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अितयंत गोपनीय -केवल आं त रक एवं सीिमत योग हे तू
मा िमक िवधालय परी ा, माच-2020
अक-योजना : सामामिक मिज्ञान
SUBJECT कोड सं ा : 087 PAPER कोड : 32/5/3
सामा िनदश :-
1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।
2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू यांकन करते समय नवीनतम सूचना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए पूरे अंक दए जाएँ। क ा दसव के प म दए गए द ता
आधा रत(competency based) दो का मू यांकन करने म कृ पया िव ा थय ारा दए गए उ र को
समझने का यास कर; उनके उ र चाहे अंक-योजना म दए गए उ र से मेल न खाते ह तब भी सही द ता क
प रगणना क गई हो तो अंक दए जाने चािहए।
3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।
4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती है।
5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।
6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।
7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।
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8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदेखा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।
9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।
10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)
11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –
उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
कु ल अंक के योग म अशुि
उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।
12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।
13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता है।
14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।
15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।
16. क ीय मा यिमक िश ा बोड प रषद पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत
शु क भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित देती है।
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माध्यममक मिद्यालय परीक्षा (मार्च- 2020)
सामामिक मिज्ञान (087)
अंकन योिना 32/5/3
MM-80
QNO. अपेमक्षत उत्तर / मूल्य अंक PAGE MARKS
NO.
1. गन्ने की फसल Pg-40 1
A-75cms G
B- 21* से 27*C
2. िामिज्यिक फसल- Pg-10 1
काजू / अनाज / तिलहन / टमाटर / िम्बाकू / चाय / कॉफी, / काजू / रबड़ /
नाररयल- कोई एक
अथिा
सामुदामयक स्वाममत्व िाले संसाधन- Pg-11
1
िालाब / सार्वजतनक पाकव, / खेल के मैदान G
कोई एक
3. तनजी क्षेत्र-तटस्को(TISCO) Pg-67 1
G
4. जोहान्स गुटेनबगव Pg- 1
157
अथर्ा
PG-
1
156
माको पोलो
H
5. डॉ बी आर अंबेडकर द्वारा गमित एसोमसएशन Pg-68 1
दतलि र्गव एसोतसएशन H
6. काांशीराम के नेिृत्व में बसपा का गठन हुआ Pg-81 1
DP
7. ऋि व्यिस्था- Pg-46 1
ऋण के अनौपचाररक स्रोि / सरकार द्वारा कोई हस्तक्षेप नहीां। अनौपचाररक स्रोिोां E
द्वारा की गयी ऋण गतितर्तियोां को तनयांतत्रि करने में
8. A / A और R दोनोां सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है Pg-34 1
E
9. A/ केर्ल I और II Pg-64 1
E
10. तशक्षा, स्वास्थ्य और जीर्न स्तर में सुिार Pg-68 1
G
1
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11. . डाक व्यिस्था में सुधार का सुझाि Pg-84 1
िकनीति सुिार / कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु। G
12. प्राकृमतक गैस का उपयोग: Pg-60 1
i. प्राकृतिक गैस का उपयोग करने के तलए अनुदान दे ना। G
ii. इस स्वच्छ ऊजाव का उपयोग करने के महत्व के बारे में लोगोां को जागरूक
करना।
iii. इसे जनिा के तलए सुलभ बनाना।
iv. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
कोई एक तबांदु।
13. 33% Pg-21 1
DP
अथर्ा
राज्य चुनार् आयोग PG21 1
DP
14. जाति व्यर्स्था Pg-59 1
-र्ास्ततर्क गतिशीलिा / कानूनोां के कायावन्वयन / तशक्षा में सुिार / तकसी अन्य DP
प्रासांतगक तबांदु
अथर्ा
PG-56
1
DP
भारि एक िमव तनरपेक्ष दे श है I
15. A/ उद्योगपति काांग्रेस के करीबी थे Pg-66 1
H
16. फ्रेमडि क सारयु का मर्त्र Pg-3 1
H
स्विांत्रिा की प्रतिमा का र्ांदन , तजनके एक हाथ में ज्ञानोदय की मशाल और दू सरे हाथ में
मनुष्य के अतिकारोां का घोषणापत्र
17. D/ भारि में सर्ेिातनक व्यर्स्था की कायवशैली में पररर्िवन के सुझार् के कारण Pg- 1
62
H
18. सांबIद कौमुदी / िुहफ़ि -उल -मुर्ह्तहदीन Pg- 1
169H
अथर्ा Pg-
1
रशसुन्दरी दे र्ी 172
H
19. तानाशाही शासन में आमथचक मिकास: Pg-93 1
तशक्षा / बुतनयादी ढाांचे में तनर्ेश / आतथवक तर्कास के तर्तभन्न रास्ते खोलकर / कोई DP
अन्य प्रासांतगक तबांदु
तकसी एक तबांदु की व्याख्या
2
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20. A/ ओटो र्ॉन तबस्माकव - जमवनी Pg-7 1
H
SECTION B
21. राष्ट्ि के मिर्ार में संस्कृमत द्वारा मनभाई गई भूममका: Pg- 3
i. स्वच्छां दिार्ाद एक साांस्कृतिक आां दोलन था तजसने राष्ट्रर्ादी भार्ना के एक 13,15
तर्शेष रूप को तर्कतसि करने की माांग की। H
ii. रोमाांतटक कलाकारोां और कतर्योां ने आमिौर पर कारण और तर्ज्ञान के
मतहमामांडन की आलोचना की और भार्नाओां, अांिज्ञावन और रहस्यमय
भार्नाओां के बजाय ध्यान केंतिि तकया।
iii. उनका प्रयास एक राष्ट्र के आिार के रूप में एक साझा सामूतहक तर्रासि,
एक सामान्य साांस्कृतिक अिीि की भार्ना पैदा करना था।
iv. जोहान गॉटफ्रीड हेरडर जैसे रोमाांतटक्स ने दार्ा तकया तक जमवन सांस्कृति
को आम लोगोां के बीच खोजा जाना था- दास र्ोल्क।
v. भाषा भी राष्ट्रर्ादी भार्नाओां को तर्कतसि करने में महत्वपूणव भूतमका
तनभािी है। उदाहरण के तलए, पॉतलश का उपयोग रूसी प्रभुत्व के खखलाफ
सांघषव के प्रिीक के रूप में दे खा जाने लगा।
vi. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
22. खमनि हमारे िीिन का एक अमनिायच महस्सा हैं : Pg-50 3
G
i. लगभग हम जो कुछ भी उपयोग करिे हैं , एक छोटे से तपन से लेकर एक
तबखडां ग या एक बड़ी दु कान िक, सभी खतनज से बने होिे हैं।
ii. सड़कोां की रे ल लाइनें और िारमैक (फ़शव ), हमारे औजार और मशीनरी भी
खतनजोां से बने हैं।
iii. कारोां, बसोां, टर े नोां, एयरो तर्मानोां को खतनजोां से तनतमवि तकया जािा है और
पृथ्वी से प्राप्त होने र्ाले तबजली के पुलोां पर चलाया जािा है।
iv. यहाां िक तक जो भोजन हम खािे हैं उसमें खतनज होिे हैं।
v. तर्कास के सभी चरणोां में, मानर् ने अपनी आजीतर्का, सजार्ट, उत्सर्,
िातमवक और औपचाररक सांस्कार के तलए खतनजोां का उपयोग तकया है।
vi. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
अथिा
खमनिों अनेक रूपों में पाए िाते है
i. आग्नेय और मेटामॉतफवक चट्टानोां में खतनज दरारें , , दोष या जोड़ोां में हो
Pg- 3
सकिे हैं। छोटी को तशराएां कहा जािा है और बड़े को लोड् स कहा जािा 50,51
है।
G
ii. ज्यादािर मामलोां में, र्े िब बनिे हैं जब िरल / तपघला हुआ और गैसीय
3
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रूपोां में खतनज पृथ्वी की सिह के तलए गुहाओां के माध्यम से ऊपर की ओर
मजबूर होिे हैं। र्े उठिे ही शाां ि और जम जािे हैं। प्रमुख िाखत्वक खतनज
जैसे तटन, िाांबा, जस्ता और सीसा इत्यातद नसोां और गाांठोां से प्राप्त होिे हैं।
iii. िलछटी चट्टानोां में कई खतनज बेड या परिोां में पाए जािे हैं। र्े क्षैतिज स्तर
में जमार्, सांचय और एकाग्रिा के पररणामस्वरूप बने हैं। उदाहरण के
तलए तजप्सम, पोटाश नमक और सोतडयम नमक। ये तर्शेष रूप से शुष्क
क्षेत्रोां में र्ाष्पीकरण के पररणामस्वरूप बनिे हैं।
iv. गठन की एक अन्य तर्िा में सिह चट्टानोां के तर्घटन और घुलनशील घटकोां
को हटाने में शातमल है , तजसमें तमतिि सामग्री युक्त अर्तशष्ट् िव्यमान होिा
है। बॉक्साइट इसी िरह बनिा है।
v. कुछ खतनज घाटी के फशव और पहातड़योां के आिार में जलोढ़ के रूप में हो
सकिे हैं। इन जमाओां को 'प्लाज़र जमा' कहा जािा है और इनमें आमिौर
पर खतनज होिे हैं, जो पानी से नहीां होिे हैं , ऐसे खतनजोां में सोना, चाांदी, तटन
और प्लैतटनम सबसे महत्वपूणव हैं।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाएI
23. स्रोत आधाररत प्रश्न Pg- 1+2=3
22.1 िातमवक मसलो पर हुई बहस के तकसी एक मुद्दे का तर्श्लेषण करें I 121
i. कुछ ने मौजूदा प्रथाओां की आलोचना की और सुिार के तलए अतभयान H
चलाया, जबतक अन्य ने सुिारकोां की दलीलें तगनाईां। ये बहस सार्वजतनक
और तप्रांट में की गई।
ii. तर्िर्ा तर्सजवन, एकेश्वरर्ाद, ब्राह्मणर्ादी पुरोतहिर्ाद और मूतिवपूजा जैसे
मामलोां पर सामातजक और िातमवक सुिारकोां और तहांदू रूतढ़र्ातदयोां के
बीच गहन तर्र्ाद।
iii. iकोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकसी एक तबांदु को समझाया जाए। (1)
22.2 इन बहसोां में तप्रांट मीतडया की भूतमका की जााँच करें :
i. तप्रांट ने नए तर्चारोां के साथ-साथ इन तर्चारोां को भी आकार तदया।
ii. इसने सार्वजतनक चचावओां में सार्वजतनक भागीदारी को बढ़ाया।
iii. सार्वजतनक चचाव और तर्चारोां की अतभव्यखक्त
iv. िकवपूणव तर्चारोां को प्रसाररि तकया गया
v. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां दो तबांदुओां की व्याख्या की जाए। (2)
4
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24. भारत में रबी शस्य ऋतू की मिशेषताएं : Pg-36 3
i. सतदव योां में अक्टू बर से तदसांबर िक बोया जािा है।
ii. अप्रैल से जून िक गतमवयोां में फसल।
iii. गेहां, जौ, मटर कुछ महत्वपूणव फसलें हैं।
iv. मुख्य राज्य-पांजाब, हररयाणा, तहमाचल प्रदे श, उत्तर प्रदे श, उत्तराखांड
आतद।
v. पतिमी शीिोष्ण जल की उपलब्धिा से रबी फसलोां में मदद तमलिी है।
vi. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
25. भारत में संघिाद की प्रमुख मिशेषताएं : Pg- 3
i. भारि के सांतर्िान के प्रार्िान दे श में एक तत्रस्तरीय सरकार प्रदान 16,17
करिे हैं अथावि् केंि सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय स्व DP
सरकार।
ii. इन तर्तभन्न स्तरोां का अलग-अलग क्षेत्रातिकार है।
iii. सांतर्िान ने स्पष्ट् रूप से सांघ सरकार और राज्य सरकारोां के बीच
तर्िायी शखक्तयोां का िीन गुना तर्िरण तकया। इसके तलए िीन
सूतचयााँ हैं : सांघ सूची, राज्य सूची और समर्िी सूची।
iv. सांघ सूची में राष्ट्रीय महत्व के तर्षय शातमल हैं जैसे तक तर्दे शी
मामले, बैंतकांग आतद और अकेले सांघ सरकार इन तर्षयोां पर
कानून बना सकिी है।
v. राज्य सूची में राज्य और स्थानीय महत्व के तर्षय जैसे पुतलस,
व्यापार, र्ातणज्य, कृतष आतद शातमल हैं और राज्य सरकार अकेले
इन तर्षयोां पर कानून बना सकिी है।
vi. सांघ और राज्य के बीच सत्ता का बांटर्ारा सांतर्िान की सांरचना के
तलए बुतनयादी है। सांसद स्वयां इस व्यर्स्था को बदल नहीां सकिी।
vii. शखक्तयोां के तर्भाजन के बारे में तकसी भी तर्र्ाद के मामले में, उच्च
न्यायालय और सर्ोच्च न्यायालय एक तनणवय लेिे हैं।
viii.कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
26. मांग िमा में मुद्रा के महत्व पूिच लक्षि Pg- 3
40,41
i. लोग बैंकोां के पास जमा के रूप में पैसा रखिे हैं। E
ii. लोग अपने नाम से बैंक खािा खोलकर इसे बैंकोां में जमा करिे हैं।
iii. बैंक जमा स्वीकार करिे हैं और जमा पर ब्याज दर का भुगिान भी
करिे हैं।
iv. इस िरह से लोगोां का पैसा बैंकोां के पास सुरतक्षि है और इससे
ब्याज तमलिा है।
v. िन की आर्श्यक तर्शेषिाओां के रूप में तडमाांड जमा की सुतर्िा
5
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vi. कोई भी बैंक जमाकिाव भुगिान के तलए चेक सुतर्िा प्राप्त कर
सकिा है।
vii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
अथिा
ऋिदाता उधार दे ते समय ऋिधार की मांग करते हैं :
i. यह एक ऋणदािा की गारां टी के रूप में काम करिा है जब िक Pg-44 3
तक ऋण चुकाया नहीां जािा है। E
ii. यतद उिारकिाव ऋण चुकाने में तर्फल रहिा है , िो ऋणदािा को
भुगिान प्राप्त करने के तलए सांपतत्त या सांपातश्ववक को बेचने का
अतिकार है।
iii. क्रेतडट सीमा के दबार् में होने पर एक-दू सरे के साथ अतिक
व्यापार करने के तलए जोखखम में कमी।
iv. पात्र सांपतत्तयोां को स्थानाांिररि या तगरर्ी रखकर तर्तनयामक
पूांजीगि बचि प्राप्त करने की सांभार्ना।
v. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
27. मिमिधताओं को समायोमित करने में बेज्यियम मॉडल: Pg-4,5 3
i. हालाांतक डच दे श में बहुमि में थे, केंि सरकार में फ्रेंच और डच भाषी
आबादी को समान प्रतितनतित्व तदया गया था।
ii. बेखियम को एक सांघीय राज्य के रूप में घोतषि तकया गया था और इस
प्रकार राज्य सरकारोां को महत्वपूणव अतिकार तदए गए थे।
iii. राज्य सरकारोां ने केंि सरकार के अिीनस्थ कायव नहीां तकया।
iv. राजिानी ब्रुसेल्स की एक अलग सरकार है। हालााँतक, शहर में फ्राांसीसी
बोलने र्ाली आबादी बहुमि में थी, लेतकन उन्ोांने ब्रुसेल्स में समान
प्रतितनतित्व को स्वीकार तकया।
v. ऐसा इसतलए था क्ोांतक डच भाषी लोगोां ने बहुमि में होने के बार्जूद केंि
सरकार में समान प्रतितनतित्व को स्वीकार तकया था।
vi. सामुदातयक सरकार डच, फ्राांसीसी और जमवन भाषी लोगोां द्वारा चुनी गई
और शैतक्षक, भाषा और शैतक्षक मुद्दोां पर ध्यान तदया गया।
vii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
अथिा
6
Page 9
क्षैमति सत्ता साझाकरि:
Pg-8
i. सत्ता को सरकार के तर्तभन्न अांगोां, जैसे तर्िातयका, कायवपातलका और
3
न्यायपातलका के बीच साझा तकया जािा है। DP
ii. सरकार के तर्तभन्न अांग तर्तभन्न शखक्तयोां का प्रयोग करिे हैं।
iii. ऐसा अलगार् यह सुतनतिि करिा है तक कोई भी अांग असीतमि शखक्तयोां
का प्रयोग न कर सके।
iv. इस व्यर्स्था को चेक और सांिुलन की प्रणाली कहा जािा है।
v. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाएI
28. मूलभूत स्तर पर सािचिमनक क्षेत्रक के हालत बेहतर बनाने के मलए सुझाि PG-34 3
i. सार्वजतनक क्षेत्र में सरकार द्वारा सुिार : E
ii. ग्रामीण स्तर पर सरकार द्वारा अतिक तनर्ेश।
iii. अतिक बैंकोां और सहकारी सतमतियोां द्वारा सहायिा
iv. ग्रामीण स्तर पर ढाांचागि तर्कास।
v. ग्रामीण स्तर में स्वास्थ्य और तशक्षा में तर्कास ।
vi. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां िीन तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
SECTION -C
29. स्रोत आधाररत प्रश्न: Pg- 1+2+2=
55,59, 5
स्रोत - िैश्वीकरि और भारतीय अथचव्यिस्था 70
34.1 र्ैश्वीकरण का प्रभार् उपभोक्ताओां पर कैसे तदखाई दे रहा है ? E
i. उन उपभोक्ताओां के समक्ष अतिक तर्कल्प हैं जो अब कई उत्पादोां के
तलए बेहिर गुणर्त्ता और कम कीमिोां का आनांद लेिे हैं जो तडतजटल
कैमरा, मोबाइल फोन, टे लीतर्जन, ऑटोमोबाइल आतद के नर्ीनिम
मॉडल के माध्यम से तदखाई दे िे हैं।
ii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु (1)
स्रोत -B मिदे श व्यापार और बािारों का एकीकरि
34.2 तर्दे शी व्यापर बाजारोां को कैसे एकीकृि करिा है ?
i. व्यापार से माल एक बाजार से दू सरे बाजार में जािा है। यह उत्पादन के
तलए घरे लू बाजारोां से आगे पहुांचने का अर्सर पैदा करिा है।
ii. बाजारोां में माल की पसांद बढ़ जािी है।
7
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iii. तकसी भी अन्य प्रासांतगक तबांदु (2)
34.3 स्रोत -C िैश्वीकरि के मलए संघषच
न्यायसांगि र्ैश्वीकरण के सांघषव में लोग कैसे महत्वपूणव भूतमका तनभािे हैं ?
i. लोगोां के सांगठन द्वारा व्यापक अतभयान और प्रतितनतित्व ने तर्श्व व्यापार
सांगठन में व्यापार और तनर्ेश से सांबांतिि महत्वपूणव तनणवय को प्रभातर्ि
तकया है।
ii. लोग सामातजक न्याय की मााँ ग कर सकिे हैं।
iii. तकसी भी अन्य प्रासांतगक तबांदु (2)
30. Pg- 5
भारतीय रे ल िाल के मितरि प्रमतरूप को प्रभामित करने िाले कारक: 84,85
i. उत्तरी मैदान: समिल भूतम, उच्च जनसांख्या घनत्व और समृद्ध कृतष के
कारण तर्लोपन
ii. प्रायद्वीपीय क्षेत्र और तहमालयी क्षेत्र; यह एक पहाड़ी इलाका है। रे लर्े टर ै क
कम पहातड़योां, खाई या सुरांगोां के माध्यम से तबछाया जािा है।
iii. राजस्थान के रे तगस्तान: पतिमी राजस्थान के रे िीले मैदान के कारण रे लर्े
लाइन तबछाना बहुि मुखिल है
iv. गुजराि के दलदलोां, मध्य प्रदे श, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और झारखांड के
र्नाच्छातदि इलाकोां में तर्कास नहीां
v. सह्याति के सतन्नतहि खखांचार् को केर्ल अांिराल या दरे से पार तकया जा
सकिा है।
vi. हालाांतक पतिम िट के साथ कोांकण रे लर्े को तर्कतसि तकया गया है ,
लेतकन इसमें कुछ तहस्ोां और भूस्खलन में कई प्रकार की समस्याओां का
भी सामना करना पड़ा है।
vii. रे लर्े, भारि में माल ढु लाई और यातत्रयोां के तलए पररर्हन के सािन का
तसद्धाांि होने के नािे व्यापार, पयवटन स्थलोां का भ्रमण, िीथवयात्रा आतद जैसी
तर्तर्ि गतितर्तियोां का सांचालन करना सांभर् बनािा है।
viii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकसी भी पााँच तबांदु को समझाया जाए।
अथिा
सड़क पररिहन की बढ़ता महत्व:
i. सड़कोां की तनमावण लागि रे लर्े लाइनोां की िुलना में बहुि कम है।
ii. सड़कें िुलनात्मक रूप से अतिक तर्च्छे तदि और उदीयमान स्थलाकृति
को पार कर सकिी हैं।
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iii. सड़कें ढलान के उच्च ग्रेडर के रूप में बािचीि कर सकिी हैं और इस
िरह से तहमालय जैसे पहाड़ोां को पार कर सकिी हैं।
iv. सड़क पररर्हन कुछ व्यखक्तयोां के पररर्हन में तकफायिी है और कम दू री
पर अपेक्षाकृि कम माल है।
v. यह घर घर सेर्ा भी प्रदान करिी है , इस प्रकार उिारने और और चढ़ाने
की लागि बहुि कम है ।
vi. सड़क पररर्हन को पररर्हन के अन्य सािनोां के तलए फीडर के रूप में भी
उपयोग तकया जािा है जैसे तक र्े रे लर्े स्टे शन, हर्ाई और समुिी बांदरगाहोां Pg-82
5
के बीच एक तलांक प्रदान करिे हैं।
vii। कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां पााँच तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
31. रािनीमतक दलों की भूममका: Pg-74 5
i. पातटव याां चुनार् लड़िी हैं। DP
ii. पातटव याां जनिा की राय जुटािी हैं।
iii. पातटव योां ने नीतियोां और कायवक्रमोां को आगे बढ़ाया।
iv. पातटव याां तनणवय लेने में भाग लेिी हैं ।
v. पातटव याां सरकार बनािी हैं और चलिी हैं ।
vi. पातटव याां सरकारी मशीनरी और कल्याणकारी योजनाओां को लोगोां
िक पहुांचिी है
vii. राजतनतिक दल सरकार की सत्तार्ादी नीतियोां पर नज़र रखिी है
viii.तर्पक्ष की भूतमका तनभािी है
ix. अन्य प्रासांतगक तबांदु।
कोई पााँच समझाया जाए।
32. मद्वतीय मिश्व युद्ध में ब्रेटन िुड्स संस्थानो की भूममका: Pg- 5
99,10
i. इसने पतिमी औद्योतगक राष्ट्र के तलए व्यापार की अभूिपूर्व र्ृखद्ध 0
और आय के युग का उद् घाटन तकया H
ii. तर्श्व व्यापार में र्ृखद्ध हुई
iii. पतिमी दे शोां में लोगोां की आय बढ़ी।
iv. तर्कास केतलए सिि प्रयास
v. बेरोजगारी की दर कम हुई
vi. प्रौद्योतगकी और उद्यम का तर्श्वव्यापी प्रसार था।
vii. तर्कासशील दे श उन्नि औद्योतगक दे शोां को पकड़ने की जल्दी में
थे।
viii. बड़ी मात्रा में पूांजी, औद्योतगक सांयांत्र और आिुतनक िकनीक र्ाले
उपकरण तर्कतसि तकए गए थे।
ix. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकसी भी पााँच तबांदु को समझाया जाए।
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अथिा
तररके मिनके द्वारा मब्रमटश मनमाचताओं ने भारतीय बािार पर कब्ज़ा मकया :
i. तब्रतटश सरकार ने भारिीय सूिी र्स्त्ोां पर आयाि शुल्क लगाने के तलए 5
Pg-
सरकार पर दबार् डाला।
100-
ii. ईस्ट इां तडया कांपनी को भारिीयोां के बाजार में तब्रतटश तनमाविाओां को बेचने
101
के तलए राजी तकया।
H
iii. तर्ज्ञापनोां के माध्यम से; उत्पाद में रुतच पैदा करना।
iv. लेबल के माध्यम से, जब मैनचेस्टर के उद्योगपतियोां ने भारि में कपड़ा
बेचना शुरू तकया, िो उन्ोांने कपड़े पर लेबल लगाए।
v. भारिीय दे र्िाओां और दे र्िाओां की छतर्यााँ
vi. यह ऐसा था जैसे तक दे र्िाओां के साथ सांघ को बेचे जाने र्ाले सामान को
तदव्य स्वीकृति दी गई थी।
vii. कैलेंडर: अपने उत्पादोां को लोकतप्रय बनाने के तलए मुतिि कैलेंडर बनािी
है।
viii। कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां पााँच तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
33. अलग-अलग लोगों के पास अलग-अलग मिकास के सामान हैं : Pg-6 5
i. कुछ आय र्ाहते हैं। E
ii. कुछ तर्कास पररयोजनाओां चाहिे हैं।
iii. कुछ सुरक्षा और गररमा चाहिे हैं।
iv. कुछ समानिा चाहिे हैं।
v. कुछ रोजगार सुरक्षा चाहिे हैं।
vi. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां पााँच तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
34. Pg- 5
लोकतंत्र लोगों की गररमा और स्वतंत्रता को बढ़ािा दे ता है : 97,98
DP
i. लोकिांत्र लोगोां की गररमा और स्विांत्रिा को बढ़ार्ा दे ने में सरकार के
तकसी अन्य रूप से बहुि बेहिर है।
ii. यह नागररकोां के बीच समानिा को बढ़ार्ा दे िा है और इसतलए नागररकोां
के बीच एक दू सरे के तलए सम्मान बढ़ािा है।
iii. सम्मान और स्विांत्रिा को लोकिांत्र के आिार के रूप में मान्यिा दी गई है।
iv. मतहलाओां को स्विांत्रिा और समानिा
v. समान खस्थति और समान अर्सर के तलए र्ांतचि और भेदभार् र्ाली
जातियोां के दार्ोां को मजबूि तकया।
vi. अल्पसांख्यक समन्वय
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vii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां पााँच तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
अथर्ा
लोकतंत्र अपने स्वयं के पररिामों का उत्पादन करने के मलए सबसे उपयुक्त
5
है: Pg-
i. नागररकोां में समानिा और सह-अखस्तत्व को बढ़ार्ा दे िा है। 90,98
ii. व्यखक्त की गररमा और स्विांत्रिा को बढ़ािा है।
iii. कई आतथवक, राजनीतिक और सामातजक समस्याओां के बार्जूद तनणवय
लेने की गुणर्त्ता में सुिार करिा है।
iv. सांघषों को हल करने के तलए एक तर्ति प्रदान करिा है। गलतियोां को
सुिारने के तलए कमरे की अनुमति दें ।
v. चचाव , बािचीि में तर्श्वास करिा है और पारदतशविा के माध्यम से जर्ाबदे ही
तदखािा है।
vi. बेहिर िरीके से सामातजक तर्तर्ििाओां को समातहि करिा है ।
vii. कोई अन्य प्रासांतगक तबांदु।
तकन्ीां पााँच तबांदुओां की व्याख्या की जाए।
35. 35A और 35 B- कृपया सलंग्न मानमर्त्र दे खे 2+4=6
केिल दृमष्ट्हीनों परीक्षामथचयो के मलए प्रश्न संख्या ३५ के स्थान पर है
1X6=6
35.1 तबहार
35.2 उत्तर प्रदे श
35.3 मिास (चेन्नई)
35.4 पतिम बांगाल
35.5 महाराष्ट्र
35.6 गुजराि
35.7 ओतडशा
35.8 राजा साांसी अांिरावष्ट्रीय हर्ाई अड्डा, अमृिसर
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