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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा 2 · हद
एनसीईआरट समाधान
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अध्याय 21: हाथी साइ कल
चला रहा था
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — सारंगी
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
103 – 108 4 12 हन्द
हर प्रश्न चरण-दर-चरण परी ा के अनुरूप
ग त व धयाँ, पाठ के प्रश्न और सभी केवल उत्तर नह , पूरी हल- व ध के अंक-योजना को ध्यान म रखकर लखे
अभ्यास। साथ। गए।
Solutions, notes, sample papers & more at 7 pages
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कक्षा 2 हद अध्याय 21 हाथी साइ कल चला रहा था AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 2 · हद · सारं गी
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 21: हाथी साइ कल चला रहा था
हाथी साइ कल चला रहा था श्याम सुशील क आनंदमयी क वता है। चढ़ाई पर हाथी हाँफ गया, तो नन्ही च ट ने धक्का दया।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
सारंगी (कक्षा 2) 103 – 108
खं ड प्रश्न
4 12
माध्यम
हन्द
बातचीत के लए — पृष्ठ 104
आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
बातचीत के लए
प्र.1 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
हाथी …………………… चला रहा था, उसके पीछे …………………… बैठ थी।
हाथी साइ कल चला रहा था, उसके पीछे च ट बैठ थी।
क वता म: “हाथी साइ कल चला रहा था,
पीछे च ट बैठ थी,”
संकेत: खाली जगह के शब्द क वता म ही ह।
प्र.2 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
हाथी मज़े से …………………… था और च ट …………………… थी।
हाथी मज़े से झूम रहा था और च ट शान से ऐंठ थी।
क वता म: “झूम रहा था हवा म हाथी,
च ट शान से ऐंठ थी।”
संकेत: ‘ऐंठ थी’ का अथ है, अकड़कर बैठ थी।
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प्र.3 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
आगे सीधी …………………… आई और साइ कल चलाते-चलाते हाथी …………………… लगा।
आगे सीधी चढ़ाई आई और साइ कल चलाते-चलाते हाथी हाँफने लगा।
क वता म: “तभी चढ़ाई सीधी आई,
लगे हाँफने हाथी द ा,”
ऐसा क्य : चढ़ाई पर साइ कल चलाना क ठन है। इससे साँस फूल जाती है।
प्र.4 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
साइ कल …………………… क आवाज़ करती हुई रुक गई और उसका …………………… सरकने लगा।
साइ कल चरर-मरर-चूँ क आवाज़ करती हुई रुक गई और उसका चक्का पीछे सरकने लगा।
क वता म: “चरर-मरर-चूँ रुक साइ कल,
लगा सरकने पीछे चक्का।”
ऐसा क्य : चढ़ाई पर रुक साइ कल नीचे क ओर सरकती है।
प्र.5 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
हाथी क सहायता करने के लए च ट चट से …………………… कूद और उसने हाथी को कहा क
…………………… आप बलकुल भी मत ……………………।
च ट चट से साइ कल से कूद और उसने हाथी को कहा क द ा आप बलकुल भी मत घबराना।
क वता म: “च ट चट कूद साइ कल से,
बोली-मत घबराना द ा,”
ऐसा क्य : च ट हाथी को प्यार से ‘द ा’ कहती है।
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प्र.6 आइए, इस क वता पर एक कहानी बनाएँ। दए गए खाली ान को भरकर कहानी पूरी क जए –
आप बस पैडल पर अपने …………………… मारो, म ँ न, म …………………… धक्का।
आप बस पैडल पर अपने पाँव मारो, म ँ न, म दे ती ँ धक्का।
क वता म: “आप पाँव पैडल पर मारो,
म ँ न, दे ती ँ धक्का!”
ऐसा क्य : छोट च ट भी दोस्त क मदद करती है।
मेरी कहानी — पृष्ठ 104
इस क वता म भी एक कहानी छु पी है, आप उस कहानी को आगे बढ़ाइए –
मे री कहानी
प्र.1 इस क वता म भी एक कहानी छु पी है, आप उस कहानी को आगे बढ़ाइए –
च ट ने साइ कल को ज़ोर से धक्का दया। पर साइ कल आगे ही नह बढ़ रही थी।
……………………………………………………
नमूना उत्तर: तभी एक बंदर आया। उसने भी धक्का दया। साइ कल चढ़ाई पर चढ़ गई। सब खुश हो गए।
संकेत: सो चए, अब कौन मदद करने आया। फर क्या हुआ? तीन-चार छोटे वाक्य ल खए।
कहानी ल खए — पृष्ठ 105
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कक्षा 2 हद अध्याय 21 हाथी साइ कल चला रहा था
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चार चत्र को दे खकर छु पी कहानी लखना
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कहानी ल खए
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a s em पृष्ठ 105 के चार चत्र: एक खरगोश, एक कछु आ और एक भे ड़या जैसा जानवर।
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ऊपर दए गए चत्र म एक कहानी छु पी है। छु पी कहानी को अपने शब्द म ल खए।
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नमूना उत्तर: खरगोश और कछु आ दोस्त थे। एक दन भे ड़या आया। खरगोश कछु ए को पीठ पर उठाकर भागा। आगे नद थी।
कछु ए ने खरगोश को पीठ पर बठाकर नद पार कराई। फर दोन ने गाजर खाई।
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− वस्तार से सम झए
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g है। चार चत्र क्रम से दे खए: 1. दोन
.संcकेत: हर चत्र पर एक-दो वाक्य ल खए। दूसरे चत्र का जानवर भे ड़या जैसा aदखता
m साथ घूम रहे ह। 2. भे ड़या दखा, खरगोश कछु ए को उठाकर भागा। 3. कछु आ खरगोश को पीठ पर बठाकर पानी म तैरा।
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4. दोन पेड़ के नीचे गाजर खा रहे ह।
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माता- पता और शक्षक के लए: पुस्तक का शक्षण-संकेत कहता है क यह स्वतंत्र लेखन क शुरुआत है। शुरू म वतनी
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और वाक्य क गल तय पर ज़ोर न द। बाद म ब े से बात करके उसे खुद गल तयाँ ठ क करने द। ब ा अपनी कल्पना से
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कुछ जोड़ सकता है या पूरी कहानी बदल भी सकता है। कोई सुनी हुई कहानी ज्य -क -त्य लखना ज़रूरी नह है।
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डरो मत! — पृष्ठ 106–108
यह तारां कत पाठ केवल पढ़ने के लए है; पुस्तक इसके साथ कोई अभ्यास नह दे ती। ये प्रश्न अभ्यास के लए जोड़े गए ह।
मलकर प ढ़ए
प्र.1 नरद्र को चंपक के पेड़ पर क्या करना पसंद था?
पेड़ पर लटककर झूलना।
1. चंपक का पेड़ मत्र के घर लगा था।
2. नरद्र वहाँ खेलने जाया करते थे।
संकेत: यह पाठ पढ़ने के आनंद के लए है। इसे मलकर प ढ़ए।
प्र.2 दादाजी ने नरद्र को पेड़ पर चढ़ने से क्य मना कया?
उन्ह डर था क नरद्र गर पड़गे।
1. कह पेड़ क डाल टू ट जाती।
2. तब नरद्र को चोट लग जाती।
ऐसा क्य : इसी लए दादाजी ने दै त्य क बात कही।
प्र.3 दादाजी ने दै त्य के बारे म क्या बताया?
इस पेड़ पर एक दै त्य रहता है। वह बहुत डरावना है। वह पेड़ पर चढ़ने वाल क गदन तोड़ दे ता है।
ऐसा क्य : दादाजी चाहते थे क नरद्र पेड़ पर न चढ़।
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प्र.4 नरद्र ने अपने मत्र से क्य कहा, “डरो मत!”?
क्य क दै त्य क बात सच नह थी।
1. नरद्र फर से डाल पर झूले।
2. उनक गदन नह टू ट ।
3. नरद्र बोले, “ कसी क बात पर यक न मत करो। खुद सोचो।”
क्या आप जानते ह? यही नरद्र आगे चलकर स्वामी ववेकानंद कहलाए।
अध्याय — एक नज़र म
हाथी साइ कल चला रहा था। पीछे च ट बैठ थी।
हाथी हवा म झूम रहा था। च ट शान से ऐंठ थी।
तभी सीधी चढ़ाई आई। हाथी हाँफने लगे।
साइ कल रुक । चक्का पीछे सरकने लगा।
च ट बोली, “मत घबराना द ा, दे ती ँ धक्का!”
क वता म तुक: बैठ –ऐंठ , चक्का–धक्का।
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त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द इसका अथ पाठ म पृष्ठ
झूम रहा था मस्ती मे ं िहल-डुल रहा था झूम रहा था हवा म हाथी, 103
शान से ऐंठ अकड़ कर, बड़ े रौब से बैठी च ट शान से ऐंठ थी। 103
चढ़ाई ऊपर की ओर जाता रास्ता तभी चढ़ाई सीधी आई, 103
हाँफना जल्दी-जल्दी साँस लेना लगे हाँफने हाथी द ा, 103
द ा बड़ े को प्यार से बुलाने का शब्द बोली-मत घबराना द ा, 103
चक्का पिहया लगा सरकने पीछे चक्का। 103
धक्का िकसी चीज़ को ज़ोर से आगे ठे लना म ँ न, दे ती ँ धक्का! 103
दै त्य डरावना राक्षस इस पेड़ पर एक दै त्य रहता है। 107
अचरज हैरानी नरद्र को अचरज हुआ। 107
यक न भरोसा उस पर यक न मत करो। 108
नडर जो डरता नही ं बचपन से ही नडर और समझदार थे। 108
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