aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core

Download CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core. Here at aglasem.com you can get Answers of CBSE 12th class Question Papers. CBSE Class 12th Hindi Core Question Paper 2025 Solution is given below. More Detail
CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core - Page 1 of 15

Finished viewing? Save it for later —

Download CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core (PDF · 15 pages)
Downloaded 5 times

About CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core

CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core is available here for free download. Published by CBSE for Class 12, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (15 pages). Candidates preparing for Class 12 can use CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core?

Open this page and click the Download button to save CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core free to download?

Yes. CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core have?

CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core contains 15 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 12 study material?

You can find more Class 12 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

CBSE Class 12 Question Paper 2025 Solution Hindi Core – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (15 pages)

Page 1

अ यतं गोपनीय-के वल आतं रक एवं सीिमत योग हेतु
सीिनयर सेकडरी कूल सिटिफके ट परी ा, 2025
अंक-योजना
िहंदी ‘आधार’ िवषय कोड—302
-प कोड-- 2/1/1, 2/1/2, 2/1/3
सामा य िनदश:-
1. आप जानते ह िक परी ािथय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तकाओ ं का मू यांकन एक मह वपणू ि या
है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है, जो परी ािथय के भिव य, िश ा- णाली और अ यापन-
यव था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनरु ोध िकया जाता है िक मू यांकन ारंभ करने से पवू ही आप मू यांकन
िनदश को पढ़ और समझ ल।
2. मू यांकन नीित एक गोपनीय नीित है य िक यह आयोिजत परी ाओ ं क गोपनीयता, िकए गए मू यांकन तथा कई अ य
पहलओु ं से संबंिधत है । इसका िकसी भी तरह से सावजिनक प से लीक होना परी ा- णाली के पटरी से उतरने का कारण बन
सकता है और लाख परी ािथय के जीवन और भिव य को भािवत कर सकता है । इस नीित /द तावेज को िकसी को भी साझा
करना, िकसी पि का म कािशत करना और समाचार प /वेबसाइट आिद म छापना BNS के तहत कायवाही को आमंि त कर
सकता है ।
3. मू यांकन अंक-योजना म िदए गए िनदश के अनसु ार ही िकया जाना चािहए, अपनी यि गत या या या िकसी अ य
धारणा के अनसु ार नह । यह अिनवाय है िक अंक-योजना का अनुपालन परू ी तरह और िन ापवू क िकया जाए। हालाँिक, मू यांकन
करते समय नवीनतम सचू ना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को उनक स यता और उपयु ता को परखते
हए परू े अंक िदए जाएँ।
4. मु य परी क येक मू यांकनकता के ारा पहले िदन जाँची गई उ र-पिु तकाओ ं के मू यांकन क जाँच यानपूवक करे
और आ त हो िक मू यांकन-योजना म िदए गए िनदश के अनसु ार ही मू यांकन िकया जा रहा है। परी क को बाक उ र-
पिु तकाएँ तभी दी जाएँ, जब वह आ त हो िक उनके अंकन म कोई िभ नता नह है।

5. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (X) । मू यांकन-कता ारा ऐसा िच न
लगाने से ऐसा समझ म आता है िक उ र सही है, परंतु उस पर अंक नह िदए गए। परी क ारा यह भूल सवािधक क जाती है।
6. यिद िकसी का उपभाग हो तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक िदए जाएँ। बाद म इन उपभाग के
अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर िदया जाए। इसका अनपु ालन ढ़तापवू क िकया जाए।
7. यिद िकसी का कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक िदए जाएँ और उ ह गोलाकृ त िकया जाए। इसके
अनपु ालन म भी ढ़ता बरती जाए।

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 1

Page 2

8. यिद परी ाथ ने िकसी का उ र दो थान पर िलख िदया है और िकसी को काटा नह है तो िजस उ र पर अिधक अंक
ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दसू रे को काट द। यिद परी ाथ ने अित र / का उ र दे िदया है तो िजन उ र पर अिधक
अंक ा हो रहे ह , उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।
9. पणू तः गलत उ र को काटकर शू य (0) अक
ं द । एक ही कार क अशिु बार-बार हो, तो उसे अनदेखा कर और उस पर
अंक न काटे जाएँ।
10. यहाँ यह यान रखना होगा िक मू याक
ं न म सपं णू अक
ं पैमाने 0 – 80 (उदाहरण 0--80 अक ं जैसा िक -प म िदया गया
है) का योग अभी है अथात परी ाथ ने यिद सभी अपेि त उ र-िबदं ओ ु ं का उ लेख िकया है तो उसे परू े अक
ं देने म सक
ं ोच न
कर।
11. येक परी क को पणू काय-अविध म अथात 8 घंटे ितिदन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है। (िव तृत िववरण
‘ पॉट गाइडलाइन’ म िदया गया है)
12. यह सिु नि त कर िक आप िन निलिखत कार क िु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह-
• उ र पिु तका म िकसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
• उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
• उ र म िदए गए अंक का योग ठीक न होना।
• उ र-पिु तका के अंदर िदए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
• आवरण पृ पर ानसु ार योग करने म अशिु ।
• योग करने म, अक
ं और श द म अतं र होना।
• उ र पिु तकाओ ं से ऑनलाइन अंकसचू ी म सही अंतरण न होना।
• कुल अंक के योग म अशिु ।

• उ र पर सही का िच (√) लगाना िकंतु अंक न देना।
13. येक परी क यह भी सिु नि त करे गा िक सभी उ र का मू यांकन िकया जाए, शीषक पृ पर क गई िवि सही हो तथा
ा ांक को अंक और श द दोन म िलख।
14. परी ाथ िनधा रत सं करण शु क के भगु तान पर अनरु ोध कर उ र-पिु तका क फोटोकॉपी ा करने के अिधकारी ह । अतः
सभी मु य परी क / अित र मु य परी क / परी क / सम वयक को एक बार िफर से याद िदलाया जाता है िक उ ह यह सिु नि त
करना चािहए िक मू याक
ं न योजना म िदए गए येक उ र के िलए मू य-िबदं ओु ं के अनसु ार मू याक
ं न िकया जाए ।

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 2

Page 3

Series YZW1X -प कोड 2/1/1, 2/1/2, 2/1/3
अंक योजना
िहंदी ‘आधार’(302)
स.ं 2/1/1 2/1/2 2/1/3 मू याकं न िबदं ु अकं
खडं - क (18)
(अपिठत बोध)
1 1 2 1 अपिठत ग ांश पर आधा रत बहिवक पीय/व तपु रक - (10)
(i) (i) (i) (C) हम अपनी िवशेषताओ ं का ान नह है । 1
(ii) (ii) (ii) (C) जीवन म सख ु -दख
ु का होना 1
(iii) (iii) (iii) (C) कथन तथा कारण दोन सही ह तथा कारण कथन क ग़लत या या 1
करता है ।

(iv) (iv) (iv)  सख
ु -दख
ु से भरे जीवन से सतं ु ट होना और दसू र को देखकर खश
ु होना 1

(v) (v) (v) 2
 जीवन म नकारा मक भाव को थान देना
 जीवन म जो उपल ध है, उसके बारे म यान न देकर अभाव के िवषय
म सोचना
(vi) (vi) (vi) 2
 दो िभ न-िभ न वभाव और कृ ित वाले यि व ारा पर पर िमलकर
रचना मक ऊजा से जीवन को एक नया आयाम देना
 दसू र पर अपने िवचार को थोपने क अपे ा पर पर सहयोग क भावना
रखना

(vii) (vii) (vii) अिभ ाय- 1+1
 कृ ित का पल-पल प रवितत होना
सदं ेश-
 गितशील जीवन म दख
ु -दद का थायी न होना

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 3

Page 4

2 2 1 2 अपिठत प ांश पर आधा रत बहिवक पीय/व तपु रक - (8)
(i) (i) (i) (A) एक अके ला शोिषत यि , संपणू शोषक वग से शि तशाली है । 1
(ii) (ii) (ii) (D) शोिषत वग के अभाव को दरू कर, उ ह अिधकार देना 1
(iii) (iii) (iii) (B) क-1, ख-2, ग-3 1

(iv) (iv) (iv) िकसे- ½ +½
 शोषक वग को
चेतावनी-
 अ याचार पी अंधकार का अंत करने के िलए शोिषत यि का ही
शि पी सवेरा बनकर आना

(v) (v) (v) 2
 शोिषत यि क शि त और साम य को कम नह आँकना
 िवरोध का पहला वर- शोषण के अंत क शु आत जैस-े एक छोटी-सी
िचंगारी संपणू वन- देश को जलाने म स म

(vi) (vi) (vi)  मानव का शोषण के अतं के बहत िनकट होना 2
 जीवन क किठनाइय का अतं कर आदश समाज क थापना के करीब
पहँचना

खंड – ख (22)
(अिभ यि और मा यम पु तक पर आधा रत )

3 3 4 3 िदए गए िवषय म से िकसी एक िवषय पर लगभग 120 श द म रचना मक लेख- 6x1=
6
 आरंभ – 1 अक
ं
 िवषय-व तु – 3 अंक
 भाषा – 1 अंक
 तिु त – 1 अंक

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 4

Page 5

4 4 3 4 िक ह चार के उ र लगभग 40 श द म अपेि त- (4x2
=8)
(i) - -  आ मिनभर होकर िलिखत प म अिभ यि का अ यास न करना 2
 रटंत पर िनभर होकर अ यास के हर मौके को गँवा देना
 तैयारशदु ा साम ी क उपल धता और हमारी उस पर िनभरता
(कोई दो िबंदु अपेि त)

(ii) - -  संवाद से ही कहानी का िवकास संभव 2
 पा -प रचय, संबंध, चा रि क िवशेषताएँ एवं भाव क तिु त
 य, घटनाओ ं एवं प रवेश का वणन
(कोई दो िबंदु अपेि त)

(iii) - - 2
 19व सदी के म य म शु आत
 अमे रका म हए गृहयु के दौरान
 लेखन और सपं ादन क सिु वधा
 टेली ािफ़क सेवाओ ं का मँहगा, अिनयिमत और दल
ु भ होना
(कोई दो िबंदु अपेि त)

(iv) - -  अथ जगत क पा रभािषक और तकनीक श दावली एवं भाषा-शैली क 2
दु हता
 अथ जगत के े क यापकता
 अथ जगत से जुड़े सभी े म िवशेष ता हािसल करना किठन
 अथ जगत से जुड़े लोग क भी ज रत का यान रखना
(कोई दो िबंदु अपेि त)

(v) - -  थािय व एवं ामािणकता 2
 स ता और सहजता से उपल ध
 कभी-भी, कह -भी ले जाने और पढ़ने क सिु वधा
 ख़बर पर ककर िचंतन, िवचार और िव लेषण करने क सिु वधा
 िलिखत भाषा का िव तार
(कोई दो िबंदु अपेि त)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 5

Page 6

- (i) -  िचरप रिचत िवषय पर तैयारशुदा साम ी क चरु मा ा म उपल धता 2
 नया सोचने और िलखने क कोिशश करने के थान पर उपल ध साम ी पर
िनभरता

- (ii) - 2
 रे िडयो नाट्यालेखन म िवजअ
ु स अथात् य का न होना, नाट्यालेख
तथा िफ़ म पटकथा म िवजअ ु स अथात् य का होना
 विन भाव , संवाद के मा यम से ही य का िनमाण जबिक नाट्यालेख
तथा िफ़ म पटकथा म विन भाव , संवाद के साथ-साथ यांकन

- (iii) - वायस ओवर- 1+1
 नेप य से आने वाली ऐसी विन, जो दशक को सनु ाई देती है, परंतु पा
नह बोलता
मह व-
 पा के मनोभाव , िववरण के प म य संग एवं मानिसक ं के
य क नाटक य तिु त

- (iv) - 2
 यापकता एवं लोकि यता बढ़ाने के िलए
 अलग-अलग िच के पाठक को संतु ट करने के िलए
 िविभ न िवचार और ि कोण से पाठक को अवगत कराने के िलए
 यावसाियक लाभ के िलए
(कोई दो िबंदु अपेि त)

- (v) -  उिचत एवं तकपणू मु उ र वीकाय 1+1

- - (i) 2
 लेखन का कोई िनि त फ़ामला
ू न होना
 िवषय और यि त क कृ ित के अनु प लेखन म िविवधता
 एक ही िवषय पर शतािधक कोण से िवचार
(कोई दो िबंदु अपेि त)

- - (ii)  य मा यम होने के कारण ए शन को संवाद ारा ततु करना किठन 2
 बहत यादा ए शन सनु ना उबाऊ

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 6

Page 7

 रे िडयो नाटक क सीिमत अविध
(कोई दो िबंदु अपेि त)

- - (iii) 2
 वायस ओवर क सहायता से
 वगत कथन क सहायता से

अिभ ाय-
- - (iv) 1+1
 संवाददाताओ ं के बीच उनक िच और ान को यान म रखकर काम का
बँटवारा
उदाहरण –
 खेल, राजनीितक, आिथक, अपराध, िफ म, कृ िष, िव ान आिद

- - (v) खोजी रपोट- 1+1
 मौिलक शोध और छानबीन के ारा िकसी भी घटना, सम या या मु से
जुड़ी ऐसी सचू नाएँ या त य सामने लाना, जो पहले से उपल ध न ह
मह व-
 सरकारी-गैर सरकारी सं थान के बीच चल रही अिनयिमतताओ,ं
गड़बिड़य को उजागर करने म स म

5 5 5 5 िक ह दो के उ र लगभग 80 श द म अपेि त- (2x4
=8)
(i) (i) (i)  यि त िवशेष क जीवन िदशा को बदलने वाली घटना से आरंभ कर 4
 ताज़ा उपलि ध के योरे से शु आत करके उनके िपछले जीवन के संघष
क ओर मोड़कर
 यि िवशेष और उनके नजदीक लोग एवं उनक उपलि धय से प रिचत
िवशेष के िदलच प, आकषक और खास व त य को उ ृत कर
 जीवन के अहम ण पर रोशनी डालने वाली एक-दो घटनाओ ं को उ ह के
श द म ततु कर
 फ़ चर के आिखरी िह से म उनक भिव य क योजनाओ,ं चनु ौितय और
उनसे िनपटने क तैयारी का उ लेख कर
(कोई चार िबंदु अपेि त)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 7

Page 8

(ii) (ii) (ii) अंतर- 2+2
 संवाददाता : सामा य घटना अथवा समाचार (बीट) को कवर करने वाला
 िवशेष संवाददाता : िविश े या िवषय पर गहन जानकारी और िव े षण
के साथ िवशेषीकृ त रपोिटग करने वाला
उदाहरण-
 शेयर बाज़ार म आने वाली भारी िगरावट के िलए संवाददाता ारा सभी ज री
सचू नाएँ एकि त कर एक त या मक रपोट तैयार करना लेिकन िवशेष
संवाददाता ारा इस िगरावट के कारण और आम िनवेशक पर पड़ने वाले
भाव का भी िव लेषण करना
(अ य उपयु उदाहरण भी वीकाय)

(iii) (iii) (iii)  या मकता का नाटक के पा से मेल कर 4
 पा क भाव-भंिगमाओ ं और उसके तौर-तरीक से भाव उ प न कर
 पा के मनोभाव को वगत कथन या वायस ओवर के मा यम से ततु
कर
 कहानी के लंबे संवाद को छोटा कर
 प रि थित, प रवेश और कथानक के अनसु ार
 व स जा, मंच स जा, विन और काश के मा यम से पा के च र का
पांतरण कर
(कोई चार िबंदु अपेि त)

खंड – ग (40)
(पाठ्य पु तक आरोह तथा िवतान पर आधा रत)
6 6 8 6 ‘पिठत का यांश’ पर आधा रत बहिवक पीय के उ र - (5x1
=5)
(i) (i) (i) (B) जाित-पाँितगत भेदभाव का वणन / (C) समाज म िव मान भेदभाव का वणन 1
(दोन म से कोई भी एक िवक प वीकाय)
(ii) (ii) (ii) (B) जाित आधा रत वैवािहक था पर 1
(iii) (iii) (iii) (D) राम का 1
(iv) (iv) (iv) (C) कथन सही है लेिकन कारण कथन क ग़लत या या करता है । 1
(v) (v) (v) (C) िकसी से कोई संबंध न रखना 1

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 8

Page 9

7 7 6 7 ‘प खंड’ पर आधा रत िक ह दो के उ र (लगभग 60 श द म) – (2x3
=6)
(i) - -  समाज से किव का नाता ख ा-मीठा, जग जीवन से परू ी तरह िनरपे रहना 3
संभव नह
 किव क अपनी अि मता, अपनी पहचान का उ स, उसका प रवेश ही
उसक दिु नया
 अपना पृथक यि व रखते हए भी किव ारा दिु नया से अपने ि धा मक
और ं ा मक संबंध का मम उ ािटत करना

अथ-
(ii) - - 1+2
 क य के भाव या अिभ यि त के अनु प ही श द का चयन
 भाषा को सहिलयत से बरतने पर रचना म सहजता आना
 अपना भाव सं ेिषत करने म समथ
(कोई एक िबंदु अपेि त)
य-
 किठन और बोिझल भाषा के योग से अथ हण म किठनाई
 भाषा क सहजता से भावािभ यि सरल और भावी

(iii) - -  राख से चौके का लीपा जाना 3
 काली िसल का लाल के सर से धल
ु ना
 लेट पर लाल खिड़या चाक मलना
 गौर िझलिमल देह के ितिबंब का नीले जल म िहलना
(कोई तीन िबंदु अपेि त)

- (i) -  संसार क अपणू ता 3
 ससं ार का वाथ एवं सदैव अपना ही िहत साधने वाला होना
 झूठा गुणगान करने वाल को ही संसार ारा मह व देना
 सासं ा रक मोह-माया, धन-वैभव के ित किव का िवरि भाव
 िदखावे क दिु नया से अलग नेह क सरु ा का पान करके ि या क याद
म खोया रहना
(कोई तीन िबंदु अपेि त)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 9

Page 10

- (ii) - 1+2
 भाषा हमारे भाव और िवचार को अिभ य त करने का साधन
 भाव और िवचार को सहज, सरल भाषा म ततु करने से अिभ यि त
क प टता
 पािं ड य- दशन एवं जबरन योग िकए गए श द से रचना का भावहीन
हो जाना
(परी ाथ के तकपणू उपयु उ र वीकाय)

- (iii) -  राख से चौके का लीपा जाना 3
 काली िसल का लाल के सर से धल
ु ना
 लेट पर लाल खिड़या चाक मलना
 गौर िझलिमल देह के ितिबंब का नीले जल म िहलना
(कोई तीन िबंदु अपेि त)

- - (i)  किव ारा वयं क अि मता क अिभ यि 3
 संसार से अपने ख े-मीठे , ि धा मक और ं ा मक संबंध को प करना
 सासं ा रक मोह-माया से िनिल रहते हए िवषम प रि थितय म भी सहज
आनंद म रहना

- - (ii)  पांिड य- दशन एवं जबरन योग िकए गए श द से रचना का भाव कम 3
होना
 पेचीदे श द-जाल म फँ सी भाषा का भावहीन होना
 जिटल श द का योग भाव और िवचार क सहज एवं प अिभ यि
म बाधक

- - (iii)  पिव ता - राख से लीपा हआ गीला चौका 3
 िनमलता - नील जल म िकसी क गौर िझलिमल देह
 उ वलता - काली िसल जरा से लाल के सर से जैसे धल
ु गई

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 10

Page 11

8 8 7 8 ‘प खंड’ पर आधा रत िक ह दो के उ र (लगभग 40 श द म) – (2x2
=4)
(i) (i) (i) तीक- 1+1
 पंक – शोषक वग (पँजू ीपित, साधन-संप न), िव लव – ांित
प ीकरण-
 जल लावन हमेशा पंक पर
 ांित से शोषक वग का पतन

(ii) (ii) (ii)  शारी रक प से अ म यि त ारा अपनी पीड़ा, तकलीफ आिद को 1+1
समाज तक पहँचाने का अवसर
 मीिडया कम क संवेदनहीनता और कोरी यावसाियकता

(iii) (iii) (iii)  लचीली डाल क तरह पतंग उड़ाते ब च का भी गितशील होना 2
 पतंग उड़ाते ब च का िनडर होकर िकसी भी िदशा म भागना

9 9 11 9 ‘पिठत ग ांश’ पर आधा रत बहिवक पीय के उ र - (5x1
=5)
(i) (i) (i) (C) भि तन क चा रि क िवशेषता प ट करने के िलए 1
(ii) (ii) (ii) (A) पैस को सँभालकर रखने 1
(iii) (iii) (iii) (B) यमराज 1
(iv) (iv) (iv) (D) कथन तथा कारण दोन सही ह तथा कारण कथन क सही या या करता
है। 1
(v) (v) (v) (B) बात को ढालकर बताती थी । 1

10 10 10 11 ‘ग खंड’ पर आधा रत िक ह दो के उ र (लगभग 60 श द म) – (2x3
=6)
(i) (i) (i) य- 1+2
 लू के भाव से बचने के िलए शरीर म तरलता आव यक, उसी कार
बाज़ार क चकाच ध से बचने के िलए मन का ल य से भरा होना आव यक
संदभ-
 बाज़ार को कृ ताथता और साथकता देना
 ल य से भरे मन पर बाज़ार का भाव न पड़ना
 बाज़ा पन का असर न होना
(कोई दो िबंदु अपेि त)
2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 11

Page 12

(ii) (ii) (ii)  उिचत एवं तकपणू मु उ र वीकाय 3

(iii) (iii) (iii)  िवपरीत प रि थितय का सामना कर अपना ल य ा त करने क ेरणा 3
 अवधूत क भांित संसार से िवर होकर सख ु -दख
ु म समभाव रखना
 िशरीष ारा ी म ॠतु म भी लू से जलने वाली धरती पर अिवचल होकर
हरा-भरा रहना और छाया दान करना

11 11 9 10 ‘ग खंड’ पर आधा रत िक ह दो के उ र (लगभग 40 श द म) – (2x2
=4)
(i) (i) (i) हाँ, 2
 बाज़ार के आकषण म नह बँधना
 आव यकता के अनसु ार ही व तु ख़रीदना
 संतोषी वृि से शांित क थापना
 बाजा पन, छल-कपट, बेईमानी का अतं , िदखावे क वृि को िवराम
(कोई दो िबंदु अपेि त)

(ii) (ii) (ii)  िशरीष के समान ही कबीर क म ती, फ कड़पन, बेपरवाही और सरसता 2
 संघष का सामना करते हए दोन का म त, बेपरवाह बने रहना

(iii) (iii) (iii) 2
 कुछ यि तय का दसू रे लोग के ारा िनधा रत यवहार एवं कत य का
पालन करने के िलए िववश होना
 अपनी इ छा के िव पेशा अपनाना

12 12 12 12 ‘पूरक पाठ्य पु तक’ पर आधा रत िक ह दो के उ र (लगभग 100 श द म) (2x5
– =10)
(i) - - य- 2+3
 िकशनदा के आदश से भािवत
 पारंप रक रीित- रवाज एवं मा यताओ ं म िव वास
 आधिु नक जीवन शैली एवं मू य को यथ मानना
 पा रवा रक एवं कायालयी यवहार से असंतु
(कोई दो िबंदु अपेि त)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 12

Page 13

तक-
(परी ाथ के तकपणू उपयु मु उ र वीकाय)

(ii) - -  किठन प रि थितय से हार न मानकर सघं ष करते हए अपने ल य को ा त 5
करने क कथा
 पाठशाला जाने के िलए कथानायक (आनदं ा) का अपनी माँ और द ा जी
राव के सहयोग से िपता को मनाना
 खेत म काम करते हए भी अपनी पढ़ाई जारी रखना
 सहपािठय ारा उड़ाई जाने वाली िख ली को सहन करना
 सद् यवहार से अ यापक एवं सहपािठय का िदल जीतना
 खेत म काम करते हए किवता लेखन के शौक को परू ा करना
(कोई पाँच िबदं ु अपेि त)

(iii) - - आधार- 2+3

 नदी का मह व
 जल क समिु चत यव था
 लगभग 700 कँु ओ ं का िनमाण
 महाकंु ड एवं नानागार का िनमाण
 जल-सं हण एवं िनकासी क उिचत यव था
(कोई दो िबदं ु अपेि त)
य-
 िव व म जल-सक
ं ट गहराना
 आबादी के अनपु ात म जल संसाधन क कमी
 जल का दिू षत होना
 जलवायु प रवतन और धरती के बढ़ते तापमान के कारण लेिशयर का
िपघलना आिद
(कोई तीन िबदं ु अपेि त)

- (i) - य- 2+3
 आधिु नक जीवन शैली एवं मू य को यथ मानना
 अप रिचत मेहमान के सम असहज महसूस करना

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 13

Page 14

तक-
(परी ाथ के तकपणू उपयु मु उ र वीकाय)

- (ii) -  किठन प रि थितय से हार न मानकर संघष करते हए अपने ल य को ा त 3+2
करने क कथा
 लेखक ारा ामीण-जीवन के संघष क जीवंत तुित
 आनंदा और उसके प रवार के मा यम से जीवन क ज ोजहद म लगे गरीब
िकसान, खेितहर मजदरू का वणन
उदाहरण-
 पढ़ाई से अिधक खेती को मह व देना
 गड़ु क अ छी-खासी क मत पाने के िलए को ह को ज दी चलाना
 ामीण मिहलाओ ं का धपू म कंडे थापना
(कोई दो उदाहरण अपेि त)

- (iii) - 5
 साधन संप न स यता
 खेितहर और पशपु ालक स यता
 आडंबर और िदखावे से दरू
 लघतु ा म भी मह ा अनभु व करने वाली सं कृ ित
 राजपोिषत, धमपोिषत स यता के थान पर समाजपोिषत स यता
 सिु नयोिजत नगर
 आज क से टर माका कॉलोिनय से अिधक सुिनयोिजत
 पानी का उिचत बंध, पानी-िनकासी क उिचत यव था
 सामािजक यव था म एक पता
 उ नत वा तक
ु ला का नमूना
 सु िच और कला को मह व
 वयं अनश ु ािसत
(कोई पाँच िबंदु अपेि त)

- - (i) 5
(परी ाथ के तकपणू उपयु मु उ र वीकाय)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 14

Page 15

- - (ii)  द ा जी राव ारा लेखक को पढ़ने के िलए ो सािहत करना 5
 गिणत के मा टर ारा अपनेपन का यवहार और दी जाने वाली शाबाशी से
पढ़ने का आ मिव वास बढ़ना
 मराठी मा टर स दलगेकर ारा लेखक क किवताओ ं के पाठन, का य-लेखन
म सधु ार
 मराठी मा टर स दलगेकर ारा लेखक को किवताओ ं क पु तक देने से
लेखक म भावी सािह यकार का बीजारोपण
 मराठी मा टर ारा किवता लेखन को ो साहन

- - (iii)  उ नत खेती 5
 खदु ाई के दौरान गेह,ँ कपास, चने और सरस क खेती के माण
 वार, बाजरा, रागी क खेती के माण
 खजरू , अंगूर, खरबजू , बेर के सा य
 अ न भंडारण के िलए िवशाल कोठार का िमलना
 खेती के िलए यु ताँबे और प थर के औज़ार का िमलना
 बैलगाड़ी के उपयोग के सा य ा होना
(कोई पाँच िबंदु अपेि त)

2/1/1, 2/1/2, 2/1/3 Page 15

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSolution
Pages15
Updated24 Sep 2026