्ञात हो जाता है , उसे अनभिा शब्द शखि कहते हैं ।
ि) स्थायी भार् रसोां के मू ि रूप से स्थानपत भार् होते हैं , जो अन्य भार्ोां के आिे पर भी
प्रबिता से बिे रहते हैं , ये भार् मिुष्य के हृदय में हमे शा नर्द्यमाि रहते हैं और नकसी
नर्शेष उद्दीपक र्स्तु के कारण जागृत होते हैं , स्थायी भार् रस की उत्पनत्त का आिार होते
हैं ।
ग)हरर- पद कोमि कमि से ।
प्रस्तु त पांखि में श्रीकृष्ण के चरणोां की तु ििा कमि से की गई है ।
घ)करुण रस र्ह भार् है नजसमें शोक या दु ःि उत्पन्न होता है ।
यह नकसी नप्रय र्स्तु या व्खि के िष्ट होिे, नर्योग होिे या नकसी दु िद घटिा के कारण
होता है । इस रस का स्थायी भार् शोक होता है ।
ड)श्लेष अिां कार र्ह है जहााँ एक शब्द का प्रयोग एक ही बार नकया जाता है , िे नकि उस
शब्द के नर्नभन्न अथव होते हैं ; इसका अथव है "नचपका हआ" या "नमिा हआ" जहााँ एक
शब्द अिेक अथों से नचपका हआ होता है ।

च)नर्हनस ििि बोिे मृ द बािी।
अहो मु िीसु महाभट यािी ॥
पुनि पुनि मोनह दे िात कुहारु।
चाहत उडार्ि कुांनक पाहरु II

प्र. 65x3=15
क) 'गीत गािे दो' कनर्ता के माध्यम से कनर् निराशा के मध्य आशा का सांचार करिा
चाहता है । इस समय र्ातार्रण प्रनतकूि हैं । कनर् सांघषव करते करते थक गया है । जीर्ि
जीिा अब सरि िहीां रह गया है । इस समय पू रा सांसार हार माििे की खस्थनत में है । इस
समय पूरी मािर्ता हाहाकार कर रही है । ऐसा िगता है नक पृथ्वी की िौ ही बुझ गई है ।
कनर् इस कनर्ता के माध्यम से इसी िौ को जगािे का प्रयास करता है । र्ह चाहता है
नक हम अपिी र्ेदिा-पीडा को अपिे मि में नछपाए रिे और गीत का प्रयास करें । कनर्
इस कनर्ता के माध्यम से निराशा के मध्य आशा का सांचार करिा चाहता है ।

ि) 'भरत- राम का प्रेम' िामक प्रसांग में राम के र्ि गमि के पश्चात भरत की मिोदशा
का नचिण नकया गया है । भरत भार्ुक हदय से बताते हैं नक राम का उिके प्रनत
अत्यनिक

Page 8

प्रेमभार् है । र्े बचपि से ही भरत को िेि में भी सहयोग दे ते रहते थे और उिका मि
कभी िही तोडते थे । र्े कहते है नक इस प्रेमभार् को भाग्य सहि िहीां कर सका और
माता के रूप में उसिे व्र्िाि उपखस्थत कर नदया।

ग) माघ मास में बहत अनिक ठां ड होता है । नर्रनहणी के निए माघ मास के जाडे में
नर्रह को झेििा मृ त्यु के समाि प्रतीत होता है । पनत के आए नबिा माघ मास का जाडा
उसका पीछा िहीां छोडे गा। इस महीिे में र्षाव भी होती है , र्षाव के कारण िानयका के
कपडे गीिे हो जाते हैं और र्े बाण के समाि चु भते हैं । नर्योग के कारण िा तो र्ह
रे शमी र्स्त्र पहि पा रही है और िा गिे में हार पहि पाती है । नर्रह में सूिकर र्ह
नतिके की भौनत हो गई है । नर्रह उसे जिाकर राि बिाकरउडा दे िे पर तु िा प्रतीत
होता है ।

घ) दे र्सेिा की हार या निराशा के निम्ननिखित कारण हैं -
हिोां के आक्रमण में दे र्सेिा का भाई बांिुर्मी तथा अन्य पररर्ार जि र्ीरगनत पा गए थे ।
र्ह अकेिी बच गई थी।
दे र्सेिा गुप्त सम्राट स्कांदगुप्त के प्रनत आकनषवत थी और उसे पािा चाहती थी, पर उस
प्रयास में र्ह असफि रही, क्ोांनक उस समय स्कांदगुप्त मािर्ा के ििकुबेर की कन्या
नर्जया की ओर आकनषवत थे । दे र्सेिा में अपिी उपेक्षा के कारण निराशा की भार्िा घर
कर गई थी।

प्र 7.5x1=5
सांदभव - 1
प्रसांग - 1
व्ाख्या - 2
नर्शेष - 1

प्र 8. 5x3=15
क)िे िक को सेर्ाग्राम पहाँ चकर पता चिा नक गाां िी जी रोज सुबह भ्रमण के निए उिके
भाई के क्वाटव र के आगे से निकिते हैं । िे िक सुबह जल्दी उठकर गााँ िी जी का इां तजार
करिे िगा। ठीक समय पर गााँ िी जी आश्रम का फाटक िाां घकर अपिे सानथयोां के साथ
सडक पर आ गए थे । गााँ िी जी ठीक र्ैसे ही िग रहे थे जैसा िे िक थे उन्हें ' नचिोां में
दे िा था। िे िक के भाई िे उसका पररचय गााँ िी जी से करर्ाया। िे िक िे गााँ िी जी को
उिकी रार्िनपांडी यािा की याद नदिाई। गााँ िी जी बहत िीमी आर्ाज में बोि रहे थे । र्े
बीच-बीच में हाँ सी की बात भी कह दे ते थे ।

ि)इस कहािी का शीषवक 'दू सरा दे र्दास' पूरी तरह से साथव क है । दे र्दास भी अपिी पारोां
के प्रनत इतिा ही आसि था नजतिा सांभर् था। अपका पररचय दे ते हए स्वयां को 'सांभर्
दे र्दास' बतािा भी इसी और सांकेत करता है । दोिोां के हृदय में अिजािे ही प्रेम का
स्फुरण हो जािा शीषवक को साथव कता दे दे ता है । यह शीषवक प्रतीकात्मक भी है क्ोांनक

Page 9

दे र्दास उसे कहा जाता है जो अपिी प्रेनमका के प्रेम में पागिपि की खस्थनत तक पहाँ च
जाए। सांभर् की भी यही दशा होती है ।

ग)पसोर्ा एक बडा जैि तीथव स्थि है । र्हााँ हरसाि जैिोां का एक बडा मे िा िगता है
नजसमें दू र दू र से जैि यािी आते हैं I कहा जाता है नक इसी स्थाि पर एक छोटी सी
पहाडी थी नजसकी गुफा में बुद्ध दे र् व्ायाम करते थे । उसी के सामिे सम्राट अशोक िे
एक स्तू प बिर्ाया था नजसमें बुद्ध के थोडे से केश भौर िािूि रिे गए थे ।
िे िक र्हााँ इसनिए जािा चाहता था तानक उसे कोई बनढ़या मू नतव , नसक्के या कोई दू सरा
पुरातत्व सम्बन्धी र्स्तु नमि जाए I

घ)िे िक िे िमव का रहस्य जाििे के निए घडी के पुजे का दृष्टाां त इसनिए नदया है
घडी पुजी के बिबूते पर चिती है और इसी प्रकार िमव अपिे नियम-कायदोां पर चिती
है । । आम आदमी को घडी की बिार्ट, उसके पुजी की जािकारी िहीां होती। उसी प्रकार
आमआदमी को िमव की सांरचिा को जाििे की जरूरत िहीां है । उसे उत्तिा ही जाििा
चानहए नजतिा िमोपदे शक बताएाँ ।

प्र 9. अांक नर्भाजि5x1=5
सांदभव - 1
प्रसांग - 1
व्ाख्या-2
नर्शेष – 1

प्र 10.
क) 'सू रदास की झोांपडी' िामक पाठ का िायक सूरदास है । उसके चररि की नर्शे षताएाँ
इस प्रकार हैं -सू रदास एक अांिा गरीब है । र्ह भीि माां गकर अपिा जीर्ि यापि करता
है । उसिे िगभग 500 रुपए से अनिक पैसे जमा नकएथे नजससे र्ह अपिे नपतरोां का
नपांडदाि करर्ािा चाहता था
सूरदास सहृदय व्खि है । जब भै रो अपिी पत्नी को मारता है तब सूरदास उसे आश्रय
दे ता है ।
र्ह झोांपडी के जिा नदए जािे के बार्जूद र्ह नकसी से प्रनतशोि िे िे में नर्श्वास िहीां
करता बखि पुिनिवमाव ण में नर्श्वास करता है ।

ि) पत्थर की जानत से िे िक का आशय यह है नक पत्थर नकस प्रकार का है । र्ह
मजबूत है या कच्चा है ?
पत्थर के नर्नभन्न प्रकार ये हैं -
इनियस, ग्रेिाइट, मैटामारनफक, सैडस्टोि, नसनिका

ग) शैिा और भू प िे नमिकर पहाड पर िेती करिा शुरु नकया। पािी का इां तर्ज़ाम करिे
के निए र्े नहमाां ग के ऊाँचे नहस्से पर चढ़ गए। उन्होांिे बडी मे हित से झरिे का रुि
मोडकर उसे गााँ र् की तरफ मोड निया। इस प्रकार उि दोिोां िे अपिी मे हित से िई
नजांदगी की कहािी नििी।

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Updated24 Sep 2026