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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
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एनसीईआरट समाधान
अध्याय 8: ओणम के रंग
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — वीणा
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
90 – 104 10 32 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 26 pages
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 4 · हद · वीणा
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 8: ओणम के रंग
‘ओणम के रंग’ केरल के सबसे बड़े त्योहार ओणम का चत्र ख चने वाला नबंध है। इसम पूक्कलम, नौका-दौड़, ओणम का भोज, राजा महाबली क
कथा और केरल के खेल तथा नृत्य — सब एक साथ मलते ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
वीणा (कक्षा 4) 90 – 104
खं ड प्रश्न
10 32
माध्यम
हन्द
बातचीत के लए — पृष्ठ 94
पाठ पढ़ने के बाद कक्षा म बातचीत के लए दए गए प्रश्न।
बातचीत के लए
प्र.1 ओणम का त्योहार कब मनाया जाता है?
ओणम का त्योहार ावण महीने के ावण नक्षत्र के दन मनाया जाता है।
पाठ म लखा है — “ ावण महीने के ावण नक्षत्र के दन ओणम का त्योहार आता है।”
क्य : यह वषा के बाद का समय होता है। बादल छँ ट जाते ह और केरल का प्राकृ तक स दय नखर उठता है। कसान
उपज काट चुके होते ह और ख लहान म धान भरे होते ह। इस लए यही त्योहार मनाने का सबसे अच्छा समय है।
प्र.2 ओणम का त्योहार कस पौरा णक कथा पर आधा रत है?
ओणम राजा महाबली क पौरा णक कथा पर आधा रत है।
कथा पाठ म इस क्रम से आई है —
1. प्राचीन काल म महाबली नाम के राजा केरल पर शासन करते थे। उनका राज्य पृथ्वी, स्वग और पाताल लोक तक फैला हुआ था।
2. एक दन महा वष्णु वामन का रूप धारण करके उनके पास पहुँचे और तीन पग भू म क याचना क ।
3. महाबली ने इस छोटे -से दान क तुरंत स्वीकृ त दे द ।
4. महा वष्णु त्र वक्रम बनकर ब्र ांड तक फैल गए। दो पग म उन्ह ने स्वग, भू म और पाताल नाप लया।
5. तीसरा पग रखने के लए जगह नह बची, तो महाबली ने अपना सर झुका दया।
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6. प्रसन्न होकर महा वष्णु ने उन्ह पाताल लोक का राज्य स प दया और वष म एक बार प्रजा से मलने धरती पर आने क अनुम त
द।
क्य : लोग क मान्यता है क महाबली हर वष उसी दन केरल आते ह। उनके स्वागत के लए ही यह दन ओणम के
रूप म मनाया जाता है।
प्र.3 आप कौन-कौन से त्योहार मनाते ह?
यह आपक अपनी बात है। हर ब े का उत्तर अलग होगा। उत्तर ऐसे बनाइए —
1. अपने घर म साल भर म मनाए जाने वाले त्योहार के नाम याद क जए।
2. हर त्योहार के आगे ल खए क वह कस महीने या ऋतु म आता है।
3. एक-दो शब्द म ल खए क उस दन घर म क्या खास होता है।
नमूना उत्तर: हम अपने घर म होली, रक्षाबंधन, द पावली, ईद और नववष मनाते ह। होली पर हम रंग खेलते ह। द पावली पर घर म
द ये जलाते ह। ईद पर हम सेवइयाँ खाते ह। हर त्योहार पर सब लोग मलकर खुश होते ह।
संकेत: अपने उत्तर म उन्ह त्योहार के नाम ल खए जो आपके घर या मुहल्ले म सचमुच मनाए जाते ह।
प्र.4 आपको कौन-सा त्योहार सबसे अ धक अ ा लगता है और क्य ?
यह आपक अपनी पसंद है। उत्तर म दो बात होनी चा हए — त्योहार का नाम, और उसका कारण।
नमूना उत्तर: मुझे द पावली सबसे अ धक अच्छ लगती है। इस दन हम घर क सफाई करते ह और द ये जलाते ह। शाम को पूरा
घर जगमगाने लगता है। मेरे चाचा-चाची भी दूर से आते ह। सब लोग मलकर मठाई खाते ह। मुझे यही मलना-जुलना सबसे अच्छा
लगता है।
क्य कारण जरूरी है: केवल नाम लखने से उत्तर अधूरा रहता है। कारण बताने से पढ़ने वाले को आपक खुशी भी
समझ आती है।
प्र.5 त्योहार वाले दन आप क्या-क्या करते ह?
अपने दन का क्रम ल खए — सुबह से रात तक। इससे उत्तर अपने आप बन जाता है।
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नमूना उत्तर: त्योहार वाले दन म सुबह जल्द उठ जाता हूँ। नहा-धोकर नए कपड़े पहनता हूँ। माँ के साथ घर सजाता हूँ। दोपहर म
सब लोग साथ बैठकर खाना खाते ह। शाम को हम पड़ो सय के घर जाते ह। रात म सब मलकर गीत गाते ह।
संकेत: पाठ म भी ओणम का दन इसी तरह क्रम से बताया गया है — पहले नहाना, फर फूल तोड़ना, फर
पूक्कलम बनाना। आप भी उसी तरह ल खए।
पाठ के भीतर — पृष्ठ 95
1. प्रश्न के सट क उत्तर के सामने सूरज का चत्र ( ☼ ) बनाइए —
पाठ के भीतर
प्र.1 (क) ब क कन ग त व धय से पता चलता है क ओणम का त्योहार आरंभ हो गया है?
i. ब े सुबह-सुबह नहा-धो लेते ह।
ii. ब े उपज क कटाई म सहायता करते ह।
iii. ब े आँगन म पूक्कलम (फूल क रंगोली) बनाते ह।
iv. ब े समुद्र-तट पर घूमने के लए जाते ह।
सूरज का चत्र i और iii के सामने बनेगा।
i. ब े सुबह-सुबह नहा-धो लेते ह। ☼
iii. ब े आँगन म पूक्कलम (फूल क रंगोली) बनाते ह। ☼
क्य : पाठ कहता है — “सुबह-सुबह ब े नहा-धोकर हाथ म टोकरी लए लाल, पीले, सफेद फूल तोड़ने के लए
बाग-बगीच म नकल पड़े।” और फर — “ब ने … आँगन म पूक्कलम (फूल क रंगोली) बनाए। इसी के साथ
केरल म ओणम का त्योहार शुरू हो गया।” यही दो काम ब के ह।
संकेत: ii गलत है, क्य क पाठ म उपज कसान काटते ह, ब े नह । iv भी गलत है — ब का समुद्र-तट पर
जाना पाठ म कह नह आया।
प्र.2 (ख) महाबली ने वामन से कौन-सा वरदान माँगा?
i. ओणम के त्योहार म भाग लेने का
ii. तीन पग भू म दे ने का
iii. अपनी प्रजा को सुखी-संपन्न दे खने का
iv. अपनी प्रजा से मलने के लए धरती पर आने का
सूरज का चत्र iv के सामने बनेगा।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग
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iv. अपनी प्रजा से मलने के लए धरती पर आने का ☼
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क्य : पाठ म लखा है — “महाबली ने पाताल जाने के पहले एक याचना क क वष म केवल एक बार उन्ह अपनी
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प्रजा से मलने के लए धरती पर आने क अनुम त द जाए।” महा वष्णु ने यह माँग स्वीकार कर ली।
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ध्यान द जए: वकल्प ii म उलट बात है। तीन पग भू म वामन ने महाबली से माँगी थी, महाबली ने वामन से नह ।
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(ग) तरुवोणम के दन आँगन म बनाई गई कलाकृ तयाँ महाबली के चले जाने के बाद ही हटा द जाती ह क्य क
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i. महाबली क पूजा केवल तीन दन ही होती है।
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om राज्य पाताल, पृथ्वी और स्वग तीन जगह फैला हुआ था। l
ii. तीसरे दन महाबली पाताल लोक लौट जाते ह।
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a semiv. कलाकृ तय का स दय तीन दन से अ धक नह रहता।
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सूरज का चत्र ii के सामने बनेगा।
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ii. तीसरे दन महाबली पाताल लोक लौट जाते ह। ☼
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क्य : पाठ कहता है — “ व ास कया जाता है क तरुवोणम के तीसरे दन महाबली पाताल लोक लौट जाते ह।”
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कलाकृ तयाँ तो उन्ह के स्वागत के लए बनाई जाती ह। इस लए जब तक वे यहाँ ह, सजावट भी बनी रहती है।
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2. स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मलान क जए —
पाठ के भीतर
प्र.1 स्तंभ ‘क’ का स्तंभ ‘ख’ से मलान क जए —
स्तंभ ‘क’ स्तंभ ‘ख’
पूक्कलम इस खेल म ना रयल के पत्त से बनी गद जसे ानीय भाषा म पंथु कहा जाता है, एक दल के खला ड़य
ारा अपने सर के ऊपर से फक जाती है और दूसरे दल के खलाड़ी उसे लपककर पकड़ते ह।
द ोण-पुष्प फूल-प त्तय तथा तरह-तरह के सूखे रंग से भू म पर बनाई गई रंगोली। इसे अल्पना आ द नाम से भी
जाना जाता है।
तलपंतक
ु ली इसे गोफा, गुमा जैसे नाम से भी जाना जाता है। यह औषधीय पुष्प वषा ऋतु म फलता-फूलता है। इसके
पौधे क गाँठ पर सफेद फूल के गु े होते ह।
िकिलंतट्टु क ली यह तरुव तराकली नृत्य रूप का दूसरा नाम है। इस नृत्य म हाथ ारा ताली बजाकर ताल दे ने का वशेष
महत्व है। यह नृत्य मुख्यतः म हलाओं ारा कया जाता है।
कै कोिट्ट किल इस खेल म भू म पर आयताकार आकृ त बनाई जाती है जसे लंबाई म पं क्त ख चकर पाँच भाग म
वभा जत कया जाता है। सभी खला ड़य म से एक खलाड़ी को ‘ कली’ क भू मका द जाती है।
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ित्र िव म तीन लोक को जीतने वाले ( वष्णु भगवान)
सही मलान इस प्रकार है —
स्तंभ ‘क’ स्तंभ ‘ख’ (सही जोड़ा)
पूक्कलम फूल-प त्तय तथा तरह-तरह के सूखे रंग से भू म पर बनाई गई रंगोली। इसे अल्पना आ द नाम से भी जाना जाता है।
द ोण-पुष्प इसे गोफा, गुमा जैसे नाम से भी जाना जाता है। यह औषधीय पुष्प वषा ऋतु म फलता-फूलता है। इसके पौधे क गाँठ पर
सफेद फूल के गुच्छे होते ह।
तलपंतक
ु ली इस खेल म ना रयल के पत्त से बनी गद जसे ानीय भाषा म पंथु कहा जाता है, एक दल के खला ड़य ारा अपने सर के
ऊपर से फक जाती है और दूसरे दल के खलाड़ी उसे लपककर पकड़ते ह।
िकिलंतट्टु क ली इस खेल म भू म पर आयताकार आकृ त बनाई जाती है जसे लंबाई म पं क्त ख चकर पाँच भाग म वभा जत कया जाता
है। सभी खला ड़य म से एक खलाड़ी को ‘ कली’ क भू मका द जाती है।
कै कोिट्टकिल यह तरुव तराकली नृत्य रूप का दूसरा नाम है। इस नृत्य म हाथ ारा ताली बजाकर ताल दे ने का वशेष महत्व है। यह नृत्य
मुख्यतः म हलाओं ारा कया जाता है।
ित्रिवक्रम तीनों लोकों को जीतने वाले (िवष्णु भगवान)
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पहचानने का आसान तरीका: हर जोड़े म एक शब्द छपा रहता है —
पूक्कलम — ‘रंगोली’ शब्द से पहचा नए। पाठ म भी लखा है: पूक्कलम (फूल क रंगोली)।
द्रोण-पुष्प — ‘पुष्प’ माने फूल। इस लए सफेद फूल के गुच्छे वाला ववरण इसी का है।
तलपंतुकली — इसम ‘पंतु’ है और ववरण म गद ‘पंथु’ आया है।
क लत टु कली — इसम ‘ क ल’ है और ववरण म ‘ कली’ क भू मका आई है।
कैको ट्टक ल — ‘कै’ का अथ हाथ है; ववरण म ताली बजाने क बात है।
त्र वक्रम — ‘ त्र’ माने तीन। तीन लोक को जीतने वाले।
संकेत: पुस्तक म पहला मलान (पूक्कलम → रंगोली वाला ववरण) रेखा ख चकर पहले से दखा दया गया है।
बाक पाँच आपको जोड़ने ह।
पाठ के भीतर — पृष्ठ 97
3. नम्न ल खत प्रश्न के उत्तर अपनी लेखन-पु स्तका म ल खए —
पाठ के भीतर
प्र.1 (क) ओणम के भोज म कौन-कौन से भोज्य पदाथ बनाए जाते ह? कसी एक भोज्य पदाथ के बारे म वस्तार से
ल खए।
ओणम के भोज म चावल, स ब्जयाँ, खीर, पापड़ और कई प्रकार के स्वा दष्ट फल होते ह।
पाठ क पं क्त है — “ओणम के भोज म चावल, स ब्जयाँ, खीर, पापड़ और कई प्रकार के स्वा दष्ट फल होते ह।”
पाठ यह भी बताता है क ओणम के उपलक्ष्य म वशेष प्री तभोज आयो जत कए जाते ह। प्री तभोज के बाद लोग खेल-कूद,
क वता-प्रसंग, संगीत या नृत्य म हस्सा लेते ह।
एक भोज्य पदाथ — खीर (नमूना उत्तर):
खीर एक मीठा पकवान है। यह चावल और दूध से बनती है।
दूध को धीमी आँच पर गाढ़ा कया जाता है। उसम थोड़े-से चावल डाले जाते ह।
चावल गल जाने पर चीनी मलाई जाती है।
ऊपर से मेवे डालकर इसे परोसा जाता है।
खीर सब उम्र के लोग को पसंद आती है, इस लए त्योहार के भोज म यह जरूर बनती है।
संकेत: पुस्तक केवल पकवान के नाम दे ती है, बनाने क व ध नह । इस लए ऊपर का ववरण नमूने के रूप म दया
गया है। आप अपने घर के कसी बड़े से पूछकर अपनी भाषा म लख सकते ह।
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प्र.2 (ख) आपके राज्य म कौन-से त्योहार वशेष रूप से मनाए जाते ह? उन त्योहार क कौन-सी बात ओणम से
मलती-जुलती ह?
यह उत्तर आपके अपने राज्य पर नभर करता है। इसे दो हस्स म ल खए —
1. पहले अपने राज्य के दो-तीन खास त्योहार के नाम ल खए।
2. फर ओणम से मलती-जुलती बात छाँ टए — जैसे रंगोली बनाना, नए कपड़े पहनना, मल-जुलकर भोज करना, खेल या नृत्य
होना, फसल से जुड़ा होना।
नमूना उत्तर: मेरे राज्य म द पावली और होली वशेष रूप से मनाई जाती ह। इनक कई बात ओणम से मलती-जुलती ह —
ओणम म हमारे त्योहार म
आँग न में पूक्कलम (फू लों की रंग ोली) बनती है दीपावली पर ार के आगे रंगोली बनाई जाती है
घर का हर सदस्य नए कपड़े पहनता है हमारे यहाँ भी सब नए कपड़ े पहनते है ं
िवशेष पीितभोज होता है घर में पकवान बनते है ं और सब साथ खाते है ं
खेल -कू द, संग ीत और नत्ृ य होता है होली पर गीत गाए जाते है ं और नाच होता है
यह खेतों की उपज से जुड़ा त्योहार है दीपावली भी फसल कटने के बाद आती है
क्य मलती-जुलती ह: हर त्योहार का मूल भाव एक ही है — मलकर खुश होना और मेहनत के बाद आराम का
दन मनाना।
प्र.3 (ग) ओणम म गाए जाने वाले लोकगीत म महाबली के शासन क कन वशेषताओं का उल्लेख है?
लोकगीत म महाबली के शासन क ये वशेषताएँ बताई गई ह —
सब लोग एक समान थे — कोई ऊँचा या नीचा नह था।
दुख और द रद्रता का नाम तक नह था।
न डाका पड़ता था, न कसी के साथ धोखा होता था।
कोई झूठे वचन नह बोलता था।
तराजू जाली नह थी और नाप म कमी नह क जाती थी।
छल-कपट का कोई प्रपंच नह था।
हर कह प्रेम और प्रसन्नता छाई रहती थी।
गीत क पं क्तयाँ ह —
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“महाबली के राज म, / सब जन एक समान। / दुख-द रद्रता का नाम नह , / डाका नह , धोखा नह , / झूठे वचन कोई नह , / जाली
तराजू नह , नाप म कमती नह , / छल-कपट का प्रपंच नह , / हर कह प्रेम-प्रसन्नता छा रही।”
क्य यह गीत आज भी गाया जाता है: पाठ कहता है क यह लोकगीत “लोग के होठ पर अब भी जी वत है।”
लोग इसे गाकर याद करते ह क अच्छा राज कैसा होता है।
शब्द सम झए: जाली तराजू माने गलत तराजू, जससे कम तौला जाए। कमती माने कमी। प्रपंच माने छल-कपट
का जाल।
प्र.4 (घ) पाठ म आए कस उल्लेख के आधार पर कहा जा सकता है क महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते
थे?
सबसे बड़ा प्रमाण उनक अं तम याचना है।
पाठ म लखा है — “महाबली ने पाताल जाने के पहले एक याचना क क वष म केवल एक बार उन्ह अपनी प्रजा से मलने के लए
धरती पर आने क अनुम त द जाए।”
क्य यह प्रेम दखाता है: महाबली अपना पूरा राज्य खो चुके थे। वे चाहते तो अपने लए धन या राज माँग सकते थे।
पर उन्ह ने केवल इतना माँगा क अपनी प्रजा से मल सक। जसे अपनी प्रजा सबसे प्यारी हो, वही ऐसी माँग करता
है।
एक और पं क्त भी यही बात कहती है — “महाबली के राज म लोग पूरी तरह प्रसन्न थे।” राजा तभी प्रजा को प्रसन्न रख पाता है
जब वह उससे प्रेम करता हो।
प्र.5 (ङ) पाठ म आई कन बात से पता चलता है क प्रकृ त भी ओणम के स्वागत क तैयारी कर रही है?
पाठ म प्रकृ त क ये तैया रयाँ बताई गई ह —
वषा के बादल छँ ट जाते ह और ठं डी-ठं डी तेज हवाएँ थम जाती ह।
केरल का प्राकृ तक स दय नखर उठता है।
सूरज नकलते ही प मी तट पर समुद्र क लहर चमकने लगती ह।
समुद्र-तट क रेत के कण दमकने लगते ह।
हल्क -हल्क बयार के झ क से ना रयल के पेड़ के पत्ते लहलहाने लगते ह।
नद का नमल और स्वच्छ जल वातावरण को सुंदर बना दे ता है।
तरह-तरह के चहचहाते पक्षी आसमान म उड़ते हुए अठखे लयाँ करते ह।
रंग- बरंगी तत लयाँ खले फूल पर मँडराती दखाई दे ती ह।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग
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इन्ह को दे खकर लेखक कहता है — “ऐसा लगता है मानो प्रकृ त केरलवा सय के महोत्सव ओणम के स्वागत क पूरी तैयारी कर
चुक है।”
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क्य ऐसा लगता है: जब हम कसी मेहमान का स्वागत करते ह तो घर साफ करते ह और सजाते ह। यहाँ प्रकृ त भी
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ठ क वैसा ही करती दखती है — आसमान साफ, पानी स्वच्छ, पेड़ हरे और फूल खले हुए।
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मधुर स्मृ तयाँ — पृष्ठ 97
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a है।
यह काम आपको घर पर, अपने प रवार के साथ करना
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अपने घर के बड़ से बातचीत करके पता लगाइए क वे अपने जीवन के बीते हुए कन- कन अवसर को याद
mकरके प्रसन्न होते ह। उन बात को अपनी लेखन-पु स्तका म ल खए।
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यह काम आपको स्वयं करना है। इस तरह क जए —
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1. घर के कसी बड़े — दादा, दाद , नाना, नानी, माता या पता — के पास आराम से बै ठए।
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2. पू छए: “आपके बचपन का सबसे खुशी वाला दन कौन-सा था?”
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3. उनक बात ध्यान से सु नए। बीच म मत टो कए।
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4. सुनते समय छोटे -छोटे बदु लख ली जए — कब, कहाँ, कौन-कौन था, क्या हुआ।
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5. बाद म उन बदुओं से पूरा-पूरा वाक्य बनाकर लेखन-पु स्तका म ल खए।
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अ m .c म यह होना चा हए: अवसर का नाम, वह कस उम्र या साल क बात है, औरagउस दन उन्ह खुशी क्य हुई।
seना उत्तर: मने अपनी दाद से बात क । उन्ह ने बताया क गाँव म मेला लगता था। सब ब े मलकर मेले म जाते थे। दाद को
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वहाँ से लाल चू ड़याँ मली थ । वे आज भी उस दन को याद करके मुस्कुरा दे ती ह।
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संकेत: पाठ का नाम भी यही कहता है — बीते हुए ओणम क “मधुर याद” केरलवा सय को खुश रखती ह। हर घर
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म ऐसी मधुर याद होती ह।
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आपके घर के सदस्य आपक कन बात से प्रसन्न होते ह? वे आपक प्रसन्नता eकm
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े लए क्या-क्या प्रयास करते ह?
co आप उनके प्र त आभार कैसे व्यक्त करते ह?
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इस प्रश्न के तीन भाग ह। तीन का अलग-अलग उत्तर ल खए।
नमूना उत्तर:
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वे कन बात से प्रसन्न होते ह — जब म समय पर पढ़ाई करता हूँ, बड़ क बात मानता हूँ, छोट बहन के साथ खेलता हूँ और
घर के छोटे काम म हाथ बँटाता हूँ।
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वे मेरे लए क्या करते ह — माँ मेरी पसंद का खाना बनाती ह। पताजी मुझे नई कताब लाकर दे ते ह। दाद मुझे कहा नयाँ
सुनाती ह। बीमार पड़ने पर सब मेरा ध्यान रखते ह।
म आभार कैसे दखाता हूँ — म उन्ह ‘धन्यवाद’ कहता हूँ। उनके काम म मदद करता हूँ। उनक बात ध्यान से सुनता हूँ।
त्योहार पर अपने हाथ से काड बनाकर दे ता हूँ।
क्य यह जरूरी है: आभार केवल कहने क बात नह है। छोटे -छोटे काम करके भी हम दखा सकते ह क हम
कसी का कया हुआ याद है।
हमारे दे श के नृत्य — पृष्ठ 98–99
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आइए, अपने दे श के व भन्न राज्य के शास्त्रीय और लोकनृत्य क पहचान करते ह —
हमारे दे श के नृ त्य
प्र.1 अपने दे श के व भन्न राज्य के शास्त्रीय और लोकनृत्य क पहचान क जए। पुस्तक म बारह चत्र दए गए ह और
हर चत्र के नीचे नृत्य का नाम छपा है —
क्रम चत्र म क्या दखता है चत्र के नीचे छपा नाम
1 चौड़े घेरदार बगनी-लाल घाघरे म खड़ी नतक , हाथ क मुद्रा बनाए हुए भरतनाट म
2 पीली लंबी पोशाक म घूमती नतक , पैर म घुँघरू कथक
3 हरे रंग का चेहरा और बहुत बड़ा सर का मुकुट, सफेद घेरदार पोशाक कथकली
4 सफेद-सुनहरी पोशाक म झुककर नाचती नतक मोिहनीअट्ट म
5 लाल-पीली पोशाक और चाँद के गहन म एक हाथ ऊपर उठाए नतक ओिडसी
6 लाल-हरी साड़ी म दोन हाथ से पल्ला ऊपर उठाए नतक लावणी
7 सफेद-लाल पोशाक म सर पर आभूषण पहने नतक कु िचपुड़ी
8 एक पुरुष ढोल बजाता हुआ और एक म हला हल्के पीले वस्त्र म नाचती हुई िबहू
9 पगड़ी पहने पुरुष ढोल बजाता हुआ और एक म हला नाचती हुई भांग ड़ा
10 एक जोड़ा हाथ म डंडे लेकर नाचता हुआ गरबा
11 काले घेरदार घाघरे और रंगीन गहन म नाचती म हला कालबेिलया
12 पीली पोशाक और बहुत बड़ा रंगीन मुकुट पहने नतक, हाथ म तलवार छऊ
पुस्तक के बारह चत्र म ये नृत्य दखाए गए ह — भरतनाट्यम, कथक, कथकली, मो हनीअट्टम, ओ डसी, लावणी, कु चपुड़ी,
बहू, भांगड़ा, गरबा, कालबे लया और छऊ।
इनम से कथकली के बारे म इसी पाठ म लखा है — “केरल म कई जगह सुप्र सद्ध नृत्य ‘कथकली’ का भी आयोजन होता है।”
यानी कथकली केरल का नृत्य है।
नमूना उत्तर — कौन-सा नृत्य कस राज्य का:
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नृत्य प्रकार राज्य
भरतनाट म शास्त्रीय तिमलनाडु
कथक शास्त्रीय उ त्त र पदे श
कथकली शास्त्रीय के रल
मोिहनीअट्टम शास्त्रीय के रल
ओिडसी शास्त्रीय ओिडशा
कु िचपुड़ी शास्त्रीय आंध पदे श
लावणी लोकनृत्य महारा
िबहू लोकनृत्य असम
भांग ड़ा लोकनृत्य पंजाब
गरबा लोकनृत्य गुजरात
कालबेिलया लोकनृत्य राजस्थान
छऊ लोकनृत्य ओिडशा, झारखंड और पिश्चम बंगाल
संकेत: पुस्तक चत्र के नीचे केवल नृत्य का नाम छापती है, राज्य का नाम नह । ऊपर क ता लका इसी लए ‘नमूना
उत्तर’ है। अपने अध्यापक और पुस्तकालय क सहायता से इसे जाँच ली जए — पुस्तक स्वयं पृष्ठ 104 पर यही करने
को कहती है।
अंतर सम झए: शास्त्रीय नृत्य के नयम बँधे हुए होते ह और उसे वष सीखना पड़ता है। लोकनृत्य गाँव-समाज के
लोग त्योहार या फसल के समय मलकर करते ह, और वह सबके लए खुला होता है।
दे श हमारा एक, रंग इसके अनेक — पृष्ठ 100–101
उपज से जुड़े त्योहार पहचानने और भारत के मान चत्र पर दखाने का काम।
दे श हमारा एक, रं ग इसके अने क
प्र.1 पाठ म आई उस पं क्त को च त करके ल खए जससे यह पता चलता है क ओणम खेत क उपज से जुड़ा
त्योहार है।
वह पं क्त है — “ कसान उपज काट चुके ह और ख लहान म धान भरे ह।” (पृष्ठ 91)
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
क्य यही पं क्त: इसम दो बात साफ ह — फसल कट चुक है, और अनाज घर तक आ चुका है। जब मेहनत पूरी हो
जाती है और अन्न भर जाता है, तभी लोग न त होकर त्योहार मनाते ह। इस लए ओणम खेत क उपज से जुड़ा
त्योहार है।
संकेत: पाठ क एक और पं क्त भी सहारा दे ती है — “वषा के बादल छँ टते ही … केरल का प्राकृ तक स दय नखर
उठता है।” वषा बीतने के बाद ही फसल कटती है।
प्र.2 कक्षा म पाँच-पाँच व ा थय का समूह बनाकर आपस म चचा क जए और पता लगाइए क हमारे दे श म खेत
क उपज से जुड़े और कौन-कौन से त्योहार ह। ऐसे त्योहार क सूची भी तैयार क जए।
यह काम समूह म करना है। इस तरह क जए —
1. पाँच-पाँच ब का समूह बनाइए।
2. हर ब ा अपने घर या राज्य का एक ऐसा त्योहार बताए जो फसल से जुड़ा हो।
3. एक ब ा सब नाम एक कागज पर लखता जाए।
4. अंत म दे खए क कस त्योहार पर नई फसल का अनाज पकाया जाता है।
सूची (पुस्तक ने स्वयं पृष्ठ 100 पर ये नाम दए ह):
ओणम
लोहड़ी
प गल
साङ् केन
बहू
छठ
फूलदे ई
ये सब उपज से क्य जुड़े ह: ये त्योहार उसी समय आते ह जब खेत का काम पूरा होता है। कसान महीन मेहनत
करता है। फसल घर आते ही सब मलकर खुशी मनाते ह। यही उपज से जुड़ा त्योहार है।
संकेत: समूह चचा म अपने आसपास के त्योहार भी जो ड़ए। अपने अध्यापक से पूछकर सूची बढ़ाइए।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग
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उपज से जुड़े नम्न ल खत त्योहार भारत के कन- कन राज्य म मनाए जाते ह? उनके नीचे दए गए रंग के ारा
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प्र.3
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उन्ह मान चत्र म दशाइए —
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eओणम
gl a लोहड़ी पोंग ल साङ् के न िबहू छठ फू लदे ई
a पीला लाल हरा नीला भूरा नारंगी गुलाबी
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agलखा। उसी मान चत्र म ऊपर दए रंग भरने ह।
पुस्तक म इस ता लका के नीचे भारत का खाली रेखा-मान चत्र छपा है, जसम राज्य क सीमाएँ बनी ह पर कोई नाम
नह
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पहले हर त्योहार के सामने राज्य ल खए, फर उस राज्य म वही रंग भ रए जो ता लका म उसके नीचे दया है।
a gनमूl ना उत्तर:
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त्योहार राज्य मान चत्र म भरा जाने वाला रंग
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ओणम के रल
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लोहड़ी पंजाब
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पोंग ल तिमलनाडु हरा
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साङ् के न अरुणाचल पदे श नीला
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िबहार नारंगी
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छठ
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फू लदे ई उ त्त राखंड गुलाबी
रंग भरने का तरीका: agl
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1. पहले मान चत्र म उस राज्य को खो जए। क ठनाई हो तो कक्षा के बड़े मान चत्र या अध्यापक क सहायता ली जए।
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2. उस राज्य क सीमा के भीतर हल्के हाथ से रंग भ रए।
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3. मान चत्र के नीचे एक छोट सूची बनाइए — कस रंग का अथ कौन-सा त्योहार है। इसे ‘संकेत सूची’ कहते ह।
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a संकेत: ओणम केरल का त्योहार है — यह इसी पाठ म लखा है। बाक राज्य के नाम पुस्तक म नह छपे ह, इस लए
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ऊपर क ता लका ‘नमूना उत्तर’ है। अपने अध्यापक से इसे जाँच ली जए।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत —
पुस्तक पृष्ठ 101 पर दो बक्से छापती है। पहले बक्से का शीषक है ‘मलयालम लोकगीत का हद रूप’ और उसम नीचे
दया गीत हद म छपा है। दूसरे बक्से का शीषक है ‘मलयालम लोकगीत’ और उसम वही गीत मलयालम ल प म छपा
है।
“महाबली के राज म, / सब जन एक समान। / दुख-द रद्रता का नाम नह , / डाका नह , धोखा नह , / झूठे वचन
कोई नह , / जाली तराजू नह , नाप म कमती नह , / छल-कपट का प्रपंच नह , / हर कह प्रेम-प्रसन्नता छा रही।”
इस लोकगीत को प ढ़ए और बताइए क यह क्या कहता है।
यह गीत महाबली के राज का चत्र ख चता है। इसका सरल अथ यह है —
गीत क पं क्त सरल अथ
सब जन एक समान कोई बड़ ा-छोटा नही ं था, सब बराबर थे
दुख-दिरद ता का नाम नही ं न कोई दुखी था, न कोई गरीब
डाका नही ं, धोखा नही ं न चोरी-डकै ती होती थी, न िकसी को ठगा जाता था
झूठे वचन कोई नही ं लोग झूठे वादे नही ं करते थे
जाली तराजू नही ं, नाप में कमती नही ं दुक ानदार पूर ा तौलते थे, कम नही ं दे ते थे
छल-कपट का पपंच नही ं कोई िकसी के साथ चालाकी नही ं करता था
हर कही ं पेम -पसन्नता छा रही चारों ओर पेम और खुशी फै ली हईु थी
गीत ‘नह -नह ’ क्य कहता है: गीत म सात बार ‘नह ’ आया है। बुरी बात गनाकर यह बताया गया है क उस राज
म वे सब बात थ ही नह । इसी से अच्छाई और बड़ी लगने लगती है।
यह भी जा नए: यह गीत मूल रूप से मलयालम म है। पुस्तक ने पहले उसका हद रूप दया है और नीचे वही गीत
मलयालम ल प म छापा है। इससे पता चलता है क एक ही भाव अलग-अलग भाषाओं म गाया जा सकता है।
शब्द का चमत्कार — पृष्ठ 101–102
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
पाठ के शब्द पर भाषा का अभ्यास।
शब्द का चमत्कार
प्र.1 पाठ म आए कुछ वाक्य के अंश नीचे लखे ह, इन्ह ध्यान से प ढ़ए — हल्क -हल्क बयार के झ के · ऊँचे-ऊँचे
द पदान · नन्हे-नन्हे सफेद द्रोण-पुष्प। इन वाक्यांश म ‘हल्क ’, ‘ऊँचे’ तथा ‘नन्हे’ शब्द का दो बार प्रयोग कया
गया है। अपने सहपा ठय से चचा क जए क वशेषता बताने वाले शब्द का एक साथ दो बार प्रयोग करने से
वाक्य म कस प्रकार का वशेष प्रभाव उत्पन्न होता है। आप भी ऐसे कुछ वाक्य ल खए।
जब वशेषता बताने वाला शब्द दो बार आता है तो बात और गहरी लगने लगती है। अंतर दे खए —
एक बार दो बार क्या बदल गया
हल्की बयार के झोंके हल्की-हल्की बयार के झोंके हवा बहुत हल्क है और लगातार चल रही है
ऊँचे दीपदान ऊँचे-ऊँचे दीपदान द पदान एक नह , कई ह और सब बहुत ऊँचे ह
नन्हे सफे द द ोण-पुष्प नन्हे-नन्हे सफे द द ोण-पुष्प फूल बहुत छोटे भी ह और बहुत सारे भी
नयम एक वाक्य म: शब्द को दो बार बोलने से उसक मात्रा, संख्या या असर बढ़ जाता है — कम और भी कम,
ऊँचा और भी ऊँचा।
आपके अपने वाक्य (नमूना उत्तर):
बगीचे म छोटे -छोटे पौधे लगे थे।
दाद ने गरम-गरम खीर परोसी।
आँगन म रंग- बरंगे फूल बछे थे।
ब े धीरे-धीरे चलकर स्कूल पहुँचे।
नद का ठं डा-ठं डा पानी बहुत अच्छा लगा।
प्र.2 नीचे दए गए वाक्य म रेखां कत शब्द पर ध्यान द जए — (क) पूव दशा म सह्य पवत के पीछे से जब सूरज
नकलता है तो प मी तट पर समुद्र क लहर चमकने लगती ह। (ख) रंग- बरंगी तत लयाँ फूल पर मँडराती
दखाई दे ती ह। (ग) वषा के बादल छँ टते ही ठं डी-ठं डी तेज हवाएँ थम जाती ह। उपयुक्त वाक्य म ‘चमकना’,
‘मँडराना’ और ‘थमना’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पु स्तका म वाक्य बनाइए।
पहले हर शब्द का अथ समझ ली जए, फर वाक्य बनाना आसान हो जाएगा।
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शब्द अथ नया वाक्य
चमकना प्रकाश से दमकना माँ के साफ िकए बतन धूप में चमकने लगे।
मँडराना कसी चीज के ऊपर घूमते रहना िमठाई के ऊपर मिक्खयाँ मँडरा रही थी ं।
थमना रुक जाना शाम तक तेज बािरश थम गई।
एक-एक और वाक्य:
रात म तारे आसमान म चमक रहे थे।
घ सले के पास च ड़या दे र तक मँडराती रही।
घंट बजते ही कक्षा का शोर थम गया।
संकेत: ये तीन काम बताने वाले शब्द ह, यानी क्रया। वाक्य बनाते समय यह सो चए — कौन? क्या कर रहा है?
कब?
प्र.3 इस पाठ म आए वशेषता बताने वाले शब्द ( वशेषण) को छाँटकर ल खए और उनका वाक्य म प्रयोग क जए
— जैसे: सफेद द्रोण-पुष्प · ब े मू तय को सफेद द्रोण-पुष्प से सजा रहे थे।
वशेषण वह शब्द है जो कसी वस्तु या व्य क्त क वशेषता बताता है। पाठ से छाँटे गए कुछ वशेषण और उनके वाक्य —
वशेषण पाठ म जस शब्द के साथ आया वाक्य म प्रयोग
रंग -िबरंग े रंग- बरंगे फूल आँगन में रंग-िबरंगे फू ल िबछे हुए थे।
िनमल नमल जल पहाड़ ी नदी का िनम ल जल बहत
ु ठं डा था।
स्वच्छ स्वच्छ जल हमें स्वच्छ जल ही पीना चािहए।
ऊँचे-ऊँचे ऊँचे-ऊँचे द पदान मंिदर में ऊँचे-ऊँचे दीपदान जल रहे थे।
नन्हे-नन्हे नन्हे-नन्हे द्रोण-पुष्प बगीचे में नन्हे-नन्हे फू ल िखले थे।
स्वािदष्ट स्वा दष्ट फल दादी ने हमें स्वािद ष्ट फल िखलाए।
सुपिसद्ध सुप्र सद्ध नृत्य ‘कथकली’ कथकली के रल का सुपिस द्ध नत्ृ य है।
ठं डी-ठं डी ठं डी-ठं डी तेज हवाएँ सुबह ठं डी-ठं डी हवा चल रही थी।
पहचानने का तरीका: सं ा से पहले ‘कैसा?’ पू छए। जो उत्तर मलेगा वही वशेषण है। जैसे — कैसा जल? नमल
जल।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: पुस्तक म तीन खाली पं क्तयाँ द गई ह। आप ऊपर क ता लका से कोई तीन चुनकर अपनी लेखन-पु स्तका
म लख सकते ह।
प्र.4 केरल क मुख्य भाषा मलयालम है। इस शब्द को उलटकर पढ़ तो भी यह मलयालम ही पढ़ा जाएगा। ऐसे और भी
शब्द ह जो आगे-पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते ह, जैसे — सरस और जहाज। आप भी पाँच-पाँच क टो लय
म ऐसे और शब्द खो जए।
ऐसे शब्द जो आगे से और पीछे से पढ़ने पर एक समान रहते ह, उन्ह खोजना बड़ा मजेदार खेल है।
खोजने का तरीका:
1. कोई छोटा शब्द ली जए — तीन या चार अक्षर का।
2. उसके अक्षर अलग-अलग करके कागज पर ल खए, जैसे — न · य · न।
3. अब उन्ह उलटे क्रम म प ढ़ए — न · य · न।
4. य द वही शब्द बने तो वह आपक सूची म आ गया।
नमूना उत्तर — ऐसे शब्द:
शब्द उलटकर पढ़ने पर
मलयालम मलयालम
सरस सरस
जहाज जहाज
नयन नयन
नमन नमन
कनक कनक
दामाद दामाद
िनितन िनितन
कड़क कड़ क
संकेत: टोली म एक ब ा शब्द बोले और बाक उसे उलटकर पढ़कर जाँच। नाम म भी ऐसे शब्द मलते ह, जैसे —
न तन।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग
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त्योहार और सामू हकता — पृष्ठ 103
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त्योहार मल-जुलकर मनाए जाते ह — इसी भाव पर आधा रत काम।
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त्योहार और सामू हकता
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इस पाठ को पुनः प ढ़ए और उन पं क्तय को च त क जए जनसे यह भाव नकलता है क त्योहार मल-
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प्र.1
जुलकर मनाए जाते ह।
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पाठ म ऐसी कई पं क्तयाँ ह। इन्ह च त क जए —
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“नाव m
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. c o a90gl हजारों लोग एक साथ आते है ं
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क इस प्र तयो गता को दे खने के लए हजार लोग एक त्रत होकर आनंद लेते ह।”
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agl“प्रत्येक वग के लोग अपनी चताओं और दुख-दद को भूलकर बहुत धूम-धाम से इस पव को 93 हर वग के लोग साथ मनाते है ं
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मनाते ह।”
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“घर का हर सदस्य प रवार के मु खया के हाथ से नए कपड़े लेक है।” 93 पूर ा पिरवार एक साथ तैयार होता
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“ फर सभी लोग ओणम मनाने क तैया रय म जुट जाते ह।” 93 तैयारी सब िमलकर करते है ं
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“ओणम के उपलक्ष्य म वशेष प्री तभोज आयो जत कए जाते ह।” 94 सब साथ बैठकर भोजन करते है ं
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m .co ag दू र -दू र से लोग इक े होते है ं
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“आरन्मुला नामक ान पर नाव क प्र तयो गता दे खने के लए हजार लोग इक े हो जाते ह।” 94
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यह भाव क्य बनता है: इन सब पं क्तय म कोई अकेला काम नह कर रहा। कह ‘हजार लोग’, कह ‘हर सदस्य’,
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कह ‘सभी लोग’ आया है। नौका-दौड़ भी अकेले नह होती — एक नाव म बहुत-से लोग साथ खेते ह। यही
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सामू हकता है।
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प्र.2 आपके व ालय म वन महोत्सव का आयोजन कया जाना है। इस आयोजन का संपूण उत्तरदा यत्व आपक
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कक्षा को दया गया है। (क) सभी सहपाठ मलकर योजना बनाइए क ‘वन महोत्सव’ के आयोजन हेतु क्या-क्या
mकया जाएगा। l
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agl उत्तर
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पहले काम बाँट ली जए। फर हर टोली अपना काम करे। एक नमूना योजना —
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
क्रम काम कौन करेगा
1 तारीख और समय तय करना; प्रधानाध्यापक से अनुम त लेना क क्षा-पितिनिध
2 पौधे इक े करना — नीम, आम, अमरूद, तुलसी पहली टोली
3 ग े खोदना और खाद- म तैयार करना दू स री टोली
4 पानी, खुरपी और बाल्ट का प्रबंध तीसरी टोली
5 पेड़ बचाने के नारे और चत्र बनाना चौथी टोली
6 अ भभावक को आमंत्रण पत्र भेजना पाँचवी ं टोली
7 हर पौधे पर नाम क पच लगाना और उसक दे खभाल का जम्मा तय करना पूर ी क क्षा
अं तम काम सबसे जरूरी क्य है: पौधा लगाना आसान है, बचाना क ठन। य द हर ब ा एक पौधे क दे खभाल
का जम्मा ले ले, तभी वन महोत्सव सचमुच सफल होगा।
संकेत: योजना बनाते समय एक बात याद र खए — जो काम सब मलकर करते ह, वह जल्द और अच्छा होता है।
ओणम क तैयारी म भी “सभी लोग जुट जाते ह”।
प्र.3 (ख) वन महोत्सव म अ भभावक को आमं त्रत करने के लए आमंत्रण पत्र तैयार क जए।
आमंत्रण पत्र म पाँच बात जरूर होनी चा हए — कसका आयोजन, कब, कहाँ, कसे बुलाया जा रहा है और कसक ओर से।
नमूना आमंत्रण पत्र:
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आमंत्रण
आदरणीय अिभभावक,
सादर नमस्कार।
हमारे िव ालय में वन महोत्सव का आयोजन िकया जा रहा है।
इस िदन हम सब िमलकर िव ालय के पांगण में पौधे लगाएँगे।
िदन: शिनवार
ितिथ: 12 जुलाई
समय: पातः 9 बजे
स्थान : िव ालय का खेल मैद ान
आपसे िनवेद न है िक इस अवसर पर अवश्य पधारे ं और हमारा उत्साह बढ़ ाएँ।
यिद हो सके तो अपने साथ एक पौधा भी लाइए।
धन्यवाद।
कक्षा 4 के िव ाथ
(आपके िव ालय का नाम)
संकेत: पत्र छोटा और साफ ल खए। त थ, समय और ान बड़े अक्षर म ल खए, ता क पढ़ने वाले को तुरंत दख
जाए।
प्र.4 दए गए ान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए —
पूक्कलम फूल से बनी गोल रंगोली है। इसे बनाने का सरल तरीका —
1. बीच म एक बदु लगाइए। उसी को कद्र मानकर गोल-गोल घेरे बनाइए — छोटा, उससे बड़ा, उससे और बड़ा।
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2. सबसे भीतर वाले घेरे म एक छोटा फूल बनाइए।
3. हर घेरे पर बराबर दूरी पर पंखु ड़याँ बनाइए। पंखुड़ी हमेशा बीच से बाहर क ओर मुड़ी हो।
4. हर घेरे म अलग रंग भ रए — पीला, नारंगी, लाल, हरा, बगनी।
5. घेरे क गनती बराबर र खए, तभी रंगोली सुंदर और संतु लत लगेगी।
नमूना पूक्कलम:
फूल क पंखु ड़य से बनी गोल रंगोली। बीच म छोटा फूल है और उसके चार ओर पाँच घेरे बने ह। हर घेरे म अलग रंग क पंखु ड़याँ बराबर
दूरी पर रखी गई ह।
पूक्कलम गोल क्य बनाया जाता है: गोल आकार के कारण रंगोली हर तरफ से एक-सी दखती है। आँगन के बीच
म बनने पर उसे चार ओर से दे खा जा सकता है।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: पाठ के अनुसार ब े लाल, पीले और सफेद फूल तोड़कर लाते ह, और आँगन को पहले गोबर से लीपते ह।
आप कागज पर बनाएँ तो रंगीन प सल से, और जमीन पर बनाएँ तो असली फूल क पंखु ड़य से बनाइए।
प्र.5 आप अपने व ालय म आयो जत उत्सव म कस प्रकार योगदान दे ते ह?
यह आपक अपनी बात है। उत्तर म यह बताइए क आप क्या काम करते ह और उससे क्या लाभ होता है।
नमूना उत्तर: म अपने व ालय के उत्सव म इस प्रकार योगदान दे ता हूँ —
म कक्षा और बरामदे को सजाने म मदद करता हूँ।
म रंगोली बनाने वाली टोली म रहता हूँ।
म मंच पर क वता सुनाता हूँ।
म छोटे ब को पं क्त म बैठाने म सहायता करता हूँ।
कायक्रम के बाद म मैदान से कागज उठाकर कूड़ेदान म डालता हूँ।
क्य हर काम जरूरी है: उत्सव तभी अच्छा होता है जब हर ब ा कोई-न-कोई काम उठा ले। सफाई करना भी
उतना ही बड़ा योगदान है जतना मंच पर गाना।
यह भी जा नए — पृष्ठ 104
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग
a g l AglaSem · NCERT Solutions
केरल के बारे म जानकारी जुटाने और ‘वामन’ शब्द पर सोचने का काम।
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यह भी जा नए
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a s emदए गए बदुओं के आधार पर केरल के बारे म अध्यापक और पुस्तकालय क सहायता से कुछ और
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नीचे
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जानकारी जुटाइए।
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बदु जानकारी
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शास्त्र ीय नत्ृ य
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भाषा
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पिरधान/वस्त्र
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agl राजधानी
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त्योहार
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इनम से कई बात इसी पाठ से मल जाती ह। बाक अपने अध्यापक और पुस्तकालय क सहायता से भ रए।
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जानकारी कहाँ से मली
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शास्त्रीय कथकली पाठ, पृष्ठ 94 — “केरल म कई जगह सुप्र सद्ध नृत्य ‘कथकली’ का भी
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c o mआयोजन होता है।”
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भाषा मलयालम पाठ, पृष्ठ 102 — “केरल क मुख्य भाषा मलयालम है।”
पिरधान/ अध् यापक और पुस्तकालय की सहायता से पाठ म नह दया गया
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वस्त्र भिरए
पाठ, पृष्ठ 91 — “ कसान उपज काट चुm
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मुख्य फसल धान (चावल ) के ह और ख लहान म धान भरे ह।”
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e m राजधानी
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अध् यापक और पुस्तकालय की सहायता से
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त्योहार ओणम पूरा पाठ इसी त्योहार पर है
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सीमांत पदे श अध् यापक और पुस्तकालय की सहायता से पाठ म नह दया गया
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जानकारी जुटाने का तरीका:
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
1. पहले वही बात भ रए जो पाठ म पहले से लखी ह। ऊपर क ता लका म यह कर दया गया है।
2. बची हुई बात के लए पुस्तकालय से भारत का एटलस या राज्य क पुस्तक माँ गए।
3. ‘सीमांत प्रदे श’ के लए मान चत्र म दे खए क केरल के साथ कौन-से राज्य क सीमा लगती है।
4. हर जानकारी अपने अध्यापक से जँचवा ली जए।
संकेत: पुस्तक इसी पृष्ठ पर केरल का मान चत्र भी छापती है और तीर से दखाती है क वह भारत म कहाँ है। सीमांत
प्रदे श खोजते समय उसी मान चत्र को दे खए।
प्र.2 ‘वामन’ शब्द का प्रयोग सामान्यतः छोटे कद के व्य क्तय के लए कया जाता है। महाबली ने संभवतः वष्णु के
वामन रूप को दे खते हुए ही उन्ह तीन पग भू म दान दे ने का नणय कया होगा। हम भी कसी के शारी रक रंग-
रूप को दे खकर उसक क्षमता के बारे म वशेष धारणा बना लेते ह जो हमेशा सही नह होती। कुछ ऐसे व्य क्तय
के बारे म पता क जए और उनक एक सूची बनाइए जन्ह ने अपनी शारी रक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए
एक बड़ी उपल प्राप्त क ।
पहले पाठ क सीख सम झए। महाबली ने वामन को छोटा दे खकर सोचा क तीन पग भू म तो बहुत थोड़ी-सी है। पर वही वामन
त्र वक्रम बनकर दो पग म तीन लोक नाप गए।
सीख: कसी क क्षमता उसके कद या रूप से नह नापी जाती। बाहर से दे खकर बनाई गई धारणा अक्सर गलत
नकलती है।
सूची बनाने का तरीका:
1. पुस्तकालय से महापुरुष या खला ड़य क जीवनी वाली पुस्तक ली जए।
2. अपने अध्यापक से ऐसे लोग के नाम पू छए।
3. हर नाम के आगे तीन बात ल खए — वे कौन थे, उनके सामने क्या क ठनाई थी, उन्ह ने क्या कर दखाया।
नमूना सूची:
नाम क ठनाई उपल
सूर दास दे ख नह सकते थे हद के महान क व बने; उनके पद आज भी गाए जाते ह
लुई बेल बचपन म ही दृ ष्ट चली गई वह ल प बनाई जससे आज दु नया भर के नेत्रहीन लोग पढ़ते ह
हेले न के लर न दे ख सकती थ , न सुन सकती थ पढ़- लखकर ले खका बन और दूसर के लए काम कया
संकेत: ये नाम केवल नमूने के लए दए गए ह; पुस्तक म ये नाम नह छपे ह। आप अपने अध्यापक क सहायता से
और नाम खोजकर सूची बढ़ाइए। सूची बनाते समय कसी का मजाक न उड़े, इसका ध्यान र खए।
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कक्षा 4 हद अध्याय 8 ओणम के रंग AglaSem · NCERT Solutions
अध्याय — एक नज़र म
ओणम केरल का त्योहार है। यह ावण महीने के ावण नक्षत्र के दन आता है।
सुबह-सुबह ब े फूल तोड़ते ह और आँगन म पूक्कलम (फूल क रंगोली) बनाते ह। इसी के साथ ओणम शुरू हो जाता है।
ओणम राजा महाबली क पौरा णक कथा पर आधा रत है। महा वष्णु ने वामन का रूप लेकर उनसे तीन पग भू म माँगी थी।
महाबली वष म एक बार अपनी प्रजा से मलने केरल आते ह। लोग उन्ह के स्वागत म यह त्योहार मनाते ह।
ओणम पर आरन्मुला म नौका-दौड़ होती है। प्री तभोज, तलपंतुकली और क लत टु कली जैसे खेल तथा कथकली नृत्य भी
होते ह।
तरुवोणम के तीसरे दन महाबली पाताल लोक लौट जाते ह। तभी आँगन क कलाकृ तयाँ हटाई जाती ह।
त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द पाठ के अनुसार अथ पृ ष्ठ पाठ से एक बात
ओणम के रल का त्योहार, जो ावण महीने के ावण नक्षत्र के िदन आता है 93 राजा महाबली के स्वागत म मनाया जाता है
पूक्कलम फू लों की रंग ोली, जो आँग न में बनाई जाती है 91 इसी के बनते ही ओणम शुरू हो जाता है
तरुवोणम ओणम का वह िदन जब बड़े सवेरे सब महाबली के स्वागत को तैयार होते 93 इसके तीसरे दन महाबली लौट जाते ह
है ं
महाबली के रल पर शासन करने वाले राजा; उनका राज्य पथ्ृ वी, स्वग और 92 उनके राज म लोग पूरी तरह प्रसन्न थे
पाताल तक फै ला था
वामन महािवष्ण ु का वह रूप िजसने तीन पग भूिम की याचना की 92 ‘वामन’ छोटे कद के व्य क्त के लए भी
कहा जाता है
त्र वक्रम तीनों लोकों को जीतने वाले (िवष्ण ु भगवान) 96 दो पग म स्वग, भू म और पाताल नाप
लया
द्रोण-पुष्प सफे द औषधीय फू ल; इसे गोफा, ग मु ा भी कहते है ं 96 इन्ह फूल से मू तयाँ सजाई जाती ह
तलपंतुकली के रल का खेल ; नािरयल के पत्तों से बनी गेंद ‘पंथ’ु से खेल ा जाता है 96 गद सर के ऊपर से फक जाती है
क लत टु कली के रल का खेल ; भूिम पर आयताकार आकृ ित पाँच भागों में बाँटी जाती है 96 एक खलाड़ी को ‘ कली’ क भू मका
मलती है
कैको क ल ितरुवितराकली नत्ृ य का दू स रा नाम 96 ताली बजाकर ताल दे ने का वशेष महत्व है
आरन्मुला के रल का वह स्थान जहाँ ओणम पर नौका-दौड़ होती है 90, दे खने के लए हजार लोग इक े होते ह
94
कथकली के रल का सुपिसद्ध नत्ृ य 94 ओणम पर कई जगह इसका आयोजन होता
है
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