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अ यास नप (स -II)
क ा- IX
वषय- सामािजक व ान ( वषय कोड- 087)
सुझावा मक अंक योज़ना
अव ध: 2 घंटे अ धकतम अंक: 40
न सं या खंड क
1 थम व व यु ध म जमनी क पराजय के बाद वसाय म हुई शां त सं ध क शत जमनी के लए काफ
अपमानजनक थी। इस सं ध क वजह से जमनी को अपने सारे उप नवेश, तकर बन 10% आबाद , 13% भूभाग,
75% लौह भंडार और 26% कोयला भंडार म रा के हवाले करना पड़ा। इसके अ त र त उसपर 6 अरब प ड का
जम
ु ाना भी लगाया गया। इन सं ध शत ने हटलर जैसे तानाशाह को उबरने का मौका दया। इससे हम कह सकते
ह क वतीय व व यु ध के बीज़ वसाय क सं ध म ह बो दए गए थे।
2 भारत म गर बी के मुख कारण-
I. जनसँ या क अ धकता
II. अश ा
III. यावसा यक श ा का अभाव
IV. औप नवे शक सरकार क नी तयाँ (कोई अ य मह वपण
ू बंद)ु
3 लोकतां क चुनाव के मानदं ड-
I. सामान मता धकार
II. चन
ु ाव म वक प उपल ध ह ,
III. नय मत अंतराल पर चुनाव,
IV. वतं एवं न प चुनाव (कोई अ य मह वपण
ू बंद)ु
4 द ण पि चमी मानसन
ू ी पवन मशः पव
ू से पि चम क ओर बढ़ती ह। इस म म इन पवन वारा लायी गई
जलवा प क मा ा घटती जाती है । अतः दे श के उ र भाग के पि चमी भाग म वषा पूव इलाक क अपे ा कम
होती जाती है।
(कोई अ य मह वपण
ू बंद)ु
5 I. गहृ यु ध के दौरान भी बो शे वक ने उ योग और बक के रा यकरण को जार रखा।
II. के कृत नयोजन क यव था को लागू कया गया।
III. कसान ने समय-समय पर सामू हक खेती करना शु कर दया था।
(कोई अ य मह वपण
ू बंद)ु
खंड ख
6 I. लड़ कय का फ़ज़ एक अ छ माँ बनना और शु ध आय र त वाले ब च को ज म दे ना था।
II. न ल क शु धता बनाए रखने, यहू दय से दरू रहने, घर संभालने और ब च को ना सी मू य-मा यताओं
क श ा देने का दा य व उ ह ह ं स पा गया था।
III. उ ह समझाया जाता था क औरत-मद के लए सामान अ धकार का संघष गलत है , या समाज को न ट
कर दे गा। (या कोई अ य मह वपूण बंद)ु
अथवा
i. यहूद
ii. जमनी म रहने वाले िज सी एवं अ वेत
iii. शार रक या मान सक प से अयो य यि त
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(या कोई अ य मह वपूण बंद)ु
7 i. सरकार के मख
ु होने के नाते कै बनेट क बैठक क अ य ता करना।
ii. व भ न वभाग के काय का सम वय करना।
iii. व भ न मं य को काम का वतरण एवं पुन वतरण करना।
(या कोई अ य मह वपूण बंद)ु
8 i. भारत म नधनता रे खा का आकलन सामा यतः हर पाँच वष पर तदश सव ण के मा यम से कया जाता
है। यह सव ण रा य तदश सव ण संगठन (एन. एस. एस. ओ.) वारा कराए जाते ह।
ii. भारत म नधनता रे खा का आकलन-
iii. a) कैलोर आव यकताओं के आधार पर ामीण े म 2400 कैलोर त यि त त दन और नगर य े
म 2100 कैलोर त यि त त दन
b) त यि त मौ क यय क गणना के वारा वष 2011-12 क गणना के अनस
ु ार ामीण े म 816
पए त यि त तमाह एवं नगर य े म 1000 पए त यि त तमाह है ।
खंड ग
9 I. दोन सदन के बीच मतभेद क ि थ त म अं तम फैसला दोन सदन क संयु त बैठक म कया जाता है।
सद य क सं या अ धक होने क ि थ त म लोकसभा के वचार को ाथ मकता मलने क संभावना रहती
है।
II. पैस के मामले म लोकसभा का अ धकार अ धक होता है। रा यसभा इससे स बं धत क़ानून को खा रज़ नह ं
कर सकती है और उसे पा रत करने म अ धक से अ धक 14 दन क दे र कर सकती है ।
III. रा यसभा धन वधेयक के स ब ध म संशोधन का सुझाव दे सकती है पर तु यह लोकसभा का अ धकार है
क वो इन सुझाव को माने या ना माने।
IV. लोकसभा मं प रषद को नयं त करती है । सफ वह यि त धानम ी बन सकता है िजसे लोकसभा म
बहुमत हा सल हो।
(या कोई अ य मह वपण
ू बंद)ु
अथवा
i. एक बार कसी यि त को सव च यायालय या उ च यायालय का यायाधीश नयु त होने के बाद उसे
संसद के अलग- अलग सदन के दो- तहाई बहुमत से अ व वास ताव पा रत करवा कर ह हटाया जा
सकता है ।
ii. अगर यायपा लका को लगता है क वधा यका वारा कोई कानून सं वधान के खलाफ है तो वो ऐसे कानून
को अमा य कर सकती है।
iii. इसी तरह जब उसके सामने कसी कानून या कायपा लका क कायवाह को चुनौती मलती है तो वे उसक
संवैधा नक वैधता तय करते ह।
iv. अदालत सरकार को नणय करने क शि त के द ु पयोग से रोकने के लए ह त ेप करती है।
v. वे सरकार अ धका रय को ट आचरण करने से रोकती है। (या कोई अ य मह वपूण बंद)ु
10 I. येक रा य म नधन लोग का अनप
ु ात एक सामान नह ं है।
II. वष 2011-12 म भारत म नधनता अनुपात 22% है ।
III. बहार और ओ डशा मशः 33.7 और 32.6 तशत नधनता औसत के साथ दो सवा धक नधन रा य
बने हुए ह।
IV. ओ डशा, म य दे श, बहार, उ र दे श म ामीण नधनता के साथ नगर य नधनता भी अ धक है ।
V. पंजाब और ह रयाणा जैसे रा य उ च कृ ष व ृ ध दर से नधनता कम करने म पारं प रक प से सफल रहे
ह।
अथवा
I. भारत म नधनता अनुपात म वष 1993-94 म लगभग 45% से वष 2004-05 म 37.2% तक मह वपण
ू
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गरावट आई है ।
II. वष 2011-12 म नधनता रे खा के नीचे नधन का अनुपात और भी गर कर 22% पर आ गया।
III. य द यह वृ रह तो अगले कुछ वष म नधनता रे खा से नीचे के लोग क सं या 20% से भी नीचे आ
जाएगी।
IV. य य प नधती रे खा से नीचे रहने वाले लोग का तशत पूव के दो दशक (1973-93) म गरा है , नधन
लोग क सं या वष 2004-05 म 407 म लयन से गरकर 270 म लयन वष 2011-12 िजसम औसतन
गरावट 2.2% वष 2004-05 से 2011-12 के बीच म हुई है ।
(या कोई अ य मह वपूण बंद)ु
खंड घ
11 1. उदारवाद समूह ‘लोकतं वाद ’ नह ं था। ये लोग सावभौ मक वय क मता धकार यानी सभी नाग रक को वोट
का अ धकार दे ने के प म नह ं थे। उनका मानना था क वोट का अ धकार केवल संप धा रय को ह
मलना चा हए।
2. रै डकल समूह के लोग ऐसी सरकार के प म थे जो दे श क आबाद के बहुमत के समथन पर आधा रत
हो। इनम से बहुत सारे लोग म हला मता धकार आंदोलन के भी समथक थे। उदारवा दय के वपर त ये लोग
बड़े ज़मींदार और संप न उ योगप तय को ा त कसी भी तरह के वशेषा धकार के खलाफ थे।
3. ढ़वाद तबका रै डकल और उदारवाद , दोन के खलाफ था। मगर ांसीसी ां त के बाद तो ढ़वाद भी
बदलाव क ज़ रत को वीकार करने लगे थे। पुराने समय म, यानी अठारहवीं शता द म ढ़वाद आमतौर
पर प रवतन के वचार का वरोध करते थे। ले कन उ नीसवीं सद तक आते-आते वे भी मानने लगे थे क
कुछ प रवतन आव यक हो गया है परं तु वह चाहते थे क अतीत का स मान कया जाए अथात ् अतीत को
पूर तरह ठुकराया न जाए और बदलाव क या धीमी हो।
12 1. उ णक टबंधीय पणपाती वन
2. आ पणपाती वन- दे श के पव
ू भाग उ र -पव
ू रा य , हमालय के ग रपद दे श , झारखंड, पि चमी
उड़ीसा, छ ीसगढ़ तथा पि चमी घाट के पूव ढाल म पाए जाते ह।
शु क पणपाती वन- ाय वीपीय पठार के ऐसे वषा वाले े , उ र दे श तथा बहार के मैदान म पाए जाते
ह।
3.
. सं. आ पणपाती वन शु क पणपाती वन
1 उन े म पाए जाते ह जहाँ 100 से॰मी॰ 200 उन े म पाए जाते ह जहाँ वषा 70
से॰मी॰ तक वषा होती है । से॰मी॰ से 100 से॰मी॰ के बीच होती है ।
2 सागोन इन वन क सबसे मुख जा त है। ायः सागोन, साल, पीपल तथा नीम के व ृ
बाँस, साल, शीशम, चंदन, खैर, कुसुम, अजन
ु उगते ह।
तथा शहतूत के व ृ यापा रक मह व वाल
जा तयाँ ह।
खंड ङ
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13.2
ि टबा धत व या थय के लए न
13.1 संयु त रा य अमे रका (या कोई अ य)
13.2 A ज मू और क मीर
B राज थान
C आं दे श