aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ

कक्षा 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ के सभी प्रश्नों के विस्तृत हल AglaSem Docs पर निःशुल्क डाउनलोड करें। नवीनतम एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (गणित मेला, 2026-27 एनईपी पाठ्यक्रम) पर आधारित, विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए चरण-दर-चरण समाधान। Download NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ PDF free at AglaSem Docs, with step-by-step answers based on the latest NCERT textbook (Math Mela, 2026-27 NEP syllabus).
NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ - Page 1 of 146

About NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ

NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ is available here for free download. Published by NCERT for Class 4, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (146 pages). Candidates preparing for Class 4 can use NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ free to download?

Yes. NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ have?

NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ contains 146 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 4 study material?

You can find more Class 4 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions Class 4 Maths Chapter 1 हमारे आस-पास की आकृतियाँ – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (60 pages)

Page 1

F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा4

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 1: हमारे आस-पास क आकृ तयाँ

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत मेला

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

1 – 23 24 103 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 119 pages

Page 2

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

कक्षा 4 · ग णत · ग णत मे ला

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 1: हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
हमारे आस-पास क आकृ तयाँ ग णत मेला का पहला अध्याय है। यह आपको अपनी गली के भवन से लेकर हाथ म पकड़ी जाने वाली ठोस
आकृ तय तक — प्रज्म, परा मड, घन और बेलन तक — ले जाता है, और फर रोज़मरा क चीज़ म छपे कोण और वृत्त तक। यहाँ अध्याय के हर
प्रश्न और हर ग त व ध का सरल, चरण-दर-चरण हल दया गया है।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

ग णत मेला (कक्षा 4) 1 – 23

खं ड प्रश्न

24 103

माध्यम

हन्द

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 1
ब्लॉक का उपयोग करते हुए यहाँ दशाए गए भवन के प्र तरूप बनाइए

प्र.1 अपने प्र तरूप म आपने भवन के कौन-कौन से भाग (छत, स्तंभ, आधार इत्या द) को दशाया है?

ऊँचे स्तंभों वाला पवे श- ार गाँव की एक झोपड़ ी

पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।

उन भाग को दशाइए जो भवन को खड़ा रखते ह और उसे उसक आकृ त दे ते ह।

आधार — वह सपाट ब्लॉक जस पर पूरा प्र तरूप खड़ा है।
स्तंभ — दोन ओर के दो ऊँचे ब्लॉक।

Page 1 of 119

Page 3

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

मेहराब या ार — दोन स्तंभ के बीच छोड़ी गई खाली जगह।
छत — ऊपर आड़ी रखी लंबी ब्लॉक।
ऊपर का गुंबद या ब्लॉक — छत पर रखा छोटा ब्लॉक।

ऐसा क्य : हर भवन कुछ बड़े भाग से बनता है, इस लए प्र तरूप म वही बड़े भाग दखाने से वह भवन जैसा लगने
लगता है।

नमूना उत्तर: मने अपने प्र तरूप म आधार, दो स्तंभ, मेहराब, छत और ऊपर रखा छोटा ब्लॉक दशाया है।

प्र.2 आपने इन भाग को क्य चुना?

ऊँचे स्तंभों वाला पवेश- ार गाँव की एक झोपड़ी

पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।

क्य क इन्ह भाग से भवन अपने जैसा दखाई दे ता है।

स्तंभ और आधार पूरा भार सँभालते ह, इस लए प्र तरूप खड़ा रहता है।
मेहराब और छत चत्र म सबसे पहले दखाई दे ते ह।
इनम से कोई एक भाग हट जाए तो प्र तरूप भवन जैसा नह लगता।

ऐसा क्य : हम वही भाग चुनते ह जो भवन को उसक आकृ त दे ते ह, हर छोट बात नह ।

Page 2 of 119

Page 4

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 कौन-कौन सी आकृ तयाँ इन भाग का उपयुक्त प्र तरूप बन सकती ह?

ऊँचे स्तंभों वाला पवेश- ार गाँव की एक झोपड़ ी

पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।

हर भाग के लए वही ठोस आकृ त चा हए जो उससे सबसे अ धक मलती हो।

भवन का भाग उपयुक्त आकृ त

आधार घनाभ (चौड़ ा, चपटा बक्सा)

स्तंभ घनाभ या बेल न

छत / पाटन घनाभ

झोपड़ी क ढलवाँ छत शंकु

ऊपर का गुंबद गोले का आधा भाग

ऐसा क्य : स्तंभ लंबा और सीधा होता है, इस लए लंबा ब्लॉक उस पर ठ क बैठता है। गुंबद चार ओर से गोल है,
इस लए गद जैसी आकृ त उस पर बैठती है।

Page 3 of 119

Page 5

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
आपका प्र तरूप कस प्रकार वास्त वक भवन के चत्र के समान है?
e
प्र.4

m l as
m .co a g
l a se
a g

co m
e m . ag
g l as
a
m
ऊँ चे स्तंभों वाला पवेश- ार गाँव की एक झोपड़ ी

co
पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।
em.
m l as
m .co a g
l a se
a gउत्तर
s
जो बात एक नज़र म दखती ह, उनम वह वास्त वक भवन जैसा ही है।
m a
m .co agl
se
इसम वही भाग ह — आधार, स्तंभ, मेहराब, छत।
सभी भाग उन्ह स्थान पर, एक के ऊपर एक ह।
g l a
a
जो भाग ऊँचे ह वे प्र तरूप म भी ऊँचे ह और चौड़े भाग चौड़े ह।

co m
ऐसा क्य : प्र तरूप भाग क आकृ त और उनका क्रम नकल करता है, इस लए आँख को वही भवन दखाई दे ता
m .
m as e
.co l
है।
a g
se m
g l a
a
प्र.5 आपका प्र तरूप कस प्रकार वास्त वक भवन से भन्न है?
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
ऊँचे स्तंभों वाला पवेश- ार गाँव की एक झोपड़ी

.c
पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
वह आकार, साम ी और छोट -छोट बारी कय म भन्न है।

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 4 of 119

Page 6

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

वास्त वक भवन बहुत बड़ा है; मेरा प्र तरूप हाथ म आ जाता है।
वास्त वक भवन पत्थर और ईंट का है; मेरा लकड़ी के ब्लॉक का।
वास्त वक भवन क नक्काशी, खड़ कयाँ और रंग इसम नह ह।
मेरे प्र तरूप के कोने नुक ले और सादे ह, गोल और नक्काशीदार नह ।

ऐसा क्य : ब्लॉक कुछ ही सरल आकृ तय म मलते ह, इस लए बारीक सजावट उनसे नह बनाई जा सकती।

प्र.6 चचा क जए — य द आप अपने प्र तरूप के एक टु कड़े को हटा द तो क्या होगा? क्या यह प्र तरूप अभी भी
वास्त वक भवन जैसा ही दखाई दे गा? आप अपने प्र तरूप को और अ ा कैसे बना सकते ह?

ऊँचे स्तंभों वाला पवेश- ार गाँव की एक झोपड़ ी

पुस्तक म दए गए वे दो भवन जनके प्र तरूप ब्लॉक से बनाने ह।

यह इस बात पर नभर है क आप कौन-सा टु कड़ा हटाते ह।

स्तंभ हटाइए — ऊपर क छत गर जाएगी। प्र तरूप खड़ा ही नह रहेगा।
ऊपर का छोटा ब्लॉक हटाइए — प्र तरूप खड़ा रहेगा, पर ऊपर से सपाट लगेगा।
आधार हटाइए — प्र तरूप डगमगाएगा और टे ढ़ा हो जाएगा।

अथात्: भार सँभालने वाला टु कड़ा हटने पर प्र तरूप भवन जैसा नह रहता। केवल ऊपर का छोटा टु कड़ा हटने पर वह कुछ हद तक
वैसा ही दखता है।

और अ ा कैसे बनाएँ: हर भाग के लए सही माप के ब्लॉक ली जए, दोन स्तंभ बराबर र खए, मेहराब के लए
एक वक्र ब्लॉक जो ड़ए और वास्त वक भवन के रंग म रंग भ रए।

Page 5 of 119

Page 7

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य : नीचे के टु कड़े ऊपर का सारा भार सँभालते ह, इस लए वे ऊपर के टु कड़ से अ धक महत्त्वपूण ह।

प रयोजना काय — पृष्ठ 2
मने कुछ बनाया है। दे खो, यह मेरी कुतुब मीनार है।

प्र.1 क्या आपको लगता है क यह कुतुब मीनार जैसा दखाई दे रहा है?

ब्लॉकों से बना पितरूप

पुस्तक म लड़के ने ब्लॉक से जो प्र तरूप बनाया है।

हाँ, थोड़ा-सा — पूरी तरह नह ।

समानता: यह ऊँचा है, ऊपर जाते-जाते पतला होता है और एक के ऊपर एक मं ज़ल से बना है — ठ क कुतुब मीनार क
तरह।
अंतर: असली कुतुब मीनार एक ऊँचे बेलन जैसी गोल है, जब क प्र तरूप नुक ले कोन वाले चौकोर बक्स से बना है।

ऐसा क्य : ब्लॉक के फलक सपाट और कोने नुक ले होते ह, इस लए उनसे गोल मीनार हूबहू नह बनाई जा सकती।

Page 6 of 119

Page 8

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 य द आप कुतुब मीनार का एक प्र तरूप बनाते ह तो आप कस- कस आकृ त का उपयोग करगे? क्य ?

ब्लॉकों से बना पितरूप

पुस्तक म लड़के ने ब्लॉक से जो प्र तरूप बनाया है।

म बेलन ( स लडर) का उपयोग करूँगा।

कुतुब मीनार चार ओर से गोल है और बेलन भी चार ओर से गोल होता है।
बेलन के दो सपाट वृत्ताकार फलक होते ह, इस लए एक बेलन दूसरे पर टककर खड़ा रहता है।
नीचे चौड़ा बेलन और ऊपर पतले बेलन रखूँगा, जससे मीनार ऊपर जाते-जाते पतली हो जाए।

संकेत: खाली गोल डब्बे, कागज़ क चू ड़याँ या कागज़ लपेटकर बनी न लयाँ इस प्र तरूप के लए अ े बेलन
बनती ह।

Page 7 of 119

Page 9

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य : जब हर भाग उसी ठोस आकृ त से बने जसक आकृ त उस भाग जैसी हो, तभी प्र तरूप असली जैसा
लगता है।

प्र.3 आप ऐसी कतनी आकृ तय का उपयोग करगे?

ब्लॉकों से बना पितरूप

पुस्तक म लड़के ने ब्लॉक से जो प्र तरूप बनाया है।

पाँच बेलन — हर मं ज़ल के लए एक।

कु त बु मीनार में 5 मंिज़ले ं है।
ं

पत्येक मंिज़ल के िलए 1 बेलन

अत: आवश्यक बेलन = 5

ऐसा क्य : पुस्तक बताती है क कुतुब मीनार म 5 मं ज़ल ह और हर मं ज़ल एक गोल प जैसी है, इस लए एक
मं ज़ल के लए एक बेलन चा हए।

क्या आप जानते ह? कुतुब मीनार एक वश्व प्र सद्ध धरोहर स्थल है और ईंट से न मत सबसे ऊँची मीनार है। इसम
5 मं ज़ल और 379 सी ढ़याँ ह।

Page 8 of 119

Page 10

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
इन सभी ईंट म क्या समानता है? ....................
e
प्र.4

m l as
m .co a g
l a se
a g

co m
िम ी की ईंट पत्थर का ब्लॉक लकड़ ी का ब्लॉक

e m . ag
as
पुस्तक म दखाए गए तीन प्रकार के नमाण-खंड।

a g l

co m
m.

as e
om
ये सभी घनाभ ह — यानी बक्से जैसी आकृ त।

हर एक .मc6 a g l
m
aहरseफलक एक आयत है और आमने-सामने के फलक एक जैसे ह।
सपाट फलक, 12 कनारे और 8 कोने ह।

agl फलक सपाट होने के कारण एक ईंट दूसरी पर बना खाली जगह छोड़े मज़बूती से बैठ जाती है।
m a s
m .co
ऐसा क्य : सपाट फलक पूरी तरह एक-दूसरे से चपकते ह, इस लए घनाभ ईंट क द वार डगमगाती नह । यही
agl
l a se
g
कारण है क म , पत्थर, लकड़ी और कंक्र ट — सभी क ईंट इसी बक्से जैसी आकृ त म बनाई जाती ह।
a

co m
m .
हस्तकला — पृष्ठ 3
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 9 of 119

Page 11

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

नेट (जाल), प्रज्म और परा मड

प्र.1 कागज क प य से एक गोले जैसी आकृ त बनाइए।

समान लंबाई क कागज़ क प याँ, ऊपर और नीचे से जोड़ी हुई।

बराबर लंबाई क कागज़ क प याँ काटकर उन्ह इस तरह जो ड़ए क वे सब बाहर क ओर फूल जाएँ।

1. समान लंबाई और समान चौड़ाई क 6 से 8 प याँ का टए।
2. इन्ह एक के ऊपर एक र खए।
3. सभी प य को ऊपर के सरे पर एक साथ पन या स्टे पल कर द जए।
4. इसी प्रकार नीचे के सरे पर भी सबको एक साथ जोड़ द जए।
5. अब प य को चार ओर फैला द जए, जैसे संतरे क फाँक।

जो आकृ त बनती है वह हर दशा म गोल है — वह गोले जैसी दखती है।

ऐसा क्य : सभी प याँ बराबर लंबी ह, इस लए हर प बराबर ही मुड़ती है। इससे आकृ त हर ओर बराबर फूलती है
और हर ओर बराबर फूली हुई आकृ त ही गोला है।

स्वयं जाँ चए: य द एक प बा कय से लंबी हो तो वह बाहर नकल आएगी और आकृ त हर ओर से गोल नह
रहेगी।

Page 10 of 119

Page 12

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 इस पुस्तक के अंत म दए गए जाल का उपयोग करके नीचे दए गए प्र तरूप को बनाने का प्रयास क जए —

िप ज्म िपरािमड

ि भुज ाकार िपज्म ि भुज ाकार िपरािमड पंच भुज ाकार िपरािमड

षट् भज
ु ाकार िपज्म

वग कार िपज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

एक बक्से का नेट

एक बक्सा खोलकर समतल कया गया। बदुदार रेखाएँ मोड़ क रेखाएँ ह।

का टए, मो ड़ए और चपकाइए — सपाट जाल ठोस आकृ त बन जाएगा।

1. जाल को केवल उसक बाहरी रेखा पर का टए।
2. हर बदुदार रेखा पर मो ड़ए। हर मोड़ को अ तरह दबाइए।

Page 11 of 119

Page 13

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

3. फलक को ऊपर उठाकर मलाइए और प य को ग द या टे प से चपका द जए।
4. हर प्र तरूप के लए यही क जए: त्रभुजाकार प्रज्म, वगाकार प्रज्म, षट् भुजाकार प्रज्म, त्रभुजाकार परा मड, वगाकार
परा मड और पंचभुजाकार परा मड।

ऐसा क्य : जाल वही ठोस है जसे खोलकर समतल कर दया गया है। ठोस का हर फलक जाल म पहले से मौजूद
है, इस लए मोड़ने पर हर फलक अपनी जगह पर लौट आता है।

संकेत: मोड़ने से पहले जाल के फलक गन ली जए। त्रभुजाकार प्रज्म के जाल म 3 आयत और 2 त्रभुज होते ह,
इस लए उस ठोस म 5 फलक होने ही चा हए।

प्र.3 सभी प्रज्म म कौन-कौन से फलक (face) क आकृ त समान है? ..............

िप ज्म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

आयत।

त्रभुजाकार प्रज्म क बगल म आयत ह।
वगाकार प्रज्म क बगल म आयत ह।
षट् भुजाकार प्रज्म क बगल म आयत ह।

ऐसा क्य : प्रज्म एक सपाट आकृ त को सीधे सरकाकर बनता है। उस आकृ त क हर भुजा सरकते-सरकते एक
सपाट आयत बना दे ती है।

Page 12 of 119

Page 14

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 इन प्रज्म म अन्य आकृ तयाँ कौन-सी ह? ..............

िप ज् म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

दोन सपाट सरे, और हर प्रज्म म ये अलग-अलग ह।

प्रज्म दोन सर के फलक क आकृ त

त्रभुजाकार प्रज्म ि भुज

वगाकार प्रज्म वग

षट् भुजाकार प्रज्म षट् भज
ु (6 भुजाएँ)

ऐसा क्य : प्रज्म का नाम उसके दोन सर क आकृ त पर रखा जाता है, इस लए सरे दे खकर ही पता चलता है क
वह कौन-सा प्रज्म है।

प्र.5 प्रत्येक प्रज्म म ऐसे फलक क संख्या कतनी है? ..............

िप ज् म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

हर प्रज्म म 2 — हर सरे पर एक।

Page 13 of 119

Page 15

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
em.
ि भुजाकार िपज्म → 2 ि भुज
m l as
.co
वग कार िपज्म → 2 वग
m a g
l a se
g
षट् भुजाकार िपज्म → 2 षट् भुज
aअत: पत्येक िपज्म में ऐसे 2 फलक होते है।ं

co m
m . ag
l a se
aु लg एक जैसे।
ऐसा क्य : आकृ त को सीधे सरकाकर प्रज्म बनाया जाता है, इस लए वह एक बार शुरू म और एक बार अंत म
आती है — दो सरे, और दोन सरे बलक

co m
e m.
m l as
.co a g
प्र.6 सभी परा मड म कौन-कौन से फलक क आकृ त समान है? ..............

se m
g l a
a ज्
िप म िपरािमड

m a s
m .co agl
ase
ि भुजाकार िपज्म ि भुजाकार िपरािमड

agl
पंचभुजाकार िपरािमड

षट् भुजाकार िपज्म

वग कार िपज्म

co m
वग कार िपरािमड

m .
e
पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

m l as
.co a g
a s em
agl उत्तर
त्रभुज।
se m
त्रभुजाकार परा मड क ढलवाँ बगल त्रभुज ह। com g l a
वगाकार परा मड क ढलवाँ बगल त्रभुजsह।e m. a
पंचभुजाकार परा मड क ढलवाँ a glaत्रभुज ह।
बगल

co m
ऐसा क्य : परा मड म आधार क हर भुजा ऊपर के एक ही बदु से जुड़ती है। एक बदु से जुड़ी भुजा हमेशा त्रभुज
m .
m ase
l
ही बनाती है।

m .co a g
l a se
ag
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 14 of 119

Page 16

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.7 सभी त्रभुजाकार फलक .................. बदु पर मलते ह।

िप ज् म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

सभी त्रभुजाकार फलक एक ही बदु पर मलते ह।

यह बदु परा मड का शीष कोना है।
हर त्रभुज का एक कोना ठ क इसी बदु पर आता है।

ऐसा क्य : परा मड म आधार का हर कोना ऊपर के उसी एक बदु से जोड़ा जाता है, इस लए सभी त्रभुज को वह
मलना पड़ता है।

प्र.8 प्रत्येक परा मड म कसी अन्य आकृ त क पहचान क जए। ..............

िप म ज् िपरािमड

ि भुज ाकार िपज्म ि भुज ाकार िपरािमड पंचभुज ाकार िपरािमड

षट् भुज ाकार िपज्म

वग कार िपज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

आधार — वह सपाट फलक जस पर परा मड खड़ा होता है।

Page 15 of 119

Page 17

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

परा मड आधार क आकृ त

त्रभुजाकार परा मड ि भुज

वगाकार परा मड वग

पंचभुजाकार परा मड पंचभुज (5 भुजाएँ)

ऐसा क्य : परा मड का नाम उसके आधार क आकृ त पर रखा जाता है, इस लए आधार ही वह फलक है जो
त्रभुज नह होता ( त्रभुजाकार परा मड को छोड़कर, जसम आधार भी त्रभुज ही है)।

प्र.9 क्या एक घन भी प्रज्म होता है?

िप ज् म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

हाँ। घन भी एक प्रज्म है — वह वगाकार प्रज्म है।

इसके आमने-सामने के दो फलक वग ह और वे बलकुल एक जैसे ह।
उन्ह जोड़ने वाले चार फलक भी वग ह, और वग भी एक आयत ही होता है।
अथात् घन म एक जैसे सरे आयत से जुड़े ह — प्रज्म यही तो होता है।

ऐसा क्य : एक वग को उसक अपनी भुजा जतना सीधे सरका द जए, घन बन जाएगा। प्रज्म ठ क इसी तरह
बनता है।

Page 16 of 119

Page 18

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.10 एक प्रज्म और परा मड म क्या अंतर है? चचा क जए।

िप ज् म िपरािमड

ि भ ुजाकार िप ज्म ि भ ुजाकार िपरािमड पंच भ ुजाकार िपरािमड

षट्भ ुजाकार िप ज्म

वग कार िप ज्म
वग कार िपरािमड

पुस्तक म दए गए छह प्र तरूप: तीन प्रज्म और तीन परा मड।

प्रज्म परा मड

सपाट सरे 2 एक जैसे िसरे के वल 1 आधार

बगल के फलक आयत ि भुज

क्या बगल के फलक एक बदु पर मलते ह? नही ं हाँ, सभी एक शीष िबंद ु पर

दखने म सपाट िसरों वाला बक्सा या नली नुक ीले शीष वाला तंब ू

उदाहरण घन, ि भुजाकार िपज्म वग कार िपरािमड, ि भुजाकार िपरािमड

ऐसा क्य : प्रज्म एक आकृ त को सीधे सरकाकर बनता है, इस लए दोन सरे एक जैसे रहते ह। परा मड एक
आकृ त को ऊपर एक ही बदु तक ख चकर बनता है, इस लए उसम एक आधार और एक नुक ला शीष होता है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 4

Page 17 of 119

Page 19

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

स् ॉ और प्लास्ट सीन से आकृ तयाँ बनाना; 3डी आकृ तय का वग करण

प्र.1 न लका (स् ॉ) तथा प्लास्ट सीन/धाग का उपयोग करते हुए नीचे द गई आकृ तय को बनाने का प्रयास क जए
और सारणी को भ रए —

आकृ त फलक क संख्या (F) कोन क संख्या (V) कनार क संख्या (E)

घन/वगाकार प्रज्म ? ? ?

घनाभ/आयताकार प्रज्म ? ? ?

त्रभुजाकार परा मड ? ? ?

वगाकार परा मड ? ? ?

त्रभुजाकार प्रज्म ? ? ?

पहले ढाँचा बनाइए: एक स् ॉ एक कनारा है और प्लास्ट सीन क एक गोली एक कोना। फर ग नए।
बना कुछ छोड़े कैसे गन

Page 18 of 119

Page 20

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

कोने — प्लास्ट सीन क गो लयाँ ग नए।
co m
em.
as
कनारे — स् ॉ ग नए।
m l
.co a g
फलक — स् ॉ जन सपाट खड़ कय को घेरते ह उन्ह ग नए; नीचे का और पीछे का फलक गनना मत भू लए।

se m
l a
भरी हुई सारणी:
g
a
आकृ त फलक क संख्या (F) कोन क संख्या (V) कनार क संख्या (E)

. com ag
घन/वगाकार प्रज्म
e m 8
as
6 12

a g l

co m
se m.
comप्रज्म l a
em
. ag 12
s
घनाभ/आयताकार 6 8

a
agl
m a s
m .co agl
l a se
त्रभुजाकार परा मड 4 a g 4 6

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a वगाकार परा मड 5 5 8

se m
com g l a
m . a
ase
agl

c9o m
.
त्रभुजाकार प्रज्म
m
5 6

m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co
घन: ऊपर और नीचे + 4 बगल = 6 फलक। ऊपर 4 कोने और नीचे 4 = 8 कोने। ऊपर 4 स् ॉ, नीचे 4 और खड़ी 4 = 12 कनारे।
agl
g l as
त्रभुजाकार प्रज्म: 2 त्रभुज + 3 आयत = 5 फलक; ऊपर 3 कोने और नीचे 3 = 6 कोने; 3 + 3 + 3 = 9 कनारे।
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 19 of 119

Page 21

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य : हर स् ॉ एक कनारा है, हर गोली एक कोना है और स् ॉ का हर बंद घेरा एक सपाट फलक रखता है।
इस लए ढाँचा बनाकर गनना सबसे पक्का तरीका है।

Page 20 of 119

Page 22

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 फलक क संख्या (F), कनार क संख्या (E) और कोन क संख्या (V) के बीच संबंध क पहचान करने का
प्रयास क जए। प्रत्येक त म F + V – E प रक लत क जए। आपको क्या पता चलता है?

आकृ त फलक क संख्या (F) कोन क संख्या (V) कनार क संख्या (E)

घन/वगाकार प्रज्म ? ? ?

घनाभ/आयताकार प्रज्म ? ? ?

त्रभुजाकार परा मड ? ? ?

वगाकार परा मड ? ? ?

त्रभुजाकार प्रज्म ? ? ?

हर आकृ त के लए एक-एक करके F + V – E नका लए।

Page 21 of 119

Page 23

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

आकृ त F V E F+V–E

घन / वगाकार प्रज्म 6 8 12 6 + 8 – 12 = 2

घनाभ / आयताकार प्रज्म 6 8 12 6 + 8 – 12 = 2

त्रभुजाकार परा मड 4 4 6 4+4–6=2

वगाकार परा मड 5 5 8 5+5–8=2

त्रभुजाकार प्रज्म 5 6 9 5+6–9=2

मुझे यह पता चलता है: उत्तर हर बार 2 ही आता है।

F+V–E=2

ऐसा क्य : इन सभी ठोस म फलक, कोने और कनारे एक ही तरह से जुड़े रहते ह, इस लए तीन संख्याएँ मलकर
हमेशा 2 ही दे ती ह। षट् भुजाकार प्रज्म पर आज़माइए: F = 8, V = 12, E = 18 और 8 + 12 – 18 = 2 ही आता
है।

प्र.3 त्र-आयामी (3डी) आकृ तय को उनके सपाट फलक क संख्याओं के अनुसार छाँ टए तथा उनके नाम यहाँ
ल खए।

फलक क 1 सपाट 2 सपाट 4 सपाट 5 सपाट 6 सपाट 8 सपाट
संख्या फलक फलक फलक फलक फलक फलक

आकृ त का
नाम

फलक क 1 सपाट 2 सपाट 4 सपाट 5 सपाट फलक 6 सपाट 8 सपाट
संख्या फलक फलक फलक फलक फलक

आकृ त का शंकु बेल न ि भुजाकार वग कार िपरािमड, घन, घनाभ षट् भज
ु ाकार
नाम िपरािमड ि भुजाकार िपज्म िपज्म

हर आकृ त क गनती इस प्रकार है

शंकु — केवल नीचे का गोल तल सपाट है, अत: 1 सपाट फलक।
बेलन — ऊपर का वृत्त और नीचे का वृत्त, अत: 2 सपाट फलक।

Page 22 of 119

Page 24

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

त्रभुजाकार परा मड — 3 ढलवाँ त्रभुज + 1 आधार = 4।
वगाकार परा मड — 4 त्रभुज + 1 वगाकार आधार = 5। त्रभुजाकार प्रज्म — 3 आयत + 2 त्रभुज = 5।
घन और घनाभ — ऊपर, नीचे और 4 बगल = 6।
षट् भुजाकार प्रज्म — 6 आयत + 2 षट् भुज = 8।

संकेत: गोला इस सारणी म कह नह आता, क्य क उसका कोई सपाट फलक नह है — वह चार ओर से वक्र है।

प्र.4 क्या आप 3 सपाट फलक से कसी त्र-आयामी (3डी) आकृ त क रचना कर सकते ह?

हाँ — पर उसम एक वक्र फलक भी होगा।

एक बेलन को उसक लंबाई के अनु दश बीच बीच काट द जए।
आधे बेलन म 3 सपाट फलक होते ह: काटने से बना एक आयत और दोन सर पर दो अधवृत्त।
इसम एक वक्र फलक भी है, जो बेलन का बाहरी भाग है।

केवल सपाट फलक से 3 फलक वाली आकृ त नह बन सकती। केवल सपाट फलक से बनने वाली सबसे छोट आकृ त
त्रभुजाकार परा मड है और उसम भी 4 फलक लगते ह।

ऐसा क्य : तीन सपाट फलक अपने आप कसी स्थान को बंद नह कर पाते — कह न कह खाली जगह रह जाती
है, इस लए या तो चौथा सपाट फलक चा हए या एक वक्र फलक।

प्र.5 अब त्र-आयामी (3डी) आकृ तय को उनके सीधे कनार क संख्याओं के अनुसार छाँ टए तथा उनके नाम यहाँ
ल खए।

कनार क संख्या 6 सीधे कनारे 8 सीधे कनारे 9 सीधे कनारे 12 सीधे कनारे

आकृ त का नाम

कनार क संख्या 6 सीधे कनारे 8 सीधे कनारे 9 सीधे कनारे 12 सीधे कनारे

आकृ त का नाम ि भुजाकार िपरािमड वग कार िपरािमड ि भुजाकार िपज्म घन, घनाभ

हर आकृ त क गनती इस प्रकार है

Page 23 of 119

Page 25

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
e m.
ि भुजाकार िपरािमड: आधार के 3 िकनारे + 3 ढलवाँ िकनारे = 6
m l as
.co
वग कार िपरािमड: आधार के 4 िकनारे + 4 ढलवाँ िकनारे = 8
m a g
l a se
g
ि भुजाकार िपज्म: ऊपर 3 + नीचे 3 + खड़ े 3 = 9
aघन / घनाभ: ऊपर 4 + नीचे 4 + खड़ े 4 = 12

co m
e m . ag
g l as
संकेत: बेलन और शंकु यहाँ नह ह। उनके कनारे वक्र ह, सीधे नह , इस लए सीधे कनार क सारणी म उनका
स्थान नह है। a

co m
em.
om कर — पृष्ठ 5
c g l as
. a
आइए अवलोकन
s e m
gla
पासा, एक घन क तीन तयाँ और पृष्ठ के कनार क आकृ तयाँ

a
m a s
एक पासा ली जए। अब उस फलक को दे खए जस पर 1 लखा है। 1 लखे हुए फलक के वपरीत फलक पर 6

.co agl
प्र.1
होता है। नम्न ल खत फलक के वपरीत फलक कौन-से ह गे? (क) जस फलक पर 2 लखा है (ख) जस फलक

se m
l a
पर 3 लखा है (ग) जस फलक पर 4 लखा है

a g

co m
m .
e
.co
m
ag las 5
फलक
a sem
agl
se m
com g l a
m . फलक 3 a
ase
agl

co m
m .
m फलक 1 as e
.co a g l
se m
g l a
a पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दखाई दे रहे ह: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।
c
m .
m a s e
m . co agl
l a se
agका योग हमेशा 7 होता है।
पासे म आमने-सामने के दो फलक

com
m .
m ase
.co


a g l Page 24 of 119

Page 26

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

1+6=7 (यह जोड़ ा पुस्तक ने िदया है)

(क) 2 + 5 = 7 → 2 के िवपरीत फलक पर 5

(ख) 3 + 4 = 7 → 3 के िवपरीत फलक पर 4

(ग) 4 + 3 = 7 → 4 के िवपरीत फलक पर 3

ऐसा क्य : पासे म 6 फलक होते ह और 1 से 6 तक क संख्याएँ जोड़ म रखी जाती ह — हर जोड़ा आमने-सामने।
ये जोड़े ह 1 और 6, 2 और 5, 3 और 4 — हर जोड़े का योग 7 है।

स्वयं जाँ चए: एक पासा ली जए। जस फलक को आप मेज़ पर रखगे, ऊपर वाली संख्या हमेशा 7 म से नीचे वाली
संख्या घटाने पर मलेगी।

प्र.2 (क) फलक 1 के साथ कन फलक के कनारे लगते ह?

फलक 5

फलक 3

फलक 1

पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दखाई दे रहे ह: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।

फलक 2, 3, 4 और 5।

फलक 1 एक वग है, इस लए उसके 4 कनारे ह।
इन चार कनार म से हर कनारा एक बगल वाले फलक के साथ साझा है।
इन बगल वाले फलक पर 2, 3, 4 और 5 ह।

Page 25 of 119

Page 27

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य : घन का हर फलक अपने चार ओर के चार फलक से लगता है। केवल ठ क पीछे वाला फलक उससे
बलकुल नह लगता।

प्र.3 (ख) कौन-से फलक का फलक 1 के साथ कोई कनारा नह लगता है?

फलक 5

फलक 3

फलक 1

पुस्तक का पासा। इसके तीन फलक दखाई दे रहे ह: सामने 1, ऊपर 5 और दाईं ओर 3।

फलक 6।

6 वह फलक है जो 1 के वपरीत है।
घन के वपरीत फलक एक-दूसरे से दूर होते ह — वे कभी नह मलते।
इस लए उनका न कोई कोना साझा है, न कोई कनारा।

ऐसा क्य : घन म 6 फलक होते ह। एक फलक अपने 4 कनार से 4 फलक को छू ता है; बचता है ठ क एक फलक
जसे वह नह छू ता — उसका वपरीत फलक।

Page 26 of 119

Page 28

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 नीचे दए गए एक ही घन क तीन व भन्न तय को दे खए और बताइए — (क) लाल रंग वाले फलक के ठ क
वपरीत फलक का रंग क्या होगा?

1 2 3

एक ही घन क तीन व भन्न तयाँ, जैसी पुस्तक म द गई ह।

लाल फलक के वपरीत फलक का रंग बगनी है।
कैसे पता कर: कोई फलक और उसका वपरीत फलक एक साथ कभी दखाई नह दे ते।

पहली स्थ त म लाल फलक के साथ हरा और नारंगी दख रहे ह। अत: ये दोन लाल के वपरीत नह ह।
तीसरी स्थ त म लाल फलक के साथ नीला और पीला दख रहे ह। अत: ये भी लाल के वपरीत नह ह।
छह रंग ह — लाल, हरा, नारंगी, बगनी, नीला और पीला। लाल के साथ चार रंग दख चुके, इस लए बचा केवल बगनी।

ऐसा क्य : दो वपरीत फलक उलट दशाओं म दे खते ह, इस लए घन के कसी एक चत्र म वे दोन एक साथ कभी
नह दख सकते।

प्र.5 (ख) पीले रंग वाले फलक के ठ क वपरीत फलक का रंग क्या होगा?

1 2 3

एक ही घन क तीन व भन्न तयाँ, जैसी पुस्तक म द गई ह।

पीले फलक के वपरीत फलक का रंग नारंगी है।
कैसे पता कर: जो रंग जुड़ चुके ह उन्ह जोड़ म रखते जाइए।

Page 27 of 119

Page 29

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

लाल का जोड़ा बगनी है ( पछले प्रश्न म मला)।
तीसरी स्थ त म पीले के साथ नीला और लाल दख रहे ह — अत: पीला इनम से कसी के वपरीत नह है।
पीले के लए बचे केवल हरा और नारंगी। पहली स्थ त म ऊपर नारंगी और दाईं ओर हरा है; तीसरी म ऊपर लाल और दाईं ओर
पीला। घन को पहली से तीसरी स्थ त म घुमाने पर नारंगी फलक पीछे चला जाता है और पीला दाईं ओर सामने आ जाता है।
अत: पीला और नारंगी ही जोड़ा है।
तब अं तम जोड़ा हरा और नीला होगा।

लाल ↔ बैगं नी
पीला ↔ नारंगी

हरा ↔ नीला

ऐसा क्य : घन म वपरीत फलक के ठ क तीन जोड़े होते ह। दो जोड़े पता चलते ही तीसरा अपने आप तय हो जाता
है — बचे हुए दो रंग एक-दूसरे के सामने ही ह गे।

प्र.6 इस पृष्ठ के कनार पर द गई आकृ तय के लए नीचे दए गए नदश का अनुपालन क जए। 1. आयताकार
फलक वाली सभी आकृ तय म लाल रंग भ रए। 2. त्रभुजाकार फलक वाली आकृ तय पर स्मतमुद्रा (स्माइली)
बनाइए। 3. वक्र य फलक वाली आकृ तय पर एक तारा बनाइए। 4. ऐसी सभी आकृ तय म नीला रंग भ रए
जनम कोई कोना नह है। 5. ऐसी आकृ तय पर घेरा लगाइए जनके वपरीत फलक समान ह।

घन घनाभ ि भज
ु ाकार िपज्म गोला बेलन शंकु

पृष्ठ के कनार पर बनी ठोस आकृ तय के प्रकार।

कनारे क हर वस्तु दे खए, पहचा नए क वह कौन-सी ठोस आकृ त है, फर पाँच नदश का पालन क जए। यह सारणी पहचानने
म सहायता करेगी।

Page 28 of 119

Page 30

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m घेरा
m.
कनारे क वस्तु यह है लाल स्माइली तारा नीला

m as e
पासा, रू बक घन
.co
घन हाँ नह
a g lनह नह हाँ

se m
g l a
रबड़, उपहार का डब्बा, मा चस घनाभ हाँ नह नह नह हाँ
a
पनीर का टु कड़ा, लकड़ी का फाँक, केक का टु कड़ा ि भुजाकार िपज्म हाँ हाँ नह नह हाँ

co m
m . ag
se
टे नस गद, फुटबॉल गोला नह नह हाँ हाँ नह

l a
डब्बा, प सल-बॉक्स
ag बेलन नह नह हाँ हाँ हाँ

com
आइसक्र म कोन, जन्म दन क टोपी शंकु नह नह हाँ नह नह

m .
com ase
agl
हीरे जैसी आकृ त दो िपरािमड जुड़े हुए नह हाँ नह नह नह

e m.
l as
हर स्तंभ का कारण

a g लाल — घन, घनाभ और प्रज्म सभी म सपाट आयताकार फलक होते ह।

m a s
agl
स्माइली — केवल फाँक जैसी प्रज्म और नुक ली आकृ तय म त्रभुजाकार फलक ह।
तारा — गद, डब्बा और शंकु ही ऐसे ह जनम वक्र य फलक है।
m .co
l a se
g
नीला — गद और डब्बे म कोई कोना नह है। (शंकु म ऊपर एक नुक ला कोना है, इस लए उसम नीला रंग नह भरगे।)
a
घेरा — घन, घनाभ, प्रज्म और बेलन — इन सबके दोन सरे बलकुल एक जैसे ह।

co m
ऐसा क्य : हर नदश एक ही बात पूछता है — फलक का प्रकार, कोना, या एक जैसे सरे — इस लए एक ही वस्तु
m .
m as e
.co l
पर एक से अ धक चह्न भी लग सकते ह।
a g
se m
g l a
a
त्र-आयामी (3डी) आकृ तय का वग करण — पृष्ठ 6
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 29 of 119

Page 31

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

3डी आकृ तय के नाम सही ान पर ल खए

प्र.1 3डी आकृ तय के नाम सही ान पर ल खए। (1) क — सभी फलक समान दखाई दे ते ह; ख — सभी फलक
समान दखाई नह दे ते ह।

सभी फलक समान िदखाई देते है ं सभी फलक समान िदखाई नही ं देते है ं

क ख
पुस्तक का आरेख (1)। वृत्त क: सभी फलक समान दखाई दे ते ह। वृत्त ख: सभी फलक समान दखाई नह दे ते ह।

ठोस के हर फलक को दे खए और पू छए: क्या सभी एक जैसे ह?

क — सभी फलक समान दखाई दे ते ह ख — सभी फलक समान दखाई नह दे ते ह

घन (6 बराबर वग) घनाभ (लंबे और छोटे फलक )

बराबर ि भुजों वाला ि भुजाकार िपरािमड बेल न (2 वृत्त और 1 व ीय फलक )

गोला (के वल एक व ीय पष्ृ ठ, हर जगह एक जैस ा) शंकु (1 वृत्त और 1 व ीय फलक )

वग कार िपरािमड (1 वग और 4 ि भुज)

ि भुजाकार िपज्म (2 ि भुज और 3 आयत)

ऐसा क्य : घन ठ क एक ही माप के छह वग से बना है, इस लए उसे घुमाने पर कोई फक नह पड़ता। घनाभ म एक
फलक लंबा और दूसरा छोटा होता है, इस लए उसके फलक एक जैसे नह होते।

Page 30 of 119

Page 32

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 (2) क — वक्र य कनार वाली आकृ तयाँ; ख — सीधे कनार वाली आकृ तयाँ।

व ीय िकनारों वाली आकृ ितयाँ सीधे िकनारों वाली आकृ ितयाँ

क ख
पुस्तक का आरेख (2)। वृत्त क: वक्र य फलक / कनार वाली आकृ तयाँ। वृत्त ख: सीधे कनार वाली आकृ तयाँ।

कनार पर उँ गली फे रए। उँ गली सीधी चलती है या घूमकर मुड़ती है?

क — वक्र य कनारे ख — सीधे कनारे

बेल न (2 गोल घे रे ) घन, घनाभ

शंकु (1 गोल घे र ा) ि भुजाकार िपज्म, षट् भज
ु ाकार िपज्म

ि भुजाकार िपरािमड, वग कार िपरािमड

संकेत: गोला कसी भी वृत्त म नह आएगा — उसका कोई कनारा ही नह है।

ऐसा क्य : कनारा वह रेखा है जहाँ दो फलक मलते ह। जहाँ सपाट फलक वक्र य फलक से मलता है, वहाँ यह
रेखा मुड़नी ही पड़ती है, इस लए कनारा वक्र हो जाता है।

Page 31 of 119

Page 33

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 (3) क — आयताकार फलक वाली आकृ तयाँ; ख — त्रभुजाकार फलक वाली आकृ तयाँ; बीच का भाग —
आयताकार और त्रभुजाकार दोन फलक वाली आकृ तयाँ।

आयताकार फलकों वाली आकृितयाँ ि भुजाकार फलकों वाली आकृितयाँ

क ख
आयताकार और ि भुजाकार फलकों वाली आकृितयाँ

पुस्तक का आरेख (3)। दोन वृत्त एक-दूसरे को काटते ह और बीच का भाग दोन प्रकार के फलक वाली आकृ तय के
लए है।

जस आकृ त म दोन प्रकार के फलक ह , वह बीच के भाग म आएगी।

केवल क — आयताकार फलक बीच का भाग — दोन केवल ख — त्रभुजाकार फलक

घन ि भुजाकार िपज्म ि भुजाकार िपरािमड

घनाभ वग कार िपरािमड (आधार वग है) पंचभुजाकार िपरािमड

षट् भज
ु ाकार िपज्म

ऐसा क्य : त्रभुजाकार प्रज्म क बगल म 3 आयत ह और दोन सर पर त्रभुज, इस लए वह एक ही समय म दोन
समूह म आता है। इसी लए दोन वृत्त एक-दूसरे को काटते हुए बनाए गए ह।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 7

Page 32 of 119

Page 34

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

आकृ तय का दूसरा वग करण, घन से नमाण और घन मीनार

प्र.1 आपने त्रभुजाकार प्रज्म और आयताकार परा मड को कस वृत्त म लखा?

आयताकार फलकों वाली आकृितयाँ ि भुजाकार फलकों वाली आकृितयाँ

क ख
आयताकार और ि भुजाकार फलकों वाली आकृितयाँ

पुस्तक का आरेख (3)। दोन वृत्त एक-दूसरे को काटते ह और बीच का भाग दोन प्रकार के फलक वाली आकृ तय के
लए है।

ये दोन बीच के उस भाग म आएँगे जहाँ दोन वृत्त एक-दूसरे को काटते ह।

त्रभुजाकार प्रज्म — बगल म 3 आयत और सर पर 2 त्रभुज। इसम दोन प्रकार के फलक ह।
आयताकार परा मड — आधार पर एक आयत और ऊपर शीष तक जाते 4 त्रभुज। इसम भी दोन प्रकार के फलक ह।

ऐसा क्य : दो वृत्त का साझा भाग उन आकृ तय के लए है जो दोन समूह म आती ह। इन दोन ठोस म
आयताकार फलक भी ह और त्रभुजाकार भी, इस लए ये कसी एक वृत्त म अकेले नह समाते।

Page 33 of 119

Page 35

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
ऊपर क भाँ त ही वृत्त का उपयोग करते हुए क्या आप आकृ तय को ‘वक्र य फलक वाली आकृ त’ और
e
प्र.2

com l as
‘सपाट फलक वाली आकृ त’ क े णय म वग कृत कर सकते ह?

. a g
m
ase
agl व ीय फलकों वाली आकृितयाँ सपाट फलकों वाली आकृितयाँ

com
e m . ag
g l as
a

co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
क ख s
com a
m . agl
ase
पछले पृष्ठ जैसे दो वृत्त, भरे जाने के लए तैयार।

agl

co m
.

em
m l as
.co
हाँ। एक-दूसरे को काटते हुए दो वृत्त बनाइए और बीच के भाग म वे ठोस र खए जनम दोन प्रकार के फलक ह।

a g
a s eकm
g l
े वल वक्र य फलक वक्र य और सपाट दोन केवल सपाट फलक

a गोला बेल न (1 व ीय फलक + 2 सपाट वृत्त ) घन, घनाभ
se m
c+o1mसपाट वृत्त) g l a
. a
em
शंकु (1 व ीय फलक ि भुजाकार िपज्म, षट् भज
ु ाकार िपज्म

a s
agl ि भुजाकार िपरािमड, वग कार िपरािमड

co m
ऐसा क्य : यहाँ केवल गोला ही ऐसा ठोस है जो हर ओर से वक्र है। बेलन और शंकु बगल से वक्र ह पर सर पर
m .
m as e
.co l
सपाट, इस लए वे दोन समूह म आते ह और बीच म रखे जाते ह।

a g
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 34 of 119

Page 36

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 ‘जादुई पटारा’ कट अथवा कसी ऐसी ही अन्य साम ी से घन को लेकर इन प्र तरूप का नमाण क जए —

A. B. C. D.

घन से बनाए जाने वाले चार प्र तरूप — क, ख, ग और घ।

हर प्र तरूप नीचे क परत से ऊपर क ओर बनाइए।

1. पहले वे सभी घन र खए जो मेज़ को छू ते ह। यही सबसे नीचे क परत है।
2. फर अगली परत ऊपर र खए, चत्र से मलाते हुए एक-एक घन।
3. इसी तरह ऊपर का अं तम घन रखने तक बढ़ते जाइए।
4. अब प्र तरूप के चार ओर घूमकर हर ओर से चत्र से मलान क जए।

हर प्र तरूप कैसा दखता है

क — घन का एक ठोस गुटका जसके आगे एक सीढ़ कट है।
ख — घन क एक लंबी पं क्त जसके एक सरे पर ऊँची सीढ़ है।
ग — सीढ़ नुमा ढे र: नीचे चौड़ी परत, ऊपर छोट परत।
घ — चार परत क सीढ़ नुमा मीनार, हर परत अपने नीचे वाली से छोट ।

ऐसा क्य : घन हवा म नह टकते। हर घन के नीचे कोई घन या मेज़ चा हए, इस लए सबसे नीचे क परत पहले
रखनी पड़ती है।

Page 35 of 119

Page 37

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 इन घन मीनार म से प्रत्येक म कतने घन ह?

मीनार 1 मीनार 2

पुस्तक म द गई दोन घन मीनार।

परत-दर-परत ग नए और जो ड़ए। पीछे छपे घन को मत भू लए — वे वहाँ ह, पर चत्र उन्ह दखा नह पाता।
सीढ़ नुमा मीनार (चार रंग वाली)। हर परत एक वग है:

सबसे ऊपर की परत = 1 × 1 = 1 घन

अगली परत = 2 × 2 = 4 घन

अगली परत = 3 × 3 = 9 घन

सबसे नीचे की परत = 4 × 4 = 16 घन

कु ल = 1 + 4 + 9 + 16 = 30 घन

क्रॉस जैसी मीनार (नीली) बहुत भरी हुई है और उसके कई घन आगे वाले घन के पीछे छपे ह। पक्का तरीका यही है क उसे
बनाकर गना जाए: पहले नीचे क परत रखकर ग नए, फर अगली परत, और ऊपर क तरह सब परत जोड़ द जए।

स्वयं जाँ चए: 30 घन से सीढ़ नुमा मीनार बनाइए। ऊपर का घन हटाने पर मीनार खड़ी रहती है; नीचे का एक घन
नकालने पर पूरी मीनार गर जाती है।

ऐसा क्य : परत-दर-परत जोड़ने से न कोई घन दो बार गना जाता है, न कोई छपा घन छू टता है।

एक त्रभुजाकार बदु कत (डॉटे ड) कागज पर घन के चत्र का नमाण — पृष्ठ 8

Page 36 of 119

Page 38

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

घन को पूरा करना और ठोस का उनके ववरण से मलान

प्र.1 क्या आप नम्नां कत घन को पूरा बना सकते ह?

पुस्तक का त्रभुजाकार बदु कत कागज: एक घन पूरा बना है, बाक दो केवल शुरू कए गए ह।

हाँ। त्रभुजाकार बदु कत कागज पर घन एक छह भुजाओं वाली आकृ त के रूप म बनता है जसम बीच के बदु से तीन रेखाएँ
नकलती ह।
चरण

1. बाईं ओर बना पूरा घन दे खए। ग नए: उसक बाहरी रेखा म 6 भुजाएँ ह और बीच के बदु से 3 रेखाएँ तीन कोन तक जाती ह।
2. अधूरे चत्र म पहले बाहरी रेखा पूरी क जए — बदु से बदु जोड़ते हुए वही 6 भुजाएँ बनाइए।
3. फर बीच का बदु अं कत क जए और उससे एक-एक छोड़कर कोन तक 3 रेखाएँ ख चए।
4. हर रेखा एक बदु से अगले बदु तक ही जाए, बीच म कह नह ।

हर पूरा चत्र घन के 3 फलक दखाता है — ऊपर का, बाईं ओर का और दाईं ओर का। बाक 3 फलक पीछे छपे रहते ह।

ऐसा क्य : त्रभुजाकार बदु कत कागज के बदु तीन तरछ दशाओं म होते ह। घन के कनार क दशाएँ भी ठ क
यही तीन ह, इस लए घन इस कागज पर सुंदरता से बैठ जाता है।

Page 37 of 119

Page 39

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 नीचे दए गए ववरण का संबं धत चत्र के साथ मलान क जए तथा आकृ तय के नाम ल खए। (क) मेरे 5
फलक और 5 कोने ह। मेरे 8 कनारे ह। मेरे फलक म से 1 फलक वग है और 4 फलक त्रभुज ह। (ख) मेरा 1
सपाट फलक, 1 वक्र य फलक और 1 कनारा है। (ग) मेरा 1 वक्र य फलक है। मेरा कोई कनारा या कोना नह है।
(घ) मेरे 2 सपाट फलक, 1 वक्र य फलक और 2 कनारे ह। मेरा कोई कोना नह है। (ङ) मेरे 5 फलक, 6 कोने और
9 कनारे ह। मेरे 2 फलक त्रकोण ह। (च) मेरे 6 फलक, 12 कनारे और 8 कोने ह।

Page 38 of 119

Page 40

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g

co m
e m . ag
g l as
a

co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 39 of 119

Page 41

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

(1)

(2)

(3)

(4)

Page 40 of 119

Page 42

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

(5)

(6)

(7)

पृष्ठ के कनारे पर छपे सात चत्र।

एक-एक संकेत ली जए — पहले फलक क संख्या, फर कोन क , फर कनार क ।

Page 41 of 119

Page 43

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ववरण आकृ त का नाम चत्र

(क) 5 फलक, 5 कोने, 8 कनारे, 1 वग और 4 त्रभुज वग कार िपरािमड (2)

(ख) 1 सपाट फलक, 1 वक्र य फलक, 1 कनारा शंकु (3)

(ग) 1 वक्र य फलक, कोई कनारा या कोना नह गोला (1)

(घ) 2 सपाट फलक, 1 वक्र य फलक, 2 कनारे, कोई कोना नह बेल न (5)

(ङ) 5 फलक, 6 कोने, 9 कनारे, जनम 2 फलक त्रभुज ि भुजाकार िपज्म (7)

(च) 6 फलक, 12 कनारे, 8 कोने घन (घनाभ भी उपयुक्त है) (6)

Page 42 of 119

Page 44

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

(1) गोला

(2) वग कार िपरािमड

(3) शंकु

(4) घनाभ

(5) बेलन

(6) घन

(7) ि भुजाकार िपज्म

सात चत्र, उनके नाम के साथ।

Page 43 of 119

Page 45

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
ध्यान द जए: ववरण (च) घन और घनाभ दोन पर समान रूप से लागू होता है — दोन म 6 फलक, 12 कनारे
और 8 कोने ह। बचा हुआ चत्र घनाभ (4) है, इस लए (च) के लए घन अ धक उपयुक्त मलान हैe।m
c o m g l as
m . a
e
s : (क) म एक वग और एक बदु पर मलते चार त्रभुज ह, जो केवल वगाकार परा मड म ही होते ह। (ख)
aक्य
a g
ऐसाl
और (घ) म वक्र य फलक है, इस लए वे शंकु और बेलन ह: शंकु म एक घेरा है, बेलन म दो।

co m
m . ag
l a se
प्र.3 agसे भन्न ह। चचा क जए कैसे?
नम्नां कत आकृ तय म प्रत्येक अन्य

co m
em.
m l as
.co a g
a s em
l
1 2 3 4 5

ag पृष्ठ के नीचे छपे पाँच ठोस।

m a s
m.co agl
l a se
g

हर ठोस अपने फलक , कनार और कोन म भन्न है। a

co m
.
आकृ त फलक कोने कनारे क्या बात भन्न बनाती है

e m
m l as
.co a g
1. गोला 1 व ीय 0 0 हर ओर से गोल; हर दशा म लुढ़कता है

a s e2.mशंकु
gl
1 सपाट + 1 व ीय 1 व ीय
a
1 ऊपर एक नुक ला कोना

3. त्रभुजाकार परा मड 4 ि भुज 4 6 सभी फलक त्रभुज ह
se m
com g l a
m . a
ase
4. घन 6 बराबर वग 8 12 छह फलक एक ही माप के ह

5. घनाभ
agl
6 आयत 8 12 लंबे और छोटे फलक, सब एक जैसे नह

. com
कुछ और अंतर जो छू कर और दे खकर पता चलते ह

m a s emनह ।
.cघनo और घनाभ एक के ऊपर एक रखे जा सकते ह; गोला और शंकु आसानी सेaनहglरखे जा सकते।
गोला कसी भी दशा म लुढ़कता है; शंकु केवल घेरे म घूमता है; घन और घनाभ लुढ़कते ही

se m घन और घनाभ क संख्याएँ एक जैसी ह, फर भी वे अलग दखते ह, क्य क घन के सभी फलक बराबर वग ह।
g l a
a c
m .
m
ऐसा क्य : वक्र य फलक आकृ त को लुढ़कने दे ता है; सपाट फलक उसे टकाकर रखने और एक पर एक चढ़ाने दे ते
a s e
m . co
ह। इसी लए गोल चीज़ और बक्से जैसी चीज़ इतनी अलग तरह से व्यवहार करती ह।
e agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 44 of 119

Page 46

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 9
जाल (नेट) का ठोस आकृ तय से मलान

प्र.1 नीचे द गई आकृ तय के ज्या म तय जाल (नेट) का मलान उपयुक्त ठोस आकृ तय से क जए।

(1) (2) (3) (4)

(क) (ख) (ग) (घ)

पुस्तक म दए गए चार जाल (1)–(4) और चार ठोस (क)–(घ)।

हर जाल के फलक ग नए, फर वही फलक वाला ठोस ढूँ ढ़ए।

जाल कन फलक से बना है ठोस

(1) 4 त्रभुज (एक बड़ा त्रभुज 4 भाग म बँटा) (ख) ि भुजाकार िपरािमड

(2) 1 आयत + 2 वृत्त (घ ) बेल न

(3) 6 आयत (क ) घनाभ

(4) 3 आयत + 2 त्रभुज (ग ) ि भुजाकार िपज्म

ऐसा क्य : जाल म ठ क उतने ही फलक होते ह जतने मोड़ने पर बनने वाले ठोस म — न कम, न ज़्यादा। इस लए
फलक गनना ही मलान के लए काफ है।

स्वयं जाँ चए: जाल (4) क नकल बनाइए, का टए और बदुदार रेखाओं पर मो ड़ए। दोन त्रभुज प्रज्म के दोन
सरे बनकर ऊपर उठ आएँगे।

Page 45 of 119

Page 47

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 नीचे द गई आकृ तय के नेट म से कन्ह मोड़कर द गई ठोस आकृ त बनाई जा सकती है?

A. B. C. D.

चार जाल क–घ और उनके नीचे दए गए चार ठोस।

यहाँ भी जाल के फलक का ठोस के फलक से मलान क जए।

जाल कन फलक से बना है मोड़ने पर बनता है

क 6 आयत — एक स्तंभ म 4 और ऊपर-नीचे एक-एक प घनाभ (पीला बक्सा)

ख 1 आयत + 2 वृत्त बेल न (नारंगी)

ग 1 वग + 2 त्रभुज ( जनम एक लंबा और पतला) लंबा िपरािमड (लाल )

घ बीच वाले फलक के चार ओर सजे 6 आयत चपटा बक्सा (गुल ाबी)

अथात्: जाल क और जाल घ दोन से बक्से जैसी आकृ तयाँ बनती ह, जाल ख से बेलन बनता है और जाल ग से नुक ला ठोस।

ऐसा क्य : कसी जाल से ठोस तभी बनता है जब उसम फलक क संख्या सही हो और वे फलक सही जगह पर
जुड़े ह । सही तरह जुड़े छह आयत मुड़कर हमेशा बक्सा ही बनाते ह।

Page 46 of 119

Page 48

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 नतेश एक नेट को उसक मोड़ रेखाओं पर काटता है जसके टु कड़े नीचे दए गए ह। ऊपर के टु कड़ वाला नेट
कस ठोस आकृ त का हो सकता है?

क. ख. ग. घ.

नतेश ारा काटे गए टु कड़े और चार ठोस क, ख, ग तथा घ।

टु कड़े ह — 1 पंचभुज और 5 त्रभुज।

1 पंच भुज → आधार

5 ि भुज → 5 ढलवाँ फलक

1 + 5 = कु ल 6 फलक

जस ठोस के नीचे पंचभुज हो और ऊपर एक बदु पर 5 त्रभुज मलते ह , वह पंचभुजाकार परा मड है। यही आकृ त घ है।
बाक क्य नह ?

क — वगाकार परा मड: इसम 1 वग और केवल 4 त्रभुज चा हए।
ख — त्रभुजाकार परा मड: इसम 4 त्रभुज चा हए, पंचभुज नह ।
ग — षट् भुजाकार परा मड: इसम 1 षट् भुज और 6 त्रभुज चा हए।

ऐसा क्य : परा मड म आधार क जतनी भुजाएँ होती ह, उसके चार ओर उतने ही त्रभुज होते ह। अत: 5 भुजाओं
वाले आधार के लए ठ क 5 त्रभुज चा हए।

जब रेखाएँ मलती ह — पृष्ठ 10

Page 47 of 119

Page 49

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

चत्र म कोण गनना

प्र.1 इस घर के चत्र म 7 कोण ह। इस नाव के चत्र म कतने कोण ह?

7 कोण अंिकत है ं

पुस्तक का घर वाला चत्र, जसम 7 कोण अं कत ह।

पुस्तक का नाव वाला चत्र: मस्तूल पर दो पाल और एक पद ।

नाव के चत्र म 10 कोण ह।

Page 48 of 119

Page 50

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

घर क तरह ही, एक-एक कोना ग नए।
co m
e m.
m l as
m .co
बायाँ पाल (ि भुज) = 3 कोण
a g
l a se
g
दायाँ पाल (ि भुज) = 3 कोण
aपेंदी (चार भुजाओं वाली आकृित) = 4 कोण

co m
. ag
कु ल = 3 + 3 + 4 = 10 कोण
e m
g l as
a

co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
.
वही नाव, जसम हर कोण अं कत है।

s e m
. c om a g la
ऐसा क्य : जहाँ भी दो रेखाएँ मलती m
s e
a आकृ त से 4 कोने मलते ह।
ह, वहाँ एक कोण बनता है। इस लए चत्र का हर कोना एक कोण है — त्रभुज

agl
से 3 कोने और चार भुजाओं वाली

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 49 of 119

Page 51

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

स्वयं जाँ चए: घर को भी इसी तरह ग नए — छत का त्रभुज 3 + वग 4 = 7 कोण, ठ क वैसे ही जैसे पुस्तक
कहती है।

प्र.2 नम्न ल खत चत्र म कोण को अं कत क जए — (क) (ख) (ग) (घ) (ङ)

(क) (ख)
(ग)

(घ) (ङ)

आइए करते ह ग त व ध के पाँच चत्र।

हर चत्र म वह बदु खो जए जहाँ दो सीधे भाग मलते ह और वहाँ एक छोट चाप बनाइए।

चत्र कोण कहाँ है कोण का प्रकार

(क) कची पेच पर, दोन खुले फलक के बीच खोलने-बंद करने पर बदलता रहता है

(ख) हगर ऊपर, दोन ढलवाँ भुजाओं के बीच; और जहाँ हर भुजा नीचे क ऊपर वाला अिधक कोण है
छड़ से मलती है

(ग) उठ हुई दो पोर पर, दोन उँ ग लय के बीच न्यून कोण
उँ ग लयाँ

(घ) सी-सॉ जहाँ पटरा आधार पर टका है एक ओर न्यून, दू स री ओर अिधक

(ङ) फसलप सीढ़ और ज़मीन के बीच तथा फसलप और ज़मीन के बीच सीढ़ ी समकोण बनाती है; िफसलप ी न्यून
कोण बनाती है

ऐसा क्य : एक बदु पर मलती दो रेखाएँ हमेशा एक कोण बनाती ह। वे जतना अ धक खुलती ह, कोण उतना बड़ा
होता है — इसी लए कची खोलते जाने पर कोण बड़ा होता जाता है।

Page 50 of 119

Page 52

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

समकोण — पृष्ठ 11
समकोण मापक बनाना और उसका उपयोग

प्र.1 कक्षा म आपको कहाँ-कहाँ कोण दखाई दे ते ह? कुछ उदाहरण द जए।

कोण हर जगह ह — दो सीधे कनारे जहाँ मल, वह दे खए।

श्यामपट का कोना, जहाँ दो कनारे मलते ह।
कॉपी का कोना और मेज़ क ऊपरी सतह का कोना।
खुला दरवाज़ा और उसके पास क द वार।
द वार घड़ी क दोन सुइयाँ।
खड़क का कोना, और जहाँ द वार फ़श से मलती है।
खुली पुस्तक, उसक जल्द पर।
कुस के पाए, जहाँ वे बैठने वाले भाग से मलते ह।

नमूना उत्तर: मुझे श्यामपट के कोन म, अपनी मेज़ के कोन म, घड़ी क सुइय के बीच और खुले दरवाज़े तथा
द वार के बीच कोण दखाई दे ते ह।

ऐसा क्य : जहाँ भी दो सीधी चीज़ एक बदु पर मलती ह, वहाँ कोण बन जाता है। कक्षा क अ धकतर चीज़ सीधे
कनार वाली ह, इस लए हमारे चार ओर कोण ही कोण ह।

Page 51 of 119

Page 53

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 आइए, कागज के टु कड़े से एक समकोण (Right Angle) बनाएँ जैसा क चत्र म दशाया गया है।

→

यह कोना समकोण है

कागज़ को दो बार मोड़कर समकोण मापक बनाना।

एक बार मो ड़ए, फर दोबारा मो ड़ए — जो कोना बनेगा वही समकोण है।

1. कोई भी कागज़ ली जए। उसके कनारे सीधे ह , यह ज़रूरी नह ।
2. उसे आधा मोड़कर मोड़ क रेखा अ तरह दबाइए।
3. अब दोबारा मो ड़ए और मुड़े हुए कनारे को ठ क अपने ही ऊपर र खए।
4. थोड़ा खो लए। जहाँ दोन मोड़ मलते ह वह कोना समकोण है।

यह मुड़ा कागज़ आपका समकोण मापक है। जस कोने क जाँच करनी हो, उस पर इसका कोना र खए। य द दोन कनारे ठ क
कागज़ के साथ-साथ बैठ जाएँ, तो वह कोना समकोण है।

ऐसा क्य : पहला मोड़ एक सीधा कनारा बनाता है। दूसरा मोड़ उस सीधे कनारे को दो बराबर भाग म बाँट दे ता है,
और सीधे कनारे के दो बराबर भाग दो समकोण ही दे ते ह।

Page 52 of 119

Page 54

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 उन कोण क पहचान क जए जो आपके अनुसार समकोण ह तथा उन पर घेरा लगाइए। अपने समकोण मापक
का उपयोग कर जाँच क जए।

पुस्तक के बदु-जाल पर बने आठ कोण।

आठ म से चार कोण समकोण ह।
जाल म क्रम से दे खने पर समकोण ये ह:

ऊपर क पं क्त का दूसरा कोण — एक भुजा बाईं ओर, दूसरी सीधे नीचे;
ऊपर क पं क्त का तीसरा कोण — एक भुजा सीधे ऊपर, दूसरी दाईं ओर;
नीचे क पं क्त का पहला कोण — दोन भुजाएँ बराबर ढलान पर, एक ऊपर एक नीचे;
नीचे क पं क्त का अं तम कोण — फर दोन भुजाएँ बराबर ढलान पर, एक ऊपर एक नीचे।

शेष चार समकोण नह ह: ऊपर क पं क्त का पहला और चौथा कोण मापक से चौड़े ह (अ धक कोण) तथा नीचे क पं क्त के बीच
वाले दो कोण मापक से सँकरे ह (न्यून कोण)।

Page 53 of 119

Page 55

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g

co m
e m . ag
g l as
a

co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
.co agl
वही आठ कोण, जनम समकोण पर घेरा लगाया गया है।

se m
g l a
a
ऐसा क्य : समकोण वग का कोना होता है, इस लए बदु-जाल पर वह या तो एक भुजा आड़ी और एक सीधे नीचे के

m
रूप म दखता है, या दोन ओर बराबर ढलान वाली दो भुजाओं के रूप म।
. co
em
m l as
.co a g
a s em पुस्तक, खड़क तथा कसी अन्य वस्तु म समकोण क जाँच क जए। उन वस्तुओं के नाम ल खए जनम
gl
प्र.4

a आपको समकोण प्राप्त होते ह।

se m
com g l a
. a

m
ase
agl
अपने मुड़े कागज़ का कोना हर कोने पर र खए और दे खए क वह ठ क बैठता है या नह ।
समकोण वाली वस्तुए ँ

m
पुस्तक और कॉपी के चार कोने;

. co
em
खड़क और दरवाज़े के कोने;

omचॉक के डब्बे और फ़श क टाइल के कोने; g l as
.cईंट,
श्यामपट, मेज़ क सतह और चाट पेपर के कोने;

m a
l a se
ag सेट स्क्वायर, पोस्टकाड और टकट का कोना।

.c
s e m
m a
co agl
नमूना उत्तर: मुझे अपनी पुस्तक, खड़क , श्यामपट, मेज़ क सतह और फ़श क टाइल म समकोण मले।

m .
as e
a g l

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 54 of 119

Page 56

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य : हम जो चीज़ बनाते ह उनम अ धकतर आयत होती ह और आयत का हर कोना समकोण होता है।
इसी लए समकोण इतनी आसानी से मल जाते ह।

न्यून कोण और अ धक कोण — पृष्ठ 12
आइए करते ह — कोण बनाना और पहचानना

प्र.1 नीचे दए गए बदु-जाल ( ड) पर कुछ समकोण बनाइए।

पुस्तक जैसा एक बदु-जाल।

बदु-जाल पर समकोण बनाना आसान है: एक भुजा आड़ी जाए और दूसरी सीधे ऊपर या सीधे नीचे।

1. एक बदु चु नए। यही आपके कोण का कोना होगा।
2. बदु से बदु जोड़ते हुए दाईं ओर एक रेखा ख चए।
3. उसी कोने से बदु से बदु जोड़ते हुए सीधे ऊपर एक रेखा ख चए।
4. इनके बीच का कोण समकोण है। अपने कागज़ के मापक से जाँच क जए।

दोन भुजाओं को बराबर ढलान दे कर भी समकोण बनाया जा सकता है — एक 2 ऊपर और 2 आड़ी, दूसरी 2 नीचे और 2 आड़ी।

नमून ा उत्तर: जाल पर एक वग के चारों कोने बनाइए; हर कोना समकोण है, अत: एक वग से 4 समकोण िमल
जाते है।
ं

ऐसा क्य : बदु सीधी पं क्तय और सीधे स्तंभ म रखे होते ह और पं क्त स्तंभ से समकोण पर मलती है।

Page 55 of 119

Page 57

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 न्यून कोण (Acute Angles) समकोण से छोटे होते ह। अपनी कक्षा म वद्यमान कुछ ऐसी वस्तुओं के नाम
बताइए जनम न्यून कोण है।

न्यून कोण अिधक कोण

पुस्तक म बने दोन कोण। बदुदार भुजा दखाती है क समकोण कहाँ होता।

न्यून कोण आपके मुड़े कागज़ के कोने से छोटा होता है।

छली हुई प सल क नोक।
खुले परकार के दोन सरे।
थोड़ी-सी खुली कची।
सेट स्क्वायर का नुक ला कोना।
1 बजे घड़ी क सुइयाँ।
श्यामपट पर बने तीर क नोक और अक्षर V।

नमूना उत्तर: मेरी प सल क नोक, खुला परकार, श्यामपट पर बना अक्षर V और 1 बजे क घड़ी।

ऐसा क्य : जब दो रेखाएँ थोड़ा ही खुलती ह, तब उनके बीच का कोण समकोण से छोटा रहता है और उसे न्यून कोण
कहते ह।

Page 56 of 119

Page 58

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 अ धक कोण (Obtuse Angles) समकोण से बड़े होते ह। अपनी कक्षा म वद्यमान कुछ ऐसी वस्तुओं के नाम
बताइए जनम अ धक कोण है।

न्यून कोण अिधक कोण

पुस्तक म बने दोन कोण। बदुदार भुजा दखाती है क समकोण कहाँ होता।

अ धक कोण आपके मुड़े कागज़ के कोने से चौड़ा होता है।

द वार से लगकर पूरा खुला दरवाज़ा।
मेज़ पर पूरी फैलाकर खोली गई पुस्तक।
कपड़े के हगर का ऊपरी भाग।
4 बजे घड़ी क सुइयाँ।
अक्षर Y और श्यामपट पर बने घर क छत।
पंखे का एक पंख और उसके बगल वाला पंख।

नमूना उत्तर: पूरा खुला दरवाज़ा, मेज़ पर फैली खुली पुस्तक, हगर का ऊपरी भाग और 4 बजे क घड़ी।

ऐसा क्य : जब दो रेखाएँ वग के कोने से भी अ धक खुल जाएँ पर अभी सीधी रेखा न बनी ह , तब कोण समकोण से
बड़ा होता है और उसे अ धक कोण कहते ह।

Page 57 of 119

Page 59

कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 नम्न ल खत अक्षर म त सभी कोण क पहचान क जए।

V A Z

पुस्तक म छपे तीन अक्षर: V, A और Z।

अक्षर क जन- जन जगह पर दो रेखाएँ मलती ह, उन्ह दे खए।

अक्षर कतने कस प्रकार के
कोण

V 1 न्यून कोण — दोन रेखाएँ नीचे एक सँकरी नोक पर मलती ह

A 5 ऊपर का कोना न्यून है; जहाँ आड़ी रेखा हर पाए से मलती है वहाँ ऊपर एक न्यून और नीचे एक अ धक कोण
बनता है, अत: 2 न्यून + 2 अ धक

Z 2 दोन न्यून — एक जहाँ ऊपर क आड़ी रेखा तरछ रेखा से मलती है, दूसरा जहाँ तरछ रेखा नीचे क आड़ी
रेखा से मलती है

V A Z
वही अक्षर, हर कोण पर घेरा — न्यून कोण लाल और अ धक कोण नीले।

ऐसा क्य : जहाँ भी दो रेखाएँ मलती ह वहाँ कोण बनता है। अक्षर A म आड़ी रेखा दोन पाओं को काटती है,
इस लए हर कटान पर दो कोण मलते ह — ऊपर सँकरा और नीचे चौड़ा।

Page 58 of 119

Page 60

as e
कक्षा 4 ग णत अध्याय 1 हमारे आस-पास क आकृ तयाँ
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
आइए करते ह — पृष्ठ 13
m as e
.co a g l
se m
g l a
a

co m
e m . ag
g l as
a

co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl

co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 59 of 119

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 4
TypeSolution
Pages146
Languagehindi
Updated13 Oct 2026