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Class 11 Hindi Sample Paper 2023
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वािषर्क परीक्षा अ यास प्र पत्र
कक्षा XI (2022-23)
िहंदी (ऐि छक) (002)
अिधकतम अंक-80 अविध: 3 घंटे
सामा य िनदेर्श:- िन निलिखत िनदेर्श का पालन कीिजए –
इस प्र पत्र म दो खंड ह- खंड ‘अ’ और खंड ‘ब’ । कुल प्र 14 ह ।
खंड ‘अ’ म कुल 48 व तुपरक प्र पूछे गए ह। िदए गए िनदेर्श का पालन करते हुए कुल 40 प्र के उ र दीिजए।
खंड ‘ब’ म वणर्ना मक प्र पूछे गए ह, आंतिरक िवक प भी िदए गए ह।
िनदेर्श को बहुत सावधानी से पिढ़ए और उनका पालन कीिजए।
दोन खंड के प्र के उ र देना अिनवायर् है।
यथासभ ं व दोन खंड के प्र के उ र क्रमशः िलिखए।
प्र सं. खंड ‘अ’ व तुपरक प्र अंक
प्र 1. िन निलिखत गद्यांश को यानपूवर्क पढ़कर सवार्िधक उपयुक्त उ र वाले िवक प चुनकर िलिखए- 1x10=
अिभ यिक्त की वतंत्रता सभी अिधकार की जननी मानी जाती है। यह सामािजक, राजनीितक एवं आिथर्क मु पर 10
जनमत तैयार करती है। अगर लोकतंत्र का मतलब लोग का, लोग द्वारा शासन है तो प है िक हर नागिरक को
लोकतांित्रक प्रिक्रया म भाग लेने का अिधकार है और अपनी इ छा से नेता चनु ने के बौिद्धक अिधकार के िलये
सावर्जिनक मु पर वतंत्र िवचार, चचार् और बहस ज़ री है। इससे न िसफर् लोकतंत्र को मज़बतू ी प्रदान की गई है
बि क तािकर् क चयन की वतंत्रता प्रदान कर बाज़ार-आधािरत अथर् यव था के िवकास, समाज म संवाद अंतराल
और सामािजक तनाव को कम िकया है। सवं ाद के मा यम से अधं िव ास, सामािजक कुरीितय एवं िढ़य पर भी
प्रहार िकया गया है तथा मानव की तािकर् क क्षमता, साहस तथा नवाचारी प्रवृि को बढ़ावा िदया गया है, िजसके
कारण भारत का आधिु नकीकरण संभव हो पाया है। अिभ यिक्त की वतंत्रता ने शासन-प्रशासन के िव द्ध पनप रहे
जनता के गु से से सरकार को अवगत करवाया है, िजससे अराजकता कती है एवं लोकतंत्र मज़बतू होता है।
अिभ यिक्त की वतंत्रता जब अपनी सीमा का उ लंघन करती है तो सामािजक अराजकता का कारण बनती है।
अिभ यिक्त की वतंत्रता लोकतांित्रक यव था के सचं ालन का मल ू आधार है, परंतु समाज को अराजकता से बचाने
के उ े य से इस पर सीिमत मात्रा म तािकर् क प्रितबंध आरोिपत िकये गए ह, जहाँ प्रिक्रया एवं िवषय-व तु दोन का
तािकर् क होना अिनवायर् है। संिवधान द्वारा इस पर लोक यव था, रा ट्र की सरु क्षा, िवदेशी रा य के साथ िमत्रतापणू र्
सबं ंध, अपराध को बढ़ावा देना, सदाचार, नैितकता, यायालय की अवमानना तथा मानहािन के आधार पर प्रितबंध
को आरोिपत िकया गया है। लोकतंत्र एवं अिभ यिक्त की वतंत्रता एक ही िसक्के के दो पहलू ह। इनम से िकसी पर
भी आँच आने पर दसू रा वत: ही िवलिु की कगार पर पहुचँ जाता है, जो जनमत पर तानाशाही की थापना को
बढ़ावा देता है। पत्रकािरता के संबंध म अिधकार एवं उ रदािय व म संतल ु न करना आव यक है। इसी प्रकार घृणा-
संवाद एवं अिभ यिक्त की वतंत्रता के म य अंतर को समझना भी बहुत ज़ री है। मज़बतू लोकतंत्र हेतु अिभ यिक्त
की वतंत्रता के साथ उसकी सीमा का तय होना भी आव यक है। इन दोन म परू कता के सबं ंध को वीकार करते हुए
बढ़ावा देने की आव यकता है, तािक रा ट्र लगातार प्रगित के रा ते पर अग्रसर हो सके , समाज समावेशी बने एवं िव
म भारतीय संिवधान जो िक अिभ यिक्त की वतंत्रता हेतु प्रिसद्ध है, की गिरमा बरकरार रहे।
(i) लोकतंत्र का आधारभतू दसू रा पक्ष क्या है?
(क) धमर् की वतंत्रता
(ख) रोजगार की वतंत्रता
(ग) अिभ यिक्त की वतंत्रता
1 (CAU)
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(घ) यापार की वतंत्रता
(ii) सावर्जिनक मु पर वतंत्र िवचार, चचार् और बहस क्य ज़ री है?
(क) तािक लोकतंत्र का नेतृ व सही हाथ म हो
(ख) तािक आरामदायक जीवन िजया जा सके
(ग) तािक राजनीितक दल पर आरोप मढ़ा जा सके
(घ) तािक अपने अपने वाथर् िसद्ध िकए जा सके
(iii) सामािजक तनाव और सामािजक िवद्वेष को िकससे समा िकया जा सकता है?
(क) तानशाही से
(ख) पर पर संवाद से
(ग) धन-बल के प्रभाव से
(घ) वगर् भेद से
(iv) अिभ यिक्त की वतंत्रता कब सामािजक अराजकता का कारण बनती है?
(क) जब अिभ यिक्त अपनी सीमा का उ लंघन करती है
(ख) जब अिभ यिक्त अपनी सीमा म होती है
(ग) जब अिभ यिक्त समरसतापणू र् होती है
(घ) उपयर्क्तु सभी
(v) अिभ यिक्त की वतंत्रता पर अंकुश से िकसे बढ़ावा िमलता है?
(क) लोकशाही
(ख) राजशाही
(ग) तानाशाही
(घ) प्रजाशाही
(vi) भारत के आधिु नकीकरण को सभं व बनाने म िन न म से िकसका योगदान नहीं है?
(क) नागिरक की तािकर् क क्षमता
(ख) भारतीय की नवाचारी प्रवृि
(ग) अ धिव ास और कुप्रथाएँ
(घ) अिभ यिक्त की वतंत्रता
(vii) अिधकार एवं उ रदािय व म संतल ु न करना आव यक क्य है?
(क) अिधकार असीिमत होते ह तथा उ रदािय व सीिमत
(ख) अिधकार लोकतांित्रक होते ह तथा उ रदािय व िनरंकुश
(ग) अिधकार तथा उ रदािय व पर पर परू क होते ह
(घ) अिधकार और उ रदािय व एक दसु रे के िवरोधी होते ह
(viii) समाज को अराजकता से बचाने के उ े य से िकस पर सीिमत मात्रा म तािकर् क प्रितबंध आरोिपत िकया जाना उिचत है
?
(क) सभी प्रकार के कतर् य पर
(ख) अिभ यिक्त की वतंत्रता पर
(ग) नागिरकता पर
(घ) सामािजक क याण के कायर्क्रम पर
(ix) गद्यांश के अनसु ार भारतीय सिं वधान परू े िव म िकस िलए प्रिसद्ध है?
(क) अिभ यिक्त की वतंत्रता
(ख) अिभ यिक्त की त्रासदी
(ग) अिभ यिक्त की सीमा
(घ) अिभ यिक्त की गिरमा
2 (CAU)
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(x) मनु य के सवागीण िवकास के िलए सबसे मह वपणू र् त व है-
(क) पर पर िववाद
(ख) पर पर संवाद
(ग) िनवैर्यिक्तक संवाद
(घ) जनतांित्रक पिरवाद
प्र 2. नीचे दो अपिठत का यांश िदए गए ह िकसी एक का यांश पर आधािरत प्र के सवार्िधक उपयुक्त उ र 1x8=8
वाले िवक प चुनकर िलिखए-
का यांश – एक
मन-दीपक िन कंप जलो रे !
सागर की उतालु तरंग,
आसमान को छु-छू जाएँ।
डोल उठे डगमग भमू ंडल
अिग्नमख ु ी वाला बरसाए,
धमू के तु िबजली की द्यिु त से,
धरती का अंतर िहल जाए।
िफर भी तमु ज़हरीले फन को
कालजयी बन उसे दलो रे ।
कदम-कदम पर प थर, काँटे
पैर को छलनी कर जाएँ।
ांत-क्लांत करने को आतरु
क्षण-क्षण म जगु की बाधाएँ
मरण गीत आकर गा जाएँ।
िदवस-रात, आपद-िवपदाएँ
िफर भी तमु िहमपात तपन म
िबना आह चपु चाप जलो रे ।
(i) प्र ततु का यांश म किव क्या करने के िलए कह रहा है?
(क) बाधाओ ं से भयभीत होकर पलायन करने के िलए
(ख) पतंगे के सामन दीपक म जल जाने के िलए
(ग) बाधाओ ं का सामना कर ल य प्राि के िलए
(घ) ांत और क्लांत होकर क र् य-पथ बदलने के िलए
(ii) कालजयी बनकर कै सी बाधाओ ं का दलन करने को कहा गया है?
(क) सागर म ऊँची उठती लहर को
(ख) वालामख ु ी फटने जैसी आपदा को
(ग) धमू के तु जैसी िबजली के प्रकाश से होने वाली कंपन को
(घ) जीवन म आने वाली प्राकृ ितक आपदाओ ं के समान बाधाओ ं को
(iii) प थर और काँटे िकसके प्रतीक ह?
(क) कदम–कदम पर प्रा होने वाली बाधाएँ
(ख) नदी की तलहट म िबछे प थर और कांटे
(ग) प थर और काँट से सजाया गया संदु र उपवन
(घ) उपयर्क्त ु सभी
(iv) धरती का अंतर क्य िहल जाता है?
(क) धरती पर बढ़ने वाले छल-प्रपंच, अ याचार, अ याय एवं बैरभाव के कारण
3 (CAU)
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(ख) धरती पर धमू के तु के िबजली के प्रकाश के कारण
(ग) धरती पर वालामख ु ी के फूटने के कारण
(घ) अंतिरक्ष से धमू के तओ ु ं की वषार् के कारण
(v) ‘मन-दीपक िन कंप जलो रे !’ से किव का आशय है-
(क) आशा पी दीपक का मन म ढ़ता के साथ जलना
(ख) इ छा पी दीपक का मन म ढ़ता के साथ जलना
(ग) साहस पी दीपक का मन म ढ़ता के साथ जलना
(घ) उपयर्क्त ु सभी
(vi) ‘मन-दीपक िन कंप जलो रे !’ म कौन-सा अलंकार है?
(क) उपमा
(ख) पक
(ग) उ प्रेक्षा
(घ) पनु िक्त
(vii) किव लोग को चपु चाप िकस राह म जलने के िलए कह रहा है?
(क) िन कंटक सरल राह म
(ख) बाधाओ ं और िवपदाओ ं से भरी राह म
(ग) फूल और सगु ंध से भरी राह म
(घ) पवर्त झरने और जलाशय से भरी राह म
(viii) प्र ततु का यांश म कौन-सा का य गणु है?
(क) माधयु र्
(ख) प्रसाद
(ग) ओज
(घ) उ साह
अथवा
का यांश – दो
बार-बार आती है मझु को मधरु याद बचपन तेरी,
गया ले गया तू जीवन की सबसे म त खश ु ी मेरी।
िचंता-रिहत खेलना, खाना, वह िफरना िनभर्य व छंद,
कै से भल ू ा जा सकता है, बचपन का अतिु लत आनंद?
रोना और मचल जाना भी क्या आनंद िदखाते थे।
बड़े-बड़े मोती से आँसू जयमाला पहनाते थे।
म बचपन को बल ु ा रही थी बोल उठी िबिटया मेरी,
नंदन वन-सी फूल उठी यह, छोटी-सी कुिटया मेरी।
माँ ओ! कहकर बल ु ा रही थी िमट्टी खाकर आई थी
कुछ मख ु म कुछ िलए हाथ म मझु े िखलाने लाई थी
मने पछ ू ा-"यह क्या लाई ?" बोल उठी वह-“माँ काओ"
हुआ प्रफुि लत दय खश ु ी से मने कहा "तु हीं खाओ।"
(i) कवियत्री को बार-बार िकसकी याद आती है?
(क) िबिटया की
(ख) बचपन की
(ग) जवानी की
(घ) बढ़ु ापे की
4 (CAU)
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(ii) बचपन का आनंद कै सा होता है?
(क) संतिु लत
(ख) अतिु लत
(ग) तामिसक
(घ) पाशिवक
(iii) बचपन का खेलना-खाना और घमू ना-िफरना कै सा होता है?
(क) िचंतायक्त ु और व छंद
(ख) िचतं ामक्त ु और व छंद
(ग) िचंतायक्त
ु और बंधनयक्त ु
(घ) िचंतामक्तु और द्वद्वं यक्त
ु
(iv) कवियत्री ने िकसको जयमाला के समान बताया है?
(क) फूल को
(ख) बचपन को
(ग) आँसओ ु ं को
(घ) हँसी को
(v) का यांश म कवियत्री ने अपने घर की तल ु ना िकससे की है?
(क) नंदन-वन
(ख) कानन-वन
(ग) दडं क-वन
(घ) चंपा-वन
(vi) बचपन को बल ु ाने से कवियत्री का क्या आशय है?
(क) अपने ब च को बल ु ाना
(ख) वयं के बचपन को याद करना
(ग) ब च के बचपन की बात करना
(घ) ब च के बचपन को याद करना
(vii) िन निलिखत कथन कारण को यानपवू र्क पिढ़ए उसके बाद िदए गए िवक प म से कोई एक सही िवक प चनु कर
िलिखए –
कथन (A): म बचपन को बल ु ा रही थी बोल उठी िबिटया मेरी
कारण (R): कवियत्री अपने बचपन के िदन को याद कर रही थी तभी उसके बेटे ने उ ह आवाज़ दी।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोन सही ह तथा कारण कथन की सही याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है तथा कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोन गलत ह।
(घ) कथन (A) सही है लेिकन कारण (R) उसकी गलत याख्या करता है।
(viii) प्र ततु का यांश म कौन-सा रस है?
(क) हा य रस
(ख) अद्भुत रस
(ग) वीर रस
(घ) वा स य रस
प्र 3. िन निलिखत प्र के उ र देने के िलए उपयुक्त िवक प का चयन कीिजए- 1x5=5
(i) अन या ने देश के एक बहुचिचर्त भ्र ाचार के मु े पर ि टंग ऑपरे शन िकया। यह िकस प्रकार की पत्रकािरता का िह सा
है?
(क) िवशेषीकृ त पत्रकािरता
5 (CAU)
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(ख) खोजपरक पत्रकािरता
(ग) एडवोके सी पत्रकािरता
(घ) वैकि पक पत्रकािरता
(ii) उिचत िमलान को दशार्ने वाले िवक प का चयन कीिजए-
अ ब
(I) समाचार को र करने का िनदेर्श (i) लैश
(II) अ यतं मह वपणू र् समाचार का पहला भाग (ii) कवर
(III) िकसी घटना की िरपोटर् तैयार करना (iii) िकल
(क) (I)-(i), (II)-(ii), (III)-(iii)
(ख) (I)-(iii), (II)-(i), (III)-(ii)
(ग) (I)-(ii), (II)-(iii), (III)-(i)
(घ) (I)-(iii), (II)-(ii), (III)-(i)
(iii) ‘एक सािहि यक की डायरी’ िकसकी रचना है?
(क) गजानन माधव ‘मिु क्तबोध’ की
(ख) रामवृक्ष बेनीपरु ी की
(ग) ऐनी फ्रक की
(घ) राहुल सांकृ यायन की
(iv) िकसी समाचार-पत्र के संपादक का यिक्त व िकस पृ पर मख ु िरत होता है?
(क) पेज थ्री
(ख) संपादकीय
(ग) येलो पेज
(क) मख ु पृ
(v) पीत पत्रकािरता का संबंध िकस प्रकार के समाचार से है?
(क) सनसनीखेज समाचार से
(ख) वैि क दैिनक समाचार से
(ग) अथर्जगत के समाचार से
(घ) िफ़ मी दिु नया से सबं ंिधत समाचार से
प्र 4. िन निलिखत का यांश को यानपूवर्क पढ़कर पूछे गए प्र के सही उ र वाले िवक प चुिनए- 1x6=6
शत-शत िनझर्र-िनझर्रणी-कल
मखु िरत देवदा कानन म
शोिणत धवल भोज पत्र से
छाई हुई कुटी के भीतर
रंग-िबरंगे और सगु ंिधत
फूल से कंु तल को साजे,
इ द्रनील की माला डाले
शंख-सरीखे सघु ढ़ गल म
कान म कुवलय लटकाए
शतदल लाल कमल वेणी म,
रजत-रिचत मिण-खिचत कलामय
पान-पात्र द्राक्षासव पिू रत
रखे सामने अपने-अपने
लोिहत चंदन की ित्रपदी पर
6 (CAU)
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नरम िनदाग बाल-क तरू ी
मृगछाल पर पलथी मारे ,
मिदरा ण आँख वाले उन
उ मद िक नर-िक निरय की
मृदलु मनोरम अँगिु लय को
वंशी पर िफरते देखा है।
बादल को िघरते देखा है।
(i) देवदा कानन म िकसका िननाद गँजू रहा है?
(क) सैकड़ छोटी-बड़ी निदय का
(ख) सैकड़ छोटे-बड़े झरन का
(ग) सैकड़ छोटे-बड़े पिक्षय का
(घ) सैकड़ छोटी-बड़ी मधमु िक्खय का
(ii) िहमालय के उस थान पर झ पिड़याँ िकसके प से बनी ह?
(क) पान के प से
(ख) भोज वृक्ष के प से
(ग) ईखं के प से
(घ) धान के डंठल से
(iii) िन निलिखत कथन पर िवचार कीिजए-
(i) प्र ततु का यांश म िहमालय क्षेत्र म रहने वाली जनजाितय के स दयर् का वणर्न है।
(ii) िक नर-िक निरय की आँख मिदरापान के कारण लाल ह।
(iii) िक नर-िक निरय के हाथ की कोमल उंगिलयाँ िसतार पर िफर रही ह।
इन कथन म कौन सा/से कथन स य है/ह?
(क) के वल (i)
(ख) के वल (ii)
(ग) (i) और (ii) दोन
(घ) (i), (ii) तथा (iii)
(iv) िक निरय के गले की तल ु ना िकससे की गई है?
(क) मछली से
(ख) कंु भ से
(ग) शंख से
(घ) कमल से
(v) िक नर-िक निरय को उ मद क्य कहा गया है?
(क) मिदरापान के प्रभाव के कारण
(ख) देवदार के वृक्ष के कारण
(ग) सदंु र वेशभषू ा के कारण
(घ) इ द्रनील की माला के कारण
(vi) प्र ततु का यांश म कौन-सा का य-गणु है?
(क) प्रसाद गणु
(ख) माधयु र् गणु
(ग) ओज गणु
(घ) औदा य गणु
7 (CAU)
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प्र 5. िन निलिखत गद्यांश को यानपूवर्क पढ़कर पूछे गए प्र के सही उ र वाले िवक प चुिनए- 1x6=6
जो लोग अपने को देश िहतैषी लगाते ह , वह अपने सख ु को होम करके , अपने धन और मान का बिलदान करके
कमर कस के उठो। देखादेखी थोड़े िदन म सब हो जाएगा। अपनी खरािबय के मल ू कारण को खोजो। कोई धमर् की
आड़ म, कोई देश की चाल की आड़ म, कोई सख ु की आड़ म िछपे ह। उन चोर को वहाँ-वहाँ से पकड़-पकड़कर
लाओ। उनको बाँध-बाँधकर कै द करो। हम इससे बढ़कर क्या कह िक जैसे तु हारे घर म कोई पु ष यिभचार करने
आवै तो िजस क्रोध से उसको पकड़कर मारोगे और जहाँ तक तु हारे म शिक्त होगी उसका स यानाश करोगे। उसी
तरह इस समय जो-जो बात तु हारे उ नित-पथ म काँटा ह , उनकी जड़ खोदकर फक दो।
(i) “जो लोग अपने को देश िहतैषी लगाते ह ” इस पंिक्त म ‘देश िहतैषी’ से ता पयर् है-
(क) राजनीितक दल के नेता
(ख) देश-भक्त
(ग) िवदेशी राजनियक
(घ) िवलायत से िशक्षा प्रा अथर्शा ी
(ii) गद्यांश के अनसु ार कौन-सा वाक्य सही है?
(क) अपनी खरािबय के मल ू कारण को खोजने म समय यथर् नहीं करना चािहए
(ख) घर म यिभचार करने आए यिक्त का स कार करना चािहए
(ग) िवकास के मागर् म आने वाली बाधाओ ं को दरू करना चािहए
(घ) देश के िलए अपने सख ु , धन और मान का बिलदान करना बेमानी है
(iii) लेखक छुपे हुए चोर को बाँधकर कै द करने के िलए क्य कहता है?
(क) क्य िक ऐसे लोग देश की प्रगित म अपना साथर्क योगदान देते ह
(ख) क्य िक ऐसे लोग सदैव देश को लटू ने म लगे होते ह
(ग) क्य िक ऐसे लोग िवदेश म देश का मान-स मान बढ़ाते ह
(घ) क्य िक ऐसे लोग िहसं क पशु के समान होते ह
(iv) लेखक यिभचार करने आए पु ष के साथ कै सा यवहार करने के िलए कहता है?
(क) यथाशिक्त आदर-स कार
(ख) यथाशिक्त िवरोध
(ग) यथाशिक्त मान-स मान
(घ) उम्रकै द
(v) ‘कमर कसना’ महु ावरा से ता पयर् है-
(क) कै द करना
(ख) तैयार होना
(ग) हार मान लेना
(घ) क्रोिधत होना
(vi) िन निलिखत कथन कारण को यानपवू र्क पिढ़ए और िदए गए िवक प म से कोई एक सही िवक प चनु कर िलिखए–
कथन (A): जो-जो बात तु हारे उ नित-पथ म काँटा ह , उनकी जड़ खोदकर फक दो।
कारण (R): लेखक के अनसु ार िवकास म बाधक त व के जड़ म हमेशा खाद-पानी डालते रहना चािहए।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोन सही ह तथा कारण कथन की सही याख्या करता है।
(ख) कथन (A) गलत है तथा कारण (R) सही है।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोन गलत ह।
(घ) कथन (A) सही है लेिकन कारण (R) उसकी गलत याख्या करता है।
प्र 6. िन निलिखत म से िनदेर्शानुसार सबसे उिचत िवक प का चयन कीिजए – 1x5=5
(i) ‘आवारा मसीहा’ पाठ के अनसु ार िन निलिखत कथन पर िवचार कीिजए-
(i) शरत् के िपता बेहद कठोर अनश ु ासन वाले सािह य-संगीत िवहीन शु क प्रकृ ित के यिक्त थे।
8 (CAU)
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(ii) शरत् अपने बा यकाल म िकसी बंधन, िनषेध या कठोर अनश ु ासन म बँधकर रहना नहीं चाहता था।
(iii) जीवनी म िकसी यिक्त के जीवन का घटनाओ ं का त यपरक िक तु सािहि यक सरसतापणू र् वणर्न होता है।
इन कथन म कौन सा/से कथन स य है/ह?
(क) के वल (ii)
(ख) के वल (i)
(ग) (i) और (ii) दोन
(घ) (ii) और (iii) दोन
(ii) गांगल ु ी पिरवार म िकस कायर् को शा म समद्रु यात्रा के समान काल माना जाता था?
(क) पतंग उड़ाना
(ख) लट्टू घमु ाना
(ग) गोली खेलना
(घ) गु ली-ड डा खेलना
(iii) िन निलिखत यग्ु म पर िवचार कीिजए-
(i) मोतीलाल – शरत के मामा
(ii) भवु नमोिहनी – शरत की माता
(iii) के दारनाथ गंगोपा याय- शरत के दादा
(iv) ठाकुरदास – शरत के िपता
इन यग्ु म म से कौन से सही समु ेिलत ह?
(क) के वल (i)
(ख) (i) और (ii) दोन
(ग) के वल (ii)
(घ) (ii) और (iii) दोन
(iv) मकबल ू ने पहली ऑयल पिटंग बनाने का िन य िकसे देखकर िकया?
(क) गांधी जी को देखकर
(ख) िफ मी इि तहार को देखकर
(ग) पचवाली पगड़ी को देखकर
(घ) बे द्रे की पिटंग देखकर।
(v) प्रितभा के िवकास का सही अवसर तथा मागर्दशर्न िमलने से सफलता अव य िमलती है यह बात िकस पर चिरताथर्
होती है?
(क) मरु ाद अली
(ख) मकबल ू
(ग) बद्रे साहब
(घ) मबु ारक अली
खंड ‘ब’ वणर्ना मक प्र
प्र 7. िन निलिखत म से िकसी एक िवषय पर लगभग 120 श द म य लेखन कीिजए। 5x1=5
सदीर् की एक सबु ह
अथवा
िवद्यालय का मेगा पी.टी.एम समारोह
प्र 8. िन निलिखत िदए गए िवषय म से िकसी िवषय पर लगभग 120 श द म पत्र िलिखए। 5x1=5
(क) एक रा ट्रीय तर के अखबार को क्षेत्रीय तर पर संवाददाताओ ं की आव यकता है। अपनी योग्यताओ ं का उ लेख
करते हुए इस पद पर िनयिु क्त हेतु आवेदन पत्र िलख ।
अथवा
9 (CAU)
Page 11
अपनी कॉलोनी के िनवािसय को हो रही असिु वधा का उ लेख करते हुए िद ली पिरवहन िनगम के अिधकारी को
कॉलोनी के नजदीक एक बस टॉप बनवाने हेतु एक आवेदन पत्र िलिखए।
(ख) कला सगं म, िद ली द्वारा जनकपरु ी आयोिजत नृ य और गायन प्रितयोिगता पर एक प्रितवेदन तैयार कीिजए। 3x1=3
अथवा
सव दय िवद्यालय ,रोिहणी म पयार्वरण िदवस पर वृक्षारोपण तथा पयार्वरण से जड़ु े कायर्क्रम आयोिजत करने के सबं ंध
म इको-क्लब की बैठक संप न हुई। उसम िजन िवषय पर चचार् हुई और जो िनणर्य िलए गए, उनका कायर्वृ िलिखए।
प्र 9. िन निलिखत प्र के उ र लगभग 40 श द म िलिखए- 2x2=4
(i) इस दौर म समाचार मीिडया बाज़ार को हड़पने के िलए अिधकािधक लोग का मनोरंजन तो कर रहा है लेिकन जनता
के मल ू सरोकार को दरिकनार करता जा रहा है। इस कथन की याख्या कर।
(ii) पटकथा लेखन म लैशबैक तकनीक और लैश फ़ॉरवडर् तकनीक को उदाहरण सिहत प कीिजए।
प्र 10. िन निलिखत म से िक हीं दो प्र के उ र लगभग 40 श द म िलिखए- 2x2=4
(i) 'खेलन म को काको गसु ैयाँ' पद म सरू ने बाल वभाव का वणर्न िकया है। उसे प कीिजए।
(ii) 'बादल को िघरते देखा है' किवता म नागाजनर्ु ने प्रकृ ित के सौ दयर् का यथाथर् वणर्न िकया है। प कीिजए।
(iii) 'ह तक्षेप' किवता स ा की क्रूरता और उसके कारण पैदा होने वाले प्रितरोध की किवता है।' प कीिजए।
प्र 11. िन निलिखत म से िकसी एक का यांश की सप्रसगं याख्या कर - 6x1=6
साँसिन ही स समीर गयो अ , आँसनु ही सब नीर गयो ढिर।
तेज गयो गनु लै अपनो, अ भिू म गई तन की तनतु ा किर।।
‘देव’ िजयै िमिलबेही की आस िक, आसहू पास अकास र ो भिर,
जा िदन तै मख ु फे िर हरै हँिस, हेिर िहयो जु िलयो हिर जू हिर।।
अथवा
अचल िहमिगिर के दय म आज चाहे कंप हो ले,
या प्रलय के आँसओ ु ं म मौन अलिसत योम रो ले
आज पी आलोक को डोले ितिमर की घोर छाया,
जागकर िवद्यतु -िशखाओ ं म िनठुर तफ़ ू ान बोले!
पर तझु े है नाश-पथ पर िच अपने छोड़ आना!
जाग तझु को दरू जाना!
प्र 12. िन निलिखत म से िक हीं दो प्र ो के उ र लगभग 40 श द म िलिखए- 2x2=4
(i) 'सवाल के पाँव जमीन म गहरे गढ़े ह। यह उखड़ेगा नहीं।' इस कथन म मनु य की िकस प्रवृि की ओर संकेत है और
क्य ? ‘टाचर् बेचने वाले’ पाठ के आधार पर उ र दीिजए।
(ii) ' योितबा और सािवत्री बाई ने अपने िमशन को परू ा िकया।' उनका िमशन क्या था और उ ह ने उसे कै से परू ा िकया?
(iii) "चल! ये लोग हारा घर ना बणने दगे।' सिु कया के इस कथन के पीछे िछपी उसकी मनोदशा को प कीिजए।
प्र 13. िन निलिखत गद्यांश की सप्रसगं याख्या कर - 6x1=6
िजस िदन तु ह यह पत्र िमलेगा उसके सवेरे म बाल अ ण के िकरण-रथ पर चढ़कर उस ओर चला जाऊँगा। म चाहता
तो अतं समय तमु से िमल सकता था, मगर इससे क्या फायदा! मझु े िव ास है तमु मेरी ज म-ज मातंर की जननी ही
रहोगी। म तमु से दरू कहाँ जा सकता हू!ँ माँ! जब तक पवन साँस लेता है, सयू र् चमकता है, समद्रु लहराता है, तब तक
कौन मझु े तु हारी क णामयी गोद से दरू खींच सकता है? िदवाकर थमा रहेगा, अ ण रथ िलए जमा रहेगा! म, बंगड़
वह, यह सभी तेरे इतं जार म रहगे।
प्र 14. िन निलिखत म से िकसी एक प्र का उ र लगभग 60 श द म िलिखए- 3x1=3
(i) 'प्रितभा छुपाये नहीं छुपती' कथन के आधार पर मकबल ू िफदा हुसैन के यिक्त व पर प्रकाश डािलए।
(ii) ‘आवारा मसीहा’ पाठ म अनेक अंश बालसल ु भ चंचलताओ,ं शरारत को बहुत रोचक ढंग से उजागर करते ह।
आपको कौन-सा अंश अ छा लगा और क्य ? वतर्मान समय म इन बालसल ु भ िक्रयाओ ं म क्या पिरवतर्न आए ह?
10 (CAU)