aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा

कक्षा 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा के सभी प्रश्नों के विस्तृत हल AglaSem Docs पर निःशुल्क डाउनलोड करें। नवीनतम एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (वीणा, 2026-27 एनईपी पाठ्यक्रम) पर आधारित, विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए चरण-दर-चरण समाधान। Download NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा PDF free at AglaSem Docs, with step-by-step answers based on the latest NCERT textbook (Veena, 2026-27 NEP syllabus).
NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा - Page 1 of 25

About NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा

NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा is available here for free download. Published by NCERT for Class 4, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (25 pages). Candidates preparing for Class 4 can use NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा free to download?

Yes. NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा have?

NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा contains 25 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 4 study material?

You can find more Class 4 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions Class 4 Hindi Chapter 2 बगीचे का घोंघा – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (24 pages)

Page 1

F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा4

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 2: बगीचे का घ घा

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — वीणा

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

17 – 26 10 36 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 23 pages

Page 2

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

क ा 4 · हद · वीणा

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 2: बगीचे का घ घा
बगीचे का घ घा एक छोट -सी कहानी है। एक घ घा अपना सारा जीवन एक छोटे बगीचे म बताता है। एक दन वह द वार के छे द से बाहर नकलकर
दे खता है क दु नया कतनी बड़ी, तेज़ और अ त है।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

वीणा (क ा 4) 17 – 26

खं ड प्रश्न

10 36

माध्यम
हन्द

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 17
ऊपर दए गए चत्र को ध्यान से दे खए और नम्न ल खत प्रश्न के उत्तर द जए —

चत्र दे खकर बताइए

प्र.1 यह कौन-सा जीव है?

पाठ के आरंभ म छपा चत्र — बगीचे म एक जीव, आस-पास फूल, झा ड़याँ, लकड़ी क बाड़, पत्थर और पेड़।

Page 1 of 23

Page 3

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

यह घ घा है।
चत्र म इसक तीन पहचान साफ़ दखती ह —

पीठ पर गोल-गोल चक्करदार शंख है। यही उसका घर है।
सर पर दो लंबी स ग ह। इन्ह के सर पर उसक आँख होती ह।
शरीर मुलायम है और वह पेट के बल रगकर चलता है।

कैसे पक्का हुआ: पाठ का नाम ही “बगीचे का घ घा” है। कहानी भी कहती है — “एक बगीचे म एक घ घा रहता
था। जानते हो घ घा कैसा होता है?”

प्र.2 आपने इसे कहाँ दे खा है?

पाठ के आरंभ म छपा चत्र — बगीचे म एक जीव, आस-पास फूल, झा ड़याँ, लकड़ी क बाड़, पत्थर और पेड़।

यह आपके अपने दे खे हुए का प्रश्न है। जो जगह आपने सचमुच दे खी हो, वही बताइए।

कैसे बताएँ — तीन चरण:
चरण 1 — जगह का नाम ली जए।
चरण 2 — बताइए वह जगह सूखी थी या गीली।
चरण 3 — बताइए घ घा उस समय क्या कर रहा था।

Page 2 of 23

Page 4

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

नमूना उत्तर: मने घ घा अपने घर के आँगन म दे खा है। वह गमले के नीचे क गीली म म था। एक बार मने उसे व ालय क द वार
पर भी दे खा था। वह बहुत धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहा था। उसके पीछे गीली लक र बन गई थी।

क्य वह मलता है: घ घे को नमी वाली जगह अ लगती है। सूखी धूप म उसका मुलायम शरीर सूख जाता है।

प्र.3 आपने इसे कस मौसम म अ धक दे खा है?

पाठ के आरंभ म छपा चत्र — बगीचे म एक जीव, आस-पास फूल, झा ड़याँ, लकड़ी क बाड़, पत्थर और पेड़।

घ घे वषा ऋतु म सबसे अ धक दखाई दे ते ह।

ऐसा क्य : बा रश म म और द वार गीली रहती ह। घ घे का शरीर मुलायम होता है, इस लए उसे नमी चा हए।
गरमी म वह म या पत्त के नीचे छपा रहता है।

नमूना उत्तर: मने घ घे बरसात के दन म सबसे अ धक दे खे ह। बा रश रुकने के बाद वे बाहर नकल आते ह। जुलाई और अगस्त म
वे हमारे बगीचे म बहुत दखते ह।

Page 3 of 23

Page 5

as e
क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
आपको अपने घर और व ालय म कौन-कौन से जीव दखाई दे ते ह?
e
प्र.4

m l as
m .co a g
a se

a g l

co m
e m . ag
g l as
a

co m
e m.
m l as
m.co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
पाठ के आरंभ म छपा चत्र — बगीचे म एक जीव, आस-पास फूल, झा ड़याँ, लकड़ी क बाड़, पत्थर और पेड़।
co m
m .
m as e
.co
यह आपके अपने आस-पास का प्रश्न है। जो जीव आप रोज़ दे खते ह, उनके नाम ल खए।
a g l
a s em
agl अ े उत्तर म यह ज़रूर हो — कुछ जीव घर के, कुछ व ालय के, और हर जीव के साथ एक शब्द म यह भी क
वह कहाँ मलता है।
se m
com g l a
m . a
ase
नमूना उत्तर:

जगह agl
जो जीव दखते ह

co m
घर में ची ंटी, मक्खी, मकड़ ी, िछपकली, कबूतर , िबल्ली, कु ा
m .
m as e
.co
िव ालय में िततली, िगलहरी, कौआ, मधुमक्खी, कें चुआ, मेंढक
a g l
se m
g l a
a c
.
ध्यान द जए: कहानी का घ घा भी इन्ह म से कुछ जीव से मला था — लाल च टे , गलहरी और कुत्ता।

s e m
m a
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 4 of 23

Page 6

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 घ घा उन जीव से कस बात म भन्न है?

पाठ के आरंभ म छपा चत्र — बगीचे म एक जीव, आस-पास फूल, झा ड़याँ, लकड़ी क बाड़, पत्थर और पेड़।

घ घा उन सब जीव से तीन बात म अलग है।

वह अपना घर, यानी शंख, हमेशा पीठ पर लेकर चलता है। च ट या गलहरी ऐसा नह करती।
उसके पाँव नह होते। वह पेट के बल रगता है, इस लए बहुत धीरे चलता है।
डर लगते ही वह अपने शंख के भीतर छप जाता है।

पाठ से आधार: कहानी कहती है — “उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँचने म पूरे दो दन लगते थे।”
यही उसक धीमी चाल दखाता है। और — “उसने अपना सामान अपने शंख म बाँध लया।” यही दखाता है क
शंख उसका घर भी है और थैला भी।

बातचीत के लए — पृष्ठ 21

Page 5 of 23

Page 7

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

पाठ पढ़ने के बाद क ा म बातचीत

बातचीत के लए

प्र.1 घ घे को बगीचे (उ ान) के एक कनारे से दूसरे कनारे तक पहुँचने म दो दन क्य लगते थे?

क्य क घ घा बहुत धीरे-धीरे चलता है।
कहानी बताती है क “बगीचा बहुत छोटा और सुंदर था।” फर भी घ घे को दो दन लगते थे। इसका मतलब है क दे र बगीचे के बड़े
होने से नह थी। दे र घ घे क अपनी चाल से थी।

क्य इतना धीरे: घ घे के पाँव नह होते। वह पेट के बल रगता है। ऊपर से वह अपना भारी शंख भी साथ लेकर
चलता है। इस लए एक छोट -सी दूरी भी उसके लए लंबी हो जाती है।

सो चए: जो रास्ता हम दो मनट म पार कर लेते ह, घ घे के लए वही दो दन का सफ़र बन सकता है।

प्र.2 आप अपने व ालय कैसे जाते ह और आपको कतना समय लगता है?

यह आपके अपने अनुभव का प्रश्न है। सबका उत्तर अलग होगा।

कैसे बताएँ — तीन चरण:
चरण 1 — बताइए आप पैदल जाते ह या साइ कल, र ा, बस या वैन से।
चरण 2 — बताइए घर से व ालय कतनी दूर है।
चरण 3 — बताइए कतना समय लगता है और कसके साथ जाते ह।

नमूना उत्तर: म अपने व ालय पैदल जाता ँ। मेरा घर व ालय से ज़्यादा दूर नह है। मुझे लगभग दस मनट लगते ह। म अपनी
बड़ी बहन के साथ जाता ँ। रास्ते म एक बड़ा बरगद का पेड़ पड़ता है।

पाठ से जो ड़ए: घ घे को छोटे बगीचे म दो दन लगते थे। हम उतने ही समय म पूरा गाँव या मोहल्ला घूम आते ह।
चाल बदलने से समय बदल जाता है।

प्र.3 घ घा उ ान से बाहर क्य जाना चाहता था?

क्य क वह जानना चाहता था क बाहर क दु नया कैसी है।

Page 6 of 23

Page 8

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

कहानी म लखा है — “पर कभी-कभी घ घे को लगता था, इस बगीचे के बाहर क्या होगा? कैसी होती होगी बाहर क दु नया?”
यही ज ासा बढ़ती गई। आ ख़र उसने तय कर लया — “म बाहर जाकर दे खूँगा क दु नया कैसी है।”

असली कारण: बगीचा उसे बुरा नह लगता था। उसे तो बगीचे का कोना-कोना याद था। वह बस कुछ नया दे खना
चाहता था। नई चीज़ जानने क इ ा को ही ज ासा कहते ह।

प्र.4 आपका कहाँ-कहाँ जाने का मन करता है?

यह आपक अपनी इ ा का प्रश्न है। मन क बात सच-सच ल खए।

अ े उत्तर म यह ज़रूर हो — दो-तीन जगह के नाम, और हर जगह के साथ एक छोटा-सा कारण।

नमूना उत्तर: मेरा समुद्र कनारे जाने का मन करता है। मने समुद्र केवल चत्र म दे खा है। मुझे पहाड़ पर भी जाना है, क्य क वहाँ
बफ़ गरती है। एक बार म च ड़याघर भी जाना चाहता ँ। वहाँ म हाथी को पास से दे खूँगा।

पाठ से जो ड़ए: घ घे का भी यही मन था। उसने बाहर जाकर पहली बार मैदान, च टे और बड़ का पेड़ दे खा।

प्र.5 आप घूमने के लए कहाँ-कहाँ जाते ह और कसके साथ जाते ह?

यह भी आपके अपने अनुभव का प्रश्न है।

कैसे बताएँ — तीन चरण:
चरण 1 — जगह का नाम ली जए।
चरण 2 — बताइए आप कसके साथ गए थे।
चरण 3 — वहाँ जो सबसे अ ा लगा, वह एक वाक्य म बताइए।

नमूना उत्तर: म र ववार को पास के बगीचे म घूमने जाता ँ। वहाँ म अपने दादा जी के साथ जाता ँ। छु य म हम नानी के गाँव
जाते ह। वहाँ खेत और तालाब दे खना मुझे सबसे अ ा लगता है। पछली बार हम मेले म भी गए थे।

पाठ के भीतर — पृष्ठ 21–22

Page 7 of 23

Page 9

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

नीचे दए गए प्रश्न के सट क उत्तर के सामने सूरज का चत्र (☼) बनाइए —

पाठ के भीतर

प्र.1 घ घा उ ान से बाहर क्य जाना चाहता था? (क) उसे उ ान म अ ा नह लगता था। (ख) वह बाहर का जीवन
दे खना चाहता था। (ग) उसे उ ान सुंदर नह लगता था। (घ) उसे उ ान बहुत छोटा लगता था।

सट क उत्तर — (ख) वह बाहर का जीवन दे खना चाहता था। इसी के सामने सूरज का चत्र बनाइए।

पाठ से आधार: “पर कभी-कभी घ घे को लगता था, इस बगीचे के बाहर क्या होगा? कैसी होती होगी बाहर क
दु नया?” और फर — “म बाहर जाकर दे खूँगा क दु नया कैसी है।”

बाक वकल्प क्य नह —

(क) उसे बगीचा बुरा नह लगता था। वह तो बगीचे का कोना-कोना पहचानता था।
(ग) कहानी कहती है — “बगीचा बहुत छोटा और सुंदर था।” यानी वह सुंदर था।
(घ) बगीचा छोटा ज़रूर था, पर यह उसके जाने का कारण नह था। कारण थी ज ासा।

प्र.2 घ घे को बड़ा-सा पत्थर पहाड़ जैसा क्य लगा होगा? (क) पत्थर पहाड़ क तरह बहुत ही बड़ा था। (ख) घ घे ने
उ ान म पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नह दे खी थी। (ग) घ घे को पत्थर पर चढ़कर दूर-दूर तक दखाई दे रहा था।
(घ) पत्थर क आकृ त पहाड़ जैसी थी।

सट क उत्तर — (ख) घ घे ने उ ान म पत्थर जैसी बड़ी वस्तु कभी नह दे खी थी।

ऐसा क्य : घ घे ने अपना सारा जीवन एक छोटे बगीचे म बताया था। वहाँ उसने केवल पौधे और छोटे पेड़ दे खे थे।
इस लए बाहर का साधारण पत्थर भी उसे पहाड़ जैसा लगा। पाठ कहता है — “घ घे को लगा यह कोई पहाड़ होगा।”

(क) क्य नह : पत्थर सचमुच पहाड़ जतना बड़ा नह था। वह तो एक बड़ा-सा पत्थर था। वह घ घे को बड़ा लगा,
क्य क घ घा स्वयं बहुत छोटा है। कोई चीज़ बड़ी लगती है या छोट , यह दे खने वाले पर भी नभर करता है।

प्र.3 घ घे ने अपने जीवन म पहली बार क्या दे खा? (क) अपने लंबे-पतले पाँव से आ-जा रहे लाल च ट (ख) अपना
शंख (ग) पीपल का पेड़ (घ) हरी-हरी घास

सट क उत्तर — (क) अपने लंबे-पतले पाँव से आ-जा रहे लाल च ट।

Page 8 of 23

Page 10

as e
क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
पाठ से आधार: “घ घे ने अपने जीवन म पहली बार लाल च ट को दे खा। वे अपने लंबे-पतले पाँव से इधर-उधर

m as e
l
आ-जा रहे थे।” यहाँ “पहली बार” शब्द स्वयं पाठ म आया है।

m .co a g
l a se
g
बाक वकल्प क्य नह —
a (ख) शंख तो उसका अपना घर है। वह उसे रोज़ देखता है।

co
(ग) पाठ म पीपल का नाम कह नह आता। खजूर और बड़ के पेड़ आते ह।
m
(घ) घास बगीचे म भी थी, इस लए वह नई नह थी।
e m . ag
g l as
a
छपाई क बात: वकल्प म “लाल च ट” छपा है, जब क कहानी म “लाल च ट को दे खा” आया है। दोन का अथ

m
एक ही है — लाल च टे ।
co
e m.
m l as
.co a g
a s emघ घे क आँख आश्चय से क्य खुली रह गईं? (क) उसके ऊपर एक बड़ा पत्ता गरा। (ख) वह उ ान म एक नए
gl क ट से मला। (ग) उसने पहली बार एक तालाब दे खा। (घ) उसने बड़ का एक पेड़ दे खा।
प्र.4

a
m a s
.co agl

se m
l a
सट क उत्तर — (घ) उसने बड़ का एक पेड़ दे खा।

a g
पाठ से आधार: “वहाँ एक और पेड़ था जो इतना बड़ा था क घ घा उसके एक छोर से दूसरे छोर तक भी नह दे ख

co m
.
पाता था… घ घे क आँख आश्चय से और भी खुल गईं। उसने कहा, ‘वाह, सचमुच दु नया कतनी अ त है!’”

e m
m l as
.co
बाक वकल्प क्य नह —
a g
a s em
gl
(क) पत्ता गरने पर वह डर गया था और “उई!” चल्लाया था, आश्चय से आँख नह खुली थ ।
a (ख) च टे उसे उ ान के बाहर मले थे, भीतर नह ।

se m
com a
(ग) कहानी म तालाब का कोई ज़क्र नह है।

. a g l
m
ase
प्र.5 agl
छे द से बाहर नकलते ही घ घे का जन वस्तुओं से सामना हुआ, उनम से कुछ वस्तुए ँ छू ट गई ह। उन्ह पूरा क जए

m
—

. co
e m
coमmये ख़ाने दए गए ह —
g l as
पुस्.तक a
a sem
agl c
.
मैद ान ………………… पत्थर

s e m
m a
. co agl
………………… िगलहरी गेंद

e m
g l as
a
कु ा ………………… बड़ का पेड़

m
कहानी के क्रम से तीन छू ट हुई वस्तुएँ भर जाती ह —

. co
e m
m l as
.co a g
Page 9 of 23

Page 11

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

मैद ान सूखा प ा पत्थर

लाल ची ंटें िगलहरी गेंद

कु ा खजूर का पेड़ बड़ का पेड़

क्रम कैसे मला: घ घा छे द से नकला तो सबसे पहले मैदान दखा। फर खड़-खड़ करता सूखा पत्ता उस पर गरा।
थोड़ा आगे पत्थर मला। पत्थर पर चढ़कर उसने लाल च टे दे खे। फर गलहरी, लुढ़कती गद और उसके पीछे
भागता कुत्ता दखा। अंत म आसमान छू ता खजूर का पेड़ और सबसे बड़ा बड़ का पेड़।

ध्यान द जए: ख़ाने बाएँ से दाएँ, ऊपर से नीचे उसी क्रम म ह जस क्रम म कहानी म ये चीज़ आती ह।

सो चए और ल खए — पृष्ठ 22–23
पाठ पढ़कर सो चए और उत्तर ल खए

सो चए और ल खए

प्र.1 उ ान क द वार म छे द दे खकर घ घे को कौन-सी बात याद आती थी?

उसे अपनी माँ क चेतावनी याद आती थी।
पाठ म माँ के शब्द ऐसे ह — “वहाँ कभी मत जाना। वह दु नया हमारी दु नया से बहुत अलग है।”

इससे क्या पता चलता है: घ घा रोज़ छे द दे खता था और रोज़ यही बात याद आ जाती थी। इसी लए वह कई दन
तक सोचता रहा और तुरंत बाहर नह नकला। माँ क बात और अपनी ज ासा — दोन उसके मन म लड़ रही थ ।

प्र.2 छे द के दूसरी ओर जाते ही घ घा च कत क्य रह गया?

क्य क उसके सामने बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा मैदान था।
पाठ कहता है — “ जतनी दूर तक उसक आँख दे ख सकती थ , उतना उसने दे खा। उसके सामने बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा
मैदान था।” वह असल म ब के खेलने क जगह थी।

च कत क्य हुआ: घ घे ने अपना सारा जीवन एक छोटे बगीचे म बताया था। उसने सोचा भी नह था क इतनी बड़ी
जगह हो सकती है। इसी लए उसने कहा — “वाह! दु नया सचमुच कतनी बड़ी है”।

Page 10 of 23

Page 12

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 घ घे ने ऐसा क्य कहा होगा क उ ान म सब कुछ धीरे-धीरे चलता है?

क्य क उसने बाहर पहली बार तेज़ चलती हुई चीज़ दे ख ।
बाहर उसने दे खा क एक गलहरी फुदक-फुदककर पेड़ पर चढ़ गई। दूर एक गद लुढ़कती जा रही थी और एक कुत्ता उसके पीछे
भाग रहा था। च टे भी इधर-उधर आ-जा रहे थे।
यह सब दे खकर उसने कहा — “वाह! दु नया म सब कुछ कतनी तेज़ी से चलता है। बगीचे म तो सबकुछ धीरे-धीरे चलता था।”

असली कारण: बगीचे म उसने केवल पौधे और छोटे पेड़ दे खे थे, जो हलते-डु लते नह । और वह स्वयं भी बहुत धीरे
चलता था। तुलना करने के लए उसके पास कुछ तेज़ था ही नह । बाहर आकर तुलना हुई, तभी उसे बगीचे क धीमी
चाल का पता चला।

प्र.4 घ घे क तरह आपको अपने घर, व ालय तथा आस-पास क्या-क्या अ त लगता है और क्य ?

यह आपके अपने मन क बात है। जो चीज़ आपको सचमुच अनोखी लगती हो, वही ल खए।

अ े उत्तर म यह ज़रूर हो — घर क एक चीज़, व ालय क एक चीज़, आस-पास क एक चीज़ — और हर
एक के साथ एक वाक्य म कारण।

नमूना उत्तर:

कहाँ क्या अ त लगता है क्य

घर में दादी की िसलाई मशीन वह पैर चलाने से ही चलती है और कपड़ा जुड़ जाता है।

िव ालय में आँगन का पुर ाना बरगद उसक जड़ ऊपर से नीचे लटकती ह, जैसे र स्सयाँ।

आस-पास बािरश के बाद का इंद धनुष आसमान म अचानक सात रंग बन जाते ह और फर मट जाते ह।

पाठ से जो ड़ए: घ घे के लए एक साधारण पत्थर भी पहाड़ जैसा अ त था। ध्यान से दे खने पर रोज़ क चीज़ भी
अनोखी लगने लगती ह।

Page 11 of 23

Page 13

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 घ घे ने उ ान के भीतर और बाहर क्या-क्या दे खा? नीचे ल खए —

पुस्तक म यह ता लका खाली द गई है —

उ ान के भीतर उ ान के बाहर

………………… …………………

………………… …………………

………………… …………………

………………… …………………

पाठ के आधार पर ता लका इस तरह भरेगी —

उ ान के भीतर उ ान के बाहर

बगीचे की दीवार बहुत बड़ ा मैद ान (बच्चों के खेल ने का स्थान)

दीवार का छे द सूखा-भूर ा प ा और बड़ ा-सा पत्थर

पौधे लाल ची ंटे, िगलहरी और लुढ़कती गेंद

छोटे पेड़ कु ा, खजूर का पेड़ और बड़ का पेड़

भीतर क सूची कहाँ से मली: पाठ कहता है — “अभी तक तो घ घे ने पौधे या छोटे पेड़ ही दे खे थे।” द वार और
उसका छे द भी बगीचे के भीतर ही थे।

ध्यान द जए: भीतर क सूची छोट है और बाहर क लंबी। यही कहानी क मुख्य बात है — बाहर क दु नया बहुत
बड़ी है।

भाषा क बात — पृष्ठ 23

Page 12 of 23

Page 14

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

शब्द, वाक्य और भाव

भाषा क बात

प्र.1 कहानी म आए नम्न शब्द के आधार पर वाक्य बनाकर ल खए — आश्चय, अ त, अचानक, छोर

पहले हर शब्द का अथ दे ख ली जए, फर वाक्य बनाइए।

शब्द अथ कहानी का वाक्य आपका नया वाक्य

आश्चय हैरानी घ घे क आँख आश्चय से और भी खुल गईं। जादू गर का खेल दे खकर बच्चे आश्चय में पड़ गए।

अद् भतु बहुत अनोखा “वाह, सचमुच दु नया कतनी अ त है!” बािरश के बाद इंद धनुष अद् भतु लगता है।

अचानक एकदम, बना बताए तभी अचानक उसने एक ऐसी चीज़ दे खी। खेल ते-खेल ते अचानक तेज़ बािरश होने लगी।

छोर कनारा, सरा बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक। र स्सी का एक छोर मैंने पकड़ ा और दू स रा भाई ने।

नयम: वाक्य बनाते समय शब्द का अथ ध्यान म र खए। “छोर” का अथ कनारा है, इस लए वह कसी लंबी चीज़
के साथ ही आएगा — रस्सी, मैदान, चादर।

जाँच क जए: अपना वाक्य पढ़कर दे खए। य द वही शब्द हटाकर वाक्य का अथ बदल जाए, तो वाक्य सही बना
है।

प्र.2 जब घ घे के ऊपर सूखा पत्ता गरा, तब उसने ‘वाह!’ न कहकर ‘उई!’ कहा। आपके मुँह से कब ‘वाह’ और ‘उई’
जैसे शब्द नकलते ह?

ये दोन मन के भाव बताने वाले शब्द ह। ये बना सोचे अपने आप नकल जाते ह।

शब्द कब नकलता है उदाहरण वाक्य

वाह खुशी, तारीफ़ या अ े आश्चय पर वाह! िकतना सुंद र फू ल है। (पुस्तक का उदाहरण)
वाह! आज तो खीर बहुत स्वािद ष्ट बनी है।
वाह! तुमने बहतु सुंद र िचत्र बनाया।

उई अचानक डर लगने या हल्क चोट लगने पर उई! मेर ी उँ गली में काँटा चुभ गया।
उई! अंधे रे में अचानक कोई सामने आ गया।
उई! चाय बहुत गरम है।

Page 13 of 23

Page 15

as e
क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
घ घे ने ‘उई’ ही क्य कहा: पत्ता अचानक गरा। घ घे को लगा क “पूरा आकाश ढँ क गया है।” वह डर गया,

m a s em
gl
इस लए “उई!” नकला। जब उसने दे खा क वह सफ़ एक सूखा पत्ता था, तब वह अपने ऊपर हँस ने लगा और बोला
co तो कतनी मज़ेदार है।”
— “वाह! दु.नया
a
a s em
agl

co m
ag
घ घे ने अपने शंख म कौन-कौन सा सामान बाँधा होगा? फल, पत्ता, …
.
प्र.3

em
g l as
a
यह कल्पना का प्रश्न है। कहानी म सामान क सूची नह द गई, इस लए हम सोचना है क एक घ घे को सफ़र म क्या-क्या चा हए।

. c om
m
सोचने का तरीका: घ घा बहुत छोटा है और बहुत धीरे चलता है। उसका सफ़र लंबा होगा। इस
a s emलए वह खाने क
o सामान ही बाँधेगा।
चीज़ औरcहल्का
. a gl
a s em
a gनमूl ना उत्तर: फल, पत्ता, घास के कुछ तनके, थोड़ा पानी, एक छोटा बीज, मुलायम काई, एक नरम पंखुड़ी और सोने के लए एक
s
सूखा पत्ता।

om a
. c
em अपने शंख म बाँध लया।” चत्र म भी घ घे क पीठ पर एक agl
a s
पाठ से आधार: “यह सोचकर उसने अपना सामान

agl है।
छोट पोटली और एक बोतल बँधी दखती

co m
.
Try This: अपने उत्तर म केवल वही चीज़ र खए जो बगीचे म मल सकती ह । बैग या छाता लखने पर उत्तर
m
m ase
.co l
कहानी से दूर चला जाएगा।
a g
se m
g l a
a
मलान क जए — पृष्ठ 24
se m
com g l a
नीचे लखी बात घ घे ने कब-कब कह ? मलान क जए —
m . a
ase
agl
मलान क जए

नीचे लखी बात घ घे ने कब-कब कह ? मलान क जए — (घ घे का कथन / कब कहा?)
co m
.
प्र.1

e m
m l as
.co a g
emपुस्तक म दोन ओर ये ख़ाने दए गए ह —

a s
agl
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 14 of 23

Page 16

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

घ घे का कथन कब कहा?

“वाह! दुिनया में सब कु छ िकतनी तेज़ी से चलता है। ” जब उस पर सूखा प ा िगरा।

“वाह! दुिनया सचमुच िकतनी बड़ी है। ” जब उसने बड़ का पेड़ दे खा।

“वाह! दुिनया तो िकतनी मज़ेद ार है। ” जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कु े को भागते हुए दे खा।

“वाह! सचमुच दुिनया िकतनी अद् भतु है। ” जब उसने बच्चों के खेल ने का स्थान दे खा।

पाठ के अनुसार सही जोड़े ये बनते ह —

घ घे का कथन कब कहा? कहानी का प्रसंग

“वाह! दुिनया में सब कु छ िकतनी जब उसने लुढ़कती गेंद के पीछे कु े तेज़ी दे खकर उसे बगीचे क धीमी चाल याद आ गई।
तेज़ी से चलता है। ” को भागते हएु दे खा।

“वाह! दुिनया सचमुच िकतनी बड़ी जब उसने बच्चों के खेल ने का स्थान छे द से नकलते ही सामने बहुत बड़ा मैदान दखा।
है। ” दे खा।

“वाह! दुिनया तो िकतनी मज़ेद ार जब उस पर सूखा प ा िगरा। पहले डरा, फर अपने ऊपर हँस पड़ा। यही जोड़ा पुस्तक म
है। ” उदाहरण के रूप म पहले से जुड़ा है।

“वाह! सचमुच दुिनया िकतनी जब उसने बड़ का पेड़ दे खा। पेड़ इतना बड़ा था क एक छोर से दूसरा छोर दखता ही नह
अद् भतु है। ” था।

जोड़े कैसे पहचाने: हर कथन म एक ख़ास शब्द छपा है। “बड़ी” का मेल बड़े मैदान से है, “तेज़ी” का मेल भागते
कुत्ते से, “मज़ेदार” का मेल उस मज़ेदार घटना से जब पत्ता गरा, और “अ त” का मेल उस वशाल बड़ के पेड़ से।

व भन्न ध्व नयाँ — पृष्ठ 24–25
“उसी समय खड़-खड़ क ध्व न आई।” यहाँ सूखे पत्त के गरने क ध्व न ‘खड़-खड़’ जैसी है। इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी —

व भन्न ध्व नयाँ

प्र.1 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — बादल का गरजना

बादल के गरजने क ध्व न — गड़गड़।
इसे कड़-कड़ या गरज-गरज भी लखा जा सकता है।
वाक्य म: रात भर बादल गड़गड़ करते रहे।

Page 15 of 23

Page 17

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

ऐसे शब्द क्य बनते ह: ऐसे शब्द वही आवाज़ सुनाते ह जो चीज़ सचमुच करती है। इसी लए पढ़ते ही आवाज़ कान
म बज जाती है। पाठ का “खड़-खड़” भी ऐसा ही शब्द है।

प्र.2 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — पानी का बरसना

पानी के बरसने क ध्व न — रम झम।
तेज़ बा रश हो तो छम-छम या झर-झर भी कहा जाता है।
वाक्य म: सुबह से रम झम बा रश हो रही है।

ध्यान द जए: एक ही चीज़ क ध्व न हल्क और तेज़ होने पर बदल जाती है। हल्क बूँद रम झम, तेज़ धार झर-
झर।

प्र.3 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — नल से बूँद का गरना

नल से बूँद के गरने क ध्व न — टप-टप।
बहुत धीमी बूँद हो तो टप- टप भी कहते ह।
वाक्य म: बंद नल से रात भर टप-टप पानी गरता रहा।

Tip: यह ध्व न हम याद दलाती है क नल ठ क से बंद करना चा हए, वरना पानी बेकार बहता है।

प्र.4 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — मढक का बोलना

मढक के बोलने क ध्व न — टर-टर।
वाक्य म: बा रश होते ही तालाब से टर-टर सुनाई दे ने लगी।

क्य याद रह जाती है: मढक क आवाज़ गले से नकलती है और बार-बार दोहराई जाती है। दोहराव के कारण शब्द
भी दो बार लखा जाता है — टर-टर।

Page 16 of 23

Page 18

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — घंट का बजना

घंट के बजने क ध्व न — टन-टन।
बड़ी घंट हो तो ठन-ठन या घनन-घनन भी कहते ह।
वाक्य म: छु क घंट टन-टन बजने लगी।

प्र.6 इनक ध्व नयाँ कैसी ह गी — हवा का बहना

हवा के बहने क ध्व न — सन-सन।
पत्त से टकराए तो सर-सर भी सुनाई दे ती है।
वाक्य म: रात म सन-सन हवा चल रही थी।

पाठ से जो ड़ए: कहानी म हवा से ही पत्ता गरा था और “खड़-खड़” क ध्व न आई थी। यानी एक ध्व न से दूसरी
ध्व न बनती है।

अपनी-अपनी वशेषताएँ — पृष्ठ 25
घ घे ने उ ान से बाहर आकर जो भी दे खा, वह कसी-न- कसी रूप म वशेष था। पाठ के आधार पर उनक वशेषताएँ ल खए —

अपनी-अपनी वशे ष ताएँ

प्र.1 घ घे ने उ ान से बाहर आकर जो भी दे खा, वह कसी-न- कसी रूप म वशेष था। पाठ के आधार पर उनक
वशेषताएँ ल खए —

पुस्तक म ता लका ऐसी द गई है। पहली वशेषता उदाहरण के रूप म भरी हुई है —

Page 17 of 23

Page 19

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

जो दे खा उसक वशेषता

बहुत बड़ा, लंबा-चौड़ा

…………………

…………………

…………………

पाठ के आधार पर पूरी ता लका इस तरह भरेगी —

Page 18 of 23

Page 20

as e
क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
जो दे खा उसक वशेषता (पाठ के आधार पर)

m as e
.co a g l
बहुत बड़ ा, लंबा-चौड़ ा मैद ान। घोंघे ने इतनी बड़ ी जगह कभी नही ं दे खी थी।

se m
g l a
a

co m
m . ag
se
ब के खेलने का स्थान

l a
बड़ ा-सा पत्थर।gघोंघे को लगा यह कोई पहाड़ होगा। वह झट से उस पर चढ़ गया।
a

co m
em.
m l as
m .co a g
a se
पत्थर

a g l
अपने लंबे-पतले पाँवों से इधर -उधर आ-जा रहा था।

m a s
m .co agl
l a se
a g
लाल च टा

co m
m .
e
इतना बड़ ा िक घोंघ ा उसके एक छोर से दू स रे छोर तक भी नही ं दे ख पाता था।

m l as
m .co a g
l a se
ag
se m
com l a
बड़ का पेड़

. a g
e m
as कहानी म ही आए ह — “बहुत बड़ा, लंबा और चौड़ा-सा मैदान”, “घ घे
वशेषता कहाँ से ली: हर पं क्त केlशब्द
g
को लगा यह कोई पहाड़ होगा”,a“वे अपने लंबे-पतले पाँव से इधर-उधर आ-जा रहे थे”, और “इतना बड़ा था क

co m
घ घा उसके एक छोर से दूसरे छोर तक भी नह दे ख पाता था”।

m .
m as e
.co a g l
m
ध्यान द जए: वशेषता वही ल खए जो पाठ म द गई हो। अपनी ओर से रंग या स्वाद जोड़ना ठ क नह होगा।

l a se
ag
.c
s e m
m a
co agl
अनुमान और कल्पना — पृष्ठ 26
m .
as e
a g l

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 19 of 23

Page 21

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

इतने समय तक वहाँ रहने के कारण घ घा उ ान का कोना-कोना पहचान गया था।

अनु मान और कल्पना

प्र.1 अनुमान लगाकर बताइए क घ घा उ ान म कब से रह रहा होगा।

अनुमान यह है क घ घा जन्म से ही, यानी अपने पूरे जीवन से उसी उ ान म रह रहा होगा।

अनुमान का आधार: पाठ म दो बात लखी ह — “घ घे ने अपना सारा जीवन उसी बगीचे म बताया था” और
“इतने समय तक वहाँ रहने के कारण घ घा बगीचे का कोना-कोना पहचान गया था”। कोना-कोना पहचानने म कई
साल लगते ह।

एक और ठ क उत्तर: “कई वष से” कहना भी सही है। पुस्तक ने गनती नह द , इस लए सही संख्या कोई नह
जानता। अनुमान म कारण दे ना ज़रूरी है, संख्या नह ।

प्र.2 घ घे को उ ान के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने म दो दन लगते थे और उसे वापस लौटने म 48 घंटे लगते थे।
ऐसा क्य ?

क्य क दो दन और 48 घंटे एक ही समय ह। समय बदला ही नह , केवल गनने का तरीका बदला है।

1 िदन = 24 घंटे

2 िदन = 24 + 24 = 48 घंटे

इस लए जाने म जतना समय लगा, लौटने म भी उतना ही लगा।

ऐसा क्य होना ही था: घ घे क चाल जाते समय भी वही थी और लौटते समय भी वही। रास्ता भी वही था। जब
चाल और रास्ता एक जैसे ह , तो समय भी एक जैसा रहता है।

Tip: प्रश्न म “दो दन” और “48 घंटे” लखकर हम उलझाया गया है। घंटे को दन म बदलते ही उलझन ख़त्म हो
जाती है।

Page 20 of 23

Page 22

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 आप अपने व ालय म कतने वष से पढ़ रहे ह? आपने वहाँ अब तक क्या-क्या दे खा है?

यह आपके अपने व ालय का प्रश्न है। सच-सच ल खए।

कैसे लख — तीन चरण:
चरण 1 — बताइए आप कस क ा से इस व ालय म ह और कतने वष हो गए।
चरण 2 — व ालय क तीन-चार चीज़ गनाइए — कमरे, मैदान, पेड़, पुस्तकालय।
चरण 3 — एक ऐसी बात ल खए जो आपको सबसे अ लगती है।

नमूना उत्तर: म क ा 1 से इसी व ालय म पढ़ रहा ँ। इस तरह मुझे यहाँ चार वष हो गए ह। मने यहाँ बड़ा खेल का मैदान, प्राथना-
स्थल और पुस्तकालय दे खा है। आँगन म एक पुराना नीम का पेड़ है। बा रश म उसके नीचे बहुत ठं डक रहती है। मुझे वहाँ बैठकर
कताब पढ़ना सबसे अ ा लगता है।

पाठ से जो ड़ए: घ घा भी लंबे समय तक एक ही जगह रहकर उसका कोना-कोना पहचान गया था। कसी जगह को
जानने के लए समय चा हए।

प्र.4 आपको अपनी क ा से पेयजल के ान और व ालय के मुख्य ार तक जाने म कतना समय लगता है?

यह आपको स्वयं नापकर बताना है।

कैसे नाप — तीन चरण:
चरण 1 — क ा से चलना शुरू क जए और अपने कदम ग नए।
चरण 2 — घड़ी दे खकर या मन म एक-दो-तीन गनकर समय जो ड़ए।
चरण 3 — दोन जगह का समय अलग-अलग ल खए।

नमूना उत्तर: मेरी क ा से पेयजल का स्थान बहुत पास है। वहाँ जाने म मुझे लगभग आधा मनट लगता है। मुख्य ार दूर है। वहाँ
तक पहुँचने म लगभग दो मनट लगते ह। दौड़कर जाऊँ तो एक मनट म पहुँच जाता ँ।

यह प्रश्न क्य पूछा गया: घ घे को छोटे बगीचे म दो दन लगते थे। हम उतनी ही दूरी म कुछ मनट लगते ह। इससे
समझ आता है क समय चाल पर नभर करता है।

घ घे से आपक भट — पृष्ठ 26

Page 21 of 23

Page 23

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

घ घे को सबसे पहले ब के खेलने का ान दखाई दया। कल्पना क जए क ब ने घ घे को दे खा और उससे बात क ।

घ घे से आपक भट

प्र.1 घ घे को सबसे पहले ब के खेलने का ान दखाई दया। कल्पना क जए क ब ने घ घे को दे खा और
उससे बात क । संवाद पूरा क जए —

पुस्तक म संवाद क दो पं क्तयाँ भरी ह और आगे क पं क्तयाँ आपको लखनी ह —

बच्चे – अरे ! आप कौन?

घोंघ ा – मुझे नही ं पहचानते! मैं घोंघ ा, नही ं तो और कौन?

बच्चे – ……………………………………

घोंघ ा – ……………………………………

बच्चे – ……………………………………

घोंघ ा – ……………………………………

बच्चे – ……………………………………

संवाद लखने के चार नयम:
1 — हर पं क्त छोट र खए, जैसे हम सचमुच बोलते ह।
2 — ब े सवाल पूछ और घ घा उत्तर दे ।
3 — बात कहानी से जुड़ी ह — बगीचा, द वार का छे द, बाहर क दु नया।
4 — अंत म ब े कोई अ बात कह, जससे संवाद पूरा लगे।

नमूना उत्तर:

बच्चे – अरे ! आप कौन?

घोंघ ा – मुझे नही ं पहचानते! मैं घोंघ ा, नही ं तो और कौन?

बच्चे – आप यहाँ कहाँ से आए है?ं

घोंघ ा – उस दीवार के छे द से । उसके पीछे मेर ा छोटा-सा बगीचा है।

बच्चे – आपकी पीठ पर यह गोल -गोल चीज़ क्या है?

घोंघ ा – यह मेर ा शंख है। यही मेर ा घर है और इसी में मेर ा सामान भी है।

बच्चे – वाह! िफर तो आप अपना घर साथ ले क र घूमते है।ं हमारे साथ खेिलए न!

Page 22 of 23

Page 24

क ा 4 हद अध्याय 2 बगीचे का घ घा AglaSem · NCERT Solutions

यह संवाद क्य ठ क है: इसम हर बात कहानी से नकली है — द वार का छे द, छोटा बगीचा और शंख म बँधा
सामान। कल्पना करते समय भी पाठ क बात साथ रखनी चा हए।

अध्याय — एक नज़र म
घ घा एक छोटे -से सुंदर बगीचे म रहता था। उसे बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने म पूरे दो दन लगते थे।
बगीचे क द वार म एक छे द था। घ घा रोज़ उसे दे खता था। उसक माँ ने उसे वहाँ जाने से मना कया था।
घ घे ने तय कया क वह बाहर जाकर दे खेगा क दु नया कैसी है। उसने अपना सामान अपने शंख म बाँध लया।
बाहर उसने मैदान, सूखा पत्ता, पत्थर, लाल च टे , गलहरी, गद, कुत्ता, खजूर का पेड़ और बड़ का पेड़ दे खा।
हर नई चीज़ दे खकर उसने “वाह!” कहा। पत्ता गरा तो डर के मारे “उई!” नकल गया।
अंत म घ घे ने तय कर लया क अब वह इसी बड़ी दु नया म रहेगा।

त्व रत पुनरावृ त्त

शब्द अथ पाठ म कहाँ आया आपका नया वाक्य

छोर िकनारा, िसरा बगीचे के एक छोर से दूसरे छोर तक रस्सी का एक छोर मने पकड़ा।

च कत हैर ान रह जाना बाहर आते ही घ घा च कत रह गया जादू दे खकर हम च कत रह गए।

आश्चय हैर ानी घ घे क आँख आश्चय से खुल गईं उसक बात सुनकर मुझे आश्चय हुआ।

अ त बहत
ु अनोखा “सचमुच दु नया कतनी अ त है!” मोर का नाच अ त लगता है।

अचानक एकदम, िबना बताए तभी अचानक उसने एक चीज़ दे खी अचानक तेज़ बा रश होने लगी।

प्र त दन हर िदन, रोज़ घ घा प्र त दन उस छे द को दे खता था म प्र त दन सुबह टहलता ँ।

शंख घोंघे की पीठ पर का गोल घर सामान अपने शंख म बाँध लया घ घे का शंख गोल-गोल होता है।

ध्व न आवाज़ खड़-खड़ क ध्व न आई घंट क ध्व न दूर तक गई।

फुदकना उछल-उछलकर चलना गलहरी फुदक-फुदककर चढ़ गई च ड़या डाल पर फुदक रही है।

लुढ़कना गोल-गोल घूम ते हुए जाना दूर एक गद लुढ़कती हुई जा रही थी पहाड़ी से पत्थर लुढ़क गया।

वास्तव म सच में वास्तव म वह ब के खेलने क जगह थी वास्तव म वह बहुत मेहनती है।

बेचारा िजस पर दया आए बेचारे घ घे ने खजूर का पेड़ नह दे खा था बेचारा पल्ला भीग गया।

Page 23 of 23

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 4
TypeSolution
Pages25
Languagehindi
Updated13 Oct 2026