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CBSE Class 12 Sample Paper 2022 for Hindi Core Term 1

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Frequently Asked Questions

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Page 1

ितदश प 2021-22 िवषय - िहंदी (आधार)
(िवषय कोड - 302) क ा - बारहवी ं
िनधा रत समय : 90 िमनट अिधकतम अंक : 40 अंक
सामा िनदश :-
● इस प म तीन खंड ह।
● खं ड 'अ ' म तीस ों म से केवल पं ह ों का ही उ र दे ना है ।
● खं ड 'ब ' म छह ों म से केवल पां च ों का ही उ र दे ना है ।
● खं ड 'स ' म बाईस ों म से केवल बीस ों का ही उ र दे ना है।
● िनदशों को ब त सावधानी से पिढ़ए और उनका पालन कीिजए
● इस प म व ुपरक पूछे गए ह।
● ेक के उ र म चार िवक िदए गए ह।
● िवक ों म से सबसे उिचत का चयन सावधानीपूवक कीिजए।

खंड अ अपिठत बोध अं क
सं ा 15
अपिठत ग ांश पर आधा रत 10
िन िल खत ग ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 10
भारत म जन-आं दोलनों का लंबा इितहास रहा है। िपछले दो-तीन दशकों म शहरी
एवं िशि त म यवग य लोगों के बीच इस मसले पर सचेत समझदारी िवकिसत ई
है । िवकास के आधुिनक सं करण ने पा र थितकीय संतुलन एवं िवकास ाथिमकताओं
के म य ं की थित खड़ी कर दी है। इसने कई जन आं दोलनों को ज िदया
है । 70 का दशक सामािजक आं दोलनों के िलहाज से ब त मह पूण है। सामािजक
आं दोलनों के संदभ म इसे पैराडाइम िश की तरह दे खा जाता है। इसी दशक म
महाआ ानों के बर छोटे मु ों ने वैि क र पर अपनी छाप छोड़ी। चाहे वह
मिहला आं दोलन हो या िफर मानवािधकार आं दोलन या िफर म वग के आं दोलन
हो या शां ित आं दोलन। पयावरणीय आं दोलन इसी म म एक मह पूण कड़ी समझी
जाती है । यह आं दोलन सन 1973 म एक सुबह शु आ जब चमोली िजले के सुदूर
पहाड़ी क े गोपे र म इलाहाबाद की खेल का सामान बनाने वाली फै ी के लोग
दे वदार के दस वृ काटने के उ े से प ँचे। आरं भ म ामीणों ने अनुरोध िकया
िक वे वृ ना काट परं तु जब ठे केदार नही ं माने तब ामीणों ने िच त वृ ों का
घेराव िकया और उससे िचपक गए। परािजत ठे केदारों को िववश होकर वापस जाना
पड़ा। कुछ स ाह बाद ठे केदार पुनः वापस आए और उ ोंने िफर पेड़ काटने की
कोिशश की। 50 वष य गौरा दे वी के नेतृ म यों ने इसका ितरोध करते ए
जं गल जाने वाले माग को अव कर िदया। उनका कहना था िक 'यह जंगल हमारा
मायका है और हम पूरी ताकत से इसे बचाएँ गी'।

इस आं दोलन की अि म पं की सैिनक मिहलाएँ थी ं िजनका काय े घर के अंदर
चौके और चू े तक सीिमत माना जाता है। भारत म जंगल को लेकर दो तरह के
ि कोण िव मान ह। पहला है जीवनो ादक तथा दू सरा है जीवन िवनाशक िजसे
दू सरे श ों म 'औ ोिगक भौितकवादी ि कोण' भी कहा जाता है। जीवनो ादक
ि कोण जंगल के संसाधनों की िनरं तरता तथा उनम नवीन संभावनाओं को ीकार
करता है तािक भोजन तथा जल संसाधनों का कभी ना ख होने वाला भंडार बना

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रहे । जीवन िवनाशक ि कोण कारखानों तथा बाजार से बँधा आ है जो जंगल के
संसाधनों का अिधकािधक दोहन अपने ावसाियक लाभ के िलए करना चाहता है।
आं दोलन के आरं िभक िदनों बाहरी ठे केदारों को भगाने म थानीय ठे केदारों ने भी
इनका भरपूर सहयोग िकया ोंिक इनके ावसाियक िहत भी बािधत हो रहे थे,
परं तु उनके जाने के बाद एक सरकारी िनकाय (द फॉरे डे वेलपमट कारपोरे शन)
ने िफर वहाँ के थानीय ठे केदारों की सहायता से लकड़ी कटाई का काय शु
िकया। यों ने यह दे खते ए अपने आं दोलन को आगे बढ़ाते ए जंगल के दोहन
के िव अपना संघष जारी रखा। वन िवभाग के कई अिधका रयों ने यों को
यह समझाने का भी यास िकया िक जं गल लकड़ी का मु नाफा दे ते है। इसिलए उ
वे काट रहे ह और जो लकिड़याँ काटी जा रही है उनका जंगल के िलए कोई उपयोग
नही ं है। वे जजर और ठूँठ है। मिहलाओं ने उ समझाया िक दरअसल यह जंगल
के नवीनीकरण की ि या है िजसम पुराने तथा जजर ए पेड़ नए पेड़ों के िलए
जै िवक खाद का काय करते ह। जं गल के संबंध म मिहलाओं की समझ ने िचपको
आं दोलन को एक नई िदशा दी।
❖ िन िल खत 10 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 10x1
=10
1 जन आं दोलन के ित शहरी म मवग के नज़ रए के बारे म लेखक का ा अिभमत 1
है?
1. यह वग जन आं दोलन के ित उदासीन होता है।
2. यह वग जन आं दोलन का िवरोध करता है।
3. इस वग म जन आं दोलन को लेकर जाग कता बढ़ी है।
4. जन आं दोलन शहरी म म वग से असंबंिधत होते ह।
2 स र के दशक के सामािजक आं दोलनों की ा िवशेषता है? 1
1. अंतररा ीय सामािजक चेतना के िलए आं दोलन
2. दु िनया का इन आं दोलनों की ओर ानाकषण
3. सामािजक आं दोलनों म ा आिथक ता
4. सामािजक आं दोलनों का िहं सक प
3 पयावरण संबंधी जन आं दोलन के ज के ा कारण ह? 1
1. पा र थितक संतुलन और िवकास की ाथिमकता म ं
2. िशि त व कायकुशल यु वाओं को रोज़गार के या अवसरों की कमी
3. मृ दा का अपरदन तथा कृिष के िलए भूिम का कम होना
4. पवतीय े ों म वनों की कटाई से भू लन के कारण बढ़ती जान माल की हािन
4 "जं गल हमारा मायका है" - से गौरा दे वी का ा आशय था? 1
1. गौरा दे वी का पैतृक गाँ व जंगल म होने से उ जंगल से अटू ट ार था ।
2. जं गल से िमलने वाले सं साधनों पर गौरा दे वी का गां व िनभर था।
3. जंगल म दे वी अर ानी का वास था तथा गौरा दे वी उनकी भ थी ं ।
4. जंगल हम माँ की तरह जीवनाव क ोत जै से ऑ ीजन दे ते ह ।
5 िचपको आं दोलन िकस तरह का जनआं दोलन था? 1
1. मिहलायों ारा रा ा रोककर शहरों ारा गाँ व की लकड़ी न ले जाने के िलये
आं दोलन
2. पयावरण संर ण के िलए थानीय आं दोलन
3. मिहलाओं ारा रोजगार के िलए आं दोलन
4. मिहला अिधकारों के संर ण का आं दोलन

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6 जं गल के वृ ों को संसाधन समझकर उनकी अंधाधुंध कटाई िकस तरह के ि कोण 1
का माण है?
1. जीवनो ादक ि कोण
2. औ ोिगक भौितकवादी ि कोण
3. औ ोिगक िवकास का भौ तकशा ीय ि कोण
4. पयावरण संसाधन संर ण जीवनो ादक ि कोण
7 िचपको आं दोलन के दौरान आं दोलनकारी मिहलाओं ने जजर और ठूंठ लकिड़यों के 1
ा लाभ बताए?
1. इनकी जंगल के भू िम कटाव को रोकने म अहम भू िमका है।
2. इनके कारण जै िवक पा र थितकी संतुलन कायम रहता है ।
3. ये पौधों की अगली पीढ़ी के िलये भू िम की उवरता बढाती ह ।
4. ये जंगल के छोटे जीवों को आवास दान कर उ सुर ा दे ती ह ।
8 िचपको आं दोलन के दौरान थानीय ठे केदारों का ा उ े था ? 1
1. बाहरी ठे केदारों को बाहर खदे ड़ना था।
2. वनों के संर ण को बढ़ावा दे ना था।
3. ामीण मिहलाओं को काम काज के दू सरे अवसर दान करना ।
4. आं दोलन को अ व थत करना था।
9 गंभीर मु ों पर मिहलाओं की भू िमका को यह ग ां श िकस कार रे खां िकत करता है ?
1. घर और बाहर दोनों म मिहलाओं की थित एक - समान है।
2. ामीण मिहलाएं यिद िन य कर ल तो जीत उनकी ही होती है ।
3. घर तथा खे ती काय के कारण मिहलाय िवकास काय म भाग नही ं ले पाती ह ।
4. समझ िश ा के परे प रवेश और सं ृ ित म भी िनिहत होती है ।
10 ले खक का "जीवनो ादक ि कोण" से ा आशय है ?
1. ाकृितक संसाधनों की उपल और मां ग म सामं ज ।
2. यह ाकृितक संसाधनों के दोहन का रे खां कन ।
3. आव ता से अिधक उ ादन कर उसे खपाने के िलये बाज़ार बनाना ।
4. यह ि कोण ावसाियक उ ित की ओर उ ुख है ।
अथवा (अपिठत ग ांश पर आधा रत )
िन िल खत ग ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 10
'िवकास' का सवाल आज िवमश के क म है। आधुिनकता के ितफल के प म गट
ई 'िवकास' की अवधारणा के बारे म लोगों का िव ास था िक िवकास की यह अद् भुत
घटना आधुिनक मनु को अभाव, समाज और कृित की दासता एवं जीवन को िवकृत
करने वाली श यों से मु िदला दे गी। लेिकन आधुिनक िवकास के जो दे खे थे
उसके अपेि त प रणाम सामने नही ं आए। इसके फल प लोगों का मन वैक क
उपायों के बारे म सोचने लगा है । इस म म हम बरबस कुमार ा के िवचार याद याद
आते है िज ोंने इस बात को मजबूती के साथ रखा है िक िवकास की जो गां धीवादी
अवधारणा है वही साथक एवं िटकाऊ है ।

जे .सी. कुमार ा का आिथक दशन ापक और मौिलक है। कुमार ा का आिथक
िचं तन गां धीवादी अिहंसा प ित पर आधा रत होने के कारण की तं ता,
सृजनशीलता तथा दै िनक काम से उसके थ संबंध को मह पूण मानता है। कुमार ा
के अनु सार िकसी के दै िनक कामों म ही उसके सभी आदश, िस ां त और धम कट हो
जाते है। यिद उिचत रीित पर काम िकया जाए तो वही काम मनु के , के

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िवकास का प बन जाता है । कुमार ा बढ़ते ए म िवभाजन के सदं भ म वे िलखते
है - ''चीजों के बनाने की प ित म क ीकरण के अंतगत जो म-िवभाजन होता है, जो
िक डड माल तैयार करने के िलए आव क है, उसम गत कारीगरी िदखाने का
कोई अवसर नही ं िमलता। कि त उ ोग म काम करने वाला उस बड़ी मशीन का एक
पुजा भर बनकर रह जाता है। उसकी तं ता और उसका समा हो जाता
है ।"

कुमार ा के ये िवचार आज के यंचिलत मशीन आधा रत महाकाय उ ोगों म कायरत
मजदू रों के जीवन का अ यन करने पर उन िवचारों की स ता को िस करते
ह। आज इस बात को ले कर कोई दो राय नही ं है िक क ीय उ ादन व था, अपने
दु गुणों से छु टकारा नही ं पा सकती। वह और भयावह तब बन जाती है जब वह
''आव कता के अनुसार उ ादन'' के बजाय ''बाजार के िलए उ ादन'' पर ान कि त
करती है । बेतहाशा उ ादन बाजार की तलाश करने के िलए िववश होता है तथा उसका
अं त गलाकाट पर र होड़ तथा यु , उपिनवेशवाद इ ािद म होता है।

कुमार ा उपरो त ों को भलीभाँित परख चुके थे तथा थायी ोतों के दोहन पर
ान दे ने तथा उ िवकिसत करने पर जोर दे ते रहे। कुमार ा 'िवकास' की िजस
अवधारणा की बात करते ह, उसके क म कृित एवं मनु है। मनु की सु श यों
के िवकास के िलए अनु कूल वातावरण िनमाण करना ही स े िवकास का उ े है।
❖ िन िल खत 10 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 10
11 अवतरण के अनुसार ‘िवकास’ िकसका ितफल है? 1
1. आन मयता
2. िव ीय चु रता
3. अवाचीनता
4. शै ि कता
12 िवकास के फल प ा प रवतन आ? 1
1. मनु के अभावों का िव ार
2. मनु के अभावों का अंत
3. मनु की दासता से मु
4. सामिजक सम ाओं का अंत
13 िवकास के वैक क उपायों के बारे म िचंतन ों आरं भ आ? 1
1. कोिवड महामारी फैलने के कारण
2. पयावरण म आये बदलावों के कारण
3. ािशत फल न िमलने के कारण
4. िव राजनीित म बदलाव के कारण
14 अवतरण के अनुसार िवकास की ि या कैसी होनी चािहए? 1
1. जो सामािजक असमानता को समा कर दे
2. जो िव ान की मदद से जीवन दीघायु कर सके
3. जो साथक तथा दू रगामी प रणामों पर कि त हो
4. िजसम ल की ा सव प र हो
15 अवतरण के अनुसार क ीकृत म णाली से ा होता है ? 1
1. उ ादों की गुणव ा म वां छनीय सुधार
2. गत सृजना कता का ास

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3. ित आिथक आय म घाटा
4. ित रोज़गार अवसरों म कमी
16 कुमार ा के अनु सार के दै िनक काय के िवषय म स कथन कौन सा है? 1
1. यह जीवन यापन हे तु आव कता पूित के िलए होते ह
2. यह उसकी िवचारधारा पर आधा रत होते ह
3. यह उसकी िच एवं मता के अनुसार होते ह
4. यह सामािजक बं धनों के दायरे म बंधे होते ह
17 कुमार ा िन िल खत म से िकस िवचारधारा के समथक तीत होते है? 1
1. तैयार व ुओं एवं उ ादों का आयात
2. नये उ मों से औ ोिगक आ िनभरता
3. अथ व था का उदारीकरण
4. उ ोगों का वै ीकरण एवं िनजीकरण
18 क ीय उ ादन व था के िवषय म ा अस है? 1
1. कम समय म अिधक मा ा म गुणव ापूण माल का उ ादन
2. आव कता से अिधक उ ादन
3. आव कतानुसार उ ादन
4. कम िनवेश म अिधक िनगत
19 अथ व था म ितयोिगता का ा प रणाम होगा? 1
1. नये ग ा क बाज़ारों पर अिधकार हे तु पार रक टकराव
2. उपभो ाओं को स ी दरों पर अ ी व ुओं की उपल
3. िवकासशील दे शों म स े म आधा रत उ ोगों का िवकास
4. िवकासशील दे शों म कर चोरी की घटनाओं म बढ़ोतरी
20 कुमार ा के अनु सार शा त िवकास का ल ा है? 1
1. दे शों की ित आय के पूण र को बढ़ाना
2. जीवन र के भौितक मानकों म सुधार करना
3. मनु की संभािवत मताओं का िवकास
4. सभी मनु ों म आिथक समानता पैदा करना
अपिठत प ांश पर आधा रत अं क
5
िन िल खत प ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 5
शांित नही ं तब तक, जब तक
सुख - भाग न नर का सम हो,
नही ं िकसी को ब त अिधक हो,
नही ं िकसी को कम हो।
ऐसी शांित रा करती है
तन पर नहीं, दय पर,
नर के ऊँचे िव ासों पर
ा, भ , णय पर।
ाय शांित का थम ास है
जब तक ाय न आता।
जै सा भी हो महल शांित का,
सु ढ़ नहीं रह पाता।

Page 6

कृि म शां ित शशंक आप,
अपने से ही डरती है ,
खड़ग छोड़ िव ास िकसी का,
कभी नहीं करती है ।
और िज इस शांित - व था
म सुख - भोग सुलभ है ,
उनके िलए शांित ही जीवन,
सार, िस दु लभ है ।
❖ िन िल खत 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 5
21 सामािजक जीवन म अशां ित का ा कारण है ? 1
1. आनं द का अभाव
2. समता का अभाव
3. वा िवकता का अभाव
4. ीित का अभाव
22 कृि म शां ित से ा हािन संभव है ? 1
1. ाय िमलता है, शां ित नही ं
2. िव े ष िव ार पाता है
3. वा िवक संबंधों के थान पर कृि म भावों का सार
4. ाकृ तक के बजाय कृ म संसाधन क बहुलता
23 का ां श का संदेश ा हो सकता है ? 1
1. समता व ाय का समाज म पोषण करना चािहए
2. कृि म शां ित और समान अवसर दान करना चािहए
3. यो ता के आधार पर ही जीवन संसाधनों का बंटवारा होना चािहए
4. कृि म िव ान की सहायता से ाकृितक शां ित थािपत करनी चािहए
24 किव िकस कार की शां ित को मह पूण मानता है ? 1
1. ाय और आिथक समानता पर आधा रत
2. कृि म शां ित और आिथक समानता पर आधा रत
3. कृि म शां ित से वै ि क संघष के समाधान पर आधा रत
4. ा, भ , णय व ाग आधा रत
25 दे श - समाज म शां ित - थापना का थम ास ाय को ों बताया गया है ? 1
1. केवल ाय और व था ारा ही समाज म शां ित संभव है
2. समानता का वहार ाय के प ात होता है
3. कृि म ाय भी ाय को सुढृढ़ करता है
4. ायालय अ ाय के िख़लाफ़ यािचका का थम सोपान ह
अथवा (अपिठत प ांश पर आधा रत )
िन िल खत प ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 5
भु ने तुमको कर दान िकए,
सब वांिछत व ु िवधान िकए।
तुम ा करो उनको न अहो,
िफर है िकसका वह दोष कहो ?
समझो न अल िकसी धन को,
नर हो न िनराश करो मन को।

Page 7

िकस गौरव के तुम यो नहीं,
कब कौन तु सुख भो नही ं ?
जन हो तु म भी जगदी र के,
सब है िजसके अपने घर के।
िफर दु लभ ा है उसके मन को ?
नर हो, न िनराश करो मन को।
करके िविध - वाद न खे द करो,
िनज ल िनरं तर भेद करो।
बनता बस उ म ही िविध है,
िमलती िजससे सुख की िनिध है।
समझो िधक् िन य जीवन को,
नर हो, न िनराश करो मन को।
❖ िन िल खत 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 5x1=
5
26 वां िछत व ुओं को ा न कर सकने म िकसका दोष है ? 1
1. अकम मनु ों का
2. समाज म ा असमानता का
3. िनराश नर ना रयों का
4. िनराशाजनक प र थितयों का
27 िविध - वाद का खे द कौन करते ह ? 1
1. भा वादी लोग
2. िविधव ा लोग
3. प र मी लोग
4. भा शाली लोग
28 इस का ां श से ा ेरणा िमलती है ? 1
1. नर ह, अतः िनराश न हों
2. आशा के साथ जगदी र पर भरोसा रख
3. ल है , अतः पाने का यास कर
4. िनयित िनि त है, अतः ती ा कर
29 इस का ांश से किव के कौन - से िवचारों का प रचय िमलता है ? 1
1. किव अल धन अिजत कर गौरव ा के िलये ेरणा दे रहे ह
2. किव बता रहे ह भगवान जी के िलये सभी जन एक समान ह
3. किव कम ेवािधकार े का माग अपना कम करने को कह रहे ह
4. किव कह रहे ह िनराशा ाग कर िनयित ीकार करनी चािहये
30 किव आ क है, इसका पता कौन - सी पं से चलता है ? 1
1. समझो न अल िकसी धन को,
नर हो न िनराश करो मन को।
2. करके िविध - वाद न खे द करो,
िनज ल िनरं तर भेद करो।
3. जन हो तुम भी जगदी र के,
सब है िजसके अपने घर के।
4. बनता बस उ म ही िविध है,
िमलती िजससे सुख की िनिध है ।

Page 8

खं ड 'ब ' अिभ और मा म के पाठों पर आधा रत 5
अं क
िन िल खत म से िक ी 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए 5
:-
31 ों का िकस मा म म अिधक मह होता है? 1
1. समाचार प
2. रे िडयो
3. टे लीिवज़न
4. इं टरने ट
32 उ ा िपरािमड शै ली म समाचार िकतने भागों म बाँ टा जाता है? 1
1. तीन
2. चार
3. पाँ च
4. दो
33 सवािधक खच ला जनसंचार मा म कौन-सा है ? 1
1. रे िडयो
2. टे लीिवज़न
3. समाचार प
4. इं टरने ट
34 समाचार संगठन म काम करने वाले िनयिमत वेतनभोगी प कार को ा कहते ह? 1
1. ी लां सर
2. पूणकािलक
3. अंशकािलक
4. अ कािलक
35 इनम समाचार प की आवाज िकसे माना जाता है? 1
1. फीचर
2. संपादक के नाम प
3. संपादकीय
4. ंभ ले खन
36 फीचर लेखन की शै ली िन िल खत म से िकस शैली के िनकट है ? 1
1. का ा क
2. कथा क
3. व ा क
4. पा क
खंड 'स ' पा पु क व अनुपूरक पु क 22
पिठत का ांश पर आधा रत अं क
िन िल खत प ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 5
जाने ा र ा है,जाने ा नाता है
िजतना भी उँ ड़ेलता ँ ,भर भर िफर आता है
िदल म ा झरना है?
मीठे पानी का सोता है
भीतर वह, ऊपर तुम

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मुसकाता चाँद ों धरती पर रात-भर
मु झ पर ों तु ारा ही खलता वह चे हरा है!

सचमुच मुझे द दो िक भूलूँ म भूलूँ म
तु भूल जाने की
दि ण ुवी अंधकार-अमाव ा
शरीर पर,चेहरे पर, अं तर म पा लूँ म
झे लूँ मै, उसी म नहा लूँ म
इसिलए िक तुमसे ही प रवेि त आ ािदत
रहने का रमणीय यह उजेला अब
सहा नही ं जाता है ।
नही ं सहा जाता है।
❖ िन िल खत 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 5
37 जाने ा र ा है ,जाने ा नाता है 1
िजतना भी उँ ड़ेलता ँ,भर भर िफर आता है
पं यों का आशय है
1. किव के मन म आ ावनकारी ार है
2. किव र े की नीवं की िसं चाई कर रहे ह
3. किव स े श दे रहे ह र े नातों की दे खभाल करनी पड़ती है
4. र े नातों की प रभाषा ब त किठनतर है
38 किव अप रभािषत स ा से कैसे भािवत है ? 1
1. आं त रक प से
2. बाहरी प से
3. आं त रक तथा बाहरी प से
4. िदल िदमाग दोनों की गहराईओं से
39 किव अप रभािषत स ा िजससे वे भािवत ह उसे भू लना ों चाहते ह ? 1
1. किव क ना से िनकल यथाथ म आना चाहते ह
2. किव अबोध ेयसी से ेम करने की भूल का दं ड चाहते ह
3. किव ार की न रता से प रिचत हो गये ह इसिलये उसे भू लना चाहते ह
4. किव बाद म िवरहाि से बचने के िलये उसे अभी भूलना चाहते ह
40 अं धकार - अमाव ा के िलए दि णी - ुव िवशेषण का योग िकया गया। इसके योग से पं 1
म ा बढ़ जाता है ?
1. िवशे षण - िवशेष का संबंध थािपत होगा
2. अँधेरे का घन बढ़ जाएगा
3. अंधकार म रहना संभव हो सकेगा
4. किव को दं ड िमल सकेगा
41 प रवेि त आ ािदत होने पर भी उजाला िकस कार संभव है ? 1
1. आ ािदत होने के बावजू द भा िकरण बीच बीच म आ रही ह
2. किव िजससे भािवत है वह दी मान है
3. दि ण ुव म िहम आ ादन के बावजू द छह मास उजाला होता है
4. किव को परावितत काश के कारण उजाले का म हो रहा है
पिठत ग ां श पर आधा रत अं क
िन िल खत ग ांश को ानपूवक पिढ़ए :- 5

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ले िकन इस बार मने साफ इं कार कर िदया। नहीं फकना है मुझे बा ी भर-भर कर पानी इस गंदी
मे ढक-मं डली पर। जब जीजी बा ी भर कर पानी ले गई उनके बूढ़े पाँ व डगमगा रहे थे, हाथ काँ प
रहे थे , तब भी म अलग मुं ह फुलाए खड़ा रहा । शाम को उ ोने लड् डू-मठरी खाने को िदए तो मने
उ हाथ से अलग खसका िदया। मुं ह फेरकर बैठ गया, जीजी से बोला भी नहीं । पहले वे भी
तमतमाई , ले िकन ादा दे र तक उनसे गु ा नही ं रहा गया। पास आकार मे रा सर अपनी गोद म
ले कर बोली ं,”दे ख भै या ठ मत। मे री बात सुन। यह सब अंधिव ास नहीं है। हम इ पानी नहीं
दगे तो इं भगवान हम पानी कैसे दगे?” म कुछ नही ं बोला। िफर जीजी बोली ं । “तू इसे पानी की
बरबादी समझता है पर यह बरबादी नहीं है । यह पानी का अ चढ़ाते ह, जो चीज मनु पाना
चाहता है उसे पहले दे गा नही ं तो पाएगा कैसे ?इसीिलए ऋिष- मु िनयों ने दान को सबसे ऊंचा थान
िदया है ।“
❖ िन िल खत 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए :- 5
42 ले खक ने मढक- मं डली पर पानी फकने से इं कार ों कर िदया होगा? 1
1. पानी बबाद नही ं करने के कारण
2. मढक- मं डली को गंदे लोगों की ेणी म रखने के कारण
3. पानी फकने को बरबादी मानने के कारण
4. लोकमा ताओं म िव ास नहीं होने के कारण
43 अपने डगमगाते पाँ व पर भी जीजी बा ी भर कर पानी ों फक रही थी? 1
1. ोंिक लेखक पानी फकने से इं कार कर िदया था
2. पानी फकना आव क मानने के कारण
3. लोकमा ता म िव ास रखने के कारण
4. अंधिव ास म िव ास के कारण
44 ले खक जीजी से नाराज़ ों हो रहा था? 1
1. जीजी ारा पानी फकने के कारण
2. ले खक की बात नहीं मानने के कारण
3. ले खक और जीजी म वैचा रक अंतर होने के कारण
4. जीजी के अंधिव ासी होने के कारण
45 जीजी अिधक दे र तक लेखक से गु ा ों नही ं रह सकी ? 1
1. ले खक की बात समझ जाने से
2. ले खक को समझाना चाहती थी
3. ले खक से ेम करने के कारण
4. ले खक की नासमझी के कारण
46 पानी का अ चढ़ाने से आप ा समझते ह? 1
1. पानी का दान दे ना
2. पानी इं भगवान को समिपत करना
3. पानी का साद चढ़ाना
4. पानी का मह बताना
पा पु क के पिठत पाठों पर आधा रत अं क
िन िल खत म से िक ी 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए 5
:-
47 बाजार को शै तान का जाल ों कहा गया है ? 1
1. सब कुछ खरीदने के लालच के कारण
2. मनु की सोच पर क ा कर लेने के कारण
3. बाजार के िगर मे आने के कारण

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4. अतृ रहने के कारण
48 िकन प र थितयों म हमारा मन िशिथल हो जाता है? ‘एक गीत किवता के आधार पर िल खए 1
1. उ ाह के अभाव म
2. ेरणा के अभाव म
3. ल के अभाव म
4. श के अभाव म
49 ‘कैमरे म बंद अपािहज किवता के मा म से किव ने संचार मा म के िकस प को सामने 1
रखा है ?
1. संवेदनशील
2. मानवीय
3. असंवेदनशील
4. अमानवीय
50 किवता की उड़ान िचिड़या ों नही ं जान सकती? 1
1. सीिमत संभावनाओं के कारण
2. सीिमत श के कारण
3. क ना श के अभाव के कारण
4. अपनी सीिमत सीमाओं के कारण
51 भ न पाठ के आधार पर पंचायतों की ा त ीर उभरती है? 1
1. पंचायत गूंगी, लाचार और अयो ह
2. वे सही ाय नहीं कर पातीं
3. वे दू ध का दू ध और पानी का पानी करती ह
4. वे अपने ाथ को पू रा करती ह
52 कैमरे म बंद अपािहज किवता के आधार पर काय म बनाने वाले उसकी सफलता का आधार 1
िकसे मानते ह
1. दशकों के सामने अिधक से अिधक सही त ों का उिचत िव ेषण करने से
2. अिधक से अिधक दशकों को अपना काय म िदखाकर उसकी टी आर पी बढ़ाने से
3. दशकों की भावनाओं को िकसी भी हाल म उ ेिजत करने से
4. ऐसे त ों को उजाकर करने से जो जनता से िछपाये गए ह या िजनसे वो अनजान है
अनुपूरक पा पु क के पाठों पर आधा रत अं क
िन िल खत म से िक ी 05 ों के उ र के िलए सबसे उिचत िवक ों का चयन कीिजए 5
:-
53 कहानी ‘िस र वे िडं ग‘ म िकशनदा की मृ ु के संदभ म ‘जो आ होगा ‘से कहानीकार का ा 1
ता य रहा है?
1. ले खक मृ ु से ब त दु खी है
2. ले खक को मृ ु का कारण पता है
3. ले खक मृ ु के कारण से अप रिचत है
4. ले खक को मृ ु से कोई अंतर नहीं पड़ता है
54 िकशन दा के रटायर होने पर यशोधर बाबू उनकी सहायता नहीं कर पाये थे ोंिक – 1
1. यशोधर बाबू की प ी िकशन दा से नाराज थी
2. यशोधर बाबू के घर म िकशनदा के िलए थान का अभाव था
3. यशोधर बाबू अपने प रवार को नाराज नहीं करना चाहते थे
4. यशोधर बाबू के ाव को िकशनदा ने अ ीकार कर िदया था

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55 “जू झ” पाठ के अनु सार किवता के ित लगाव से पहले और उसके बाद अकेलेपन के ित लेखक 1
की धारणा म ा बदलाव आया?
1. अकेलापन डरावना है
2. अकेलापन उपयोगी है
3. अकेलापन अनाव क है
4. अकेलापन सामा ि या है
56 “जू झ”पाठ के अनु सार – पढ़ाई- िलखाई के संबंध म ले खक और द ा जी राव का रवैया सही था “ 1
ोंिक
1. ले खक खेती बाड़ी नहीं करना चाहता था
2. द ा जी राव जानते थे की खे ती बड़ी म लाभ नही ं ह
3. ले खक का पढ़ – िलख कर सफल होना ब त आव क था
4. ले खक का िपता नहीं चाहता था की वह आगे की पढ़ाई करे
57 कहानी ‘िस र वैिडं ग के अनु सार –“यशोधर बाबू की प ी समय के साथ ढल सकने म सफल 1
होतीं ह ले िकन यशोधर बाबू असफल रहते ह “- यशोधर बाबू की असफलता का ा कारण था?
1. िकशनदा उ भड़काते थे
2. प ी ब ों से अिधक ेम करती थी
3. पीढ़ी के अंतराल के कारण
4. वे प रवतन को सहजता से ीकार नहीं कर पाते थे
58 “जू झ' कहानी से लेखक की िकस वृि का उद् घाटन आ है? 1
1 . ानपूणता
2 . हठधिमता
3 . कुिटलता
4 . संघषमयता

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSample Paper
Pages12
Languagehindi
Updated30 Apr 2026