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PROFESSIONAL
EXAMINATION BOARD
Middle School Teacher
Eligibility Test - 2018
17th Feb 2019 09:30 AM
Topic:- Child Development & Pedagogy (CDP)
1) ________ is associated with retardation in various aspects of development / ________
िवकास के िविभ पहलुओ ं म मंदता से जुड़ी है ।
1. Medium Intelligence / म यम बु
2. No Intelligence / कोई बु नहीं
3. Higher Intelligence / उ च बु
4. Lower Intelligence / मं द बु
Lower Intelligence / मंद बु
2) In child centred education, what the child has to learn should be / बाल-कि त िश ा म, ब े
को जो सीखना चािहए, वह िन नानुसार आं कना चािहए:
1. Judged through activities /गितिविधयों के मा म से
2. Judged by the scores of their test results/उनके परी ा प रणामों के अंकों से
3. Judged according to the ability, interest, capacity and previous experience of the child /ब े की
यो ता, िच, मता और िपछले अनुभव के अनुसार
4. Judged according to the previous experience of the child /ब े के िपछले अनुभव के अनुसार
Judged according to the ability, interest, capacity and previous experience of the child /ब े की
यो ता, िच, मता और िपछले अनुभव के अनुसार
3) Child centred education typically involves: / बाल कि त िश ा म आम तौर पर िन न शािमल
होता है :
1. on the spot assessments/तु रंत या मौके पर मू ां कन
ोई ी
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2. no Assessments/कोई मू ां कन नहीं
3. more summative assessments/अिधक योगा क मू ां कन
4. more formative assessments /अिधक रचना क मू ां कन
more formative assessments /अिधक रचना क मू ां कन
4) Which of the following are features of progressive education? / िन िल खत म से कौन-सी
गितशील िश ा की िवशेषताएं ह?
1. Instructions based solely on prescribed text books /िनदश केवल िनधा रत पा पु कों पर आधा रत
होते ह।
2. Flexibility on the topics that the student would like to learn/उन िवषयों पर न ता ( े िबिलटी)
जो छा सीखना चाहते ह।
3. Emphasis on lifelong learning and social skills/जीवन पय अिधगम और सामािजक कौशल पर जोर
दे ना।
4. Emphasis on scoring good marks in examinations/परी ाओं म अ े अंक लाने पर जोर दे ना।
Emphasis on lifelong learning and social skills/जीवन पय अिधगम और सामािजक कौशल पर जोर
दे ना।
5) Performance intelligence is measured by: / दशन बु को िन न के ारा मापा जाता है :
1. Verbal Ability/ मौ खक मता
2. Comprehension / समझ
3. Numerical Ability / सं या मक मता
4. Picture Arrangement / िच यव था
Picture Arrangement / िच यव था
6) "A thing can be learnt by the study of it as a totality" This statement is based on which
learning theory / "एक चीज को सम ता के प म इसके अ यन से सीखा जा सकता है ।" यह
कथन िकस िश ण िस ांत पर आधा रत है :
1. Instrumental conditioning / इं मटल कंडीशिनंग
2. Insight Classical conditioning/ अं त ि िचर िति त ानुकूलन (इनसाइट ािसकल कंडीशिनंग)
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3. Trial and Error/ य न- ुिट िविध
4. Classical Conditioning/ िचर िति त ानुकूलन ( ािसकल कंडीशिनंग)
Classical Conditioning/ िचर िति त ानुकूलन ( ािसकल कंडीशिनंग)
7) The word ‘consistency’ is associated with: / श “सामंज ” इससे संबंिधत है :
1. Personality /
2. Attitude / मनोवृ ि
3. Intelligence / बु
4. Motivation / ेरणा
Personality /
8) The prejudice against a person on the basis of sex of that person is _____. / एक के
िलंग के आधार पर, उस के खलाफ पूवा ह (प पात) ______ होता है ।
1. Gender stereotype / लिगक िढ़ब ता (जडर टी रयोटाइप)
2. Gender bias / लिगक भे दभाव (जडर बाइअस)
3. Gender identity / लिगक पहचान (जडर आईडिडटी)
4. Gender issue / लिगक मु ा (जडर मु ा)
Gender bias / लिगक भेदभाव (जडर बाइअस)
9) The smallest bone i.e. stapes in the human body is in the _____ear. /मानव शरीर म सबसे
छोटी ह ी यािन ै कान के _____ होती है ।
1. Inner / अं दर
2. Middle / बीच म
3. None of these / इनम से कोई नहीं
4. External / बाहर
Middle / बीच म
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10) The last stage of psychosocial development is / मनोसामािजक िवकास का अं ितम चरण है -
1. Identity v/s. Confusion / पहचान बनाम म
2. Trust v/s. Mistrust / िव ास बनाम अिव ास
3. Generativity v/s. Stagnation / उदारता बनाम ठहराव
4. Integrity v/s. Despair / अखं डता बनाम िनराशा
Integrity v/s. Despair / अखंडता बनाम िनराशा
11) The study of same children over a period of time is known as __________ study. / एक
िनधा रत समय की अविध के िलए समान ब ों के अ यन को ______ अ यन के प म जाना
जाता है ।
1. Longitudinal / अनु दै (लॉ गी ूडनल)
2. Cross-sectional / ितिन ा क ( ॉस से नल)
3. Latitudinal / अ ां शीय (लैटी ूडनल)
4. Experimental / ायोिगक
Longitudinal / अनुदै (लॉ गी ूडनल)
12) Which of the following is a limitation of Eclectic counselling approach? / िन िल खत म से
कौन-सी हणशील परामश ि कोण (इ ले क काउं सिलंग ए ोच) की सीमा है ?
1. requires highly skilled counselors to handle the dynamic feature of this counselling approach /
इस परामश ि कोण की ग ा क िवशेषता को िनयंि त करने के िलए अ यिधक कुशल परामशदाताओं
की आव कता होती है ।
2. more flexible approach of counselling / परामश का अिधक सु िवधाजनक ि कोण
3. more cost effective & practical approach / अ िधक भावी और ावहा रक ि कोण
4. more objective & coordinated approach of counselling / परामश के अिधक ल और सम त
ि कोण
requires highly skilled counselors to handle the dynamic feature of this counselling approach /
इस परामश ि कोण की ग ा क िवशेषता को िनयंि त करने के िलए अ यिधक कुशल परामशदाताओं
की आव कता होती है ।
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13) Which of the following is the best way the teacher can guide children with special needs
in school education? / िन िल खत म से कौन-सा तरीका है िजससे िक िश क िव ालयी िश ा म
िवशेष आव कताओं वाले ब ों का मागदशन कर सकते ह?
1. Give higher challenging tasks / अिधक चु नौतीपू ण काय दे ना
2. Give more tests / अिधक परी ण दे ना
3. Providing support and tips / सहयोग और सु झाव दे ना
4. Provide more homework /अिधक गृ हकाय दान करना
Providing support and tips / सहयोग और सुझाव दे ना
14) Which of the following is an example of a lower order need in Maslow’ hierarchy of
needs? / िन िल खत म से कौन सा मा ो की आव कताओं के पदानु म म िन तम म की
आव कता का एक उदाहरण है ?
1. Esteem needs / स ान की आव कताएं
2. Self-actualization needs / आ -बोध की आव कताएं
3. Safety needs / सु र ा की आव कताएं
4. Love and belongingness needs / ार एवं अपनेपन की आव कताएं
Safety needs / सुर ा की आव कताएं
15) Which among the following types of intelligence would be most used when trying to
navigate through traffic? / िन िल खत म से िकस कार की बु का उपयोग, यातायात के मा म
से नेिवगेट करने की कोिशश करते समय िकया जाएगा?
1. Naturalistic intelligence / ाकृितकवादी बु
2. Spatial intelligence / थािनक बु
3. Interpersonal intelligence / अं तवय क बु
4. Emotional intelligence / भावना मक बु
Spatial intelligence / थािनक बु
16) A child receives a star for every correct answer she gets. What reinforcement schedule is
being used? / एक ब ी को हर सही उ र के िलए एक ार िमलता है । िकस सु ढीकरण अनुसूची
का उपयोग िकया जा रहा है ?
ी ी ी
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1. Variable ratio reinforcement schedule / प रवतनीय अनु पात सु ढीकरण अनुसूची
2. Intermittent reinforcement schedule / आं तराियक सु ढीकरण अनुसूची
3. Partial reinforcement schedule / आं िशक सु ढीकरण अनुसूची
4. Fixed ratio reinforcement schedule / िनि त अनुपात सु ढीकरण अनुसूची
Fixed ratio reinforcement schedule / िनि त अनुपात सु ढीकरण अनुसूची
17) One of the characteristic features of a Constructivist unit of study is that: / अ यन की
एक रचना कतावाद इकाई की एक िवशेषता यह है िक:
1. It starts with what children know as an effective departure point for the lessons. /इसकी शु आत
इससे होती है िक ब े पाठ के िलए एक भावी थान िबंदु के प या जानते ह।
2. Tests and assignments are aimed only at assessing the lower order thinking skills. / जां च (टे
)
और िनयत काय (असाइनमट) का उ े केवल िन रीय सोच कौशल का आकलन करना होता है ।
3. It is propagated solely through teacher instruction. /यह पू णतः िश क के िनदश के मा म से
चा रत िकया जाता है ।
4. Asking questions is discouraged in the learning process. / पूछना अिधगम की ि या म
हतो ािहत करता है ।
It starts with what children know as an effective departure point for the lessons. /इसकी शु आत
इससे होती है िक ब े पाठ के िलए एक भावी थान िबंदु के प या जानते ह।
18) Reading skills can be best developed by: / पठन कौशल को इस ि या ारा सबसे अ ी
तरह िवकिसत िकया जा सकता है :
1. Writing answers / उ र िलखना
2. Playing word games /doing quizzes / वड गे म खे लना / ज़ करना
3. Focusing on the use of words in the text / पाठ म श ों के उपयोग पर ान कि त करना
4. Doing vocabulary exercises / श ावली अ ास करना
Focusing on the use of words in the text / पाठ म श ों के उपयोग पर ान कि त करना
19) Irrespective of the kind of impairment, all children are capable of: / िकसी कार की
असमथता के बावजूद, सभी ब े िन म स म होते ह:
1. Movement / चलने
े
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2. Hearing / सु नने
3. Learning / सीखने
4. Seeing / दे खने
Learning / सीखने
20) What are inborn patterns of behavior that are biologically determined also called? /
वहार के ज जात पैटन जो जीव-िव ान के अनुसार िनधा रत होते ह, उ यह भी कहा जाता है :
1. Id / पहचान
2. Drives / डाइव
3. Instincts / सहज ान
4. Intelligence / बु म ा
Instincts / सहज ान
21) What are the symptoms of Post- traumatic stress disorder in children? /ब ों म प -
आघात तनाव िवकार (पो टॉमेिटक े स िडसऑडर) के ल ण ा ह?
1. Avoiding places or people associated with the event./ घटना से जु ड़े थानों या लोगों से बचना।
2. Having to think about or say something over and over. / बार-बार कुछ कहने या उसके बारे म
सोचना।
3. Not have an interest in other people at all. / दू सरों म िब कुल िच न होना
4. Becoming annoyed with others./ दू सरों से नाराज होना।
Avoiding places or people associated with the event./ घटना से जुड़े थानों या लोगों से बचना।
22) What type of theory is one that proposes that development depends on things that are
inherited through genes? / िकस कार का िस ांत यह ुत करता है िक िवकास उन चीजों पर
िनभर करता है जो जीन के मा म से वंशागत ह?
1. A deterministic theory / एक िनयितवाद िस ां त
2. A social theory / एक समािजक िस ां त
3. A nature theory / एक ाकृितक िस ां त
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4. A nurture theory / एक पालन-पोषण िस ां त
A nature theory / एक ाकृितक िस ां त
23) What type of thinking is associated with creativity? / िकस कार का िचंतन सृजनशीलता से
संबंिधत होता है ?
1. Convergent thinking / अिभसारी सोच
2. Divergent thinking / अलग सोच
3. Insightful thinking /अं त ि सोच (इनसाइटफुल िथिकंग)
4. Transductive thinking / पारमािथक सोच (टां सड व िथंिकंग)
Divergent thinking / अलग सोच
24) Who introduced the theory of Universal Grammar in language development?/ भाषा
िवकास म यूिनवसल ामर के िस ांत को िकसने पेश िकया?
1. Piaget / िपयाजे
2. Vygotsky / वाइगो की
3. Skinner / नर
4. Chomsky / चॉ सकी
Chomsky / चॉ सकी
25) Intelligence is a product of both _______ and environment./ बु म ा, ________ और
पयावरण दोनों का एक उ ाद है ।
1. Culture / सं कृित
2. Community / समु दाय
3. Heredity/ आनु वंिशकता
4. Society / समाज
Heredity/ आनुवंिशकता
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26) The Minnesota Paper Form Board test is a test which measures one’s
_____./ िमनेसोटा पेपर फॉम बोड परी ण, एक परी ण है जो िकसी की _____ को मापता है ।
1. Verbal Reasoning/ मौ खक तक
2. Aptitude/ यो ता
3. Personality/
4. English Skills / अं ेजी कौशल
Aptitude/ यो ता
27) A student is asked to find different methods to evaluate the value of pi. This would mainly
involve which of the following opera ons? / एक छा को पीआई के मान का मू ांकन करने के
िलए िविभ णाली को ात करने के िलए कहा जाता है । इसम मु प से िन िल खत म से कौन
सा ऑपरे शन शािमल होगा?
1. Evalua on / मू ां कन
2. Convergent thinking / अिभसारी िचं तन
3. Divergent thinking / अपसारी िचं तन
4. Learning / अिधगम
Divergent thinking / अपसारी िचंतन
28) Classical conditioning was developed by: / ािसकल क ीशिनंग (िचर िति त
ानुकूलन या शा ीय अनुबंधन) िन म से िकसके ारा िवकिसत िकया गया है :
1. Bandura / बॅ ु रा
2. Pavlov / पावलोव
3. Kohler / कोहलर
4. Piaget / िपयाजे
Pavlov / पावलोव
29) Selecting specific stimuli through sensation is a characteristic of: / संवेदना के मा म से
िविश उ ीपन का चयन करने का अिभल ण है :
1. A en on / अवधान
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2. Cri cal thinking / गहन िचं तन
3. Concept / अवधारणा
4. Percep on / बोध
Percep on / बोध
30) Animism is the belief that everything that exists has some kind of consciousness. Which of
the following does not
describe the idea of Animism in children at the pre-operational stage of
development? / सवा वाद यह िव ास है िक जो कुछ भी मौजूद है उसम िकसी कार की चेतना
है । िन िल खत म से ा िवकास के पूव-प रचालन र पर ब ों म सवा वाद के िवचार का वणन
नही ं करता है ?
1. A child who hurts his leg while colliding against a chair will happily smack the ‘naughty chair’./
एक ब ा जो एक कुस से टकराते ए अपने पैर को चोट प ँ चाता है , खुशी से ‘शरारती कुस को धकेल
दे गा’।
2. A child dresses up as ‘fireman’ for a fancy-dress competition / फसी डे स ितयोिगता के िलए एक
ब ा फायरमैन के प म तैयार होता है ।
3. A high mountain will be thought of as ‘old’/ एक ऊँचे पवत को 'पु राना' माना जाएगा।
4. A car which won’t start will be described as being ‘tired’ or ‘ill’/ एक कार िजसे शु नहीं िकया
जाएगा उसे 'थका आ' या 'बीमार' बताया जाएगा।
A child dresses up as ‘fireman’ for a fancy-dress competition / फसी डे स ितयोिगता के िलए एक
ब ा फायरमैन के प म तैयार होता है ।
Topic:- General Hindi (L1GH)
1) ‘मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
ै
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चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: ेरणा साथ छोड़ती ई .........अ होता आ’, इस पं म कौन-सा श नही ं है ?
1. उ ाह
2. चं
3. सू य
4. र
उ ाह
2) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
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वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: वह पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का ा हो सकता है ?
1. कोई सं गीतकार
2. कोई र ेदार
3. कोई कला े मी
4. कोई कलाकार
कोई र ेदार
3) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
ो ई ै
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वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: थायी को गाते ए वह जैसे समेटता है मु गायक का पीछे छूटा आ..... ?
1. सामान
2. प रणाम
3. स ान
4. अिभमान
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सामान
4) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: मु गायक को ा बँधाता संगतकार कही ं से चला आता है ?
1. साज
े
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2. कपड़े
3. ढाँ ढ़स
4. सामान
ढाँ ढ़स
5) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
ी ि
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उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: मु गायक की गरज म वह अपनी गूँज कब से िमलाता आया है ?
1. ाचीन काल से
2. म काल से
3. आधु िनक काल से
4. समारोह की शु आत से
ाचीन काल से
6) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
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गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: मु गायक की कैसी आवाज़ के साथ संगतकार की आवाज़ दब जाती है ?
1. मधु र
2. लयपू ण
3. पं चम
4. च ान जै से भारी
च ान जैसे भारी
7) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
ी े ै
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कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: संगतकार के मा म से किव िकस कार के यों की ओर संकेत कर रहा है ?
1. साथ गाने वालों की ओर
2. ने प म रहकर प र म करने वाले की ओर
3. मं च सं चालकों की ओर
4. बजाने वालों की ओर
नेप म रहकर प र म करने वाले की ओर
8) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
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तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: गायक अपने ही सरगम को लाँघकर भटकता आ कहाँ चला जाता है ?
1. एक अनहद म
2. सु र से अलग
3. मं च के बाहर
4. धु न से अलग
एक अनहद म
9) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
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तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: जब गायक अंतरे की जिटल तानों और आलापों म खो जाता है तो संगतकार िकसको संभाले रहता है ?
1. थायी को
2. तबले को
3. सरगम को
4. अं तरे को
थायी को
10) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
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गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: गायन के समय मु गायक सुर म कौन अपना सुर िमलाता है ?
1. सारं गी वादक
2. वायिलन वादक
3. तबला वादक
4. सं गतकार
संगतकार
11) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
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या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: गायक िकसकी जिटल तानों म खो जाता है ?
1. अं त की
2. मु खड़े की
3. मतले की
4. अं तरे की
अंतरे की
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12) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: कभी-कभी वह यों ही ा बताने के िलए दे दे ता है उसका साथ?
1. िक वह भी ठीक गाता है
2. िक वह अकेला नहीं है
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3. िक वह वादक है
4. िक वह सु र म है
िक वह अकेला नहीं है
13) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
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िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: संगतकार मु गायक को बचपन के अित र और ा याद िदलाता है ?
1. वे िदन जब वह नौिस खया था
2. इनम से कोई नहीं
3. जब बाजा बजाता था
4. जब वह खे लता था
वे िदन जब वह नौिस खया था
14) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
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और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए।
न: अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है उसे ा नही ं समझा जाना चािहए?
1. उसका लड़कपन
2. उसका नौिस खयापन
3. उसका बाँ कपन
4. उसकी िवफलता
उसकी िवफलता
15) मु गायक के च ान जैसे भारी र का साथ दे ती
वह आवाज़ सुंदर कमजोर काँपती ई थी
वह मु गायक का छोटा भाई है
या उसका िश
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दू र का कोई र ेदार
मु गायक की गरज़ म
वह अपनी गूँज िमलाता आया है ाचीन काल से
गायक जब अंतरे की जिटल तानों के जंगल म
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता आ एक अनहद म
तब संगतकार ही थाई को सँभाले रहता है
जैसा समेटता हो मु गायक का पीछे छूटा आ सामान
जैसे उसे याद िदलाता हो उसका बचपन
जब वह नौिस खया था
तारस क म जब बैठने लगता है उसका गला
ेरणा साथ छोड़ती ई उ ाह अ होता आ
आवाज़ से राख जैसा कुछ िगरता आ
तभी मु गायक को ढाढस बँधाता
कही ं से चला आता है संगतकार का र
ी ी ो ी े े ै
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कभी-कभी वह यों ही दे दे ता है उसका साथ
यह बताने के िलए िक वह अकेला नही ं है
और यह िक िफर से गाया जा सकता है
गाया जा चुका राग
और उसकी आवाज़ म जो एक िहचक साफ़ सुनाई दे ती है
या अपने र को ऊँचा न उठाने की जो कोिशश है
उसे िवफलता नही ं
उसकी मनु ता समझा जाना चािहए।
िदए गए प ांश को पढ़कर नीचे पूछे जाने वाले न का उ तर बताइए
न: किव के मुतािबक संगतकार की आवाज म मौज़ूद िहचक को ा समझा जाना चािहए?
1. उसकी मनु ता
2. उसकी प रप ता
3. उसकी िवफलता
4. उसकी सफलता
उसकी मनु ता
16) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: सूखे ए कीचड़ कैसे दीख पड़ते ह?
1. सोना जै से
ो े ै े
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2. खोपरे जै से
3. कोयला जै से
4. िम ी जै से
खोपरे जैसे
17) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: दे खते-दे खते बादल कैसे हो गए?
1. ेत पूनी जैसे
2. काले हो गए
3. बरसने लगे
4. इं धनु षी हो गए
ेत पूनी जैसे
18) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
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रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: मदम पाड़े िकसको रौ ंदते ह?
1. सू अर को
2. भस को
3. पाड़े को
4. कीचड़ को
कीचड़ को
19) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: िकस कुल के यु का इितहास िदखाई दे ता है ?
1. मिहषकुल
2. रघु कुल
ौ
Page 30
3. कौरव कुल
4. पां डव कुल
मिहषकुल
20) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए बरतनों के िलए कौन-सा रं ग पसंद आता है ?
1. ह ा आसमानी
2. लाल रं ग
3. पीला रं ग
4. कीचड़ का रं ग
कीचड़ का रं ग
21) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
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भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: कीचड़ दे खना हो तो िकन निदयों के िकनारे प ँ चना चािहए?
1. यमु ना और कावे री
2. नमदा और गोदावरी
3. महानदी और सतलु ज
4. गं गा और िसं ध
गंगा और िसंध
22) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: उ र िदशा ा कर सकती थी?
1. रं ग बदलना
2. उपयु सभी
े
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3. नखरे
4. कीचड़ पै दा करना
नखरे
23) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: िव लोग ा कह कर खुश-खुश हो जाते ह?
1. वामटोन
2. रं ग-रोगन
3. अित सुं दर
4. ाकृितक रं ग
वामटोन
24) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
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भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: भारतीय यु का पूरा इितहास कहाँ िलखे होने का भास होता है ?
1. िशला ले ख
2. कदम ले ख
3. मदन ले ख
4. सं ृ ित लेख
कदम लेख
25) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: िचिड़यों के पदिच कहाँ के रा े की तरह िदखते ह ?
1. दि ण एिशया के
2. नदी के
े
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3. जं गल के
4. म एिशया के
म एिशया के
26) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: कीचड़ के िलए ा नही ं होती?
1. खु शी
2. सहानु भूित
3. ेह
4. ा
सहानुभूित
27) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
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भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: कीचड़ का पृ भाग सूखने पर कौन-से प ी उस पर चलते ह ?
1. कोयल
2. कौआ
3. मै ना
4. बगु ले
बगुले
28) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: िकतने नाखून आगे और ा पीछे करके पदिच बनाते ह?
1. उपयु म से कोई नहीं
2. एक नाखू न आगे और पं जा पीछे
ेऔ े
Page 36
3. तीन नाखू न आगे और अं गूठा पीछे
4. पाँ च नाखू न आगे और पै र पीछे
तीन नाखून आगे और अंगूठा पीछे
29) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: हम िकस-िकस चीज़ का वणन करते ह?
1. उपयु म से कोई नहीं
2. आकाश, पृ ी और जलाशय
3. हर चीज़ का
4. िकसी चीज़ का नहीं
आकाश, पृ ी और जलाशय
30) आज सुबह पूव म कुछ ख़ास आकषक नही ं था। रं ग की सारी शोभा उ र म जमी थी। उस िदशा म लाल रं ग ने तो
कमाल ही कर िदया था। परं तु ब त ही थोड़े से समय के िलए। यं पूव िदशा ही जहाँ पूरी रँ गी न गई हो, वहाँ उ र िदशा
कर-करके भी िकतने नखरे कर सकती? दे खते-दे खते वहाँ के बादल ेत पूनी जैसे हो गए और यथा म िदन का आरं भ ही
हो गया। हम आकाश का वणन करते ह, पृ ी का वणन करते ह, जलाशयों का वणन करते ह। पर कीचड़ का वणन कभी
िकसी ने िकया है ? कीचड़ म पैर डालना कोई पसंद नही ं करता, कीचड़ से शरीर गंदा होता है , कपड़े मैले हो जाते ह। अपने
शरीर पर कीचड़ उड़े , यह िकसी को अ ा नही ं लगता और इसीिलए कीचड़ के िलए िकसी को सहानुभूित नही ं होती। यह
सब यथाथ है , िकंतु तट थता से सोच तो हम दे खगे िक कीचड़ म कुछ कम सौ ंदय नही ं है । पहले तो यह िक कीचड़ का रं ग
ब त सुंदर है । पु क के ग ों पर, घर की दीवालों पर अथवा शरीर पर के क़ीमती कपड़ो के िलए हम सब कीचड़ के जैसे
रं ग पसंद करते ह। कलािभ लोगों को भ ी म पकाए ए िम ी के बरतनों के िलए यही रं ग ब त पसंद है । फोटो लेते समय
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भी यिद उसम कीचड़ का, एकाध ठीकरे का रं ग आ जाए, तो उसे वामटोन कहकर िव लोग खुश-खुश हो जाते ह। पर लो,
कीचड़ का नाम लेते ही सब िबगड़ जाता है ।
नदी के िकनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टु कड़े हो जाते ह, तब वे िकतने सुंदर िदखते ह। ादा गरमी से जब उ ी ं
टु कड़ों म दरार पड़ती ह, तब सुखाए ए खोपरे जैसे दीख पड़ते ह। नदी िकनारे मीलों तक जब समतल और िचकना कीचड़
एक-सा फैला आ होता है , तब वह कुछ कम खूबसूरत नही ं होता। इस कीचड़ का पृ भाग कुछ सूख जाने पर उस
पर बगुले और अ छोट-बड़े प ी चलते ह, तब तीन नाखून आगे और अँगूठा पीछे ऐसे उनके पदिच , म एिशया के
रा े की तरह दू र-दू र तक अंिकत दे ख इसी रा े अपना कारवाँ ले जाने की इ ा हम होती है । िफर जब कीचड़ ादा
सूख कर ज़मीन ठोस हो जाए, तब गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच उस पर अंिकत होते ह उसकी शोभा
और ही है । और िफर जब दो मदम पाड़े अपनी सी ंगों से कीचड़ को रौ ंद कर आपस म लड़ते ह तब नदी िकनारे अंिकत
पदिच और सी ंगों के िच ों से मानो मिहषकुल के भारतीय यु का पूरा इितहास ही इस कदम लेख म िलखा हो-ऐसा भास
होता है । कीचड़ दे खना हो तो गंगा के िकनारे या िसंधु के िकनारे और इतने से तृ न हो तो सीधे खंभात प ँ चना चािहए।
ऊपर िदये गए ग ांश को पढ़कर नीचे पूछे गए न का उ तर बताइए।
न: गाय, बैल पाड़े , भस, भेड़, बकरे इ ािद के पदिच कहाँ अंिकत होते ह?
1. घास के मै दान म
2. खे त म
3. सू खे ए कीचड़ पर
4. कहीं नहीं
सूखे ए कीचड़ पर
Topic:- General English(L2GE)
1) Fill in the blanks with the most appropriate preposition in the given sentence.
A learner’s language development ____ infancy ____ three years of age will depend on their exposure
to the language.
1. by, to
2. by, from
3. from, until
4. across, until
from, until
2) Fill in the blank with the correct option in the given sentence:
A er exercising for six hours, she fell down due to exhaust--.
1. --- on
2. ---sion
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3. ---ance
4. ---ing
--- on
3) Choose an appropriate modal for the given sentence:
I expected that I _________ get a high score in Maths.
1. can
2. may
3. would
4. should
would
4) Choose the most appropriate determiner in the given sentence.
_____________ officer in the field has a key to the building.
1. Every
2. Many
3. Some
4. Most
Every
5) Choose the appropriate prepositions for the given sentence:
My mother, ________ having her tea, settled ______ a cozy armchair.
1. before, for
2. on, by
3. of, in
4. a er, into
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a er, into
6) Choose the appropriate conjunction for the given sentence:
My friend did not play well, ____________ did I.
1. neither
2. either
3. because
4. only
neither
7) Choose the appropriate antonym for the highlighted word in the given sentence.
My father entered the room with an agitated look on his face.
1. Amused
2. Pompous
3. Cruel
4. Serene
Serene
8) Choose the appropriate option that rewrites the given sentence in its active voice.
Suggestions are invited sincerely by me for further improvement of my book.
1. I have sincerely invited sugges ons for further improvement of my book.
2. I am sincerely invited sugges ons for further improvement of my book.
3. I sincerely invited sugges ons for further improvement of my book.
4. I sincerely invite sugges ons for further improvement of my book.
I sincerely invite sugges ons for further improvement of my book.
Page 40
9) Choose the appropriate synonym for the highlighted word in the given sentence.
Logging causes a great deal of environmental damage.
1. Cutting down of trees
2. Blocking
3. Making log cabins
4. Flooding
Cutting down of trees
10) Choose the option that best transforms the sentence into its Indirect form:
He said, “God is great.”
1. He said that God is being great.
2. He said that God was great.
3. He said that God is great.
4. He says that God is great.
He said that God is great.
11) Choose the option that best explains the highlighted expression:
This camera of mine has seen better days.
1. is now in poor condi on
2. is new and working well
3. was not working well
4. is good and working well
is now in poor condi on
12) Choose the option that best explains the highlighted expression:
To run out of mental alertness is worse than to run out of physical fitness.
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1. To have plenty of
2. To be deprived of
3. To be drained of
4. To possess
To be drained of
13) Choose appropriate articles for the given sentence:
______ Chief Minister and ______ Prime Minister are attending ___ meeting at 10.00 am.
1. No ar cle required, the, a
2. The, a, no ar cle required
3. The, the, the
4. The, a, the
The, the, the
14) Read the sentence carefully and choose the option that has an error in it:
I have scarcely no qualms about the rights and wrongs of my doing.
1. I have scarcely no qualms
2. about the rights and wrongs
3. of my doing.
4. No error
I have scarcely no qualms
15) Read the passage carefully and answer the question given below:
Cartography is the study and practice of map making; it is a combination of science of data
collection, data analysis and the art of data representation and aesthetics. Maps help us in
understanding our surrounding better by graphically representing the different spatial features.
Maps convey geographic information about weather, topography, routes, town plans and culture
depending upon the type of map. Early forms of cartography were practiced on clay tablets and
cave walls that depicted the immediate surroundings. With the advancement of technology and
Page 42
exploration the maps were produced on papers that depicted areas that various explorers
travelled. Today maps show an assortment and plethora of information. The advent of
technology such as Geographical Information Systems (GIS) allows the collection of spatial data
easier. Information technology has gone through rapid changes, and GIS is one of them. It has
helped various companies and governments institution in their decision making process through
real time interactive maps.
What is cartography?
1. It is a photograph of the earth.
2. It is a drawing of the earth.
3. It is the study of map making.
4. It is a graph of the earth.
It is the study of map making.
16) Read the passage carefully and answer the question given below:
Cartography is the study and practice of map making; it is a combination of science of data
collection, data analysis and the art of data representation and aesthetics. Maps help us in
understanding our surrounding better by graphically representing the different spatial features.
Maps convey geographic information about weather, topography, routes, town plans and culture
depending upon the type of map. Early forms of cartography were practiced on clay tablets and
cave walls that depicted the immediate surroundings. With the advancement of technology and
exploration the maps were produced on papers that depicted areas that various explorers
travelled. Today maps show an assortment and plethora of information. The advent of
technology such as Geographical Information Systems (GIS) allows the collection of spatial data
easier. Information technology has gone through rapid changes, and GIS is one of them. It has
helped various companies and governments institution in their decision making process through
real time interactive maps.
How has GIS helped companies in decision making?
1. By providing real me interac ve map features
2. By providing an assortment of informa on
3. By providing ar s c maps.
4. By providing digitally printed maps
By providing real me interac ve map features
17) Read the passage carefully and answer the question given below:
Cartography is the study and practice of map making; it is a combination of science of data
collection, data analysis and the art of data representation and aesthetics. Maps help us in
Page 43
understanding our surrounding better by graphically representing the different spatial features.
Maps convey geographic information about weather, topography, routes, town plans and culture
depending upon the type of map. Early forms of cartography were practiced on clay tablets and
cave walls that depicted the immediate surroundings. With the advancement of technology and
exploration the maps were produced on papers that depicted areas that various explorers
travelled. Today maps show an assortment and plethora of information. The advent of
technology such as Geographical Information Systems (GIS) allows the collection of spatial data
easier. Information technology has gone through rapid changes, and GIS is one of them. It has
helped various companies and governments institution in their decision making process through
real time interactive maps.
In this passage, “clay tablets” mean:
1. A flat slab of clay
2. A capsule made of clay
3. A floor made of clay
4. A small portable computer
A flat slab of clay
18) Read the passage carefully and answer the question given below:
Cartography is the study and practice of map making; it is a combination of science of data
collection, data analysis and the art of data representation and aesthetics. Maps help us in
understanding our surrounding better by graphically representing the different spatial features.
Maps convey geographic information about weather, topography, routes, town plans and culture
depending upon the type of map. Early forms of cartography were practiced on clay tablets and
cave walls that depicted the immediate surroundings. With the advancement of technology and
exploration the maps were produced on papers that depicted areas that various explorers
travelled. Today maps show an assortment and plethora of information. The advent of
technology such as Geographical Information Systems (GIS) allows the collection of spatial data
easier. Information technology has gone through rapid changes, and GIS is one of them. It has
helped various companies and governments institution in their decision making process through
real time interactive maps.
Find the synonym of the word Plethora.
1. Abundance
2. Variable
3. Understandable
4. Legible
Abundance
Page 44
19) Read the poem carefully and answer the question given below:
Yesterday I got sick
Because of all the germs around me
So I stayed indoor and planned a trick
The thought filled me with glee
On my hassled, hapless mother
Busy making an eggplant dip
Hard at work in the kitchen
With the baby at her hip
Shoo... Get out of here, she said
But baby gave me a smile
So I hid outside for my next victim
I knew I only have to wait a while.
Where was the speaker after he fell sick?
1. At the park
2. At school
3. In the garden
4. At home
At home
20) Read the poem carefully and answer the question given below:
Yesterday I got sick
Because of all the germs around me
So I stayed indoor and planned a trick
The thought filled me with glee
On my hassled, hapless mother
Busy making an eggplant dip
Hard at work in the kitchen
With the baby at her hip
Page 45
Shoo... Get out of here, she said
But baby gave me a smile
So I hid outside for my next victim
I knew I only have to wait a while.
Who said, “Shoo…get out of here”
1. Child
2. Teacher
3. Mother
4. Baby
Mother
21) Read the poem carefully and answer the question given below:
Yesterday I got sick
Because of all the germs around me
So I stayed indoor and planned a trick
The thought filled me with glee
On my hassled, hapless mother
Busy making an eggplant dip
Hard at work in the kitchen
With the baby at her hip
Shoo... Get out of here, she said
But baby gave me a smile
So I hid outside for my next victim
I knew I only have to wait a while.
What is the literary device used by the speaker in this line:
On my hassled, hapless mother.
1. Alliteration
2. Metaphor
3. Simile
Page 46
4. Onomatopoeia
Alliteration
22) Read the poem carefully and answer the question given below:
Yesterday I got sick
Because of all the germs around me
So I stayed indoor and planned a trick
The thought filled me with glee
On my hassled, hapless mother
Busy making an eggplant dip
Hard at work in the kitchen
With the baby at her hip
Shoo... Get out of here, she said
But baby gave me a smile
So I hid outside for my next victim
I knew I only have to wait a while.
The speaker got sick because of____.
1. germs
2. the sun
3. over eating
4. dust
germs
23) Choose the right tag:
They were late as usual, ______?
1. did they
2. didn't they
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3. weren't they
4. were they
weren't they
24) Choose the option that substitutes the given phrase appropriately.
A doctor who specializes in the treatment of children
1. Obstetrician
2. Entomologist
3. Pediatrician
4. Gemologist
Pediatrician
25) Choose the correct word to complete the given sentence.
My brother and _____ are going to spend _____ vacation at a seaside resort.
1. they, theirs
2. he, his
3. me, its
4. I , our
I , our
26) Choose the appropriate tenses to fill in the blanks in the given sentence:
Every day, the dog ____ at the gate and the gatekeeper ____ him.
1. wait, feed
2. waits, feeds
3. has waited, feeds
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4. is waiting, is fed
waits, feeds
27) Choose the most suitable op on to express the meaning of the sentences combined together.
The wind blew. The lightning splashed. The rain started falling.
1. The wind blew, the lightning splashed but the rain started falling.
2. The wind blew, the lightning splashed while the rain started falling.
3. The wind blew, the lightning splashed when the rain started falling.
4. The wind blew, the lightning splashed and the rain started falling.
The wind blew, the lightning splashed and the rain started falling.
28) Fill in the blank with the correct op on in the given sentence:
An organiza on wants _____ of its employees.
1. loyal
2. loyalty
3. loyally
4. lawfulness
loyalty
29) Fill in the blank with the correct op on in the given sentence.
My father’s computer is five years old and it needs to be --graded.
1. super-
2. up--
3. down-
4. de--
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up--
30) Change the given statement to indirect speech.
She asked, “Do you go to school every day?”
1. She asked me that if I went to school every day.
2. She asked me if I went to school every day.
3. She asked that if I go to school every day.
4. She asked that do you go to school every day.
She asked me if I went to school every day.
Topic:- Sanskrit (SAN)
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