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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 6TH
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Book : बाल रामकथा NCERT Solutions | Chapter- बाल रामकथा Hindi
Class : 6th
Subject : Hindi
Chapter : बाल रामकथा
Name of the Book : बाल रामकथा
Q1 पुस्तक के पहले अध्याय के पहले अनुच्छेद में लेखक ने सजीव ढं ग से अवध की तस्वीर प्रस्तुत की है । तुम भी
अपने आसपास कक ककसी जगह का ऐसा बारीक कित्रण प्रस्तुत करो। यह कित्रण मुहल्ले के िबूतरे , गली की िहल-
पहल, सड़क के नज़ारे आकद ककसी का भी हो सकता है कजससे तुम अच्छी तरह पररकित हो।
Answer. मेरा जन्म भारत की राजधानी कदल्ली में हुआ। मैं अपने मुहल्ले से बहुत अच्छी तरह से पररकित हं । यह
जगह ग्रेटर कैलाश है यहां बहुत बड़ी-बड़ी इमारतें तथा मॉल है , िौड़ी-िौड़ी सड़के और एक बहुत बड़ा बगीिा जहां
लोग सुबह और शाम सैर करने आते हैं, बच्चे तरह तरह के खेल खेलते हैं । यह दृश्य काफी मनमोहक होता है । पक्षी
भी यहां पर अपना डे रा बना लेते हैं ।यह जगह काफी शां त एवं प्रदू षण रकहत है । यहां लोग सुकशकक्षत है । िारों ओर
हररयाली फैली हुई है जो इस जगह को आकषषण का केंद्र बना दे ती है ।
Page : 85 , Block Name : प्रश्न- अभ्यास
Q2 कवश्वाकमत्र जानते थे कक क्रोध करने से यज्ञ पूरा नहीं होगा इसीकलए वह क्रोध को पी गए। तुम्हें भी कभी-कभी
गुस्सा आता होगा तुम्हें कब कब गुस्सा आता है और उसका क्या पररणाम होता है ?
Answer.वास्तव में हम सभी जानते हैं कक क्रोध करना हमारे कलए अच्छा नहीं होता परं तु कफर भी हम लोग कभी
कभी जानकर और कभी कभी अनजाने में क्रोध करते हैं । मुझे भी गुस्सा आता है जब मुझसे कोई झूठ बोलता है
तथा मुझसे सही से व्यवहार नहीं करता तब मुझे गुस्सा आता है ।मैं हर बार या कोकशश करता हं कक मुझे गुस्सा ना
आए पर मैं गुस्से को काबू नहीं कर पाता और इसके पररणाम स्वरूप मुझे काफी नुकसान उठाना पड़ता है जैसे कक
मेरा ककसी के साथ झगड़ा हो जाता है या कफर मुझे डां ट सुननी पड़ जाती है ।यहां तक कक मेरा अपने गुस्से के कारण
कमत्रों से भी झगड़ा हो जाता है और उनसे बोलिाल बंद हो जाती है ।
Q3 राम और लक्ष्मण ने महाराज दशरथ के कनणषय को खुशी-खुशी स्वीकार ककया तुम्हारी समझ में इसका क्या
कारण रहा होगा?
Answer॰ *राम और लक्ष्मण ने अपने कपता की आज्ञा को खुशी-खुशी स्वीकार कर कलया इसके कनम्नकलखखत कारण
हो सकते हैं :-
*राम और लक्ष्मण आदशष पुत्र थे। वह वीर भी थे। वे दोनों अपने कपता का बहुत आदर सम्मान करते थे इसकलए
उन्ोंने उनकी बात नहीं टाली।
*राम और लक्ष्मण अपनी कुल की रीकत को जानते थे। रघुकुल के राजाओं ने अपने विनों का पालन करने के कलए
अपनी जान की बाज़ी तक लगा दी थी। राम और लक्ष्मण अपने कुल में विनों का मान रखने की परं परा से अच्छी
तरह पररकित हैं इसकलए उन्ोंने राजा दशरथ के कनणषय को खुशी-खुशी स्वीकार कर कलया।
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Book : बाल रामकथा NCERT Solutions | Chapter- बाल रामकथा Hindi
Page : 85 , Block name : प्रश्न- अभ्यास
Q4 कवश्वाकमत्र ने कहा, “यह जानवर और वनस्पकतयां जंगल की शोभा है । इनसे कोई डर नहीं है ।” उन्ोंने ऐसा क्यों
कहा?
Answer. ऋकष कवश्वाकमत्र राजा दशरथ को विन दे कर आए थे कक वह राम और लक्ष्मण की रक्षा करें गे इसकलए
उन्ोंने राम और लक्ष्मण से कहा कक यह जानवर और वनस्पकतयां जंगल की शोभा है ताकक वह भयभीत ना हो और
वनस्पकतयों और जानवरों के महत्व को समझ सकें कक वे ककस प्रकार प्रकृकत की शोभा को बढा रहे हैं ।
Page : 85 , Block name : प्रश्न- अभ्यास
Q5 लक्ष्मण ने शूपषणखा के नाक-कान काट कदए।क्या ऐसा करना उकित था?अपने उत्तर का कारण बताओ।
Answer. शूपषणखा राम या लक्ष्मण से कववाह करना िाहती थी परं तु दोनों भाइयों ने शूपषणखा प्रस्ताव ठु करा कदया
था। इसीकलए शूपषणखा सीता को मारने दौड़ी। लक्ष्मण यह सहन नहीं कर पाए क्योंकक सीता उनके कलए माता समान
थी और वह अपनी माता को अपमाकनत होता हुआ नहीं दे ख सकते थे। लक्ष्मण का शूपषणखा की नाक कान काट
दे ना उकित था क्योंकक राम और लक्ष्मण ने उसे समझाने का बहुत प्रयत्न ककया पर वह समझना ही नहीं िाह रही थी।
Q6 कवश्वाकमत्र और कैकेयी दोनों ही दशरथ को रघुकुल के विन कनभाने की प्रथा याद कदलाते हैं । तुम अपने अनुभवों
की मदद से बताओ कक क्या कदया हुआ विन कनभाना हमेशा संभव होता है ?
Answer. कवश्वाकमत्र जब यज्ञ की रक्षा के कलए राम को मां गने आते हैं तब राजा दशरथ कविकलत हो जाते हैं । कवश्वकमत्र
तब उन्ें अपने कुल की विन कनभाने की रीकत याद कदलाते हैं। कैकई राम को 14 वषष का वनवास दे ना िाहती थी,
राजा दशरथ के ना समझने पर उनसे अपने विनों की कनभाने की प्रथा को याद कदलाती है और ना िाहते हुए भी
राजा दशरथ को कैकेयी की बात माननी पडती हैं ।
कदया हुआ विन कनभाना हमेशा संभव नहीं हो पाता क्योंकक कभी-कभी ऐसी पररखथथकतयां आ जाती है कजसमें मनुष्य
अपने कदए हुए विन को पूरा नहीं कर सकता।जहां तक संभव हो लोगों को अपने विनों के पालन करने का प्रयास
करना िाकहए।
Q7 मान लो कक तुम्हारे स्कूल में रामकथा को नाटक के रूप में खेलने की तैयारी िल रही है । तुम इस नाटक में
उसी पात्र की भूकमका कनभाना िाहते हो जो तुम्हें सबसे ज्यादा अच्छी, कदलिस्पी या आकषषक लगती है।वह पात्र
कौन सा है और क्यों?
Answer. मैं राम कथा नाटक में राम की भूकमका कनभाना िाहं गा क्योंकक राम अत्यंत आदशषवादी, वीर, सभ्य,
आकषषक, बड़ों का आदर सम्मान करने वाले एवं विनों का पालन करने वाले व्यखि थे। वे मयाष दा पुरुषोत्तम थे
उनके िररत्र में नवीनता और सजीवता बनी रहती है । वह महान योद्धा एवं यथाथषवादी थे।
Q8 सीता कबना बात के राक्षसों के वध के पक्ष में नहीं थी जबकक राम राक्षसों के कवनाश को ठीक समझते थे। तुम
ककस से सहमत हो-राम से या सीता से? कारण बताते हुए उत्तर दो।
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Answer. इस कवषय में राम और सीता के कविार कभन्न है ।सीता कबना बात के राक्षसों के वध के पक्ष में नहीं थी
जबकक राम राक्षसों के कवनाश को जरूरी समझते थे। इस कवषय में मैं सीता के साथ हं क्योंकक ककसी को कबना वजह
मारना सही नहीं है जब तक उसने कोई गलत काम ना ककया हो। हमें ऐसे ही ककसी को मारने का कोई अकधकार
नहीं है ।
Q9 राम कथा के तीसरे अध्याय में मंथरा कैकयी को समझाती है कक राम को युवराज बनाना उसके बेटे के हक में
नहीं है ।इस प्रश्न को अपने शब्ों में कक्षा में नाटक के रूप में प्रस्तुत करो।
Answer. (रानी कैकयी के कक्ष का दृश्य। कैकयी आराम कर रही है और तभी मंथरा कैकेयी के कक्ष में घबराते
हुए आती है ।)
मंथरा:- उठो रानी उठो। बहुत बड़ी समस्या आ गई है ।
कैकयी:- क्या हुआ ? सब ठीक तो है ना?
मंथरा:- कुछ ठीक नहीं है । महाराज ने कल राम को राजा बनाने की घोषणा की है ।
कैकयी:- वाह! यह तो खुशी की बात है ।
मंथरा:-तुम्हें कुछ कदख नहीं रहा है क्या? यहां तुम्हारे खखलाफ इतना बड़ा षड्यंत्र रिा जा रहा है और तुम खुश हो
रही हो।
कैकेयी:- कैसा षड्यंत्र?
मंथरा:- राम को राजा बनाने की और भरत को जानबूझकर नकनहाल भेज कदया गया है और उन्ें इन सब से दू र रखा
जा रहा है ।
कैकेयी:- राम मुझे मां की तरह प्यार करते हैं षडयंत्र कैसा? राजा बनने का अकधकार राम को ही है वह महाराज के
बड़े पुत्र है ।
मंथरा:- तुम बहुत भोली हो। राम के राजा बनते ही तुम कौशल्या की दासी और भरत राम के दास बन जायेंगे।
(कैकेयी पर मंथरा की बातों का असर होने लगता है ।)
कैटे गरी:- तो अब क्या?
मंथरा:- तुम राजा दशरथ से उनके द्वारा कदए गए विनों को मां ग कर राम को 14 वषष का वनवास और भरत के कलए
राज्यकभषेक मां ग लो।
कैकेयी:- परं तु ऐसा होगा कैसे?
मंथरा:- मैं जैसा कहती हं वैसा करो, तुम कोपभवन िली जाओ और मैले कपड़े पहन लो राजा दशरथ वहां आएं गे
तब तुम अपने दोनों विन मां ग लेना।
Page : 86 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
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Q10 तुमने ‘जंगल और जनकपुर’ तथा ‘दं डक वन में 10 वषष' में राक्षसों द्वारा मुकनयों को परे शान करने की बात
पढी। राक्षस ऐसा क्यों करते थे? क्या यह संभव नहीं था कक दोनों शां कत पूवषक वन में रहते? कारण बताते हुए उत्तर
दो।
Answer. राक्षस सदै व आतंक फैलाते रहते थे शां कतपूवषक रहना उनके स्वभाव के कवपरीत था उन्ें जीव तथा वस्तु
की हाकन करना आकद कायों से प्रसन्नता कमलती थी। ठीक इसके उलट मुकन शांकत स्वभाव के व्यखि थे। उन्ें यज्ञ
करना, हवन करना, लोगों की मदद करना आकद कायों से प्रसन्नता कमलती थी। राक्षस और मुकनयों का स्वभाव
कबल्कुल एक दू सरे के कवपरीत था इसकलए दोनों एक साथ नहीं रह सकते थे।
Q11 हनुमान ने लंका से लौट कर अंगद और जामवंत को लंका के बारे में क्या क्या बताया होगा?
Answer. लंका से लौट कर हनुमान ने अंगद और जामवंत को लंका नगरी के सुंदरता का वणषन ककया होगा लंका
सोने की बनी थी और िारों ओर से सुरकक्षत थी। रावण वहां पर ऊंिे कसंहासन पर बैठता है। वहां भव्य महल है ।
हनुमान ने सीता को अशोक वाकटका में बंदी बनाकर रखा है और वह हर समय राक्षसों से कघरी रहती है यह भी
बताया होगा। वहां अशोक के लंबे लंबे पेड़ है और उन्ोंने सीता से उनकी भेंट के बारे में भी बताया होगा।
Page : 86 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
Q12 तुमने बहुत सी पौराकणक कथाएं और लोक कथाएं पढी होगी। उनमें क्या अंतर होता है ? यह जानने के कलए
पां ि-पां ि के समूह में कक्षा के बच्चे दो-दो पौराकणक कथाएं और लोक कथाएं इकट्ठा करें । कथ्य (कहानी), भाषा
आकद के अनुसार दोनों प्रकार की कहाकनयों का कवश्लेषण करें और उनके अंतर कलखें।
Answer. पौराकणक कथाएं :- वेद पुराणों में वकणषत कथाओं को पौराकणक कथा कहते हैं जैसे रामायण, महाभारत
आकद।
लोक कथाएं :- ककसी एक कवशेष प्रां त में प्रिकलत कथाएं । कजसे हम आसपास के लोगों से जानते और सुनते हैं ।
पौराकणक कथाएं और लोक कथाएं दोनों की प्रमाकणकता पर संदेह है । पौराकणक कथाओं की भाषा साफ-सुथरी एवं
कहं दी या संस्कृत होती है जबकक लोक कथाओं की भाषा आम बोलिाल में होती है ।
Q13 क्या होता यकद-
(क) राजा दशरथ कैकेयी की प्राथषना स्वीकार नहीं करते।
(ख) रावण ने कवभीषण और अंगद का सुझाव माना होता और युद्ध का फैसला ना ककया होता।
Answer. (क) यकद राजा दशरथ कैकेयी की प्राथषना स्वीकार नहीं करते तो रघुवंश को अच्छे राजा दशरथ से वंकित
ना होना होता। राम का राज्य अकभषेक हो जाता परं तु उन्ें वह सम्मान नहीं कमलता जो उन्ें कमल रहा है उनकी मृत्यु
के उपरां त भी। राम को 14 साल का वनवास नहीं होता और ना ही रावण द्वारा सीता का हरण होता और ना राम
रावण का युद्ध होता।
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(ख)यकद रावण, कवभीषण और अंगद का सुझाव मान लेता और युद्ध ना करने का फैसला करता तो राम, रावण के
बीि भयानक युद्ध ना होता असंख्य लोगों की मौत ना होती और ना रावण की मृत्यु होती।
Page : 86 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
Q14 नीिे कुछ िाररकत्रक कवशेषताएं दी गई है और ताकलका में कुछ पात्रों के नाम कदए गए हैं । प्रत्येक नाम के
सामने उपयुि कवशेषताओं को छां ट कर कलखो।
पराक्रमी, साहसी, कनडर, कपतृभि, वीर, शां त, दू रदशी, त्यागी, लालिी, अज्ञानी, दु शिररत्र, दीनबंधु, गंभीर, स्वाथी,
उदार, धैयषवान, अकडयल, कपटी, भि, न्यायकप्रय और ज्ञानी।
1. राम
2. सीता
3. लक्ष्मण
4. कवभीषण
5. हनुमान
6. कैकेयी
7. रावण
8. भरत
Answer
1. राम- पराक्रमी, साहसी, कनडर, वीर, शां त, पुत्रभि, उदार, गंभीर, धैयषवान, न्यायकप्रय, ज्ञानी, दीनबंधु।
2. सीता- त्याग,उदार,शां त
3. लक्ष्मण- साहसी,पराक्रमी, कनडर, कपतृभि, वीर, त्यागी दू रदशी,भि, ज्ञानी
4. कवभीषण- दू रदशी, साहसी, कनडर, वीर, त्याग, गंभीर, भि, ज्ञानी
5. हनुमान- पराक्रमी, वीर, साहसी, कनडर, शां त, धैयषवान, भि, ज्ञानी
6. कैकेयी- लालिी, अज्ञानी, अकड़यल, स्वाथी, कपटी
7. रावण- घमंडी, दु शिररत्र, पराक्रमी, साहसी, कनडर, अज्ञानी आकडयल, कपटी
8. भरत- त्यागी, भि, ज्ञानी, गंभीर, उदार, न्यायकप्रय, धैयषवान
Page : 86 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
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प्र०15 तुमने अपने आसपास के बड़ों से रामायण की कहानी सुनी होगी। रामलीला भी दे खी है । क्या तुम्हें अपनी
पुस्तक राम कथा की कहानी और बड़ों से सुनी लक्ष्मण की कहानी में कोई अंतर नजर आया? यकद हां तो उसके
बारे में कक्षा में बताओ।
उ० हां दोनों में थोड़ा बहुत अंतर है जैसे जब हम ने कहानी सुनी थी तब हमें घटनाओं एवं िररत्र के उल्लेख का सही
ढं ग से वणषन नहीं मालूम था जैसे कवश्वकमत्र राक्षसों से रक्षा के कलए दशरथ और राम को ले गए पर यह बताना भूल गए
कक कवश्वाकमत्र कौन थे इस पुस्तक के माध्यम से राम के जीवन की हमें प्रत्येक घटनाओं की जानकारी कवस्तार से
कमली।
Page : 87 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
प्र०16 राम कथा में कई नकदयााँ और थथानों के नाम आए हैं । उनकी सूिी बनाओ और एटलस में दे खो की कौन-
कौन सी नकदयााँ और जगह अभी भी मौजूद है । यह काम तुम 44 समूह में कर सकते हैं ।
Answer. राम कथा में आए नकदयों तथा थथानों के नाम कनम्नकलखखत हैं :-
नकदयों के नाम- सरयू, गंगा, गोदावरी, गंडक तथा गोमती और सोन।
थथानों के नाम- अयोध्या, कमकथला, कित्रकूट, ककखकंधा, कैकेय राज्य, दं डक वन, कवंध्यां िल, प्रयाग, श्ृंगवेरपुर, और
लंका।
यह सारी जगाए अपने पुराने या नये नामों के साथ आज भी उपखथथत है ।
Page : 87 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
Q17 यह रामकथा वाल्मीकक रामायण पर आधाररत है । तुलसीदास द्वारा रकित रामिररतमानस के बारे में जानकारी
इकट्ठी करो और उसे िाटष पेपर पर कलखकर कक्षा में लगाओ। जानकारी प्रस्तुत करने के कनम्नकलखखत कबंदु हो सकते
हैं - रामकथा का नाम, रिनाकार का नाम,भाषा / प्रां त
Answer. कथा का नाम- श्ीरामिररतमानस
रिनाकार का नाम- गोस्वामी तुलसीदास
भाषा- संस्कृत
Page : 87 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
Q18 "नगर में बड़ा समारोह आयोकजत ककया गया। धूमधाम से।" (पृष्ठ 3 )
'एक कदन ऐसी ही ििाष िल रही थी गहन मंत्रणा'। (पृष्ठ 4)
'पां ि कदन तक सब ठीक ठाक िलता रहा शां कत से कनकवषघ्न।'(पृष्ठ 10)
राम कथा की इन पंखियों में कुछ वाक्य केवल एक या दो शब्ों के हैं । ऐसा लेखक ने ककसी बात पर बल दे ने के
कलए, उसे प्रभावशाली बनाने के कलए या नाटकीय बनाने के कलए ककया है । ऐसे कुछ और उदाहरण पुस्तक से छां टो
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और दे खो कक इन एक दो शब्ा ा के वाक्य को कपछले वाक्य में जोड़ कर कलखने से बात के अवसर में क्या फकष
पड़ता है । उदाहरण के कलए 'पां ि कदन तक सब शां कत से कनकवषघ्नं और ठीक-ठाक िलता रहा।'
Answer. *वे िलते रहे। नदी के घुमाव के साथ-साथ। नदी पार जंगल था। घना दु गषम।
*महाराज पलंग पर पड़े हैं । बीमार। दीन-हीन।
*वे गंगा ककनारे पहुं ि गए। श्ृंगवेरपुर गां व में।
Page : 87 , Block Name : प्रश्न अभ्यास
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