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2025
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Mid Term Sample Paper 2025-26
-- AGLASEM --
म याव ध अ यास न-प
स : 2025-2026
क ा-X
वषय- हंद ‘अ’ (कोड-002)
अव ध: 3 घंटे अ धकतम अंक : 80 अंक
सामा य नदश:
न न ल खत नदश को सावधानी से प ढ़ए और उनका स ती से अनुपालन क िजए:
(i) इस नप म कुल चार खंड ह- क, ख, ग और घ।
(ii) इस नप म कुल 15 न ह। सभी न अ नवाय ह।
(iii) नप म आंत रक वक प दए गए ह।
(iv) न के उ र दए गए नदश का पालन करते हुए ल खए।
खंड – क
(अप ठत बोध) 14
न1. न न ल खत ग यांश को यानपूवक पढ़कर उस पर आधा रत दए गए न के उ र ल खए: 7
िजस मनु य के दय म ई या घर बना लेती है, वह उन चीज़ से आनं दत नह ं होता जो उसके पास मौजूद ह,
बि क उन व तुओं के लए दख
ु ी होता है जो दस
ू र के पास ह। वह अपनी तुलना दस
ू र के साथ करता है और
इस तल
ु ना म अपने प के सभी अभाव उसके दय पर दं श मारते ह। एक उपवन को पाकर कृ त को ध यवाद
दे ते हुए उसका आनंद नह ं लेना और बराबर इस चंता म नम न रहना क इससे भी बड़ा उपवन य नह ं
मला? यह ऐसा दोष है िजससे ई यालु यि त का च र भी भयंकर हो उठता है । अपने अभाव पर दन-रात
सोचते-सोचते वह सिृ ट क या को भल
ू कर वनाश म लग जाता है और अपनी उ न त के लए उ यम करना
छोड़कर वह दस
ू र को हा न पहुँचाने को ह अपना े ठ कत य समझने लगता है। जो यि त ई यालु होता है
वह बुरे क म का नंदक भी होता है । दस
ू र क नंदा वह इस लए करता है क इस कार दस
ू रे लोग, जनता
अथवा म क आँख से गर जाएँगे और जो थान है उस पर म अनायास ह बैठा दया जाऊँगा। मगर ऐसा
न आज तक हुआ है और न होगा। दस
ू र को गराने क को शश तो अपने को बढ़ाने क को शश नह ं कह जा
सकती। एक बात और है क संसार म कोई भी मनु य नंदा से नह ं गरता। उसके पतन का कारण स गण
ु का
ास होता है । इसी कार कोई भी मनु य दस
ू र क नंदा करने से अपनी उ न त नह ं कर सकता। उ न त तो
उसक तभी होगी जब वह अपने च र को नमल बनाए तथा गुण का वकास करे । ई या का काम जलाना है
मगर सबसे पहले वह उसी को जलाती है , िजसके दय म उसका ज म होता है । ई या मनु य के मौ लक गण
ु
को ह कंु ठत बना डालती है ।
(क) ग यांश के अनुसार ई या का यि त पर या भाव होता है? 1
(i) जीवन म खश
ु हाल आना
(ii) मानवता का वकास होना
(iii) मान सक शां त भंग होना
(iv) सामािजक त ठा बढ़ना
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(ख) न न ल खत कथन और कारण पर वचार करते हुए उपयु त वक प का चयन कर ल खए: 1
कथन : ई या पहले उसी को जलाती है , िजसके दय म उसका ज म होता है ।
कारण : ई या मनु य के मौ लक गुण और रचना मकता का वकास करती है ।
वक प -
(i) कथन गलत है , कंतु कारण सह है ।
(ii) कथन और कारण दोन गलत ह।
(iii) कथन सह है और कारण कथन क सह या या है ।
(iv) कथन सह है कंतु कारण कथन क सह या या नह ं है ।
(ग) ग यांश के अनुसार य द मनु य ई या से मु त हो जाए तो उसे या लाभ होगा/ह गे? 1
उ चत वक प का चयन क िजए-
(I) मौजूद व तुओं का आनंद ले पाएगा
(II) नंदा और वेष भाव से दरू रहे गा
(III) दस
ू र क उपलि धय से े रत होगा
(IV) उसके मौ लक गुण कंु ठत हो जाएँगे
वक प
(i) कथन (I) और (II) सह ह।
(ii) केवल कथन (III) सह है ।
(iii) कथन (II) और (IV) सह ह।
(iv) कथन (I), (II) और (III) सह ह।
(घ) ग यांश के अनुसार एक ई यालु यि त ‘ नंदक’ य बन जाता है? 2
(ङ) ग यांश के अनुसार ई या मनु य क उ न त म बाधक य ह? 2
न 2. न न ल खत का यांश को यानपव
ू क पढ़कर उस पर आधा रत पछ
ू े गए न के उ र ल खए: 7
हुँकार से महल क नींव उखड़ जाती,
साँस के बल से ताज हवा म उड़ता है ,
जनता क रोके राह, समय म ताव कहाँ?
वह िजधर चाहती, काल उधर ह मड़
ु ता है ।
अ द , शताि दय , सह ा द का अंधकार
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बीता; गवा अंबर के दहके जाते ह;
यह और नह ं कोई, जनता के व न अजय
चीरते त मर का व उमड़ते जाते ह।
सब से वराट जनतं जगत का आ पहुँचा,
ततीस को ट- हत संहासन तय करो
अ भषेक आज राजा का नह ं, जा का है ,
ततीस को ट जनता के सर पर मक
ु ु ट धरो।
आरती लए तू कसे ढूँढ़ता है,
मं दर , राज साद , तहखान म?
दे वता कह ं सड़क पर ग ट तोड़ रहे ,
दे वता मलगे खेत म, ख लहान म।
फावड़े और हल राजदं ड बनने को ह,
दो राह, समय के रथ का घघर-नाद सुनो,
संहासन खाल करो क जनता आती है
(क) का यांश म ‘अंधकार’ श द का योग कस अथ म कया गया है ? 1
(i) जनतं
(ii) लोकतं
(iii) वतं ता
(iv) परतं ता
(ख) का यांश के अनुसार कसक शि त समय और काल से भी बढ़कर है ? 1
(i) राजा क
(ii) जनता क
(iii) गवा क
(iv) दे वताओं क
(ग) न न ल खत कथन और कारण पर वचार करते हुए उपयु त वक प का चयन कर ल खए: 1
कथन : क व के अनुसार अब राज संहासन जनता का है , राजा का नह ं।
कारण : जनतं म वा त वक शि त जनता के मता धकार म ह न हत है ।
वक प -
(i) कथन गलत है , कंतु कारण सह है ।
(ii) कथन और कारण दोन गलत ह।
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(iii) कथन सह है और कारण, कथन क सह या या है ।
(iv) कथन सह है कंतु कारण, कथन क सह या या नह ं है ।
(घ) क व संहासन कसके लए और य खाल करवाना चाहता है ? 2
(ङ) का यांश म कसान और मक को दे वता य कहा गया है ? 2
खंड – ख
( यवहा रक याकरण)
न 3. नदशानुसार ‘रचना के आधार पर वा य भेद’ पर आधा रत पाँच न म से क ह ं चार न के उ र
ल खए। (4x1=4)
(i) आगे बढ़कर मोती ने साँड़ का सामना कया। (संयु त वा य म पांत रत क िजए)
(ii) मनीषा के व यालय पहुँचने से पव
ू श क जा चक
ु े थे। ( म वा य म पांत रत क िजए)
(iii) रामव ृ बेनीपरु दसवीं तक क श ा ा त करने के बाद वाधीनता आंदोलन से जड़
ु गए। (रचना क
ि ट से वा य भेद ल खए।)
(iv) चोर ने दे खा क उसके बचाव का कोई उपाय नह ं है । (आ त उपवा य का भेद ल खए)
(v) जब वप आए, तब धैय रखना। (सरल वा य म पांत रत क िजए)
न 4. नदशानस
ु ार ‘वा य’ पर आधा रत पाँच न म से क हं चार न के उ र
ल खए। (4x1=4)
(i) म हमा से सोया नह ं जाता। (वा य भेद का नाम ल खए)
(ii) हालदार साहब वारा पान खाया गया। (कतवा
ृ य म बद लए)
(iii) संद प पतंग उड़ाता है । (वा य भेद का नाम ल खए)
(iv) कमचार कल फाइल भेजेगा। (कमवा य म बद लए)
(v) िजस वा य म या का क बंद ु भाव हो, उसम कौन-सा वा य होता है ?
न 5. नदशानुसार ‘पद प रचय’ पर आधा रत पाँच न म से क ह ं चार न के रे खां कत पद का पद-
प रचय ल खए। (4x1=4)
(i) सुबह हम यूमथांग के लए नकल पड़ना था।
(ii) हलवाई मीठ जले बयाँ बना रहा है ।
(iii) अं कत कल कार चला रहा था।
(iv) बंदर पेड़ पर उछल-कूद कर रहा था।
(v) नवाब साहब धीरे -धीरे खीरा छ लने लगे।
न 6. नदशानुसार ‘अलंकार’ पर आधा रत पाँच न म से क ह ं चार न क रे खां कत का य पंि तय म
अलंकार पहचानकर ल खए। (4x1=4)
(i) िजस दन ज म लयो आ हा ने, धरती धंसी अढ़ाई हाथ
(ii) पाहुन य आए ह गाँव म शहर के
(iii) इतना रोया था म उस दन, ताल-तलैया सब भर डाले
(iv) उर वहग-सा उड़ रहा है , नील गगन के बीच
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(v) सागर के ऊपर नाच-नाच, लहर करती ह मधरु गान
खंड – ग
(पा य पु तक एवं परू क पा य पु तक)
न 7. न न ल खत प ठत ग यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक उपयु त वक प चन
ु कर
ल खए। (5X1=5)
बालगो बन भगत क मौत उ ह ं के अनु प हुई। वह हर वष गंगा- नान करने जाते। नान पर उतनी आ था
नह ं रखते िजतना संत समागम और लोक-दशन पर। पैदल ह जाते। कर ब तीस कोस पर गंगा थी। साधू को
संबल लेने का या हक? और, गह
ृ थ कसी से भ ा य माँग? अत: घर से खाकर चलते, तो फर घर पर ह
लौटकर खाते। रा ते भर खँजड़ी बजाते, गाते जहाँ यास लगती, पानी पी लेते। चार-पाँच दन आने-जाने म लगते;
क तु इस लंबे उपवास म भी वह म ती! अब बुढ़ापा आ गया था, क तु टे क वह जवानी वाल । इस बार लौटे
ु र , थोड़ा बुखार आने लगा। कंतु नेम- त तो
तो त बयत कुछ सु त थी। खाने-पीने के बाद भी त बयत नह ं सध
छोड़ने वाले नह ं थे। वह दोन जून गीत, नान यान, खेतीबार दे खना। दन- दन छ जने लगे।
(i) बालगो बन भगत का येक वष गंगा- नान के लए जाने का मख
ु कारण या था?
(A) मन और शर र को नमल करने क इ छा
(B) मेले-ठे ले म फसल बेच कर पैसे कमाना
(C) संतो क संग त और लोग को दे खने क लालसा
(D) कबीरपंथी मठ के दशन करने क लालसा
(ii) बालगो बन भगत ‘गंगा- नान’ जाने के दौरान घर से अ न लेकर नह ं चलते थे य क –
(A) इस दौरान उपवास रखना अ नवाय होता था।
(B) उनक पतोहू भोजन बनाकर नह ं दे ती थी।
(C) साधू यि त अ न साथ लेकर नह ं चलता।
(D) वे भूख- यास से याकुल नह ं होते थे।
(iii) ‘ क तु टे क वह जवानी वाल ।’ यहाँ ‘टे क’ से आशय है -
(A) िज़द
(B) दो ती
(C) द ु मनी
(D) यवहार
(iv) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए :
कथन (A): बालगो बन भगत स धांत और आदश का स ती से पालन करते थे।
कारण (R): तबीयत बगड़ने पर भी उ ह ने अपनी दनचया म बदलाव नह ं कया।
उपयु त कथन के आधार पर सह वक प का चयन क िजए।
(A) कथन )A (सह है , कंतु कारण) R( गलत है ।
(B) कथन )A (और कारण) R (दोन ह गलत ह।
(C) कथन )A (सह है और कारण) R (कथन) A (क सह या या है ।
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(D) कथन )A (सह है और कारण) R (कथन) A (क सह या या नह ं है ।
(v) तुत ग यांश म वणन नह ं है –
(A) भगत के गंगा नान जाने के पीछे छपे उ दे य का
(B) गंगा नान के उपरांत भगत क बगड़ी तबीयत का
(C) भगत वारा गीत गाते हुए खेत म फसल रोपने का
(D) भगत वारा अपने आदश के अनु प जीवन जीने का
न-8) नधा रत ग य पाठ के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन न के उ र लगभग
25-30 श द म ल खए- (3x2=6)
क) सरकंडे के च मे को ‘उ मीद जगाने वाला’ कहने के पीछे लेखक का या आशय है ?’ नेताजी का च मा
पाठ के आधार पर प ट क िजएI
ख) बालगो बन भगत क दनचया अ य लोग के लए अचरज का वषय य थी?
ग) ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ म नवाब साहब दखावे क शैल अपनाते ह। वतमान संदभ म इस कार क
जीवन-शैल क समी ा क िजएI
घ) ‘कबीर’ के कौन-से स धांत बालगो बन भगत के जीवन म प ट प से प रल त होते ( दखाई दे ते)
ह?
न 9. न न ल खत प ठत प यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक उपयु त वक प चन
ु कर
ल खए। (1X5=5)
सुनहु राम जे ह शव धनु तोरा। सहसबाहु सम सो रपु मोरा।।
सो बलगाउ बहाइ समाजा। न त मारे जैह हं सब राजा।।
सु न मु नबचन लखन मुसक
ु ाने। बोले परसध
ु र ह अवमाने।।
बहु धनुह तोर ल रका । कबहुँ न अ स रस क ि ह गोसा ।।
ये ह धनु पर ममता के ह हे तू। सु न रसाइ कह भग
ृ ुकुलकेतू।।
(i) परशुराम धनुष तोड़ने वाले यि त को कसके समान अपना द ु मन मानते ह?
(A) व वम के
(B) राम के
(C) सह बाहु के
(D) ल मण के
(ii) कस पंि त म परशुराम धनुष तोड़ने वाले को बाक लोग से अलग हो जाने को कह रहे ह?
(A) सहसबाहु सम सो रपु मोरा
(B) न त मारे जैह हं सब राजा
(C) सो बलगाउ बहाइ समाजा
(D) कबहुँ न अ स रस क ि ह गोसा
(iii) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए :
कथन (A): परशरु ाम अ यंत ोध म है ।
कारण (R): सीता वयंवर म परशुराम के फरसे को खं डत कर दया गया है ।
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उपयु त कथन के आधार पर सह वक प का चयन क िजए।
(A) कथन )A (सह है , कंतु कारण) R( गलत है ।
(B) कथन )A (और कारण) R (दोन ह गलत ह।
(C) कथन )A (सह है और कारण) R (कथन) A (क सह या या है ।
(D) कथन )A (सह है और कारण) R (कथन) A (क सह या या नह ं है ।
(iv) परशुराम के वचन को सुनकर ल मण ने उ र दया -
(A) घबरा कर
(B) हँस कर
(C) ो धत होकर
(D) मु कुरा कर
(v) ल मण के तक के अनस
ु ार उ ह ने बचपन म ऐसे अनेक धनष
ु -
(A) बनाए ह
(B) उठाए ह
(C) सजाए ह
(D) तोड़े ह
न-10) नधा रत क वताओं के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन न के उ र लगभग
25-30 श द म ल खए I (3x2=6)
क) सरू के पद के आधार पर गो पय का योग-साधना के त ि टकोण प ट करI
ख) ‘आ मक य’ क वता के आधार पर ल खए क क व अपनी आ मकथा म कन बात का उ लेख नह ं
करना चाहता है ?
ग) ‘राम ल मण परशुराम संवाद’ म यं य का अनूठा स दय है ’– तकस हत उदाहरण दे कर इस कथन क
पुि ट क िजएI
न-11) परू क पा य-पु तक के नधा रत पाठ पर आधा रत न न ल खत तीन न म से क ह ं दो न
के उ र लगभग 50-60 श द म ल खए- (2x4=8)
क) या ाएँ व भ न सं कृ तय से प र चत करवाने का अ छा मा यम हI ‘साना-साना हाथ जो ड़’ या ा-व ृ ांत
के आलोक म इस कथन क समी ा क िजएI
ख) ब चे रोना-धोना, पीड़ा, आपसी झगड़े यादा दे र तक अपने साथ नह ं रख सकते ह। 'माता का अँचल' पाठ
के आधार पर इस कथन को उदाहरण स हत प ट क िजए।
ग) नाग रक क मेहनत के कारण ‘गंतोक’ मेहनतकश बादशाह का शहर कहलाया। आपके वचार से
मेहनतकश नाग रक अपने शहर और रा क ग त म कस कार योगदान दे सकते ह?
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खंड – घ
(रचना मक लेखन)
12. न न ल खत तीन वषय म से कसी एक वषय पर संकेत ब दओ
ु ं के आधार पर लगभग 120 श द म
एक अनु छे द ल खए: 1X6=6
(क) दष
ू ण क सम या
दष
ू ण के कार
दष
ू ण का जीवन और प ृ वी पर भाव
दष
ू ण क रोकथाम के उपाय
(ख) मोबाइल फोन का भाव
मोबाइल फोन क सु वधा और श ा म उपयो गता
मोबाइल के द ु प रणाम
मोबाइल का योग और सावधा नयाँ
(ग) समाचार-प का मह व
सूचना और ान का ोत
जाग क नाग रक बनाने म सहायक
व याथ जीवन म समाचार-प क उपयो गता
13. (क) आप नंदन/नं दनी ह| अपने े म आवारा जानवर क सम या के समाधान के लए कसी लोक य
समाचार-प के संपादक को लगभग 100 श द म प ल खए| 1X5=5
अथवा
(ख) आप आनंद/आनंदा ह| आपके बड़े भाई मंचीय क व ह| उनके मंचीय तु त क शंसा समाचार प म
छपी है | उनको बधाई दे ते हुए लगभग 100 श द म प ल खए|
14. (क) आप ेयांश/ ेया ह| आपने प का रता म नातक क उपा ध ा त क है | आपके शहर से का शत
होने वाले दै नक समाचार प म प का रता के लए कुछ पद र त ह| उस पद के लए आवेदन करने हे तु
लगभग 80 श द म अपना वव ृ तैयार क िजए| 1X5=5
अथवा
(ख) आप अंजनी/ अंजना ह| आपके े म गंदा पानी फैला हुआ है | लोग को बख
ु ार भी हो रहा है | े क
व छता हे तु नगर नगम के वा य अ धकार को 80 श द म ई-मेल ल खए|
15. (क) आपक बड़ी बहन ने िजम क ( यायामशाला) खोला है | िजम के चार हे तु 40 श द म एक
आकषक व ापन तैयार क िजए| 1X4=4
अथवा
(ख) आपके श क/ श का को श ा के े म उ कृ ट दशन करने पर श क पुर कार मला है | उ ह
बधाई दे ते हुए लगभग 40 श द म बधाई संदेश ल खए |
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Study Materials
Notes
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Sample Papers Class 7 Notes
Half Yearly Sample Papers Class 8 Notes
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Periodic Table
Class 11 Notes
Writing Skills / Formats
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