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2025
GOA BOARD
MODEL
PAPERS
Syllabus
Scheme of Question Paper
Prepare yourself for upcoming Goa
Board Exams
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WEIGHTAGE OF CONTENT / SUBJECT UNIT
FOR THE YEAR 2024-2025
STD – X FUNCTIONAL HINDI ( S. L.) ( CWSN) SUBJECT CODE: S2125
कक्षा १० व ीं ह द
ीं ी पाठ्यक्रम ववभाजन
परीक्षा गद्य पाठ पद्य पाठ व्याकरण रचना कुल
अंक
प्रथम १. गुप्त धन १. कबीर बानी १. सहार्क १. दनबंध
मध्य २. ईमानदार २. धरे रहो दिर्ा (१) लेखन
सत्र लड़का धीरज २. वाक्य (५)
परीक्षा ३. गोवा का ३. बहुत ददनों पररवतय न (१) २. अपदठत
जल पर्यटन के बाद ३. पर्ायर्वाची गद्य-खंड
और सुरक्षा शब्द (१) (३)
४. मुहावरों का
वाक्य में
प्रर्ोग (१)
5 3 4 8 20
प्रथम १. डॉ.रघुनाथ १. ऐ मेरे वतन १. वाक्य १. पत्र
सत्र माशेलकर के लोगों पररवतय न (२) लेखन
परीक्षा २. भोलाराम का २. व्याकुल मााँ २. अनेकाथी (५)
जीव ३. हमें न बांधो शब्द (२) २. कहानी
३. पंगु लंघर्ते प्राचीरों में ३. सहार्क लेखन
दगररम् ४. दकताबें दिर्ा (२) (५)
झांकती है ४. दवशेषण ३. दनबंध
प्रथम मध्य सत्र प्रथम मध्य सत्र बनाना (१) लेखन
के पाठ की कविताएँ ५. भाववाचक (६)
५. कबीर बानी संज्ञा बनाना ४. अपदठत
४. गुप्त धन ६. धरे रहो (१) गद्य –
५. ईमानदार धीरज ६. दवलोमाथी खंड
लड़का ७. बहुत ददनों शब्द (२) (१०)
६. गोवा का के बाद ७. पर्ायर्वाची ५. अपदठत
जल पर्यटन शब्द (२) गद्य –
और सुरक्षा ८. मुहावरों का खंड (६)
अथय और
वाक्य में
प्रर्ोग (४)
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सूचना : पाठ ३. मूगी की कीमत, पाठ्यिम में शादमल नहीं दकर्ा गर्ा है।
गद्य पाठ पद्य पाठ व्याकरण रचना
पूिव परीक्षा १. परमवीर १. वक्त
(Prelims) से चि से २. रदनर्ा ------------- -------------
पहले शेष पाठ अलंकृत:
और कविताएँ र्ोगेंद्रदसंह
पूरी करना र्ादव
आिश्यक है।
परीक्षा गद्य पाठ पद्य पाठ व्याकरण रचना कुल
अंक
िावषवक १. गुप्त धन १. कबीर १. वाक्य १. दनबंध
परीक्षा २. ईमानदार बानी पररवतय न लेखन (६)
लड़का २. धरे रहो (२) २. कहानी
३. डॉ. रघुनाथ धीरज २. अनेकाथी लेखन (५)
माशेलकर ३. बहुत शब्द (२) ३. पत्र लेखन
४. गोवा का ददनों ३. सहार्क (५)
जलपर्यटन के बाद दिर्ा (२) ४. अपदठत
और सुरक्षा ४. ऐ मेरे ४. दवशेषण गद्य - खंड
५. भोलाराम का वतन बनाना (१) (१०)
जीव के ५. भाववाचक ५. अपदठत
६. पंगु लंघर्ते लोगों संज्ञा बनाना गद्य – खंड
दगररम् ५. व्याकुल (१) (६)
७. परमवीर चि मााँ ६. दवलोमाथी
से अलंकृत: ६. हमें न शब्द (२)
र्ोगेंद्रदसंह बांधो ७. पर्ायर्वाची
र्ादव प्राचीरों शब्द (२)
में ८. मुहावरों का
७. दकताबें अथय और
झांकती वाक्य में
हैं प्रर्ोग (४)
८. वक्त
९. रदनर्ा
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सूचना : पाठ ३. मूगी की कीमत, पाठ्यिम में शादमल नहीं दकर्ा गर्ा है।
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आं तररक मुल्ांकन की योजना कक्षा दसिी २०२४-२५
विषय : वहंदी कक्षा : १० िी अंक : २०
➢ आं तररक परीक्षा की र्ोजना
• ददशा दनदे श
१. २० अंको के अंतगयत दवषर् और मुल्ांकन की सु ची नीचे दी गर्ी है।
२. छात्र दस में से कोई एक दवषर् चू न सकते हैं।
३. हर एक दवषर् के दलए २० अंक होगे।
४. इस आं तररक परीक्षा के गुणों का समावेश शासकीर् परीक्षा में होगा।
५. छात्रों के सभी पररर्ोजना का अदभलेख संभालना जरूरी।
६. आं तररक परीक्षा नवंबर तक दे ना जरूरी है।
नाम/ दवषर् कुल अं क : २०
अनुिमांक
१.प्रस्तावना २.भाषा की ३.दवषर् की ४.रचनात्मकता कुल
स्पष्टता जानकारी अंक
५ ५ ५ ५ २०
आं तररक परीक्षा के विषय
१. गोवा: एक सुंदर पर्यटन स्थल। दचत्रीर् प्रस्तुदतकरण (PPT) के माध्यम से।
( दवडीर्ो कम से कम ५ से ६ दमदनट का होना चादहए।)
२. परमवीर चि से अलं कृत भारत के दकसी एक सैदनक पर (PPT) के माध्यम से प्रस्तुदतकरण।
( दवडीर्ो कम से कम ५ से ६ दमदनट का होना चादहए।)
३. दकसी एक दे शभक्तीपर गीत का सस्वर गार्न करें । ( कक्षा में )
४. भारत के दकसी चार वैज्ञादनकों के बारें में जानकारी दलखखए।
५. गोवा में पैदा होने वाले दकसी चार महत्वपूणय पेड़ों की जानकारी दलखखए।
६. प्रेमचंद की अन्य दकसी कहानी का कथा कथन प्रस्तुत करें । ( दकसी एक )
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७. दकसी एक संत कदव के ५ दोहो का भावाथय के साथ प्रस्तुदतकरण कीदजए। ( कक्षा में प्रस्तुदतकरण करना
आवश्यक)
८. प्रदु षण: एक समस्या इस दवषर् पर दचत्र सदहत जानकारी दलखखए।
९. दहंदी के संत कदव रहीम के बारें में दचत्र सदहत जानकारी दलखखए।
१०. गोवा के दकसी कलाकार ( संगीतकार, दचत्रकार, उद्योगपदत, मु दतय कार, समाजसेवक, नाट्य कलाकार) से
साक्षात्कार अथवा PPT तैर्ार कीदजए।
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HINDI MODEL PAPER
SUB CODE: S2125
MAXIMUM MARKS: 80 TOTAL NUMBER OF QUESTIONS: 67
TIME : 3 HOURS STD : X
सूचना:
१. हर संपूणय प्रश्न का उत्तर नए पन्ने से शुरू कीदजए।
२. सभी प्रश्न अदनवार्य है।
वनम्नवलखित गद्य-िंड को पढ़कर उसके नीचे वदए गए प्रश्ों के उत्तर वलखिए। (४)
बाबू हररदास का ईटों का पजावा शहर में दमला हुआ था। आसपास के दे हातों से सैकड़ों स्त्री, पुरुष, लड़के दनत्य
आते और पजावे से ईटे दसर पर उठाकर ऊपर कतारों से सजात। एक आदमी पजावे के पास पैसे दलए बैठा रहता
था। मजदू रों को ईटों की संख्या के दहसाब से पैसे दमलते इसदलए बहुत से मजदू र बू ते के बाहर काम करते। वृद्ों
और बालकों को ईटों के बोझ से अकडे हुए दे खना बहुत करूणाजनक दृश्य था।
प्रश्
1.उपर्ुयक्त गद्य-खंड दकस पाठ से दलर्ा गर्ा है?
• उपर्ुयक्त गद्य-खंड ईमानदार लड़का पाठ से दलर्ा गर्ा है।
• उपर्ुयक्त गद्य-खंड भोलाराम का जीव पाठ से दलर्ा गर्ा है ।
• उपर्ुयक्त गद्य-खंड गुप्तधन पाठ से दलर्ा गर्ा है।
2. मजदरो को मजदू री दकस दहसाब से दमलती थी?
• मजदू रों को मजदू री घं टो के दहसाब से दमलती थी।
• मजदू रों को मजदू री ईटों की संख्या के दहसाब से दमलती थी
• मजदू रों को मजदू री ददन के दहसाब से दमलती थी।
3. आसपास के दे हातों से कौन दनत्य आते थे?
• आसपास के दे हातों से सैकड़ों लोग दनत्य आते थे।
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• आसपास के दे हातों से सैकड़ों वृद् और बालक दनत्य आते थे।
• आसपास के दे हातों से सैकड़ों स्त्री, पुरुष, लड़के दनत्य आते थे।
4. सबसे करुणाजनक दृश्य कौन-सा था?
• सबसे करुणाजनक दृश्य वृद्ों और बालकों को ईटों के बोझ से अकडे हुए दे खना था।
• सबसे करुणाजनक दृश्य स्त्री और पुरुषों को ईटों के बोझ से अकडे हुए दे खना था।
• सबसे करुणाजनक दृश्य स्त्री और बालकों को ईटों के बोझ से अकडे हुए दे खना था।
वनम्नवलखित में से वकन्ही चार प्रश्ों के उत्तर वलखिए। प्रत्येक प्रश् का उत्तर १५- २० शब्ों में वलखिए:-(८)
5. धमय राज दचं दतत क्यों थे?
6.गोवा का सागर तट दकतना लंबा है?
7.डॉ. माशेलकर का जन्म कब और कहााँ हुआ?
8. दिकेट खखलाड़ी र्ुवराज दसंह ने दकसे मात दे दी थी?
9.र्ोगेन्द्र दसंह के पास कौनसी रार्फल थी?
कोष्टक में वदए गये शब् चुनकर वनम्नवलखित ररक्त स्थानों की पूवतव कीवजए:- (६)
( भोलाराम, रे ल्वे, भोगना, कीमत, आकषयण, हीरो,अल्फा)
10.टाइगर दहल के ............. र्ोगेन्द्र को तु रंत द्रास पहुंचार्ा गर्ा|
11.गोवा आज पू रे संसार में पर्यटकों का दवशेष ........है |
12.हररदास धन को ......... चाहते थे|
13. साहब एक छलनी दलदजए दसफय दो आना .......... है |
14.रे ल मंत्रालर् ने अरुदणमा को ........में एक नौकरी दी|
15. ............. की उम्र लगभग पैसठ साल की थी |
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वनम्नवलखित ‘क’ विभाग के पाठ के साथ ‘ि’ विभाग में वदए हुए उनके लेिक के साथ उवचत जोडे वमलाइये: -
(२)
‘क’ दवभाग। ‘ख’ दवभाग
16. गुप्तधन हररशंकर परसाई
17. गोवा का जलपर्यटन और सुरक्षा प्रे मचंद
दशवकुमार गोर्ल
वनम्नवलखित काव्य- पंखक्तयों के आधार पर उनके नीचे वदए गए प्रश्ों के उत्तर वलखिए: - (४)
बहुत ददनों के बाद,
अब की मैंने जी- भर तालमखाना खार्ा
गने चूसे जी भर
प्रश्:-
18. उपर्ुक्त पद्य खंड दजस कदवता से दलर्ा गर्ा है,उस कदवता का नाम चुदनए ?
• रदनर्ा – केदारनाथ अग्रवाल
• बहुत ददनों के बाद- नागाजुयन
• वक्त – कीदतय चौधरी
19. कदव ने बहुत ददनों के बाद जी भर क्या खार्ा ?
• कदव ने बहुत ददनों के बाद जी भर तालामखना खार्ा।
• कदव ने बहुत ददनों के बाद जी भर धूल खाई।
• कदव ने बहुत ददनों के बाद गन्ने खाए।
20. कदव ने दकतने गन्ने चूसे ?
• कदव ने जी भर गन्ने चूसे
• कदव ने मन भर गन्ने चूसे
• कदव ने ददल भर गन्ने चूसे
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21. कदव ने दकसने गन्ने चूसने की बात कही है?
• अपने आप ने
• दू सरों ने
• लोगो ने
वनम्नवलित प्रश्ों में से वकन्ही ं तीन प्रश्ों के उत्तर वलखिए/ प्रत्ये क प्रश् का उत्तर १५-२० शब्ों में वलखिए:- (६)
22. मााँ कौवे को क्या दे ना चाहती है?
23. कबीर के अनुसार साधु का स्वभाव कैसे होना चादहए?
24. हमें रात के दै त्यों से डरने की जरूरत क्यों नहीं है?
25. अदभव्यखक्त के दकन सीधे साधे उदाहरण वक्त कदवता में प्रस्तुत है?
26.पंछी को दपंजरे में क्या खखलार्ा जाता है?
वनम्नवलखित ‘क' विभाग के पाठ के कविता के साथ ‘ि' विभाग में वदए हुए उनके कवि के साथ उवचत जोडे
वमलाइए:- (२)
‘क' दवभाग ‘ख' दवभाग
27. धरे रहो धीरज प्रदीप
28. वक्त रवींद्रनाथ ठाकुर
कीदतय चौधरी
वनम्नवलखित वियाओं में से वकन्ही ं दो वियाओं का सहायक विया के रूप में साथवक िाक्ों में प्रयोग कीवजए:-
(२)
29. करना
30. लेना
31. चाहना
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कोष्ठक में वदए गए वनदे शानुसार वकन्ही ं दो िाक्ों का िाक् पररितवन कीवजए:- (२)
32. रमेश स्कूल गर्ा है। ( दनषे धवाचक)
33. तुम ने दकताब पढ़ ली है। (प्रश्नवाचक)
34. श्याम कल दशमला जाएगा। (संदेहवाचक)
वनम्नवलखित शब्ों में से वकन्ही ं दो शब्ों का पयावयिाची शब् वलखिए:- (२)
35. ददर्ासलाई – इस शब्द का पर्ायर्वाची शब्द चु दनए।
• अधीर
• परे शान
36. शीत – इस शब्द का पर्ायर्वाची शब्द चु दनए।
• वीरता
• सदी
37. जज्बा – इस शब्द का पर्ायर्वाची शब्द चुदनए।
• सफलता
• जोश
वनम्नवलखित शब्ों में से वकन्ही ं दो शब्ों का विशेषण रूप वलखिए:- (२)
38. नगर इस शब्द का दवशेषण शब्द चुदनए।
• नागररक
• नगरी
39. इदतहास इस शब्द का दवशेषण शब्द चुदनए।
• इदतहादसक
• ऐदतहादसक
40. गुण इस शब्द का दवशेषण शब्द चुदनए।
• गुणवान
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• गुणी
वनम्नवलखित शब्ों में से वकसी दो शब्ो के विलोम शब् वलखिए:- (२)
41. अंधेरा इस शब्द का दवलोम शब्द चुदनए।
• उजाला
• ददन
42. मान इस शब्द का दवलोम शब्द चुदनए।
• उपमान
• अपमान
43. शांत इस शब्द का दवलोम शब्द चु दनए
• अशांती
• अशांत
वनम्नवलित शब्ो में से वकसी एक शब् का प्रसंगानुसार वभन्न वभन्न अथव स्पष्ट करने के वलए उनका अलग
अलग िाक्ों में प्रयोग कीवजए:- (४)
44. बाल
45. मंदजल
वनम्नवलखित मुहािरों में से वकन्ही ं दो मु हािरों का अथव वलिकर उन मु हािरों का साथवक तथा स्वतंत्र िाक् में
प्रयोग कीवजए:- (४)
46. दम तोडना
47. परास्त करना
48. ईमानदार होना
49. वनम्नवलखित विषय में से वकन्ही ं एक विषय पर १००-१५० शब्ों में अनुच्छेद वलखिए। (५)
मेरा गााँव
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पेड़ की आत्मकथा
प्रदु षण – एक समस्या
50. मीरा/मोहन गांवस, राधा दनवास, म्हापसा से अपने छोटे भाई सुरेश को वाचन का महत्व बताने के दलए पत्र
दलखती/दलखता है। (६)
अथिा
अदमता/अदमत नाईक, शांती नगर फोंडा से अपने शहर में हो रही कचरे की समस्या दू र करने के संबंध में नगराध्यक्ष
के नाम पत्र दलखती/दलखता है। (६)
51. वनम्नवलखित रुपरे िा के साथ उसके नीचे वदए गए वचत्रों के आधार पर कहानी पूरी कीवजए और उसे
उवचत शीषवक और सीि भी वलखिए। (५)
एक ------- कौआ था। गमी के ददनों में ---------- की तलाश। एक ---------- ददखना। बहुत कम ----- होना।
एक एक ------ में फेंकना। पानी ------- आना।
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अथिा
वनम्नवलखित रुपरे िा के आधार पर कहानी पूरी कीवजए और उसे उवचत शीषवक तथा सीि भी वलखिए। (५)
एक कमजोर लड़का ---- दो बार एक ही कक्षा में असफल होना---- जंगल में आत्महत्या करने जाना--- एक बंदर
का बच्चा---- वृक्ष पर चढने की कोदशश करना ---- बार बार नीचे दगरना---- अंत में सफलता ---- लडके का
उत्साह ---- लौट जाना ---- पढाई में जुट जाना ---- उत्तीणय होना ---- सीख।
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वनम्नवलखित गद्य-िंड को पढ़कर उसके नीचे वदए गए प्रश्ों के उत्तर वलखिए। (१०)
हमारे दे श के महान पुरूषों ने दवश्वशांदत के दलए अने क प्रर्त्न दकर्े है। महात्मा गॉंधी, पं. जवाहरलाल नेहरू तथा
लालबहादु र शास्त्री जी ने दवश्वशांदत के दलए अपने प्रर्त्नों में कोई कसर नही उठा रखी थी। भगवान बुद् ने भी
दवश्वशांदत और दवश्व-प्रेम का पाठ सारे दवश्व को पढार्ा था। पंचशील के दसद्ांतों और उपदे शों के सहारे अवश्य ही
दवश्वशांदत की स्थापना की जा सकती है। आज संसार में शांदत की परम आवश्यकता है। मानव आज चांद पर शांदत
खोज रहा है। वह मंगल ग्रह पर शांदत खोज रहा है। परं तु उसके जीवन में मंगल नहीं है। इन ग्रहों पर शांदत की खोज
करने की बजाए र्दद मानव धरती पर फैली ईर्ष्ाय, द्वे ष, दु श्मनी, स्वाथय, घृणा इत्यादद बुराईर्ों को समू ल उखाड़ फेंके
तो धरती पर ही शांदत स्थादपत हो सकती है। अगर दवश्व में शांदत नहीं होगी तो बाकी सारी प्रगदत बेमानी है।,
प्रश्:
52. मानव चांद पर क्या खोज रहा है?
• शांदत
• जीवन
53. धरती पर शांदत कैसे स्थादपत हो सकती है?
• र्दद मानव धरती पर फैली ईर्ष्ाय, द्वे ष, दु श्मनी इत्यादद बुराईर्ों को समूल उखाड़ फेंके तो ।
• र्दद मानव धरती पर फैली ईर्ष्ाय, द्वे ष, दु श्मनी,स्वाथय, घृणाइत्यादद बु राईर्ों को समूल उखाड़ फेंके।
54. हमारे दे श के महान पुरूषों ने दवश्वशांदत के दलए अने क प्रर्त्न दकर्े है।
• कसर की।
• अनेक प्रर्त्न दकर्े है।
55. दकन महान पुरूषों ने दवश्वशांदत के दलए कसर उठाई?
• महात्मा गॉंधी, पं. जवाहरलाल नेहरू तथा लालबहादु र शास्त्री
• महात्मा गॉंधी तथा लालबहादु र शास्त्री
56. मानव चांद पर क्या खोज रहा है?
• शांदत
• दवश्व प्रेम
57. दवदे श इस शब्द के दलए गद्यखंड में दवलोम शब्द कौनसा आर्ा है?
• दे श
• पंचशील
58. नफरत इस शब्द के दलए गद्यखंड में समानाथी शब्द कौनसा आर्ा है?
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• घृणा
• शांदत
59.दकसके दसद्ांतों और उपदे शों के सहारे दवश्वशांदत की स्थापना की जा सकती है?
• पंचशील के दसद्ांतो और उपदे शों के सहारे दवश्वशांदत की स्थापना की जा सकती है ।
• ग्रहो दसद्ांतो और उपदे शों के सहारे अवश्य ही दवश्वशांदत की स्थापना की जा सकती है ।
60. अगर दवश्व में शां दत नहीं होगी तो बाकी ...
• सारी प्रगदत बेमानी है।
• सारी खोज बेमानी है।
61.उदचत शीषयक दो।
वनम्नवलखित गद्य िंड को पढकर उसके नीचे वदए गए प्रश्ों के उत्तर वलिो: - (६)
हमारी आज की दशक्षा पद्दत में बदलाव आवश्यक है। पढ़ने दलखने के बाद केवल नौकरी के दलए इस दफ्तर से
उस दफ्तर भटकते रहने की नोबत नहीं आनी चादहए। दशक्षा का उद्दे श मानव को मानव बनाना तथा उसे स्वावलंबन
के रास्ते पर चलना दसखाना है । दजस दशक्षा द्वारा मनु र्ष् आत्मदनभयर नहीं हो पाता वह दशक्षा दनकम्मी है । आज की
दशक्षा पद्दत से रोटी का सवाल हल नही होता। बखि आज का दशदक्षत र्ुवक अपने को सामादजक जीवन से अलग
पाता है। इसदलए आज दे श और काल के अनुसार दशक्षा के क्षेत्र में पररवतयन जरूरी है । इससे पढ़ाई दलखाई के बाद
आज के र्ुवक को दनराश नहीं होना पढ़े गा |
प्रश्:-
62.दशक्षा का उद्दे श्य क्या है?
• मानव को मानव बनाना तथा उसे स्वावलंबन के रास्ते पर चलना दसखाना है ।
• मानव को मानव बनाने के रास्ते पर चलना दसखाना है ।
63. कौनसी दशक्षा दनकम्मी है?
• दशक्षा द्वारा मनुर्ष् आत्मदनभय र नहीं हो पाता।
• दशक्षा द्वारा मनुर्ष् दनराश नहीं हो पाता।
64. हमारी आज की दशक्षा पद्दत में क्या आवश्यक है?
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• स्वावलंबन
• पररवतय न
65.र्ुवती इस शब्द के दलए गद्यखंड में दवलोम शब्द कौनसा आर्ा है?
• र्ुवक
• मानव
66.प्रश्न इस शब्द के दलए गद्यखंड में समानाथी शब्द कौनसा आर्ा है?
• सवाल
• दशक्षा
67.उदचत शीषयक दो|
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