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Central Board of Secondary Education
SAMPLE PAPER
Class 12
2025
Solutions
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अं क योजना
प्रतिदर्श प्रश्न पत्र 2024-25
तिषय - त ं दी (आधार)
तिषय कोड – (302)
कक्षा - बार िी ं
तनधाशररि समय: 03 घं टे अतधकिम अं क : 80 अं क
सामान्य तनदे र् :-
अंक योजना का उद्दे श्य मू ल्ां कन को अधिकाधिक वस्तु धनष्ठ बनाना है ।
वस्तु परक प्रश्ों के उत्तरों का मूल्ां कन धनधदि ष्ट अंक योजना के आिार पर ही धकया जाए।
वर्िनात्मक प्रश्ों के अंक योजना में धदए गए उत्तर धबंदु अंधिम नहीं हैं । ये सुझावात्मक एवं सां केधिक हैं ।
यधद परीक्षार्थी इन सां केधिक धबंदुओं से धिन्न, धकंिु उपयुक्त उत्तर दे िो उसे अंक धदए जाएँ ।
मू ल्ां कन कायि धनजी व्याख्या के अनु सार नहीं, बल्कि अंक योजना में धनधदि ष्ट धनदे शानु सार ही धकया जाए।
प्रश्न संख्या खंड - क ( अपतिि बोध ) अंक
(18)
1. गद्ां श पर आिाररि प्रश् (10)
(क) ii सकारात्मक या नकारात्मक होने पर 1
(ख) iii जीिने की इच्छा 1
(ग) iii केवल कर्थन (I), (II) और (III) सही हैं । 1
(घ) िैयि के सार्थ सुनना, समझना, मनन करना, धिर बोलना 1
(ङ) सकारात्मक या नकरात्मक िाव की संचारक बािें ही होिी हैं । 2
(च) मनुष्य जो बािें करे - उनमें सकारात्मक िाव हों, संवेदनशीलिा हो, राग हो, 2
स्नेधहल हों।
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(छ) अधवश्वसनीयिा का संचार होिा है , धजससे आपसी संबंि धबगड़ जािे हैं । 2
2. पद्ां श पर आिाररि प्रश् (08)
(क) i केवल कर्थन (I) सही है । 1
(ख) iii गलि और झूठे आँ कड़े 1
(ग) iv I-(3), II-(1), III-(2) 1
(घ) आं कड़ों से अत्यधिक धघरे रहना। 1
(ङ) आँ कड़ों से भ्रम उत्पन्न धकया जािा है । इं सान झूठ को सच मानने लगिा है । 2
संख्याओं का लंबा - चौड़ा जाल बुना जािा है , जो भ्रामक होिा है ।
(च) कधव आं कड़ों का धशकार हो सकिा र्था। सिी अपनी बाि समझाने के धलए 2
आँ कड़ों के खेल में लगे हैं । आँ कड़ों को अपने धहि में बढ़ा - चढ़ाकर पेश
कर रहे हैं । आँ कड़े सच को सामने लाने की जगह सच को धछपाने के धलए
अपनी सुधविानुसार दशाि ए जा रहे हैं ।
प्रश्न संख्या खंड – ख ( अतिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पर आधाररि प्रश्न ) अंक
(22)
3. धदए गए धवषयों में से धकसी एक धवषय पर लगिग 120 शब्ों में रचनात्मक 01x06=06
लेख :-
आरं ि -- 01 अंक
धवषयवस्तु -- 03 अंक
प्रस्तुधि -- 01 अंक
िाषा -- 01 अंक
4. धकन्ीं चार प्रश्ों के लगिग 40 शब्ों में उत्तर :- 04x02 =
08
(क) कहानी और नाटक दोनों में कहानी, पात्र, पररवेश, कहानी का क्रधमक 2
धवकास, संवाद, द्वं द्व, चमि उत्कषि होिा है ।
(ख) ऐसे धवषय धजसकी किी आशा िी न की हो 2
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धवषय कोई िी - जो पहले से पढ़ा नहीं या रटा रटाया न हो
(ग) श्रव्य माध्यम है । - 01 अं क 2
सीमाएँ :- ½ + ½ अंक
रे धियो में अखबार की िरह पीछे लौटकर सुनने की सुधविा नहीं है ।
अगर रे धियो बुलेधटन में कुछ िी भ्रामक या अरुधचकर है , िो संिव
है धक श्रोिा िुरंि स्टे शन बंद कर दे ।
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
(घ) धजसका संबंि धकसी खास अखबार से ना हो और वह िुगिान के आिार 2
पर अलग - अलग अखबारों के धलए धलखिा हो।
(ङ) लाि :- 01 + 01 अंक 2
ये आपकी मौधलक रचना होगी
लेखन कौशल में अत्यधिक धवकास होगा
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
5. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 80 शब्ों में उत्तर :- 02x04 =
08
(क) िात्पयि - धजसे छापा गया हो। मुधिि माध्यमों के िहि अखबार, पधत्रकाएँ , 4
पुस्तकें आधद - 01 अंक
धवशेषिाएँ :- 03 अंक
स्र्थाधयत्व होिा है ।
रुधच और इच्छा के अनुसार िीरे -िीरे पढ़ सकिे हैं ।
पढ़िे -पढ़िे कहीं िी रुककर सोच-धवचार कर सकिे हैं ।
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
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(ख) समाचार लेखन की बुधनयादी शैली है - 01 अंक 4
िीन िाग :- 03 अंक
मुखड़ा या इं टरो
बॉिी
धनष्कषि या समापन
(ग) खेल में कैररयर आज अपने उिान पर, खेल पत्रकारों के धलए अद् िुि 4
कैररयर के अवसर - 02 अं क
खेल पत्रकार की धवशेषिाएँ :- 02 अंक
खेल की िकनीक, धनयमों, बारीधकयों की समझ
खेल धवशेष में कीधििमानों की जानकारी
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
प्रश्न संख्या खंड - ग ( पाठ्यपुस्तक आरो िथा तििान पर आधाररि प्रश्न ) अंक
(40)
6. काव्यां श - पर आिाररि प्रश्ों के उत्तर उत्तर :- 05x01=05
(क) iv शोधषि वगि 1
(ख) iii अत्यधिक महत्वाकां क्षी होना 1
(ग) ii बादलों 1
(घ) iv कर्थन (A) सही है िर्था कारर् (R) दोनों सही हैं , कारर् (R) कर्थन (A) 1
की सही व्याख्या करिा है ।
(ङ) iii बड़े वृक्ष और पूँजीपधि 1
7. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 60 शब्ों में उत्तर :- 02x03 =
06
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(क) कधव एकाकी जीवन व्यिीि कर रहा है 3
शाम के समय उसके आने के इं िजार में व्याकुल होने वाला कोई
नहीं
अिः वह धकसके धलए िेजी से घर जाने की कोधशश करे
इस प्रकार के धवचार आिे ही राही के कदम िीमे हो जािे हैं |
(ख) िुलसीदास ने जो कहा, वह आज िी प्रासंधगक 3
मूल्हीनिा, नारी की ल्कस्र्थधि, आधर्थिक दु रावस्र्था का धचत्रर् धकया है
इनमें अधिकिर समस्याएँ आज िी धवद्मान हैं
(ग) कधव ने कधव - कमि को कृधष के कायि के समान बिाया है 3
धजस िरह धकसान खेि में बीज बोिा है , वह बीज अंकुररि,
पल्लधवि होकर पौिा बनिा है
इसी िरह धकसी क्षर् - एक रचना, धवचार िर्था अधिव्यल्कक्त का बीज
बोया जािा है
8. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 40 शब्ों में उत्तर :- 02x02 =
04
(क) बाि को सहज रूप से न कहकर िोड़-मरोड़ कर या घुमा- 2
धिराकर कहने का प्रयास
अंििः बाि उलझ जािी है
(ख) कधविा कुछ लोगों की संवेदनहीनिा प्रकट करिी है 2
लोग िन कमाने एवं अपने कायिक्रम के प्रचार-प्रसार के धलए दू सरों
की िावनाओं को ठे स पहँ चािे हैं
धकसी की करुर्ा बेचकर अपनी आय बढ़ाना चाहिे हैं
कायिक्रम को रोचक बनाने के धलए उल्टे सीिे प्रश् पूछिे हैं |
अिः प्रासंधगक है
(ग) बच्चे धजद पर आिे हैं िो अपनी इच्छा पूरी करवाने के धलए नाना 2
प्रकार की हरकिें धकया करिे हैं
बच्चे का ठु नकना, पाँ व पटकना. रोना आधद सिी धक्रयाएँ बालपन
की सूचक हैं ।
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9. गद्ां श - पर आिाररि प्रश्ों के उत्तर :- 05x01=05
(क) i जहाँ हैं , वहीं बने रहें गे। 1
(ख) iii जन्म और मृत्यु जगि का प्रामाधर्क सत्य है 1
(ग) ii जो चीज़ िलिी - िूलिी है , उसका अंि धनधिि है । 1
(घ) i I-(3), II-(1), III-(2) 1
(ङ) iv पररवििन प्रकृधि का धनयम है 1
10. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 60 शब्ों में उत्तर :- 02x03 =
06
(क) िल्कक्तन की बेटी के सं दिि में पंचायि द्वारा धकया गया न्याय असल 3
में अन्याय र्था
िकिहीन और अं िे कानून पर आिाररि है
संपधि के लालच में षियंत्र कर िोली बच्ची को िोखे से जाल में
िंसाया
लड़की की कोई बाि नहीं सुनी गई
पंचायि के अं िे कानून से बुरे की जीि - पीधड़ि की हार हई
(ख) धनधिि समय पर चूरन बेचने के धलए धनकलना 3
धनधिि आमदनी के पिाि चूरन को बच्चों में मुफ्त बाँ ट दे ना
बाज़ार के आकषिर् से प्रिाधवि ना होना
पैसे की व्यंग्य शल्कक्त से धनधलिप्त रहिे हैं ।
उनकी आवश्यकिाएँ और इच्छाएं सीधमि हैं , अिः बाज़ार का
आकषिर् उनपर कायि नहीं करिा।
(ग) धवज्ञान का अपना िकि है जो िथ्य से उपजा है 3
लोक मान्यिा का आिार धवश्वास है जो सहज प्रेम से आिा है
11. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 40 शब्ों में उत्तर :- 02x02 =
04
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(क) दो चाररतत्रक तिर्ेषिाएँ :- 01+01 अंक 2
सा सी
संिेदनर्ीि
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
(ख) धशरीष धचलधचलािी िूप, लू , वषाि और आँ िी में िी अधवचल खड़ा 2
रहिा है
गाँ िी जी आजादी के संग्राम में अन्याय, िेदिाव और धहं सा को
झेलािे रहे
धशरीष अनासक्त रहकर अपने वािावरर् से रस खींचकर सरस,
कोमल बना रहिा है
गाँ िी जी अन्यायी शासन के धवरोि में िटकर खड़े रहे
दासिा केवल कानू नी परािीनिा नहीं
(ग) 2
व्यल्कक्त को अपना पेशा चुनने की आज़ादी न होना या अपनी इच्छानु सार
आचरर् न करने दे ना
12. धकन्ीं दो प्रश्ों के लगिग 100 शब्ों में उत्तर :- 02x05=10
(क) जीवन मूल् जो बदल रहे हैं :- 5
संयुक्त पररवार का टू टिा ढाँ चा
परं पराओं व रीधि - ररवाज़ों से अलगाव
बड़ों का अनादर
त्याग िावना की कमी
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
(ख) पहले लेखक ढोर चरािे समय, खेि में पानी लगािे हए और अन्य 5
काम करिे हए अकेलापन महसूस करिा र्था
उसे कष्ट होिा र्था
कधविा के प्रधि लगाव के बाद वह खेिों में पानी दे िे समय, िैंस
चरािे समय कधविाओं में खोया रहिा, िुकबंदी करिा, अकेले में
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ऊंची आवाज में कधविा गािा, अधिनय व नृत्य करिा, कधविा गािे
हए नाचने लगिा
अिः उसे अकेलापन अच्छा लगने लगा र्था।
(ग) अजायबघर 5
ढकी हई पक्की नाधलयाँ
अन्न िंिार
बौद्ध स्तूप
धवशाल स्नानागार व कुंि
उपररतिक्तखि तबंदु सांकेतिक ैं। अन्य तबंदु तिचारणीय ि स्वीकायश ो
सकिे ैं।
--x----x----x----x--
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