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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा 2 · हद
एनसीईआरट समाधान
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अध्याय 24: गरे ताल म
चंदा मामा
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — सारंगी
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
114 – 115 2 5 हन्द
हर प्रश्न चरण-दर-चरण परी ा के अनुरूप
ग त व धयाँ, पाठ के प्रश्न और सभी केवल उत्तर नह , पूरी हल- व ध के अंक-योजना को ध्यान म रखकर लखे
अभ्यास। साथ। गए।
Solutions, notes, sample papers & more at 5 pages
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क ा 2 हद अध्याय 24 गरे ताल म चंदा मामा AglaSem · NCERT Solutions
क ा 2 · हद · सारं गी
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 24: गरे ताल म चंदा मामा
गरे ताल म चंदा मामा राजेश जोशी क क वता है। ताल म दखा चाँद जाल म नह आया।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
सारंगी (क ा 2) 114 – 115
खं ड प्रश्न
2 5
माध्यम
हन्द
शब्द का खेल — पृष्ठ 115
‘अचंभा’ शब्द और अपनी नई क वता
शब्द का खे ल
प्र.1 क वता (पृष्ठ 114):
गरे ताल म चंदा मामा,
सबने दे खा सबने दे खा,
फँसे जाल म चंदा मामा,
सबने दे खा सबने दे खा।
सबने दे खा एक अचंभा,
मछु आरे ने जाल समेटा,
कह नह थे चंदा मामा,
कहाँ गए जी चंदा मामा।
— राजेश जोशी
क वता म ‘अचंभा’ शब्द आया है। क वता पढ़कर अनुमान लगाइए क इस शब्द का अथ क्या हो सकता है?
अचंभा — ऐसी बात, जसे दे खकर हम हैरान हो जाएँ।
1. चाँद ताल म दख रहा था।
2. मछु आरे ने जाल समेटा।
3. पर जाल म चाँद नह था।
ऐसा क्य : यह दे खकर सब हैरान रह गए।
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क ा 2 हद अध्याय 24 गरे ताल म चंदा मामा AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: अपना अनुमान भी बो लए।
प्र.2 नीचे दए हुए कस वाक्य म ‘अचंभा’ शब्द का सही प्रयोग हुआ है?
यह दे खकर अचंभा हुआ क सूरज प्रकाश दे ता है।
यह दे खकर अचंभा हुआ क चाँद रात म दखता है।
यह दे खकर अचंभा हुआ क आधे मैदान म बा रश हुई और आधा मैदान सूखा था।
तीसरे वाक्य म — यह दे खकर अचंभा हुआ क आधे मैदान म बा रश हुई और आधा मैदान सूखा था।
ऐसा क्य : सूरज और चाँद क बात तो रोज़ होती ह। रोज़ क बात पर अचंभा नह होता।
प्र.3 इस क वता म चंदा मामा क जगह पर सूरज दादा कहकर इस क वता को प ढ़ए। अपनी नई क वता को कॉपी म
ल खए।
हर जगह ‘चंदा मामा’ क जगह ‘सूरज दादा’ ल खए।
नमूना उत्तर:
गरे ताल म सूरज दादा,
सबने दे खा सबने दे खा,
फँसे जाल म सूरज दादा,
सबने दे खा सबने दे खा।
सबने दे खा एक अचंभा,
मछु आरे ने जाल समेटा,
कह नह थे सूरज दादा,
कहाँ गए जी सूरज दादा।
मलकर प ढ़ए — पृष्ठ 115
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क ा 2 हद अध्याय 24 गरे ताल म चंदा मामा AglaSem · NCERT Solutions
सो चए और ल खए –
मलकर प ढ़ए सो चए और ल खए
प्र.1 मलकर प ढ़ए
चाँद क रोट ,
पानी म आई,
मछली फर भी,
खा न पाई।
— मोहम्मद सा जद खान
पृष्ठ 115 का चत्र: पानी म एक मछली है। पास म एक गोल, सफ़ेद चीज़ है।
चाँद क रोट कसे कहा गया है?
पानी म दखते गोल चाँद को।
1. रोट गोल होती है।
2. पूरा चाँद भी गोल होता है।
ऐसा क्य : पानी म चाँद रोट जैसा दखा।
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क ा 2 हद अध्याय 24 गरे ताल म चंदा मामा
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प्र.2 मलकर प ढ़ए
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चाँद क रोट ,
पानी म.आई, g l as
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a खा न पाई।
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— मोहम्मद सा जद खान
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मछली चाँद क रोट क्य नह खा पाई होगी?
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पानी म चाँद सच म नह था। वह केवल दख रहा था।
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1. चाँद तो आकाश म है।
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2. पानी म बस उसक परछाईं दखती है।
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3. उसे कोई पकड़ नह सकता।
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ऐसा क्य : इसी लए मछु आरे के जाल म भी चाँद नह आया।
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अध्याय — एक नज़र म
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रात म चाँद ताल म दखा।
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se मछु आरे ने जाल समेटा। चाँद कह नह था।
सबने खा, चाँद जाल म फँसा है।
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agl सबने यह अचंभा दे खा।
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मलकर प ढ़ए: मछली भी ‘चाँद क रोट ’ नह खा पाई।
‘आई’ और ‘पाई’ के अंत क आवाज़ एक जैसी .हैc।o g
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त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द इसका अथ क वता म पृ ष्ठ
ताल तालाब गरे ताल म चंदा मामा 114
चंदा मामा चाँद गरे ताल म चंदा मामा 114
जाल मछली पकड़ ने का जाल फँसे जाल म चंदा मामा 114
फँसे अटक गए फँसे जाल म चंदा मामा 114
अचंभा हैरानी वाली बात सबने दे खा एक अचंभा 114
मछु आरा मछली पकड़ ने वाला मछु आरे ने जाल समेटा 114
समेटा खी ंचकर इक ा िकया मछु आरे ने जाल समेटा 114
चाँद क रोट रोटी जैसा गोल चाँद चाँद क रोट , पानी म आई 115
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