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Class 10 Hindi Sample Paper 2023
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अ यास न प (2022-23)
क ा : 10 वषय : ह द "अ" (002)
अव ध : 3 घंटे अ धकतम अंक : 80
सामा य नदश -
1- इस नप म दो खंड ह- खंड 'क' और ख'। खंड-क म व तुपरक/बहुववक पी और खंड-ख म
वणना मक न दए गए ह।
2- नप के दोन खंड म न क कुल सं या 17 है और सभी न अ नवाय ह।
3- यथासंभव सभी न के उ र मानुसार ल खए।
4- खंड 'क' म कुल 10 न ह, िजनम उप न क सं या 49 है । दए गए नदश का पालन करते हुए
40 उप न के उ र दे ना अ नवाय है ।
5- खंड 'ख' म कुल 7 न ह, सभी न के साथ उनके वक प भी दए गए ह। नदशानुसार वक प
का यान रखते हुए सभी न के उ र द िजए।
खंड – अ (अप ठत अंश)
न 1. न न ल खत ग यांश पर आधा रत बहु वक पी न के सवा धक उपयु त वक प चन
ु कर
ल खए- 1x5=5
“जनसं या म व ृ ध कसी भी दे श के वकास म बाधा बनती है । भारत क यह बढ़ती हुई जनसं या
चंता का वषय बन गई है य क हम येक वष एक करोड़ से अ धक यि त अपने पहले से ह बहुत
बड़ी जनसं या म जोड़ दे ते ह। बढ़ती हुई जनसं या ने थान क सम या उ प न कर द है । आवास क
सम या वकराल प धारण कर चक
ु है । सड़क पर भीड़ रहती है और ै फक जाम रहते ह। इस लए
जनसं या को दे श का साधन एवं सा य दोन माना जाता है ले कन ज रत से यादा जनसं या कसी
भी दे श के सामािजक, आ थक, राजनै तक वकास म कावट पैदा करती है ।
आज हमारे दे श भारत म लगातार बढ़ रह जनसं या एक वकराल सम या बन चक
ु है । जनसं या
व ृ ध क वजह से आज दे श वकास के मामले म अ य दे श क तुलना म काफ पीछे हो रहा ह। भारत
म जनसं या बढ़ने से गर बी, बेरोजगार क सम या पैदा हो रह है , यापार वकास और व तार
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ग त व धयां ज रत से यादा धीमी होती जा रह है , आ थक मंद आ रह है । यह नह ं वन, जंगल,
वन प तयां, जल संसाधन समेत तमाम ाकृ तक संसाधन का भी कमी हो रह है और तो और खा य
उ पादन और वतरण भी, जनसं या के मुकाबले नाकामी सा बत हो रहा है । वह ं बढ़ती महं गाई भी
जनसं या व ृ ध के सबसे मु य कारण म से एक है । जनसं या व ृ ध के कारण ह आज लोग को हर
जगह घंट लाइन म खड़ा होना पड़ा रहा है , रे लवे टे शन , बस अ ड , अ पताल , धा मक या सामािजक
समारोह पर इतनी भीड़ रहती है क कई बार पैर रखने तक क जगह नह ं मलती है ।
भारत म बढ़ती जनसं या का द ु प रणाम यह है क आज भारत म गर बी रे खा से नीचे जीने वाल क
सं या दन- त दन बढ़ रह है । पापी पेट क आग बुझाने के लए भोजन नह ं, गम म लू और सद म
ह डयां चूर कर दे ने वाल शीत लहर (हवाओं) से बचने के लए व नह ं। खुले नील गगन के नीचे
फैल हुई भू म ह उसका आवास- थल है ।
(1) कथन - भारत क बढ़ती हुई जनसं या चंता का वषय बन गई है ।
कारण -
(i) आवास क सम या
(ii) बेरोजगार क सम या
(iii) खा या न क सम या
(iv) मानवीय संसाधन क सम या
वक प -
(क) कारण i सह है ।
(ख) कारण i और ii सह है |
(ग) कारण i, ii और iii सह है |
(घ) कारण i, ii, iii और iv सह है |
(2) येक वष हम लगभग कतनी जनसं या व ृ ध करते ह?
(क) पचास लाख से अ धक
(ख) एक करोड़ से अ धक
(ग) एक करोड़ से कम
(घ) दो करोड़ से अ धक
(3) वन, जंगल, वन प तयां, जल संसाधन आ द ह -
(क) मानवीय संसाधन
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(ख) कृ म संसाधन
(ग) ाकृ तक संसाधन
(घ) नवीन संसाधन |
(4) लोग को हर जगह घंट लाइन म य खड़ा होना पड़ा रहा है ?
(क) जनसं या ि थर होने के कारण
(ख) जनसं या म कमी होने के कारण
(ग) जनसं या न होने के कारण
(घ) जनसं या व ृ ध के कारण
(5) कथन (A) और कथन (R) को पढ़कर उपयु त वक प चु नए?
कथन (A) - जनसं या व ृ ध के कारण खा य उ पादन बढ़ रहा है |
कथन (R) - जनसं या व ृ ध के कारण आ थक मंद आ रह है |
(क) कथन (A) गलत है , क तु कथन (R) सह है |
(ख) कथन (A) और कथन (R) दोन सह ह |
(ग) कथन (A) सह है और कारण (R) कथन (A) के संदभ म सह नह ं है |
(घ) कथन (A) गलत है और कारण (R) कथन (A) के संदभ म सह है |
न 2. न न ल खत दो प यांश म से कसी एक पर आधा रत बहु वक पी न के सवा धक उपयु त
वक प चन
ु कर ल खए- 1x5=5
आज क यह सब
ु ह है बहुत ी तकर,
कह रह उठ नया काम कर, नाम कर।
जो अधूर रह वह सुबह कल गई,
मान ले अब यह कुछ कमी रह गई,
ले नई ताज़गी यह सुबह आ गई,
कह रह -मीत उठ, बात कर कुछ नई,
ओ सज
ृ न-दत
ू तू, शि त-संभूत तू,
य खड़ा राह म अ व य थाम कर।
(1) इस क वता के के य भाव हे तु दए गए कथन को पढ़कर सबसे सह वक प चु नए-
कथन
(i) सतत कमशील रहने क ेरणा।
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(ii) रात म आराम करने क सलाह ।
(iii) ग त के माग पर अ सर होने का आ वान।
(iv) अवरोध होने पर क जाने क सलाह ।
वक प
(क) कथन i और ii सह है ।
(ख) कथन i और iii सह है |
(ग) कथन i और iv सह है |
(घ) कथन iii और iv सह है |
(2) आज क सुवह कैसी है ?
(क) भरमाती
(ख) ी तकर
(ग) मदमाती
(घ) वेषपूण
(3) आज क सुबह या कह रह है ?
(क) काम कर
(ख) आराम कर
(ग) काम और नाम कर
(घ) काम और आराम कर
(4) नई ताज़गी, लेकर कौन आई है ?
(क) सब
ु ह
(ख) दोपहर
(ग) शाम
(घ) रात
(5) क व के अनुसार हम सतत -
कथन पढ़कर सह वक प का चयन क िजए-
कथन -
(i) कमशील न बने
(ii) सज
ृ न कता बने
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(iii) आशावाद बने
(iv) संघषशील बने
वक प
(क) कथन i और ii सह है ।
(ख) कथन i और iii सह है |
(ग) कथन ii और iii और iv सह है |
(घ) कथन i, iii और iv सह है |
अथवा
पूव चलने के बटोह , बाट क पहचान कर ले!
पु तक म है नह ं, छापी गई इसक कहानी,
हाल इसका ात होता है न और क जुबानी,
अन गनत राह गए इस राह से, उनका पता या,
पर गए कुछ लोग इस पर, छोड़ पैर क नशानी,
यह नशानी मूक होकर भी बहुत कुछ बोलती है ,
खोल इसका अथ, पंथी, पंथ का अनुमान कर ले!
पूव चलने के बटोह , बाट क पहचान कर ले!,
है अ नि चत कस जगह पर, स रत- ग र-ग वर मलगे,
है अ नि चत कस जगह पर, बाग-बन सद
ंु र मलगे,
कस जगह या ा ख म हो जाएगी, यह भी अ नि चत,
है अ नि चत, कब सुमन, कब कंटक के सर मलगे,
कौन सहसा छूट जाएँगे , मलगे कौन सहसा,
आ पड़े कुछ भी, केगा तू न, ऐसी आन कर ले!
पूव चलने के बटोह , बाट क पहचान कर ले!
(1) “पूव चलने के बटोह , बाट क पहचान कर ले” पंि त से क व का आशय है – ( दए गए कथन को
पढ़कर सबसे सह वक प चु नए -)
कथन -
(i) कह ं जाने से पहले रा ते क जानकार होनी चा हए|
(ii) कसी भी काय को करने से पहले उसके बारे म पूर तैयार कर लेनी चा हए|
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(iii) कह ं जाने से पहले रा ते क जानकार क आव यकता नह ं है |
(iv) जीवन म योजना क आव यकता नह ं होती|
वक प
(क) कथन i और ii सह है ।
(ख) कथन i और iii सह है ।|
(ग) कथन iii और iv सह है |
(घ) कथन ii और iv सह है |
(2) पूव चलने के बटोह , का आशय है -
(क) पूरब क दशा म जाने वाला या ी
(ख) या ा के पहले या ी,
(ग) या ा के बाद या ी,
(घ) परू ब क दशा म न जाने वाला या ी
(3) ‘आ पड़े कुछ भी, केगा तू न, ऐसी आन कर ले!’ का अथ है -
(क) क ठनाई म क जाने का संक प
(ख) क ठनाई म सहायता का संक प
(ग) क ठनाई म नह ं कने का संक प
(घ) क ठनाई म सहायता नह ं करने का संक प
(4) का यांश के अनुसार कुछ लोग यहाँ या छोड़कर गए ह?
(क) पद च न
(ख) संप
(ग) वरासत
(घ) घर संसार
(5) कथन (A) और कथन (R) को पढ़कर उपयु त वक प चु नए?
कथन (A) - खोल इसका अथ, पंथी, पंथ का अनुमान कर ले!
कारण (R) – समझदार के लए इशारा ह काफ है
(क) कथन (A) गलत है , क तु कथन (R) सह है |
(ख) कथन (A) और कथन (R) दोन गलत ह |
(ग) कथन (A) सह है और कारण (R) कथन (A) के संदभ म सह है |
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(घ) कथन (A) गलत है और कारण (R) कथन (A) के संदभ म सह नह ं है |
न 3. नदशानुसार ‘रचना के आधार पर वा य भेद’ पर आधा रत पाँच बहु वक पी न मे से क ह ं
चार न के उ र द िजए - 1x4=4
(1) ‘उसने झूठ बोला इस लए दं ड पाया।’ इसका सरल वा य होगा-
(क) उसने झूठ बोला और दं ड पाया ।
(ख) झूठ बोलने पर उसने दं ड पाया।
(ग) उसने झूठ नह ं बोला फर भी दं ड पाया ।
(घ) य क उसने झूठ बोला इस लए दं ड पाया ।
(2) ‘वह फल खर दने के लए बाज़ार गया - इसका संयु त वा य होगा-
(क) वह बाज़ार गया फल खर दने के लए।
(ख) वह बाज़ार गया। उसने फल ख़र दा।
(ग) उसे फल खर दने थे, इस लए वह बाज़ार गया।
(घ) उसने बाज़ार जाकर फल ख़र दे ।
(3) तुम बस कने के थान पर चले जाओ| इसका म वा य होगा-
(क) बस कने के थान पर तम
ु चले जाओ ।
(ख) यहाँ बस कती है । तुम यह ं आ जाओ।
(ग) तुम वहाँ पर जाओ, जहाँ बस कती है ।
(घ) तुम वहाँ पर जाओ, जहाँ बस नह ं कती है ।
(4) न न ल खत वा य म म वा य पहचानकर नीचे दए गए सबसे सह वक प को चु नए-
(क) अमन बीमार है इस लए कूल नह ं गया।
(ख) अमन इस लए कूल नह ं गया य क वह बीमार है |
(ग) अमन बीमार होने के कारण कूल नह ं गया ।
(घ) अमन बीमार था। वह कूल नह ं गया ।
(5) कॉलम 1 को कॉलम 2 के साथ सुमे लत क िजए और सह वक प चन
ु कर ल खए-
कॉलम 1 कॉलम 2
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(1) श क ने कहा क आज छु ट है । (i) या वशेषण उपवा य
(2) जो व याथ समय गंवाते है वे बाद म पछताते ह। (ii) सं ा उपवा य
(3) जब म घर पहुँचा तब बा रश हो रह थी । (iii) वशेषण उपवा य
वक प
(क) 1-iii 2-ii 3-i
(ख) 1-ii 2-iii 3-i
(ग) 1-ii 2-i 3-iii
(घ) 1-ii 2-i 3-iii
न 4. नदशानुसार ‘वा य’ पर आधा रत पाँच बहु वक पी न म से क ह ं चार न के उ र
द िजए - 1x4=4
कॉलम 1 कॉलम 2
(1) मुझसे फल खाया जाता है । (i) कतवा
ृ य
(2) सोहन ने प लखा। (ii) भाववा य
(3) अब मुझसे चला भी नह ं जाता। (iii) कमवा य
वक प
(1)
(क) 1-iii 2-i 3-ii
(ख) 1-ii 2-iii 3-i
(ग) 1-iii 2-ii 3-i
(घ) 1-i 2-ii 3-iii
(2) इनम कमवा य का उदाहरण है -
(क) रं जना गीत गाती है ।
(ख) रं जना से गीत नह ं गाया जाता|
(ग) रं जना वारा गीत गाया गया।
(घ) रं जना क वता लखती है ।
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(3) इनम कतवा
ृ य का उदाहरण है -
(क) उससे चला नह ं जाता।
(ख) र मा पु तक पढ़ रह है ।
(ग) रोशन से चला नह ं जाता।
(घ) सुशील वारा तीन ताल बजाय गया।
(4) दनेश फुटबॉल नह ं खेलता है | इसका भववा य होगा -
(क) दनेश से फुटबॉल नह ं खेला जाता।
(ख) फुटबॉल नह ं खेलता है दनेश।
(ग) दनेश फुटबॉल खेलता है ।
(घ) दनेश से फुटबॉल खेला जा सकता है ।
(5) र मा वारा च बनाया जाता है। इसका कतवा
ृ य होगा -
(क) र मा से च नह ं बनाया जाता है ।
(ख) र मा से च बनाया जाता है ।
(ग) र मा च बनाती है ।
(घ) र मा च बना सकती है ।
न 5. नदशानुसार ‘पदप रचय’ पर आधा रत पाँच बहु वक पी न म से क ह ं चार न के उ र
द िजए - 1x4=4
(1) राजू प लखता है | रे खां कत अंश का पद-प रचय होगा -
(क) सकमक या, कतवा
ृ य, पुि लंग, एक वचन, वतमानकाल ।
(ख) सकमक या, कतवा
ृ य, ी लंग, एकवचन, वतमानकाल ।
(ग) सकमक या, कतवा
ृ य, पुि लंग, बहुवचन, वतमानकाल।
(घ) सकमक या, कतवा
ृ य, पुि लंग, एक वचन, वतमानकाल।
(2) कबीर नगुण भि त धारा के क व थे | रे खां कत अंश का पद-प रचय होगा -
(क) यि तवाचक सं ा, बहुवचन, पुि लंग, कताकारक |
(ख) यि तवाचक सं ा, एकवचन, ी लंग, कताकारक |
(ग) यि तवाचक सं ा, एकवचन, पिु लंग, कताकारक |
(घ) यि तवाचक सं ा, एकवचन, पुि लंग, कमकारक |
(3) यह गाड़ी मेरे म क है | रे खां कत अंश का पद-प रचय होगा -
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(क) सावना मक वशेषण, एकवचन, ी लंग, वशे य ‘गाड़ी’।
(ख) सावना मक वशेषण, बहुवचन, ी लंग, वशे य ‘गाड़ी’।
(ग) सावना मक वशेषण, एकवचन, पुि लंग, वशे य ‘गाड़ी’।
(घ) गुणवाचक वशेषण, एकवचन, ी लंग, वशे य ‘गाड़ी’।
(4) राम ने रावण को मारा। रे खां कत अंश का पद-प रचय होगा -
(क) सकमक या, पुि लंग, बहुवचन, कतवा
ृ य, भूतकाल।
(ख) अकमक या, पुि लंग, एकवचन, कतवा
ृ य, भूतकाल।
(ग) सकमक या, ी लंग, एकवचन, कतवा
ृ य, भूतकाल।
(घ) सकमक या, पुि लंग, एकवचन, कतवा
ृ य, भूतकाल।
(5) ताजे फल दे खकर मन खल गया। -
(क) सं यावाचक वशेषण, बहुवचन, पुि लंग, गुलाब वशे य का वशेष
(ख) गुणवाचक वशेषण, बहुवचन, पुि लंग, फल वशे य का वशेष।
(ग) प रमाणवाचक वशेषण, एकवचन, पिु लंग, गुलाब वशे य का वशेष।
(घ) गुणवाचक वशेषण, बहुवचन, ी लंग, गुलाब वशे य का वशेष।
न 6. नदशानुसार ‘अलंकार पर आधा रत पाँच बहु वक पी न म से क ह ं चार न के उ र
द िजए - 1x4=4
(1) ‘सुबरन को ढूँढत फ़रत क व, य भचार , चोर’, इस चौपाई म यु त अलंकार है -
(क) यमक (ख) लेष
(ग) उ े ा (घ) अनु ास
(2) ‘पाहुन य आए ह गाँव म शहर के,’ इस का य-पंि त म यु त अलंकार है -
(क) यमक (ख) लेष
(ग) उ े ा (घ) मानवीकरण
(3) ‘मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के’, इस का य-पंि त म यु त अलंकार है -
(क) यमक (ख) लेष
(ग) उ े ा (घ) मानवीकरण
(4) ‘आगे न दया पड़ी अपार, घोड़ा कैसे उतरे पर
राणा ने सोचा इस पार, तब तक चेतक था उस पार। इन का य-पंि तय म यु त अलंकार है -
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(क) अ तशयोि त (ख) लेष
(ग) उ े ा (घ) अनु ास
(5) सर फट गया उसका वह , मानो अ ण रं ग का घड़ा। इन का य-पंि तय म यु त अलंकार है -
(क) मानवीकरण (ख) लेष
(ग) उ े ा (घ) अनु ास
न 7. न न ल खत प ठत ग यांश पर आधा रत बहु वक पी न के सवा धक उपयु त वक प
चन
ु कर ल खए- 1x5=5
“अमी द न का ज म डुमराँव, बहार के एक संगीत ेमी प रवार म हुआ है। 5-6 वष डुमराँव म
बताकर वह नाना के घर, न नहाल काशी म आ गया है । डुमराँव का इ तहास म कोई थान बनता हो,
ऐसा नह ं लगा कभी भी। पर यह ज र है क शहनाई और डुमराँव एक दस
ू रे के लए उपयोगी ह।
शहनाई बजाने के लए र ड का योग होता है। र ड अंदर से पोल होती है िजसके सहारे शहनाई को
फूँका जाता है । र ड नरकट (एक कार क घास) से बनाई जाती है , जो डुमराँव म मु यत: सोन नद के
कनार पर पाई जाती है । इतनी ह मह ा है इस समय डुमराँव क िजसके कारण शहनाई जैसा वा य
बजता है । फर अमी द न जो हम सब के य ह, अपने उ ताद बि म ला खाँ साहब ह। उनका
ज म थान भी डुमराँव ह है। इनके परदादा उ ताद सलार हुसैन खाँ डुमराँव नवासी थे। बि म ला खाँ
उ ताद पैग बर ब श खाँ और म ठन के छोटे साहबजादे थे।“
(1) अमी द न कौन था?
(क) पैग बर ब श खाँ
(ख) सलार हुसैन खाँ
(ग) बि म ला खाँ
(घ) म ठन
(2) बि म ला खाँ साहब का ज म कस प रवार म हुआ था?
(क) गायन ेमी प रवार म
(ख) संगीत ेमी प रवार म
(ग) न ृ य ेमी प रवार म
(घ) सा ह य ेमी प रवार म
(3) बि म ला खाँ साहब का न नहाल कहाँ था?
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(क) डुमराँव म
(ख) सोन म
(ग) याग म
(घ) काशी म
(4) र ड कससे बनाई जाती है?
(क) पोल से
(ख) नरकट से
(ग) कपड़े से
(घ) ई से
(5) उ ताद बि म ला खाँ क माता जी का या नाम था?
(क) म ठन
(ख) पैग बर ब श खाँ
(ग) सलार हुसैन खाँ
(घ) अमी द न खाँ
न 8. ग य पाठ के आधा रत पर न न ल खत दो बहु वक पी न के सवा धक उपयु त वक प
चन
ु कर ल खए- 1x2=2
(1) ‘एक कहानी यह भी’ पाठ म ले खका कससे सवा धक भा वत थी?
(क) अपनी माता जी से
(ख) अपने पता जी से
(ग) अपनी श का से
(घ) अपनी नानी जी से
(2) बालगो बन भगत कसे अपना ‘साहब’ मानते थे?
(क) तुलसीदास को
(ख) गु नानक को
(ग) कबीर को
(घ) सरू दास को
न 9. न न ल खत प ठत प यांश पर आधा रत बहु वक पी न के सवा धक उपयु त वक प
चन
ु कर ल खए- 1x5=5
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एक के नह ं,
दो के नह ं,
ढे र सार न दय के पानी का जाद ू ;
एक के नह ं,
दो के नह ं,
लाख-लाख को ट-को ट हाथ के पश क ग रमा:
एक के नह ं,
दो के नह ं,
हजार-हजार खेत क म ट का गुण धम
फसल या है ?
और तो कुछ नह ं है वह
न दय के पानी का जाद ू है वह
हाथ के पश क म हमा है
भूर -काल -संदल म ट का गुण धम है
पांतर है सरू ज क करण का
समटा हुआ संकोच है हवा क थरकन का।
(1) फसल कसका जाद ू है ?
(क) वषा के पानी का
(ख) न दय के पानी का
(ग) तालाब के पानी का
(घ) नहर के पानी का
(2) कसके पश क ग रमा है फसल?
(क) हाथ के
(ख) न दय के
(ग) म ट के
(घ) सरू ज
(3) ‘भूर -काल -संदल ’ कसके लए कहा गया है ?
(क) सूरज के लए
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(ख) नद के लए
(ग) हाथ के लए
(घ) म ट के लए
(4) क व ने फसल को कसका पांतर कहा है ?
(क) नद के पानी का
(ख) हाथ के पश का
(ग) सरू ज क करण का
(घ) म ट क गुण का
(5) हवा क थरकन का व प या है ?
(क) उखड़ा हुआ
(ख) समटा हुआ
(ग) फैला हुआ
(घ) बखरा हुआ
न 10. प य पाठ के आधार पर न न ल खत दो बहु वक पी न के सवा धक उपयु त वक प
चन
ु कर ल खए- 1x2=2
(i) ‘सूरदास के पद’ म ‘बड़भागी’ श द कसके कहा गया है ?
(क) गो पय के लए
(ख) ीकृ ण के लए
(ग) उ धव के लए
(घ) सूरदास के लए
(ii) ‘उ साह’ क वता म क व ने बादल से या आ वान कया है ?
(क) बरसने के लए
(ख) गरजने के लए
(ग) टपकने के लए
(घ) समटने के लए
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खंड – ब (वणना मक न)
न 11. ग य पाठ के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन न के उ र
लगभग 25-30 श द म ल खए। 2x3=6
(क) सेनानी न होते हुए भी च मेवाले को लोग कै टन य कहते थे??
(ख) बालगो बन भगत अपनी कन चा र क वशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?
(ग) बि म ला खाँ को शहनाई क मंगल व न का नायक य कहा गया है ??
(घ) ‘एक कहानी यह भी’ पाठ क ले खका क अपने पता से वैचा रक टकराहट य थी?
न 12. प य पाठ के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन के उ र लगभग
25-30 श द म ल खए। 2x3=6
(क) उ धव के यवहार क तुलना कस- कस से क गई है ??
(ख) ल मण ने वीर यो धा क या- या वशेषताएँ बता ?
(ग) ‘अट नह ं रह है ’क वता म व णत ाकृ तक स दय का वणन अपने श द म क िजए
(घ) क व आ मक य लखने से य बचना चाहता है ??
न 13. पूरक पा यपु तक के पाठ के आधार पर न न ल खत तीन न म से क ह ं दो न के
उ र लगभग 25-30 श द म ल खए। 4x2=8
(क) ‘माता का अँचल’ पाठ म ‘भोलानाथ अपने सा थय को दे खकर ससकना य भूल जाता है ’?
(ख) गंतोक को ‘मेहनकश बादशाह का शहर य कहा गया? ‘साना-साना हाथ जो ड़’ के आधार पर
उ र द िजए |
(ग) म य लखता हूँ? पाठ के आधार पर बताइए क - लेखक को कौन-सी बात लखने के लए
े रत करती ह?
न 14. न न ल खत तीन वषय म से कसी एक वषय पर संकेत- बंदओ
ु ं के आधार पर
लगभग 120 श द म सारग भत अनु छे द ल खए - 1×6=6
(क) प र म ह सफलता क कुँजी है -
संकेत- बंद-ु भू मका, प र म का मह व, उपसंहार।
(ख) हमार द ल
संकेत- बंद-ु भू मका, द ल का ऐ तहा सक और सां कृ तक मह व, द ल क व श टाएँ
(ग) हमारे दै नक जीवन म मोबाईल क उपयो गता
संकेत- बंद-ु भू मका, आव यकता, सदप
ु योग और द ु पयोग, सावधानी
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न 15. अपने व यालय के खेल दवस क रपोट का उ लेख करते हुए इसे अपने समाचार प म
का शत करने का अनुरोध करते हुए दै नक हंद ु तान समाचार प , द ल के संपादक को लगभग 100
श द म एक प ल खए। आप तेजस / तेजसी ह। 1×5=5
अथवा
आप त ण / त णा ह | अपने आगामी पर ा क तैयार क योजना का सं त वणन करते हुए अपने
पताजी को 100 श द म एक प ल खए।
न 16. आप अनुज / अनुजा ह | वन एवं पयावरण वभाग म कायालय सहायक पद के आवेदन
करने के लए लगभग 80 श द म एक सं त वव ृ (बायोडाटा) तैयार क िजए। 1x5=5
अथवा
आप अमन / अना मका ह| अपने े म गंदे पानी क आपू त क शकायत करते द ल जल बोड को
लगभग 80 श द म एक ई-मेल ल खए।
न 17. अपने बड़े भाई के मोबाईल क दक
ु ान के चार- सार के लए लगभग 60 श द म एक
आकषक व ापन तैयार क िजए। 1×4=4
अथवा
अपने बड़े भाई क पदो न त ( मोशन) के अवसर पर उनके कए लगभग 60 श द म शुभकामना एवं
बधाई संदेश ल खए।
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