Page 1
F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा6
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 2: रेखाएँ और कोण A B
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत प्रकाश
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
13 – 54 21 75 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 88 pages
Page 2
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 6 · ग णत · ग णत प्रकाश
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 2: रेखाएँ और कोण
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक ग णत प्रकाश (कक्षा 6) के अध्याय 2 — रेखाएँ और कोण के सभी प्रश्न के वस्तृत, चरण-दर-चरण हल। पृष्ठ 15 से 54
तक के प्रत्येक “आइए, पता लगाएँ” प्रश्न तथा पाठ के भीतर पूछे गए सभी प्रश्न के उत्तर स्पष्ट चत्र , चाँदे के पाठ्यांक एवं कारण स हत दए गए ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
ग णत प्रकाश (कक्षा 6) 13 – 54
खं ड प्रश्न
21 75
माध्यम
हन्द
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 14 एवं 15
अनुभाग 2.2 एवं 2.3 रेखाखंड तथा रेखा
प्र.1 एक कागज पर दो बदु A और B अं कत क जए। इन दोन बदुओं को सभी संभव माग से जोड़ने का प्रयत्न
क जए। (आकृ त 2.1) A से B तक का सबसे छोटा माग कौन-सा है?
B
A
आकृ त 2.1 — A से B तक जाने के कई माग; इनम से केवल एक सीधा है।
A से B तक का सीधा माग ही सबसे छोटा होता है। मुड़े हुए या टे ढ़े सभी माग इससे लंबे होते ह।
Page 1 of 88
Page 3
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
A और B को जोड़ने वाला यह सबसे छोटा माग ( जसम A और B भी स म्म लत ह) रेखाखंड AB (या BA) कहलाता है। बदु A
और B इसके अंत बदु ह।
A P Q C D O A
← → →
िबंद ु रेखाखंड रेखा िकरण
एक बदु, रेखाखंड PQ, रेखा CD (तीर बताते ह क इसका अंत नह ) तथा करण OA।
ऐसा क्य होता है: प्रत्येक मोड़ पर आपको पहले बगल क ओर चलना पड़ता है और फर वापस B क ओर मुड़ना
पड़ता है — यही अ त रक्त चाल माग को लंबा बना दे ती है। जस माग म कोई मोड़ ही नह , उसी म कुछ भी व्यथ
नह जाता। इसी लए दो क ल के बीच ख चा गया धागा सदै व सीधा हो जाता है।
यह भी क जए: दो बदुओं को धागे से टे ढ़े-मेढ़े माग ारा जो ड़ए, फर धागे को सीधा क जए और सीधी दूरी से
तुलना क जए। धागा हमेशा लंबा नकलेगा।
Page 2 of 88
Page 4
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 कल्पना क जए क A से B तक के रेखाखंड (अथात् AB) को A से आगे एक दशा म और B से आगे दूसरी दशा
म बना कसी अंत के वस्ता रत कया गया है (आकृ त 2.2 दे खए)। यह रेखा का एक प्र तरूप है। क्या आपको
ऐसा लगता है क आप एक पूरी रेखा क आकृ त बना सकते ह? नह ? (क्य ?)
m
B
A
आकृ त 2.2 — A और B से होकर जाती रेखा m, जो दोन ओर अनंत तक जाती है।
नह — कसी रेखा का पूरा चत्र कभी नह बनाया जा सकता।
रेखा के कोई अंत बदु नह होते। यह दोन दशाओं म अनंत तक जाती है, इस लए आप कतना ही बड़ा कागज ल, रेखा उसके
दोन कनार से आगे भी चलती ही रहेगी।
तो हम क्या करते ह: हम रेखा का केवल एक भाग ख चते ह और उसके दोन सर पर छोटे तीर लगा दे ते ह। ये तीर
बताते ह क रेखा आगे भी जारी है। इसी लए A और B से होकर जाने वाली रेखा को तीर स हत AB लखा जाता है,
जब क रेखाखंड AB बना तीर के।
याद र खए: कसी रेखा को पूरी तरह न श्चत करने के लए दो बदु पयाप्त ह — कन्ह दो बदुओं से होकर ठ क
एक रेखा गुजरती है।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 15 – 17
Page 3 of 88
Page 5
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 2.4 करण
co m
e m.
m l as
.co a g
रहान ने एक कागज पर एक बदु अं कत कया। वह उस बदु से जाने वाली कतनी रेखाएँ बना सकता है? शीतल
mकागज पर दो बदु अं कत कए। वह उन दोन बदुओं से गुजरती हुई कतनी भन्न रेखाएँ बना सकती है?
प्र.1
ने e
a s एक
a gl क्या आप रहान और शीतल को उनके उत्तर ात करने म मदद कर सकते ह?
. c om ag
a s emख च सकता है।
रहान अन गनत (असंख्य) रेखाएँ अपने एक बदु से होकर
a l ख च सकती है।
शीतल केवल एक ही रेखा अपने दोन बदुओं सेgहोकर
. c om
ऐसा क्य होता है: केवल एक बदु दशा तय नह करता। प सल उसी बदु पर रखकर रूलर को थोड़ा-सा घुमाइए
— हर बार एक नई रेखा मल जाती है, और घुमाव कतना भी कम रखा जा सकता है। परंतु जैm
s e से ही दूसरा बदु तय
दशा भी तय हो जाती है और रेखा के लए कोई स्वतंत्रता नह बचती। gla
. c, m
हो जाता हैo
a
s e m
a gla
1 िबंद ु से → अनिगनत रेखाएँ
m a s
.co agl
2 िबंद ुओ ं से → ठीक 1 रेखा
se m
g l a
a
स्वयं जाँ चए: कॉपी पर दो बदु बनाकर उन पर रूलर र खए। आप उसे कैसे भी खसकाएँ या घुमाएँ, दोन बदुओं
को छू ती हुई केवल एक ही सीधी रेखा बन सकती है।
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 4 of 88
Page 6
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 आकृ त 2.4 म दए गए रेखाखंड के नाम ल खए। पाँच अं कत बदुओं म से कौन-से केवल एक रेखाखंड पर
त ह? कौन-से बदु कन्ह दो रेखाखंड पर त ह?
Q
M
R
P
L
आकृ त 2.4 — पाँच अं कत बदु L, M, P, Q और R क्रम से जुड़े हुए।
Q
M
R
P
L
आकृ त 2.4 — चार रेखाखंड LM, MP, PQ और QR। L तथा R खुले सरे ह; M, P और Q जोड़ ह।
चार रेखाखंड ये ह—
Page 5 of 88
Page 7
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
LM, MP, PQ तथा QR
बदु कन रेखाखंड पर कतने
L LM 1
M LM, MP 2
P MP, PQ 2
Q PQ, QR 2
R QR 1
केवल एक रेखाखंड पर: L और R। दो रेखाखंड पर: M, P और Q।
कारण: L और R इस टे ढ़े-मेढ़े माग के दो खुले सरे ह, इस लए वहाँ केवल एक ही रेखाखंड पहुँचता है। शेष प्रत्येक
बदु वह जोड़ है जहाँ दो रेखाखंड मलते ह।
Page 6 of 88
Page 8
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 आकृ त 2.5 म द गई करण के नाम ल खए। क्या T प्रत्येक करण का प्रारं भक बदु है?
A
T
N B
आकृ त 2.5 — T से आरंभ होती दो करण; N और B क्षै तज करण पर तथा A तरछ करण पर ह।
A →
→
T N B
आकृ त 2.5 — करण TA, TB और TN, तीन T से आरंभ होती ह, परंतु करण NB का प्रारं भक बदु N है।
करण ह— TA, TB, TN तथा NB।
Page 7 of 88
Page 9
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
नह , T प्रत्येक करण का प्रारं भक बदु नह है।
T, करण TA, TB तथा TN का प्रारं भक बदु है।
करण NB का प्रारं भक बदु N है, T नह ।
अक्षर का क्रम क्य महत्त्वपूण है: करण के नाम म पहला अक्षर सदै व प्रारं भक बदु होता है और दूसरा अक्षर उस
पर त कोई अन्य बदु। इस लए TB और NB एक ही सीधी राह पर होते हुए भी भन्न करण ह, क्य क उनके
प्रारं भक बदु अलग-अलग ह।
प्र.4 एक क ी (rough) आकृ त बनाइए और नीचे दए गए प्रत्येक बदु का उपयुक्त नामांकन क जए— a. OP
और OQ बदु O पर मलते ह। b. XY और PQ बदु M पर प्र त े द करते ह। c. रेखा l पर बदु E और F तह
पर बदु D त नह है। d. बदु P, AB पर त है।
चार तय क क ी आकृ तयाँ नीचे द गई ह।
Q X Q D
M l P
← →
E F A B
O P P Y
a. b. c. d.
(a) से (d) तक चार तय क क ी आकृ तयाँ।
a. एक ही प्रारं भक बदु O से दो करण ख चए — एक P से होकर, दूसरी Q से होकर। यही उभय नष्ठ बदु O वह ान है
जहाँ वे मलती ह।
b. दो रेखाएँ XY और PQ एक-दूसरे को काटती हुई ख चए। कटान बदु को M नाम द जए।
c. एक रेखा ख चकर उसे l नाम द जए। बदु E और F उसी रेखा पर अं कत क जए तथा D को रेखा से हटकर।
d. एक रेखाखंड AB ख चए और P को A तथा B के बीच, रेखाखंड पर ही अं कत क जए।
सुझाव: क ी आकृ त सुंदर या मापानुसार होना आवश्यक नह है — परंतु नामांकन ठ क वैसा ही होना चा हए
जैसा प्रश्न कहता है। रेखा पर दोन ओर तीर, रेखाखंड के सर पर बदु और करण पर एक तीर लगाइए।
Page 8 of 88
Page 10
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
आकृ त 2.6 म नम्न ल खत के नाम बताइए— a. पाँच बदु b. एक रेखा c. चार करण d. पाँच रेखाखंड
e
प्र.5
m l as
m.co a g
l a se
a g
co m
e m . B ag
g l as
a
co m
O C e m.
com g l as
m . a
ase
E
agl D
m a s
m .co agl
l a se
g
आकृ त 2.6 — D, E, O और B से होकर जाती रेखा तथा O से ख ची गई दो अन्य करण।
a
co m
m .
e
m l as
m .co a g
l a se B
ag
se m
com g l a
m . O a
a s e
agl
co m
m .
m as e
.co E
a g l C
se m
g l a
a D
c
m .
m a s e
co agl
आकृ त 2.6 — D, E, O और B एक ही रेखा पर ह; OC, O से ख ची गई अलग करण है।
m .
as e
a g
आकृ त म D, E, O और B एक ही सीधी रेखा परl त ह तथा OC, O से नकली एक अलग करण है।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 9 of 88
Page 11
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
भाग उत्तर
a. पाँच बदु D, E, O, B, C
b. एक रेखा DB (इसे DE, DO, EO, EB या OB भी कह सकते है)ं
c. चार करण OC, OB, OE, OD
d. पाँच रेखाखंड DE, DO, DB, EO, EB (OB तथा OC भी सही है)ं
इतने नाम क्य संभव ह: कसी रेखा का नाम उस पर त कन्ह दो बदुओं से रखा जा सकता है, इस लए D, E,
O, B से गुजरने वाली इस एक ही रेखा के कई सही नाम ह। परंतु करण के नाम म प्रारं भक बदु पहले आना चा हए
— यहाँ प्रत्येक करण O से आरंभ होती है।
Page 10 of 88
Page 12
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 आकृ त 2.7 म OA एक करण है। यह O से शुरू होती है और बदु A से गुजरती है। यह बदु B से भी गुजरती है।
a. क्या हम इसे OB भी नाम दे सकते ह? क्य ? b. क्या हम OA को AO लख सकते ह? क्य अथवा क्य नह ?
A
B
O
आकृ त 2.7 — करण OA; यह O से आरंभ होकर B और फर A से गुजरती है।
→
O B A
आकृ त 2.7 — O से आरंभ होकर B तथा फर A से गुजरती एक ही करण। इसे OA या OB कहा जा सकता है।
a. हाँ, इसी करण को OB भी कहा जा सकता है।
करण का नाम उसके प्रारं भक बदु और उस पर त कसी अन्य बदु से रखा जाता है। यहाँ प्रारं भक बदु O है और B भी उसी
करण पर त है, जैसे A। अतः OA और OB एक ही करण के दो नाम ह।
b. नह , OA को AO नह लख सकते।
Page 11 of 88
Page 13
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
िकरण OA — O से आरंभ होकर A की ओर अनंत तक
िकरण AO — A से आरंभ होकर O की ओर, िवपरीत िदशा में
ऐसा क्य : रेखाखंड म AB और BA एक ही अथ रखते ह, परंतु करण का एक न श्चत प्रारं भक बदु और एक
न श्चत दशा होती है। अक्षर का क्रम बदलने पर दोन बदल जाते ह। इस लए OA ≠ AO।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 17 एवं 18
अनुभाग 2.5 कोण
प्र.1 क्या आप प्रत्येक त म बनते हुए कोण को दे ख पा रहे ह? क्या आप कोण को उसक भुजाओं और शीष के
साथ अं कत कर सकते ह?
हाँ — प्रत्येक त म एक कोण बनता है।
शीष: पुस्तक क सलाई वाली कनार (स्पाइन), जसके प रतः कवर घूमता है।
भुजाएँ: पुस्तक का कवर तथा उसके नीचे सपाट पड़ा पृष्ठ (या मेज़)।
D
∠DBE E
B
कोण: उभय नष्ठ प्रारं भक बदु B से नकली दो करण BD और BE। B शीष है तथा BD और BE भुजाएँ।
Page 12 of 88
Page 14
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
कारण: कोण उन दो करण से बनता है जो एक ही बदु से आरंभ होती ह। यहाँ स्पाइन वही उभय नष्ठ प्रारं भक बदु
है और कवर तथा नीचे का पृष्ठ दो करण का काम करते ह। कवर उठाने पर केवल घुमाव क मात्रा बदलती है —
इस लए भुजाओं क लंबाई वही रहते हुए भी कोण बढ़ता जाता है।
प्र.2 कौन-सा कोण बड़ा है— पहली त का कोण या दूसरी त का कोण?
दूसरी त का कोण बड़ा है।
त 2 तक पहुँचने के लए वद्या को कवर को त 1 क अपेक्षा अ धक घुमाना पड़ता है।
िस्थित 1 < िस्थित 2 < िस्थित 3 < िस्थित 4 < िस्थित 5 < िस्थ ित 6
मुख्य वचार: जस प्रकार रेखाखंड का आकार उसक लंबाई से नापा जाता है, उसी प्रकार कोण का आकार शीष के
प रतः घुमाव क मात्रा से नापा जाता है। जतना अ धक घुमाव, उतना ही बड़ा कोण।
प्र.3 एक परकार (क ास) या डवाइडर क भुजाओं को घुमाने पर एक कोण बनता है। शीष वह बदु है जहाँ दोन
भुजाएँ मलती या जुड़ती ह। कोण क भुजाओं और शीष को पहचा नए। … चश्मा, पस और अन्य साधारण
वस्तुओं को दे खए। उनक भुजाओं और शीष को अं कत करते हुए कोण को पहचा नए।
इनम से हर वस्तु म एक कब्ज़ा (hinge) है — और कब्ज़ा ही शीष है।
वस्तु शीष ( र बदु) कोण क भुजाएँ
परकार / डवाइडर दोनों टाँग ों को जोड़ने वाला पेच दोनों टाँग ें
कची बीच की कील दोनों ब्ले ड
चश्मा काँच के पास का कब्ज़ा फे म तथा साइड की डंडी
पस / पुस्तक मोड़ अथवा स्पाइन दोनों फ्लै प या कवर
दरवाजा चौखट पर लगा कब्ज़ा दरवाजा तथा दीवार
ये सब कोण क्य ह: इनम से प्रत्येक वस्तु म एक भाग को दूसरे भाग के सापेक्ष एक र बदु के प रतः घुमाया
जाता है। यही घुमाव तो कोण मापता है।
Page 13 of 88
Page 15
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 19 – 21
m as e
अनुभाग 2.5 कोण
.co a g l
se m
l a
ग णत चचा
a g
क्या आप द गई आकृ तय म कोण ढूँ ढ़ सकते ह? कसी भी एक कोण क भुजाएँ बनाइए और शीष का नाम
m
प्र.1
द जए।
. co ag
e m
g l as
a
हाँ। दए गए चत्र म एक स्पष्ट कोण ∠BDC है।
co m
m.
शीष: D — वह बदु जहाँ दोन कनारे मलते ह।
m as e
.co
भुजाएँ: दोन कनार पर ख ची गई करण DB तथा DC।
a g l
se m
g l a
a
D
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co ∠DBE a g l
m E
ase
agl
B se m
com g l a
m . a
ase
agl
कोण: उभय नष्ठ प्रारं भक बदु B से नकली दो करण BD और BE। B शीष है तथा BD और BE भुजाएँ।
co m
m .
e
यह भी क जए: अन्य चत्र म भी कोण खो जए — पक्षी क खुली च च, घड़ी क सूईयाँ, मेज़ का कोना, पेड़ क
m l as
.co g
शाखाएँ। हर बार पहले वह बदु ढूँ ढ़ए जहाँ दो कनारे मलते ह (शीष), फर कनार पर दो करण ख चए।
m a
l a se
ag
.c
भुजा ST और SR को च ह्नत करते हुए कोण बनाइए।
s e m
m a
प्र.2
e m . co agl
g l as
a
दोन भुजाएँ ST और SR ह, अतः दोन करण एक ही बदु S से आरंभ होनी चा हए — इसी से S शीष बन जाता है।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 14 of 88
Page 16
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
T
∠TSR
R
S
कोण ∠TSR — दोन भुजाएँ ST और SR एक ही बदु S से आरंभ होती ह, इस लए S ही शीष है।
चरण:
1. एक बदु अं कत करके उसे S नाम द जए।
2. S से एक करण ख चकर उस पर एक बदु T अं कत क जए।
3. उसी बदु S से दूसरी दशा म एक और करण ख चकर उस पर बदु R अं कत क जए।
4. S के पास भुजाओं के बीच एक छोटा चाप बनाइए और कोण को ∠TSR (या ∠RST) नाम द जए।
सुझाव: शीष का अक्षर सदै व नाम के बीच म आता है — इसी लए यह ∠TSR है, ∠STR नह ।
प्र.3 व्याख्या क जए क ∠APB को ∠P क्य लखा जा सकता?
क्य क बदु P पर एक से अ धक कोण बन रहे ह, अतः केवल अक्षर P से यह पता ही नह चलेगा क कस कोण क बात हो रही
है।
Page 15 of 88
Page 17
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
1
P B
2
P से तीन करण नकलने पर तीन अलग-अलग कोण बनते ह — इस लए केवल “∠P” लखना अस्पष्ट होगा।
आकृ त म तीन करण PA, PB और PC एक ही बदु P से नकलती ह। इससे एक ही शीष पर तीन कोण बनते ह—
∠APB ∠BPC ∠APC
यह नयम क्य है: ∠P नाम केवल शीष बताता है, भुजाएँ नह । प्रत्येक भुजा पर एक बदु लेकर — एक पर A,
दूसरी पर B — कोण पूणतः न श्चत हो जाता है। ∠P केवल तभी लखा जा सकता है जब P पर ठ क एक ही कोण
बन रहा हो।
Page 16 of 88
Page 18
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 नीचे द गई आकृ त म अं कत कोण के नाम ल खए।
P
Q
T R
दो कोण घुमावदार तीर से अं कत ह: एक करण TR से करण TQ तक और दूसरा करण TR से करण TP तक।
Page 17 of 88
Page 19
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
P
Q
∠PTR
∠QTR
R
T
शीष T पर अं कत दोन कोण। पृष्ठ पर मापने पर ∠PTR ≈ 104° तथा ∠QTR ≈ 64°।
दोन अं कत कोण ह—
∠PTR (या ∠RTP) तथा ∠QTR (या ∠RTQ)
दोन का शीष T है। पहला कोण भुजाओं TP और TR से तथा दूसरा भुजाओं TQ और TR से बनता है।
सुझाव: दोन नाम म शीष T बीच म लखा गया है। छपी हुई आकृ त को मापने पर ∠PTR ≈ 104° (अ धक
कोण) तथा ∠QTR ≈ 64° (न्यून कोण) मलते ह।
Page 18 of 88
Page 20
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
त न ह । उन्ह A, B और C से
em कतनी रेखाएँ
प्र.5 अपने कागज पर तीन बदु इस प्रकार अं कत क जए क वे एक रेखा पर
m a s
l बना सकते ह? उन
coह? उनके नाम भी बताइए। A, B और C का प्रयोग करते हुए आप कतनेagकोण
च ह्नत क जए। सभी संभव रेखाएँ ख चए, जो इन बदु-युग्म से गुजरती ह । इस प्रकार आपको
.
emके नाम ल खए और आकृ त 2.9 के अनुसार उनम से प्रत्येक को एक चाप के साथ च ह्नत क जए।
प्राप्त होती
a s
gl
सभी
a
. comिकरण की अंितम िस्थित ag
e m
g l as
a
घुमाव की मा ा
co m
m.
कोण का आकार है।
m as e
.co a g l
se m
g l a शीष िकरण की पारंिभक िस्थित
a
m a s
e
. c o
m पहली करण से दूसरी करण तक के घुमाव क मात्रा है। agl
a s
आकृ त 2.9 — कोण क माप
agl
co m
.
e m
m l as
m .co a g
l a se
ag C
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
A B
m .
a s e
. c om agl
s e m बदुओं से 3 रेखाएँ और प्रत्येक कोने पर एक, कुल 3 कोण बनते ह।
a
agl
एक रेखा पर न त तीन
रेखाओं क संख्या: 3। ये ह— AB, BC तथा CA।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 19 of 88
Page 21
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
िबंद ु-युग् म: (A, B), (B, C), (C, A) → 3 रेखाएँ
कोण क संख्या: 3। प्रत्येक शीष पर एक—
∠ABC (या ∠CBA) ∠BCA (या ∠ACB) ∠CAB (या ∠BAC)
केवल 3 ही क्य : प्रत्येक बदु पर ठ क दो रेखाएँ मलती ह और दो करण से केवल एक कोण बनता है। तीन शीष
× 1 कोण = 3 कोण। ध्यान रहे क तीन बदु एक रेखा पर न ह — य द वे एक ही रेखा पर होते तो कोई कोण बनता
ही नह (केवल सरल कोण बनता)।
Page 20 of 88
Page 22
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 अपने कागज पर चार बदु इस प्रकार अं कत क जए क उनम से कोई भी तीन बदु एक रेखा पर न ह । उन्ह A,
B, C और D से च ह्नत क जए। सभी संभव रेखाएँ ख चए, जो इन बदु-युग्म से गुजरती ह । इस प्रकार आपको
कतनी रेखाएँ प्राप्त होती ह? उनके नाम भी बताइए। आप A, B, C और D से कतने कोण का नामकरण कर
सकते ह? उन्ह ल खए और उनम से प्रत्येक को आकृ त 2.9 के अनुसार चाप ारा अं कत क जए।
िकरण की अंितम िस्थित
घुमाव की मा ा
कोण का आकार है।
शीष िकरण की पारंिभक िस्थित
आकृ त 2.9 — कोण क माप पहली करण से दूसरी करण तक के घुमाव क मात्रा है।
A B
D C
चार बदु, जनम कोई तीन एक रेखा पर नह — 6 रेखाएँ: AB, BC, CD, DA, AC और BD।
Page 21 of 88
Page 23
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
रेखाओं क संख्या: 6।
AB, BC, CD, DA, AC, BD
कोण क संख्या: 12 — चार बदुओं म से प्रत्येक पर तीन।
शीष वहाँ से नकलती करण कोण
A AB, AC, AD ∠BAC, ∠CAD, ∠BAD
B BA, BC, BD ∠ABC, ∠CBD, ∠ABD
C CA, CB, CD ∠ACB, ∠BCD, ∠ACD
D DA, DB, DC ∠ADB, ∠BDC, ∠ADC
गनती इस प्रकार बनती है: 4 बदुओं म से एक युग्म 4 × 3 ÷ 2 = 6 प्रकार से चुना जा सकता है, अतः 6 रेखाएँ।
प्रत्येक बदु पर तीन रेखाएँ मलती ह; उन तीन करण म से 2 चुनने के 3 × 2 ÷ 2 = 3 तरीके ह। चार शीष × 3 =
12 कोण।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 21 एवं 23
अनुभाग 2.6 कोण क तुलना
ग णत चचा
प्र.1 नीचे दए गए जानवर को दे खए जनका मुँह खुला है। क्या आप इनम कोई कोण दे ख सकते ह? य द हाँ, तो
उनम से प्रत्येक क भुजाओं और शीष को अं कत क जए। कुछ मुँह अन्य से अ धक खुले ह। आप यह समझ
सकते ह क जतना अ धक जबड़ का घुमाव होगा कोण उतना ही बड़ा होगा। क्या इन चत्र म दए गए कोण को
आप छोटे से बड़े के रूप म व्यव त कर सकते ह?
हाँ। हर खुला मुँह एक कोण बनाता है।
शीष: जबड़े का जोड़, जहाँ ऊपरी और नचला जबड़ा जुड़े ह।
भुजाएँ: ऊपरी जबड़ा तथा नचला जबड़ा।
क्रम म लगाने के लए दे खए क प्रत्येक जबड़ा कतना घूमा है — मुँह जतना अ धक खुला है, घुमाव उतना ही अ धक और कोण
उतना ही बड़ा। पक्का करने के लए कोण को े सग पेपर पर उतारकर एक-दूसरे पर र खए; सबसे अ धक खुला मुँह सूची म अंत म
आएगा।
Page 22 of 88
Page 24
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
सावधान: मगरमच्छ का जबड़ा लंबा है और च ड़या क च च छोट , परंतु लंबाई से कोण का कोई संबंध नह । खूब
चौड़ी खुली छोट च च का कोण, थोड़े खुले बड़े मुँह से भी बड़ा हो सकता है।
प्र.2 क्या दो कोण क तुलना हमेशा सरल होती है?
नह । तुलना केवल तभी सरल है जब दोन कोण म स्पष्ट अंतर हो।
30° और 120° के कोण म अंतर एक नज़र म दख जाता है।
परंतु 89° और 91° के कोण लगभग एक जैसे दखते ह — आँख नणय नह कर पाती।
A
X
Y B
O O
लगभग बराबर आकार के दो कोण, भुजाएँ अलग-अलग लंबाई क । केवल आँख से यह तय नह हो सकता क कौन बड़ा है।
तब क्या कर: दो वश्वसनीय तरीके अपनाइए — अध्यारोपण (एक कोण क नकल उतारकर उसे दूसरे पर शीष-
पर-शीष र खए) अथवा चाँदे से मापन। लंबी भुजाएँ भी आँख को धोखा दे ती ह क कोण बड़ा है, इस लए केवल
दे खकर नणय न क जए।
प्र.3 ऊपर कुछ कोण दए गए ह। प्रत्येक कोण को च ह्नत क जए। आप उनक तुलना कैसे करगे? कुछ और कोण
बनाइए, उन्ह च ह्नत क जए और उनक तुलना क जए।
पहले प्रत्येक कोण को तीन अक्षर से नाम द जए, जसम शीष बीच म हो — जैसे ∠ABC, ∠PQR, ∠XYZ।
फर इनम से कसी भी तरीके से तुलना क जए—
1. दे खकर — तभी काम आता है जब अंतर बड़ा हो।
Page 23 of 88
Page 25
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
2. अध्यारोपण से — एक कोण को े सग पेपर पर उता रए, उसका शीष दूसरे के शीष पर और एक भुजा दूसरी भुजा पर र खए,
फर दे खए क दूसरी भुजा भीतर पड़ती है या बाहर।
e m.
c o m g l as
. दे से दोन कोण मापकर संख्याओं क तुलना क जए। यही सबसे पक्का तरीकाaहै।
3. वृत्त क सहायता से — पारदश वृत्त का कद्र शीष पर रखकर दे खए क प्रत्येक कोण वृत्त का कतना भाग घेरता है।
e m
as
4. मापकर — चाँ
a g l
ग णत चचा: अपने चार कोण बनाइए, उन्ह नाम द जए, पहले छोटे से बड़े का क्रम अनुमान से बताइए और फर
co m
ag
मापकर जाँ चए। कतने सही नकले?
m .
as e
a g l
हम अध्यारोपण ारा और कहाँ तुलना करते ह?
m
प्र.4
co
se m.
o m l a
.c एक वस्तु को ठ क दूसरी पर रखना — इससे कई आकृ तय और माप कaतुgलना क जाती है—
m
sखeाखंड — एक को दूसरे पर, बाएँ सरे मलाकर र खए और दे खए कौन बाहर नकलता है।
अध्यारोपण अथात्
l a
ag रे
वृत्त — कद्र पर कद्र र खए; जसक प र ध बाहर रहती है वह बड़ा है।
om a s
. c agl
वग, त्रभुज तथा अन्य आकृ तयाँ — यह जाँचने के लए क दो कटआउट बलकुल एक ही आकार-प्रकार के ह या नह ।
s e
पत्ते, पद चह्न, चू ड़याँ, सक्के — आकार क तुलmना के लए एक पर दूसरा रखकर।
मान चत्र या चत्र क नकल — यह जाँचlनेaके लए क प्र त ल प मूल से मेल खाती है या नह ।
ag
com
क्या आप जानते ह? जो दो आकृ तयाँ अध्यारोपण करने पर एक-दूसरे पर पूरी तरह बैठ जाती ह, उन्ह सवागसम
m .
ase
आकृ तयाँ कहते ह। इनका अध्ययन आप आगे क कक्षाओं म करगे।
m l
m .co a g
l a se
g
a आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 23
se m
अनुभाग 2.6 कोण क तुलना
com g l a
m . a
ase
ग णत चचा
agl
एक आयताकर कागज को मो ड़ए। अब घुमाव के नशान पर एक रेखा ख चए। घुमाव और कागज क भुजाओं
m
प्र.1
. c o
के बीच बने कोण को नाम द जए और उन कोण क तुलना क जए। आयताकार कागज को घुमाकर व भन्न
s e m सबसे बड़ा है और कौन-सा
कोण बनाइए एवं उनक तुलना क जए। यह भी बताइए क इनम से कौन-सा कोण
. comकोण सबसे छोटा है? a gla
as em
agl उत्तर
c
m .
कागज को इस प्रकार मो ड़ए क क्र ज़ आमने-सामने क दो भुजाओं को काटे । क्र ज़ को EF नाम द जए, जहाँ E और F दोन
m a s e
. co agl
भुजाओं पर ह। इस प्रकार चार कोण बनते ह—
se m
l a
ag ∠CFE
∠AEF, ∠BEF, ∠DFE,
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 24 of 88
Page 26
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
तुलना करने पर ( े स करके अध्यारोपण ारा)—
य द क्र ज़ तरछ है, तो ∠AEF और ∠CFE अ धक कोण ह तथा ∠BEF और ∠DFE न्यून कोण। अथात् ∠AEF =
∠CFE > ∠BEF = ∠DFE।
य द क्र ज़ भुजा के लंबवत बने, तो चार कोण बराबर समकोण हो जाते ह।
∠AEF + ∠BEF = 180° (ये िकनारे पर सरल कोण बनाते है)ं
कारण: एक ही भुजा पर बने दोन कोण मलकर सीधी रेखा बनाते ह, इस लए एक को बड़ा करने पर दूसरा अपने-
आप छोटा हो जाता है। इस तरह बनने वाला सबसे बड़ा कोण सरल कोण (180°) से थोड़ा ही कम होता है और
सबसे छोटा 0° के पास का पतला-सा कोण।
प्र.2 प्रत्येक त म बताइए क कौन-सा कोण बड़ा है और क्य ? a. ∠AOB या ∠XOY b. ∠AOB या ∠XOB c.
∠XOB या ∠XOC — अपने मत्र से चचा क जए क आपने यह नणय कैसे लया क कौन-सा कोण बड़ा है।
X
A
Y
32°
B C
O
शीष O से नकली करण OA, OX, OY और OB। B तथा C एक ही करण पर ह, अतः OB और OC एक ही भुजा ह। मापने पर—
∠AOB ≈ 90°, ∠XOB ≈ 60°, ∠XOY ≈ 32°।
a. ∠AOB बड़ा है।
∠AOB = ∠AOX + ∠XOY + ∠YOB
Page 25 of 88
Page 27
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
पूण सदै व अपने कसी भी भाग से बड़ा होता है और ∠XOY तो ∠AOB का केवल एक भाग है। चाँदे से मापने पर ∠AOB ≈ 90°
जब क ∠XOY ≈ 32°।
b. ∠AOB बड़ा है।
∠AOB = ∠AOX + ∠XOB अतः ∠AOB > ∠XOB
(≈ 90° के सामने ≈ 60°)
c. कोई भी नह — दोन बराबर ह: ∠XOB = ∠XOC।
(c) कई व ा थय को क्य च काता है: B और C, O से नकली एक ही करण पर त ह। अतः OB और OC
एक ही भुजा के दो नाम ह और दोन कोण ठ क उन्ह भुजाओं से बने ह। भुजा को लंबा करने से कोण बड़ा नह होता
— केवल घुमाने से होता है।
प्र.3 कौन-सा कोण बड़ा है— ∠XOY या ∠AOB? कारण बताइए।
A
X
∠XOY ≈ 111°
∠AOB ≈ 55°
Y
B
O
चार करण O से नकलती ह। पृष्ठ पर मापने पर ∠XOY ≈ 111° तथा ∠AOB ≈ 55° — परंतु कोई भी कोण दूसरे के भीतर नह है।
∠XOY बड़ा है। छपी हुई आकृ त को चाँदे से मापने पर—
∠XOY ≈ 111° ∠AOB ≈ 55°
Page 26 of 88
Page 28
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
परंतु यह उत्तर केवल दे खकर नह मलता, और प्रश्न 2 वाली यु क्त भी यहाँ काम नह करती।
“भाग और पूण” वाला तक यहाँ क्य नह चलता: प्रश्न 2 म एक कोण पूरी तरह दूसरे के भीतर था। यहाँ चार
करण एक के बाद एक इस क्रम म ह— OB से वामावत च लए तो B, Y, A, X। इस प्रकार ∠AOB, OY से नीचे
तक फैला है और ∠XOY, OA से ऊपर तक — अथात् कोई भी कोण दूसरे के भीतर नह है। इस लए केवल
दे खकर कुछ नह कहा जा सकता।
तब क्या कर—
1. अध्यारोपण — ∠AOB को े सग पेपर पर उता रए, उसका शीष O पर तथा OA को OX पर र खए और दे खए क OB
कहाँ पड़ती है।
2. मापन — दोन कोण को चाँदे से मापकर संख्याओं क तुलना क जए। इससे तुरंत नणय हो जाता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 24 – 27
अनुभाग 2.6 एवं 2.7 कोण क तुलना, घूणन भुजाएँ
प्र.1 माना क हमारे पास एक पारदश वृत्ताकार कागज है जसे हम घुमा सकते ह और आकृ तय के ऊपर भी रख
सकते ह। क्या हम इसे तुलना के लए प्रयोग कर सकते ह? … क्या अब आप बता सकते ह क कस सारस का
कोण बड़ा है?
हाँ — वृत्त इस बहस को सुलझा दे ता है।
पारदश वृत्त को इस प्रकार र खए क उसका कद्र ठ क पहले सारस के कोण के शीष पर हो, और उन बदुओं A तथा B को
अं कत क जए जहाँ दोन भुजाएँ वृत्त को काटती ह। अब इसी वृत्त को दूसरे सारस के कोण पर र खए — कद्र शीष पर और एक
भुजा OA के अनु दश।
य द दूसरी भुजा OY, OB के बाहर पड़ती है तो दूसरा कोण बड़ा है।
य द भीतर पड़ती है तो दूसरा कोण छोटा है।
य द ठ क OB पर पड़ती है तो दोन कोण बराबर ह।
चत्र म दूसरे सारस क भुजा बाहर पड़ती है, अतः दूसरा सारस बड़ा कोण बना रहा था।
यह तरीका क्य काम करता है: अब दोन कोण क तुलना एक ही वृत्त पर हो रही है, इस लए भुजाओं ारा काटा
गया चाप घुमाव का उ चत माप बन जाता है। च च क लंबाई का अब कोई महत्त्व नह रह जाता। यही वचार आगे
चलकर चाँदे (कोणमापक) तक पहुँचाता है।
Page 27 of 88
Page 29
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 अब सभी घूणन भुजाओं म परस्पर अदला-बदली कर द जए। क्या आप पहचान सकते ह क गत्ते पर बनी चाप
से कौन-सी घूणन भुजा गुजर सकती है?
केवल वही घूणन भुजा गुजरेगी जसका कोण झरी के कोण के ठ क बराबर है।
त गुजरेगी?
झरी का कोण, भुजाओं के कोण से बड़ा नही ं
झरी का कोण, भुजाओं के कोण से छोटा नही ं
झरी का कोण, भुजाओं के कोण के बराबर हाँ
ऐसा क्य होता है: झरी कसी एक वशेष कोण क प्र त ल प है। भुजाओं को उसम डालना वास्तव म अध्यारोपण
ही है, और केवल बराबर कोण ही पूरी तरह अध्यारो पत होते ह। ध्यान द जए क गुजरना केवल कोण पर नभर
करता है, स् ॉ क लंबाई पर नह — बशत वे झरी से छोट ह ।
प्र.3 चुनौती – इस कोण को घटाना। (कोण को काटा — कोण अभी भी पहले जैसा है।)
नह ! भुजाओं को काटने से कोण कम नह होता — कोण अभी भी पहले जैसा ही है।
ऐसा क्य होता है: कोण का आकार शीष के प रतः दोन भुजाओं के बीच के घुमाव क मात्रा है। स् ॉ के सरे काटने
से उनक लंबाई बदलती है, घुमाव नह । कोण कम करने का एक ही तरीका है — एक भुजा को घुमाकर दूसरी के
पास लाना।
स्वयं जाँ चए: एक कोण बनाकर उसे मा पए, फर दोन भुजाओं का बाहरी आधा भाग मटाकर फर से मा पए।
पाठ्यांक वही रहेगा।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 28 – 31
Page 28 of 88
Page 30
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 2.8 वशेष प्रकार के कोण
co m
e m.
m as
ग णत चचा
.co a g l
a s emसरल कोण ∠AOB ली जए। अवलोकन क जए क कोई भी करण OC उस कोण को दो कोण ∠AOC
agl और ∠COB म वभा जत करती है। जब दोन कोण समान आकार के ह तो क्या OC को इस तरह बनाना संभव
एक
प्र.1
m
है?
. co ag
se m
l a
हाँ, यह संभव है — और कागज मोड़कर इसे सुaंदg
र ढं ग से दखाया जा सकता है।
m
एक आयताकार कागज ली जए, उसक एक भुजा पर सरल कोण ∠AOB अं कत क जए और कागज को इस प्रकार मो ड़ए क
co
m.
करण OB ठ क करण OA पर आ जाए। O से गुजरने वाली क्र ज़ ही अभीष्ट करण OC है।
m as e
.co a g l
se m
g l a C
a
m a s
m.co agl
l a se
g
a 90° 90°
co m
m .
Am as e
.co a g l B
a s em O
agl
m
करण OC सरल कोण ∠AOB को 90°-90° के दो बराबर समकोण म बाँट दे ती है।
a se
. com a g l
m
ase
औ चत्य: मोड़ने पर ∠COB ठ क ∠AOC के ऊपर आ जाता है — शीष पर शीष और भुजा पर भुजा। अतः अध्यारोपण से दोन
agl
कोण बराबर सद्ध होते ह।
co m
.
∠AOC + ∠COB = 180° तथा ∠AOC = ∠COB
em
m l as
.co
अतः पत्येक कोण = 180° ÷ 2 = 90°
a g
se m
g l a
a हमने अभी क्या बनाया: ये दोन बराबर कोण समकोण ह। अतः एक सरल कोण म ठ क दो समकोण होते ह और
c
m .
OC, AB पर लंब है।
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 29 of 88
Page 31
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 य द एक सरल कोण, एक पूण घुमाव के आधे से बनता है, तो एक समकोण, पूण घुमाव का कतना होगा?
पूण घुमाव के चौथाई भाग से।
1 सरल कोण = पूण घुमाव का ½
1 सरल कोण = 2 समकोण
1 समकोण = ½ × ½ = पूण घ ुमाव का ¼
अंश म—
पूण घुमाव = 360° → सरल कोण = 180° → समकोण = 90°
सुझाव: समकोण अं ेज़ी अक्षर L जैसा दखता है और समकोण पर मलने वाली दो रेखाएँ लंब रेखाएँ कहलाती ह।
परंतु ध्यान रहे — केवल L जैसा दखना पयाप्त नह ; कोण तभी समकोण है जब वह सरल कोण का ठ क आधा हो।
प्र.3 जैसा क नीचे दखाया गया है क कोण को तीन समूह म वग कृत कया जाता है। सभी समकोण दूसरे समूह म
ह। अन्य दोन समूह म क्या समान वशेषता है?
वग करण प्रत्येक कोण क समकोण से तुलना करके कया गया है।
समूह समान वशेषता नाम
पहला पत्येक कोण समकोण से छोटा है — चौथाई घुम ाव से कम यून कोण
न्
दूसरा पत्येक कोण ठीक चौथाई घुम ाव है समकोण
तीसरा पत्येक कोण समकोण से बड़ ा परंत ु सरल कोण से छोटा है — चौथाई और आधे घुम ाव के बीच अिधक कोण
Page 30 of 88
Page 32
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
45° 90° 130° 180° 250°
न्यून समकोण अिधक सरल पितवत
पाँच प्रकार के कोण — न्यून, समकोण, अ धक, सरल तथा प्र तवत ।
समकोण ही मानक क्य : इसे बनाना सरल है (कागज को दो बार मो ड़ए) और पहचानना भी (पुस्तक का कोना)।
इसी लए हर दूसरे कोण को “इससे कम”, “इसके बराबर” या “इससे अ धक” कहकर बताया जाता है।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 29 – 31
अनुभाग 2.8 समकोण एवं लंब रेखाएँ
प्र.1 आपक कक्षा क खड़ कय म कतने समकोण ह? क्या अपनी कक्षा म आप और समकोण दे ख सकते ह?
खड़क प्रायः आयताकार होती है और प्रत्येक आयत म 4 समकोण होते ह — हर कोने पर एक।
1 िखड़ की-खाना = 4 समकोण
4 खानों वाली िखड़ की = 4 × 4 = 16 समकोण
(इसके अितिरक्त बाहरी चौखट के 4 समकोण)
अपनी खड़क के खाने ग नए और 4 से गुणा क जए।
कक्षा म अन्य समकोण—
श्यामपट्ट, दरवाजे, कॉपी, मेज़ क सतह तथा फश क टाइल के कोने;
जहाँ दो द वार मलती ह और जहाँ द वार फश से मलती है;
चाट पेपर, डस्टर, अलमारी तथा उसके खान के कोने;
सेट-स्क्वायर क दो भुजाएँ और ज्या म त बॉक्स का कोना।
स्वयं जाँ चए: कागज को दो बार मोड़कर “समकोण जाँचक” बनाइए और उसे इन कोन पर रखकर दे खए।
Page 31 of 88
Page 33
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 बदु A को ड के दूसरे बदुओं से एक सरल रेखा म इस प्रकार जोड़ क एक सरल कोण प्राप्त हो। इसे करने के
व भन्न तरीके क्या हो सकते ह?
A पर सरल कोण बनने के लए दोन भुजाओं का A से ठ क वपरीत दशाओं म जाना आवश्यक है — अथात् जस बदु से जोड़ना
है वह करण AB को A से पीछे बढ़ाने पर मलने वाली करण पर हो।
180° 180°
A B A
B
A पर सरल कोण— A को AB क ठ क वपरीत दशा वाले ड- बदु से मलाइए; पहले ड म सीधे बाएँ और दूसरे म तरछे ऊपर-बाएँ।
ड A से B तक का कदम A को कहाँ जोड़ ऐसे ड-
बदु
पहला (AB 3 कदम दाएँ उसी पंिक्त में A के बाईं ओर का कोई भी िग ड-िबंद ु 3
क्षै तज)
दूसरा (AB 2 कदम दाएँ और 2 कदम उसी ितरछी िदशा में ऊपर-बाएँ — 1 बाएँ व 1 ऊपर, अथवा 2 बाएँ 2
तरछा) नीचे व 2 ऊपर
हर त म बना कोण 180° का ही होता है।
कतने भन्न तरीके? प्रत्येक ड म काम करने वाली दशा केवल एक है — AB के ठ क वपरीत दशा। उस दशा
म पड़ने वाले सभी ड- बदु वही सरल कोण दे ते ह, क्य क वे सब एक ही करण पर ह। अतः बदु कई ह, पर सरल
कोण एक ही।
Page 32 of 88
Page 34
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 अब बदु A को ड के दूसरे बदुओं से एक सरल रेखा म इस प्रकार जोड़ क एक समकोण प्राप्त हो। इसे करने के
व भन्न तरीके क्या हो सकते ह? संकेत— रेखा को आगे बढ़ाएँ, जैसा क नीचे दए गए चत्र म दखाया गया है। A
पर समकोण प्राप्त करने के लए, हम इससे गुजरने वाली एक रेखा ख चनी होगी, जो सरल कोण CAB को दो
बराबर भाग म वभा जत करती हो।
A B A
B
C
A
B
प्रश्न के दोन ड, और नीचे संकेत वाला ड जसम AB को A से पीछे C तक बढ़ाया गया है।
A पर समकोण के लए नई रेखा को AB पर लंब होना चा हए। वगाकार ड पर इसक एक सुंदर यु क्त है।
यिद B तक पहुँच ने के िलए A से a कदम दाएँ और b कदम नीचे चलना पड़ ता है,
तो लंब िदशा होगी — b कद म द ाए ँ औ र a कद म ऊपर
(अथवा b कदम बाएँ और a कदम नीचे )
Page 33 of 88
Page 35
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g A
90°
B A
90°
co m
e m . ag
g l as
a
B
co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g A पर समकोण— पहले ड म सीधे ऊपर या सीधे नीचे; दूसरे ड म 2 बाएँ-2 नीचे अथवा 2 दाएँ-2 ऊपर।
m a s
ड A से B तक का कदम
m.coA से लंब दशा भन्न तरीके
agl
l a se
पहला (AB क्षै तज) 3 दाएँ
a g सीधे ऊपर (2 िबंद ु) अथवा सीधे नीचे (3 िबंद ु) 2
com
दूसरा (AB तरछा) 2 दाएँ, 2 नीचे 2 दाएँ व 2 ऊपर, अथवा 2 बाएँ व 2 नीचे 2
m .
m ase
agl
ड म A पर दो भन्न समकोण बनते ह — रेखा AB के दोन ओर एक-एक — और उस दशा म पड़ने वाले कसी भी
co
अतः प्रत्येक
m .
ड- बदु तक रेखा ख ची जा सकती है।
l a se
ag स्वयं जाँ चए: संकेत का प्रयोग क जए — BA को A से आगे C तक बढ़ाइए। आपक ख ची रेखा सरल कोण
se m
a
∠CAB को दो बराबर भाग म बाँटेगी, अतः प्रत्येक भाग 180° ÷ 2 = 90°।
. com a g l
m
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 34 of 88
Page 36
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 कागज को घुमाकर तरछा नशान बनाइए। अब एक अन्य नशान बनाइए जो पछले तरछे नशान पर लंब हो।
a. अब आपके पास कतने समकोण ह? तक संगत उत्तर द जए क ये कोण पूणतया समकोण क्य ह? b. वणन
क जए क आपने इसे कैसे मोड़ा ता क जो व्य क्त इस प्र क्रया को करना नह जानता वह आपक प्र क्रया का
अनुसरण करके समकोण बना सके।
4 समकोण
समकोण पर काटती दो क्र ज़ — 90°-90° के चार पूण समकोण।
a. चार समकोण बनते ह — दोन क्र ज़ एक-दूसरे को काटती ह और उस बदु के चार ओर के पूरे घुमाव को चार बराबर भाग म
बाँट दे ती ह।
पूण घुमाव = 360°
4 बराबर कोण → पत्येक = 360° ÷ 4 = 90°
औ चत्य: दूसरा मोड़ पहली क्र ज़ के एक आधे भाग को दूसरे आधे भाग पर ठ क लाकर बनाया गया था। अध्यारोपण से एक ओर
के दोन कोण बराबर हो जाते ह और वे मलकर सरल कोण बनाते ह—
दो बराबर कोण िजनका योग 180° है → पत्येक = 90°
यही तक क्र ज़ के दूसरी ओर भी लागू होता है, अतः चार पूण समकोण ह।
b. कोई भी अनुसरण कर सके, ऐसा वणन—
1. एक कागज ली जए और उसे कसी भी तरछ दशा म एक बार मो ड़ए। मोड़ को दबाकर खोल द जए — तरछ क्र ज़ बन
गई।
Page 35 of 88
Page 37
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
2. अब कागज को दूसरी बार इस प्रकार मो ड़ए क पहली क्र ज़ का एक भाग ठ क उसी क्र ज़ के दूसरे भाग पर आ जाए।
3. दूसरे मोड़ को दबाकर कागज खो लए। दोन क्र ज़ जस बदु पर मलती ह वहाँ चार समकोण बनते ह।
सुझाव: बना चाँदे के ठ क 90° बनाने का यह सबसे तेज तरीका है — मापने का काम कागज स्वयं कर दे ता है।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 31 एवं 32
अनुभाग 2.8 कोण का वग करण
प्र.1 पछली आकृ तय म न्यून कोण, समकोण, अ धक कोण और सरल कोण को पहचा नए।
इस अभ्यास से ठ क पहले छपे कोण के तीन समूह (पृष्ठ 31)।
प्रत्येक कोण क तुलना समकोण से क जए (कॉपी के कोने को जाँचक क तरह प्रयोग क जए)—
45° 90° 130° 180° 250°
न्यून समकोण अिधक सरल पितवत
पाँच प्रकार के कोण — न्यून, समकोण, अ धक, सरल तथा प्र तवत ।
Page 36 of 88
Page 38
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्रकार कैसे पहचान पछली आकृ तय म कहाँ
न्यून कॉपी के कोने से छोटा घूणन भुजाओं के सँक रे कोण; िव ा की पुस्तक की िस्थित 1 और 2; कागज के मोड़ पर बने
पतले कोण
समकोण कॉपी के कोने पर ठीक बैठता दो क्रीज़ों के कटान पर बने चारों कोण; आयताकार कागज के कोने; L के आकार में खुल ी
है पुस्तक
अ धक कोने से बड़ा पर सीधी रे खा ितरछी क्रीज़ पर बने चौड़े कोण; िव ा की पु तक की ि थित 5
स् स्
नही ं
सरल दोनों भुजाएँ एक ही सीधी रे खा मेज़ पर पूर ी खुल ी पुस्तक का ∠AOB (ि थित 6)
स्
में
प्र.2 कुछ न्यून कोण और अ धक कोण भन्न दशाओं म बनाइए।
इन्ह ऊपर, नीचे, बाएँ और दाएँ — हर ओर खुलते हुए बनाइए। कोण कस दशा म खुलता है, इससे उसका प्रकार नह बदलता।
45° 60° 80° 100° 135° 160°
भन्न- भन्न दशाओं म बने न्यून कोण (45°, 60°, 80°) तथा अ धक कोण (100°, 135°, 160°)।
न्यून कोण (90° से कम): 20°, 45°, 60° तथा 80° बनाइए।
अ धक कोण (90° और 180° के बीच): 100°, 120°, 135° तथा 160° बनाइए।
स्वयं जाँ चए: अपनी कॉपी का कोना प्रत्येक बनाए हुए कोण के शीष पर र खए। य द आपका कोण कोने के भीतर
छप जाए तो वह न्यून है; य द कोने से बाहर खुले तो अ धक कोण है।
Page 37 of 88
Page 39
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 क्या आप जानते ह क न्यून और अ धक शब्द का क्या अथ है? न्यून का अथ नुक ला और अ धक का अथ कुंद
होता है। आपको क्या लगता है क इन शब्द का चयन क्य कया गया होगा?
क्य क ये शब्द ठ क वही बताते ह जैसे ये कोण दखते ह।
न्यून कोण का मुँह सँकरा होता है, इस लए शीष नुक ला बनता है — जैसे प सल क नोक, सुई या काँटा।
अ धक कोण का मुँह चौड़ा होता है, इस लए शीष चपटा और कुंद दखता है — जैसे चम्मच का कनारा या गोल पत्थर।
45° 90° 130° 180° 250°
न्यून समकोण अिधक सरल पितवत
पाँच प्रकार के कोण — न्यून, समकोण, अ धक, सरल तथा प्र तवत ।
वचार: भुजाओं के बीच घुमाव जतना कम, कोना उतना ही नुक ला दखता है; घुमाव जतना अ धक, कोना उतना
ही खुलकर चपटा हो जाता है। इसी लए “नुक ला” और “कुंद” 90° से कम और 90° से अ धक के लए बहुत अच्छे
रोज़मरा के नाम ह।
Page 38 of 88
Page 40
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
ात क जए क नीचे द गई आकृ तय म कतने न्यून कोण ह— अगली आकृ त क्या होगी और उसम कतने
e
प्र.4
m l as
.co
न्यून कोण ह गे? क्या आप संख्याओं म कोई पैटन दे खते ह?
a g
se m
g l a
a
co m
em . ag
g l as
a
co m
se m.
m l a
m .co 3 न्यून कोण ag 21 न्यून कोण
ase
12 न्यून कोण
agl
m a s
.co agl
पृष्ठ 32 क तीन आकृ तयाँ — 3, 12 और 21 न्यून कोण। हर नया भीतरी त्रभुज एक छोटे त्रभुज को चार म बदल दे ता है।
a s em
agl
आकृ त उसम छोटे त्रभुज न्यून कोण क संख्या
m
पहली
co
1 3
m .
as e
om
दूसरी 4 12
तीसरी.c a g l
m
ase
7 21
agl चौथी (अगली) 10 30
se m
com g l a
. a
अगली आकृ त एक और छोटे त्रभुज के मध्य- बदुओं को जोड़ने से बनती है और उसम 30 न्यून कोण ह गे।
m
ase
agl
पैटन: संख्या हर बार 9 से बढ़ती है।
m
3, 3 + 9 = 12, 12 + 9 = 21, 21 + 9 = 30, 30 + 9 = 39 …
. co
e m
m l as
m .co a g
l a se
ag
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 39 of 88
Page 41
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
हर बार 9 अ धक क्य : इन चत्र का प्रत्येक त्रभुज समबाहु है, अतः उसका हर कोण 60° का — अथात् न्यून।
कसी एक छोटे त्रभुज के मध्य- बदुओं को जोड़ने पर वह 4 छोटे त्रभुज म बदल जाता है, अथात् 3 त्रभुज बढ़
जाते ह और हर त्रभुज 3 न्यून कोण दे ता है—
3 × 3 = 9 नए न्यून कोण
इस लए न्यून कोण क संख्या सदै व 3 × (छोटे त्रभुज क संख्या) होती है: 3 × 1, 3 × 4, 3 × 7, 3 × 10 …
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 34
अनुभाग 2.9 कोण को मापना
प्र.1 नीचे दए गए चत्र म वृत्त को 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10 और 12 भाग म बाँटा गया है। प रणामत: प्राप्त कोण
के ड ी माप क्या ह गे? नद शत कोण के समीप उनके ड ी माप ल खए।
1 2 3 4 5
6 8 9 10 12
वृत्त को 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10 और 12 बराबर भाग म बाँटा गया है; प्रत्येक वृत्त म एक कोण लाल रंग से अं कत
है।
पूण घुमाव 360° का होता है। अतः प्रत्येक कोण ात करने के लए 360 म बराबर भाग क संख्या से भाग द जए।
Page 40 of 88
Page 42
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
बराबर भाग क संख्या गणना प्रत्येक भाग का कोण
1 360 ÷ 1 360°
2 360 ÷ 2 180°
3 360 ÷ 3 120°
4 360 ÷ 4 90°
5 360 ÷ 5 72°
6 360 ÷ 6 60°
8 360 ÷ 8 45°
9 360 ÷ 9 40°
10 360 ÷ 10 36°
12 360 ÷ 12 30°
360 ही क्य चुना गया: 7 को छोड़कर 10 तक क सभी संख्याओं से 360 पूरी तरह वभा जत हो जाता है — और
12 (वष के महीने) तथा 24 ( दन के घंटे) से भी। इसी लए ऊपर के हर वभाजन म अंश क पूण संख्या मलती है।
ऋग्वेद म भी 360 ती लय वाले प हये क चचा है।
क्या आप जानते ह? 360 ÷ 7 = 51.43… पूण संख्या नह है, इसी लए इस सूची म वृत्त को कभी 7 बराबर भाग
म नह बाँटा गया।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 35
Page 41 of 88
Page 43
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 2.9 बना अंकन वाला कोणमापक
प्र.1 नम्न ल खत कोण के माप ल खए— a. ∠KAL — ध्यान द जए क इस कोण का शीष बदु कोणमापक के
कद्र बदु पर संपाती है। अत: KA एवं AL के बीच 1° कोण क इकाइय क संख्या से कोण KAL क माप पता
चलती है। गनने पर, हम पाते ह— ∠KAL = 30°। क्या मध्यम आकार के चह्न एवं बड़े आकार के चह्न का
उपयोग करते हुए 5 या 10 म इकाईय क संख्या गनना संभव है? b. ∠WAL c. ∠TAK
Page 42 of 88
Page 44
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
K
L
A
W
T
पृष्ठ 35 का बना अंकन वाला कोणमापक। लंबे (10°) चह्न गनने पर ∠KAL = 30°, ∠WAL = 50° तथा ∠TAK = 120°।
दोन भुजाओं के बीच 1° क इकाइयाँ ग नए। हर 10° पर लंबा चह्न और हर 5° पर मध्यम चह्न होता है, इस लए एक-एक करके
गनने के बजाय दस-दस और पाँच-पाँच करके गना जा सकता है।
Page 43 of 88
Page 45
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
कोण गनती माप
m l a se30°
.co ag
a. ∠KAL 3 लंबे िचह्न = 3 × 10
se m
g l a
b. ∠WAL
a
5 लंबे िचह्न = 5 × 10 50°
c. ∠TAK 12 लंबे िचह्न = 12 × 10 120°
o m
हाँ, 5 और 10 म गनना न त रूप से संभव है — औरm
e
. c ag
s
यह 120 अलग-अलग चह्न गनने से कह तेज तथा सुर क्षत है।
a gla
स्वयं जाँ चए: छपे हुए पृष्ठ पर मापने पर तीन करण एक-दूसरे से 30.5°, 52.4° तथा 120.3° पर मलती ह —
अथात् वही 30°, 50° और 120° जो सावधानी से गनने पर प्राप्त होते ह।
co m
se m.
o m l a
m .c आकार के क्य : हर 10° पर लंबे, हर 5° पर मध्यम और हर 1° पर छोटेagचह्न। ये रूलर के बड़े-छोटे
चह्न तीन
l a se क तरह काम करते ह, जससे आँख दस-दस क छलाँग लगाकर अंत म समायोजन कर लेती है।
भाग
a g
m a s
m .co agl
se
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 36 एवं 37
g l a
a
अनुभाग 2.9 अंकन वाला कोणमापक
com
.
कोणमापक पर संख्याओं के दो सेट ह— एक दाएँ से बाएँ क ओर बढ़ते हुए एवं दूसरा बाएँ से दाएँ क ओर बढ़ते
m
प्र.1
m
हुए। इसम संख्याओं के दो सेट क्य स म्म लत ह?
as e
.co a g l
a s em
gl
a ता क चाँदे का प्रयोग कसी भी ओर से बना घटाए कया जा सके।
se m
य द आधार भुजा बाईं ओर है, तो बाईं ओर के 0.सेco
m
य द आपके कोण क आधार भुजा दाईं ओर है, तो दाईं ओर के 0 से आरंभ क जए और भीतरी संख्याएँ प ढ़ए।
g l a
em
आरंभ क जए और बाहरी संख्याएँ प ढ़ए। a
a s
agl
पत्येक िचह्न पर भीतरी पाठ ांक + बाहरी पाठ ांक = 180°
co m
.
(जै से 20 और 160, 35 और 145, 90 और 90)
em
m l as
.co a g
m इससे क्या लाभ: दूसरे सेट के बना हर बार या तो कागज घुमाना पड़ता, या एक संख्या पढ़कर उसे 180 म से
s e
agla घटाना पड़ता। दोन पैमाने यह श्रम बचा दे ते ह।
.c
s e m
m a
m . co
सुझाव: पहले दे खए क कौन-सी भुजा 0 पर है, फर उसी पैमाने पर चलकर दूसरी भुजा तक प ढ़ए। दोन पैमान
e agl
l
को मला दे ना चाँदे क सबसे आम भूल है।
g as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 44 of 88
Page 46
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 चत्र म दए गए व भन्न कोण के नाम एवं उनके माप ल खए। क्या आपने ∠TOQ जैसे कोण स म्म लत कए?
आपने आंत रक या बाहरी अं कत संख्याओं म से कसका उपयोग कया।
R
S
70
80 90 100
110 Q
12
60 0
100 90 80 13
110 70
50 60
0
0
12
0 50
14
13
T 40
0
0
40
15
14
30
0
0
30
15
160
20
160
20
170
10
180 170
10
U P
180
0
0
O
एक चाँदा जसका कद्र O पर है; करण OP, OQ, OR, OS, OT और OU आंत रक मापक के 0°, 35°, 95°, 125°,
160° और 180° चह्न से गुजरती ह।
R
S
100 80
120 80 100 60
60 120 Q
140 40
40 140
T
160 20
20 160
U 180 0 180 0 P
O
एक ही पैमाने पर छह करण के पाठ्यांक: P पर 0°, Q पर 35°, R पर 95°, S पर 125°, T पर 160° तथा U पर 180°।
Page 45 of 88
Page 47
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
करण OP, OQ, OR, OS, OT और OU कद्र O से नकलती ह। P पर त 0 चह्न से पढ़ने पर (अथात् पूरे चत्र म एक ही
पैमाना प्रयोग करने पर)—
P → 0° Q → 35° R → 95° S → 125° T → 160° U → 180°
अब प्रत्येक कोण केवल दो पाठ्यांक का अंतर है—
कोण गणना माप
∠POQ 35 − 0 35°
∠POR 95 − 0 95°
∠POS 125 − 0 125°
∠POT 160 − 0 160°
∠POU 180 − 0 180° (सरल कोण)
∠QOR 95 − 35 60°
∠QOS 125 − 35 90°
∠QOT 160 − 35 125°
∠QOU 180 − 35 145°
∠ROS 125 − 95 30°
∠ROT 160 − 95 65°
∠ROU 180 − 95 85°
∠SOT 160 − 125 35°
∠SOU 180 − 125 55°
∠TOU 180 − 160 20°
हाँ, ∠TOQ जैसे कोण भी स म्म लत करने चा हए — यह ∠QOT के ही बराबर है, अथात् 125°। इन छह करण से कुल 15
कोण नामां कत कए जा सकते ह।
सुझाव: पूरे चत्र के लए एक ही सेट — भीतरी या बाहरी — का प्रयोग क जए। यहाँ बाहरी पैमाना सु वधाजनक है
क्य क उस पर OT और OS ठ क 20 और 55 पर पड़ती ह।
Page 46 of 88
Page 48
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 ∠TOS क माप क्या है? क्या आप कोण का पता लगाने के लए चह्न क संख्या गने बना, च ह्नत संख्याओं
का उपयोग कर सकते ह? दए गए चत्र (पृष्ठ 36) म, कोण क भुजाएँ OT एवं OS बाहरी मापक (स्केल) पर
संख्याओं 20 एवं 55 से गुजरती ह। इन दो भुजाओं के बीच 1° कोण क कतनी इकाइयाँ स म्म लत ह? क्या यहाँ
घटाने का उपयोग कया जा सकता है?
R
S
70
80 90 100
110 Q
12
60 0
100 90 80 13
110 70
50 60
0
0
12
0 50
14
13
T
40
0
0
40
15
14
30
0
0
30
15
160
20
160
20
170
10
180 170
10
U P
180
0
0
O
एक चाँदा जसका कद्र O पर है; करण OP, OQ, OR, OS, OT और OU आंत रक मापक के 0°, 35°, 95°, 125°,
160° और 180° चह्न से गुजरती ह।
हाँ — घटाना ही वह छोटा रास्ता है जसक हम आवश्यकता है।
OS पर पाठ ांक 55 OT पर पाठ ांक 20 (बाहरी पैमाना)
∠TOS = 55 − 20 = 35°
अतः दोन भुजाओं के बीच 1° क 35 इकाइयाँ ह — और हम एक भी चह्न गनना नह पड़ा।
घटाना क्य काम करता है: कसी भुजा का पाठ्यांक बताता है क वह भुजा 0 चह्न से कतना घूम चुक है। य द
एक भुजा 20 इकाई और दूसरी उसी आरंभ रेखा से 55 इकाई घूमी है, तो उनके बीच का घुमाव इनका अंतर 55 −
20 होगा।
स्वयं जाँ चए: इन्ह भुजाओं को भीतरी पैमाने पर प ढ़ए — वे 160 और 125 पर ह, और 160 − 125 = 35°।
उत्तर वही, जैसा होना चा हए।
Page 47 of 88
Page 49
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 हम कैसे बना घटाए कोण क माप सीधे ात कर सकते ह? कोणमापक (चाँदा) का कद्र बदु, कोण के शीष बदु
पर र खए। कोणमापक को इस तरह से र खए क कोण क एक भुजा 0° कोण के चह्न से होकर गुजरे, जैसा क
नीचे चत्र म दखाया गया है। ∠AOB कतने अंश ( ड ी) का कोण है?
A
80 90 100
70 110
12
60 0
100 90 80 13
110 70
50 60
0
0
12
0 50
14
13
40
0
0
40
15
14
30
0
0
30
15
160
20
160
20
170
10
180 170
10
180
0
0
O B
चाँदे का कद्र बदु शीष O पर और भुजा OB को 0° चह्न पर रखकर बनाया गया कोण AOB।
य द एक भुजा 0 चह्न पर रख द जाए तो दूसरी भुजा का पाठ्यांक ही उत्तर होता है — घटाव 0 का हो जाता है और स्वतः समाप्त
हो जाता है।
OB का पाठ ांक = 0
OA का पाठ ाक
ं = 80
∠AOB = 80 − 0 = 80°
याद रखने योग्य तीन चरण—
1. कद्र शीष पर — चाँदे के आधार का मध्य- बदु ठ क O पर र खए।
2. आधार एक भुजा पर — चाँदे को तब तक घुमाइए जब तक OB, 0 रेखा के अनु दश न आ जाए।
3. दूसरी भुजा प ढ़ए — उसी पैमाने पर, जो OB पर 0 से आरंभ होता है, OA तक प ढ़ए।
स्वयं जाँ चए: छपी हुई आकृ त म करण OA, OB से 80.3° ऊपर है — अथात् चत्र का अभीष्ट पाठ्यांक 80° ही
है। य द कोई भुजा छोट होने के कारण पैमाने तक न पहुँचे तो पहले उसे रूलर से बढ़ा ली जए; भुजा लंबी करने से
कोण कभी नह बदलता।
Page 48 of 88
Page 50
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 38 – 40
m as e
.co
अनुभाग 2.9 स्वयं चाँदा बनाएँ
a g l
se m
l a
प्रयास कर
a g
एक वृत्त के आधे का माप एक पूरे चक्कर का ½ होगा। अत: एक पूरे चक्कर के आधे का माप = __ का ½ =
om
प्र.1
. c ag
180°। वृत्त के चतुथाश का माप, पूरे चक्कर का ¼ होता है। पूरे चक्कर का ¼ माप = 360° का ¼ = __। जब
mहै या एक चक्कर का ⅛ है, या 360° का ⅛, या 180° का ¼, या
कागज को मोड़ा जाता है तो यह एक वृत्त काe⅛
s
a
90° का ½ = …….। इसी प्रकार, अगलेlआधे घुमाव (आकृ त 2.18 अनुसार) से हम ________ माप का कोण प्राप्त
होता है।
ag
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
.
आकृ त 2.18 — चतुथाश कागज़ को एक बार और आधा मोड़ा गया; बदुदार मोड़ कोण को फर आधा कर दे ता है।
em
m l as
.co a g
a s emउत्तर
agl प्रत्येक मोड़ कोण को आधा कर दे ता है। रक्त ान इस प्रकार भ रए—
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 49 of 88
Page 51
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
मोड़ पूण घुमाव का भाग गणना कोण
पूरा वृत्त 1 — 360°
पहला मोड़ (अधवृत्त) ½ 360° का ½ 180°
दूसरा मोड़ (चतुथाश) ¼ 360° का ¼ = 180° का ½ 90°
तीसरा मोड़ ⅛ 360° का ⅛ = 180° का ¼ = 90° का ½ 45°
चौथा मोड़ 1/16 45° का ½ 22.5°
अतः रक्त ान ह— 360°, 90°, 45° तथा 22.5°। नई क्र ज़ से 180° − 45° = 135° तथा आगे 67.5°, 112.5° और
157.5° भी मलते ह।
सुझाव: अपने कागज के चाँदे के कनारे पर 0°, 22.5°, 45°, 67.5°, 90°, 112.5°, 135°, 157.5° और 180°
लख ली जए — फर वह बना कसी पैमाने के इन कोण को माप सकेगा।
प्र.2 सो चए! आकृ त 2.19 म, ∠AOB = ∠BOC = ∠COD = ∠DOE = ∠EOF = ∠FOG = ∠GOH = ∠HOI
= _____ क्य ?
E
F D
G C
H B
I A
O
आकृ त 2.19 — अधवृत्त को आठ बराबर भाग म मोड़कर O, A, B, … , I से अं कत कया गया है।
इनम से प्रत्येक कोण 22.5° का है।
Page 50 of 88
Page 52
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
सरल कोण ∠AOI = 180°
इसे मोड़ कर 8 बराबर भागों में बाँट ा गया है
पत्येक भाग = 180° ÷ 8 = 22.5°
ये सब बराबर क्य ह: हर क्र ज़ पछले कोण को ठ क आधा मोड़कर बनाई गई थी, इस लए हर चरण पर दोन नए
कोण एक-दूसरे पर पूरी तरह बैठ गए। 180° को तीन बार आधा करने पर 90°, फर 45°, फर 22.5° मलता है
— और बने हुए आठ छोटे कोण एक-दूसरे क प्र त ल प ह।
स्वयं जाँ चए: 22.5° × 8 = 180° ✔ तथा 22.5° × 16 = 360°, अथात् एक पूण घुमाव।
प्र.3 स्वयं के बनाएँ हुए चाँदे म कोण सम भाजक क पहचान क जए। कोण सम भाजक क अवधारणा का
प्रयोग करते हुए कागज को मोड़ कर व भन्न कोण को बनाने का प्रयास कर।
जो रेखा कसी कोण को दो बराबर भाग म बाँटती है वह उस कोण का कोण सम भाजक कहलाती है। कागज के चाँदे म प्रत्येक
क्र ज़ अपने दोन ओर क क्र ज़ से बने कोण क सम भाजक है।
क्र ज़ कस कोण को बाँटती है प्रत्येक भाग
90° सरल कोण 0°–180° 90°
45° समकोण 0°–90° 45°
135° समकोण 90°–180° 45°
22.5° कोण 0°–45° 22.5°
67.5° कोण 45°–90° 22.5°
प्रयास कर: एक बार और मोड़कर 11.25° बनाइए, तथा क्र ज़ को जोड़कर 22.5 + 45 = 67.5° या 90 + 22.5
= 112.5° जैसे कोण बनाइए। केवल कागज मोड़कर आश्चयजनक रूप से अनेक सट क कोण बनाए जा सकते ह।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 40 – 43
Page 51 of 88
Page 53
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 2.9 चाँदे से कोण का मापन
प्र.1 चाँदे का प्रयोग करते हुए नम्न कोण के ड ी माप ात क जए?
चाँदे का कद्र शीष H पर र खए, एक भुजा को 0 रेखा पर र खए और उसी पैमाने पर दूसरी भुजा प ढ़ए।
108°
47°
23°
पृष्ठ 40 के तीन कोण — 47°, 23° तथा 108°, भन्न- भन्न दशाओं म।
आकृ त कोण माप प्रकार
पहली (शीष H नीचे) ∠IHJ 47° न्यून
दूसरी (शीष H ऊपर) ∠GHK 23° न्यून
तीसरी (शीष H बाईं ओर) ∠IHJ 108° अ धक
बीच वाली आकृ त म I और J उन्ह दोन करण पर त ह जन पर G और K ह, अतः उस कोण को ∠IHJ भी कहा जा सकता
है।
सुझाव: य द कोई भुजा छोट होने से गोल पैमाने तक न पहुँचे तो उसे रूलर से बढ़ा ली जए। भुजाएँ लंबी करने पर
कोण नह बदलता। (ठ क-ठ क मापने पर ये तीन कोण 47.0°, 23.5° तथा 108.8° ह।)
प्र.2 चाँदे का प्रयोग करते हुए अपनी कक्षा म दख रहे व भन्न कोण के ड ी माप ात क जए।
यह एक क्रयाकलाप है — मा पए और ल खए। नीचे द गई सारणी अपनी कॉपी म बनाकर भ रए—
Page 52 of 88
Page 54
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
वस्तु कोण कहाँ है अपे क्षत माप
कॉपी / श्यामपट्ट का कोना दो िकनारों के बीच 90°
खुला दरवाजा दरवाजे और दीवार के बीच 0° से लगभग 180° तक कु छ भी
खुली कची दोनों ब्ले डों के बीच यून कोण, जैसे 30°–60°
न्
द वार घड़ी क सूईयाँ कें द पर पूरे घंटे पर 30° का ग ण
ु ज
सेट-स्क्वायर उसके तीनों कोने 90°, 60°, 30° (या 90°, 45°, 45°)
ज्या म त बॉक्स का खुला ढक्कन ढक्कन और बॉक्स के बीच अिधक कोण
स्वयं जाँ चए: अपने सेट-स्क्वायर के तीन कोने मापकर जो ड़ए। योग 180° आना चा हए — ठ क वही प रणाम
जो नीचे प्रश्न 9 म मलेगा।
प्र.3 नीचे दए गए कोण के अंश माप ात क जए। जाँच क जए क क्या यहाँ कागज के चाँद का प्रयोग कर सकते
ह।
पहला कोण: ∠IHJ = 42° (न्यून )
दू सरा कोण: ∠IHJ = 116° (अिधक)
(छपे हुए पृष्ठ पर ठ क-ठ क मापने पर ये 41.7° और 116.3° ह।)
नह , यहाँ कागज का चाँदा काम नह कर सकता।
क्य नह : हाथ से बना कागजी चाँदा केवल बार-बार आधा मोड़कर बनाया गया था, इस लए उस पर केवल 0°,
22.5°, 45°, 67.5°, 90°, 112.5°, 135°, 157.5° और 180° के चह्न ह। 42° और 116° इनम से कसी क्र ज़
पर नह पड़ते। इसी लए मानक चाँदा चा हए, जो पूरे 180 अंश म बँटा होता है।
सुझाव: फर भी कागजी चाँदा बहुत कुछ बता दे ता है — 42°, 22.5° और 45° के बीच है (अतः न्यून) तथा 116°,
112.5° और 135° के बीच (अतः अ धक कोण)।
Page 53 of 88
Page 55
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
नीचे दए गए कोण का अंश माप चाँद का प्रयोग करके कस प्रकार नकाला जा सकता है?
e
प्र.4
m l as
.co a g
a s em
a glकोण एक प्र तवत कोण है, जो 180° से बड़ा है, इस लए इसे सीधे नह पढ़ा जा सकता — चाँदा केवल 180° तक ही
अं कत
जाता है।
com
. ag
व ध: उसी शीष पर बने दूसरे ( बना अं कत) कोण को मा पए और उसे पूण घुमाव म से घटा द जए।
e m
g l as
a
अंिकत कोण = 360° − िबना अंिकत कोण
m
= 360° − 101° = 259°
co
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g 100°
co m
m . A
m ase
. co agl
O
e m
g l as
a
260° se m
com g l a
m . a
ase
aglअं कत प्र तवत कोण— 360° − 101° = 259°।
co m
m .
e
यह क्य काम करता है: अं कत और बना अं कत कोण मलकर शीष के चार ओर एक पूण घुमाव बनाते ह, और
m l as
.co g
पूण घुमाव 360° का होता है।
m a
l a se
ag
.c
ध्यान द जए: छपी हुई आकृ त म बना अं कत कोण 101.5° का है, जससे प्र तवत कोण लगभग 258° बनता
है। पुस्तक क उत्तर-कुंजी इसे 100° मानकर 260° दे ती है। लगभग 258° से 260° तक कोई भी उत्तर सही है —
s e m
m a
. co agl
महत्त्वपूण व ध है।
e m
g l as
a
com
m .
m ase
.co
a g l Page 54 of 88
Page 56
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
दूसरा तरीका: प्र तवत कोण को सरल कोण और शेष म बाँट ली जए — 180° + 78° ≈ 258°।
प्र.5 नम्न कोण को मा पए और प्रत्येक का ड ी माप ल खए।
चाँदे का कद्र प्रत्येक शीष पर र खए, एक भुजा 0 पर और दूसरी भुजा का पाठ्यांक प ढ़ए—
कोण माप प्रकार
a. 80° न्यून
b. 120° अ धक
c. 60° न्यून
d. 130° अ धक
e. 130° अ धक
f. 60° न्यून
स्वयं जाँ चए: छपे हुए पृष्ठ पर बहुत सावधानी से मापने पर ये छह कोण 79°, 120.5°, 59.5°, 129°, 128° और
61° आते ह। अतः ऊपर दए मान से एक-दो अंश का अंतर पूरी तरह सही है।
सुझाव: (d) और (e) अलग-अलग दशाओं म तथा अलग लंबाई क भुजाओं के साथ बने ह, फर भी बराबर ह —
चाँदे को घुमाइए, अपनी राय को नह । यही बात (c) और (f) पर भी लागू होती है।
Page 55 of 88
Page 57
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 ∠BXE, ∠CXE, ∠AXB और ∠BXC के अंश माप ात क जए।
C
B
100 80
120 80 100 60
60 120
140 40
40 140
160 20
20 160
A 180 0 180 0 E
X
A, X और E एक सीधी रेखा म ह। E से पढ़ने पर: C पर 85°, B पर 115°, A पर 180°।
A, X और E एक ही सीधी रेखा म ह, अतः ∠AXE = 180°। E पर त 0 चह्न से करण पढ़ने पर—
E → 0° C → 85° B → 115° A → 180°
कोण गणना माप
∠BXE 115 − 0 115°
∠CXE 85 − 0 85°
∠AXB 180 − 115 65°
∠BXC 115 − 85 30°
स्वयं जाँ चए: ∠AXB + ∠BXE = 65° + 115° = 180° ✔ — ऐसा होना ही चा हए, क्य क AXE एक सीधी
रेखा है।
Page 56 of 88
Page 58
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
प्र.7 ∠PQR, ∠PQS और ∠PQT के अंश माप ात क जए।
S
R 100 80
120 80 100 60
60 120
140 40 T
40 140
160 20
20 160
P 180 0 180 0
Q
भुजा QP से पढ़ने पर: R पर 45°, S पर 100° तथा T पर 150°।
शीष Q है। QP को 0 चह्न पर रखकर उसी पैमाने पर शेष तीन करण प ढ़ए—
कोण पाठ्यांक माप प्रकार
∠PQR 45 − 0 45° न्यून
∠PQS 100 − 0 100° अ धक
∠PQT 150 − 0 150° अ धक
सुझाव: इन्ह पाठ्यांक से ∠RQS = 100 − 45 = 55°, ∠SQT = 150 − 100 = 50° तथा ∠RQT = 150 −
45 = 105° भी मल जाते ह।
प्र.8 दए गए नदश के अनुसार पेपर क्राफ्ट बनाइए। अब कागज को पूरा खो लए। मोड़े जाने पर प्राप्त नशान पर
रेखाएँ ख चए और इस प्रकार बने कोण को मा पए।
यह मोड़ने का क्रयाकलाप है। चरण-दर-चरण क जए और फर मा पए।
Page 57 of 88
Page 59
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण AglaSem · NCERT Solutions
1. वगाकार कागज को चत्र 1 से 8 के अनुसार मो ड़ए और हर क्र ज़ को अच्छ तरह दबाइए।
2. कागज को पूरा खोल द जए। आपको कद्र पर मलती हुई क्र ज़ का एक पैटन दखेगा।
3. प्रत्येक क्र ज़ पर प सल और रूलर से रेखा ख चए।
4. कद्र पर बने प्रत्येक कोण को चाँदे से मा पए।
आपको क्या मलेगा: चूँ क हर मोड़ पछले को आधा करता है, कद्र पर बने कोण पूण घुमाव के सुंदर भन्न होते ह—
360° ÷ 4 = 90° 360° ÷ 8 = 45° 360° ÷ 16 = 22.5°
स्वयं जाँ चए: कद्र बदु के चार ओर के सभी कोण का योग 360° होना चा हए। अपने पाठ्यांक जो ड़ए — य द
योग 360° न आए तो फर से मा पए।
प्र.9 आकृ त 2.21 (a) म बने त्रभुज के तीन कोण को मा पए और संबं धत कोण के नीचे उसका माप ल खए। तीन
माप को जो ड़ए। क्या प्राप्त होता है? इस प्र कया का आकृ त 2.21 (b) और (c) के लए भी प्रयोग क जए।
अन्य त्रभुज पर भी इस प्र कया का प्रयोग क जए। फर सामान्य तौर पर क्या होता है इसका अनुमान लगाइए।
हम आगे क कक्षाओं म जानगे क ऐसा क्य हुआ।
A
C
A
B
B
C
A C B
(a) (b) (c)
आकृ त 2.21 — तीन त्रभुज (a), (b) और (c), जनके कोण मापने ह।
त्रभुज के प्रत्येक कोने को मापकर जो ड़ए। आकृ त 2.21 (a) के लए—
Page 58 of 88
Page 60
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 2 रेखाएँ और कोण
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
m C
l as
m .co a g
l a se
a g
64°com
e m . ag
as
agl
co m
e m.
m l as
.co
68°
a g
se m
g l a 48°
a B
m a s
m .co agl
A
l a se
a g
आकृ त 2.21 (a) को चाँदे से मापने पर— 48° + 68° + 64° = 180°।
co m
m .
m as e
.co a g l
m
∠A + ∠B + ∠C = 48° + 68° + 64° = 180°
l a se
a g आकृ त 2.21 के शेष दोन त्रभुज के लए भी यही क जए—
se m
∠A com∠ B ∠C g l a
. a
त्रभुज योग
m
ase
agl
(a) 48° 68° 64° 180°
m
(b) 58° 63° 59° 180°
. co
m
ase
(c) 31° 52° 97° 180°
c o m l
gकोण
. a
a em
s कुछ भी हो।
अनु म ान: कसी भी त्रभु ज के तीन कोण का योग सदै व 180° — अथात् एक सरल — होता है, चाहे उसका आकार-प्रकार
agl c
m .
m a s e
co agl
एक संकेत दे ता चत्र: कागज के त्रभुज के तीन कोने फाड़कर उनके शीष को मलाते हुए साथ-साथ र खए। वे
m .
e
ठ क एक सीधी रेखा बना दे ते ह। पूरी उपप त्त आप आगे क कक्षा म पढ़गे।
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 59 of 88