Page 1
2026
SAMPLE / MODEL
PAPERS
NCERT BASED
PRACTICE PAPERS
DOWNLOAD PDF
FOR
CBSE BOARD
AND
STATE BOARDS
Page 2
1
वा8ष:क पर0#ा अ>यास @Aन प4 (स4: 2025-2026)
क#ा-दसवीं
5हंद0-अ (कोड 002)
&नधा:Nरत समय : 3 घंटे अTधकतम अंक : 80
सामाVय &नदW श :
"न$न%ल'खत "नद+ श- को पढ़कर उनका पालन क5िजए :
• इस <=न प> म@ कुल चार खंड हF- क, ख, ग और घ।
• इस <=न प> म@ कुल 15 <=न हF। सभी <=न अ"नवायT हF।
• <=न- म@ आंतVरक WवकXप Yदए गए हF।
• <=न- के उ[र Yदए गए "नद+ श- का पालन करते हुए %ल'खए।
खंड-क
(अप5ठत बोध)
@Aन 1. "न$न%ल'खत ग\यांश को पढ़कर उस पर आधाVरत पूछे गए <=न- के उ[र %ल'खए:
भारत के `कसी भी गाँव क5 सुबह दे ख@ – <सdन वातावरण म@ पुताई `कया हुआ आँगन, उसम@ बनाई
हुई सफ़ेद रं गोलh और उसम@ शुभ सूचना दे ने वाले हXदh-कुमकुम का "तलक – लगभग हर Yदन का
iवागत ऐसे हh रं ग- और रे खाओं से होता है । भारत के <mयेक राnय, समाज और समुदाय- क5
अपनी खास शैलh है िजसम@ वे रे खाओं और रं ग- के माoयम से अपने रh"त-Vरवाज और तीज-mयोहार-
से जुड़ी परं पराओं को अ%भqयrत करते हF। रं गोलh क5 इन रे खाओं से, यह घर या आँगन `कस <दे श
का है ? यह आसानी से बताया जा सकता है । महाराtu क5 रं गोलh, बंगाल क5 अXपना, दvwण क5
कोलम या राजiथान का मंडल ऐसे हh कुछ उदाहरण है । ऐसी हh एक शैलh ‘मधुबनी zच>कला’ नाम
से <%स\ध है । ‘%मzथला’ का नाम आपने रामकथा म@ पढ़ा होगा। %मzथला wे> |बहार म@ है । इसी
%मzथला क5 कला को ‘मधब
ु नी zच>कला’ कहते हF। इसके Wवषय रामायण और %मzथला क5 संiकृ"त
पर आधाVरत होते है । मधुबनी zच> आमतौर पर घर- पर बनते हF। पूजाघर, बैठकखाना और शादh
का कमरा – ऐसी तीन जगह- पर zच> बनाने क5 परं परा है । आजकल कागज़ पर भी zच> बनाए
जाते हF। इन zच>- क5 सबसे बड़ी Wवशेषता इनका ‚ामीण लहजा और <कृ"त के नज़दhक होना है ।
इन zच>- म@ <ाकृ"तक रं ग- का इiतेमाल होता है । मज़ेदार बात यह है `क रं ग सतह पर ठƒक से
zचपके इसके %लए बकरh के दध
ू और बबल
ू के पेड़ के zचक का %म„ण तैयार `कया जाता है ।
%मzथला क5 zच>कृ"त म@ आज भी घर- म@ बनाई गई कूzचय- (†श), उँ ग%लय- और माzचस क5
Page 3
2
ती%लय- का हh इiतेमाल होता है । इन zच>- म@ आकषTक nया%मतीय पैटनT दे खने को %मलते हF।
%मzथला क5 िi>य- \वारा शु‰ क5 गई इस घरे लू zच>कला को अब पुŠष- ने भी अपना %लया है ।
‘मधुबनी zच>कला’ आज Wव=व भर म@ लोकW<य है ।
(क) रं ग- और रे खाओं के माoयम से, भारतीय अपनी ___________ को अ%भqयrत करते हF। (1)
(i) "नराशा और दख
ु
(ii) संiकृ"त और दख
ु
(iii) "नराशा और परं परा
(iv) संiकृ"त और परं परा
(ख) "न$न%ल'खत कथन और कारण पर Wवचार करते हुए उपयुrत WवकXप का चयन कर %ल'खए:
(1)
कथन : ‘मधुबनी zच>कला’ <कृ"त से बहुत दरू है ।
कारण : इन zच>- को बनाने म@ <ाकृ"तक रं ग- और वiतुओं का <योग होता है ।
(i) कथन सहh है ले`कन कारण कथन क5 सहh qयाŽया नहhं है ।
(ii) कथन गलत है , `कंतु कारण सहh है ।
(iii) कथन सहh है और कारण, कथन क5 सहh qयाŽया है ।
(iv) कथन और कारण दोन- गलत हF।
(ग) "न$न म@ से कौन-से Wवचार ग\यांश के संदभT म@ सहh हF? (1)
I. राजiथान क5 अXपना Wव=व भर म@ <%स\ध है ।
II. रामकथा म@ ‘%मzथला’ wे> का वणTन %मलता है ।
III. ‘मधुबनी zच>कला’ का Wवकास |बहार के %मzथला wे> म@ हुआ है ।
IV. ‘मधुबनी zच>कला’ के Wवषय महाभारत पर आधाVरत होते हF।
(i) कथन (I) और (II) सहh हF।
(ii) कथन (II) और (III) सहh हF।
(iii) कथन (II) और (IV) सहh हF।
(iv) कथन (III) और (IV) सहh हF।
(घ) भारत के गाँव- म@ Yदन का iवागत `कस <कार होता है ? (2)
(ङ) ‘मधुबनी zच>कला’ क5 कोई दो Wवशेषताएँ %ल'खए। (2)
@Aन 2. "न$न%ल'खत काqयांश को oयानपव
ू क
T पढ़कर उस पर आधाVरत पछ
ू े गए <=न- के उ[र
%ल'खए-
Page 4
3
इसी जdम म@ ,
इस जीवन म@ ,
हमको तुमको मान %मलेगा।
गीत- क5 खेती करने को,
पूरा Yहंदi
ु तान %मलेगा॥
rलेश जहाँ है ,
फूल 'खलेगा,
हमको तुमको >ाण %मलेगा।
फूल- क5 खेती करने को,
पूरा Yहंदi
ु तान %मलेगा॥
दhप बझ
ु े हF,
िजन आँख- के;
इन आँख- को ˜ान %मलेगा।
Wव\या क5 खेती करने को,
परू ा Yहंदi
ु तान %मलेगा॥
मF कहता हूँ,
`फर कहता हूँ;
हमको तुमको <ाण %मलेगा।
मोर--सा नतTन करने को,
परू ा Yहंदi
ु तान %मलेगा॥
(क) कWव इसी जdम और इसी जीवन म@ rया पाने का अ%भलाषी है ? (1)
(i) अहं कार
(ii) धन-संपW[
(iii) ब\
ु zधमता
(iv) <"तtठा
(ख) कWव `कस iथान पर फूल 'खलने क5 बात कर रहा है ? (1)
I. जहाँ बंजर ज़मीन हो।
II. जहाँ कोई उmसव हो।
III. जहाँ लड़ाई-झगड़े ह-।
IV. जहाँ कtट और पीड़ा हो।
Page 5
4
(i) कथन (I) और (II) सहh हF।
(ii) कथन (II) और (III) सहh हF।
(iii) कथन (II) और (IV) सहh हF।
(iv) कथन (III) और (IV) सहh हF।
(ग) "न$न%ल'खत कथन और कारण पर Wवचार करते हुए उपयुrत WवकXप का चयन कर %ल'खए:
(1)
कथन : Wव\या क5 खेती करने को पूरा Yहंदi
ु तान %मलेगा।
कारण : कWव को iवतं>ता %मलने के बाद जन-जन म@ %शwा का <चार-<सार होने का Wव=वास है ।
(i) कथन सहh है ले`कन कारण कथन क5 सहh qयाŽया नहhं है ।
(ii) कथन गलत है , `कंतु कारण सहh है ।
(iii) कथन सहh है और कारण, कथन क5 सहh qयाŽया है ।
(iv) कथन और कारण दोन- गलत हF।
(घ) कWव Yहंदi
ु तान के iवतं> हो जाने पर `कस तरह नाचना चाहता है और rय-? (2)
(ङ) काqयांश के आधार पर `कdहhं दो कYठनाइय- का वणTन क5िजए जो परतं> भारत म@ कWव
अनभ
ु व कर रहा है । (2)
खंड-ख
(]यावहाNरक ]याकरण)
@Aन 3. "नद+ शानुसार ‘रचना के आधार पर वाrय भेद’ पर आधाVरत "न$न%ल'खत पाँच <=न- म@ से
`कdहhं चार <=न- के उ[र %ल'खए: (4X1=4)
(क) भगवती बाबू क5 ‘zच>लेखा’ पढ़कर शीला अ‚वाल के साथ लंबी-लंबी बहस क5। (संयुrत
वाrय म@ बद%लए)
(ख) म'ण के पूछने पर िजतेन हँस पड़ा। (%म„ वाrय म@ बद%लए)
(ग) "नशा को खेलना भी अœछा लगता है और सोना भी। (सरल वाrय म@ बद%लए)
(घ) मF Wव˜ान का Wव\याथ• रहा हूँ, मेरh "नय%मत %शwा उसी Wवषय म@ हुई। (रचना क5 žिtट से
वाrय का भेद %ल'खए)
(ङ) मेरे पास एक घड़ी है जो बैटरh से चलती है । (आz„त उपवाrय का भेद %ल'खए)
@Aन 4. "नद+ शानस
ु ार ‘वाœय' पर आधाVरत "न$न%ल'खत पाँच <=न- म@ से `कdहhं चार <=न- के उ[र
%ल'खए : (4X1=4)
Page 6
5
(क) कुलसम
ु ने कलकलाते घी म@ कचौड़ी डालh। (कमTवाœय म@ बद%लए)
(ख) या>ा पर "नकला जाए। (वाœय पहचानकर भेद बताइए)
(ग) नवाब साहब \वारा खीरा धोया गया। (कतव
T ृ ाœय म@ बद%लए)
(घ) dयूटन ने गुŠmवाकषTण के %स\धांत का आWवtकार `कया। (वाœय पहचानकर भेद बताइए)
(ङ) तुम खेल नहhं सकती। (भाववाœय म@ बद%लए)
@Aन 5. "नद+ शानुसार ‘पद–पVरचय’ पर आधाVरत "न$न%ल'खत पाँच <=न- म@ से `कdहhं चार <=न- के
रे खां`कत पद- का पद-पVरचय %ल'खए : (4X1=4)
(क) बालगो|बन भगत कबीर को साधु मानते थे।
(ख) Wपता जी हम@ बड़े यार से ‘भोलानाथ’ कहकर पुकारा करते।
(ग) Yहमालय बड़ा होते-होते Wवशालकाय होने लगा।
(घ) ¡ाइवर ने ज़ोर से †ेक मारे ।
(ङ) हमने सारh कWवताएँ पढ़ लh हF।
@Aन 6. "नद+ शानस
ु ार ‘अलंकार’ पर आधाVरत "न$न%ल'खत पाँच <=न- म@ से `कdहhं चार <=न- क5
रे खां`कत काqय पंिrतय- म@ अलंकार पहचान कर %ल'खए : (4X1=4)
(क) क%लयाँ दरवाज़े खोल-खोल जब झुरमुट म@ मुसकाती हF।
(ख) सूरदास अबला हम भोरh, गुर चाँटh nय¢ पागी।
(ग) ने> मानो कमल हF।
(घ) मैया मF तो चं£ 'खलौना लैह-।
(ङ) राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार।
खंड-ग
(पाbय पुdतक एवं पूरक पाbय पुdतक)
@Aन 7. "न$न%ल'खत पYठत ग\यांश पर आधाVरत बहुWवकXपी <=न- के सवाTzधक उपयr
ु त
उ[र WवकXप चुनकर %ल'खए- (5X1=5)
वहh पुराना बालाजी का मंYदर जहाँ |बिiमXला खाँ को नौबतखाने Vरयाज़ के %लए जाना पड़ता है ।
मगर एक राiता है बालाजी मंYदर तक जाने का। यह राiता रसूलनबाई और बतूलनबाई के यहाँ से
होकर जाता है । इस राiते से अमीŠ\दhन को जाना अœछा लगता है । इस राiते न जाने `कतने तरह
के बोल-बनाव कभी ठुमरh, कभी ट पे, कभी दादरा के माफTत ¤योढ़h तक पहुँचते रहते हF। रसूलन
Page 7
6
और बतल
ू न जब गाती हF तब अमीŠ\दhन को खश
ु ी %मलती है । अपने ढे र- साwाmकार- म@ |बिiमXला
खाँ साहब ने iवीकार `कया है `क उdह@ अपने जीवन के आरं %भक Yदन- म@ संगीत के <"त आसिrत
इdहhं गा"यका बYहन- को सुनकर %मलh है । एक <कार से उनक5 अबोध उ¦ म@ अनुभव क5 iलेट पर
संगीत <ेरणा क5 वणTमाला रसूलनबाई और बतुलनबाई ने उकेरh।
वैYदक इ"तहास म@ शहनाई का कोई उXलेख नहhं %मलता। इसे संगीत शाi>ांतगTत ‘सुWषर-
वा\य-’ म@ zगना जाता है । अरब दे श म@ फँू ककर बजाए जाने वाले वा\य िजसम@ नाड़ी (नरकट या
रhड) होती है , को नय बोलते हF। शहनाई को ‘शाहे नय’ अथाTत ् ‘सुWषर वा\य- म@ शाह’ क5 उपाzध दh
गई है ।
(क) |बिiमXलाह खाँ पुराने बालाजी के मंYदर म@ _____ जाते थे।
(i) <साद ‚हण करने
(ii) पूजा-अचTना करने
(iii) %शtय- को संगीत %सखाने
(iv) संगीत का अ¨यास करने
(ख) |बिiमXलाह खाँ के संबंध म@ सहh कथन का चयन क5िजए?
I. उdह@ संगीत क5 <ेरणा रसूलन और बतूलन बहन- से %मलh।
II. उdह@ बचपन म@ अमीŠ\दhन नाम से बुलाया जाता था।
III. उdह@ सुबह-सुबह दौड़ लगाने के %लए उठना पड़ता था।
IV. उdह@ संगीत से अzधक अपनी %म>-मंडलh से यार था।
8वक6प :
(i) कथन I और II सहh हF।
(ii) कथन III और IV सहh हF।
(iii) केवल कथन II सहh है ।
(iv) कथन I, ll और lll सहh हF।
(ग) कथन और कारण को पढ़कर उzचत WवकXप च"ु नए:
कथन : वैYदक इ"तहास म@ शहनाई का वणTन अनेक iथल- पर %मलता है ।
कारण : शहनाई के |बना कोई भी मंगल कायT वैYदक काल म@ पूणT नहhं होता था।
8वक6प :
(i) कथन (A) सहh है ले`कन कारण (R) कथन (A) क5 सहh qयाŽया नहhं है ।
(ii) कथन (A) गलत है ले`कन कारण (R) सहh है ।
(iii) कथन (A) सहh है और कारण (R), कथन (A) क5 सहh qयाŽया है ।
Page 8
7
(iv) कथन (A) और कारण (R) दोन- गलत हF।
(घ) ग\यांश म@ आए ठुमरh, ट पे और दादरा आYद श¬द- का संबंध है -
(i) बनारस के मोहXल- से
(ii) बनारस के qयंजन- से
(iii) गायन क5 शैलh से
(iv) पज
ू ा क5 प\ध"त से
(ङ) उपयr
ुT त ग\यांश म@ वणTन है -
I. |बिiमXलाह ख़ाँ के पुरiकृत होने का
II. |बिiमXलाह ख़ाँ के बचपन का
III. रसूलन और बतूलन क5 <%स\zध का
IV. शहनाई के इ"तहास और गण
ु का
8वक6प :
(i) कथन I और III सहh हF।
(ii) कथन II और IV सहh हF।
(iii) केवल कथन l सहh है ।
(iv) कथन I, ll और IV सहh हF।
@Aन 8. "नधाTVरत ग\य पाठ- पर आधाVरत "न$न%ल'खत चार <=न- म@ से `कdहhं तीन
<=न- के उ[र 25-30 श¬द- म@ %ल'खए: (3X2=6)
(क) हालदार साहब जब भी कiबे से गुजरते तो चौराहे पर लगी नेता जी क5 मू"तT पर च=मा
बदला हुआ दे खते। मू"तT पर च=मा बदलते रहने का rया कारण था?
(ख) बालगो|बन भगत क5 'ग%मTय- क5 संझा' के ž=य का zच>ण अपने श¬द- म@ क5िजए।
(ग) 'संiकृ"त' पाठ के लेखक `कन तक± के आधार पर dयट
ू न को 'संiकृत मानव' कहते हF? rया
आप भी उनसे सहमत हF?
(घ) नवाब साहब `कस वगT के <तीक हF? उनके <"त आपक5 राय rया है ? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ
के आधार पर %ल'खए।
@Aन 9. "न$न%ल'खत पYठत काqयांश पर आधाVरत बहुWवकXपीय <=न- के सवाTzधक उपयr
ु त उ[र
वाले WवकXप चन
ु कर %ल'खए: (5X1=5)
ऊधौ, तुम हौ अ"त बड़भागी।
Page 9
8
अपरस रहत सनेह तगा तF, नाYहन मन अनरु ागी।
पुरइ"न पात रहत जल भीतर, ता रस दे ह न दागी।
nय¢ जल माहँ तेल क5 गागVर, बँद
ू ना ताक¢ लागी।
<ी"त-नदh मF पाउँ न बोरयौ, žिtट न ‰प परागी।
‘सूरदास’ अबला हम भोरh, गुर चाँटh nय¢ पागी।।
(क) गोWपय- के अनुसार उ\धव भा³यशालh हF rय-`क –
(i) वे <mयेक wण कृtण के साथ रहते हF।
(ii) उdह@ †ज के गाँव दे खने का अवसर %मला है ।
(iii) वे नगरhय जीवन का सुख भोगते हF।
(iv) वे कृtण के <ेम और iनेह से अछूते हF।
(ख) काqयांश म@ <युrत हुए कमल के प[े के संदभT म@ सहh WवकXप का चयन क5िजए –
I. गोWपय- ने उ\धव क5 तुलना कमल के प[- से क5 है ।
II. कृtण ने गोWपय- के %लए कमल के प[े उपहारiव‰प %भजवाएँ हF।
III. कमल के प[े zच`कmसा के %लए औषzध बनाने के काम आते हF।
IV. जल म@ रहने पर भी कमल के प[- पर कोई दाग नहhं पड़ता।
WवकXप
(i) कथन I और IV सहh है ।
(ii) कथन ll, III और IV सहh है ।
(iii) कथन I, ll और III सहh है ।
(iv) कथन I, III और IV सहh है ।
(ग) गोWपय- के अनुसार उ\धव ने अब तक rया नहhं `कया है ?
(i) मीठे गुड़ का iवाद नहhं चखा है ।
(ii) तेल से भरh गगरh नहhं उठाई है ।
(iii) <ेम ‰पी नदh म@ पैर नहhं डुबाए हF।
(iv) <ेम ‰पी नदh म@ डुबक5 नहhं लगाई है ।
(घ) कथन और कारण को oयानपूवक
T पढ़कर सहh WवकXप चुनकर %ल'खए:
कथन : गोWपयाँ iवयं को असहाय और कमज़ोर मानती हF।
कारण : कृtण के <ेम ने उनके सभी सुख- को छƒन %लया है ।
(i) कथन सहh है ले`कन कारण, कथन क5 सहh qयाŽया नहhं है l
(ii) कथन गलत है ले`कन कारण सहh है l
Page 10
9
(iii) कथन सहh है और कारण, कथन क5 सहh qयाŽया है l
(iv) कथन और कारण दोन- गलत हFl
(ङ) उ\धव के <"त गोWपय- के कथन `कस भाव को <द%शTत कर रहे हF?
(i) घण
ृ ा
(ii) <ेम
(iii) दया
(iv) qयं³य
@Aन 10. "नधाTVरत कWवताओं के आधार पर "न$न%ल'खत चार <=न- म@ से `कdहhं तीन <=न- के
उ[र 25-30 श¬द- म@ %ल'खएl (3X2=6)
(क) 'इहाँ कु$हड़ब"तया कोउ नाहhं' – पंिrत के \वारा ल´मण परशरु ाम से rया कह रहे हF?
ल´मण ने अपने qयवहार को उzचत ठहराते हुए rया तकT Yदया?
(ख) ‘आmमकµय’ कWवता म@ जयशंकर <साद %म>- के \वारा बार-बार कहने पर भी आपबीती कहने
से कतरा रहे हF। आप अपनी आपबीती जग को सुनाना चाह@ ग@ या नहhं? कारण बताते हुए
उ[र %ल'खए।
(ग) 'उmसाह' कWवता ¶ां"त और बदलाव क5 कWवता `कस <कार है ? `कdहhं दो |बंदओ
ु ं से iपtट
क5िजए।
(घ) मुŽय गायक को अकसर संगतकार क5 ज‰रत rय- पड़ती है ? 'संगतकार' कWवता के आधार
पर iपtट क5िजए।
@Aन 11. पूरक पा·य पुiतक के "नधाTVरत पाठ- पर आधाVरत "न$न%ल'खत तीन <=न- म@ से `कdहhं
दो <=न- के उ[र लगभग 50-60 श¬द- म@ %ल'खए: (2X4=8)
(क) कृ"तकार क5 ईमानदारh से आप rया समझते हF? 'मF rय- %लखता हूँ' के लेखक ने इस
ईमानदारh के समw `कस तरह क5 लेखक5य Wववशताओं का उXलेख `कया है ?
(ख) 'साना-साना हाथ जो¹ड़' क5 ले'खका महानगर- को 'डाकT‰म' rय- कहती है ? महानगर- को इस
डाकT‰म से बचाने के %लए हम rया <यास कर सकते हF?
(ग) यह iवाभाWवक है `क बœचा माता या Wपता `कसी एक से अzधक नजदhक5 का अनुभव करता
हो – पाठ 'माता का अँचल' के भोलानाथ के संदभT से इस कथन पर <काश डाल@। इसके साथ
हh अपने जीवन के अनुभव से इसके पw या Wवपw म@ Yट पणी क5िजए।
Page 11
10
खंड-घ
(रचनाiमक लेखन)
@Aन 12. "न$न%ल'खत तीन Wवषय- म@ से `कसी एक Wवषय पर Yदए गए संकेत-|बdदओ
ु ं के आधार
पर लगभग 120 श¬द- म@ अनुœछे द %ल'खएl (1X6=6)
(क) आmम"नभTर भारत
• आmम"नभTरता आव=यक rय-?
• अ%भयान का <भाव
• बाधाएँ और सुझाव
(ख) ऑनलाइन खरhदारh: qयापार का बदलता iव‰प
• वतTमान म@ इसक5 अ"नवायTता
• सकाराmमक और नकाराmमक <भाव
• सुझाव
(ग) पॉलhzथन थै%लय- पर अ"नवायT <"तबंध
• पॉलhzथन थै%लय- का <चलन
• <"तबंध क5 आव=यकता
• सरकार और आम आदमी का सहयोग
@Aन 13. (क) आप कWवता/कुणाल हF, जो एक इंजी"नयVरंग कॉलेज म@ पढ़ रहे हFl आपके छोटे
भाई/बहन क5 दसवीं क5 परhwा है । उसे परhwा क5 तैयारh के Wवषय म@ सुझाव दे ते हुए लगभग 100
श¬द- म@ प> %ल'खए। (1X5=5)
अथवा
(ख) आपका नाम कWवता/कुणाल हF। आप अपने wे> के पाकT म@ ‘रh¹डंग rलब’ खोलना चाहते हF।
आ˜ा लेने हे तु YदXलh नगर "नगम के उप-आयुrत को प> %ल'खए।
@Aन 14. (क) आपका नाम मनजीत/मो&नका है । घर बदलने के कारण आप अपने बFक खाता क5
गह
ृ -शाखा (होम †ांच) को बदलवाना चाहते हF। बFक के <बंधक (मैनेजर) को 80 श¬द- का ई-मेल
%लख कर "नवेदन क5िजए। (1X5=5)
Page 12
11
अथवा
(ख) आपका नाम मनजीत/मो&नका है । ‘भारत टाइ$स’ दै "नक समाचार प> म@ संवाददाता के पद के
%लए Vरिrतयाँ "नकलh हF। आप उrत पद क5 यो³यता (बी.जनT%ल½म / प>काVरता म@ iनातक) को
धारण करते हF। उrत समाचार प> के संपादक को आवेदन भेजने हे तु लगभग 80 श¬द- म@ अपना
एक संvw त iवव[
ृ %ल'खए।
@Aन 15. (क) सोलर बXब और लाइट बनाने वालh कंपनी ‘ऊजाT’ के %लए लगभग 40 श¬द- का एक
आकषTक Wव˜ापन तैयार क5िजए l (1X4=4)
अथवा
(ख) ‘%शwक Yदवस’ के सफल आयोजन के %लए Wव\यालय के Wव\याzथTय- को <ाचायT/<ाचायाT क5
ओर से लगभग 40 श¬द- म@ एक साधुवाद बधाई संदेश %ल'खएI