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SAMPLE PAPER
Practice Question Paper | Model Paper |
Sample Question Paper
2024-2025
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अ यास न प
क ा - X
वषय - ह द ‘अ’
अ धकतम अंक - 80 अव ध 3 घंटे
न सं. . x अं
सामा य नदश :-
1. न प दो खंड , खंड ‘अ’ और ‘ब’ म वभ त है I
2. खंड ‘अ’ म 49 व तुपरक न पूछे गए ह, िजनमे से केवल 40 न के ह उ र दे ने हI
3. खंड ‘ब’ म वणना मक न पछ
ू े गए ह I न म उ चत आंत रक वक प दए गए हI
4. दोन खंड के न के उ र दे ना अ नवाय है I
5. यथा संभव येक खंड के न के उ र मशः द िजएI
खंड – क
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(अप ठत-अंश)
न सं 1. न न ल खत ग यांश को यानपव
ू क प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए - 5x1= 5
मौसम म बदलाव व भीषण बीमा रय के फैलने से चं तत होकर वै ा नक ने खोज क तो
उ ह ने दष
ू ण को इसका एकमा कारण पायाI यह सम या व व- यापी हैI कल-कारखान ,
बढ़ते वाहन क सं या, पेड़-पौध क अंधाधध
ुं कटाई और वकास के नाम पर कृ त से छे ड़-
छाड़ के कारण दष
ू ण क सम या वकराल हो गई हैI अंतरा य समद
ु ाय दष
ू ण को रोकने
के लए यासरत है, पर तु इसका अथ यह नह ं क सारे कल-कारखाने बंद कर दए जाएँ, या
सभी वाहन को रोक दया जाए और हम पन
ु : पाषाण काल म लौट जाएँ और व ान क
ग त को ताक पर रख दI सम या का हल वकास को रोकने म नह ं
बि क यिु तसंगत उपाय खोजने म है I कृ त से तालमेल बनाकर धरा को हरा-भरा रख,
कृ त के भंडार का समु चत उपयोग कर और पयावरण का संर ण करI पयावरण हमारा
पालनकता और जीवनहार है I पेड़-पौधे और पश-ु प ी हमारे सहायक हI पाक, बाग-बगीचे शहर
दय व प हI दष
ू ण रोकने म सभी लोग के सहयोग क आव यकता है I गंदगी न फैलाएँ,
जहाँ गंदगी हो वहाँ साफ-सफ़ाई कर, अ धका धक व ृ लगाएँ और अन भ लोग को जाग क
करI हमारे सामू हक यास से ह यह सम या सल
ु झ सकती है I
I. वै ा नक क चंता के या कारण ह?
(क) मौसम म बदलाव व भीषण बीमा रय का फैलना *
(ख) कृ त से छे ड़-छाड़
(ग) बढ़ते वाहन क सं या
(घ) पेड़-पौध क अंधाधुंध कटाई
II दष
ू ण के बढ़ने का कारण आप या मानते ह?
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(क) कृ त से छे ड़-छाड़
(ख) बढ़ते वाहन क सं या
(ग) पेड़-पौध क अंधाधुंध कटाई
(घ) उपरो त सभी
III वै ा नक ने मौसम म बदलाव व भीषण बीमा रय के फैलने का या कारण पाया?
(क) बाढ़
(ख) दष
ू ण
(ग) भूकंप
(घ) ओला-विृ ट
IV अंतरा य समुदाय कसके लए यासरत है ?
(क) मौसम म बदलाव रोकने के लए
(ख) दष
ू ण को रोकने के लए
(ग) बीमा रय के फैलने से रोकने के लए
(घ) पेड़-पौध क अंधाधुंध कटाई
V सामू हक यास का या आशय है ?
(क) सभी नाग रक मलकर को शश कर
(ख) सभी जानवर मलकर को शश कर
(ग) सभी पेड़-पौधे मलकर को शश कर
(घ) सभी कल-कारखाने मलकर को शश कर
न सं 2. न न ल खत का यांश को यानपूवक प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए – 5x1= 5
ु से कहो न यार,
कर नह ं सकते ह कभी मँह
य नह ं कर सकते उसे, सोचो यह एक बार
कर सकते ह दस
ू रे पाँच जने जो कार,
उसके करने म भला तम
ु हो य लाचार?
हो, मत हो, पर द िजए कभी न ह मत हार,
नह ं बने एक बार तो क जे सौ-सौ बार
‘कर नह ं सकते’ कह के अपना मँुह न फुलाओ
ऐसी हलक बात कभी जी पर मत लाओI
सु त न कमे पड़े रह आलस के मारे ,
वह लोग ऐसा कहते ह, समझो यारे ,
दे खो उनके ल छन जो ऐसा बकते ह,
फर कैसे कहते हो, कुछ नह ं कर सकते ह I
जो जल म नह ं घुसे तैरना उसको कैसे आवे?
जो गरने से हचके, उसको चलना कौन सखावे?
जल म उतर तैरना सीखो, दौड़ो, सीखो चाल
‘ न चय कर सकते ह’,कहकर सदा रहो खश
ु हालI
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I क व मँ ह
ु से या नह ं कहने क बात करते ह?
(क) कह नह ं सकते
(ख) दे ख नह ं सकते
(ग) कर नह ं सकते
(घ) सन
ु नह ं सकते
II ‘कर नह ं सकते’ ऐसी बात कौन करते ह?
(क) मेहनती
(ख) भा यवाद
(ग) नक मे
(घ) कमवाद
III क व या सोचने के लए कहते ह?
(क) या नह ं कर सकते
(ख) य नह ं कर सकते
(ग) कब नह ं कर सकते
(घ) कौन नह ं कर सकता
IV तैरना सीखने के लए या करना होगा?
(क) कपडे तैयार करने ह गे
(ख) नद या तालाब के पास जाना होगा
(ग) जल म उतरना होगा
(घ) सखाने वाला ढूँढना होगा
V या कहकर आप सदा खश
ु हाल रह सकते ह?
(क) न चय नह ं कर सकते ह
(ख) या कर सकते ह
(ग) नह ं कर सकते ह
(घ) न चय कर सकते ह
अथवा
ह ज म लेते जगह म एक ह
एक ह पौधा उ ह है पालता
रात म उनपर चमकता चाँद भी
एक ह सी चाँदनी है डालता I
मेह उन पर है बरसता एक सा
एक ह उनपर हवाएँ है बह
पर सदा ह यह दखाता है हम
ढं ग उनके एक से होते नह ं
छे द कर कांटा कसी क अंगु लयाँ
फाड़ दे ता है कसी का वर-वसन,
यार डूबी तत लय का पर क़तर
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भँवर का है भेद दे ता याम तन,
फूल लेकर तत लय को गोद म
भंवर को अपना अनठ
ू ा रस पला
नज सुगंध और नराले ढं ग से
है सदा दे ती कल का जी खला
है खटकता एक सबक आँख म
दस
ू रा है सोहता सुर शीश पर
कस तरह कुल क बड़ाई काम दे
जो कसी म हो बड़ पन क कसर I
I कसी क अंगु लयाँ कौन छे द दे ता है?
(क) फूल
(ख) कांटा
(ग) तत लयाँ
(घ) भ रे
II भँवरे का शर र कस रं ग का होता है ?
(क) सफ़ेद
(ख) पीला
(ग) काला
(घ) लाल
III तत लय को गोद म कौन लेती है ?
(क) भ रे
(ख) कांटा
(ग) प े
(घ) फूल
IV फूल भँवरे को या पलाता है ?
(क) पानी
(ख) रस
(ग) खश
ु बू
(घ) पराग
V फूल और कांटा’ कसके तीक ह?
(क) पाप और पु य
(ख) धूप और छाँव
(ग) स जन और दज
ु न
(घ) धम और अधम
यावहा रक याकरण 16
न सं 3. ु ार उ र ल खए - (कोई चार)
नदशानस 4x1= 4
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(i) वह बाजार गया और केले ले आया । रचना के आधार पर वा य भेद है -
(क) सरल वा य
(ख) संयु त वा य
(ग) म वा य
(घ) साधारण वा य
(ii) न न ल खत म म वा य है –
(क) प र मी यि त अव य सफल होता है ।
(ख) जो यि त वावलंबी होते ह, वे सदा सुखी होते ह।
(ग) मने खाना खाया और सो गया ।
(घ) कठोर होकर भी स दय बनो।
(iii) आपने क ठन प र म कया और उ ीण हो गए । इस वा य का म वा य होगा-
(क) आप इस लए उ ीण हो गए य क आपने क ठन प र म कया ।
(ख) क ठन प र म करने के कारण आप उ ीण हुए।
(ग) क ठन प र म करने वाला उ ीण होता है ।
(घ) आपके क ठन प र म ने आपको उ ीण करा दया ।
(iv) मने दे खा क एक साँप रगते हुए घास म छप गया। रे खां कत उपवा य का भेद है-
(क) सं ा आ त उपवा य
(ख) सवनाम आ त उपवा य
(ग) वशेषण आ त उपवा य
(घ) या वशेषण आ त उपवा य
(v) न न ल खत म संयु त वा य है -
(क) ब चे व यालय जा रहे ह।
(ख) श क ने कहा क कल छु ट रहे गी।
(ग) उसने समझाया था, मने नह ं समझा ।
(घ) ब चे मैदान म खेल रहे ह।
न सं 4. ु ार उ र ल खए (कोई चार) -
नदशानस 4x1= 4
(i) न न ल खत वा य का वा य ल खए -
मने प लखा ।
(क) कत ृ वा य
(ख) कम वा य
(ग) भाव वा य
(घ) करण वा य
(ii) उ ह ने सारे न हल कर दए उपयु त वा य को कमवा य म बद लए -
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(क) उ ह ने सारे न हल कर दए
(ख) सारे न उ ह ने हल कर दए
(ग) उनके वारा सारे न हल कर दए गए
(घ) उनके वारा न हल कर दया गया
(iii) म हँस नह ं सकता उपयु त वा य को भाववा य म बद लए -
(क) म हँस नह ं सकता
(ख) म हँसना नह ं जानता
(ग) मेरे वारा हँसा नह ं जाता
(घ) मुझे हँसना नह ं आता
(iv) न न ल खत वा य म से कत ृ वा य वाला वा य छॉ टए -
(क) सु मत ने क वता पढ़
(ख) सु मत के वारा क वता पढ़ गई
(ग) सु मत के वारा क वता पढ़ जाती है
(घ) क वता सु मत के वारा पढ़ गई
(v) न न ल खत म से भाववा य का उदाहरण है -
(क) आज घूमने चलते ह
(ख) आज घूमने चल ?
(ग) आज घूमने चला जाए
(घ) आओ, घूमने चलते ह
न सं 5. रे खां कत पद का पद-प रचय ल खए – (कोई चार) - 4x1= 4
(i) वे लोग कल शमला जा रहे ह रे खां कत पद का प रचय है -
(क) जा तवाचक सं ा, एकवचन पुि लंग, कता कारक
(ख) यि त वाचक सं ा, एकवचन पुि लंग, कता कारक
(ग) यि त वाचक सं ा, एकवचन, पुि लंग, कम कारक
(घ) यि त वाचक सं ा, एकवचन पुि लंग, करण कारक
(ii) रमा कलम से केच बनाती है रे खां कत पद का प रचय है
(क) जा तवाचक सं ा, एकवचन पु लंग, कम कारक
(ख) जा तवाचक सं ा, एकवचन पु लंग, कता कारक
(ग) जा तवाचक सं ा, एकवचन पु लंग, करण कारक
(घ) यि त वाचक सं ा, एकवचन पु लंग, कता कारक
(iii) वे लोग आ गए रे खां कत पद का प रचय है -
(क) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, थम पु ष, कता कारक
(ख) सं ा, यि तवाचक, बहुवचन, कता कारक
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(ग) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, म यम पु ष, कता कारक
(घ) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, अ य पु ष कता कारक
(iv) गंगा व व क सबसे प व नद मानी जाती है रे खां कत पद का प रचय है -
(क) जा तवाचक सं ा, पुि लंग, एकवचन, कता कारक
(ख) यि तवाचक सं ा, पुि लंग, एकवचन, कता कारक
(ग) यि तवाचक सं ा, ी लंग, एकवचन, कता कारक
(घ) यि तवाचक सं ा, पिु लंग, बहुवचन, कता कारक
(v) शाबाश ! तुमने बहुत अ छा खेला रे खां कत पद का प रचय है -
(क) सवनाम, पु षवाचक, एकवचन, म यम पु ष, कता कारक
(ख) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, म यम पु ष, कता कारक
(ग) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, उ म पु ष, कता कारक
(घ) सवनाम, पु षवाचक, बहुवचन, अ य पु ष, कता कारक
न सं 6. ु ार उ र ल खए -– (कोई चार) -
नदशानस 4x1= 4
(i) सुबरन को ढूँढत फरत क व, य भचार , चोर - रे खां कत पद म अलंकार है –
(क) अनु ास अलंकार
(ख) यमक अलंकार
(ग) लेष अलंकार
(घ) उ े ा अलंकार
(ii) पाहुन य आए ह गाँव म शहर के - अलंकार क पहचान क िजए –
(क) उपमा अलंकार
(ख) उ े ा अलंकार
(ग) पक अलंकार
(घ) लेष अलंकार
(iii) कृ त मानो हँस रह है - अलंकार क पहचान क िजए –
(क) उपमा अलंकार
(ख) लेष अलंकार
(ग) उ े ा अलंकार
(घ) पक अलंकार
(iv) खल खला रह थी क लयाँ सार ,
ठहाके लगा रहा था प रवेश - अलंकार क पहचान क िजए –
(क) पक अलंकार
(ख) उ े ा अलंकार
(ग) मानवीकरण अलंकार
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(घ) अ तशयोि त अलंकार
(v) व सा दे ह था उसका,
टकराते ह टूटा पहाड़ - अलंकार क पहचान क िजए –
(क) पक अलंकार
(ख) अ तशयोि त अलंकार
(ग) मानवीकरण अलंकार
(घ) लेष अलंकार
पा य-पु तक तज भाग - 2 14
न सं 7. न न ल खत ग यांश को पढ़कर पूछे गए न के उ र सह वक प चुनकर ल खए- 1x5=5
“हालदार साहब को पानवाले वारा एक दे शभ त का इस तरह मजाक उड़ाया जाना अ छा नह ं
लगा। मुड़कर दे खा तो अवाक् रह गए। एक बेहद बढ़
ू ा म रयल-सा लंगड़ा आदमी सर पर गांधी
टोपी और आँख पर काला च मा लगाए एक हाथ म एक छोट -सी संदक
ु ची और दस
ू रे हाथ म
एक बाँस पर टँ गे बहुत-से च मे लए अभी-अभी एक गल से नकला था और अब एक दक
ु ान
के सहारे अपना बाँस टका रहा था। तो इस बेचारे क दक
ु ान भी नह ं! फेर लगता है! हालदार
साहब च कर म पड़ गए। पूछना चाहते थे, इसे कै टन य कहते ह? या यह इसका वा त वक
नाम है? ले कन पानवाले ने साफ बता दया था क अब वह इस बारे म और बात करने को
तैयार नह ।ं ाइवर भी बेचैन हो रहा था। काम भी था। हालदार साहब जीप म बैठकर चले गए।
फर एक बार ऐसा हुआ क मू त के चेहरे पर कोई भी, कैसा भी च मा नह ं था। उस दन पान
क दक
ु ान भी बंद थी। चौराहे क अ धकांश दक
ु ान बंद थीं। अगल बार भी मू त क आँख पर
च मा नह ं था। हालदार साहब ने पान खाया और धीरे से पानवाले से पूछा- य भाई, या बात
है ? आज तु हारे नेताजी क आँख पर च मा नह ं है?
(i) हालदार साहब क ि ट म कौन दे शभ त था?
(क) पानवाला
(ख) मा टर मोतीलाल
(ग) कै टन
(घ) चेयरमैन
(ii) एक बार क बे से गुजरते समय हालदार साहब को मू त म या अंतर दखाई दया?
(क) मू त टूट हुई थी
(ख) मू त पर च मा नह ं था
(ग) मू त गंद थी
(घ) कोई नह .
(iii) च मेवाले के त पानवाले के मन म कैसी भावना थी?
(क) घण
ृ ा
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(ख) उ साह
(ग) उपहास
(घ) म ता
(iv) कै टन के अंदर कस गण
ु क धानता दखी?
(क) दे शभि त
(ख) वाथ
(ग) ेम
(घ) यापार
(v) ग यांश म नेताजी से आशय है -
(क) महा मा गांधी
(ख) सभ
ु ाष च बोस
(ग) जवाहर लाल नेह
(घ) भगत संह
न सं 8. न न ल खत न के उ र सह ु कर ल खए-
वक प चन 2x1=2
(i) बालगो बन भगत क आयु -
(क) पचास के कर ब थी
(ख) साठ के कर ब थी
(ग) स र के कर ब थी
(घ) अ सी के कर ब थी
(ii) बालगो बन भगत भाती गाना कब शु करते थे ?
(क) का तक मास म
(ख) अगहन मास म
(ग) पस
ू मास म
(घ) माघ मास म
न सं 9. न न ल खत प यांश को पढ़कर पूछे गए न के उ र सह वक प चन
ु कर ल खए - 1x5=5
‘ बह स लखनु बोले मद
ृ ु बानी। अहो मु नसु महाभट मानी।।
पु न पु न मो ह दे खाव कुठा । चहत उड़ावन फँू क पहा ।।
इहाँ कु हड़ब तया कोउ नाह ं । जे तरजनी दे ख म र जाह ं।।
दे ख कुठा सरासन बाना । म कछु कहा स हत अ भमाना।।
भग
ृ ुसुत सम झ जनेऊ बलोक । जो कछु कहहु सह रस रोक ।
सुर म हसुर ह रजन अ गाई। हमरे कुल इ ह पर न सुराई ।।‘
(i) ल मण ने कैसे कहा ?
(क) रोते हुए
(ख) डरते हुए
(ग) हँसते हुए
(घ) सहमे हुए
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(ii) बोलते समय ल मण क आवाज म -
(क) कठोरता थी
(ख) मठास थी
(ग) क पन थी
(घ) ती ता थी
(iii) का यांश म ‘भग
ृ ुसुत’ श द कसके लए आया है ?
(क) राम के लए
(ख) ल मण के लए
(ग) परशुराम के लए
(घ) व वा म के लए
(iv) यह वातालाप कनके- कनके बीच हो रहा है?
(क) राम और ल मण के बीच
(ख) राम और परशुराम के बीच
(ग) ल मण और परशुराम के बीच
(घ) ल मण और व वा म के बीच
(v) ल मण ने अपने ोध रोकने का या कारण बताया है ?
(क) ऋ ष का बज
ु ग
ु होना
(ख) ऋ ष का कमजोर होना
(ग) भग
ृ ु वंशीय ा हण होना
(घ) ऋ ष का शि तशाल होना
न सं 10 न न ल खत न के उ र सह वक प चन
ु कर ल खए- 2x1=2
(i) “ह र ह राजनी त प ढ़ आए” कसने कहा है ?
(क) उ धव जी ने
(ख) गो पय ने
(ग) ी कृ ण ने
(घ) मधक
ु र ने
(ii) राम ल मण- परशुराम संवाद पाठ म ‘नप
ृ बालक’ श द कसके लए यु त हुआ है?
(क) राम के लए
(ख) परशुराम के लए
(ग) ल मण के लए
(घ) व वा म के लए
खंड ख (वणना मक न
पा य-पु तक तज भाग - 2 व पूरक पा य-पु तक कृ तका भाग – 2 20
न सं 11 दए गए न न ल खत न म से क ह ं तीन का उ र 25- 30 श द म ल खए- 3x2=6
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(I) सेनानी न होते हुए भी च मेवाले को लोग कै टन य कहते थे?
(ii) भगत ने अपने बेटे क मृ यु पर अपनी भावनाएँ कस तरह य त क ं?
(iii) भगत क पु वधू उ ह अकेले य नह ं छोड़ना चाहती थी?z
(iv) बना वचार,घटना और पा के भी या कहानी लखी जा सकती है| यशपाल के
इस वचार से आप कहाँ तक सहमत ह?
न सं 12 दए गए न न ल खत न म से क ह ं तीन का उ र 25- 30 श द म ल खए- 3x2=6
(i) उ धव के यवहार क तुलना कस- कस से क गई है?
(ii) गो पय वारा उ धव को भा यवान कहने म या यं य न हत है?
(iii) परशुराम के ोध करने पर ल मण ने धनुष के टूट जाने के लए कौन-कौन से तक दए?
(iv) क व आ मकथा लखने से य बचना चाहता है?
न सं 13 दए गए न न ल खत न म से क ह ं दो का उ र 50- 60 श द म ल खए-
(i) ‘साना-साना हाथ जोड़ी’ पाठ म व णत ाकृ तक स दय को अपने श द म ल खए 2x4=8
(ii) ‘माता का अँचल’ पाठ म ब च क जो द ु नया रची गई है वह आपके बचपन क
द ु नया से कस तरह भ न है? अपने श द म ल खए|
(iii) ‘माता का अँचल’ पाठ म आए ऐसे संग का वणन क िजए जो आपके दल को छू गए
ह|
रचना मक लेखन 20
न सं 14 ु ं के आधार पर कसी एक वषय पर लगभग 120 श द म अनु छे द
दए गए संकेत ब दओ 1x6=6
ल खए –
(क) दष
ू ण और इसका द ु भाव
तावना
दष
ू ण के कारण
उपाय
उपसंहार
(ख) मेरे व यालय का वा षको सव
तावना
आयोजन का व प
वा षको सव का मु य आकषण
उपसंहार
(ग) समाज नमाण म ना रय क भू मका
तावना
समाज म ना रय क बदलती भू मका
आज के समाज का व प
उपसंहार
न सं 15 दए गए न न ल खत म से कसी एक वषय पर लगभग 100 श द म प ल खए – 1x5=5
अपने े म हो रहे शोर-गल
ु से आपको पढाई म हो रह असु वधा का वणन करते हुए
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कसी समाचार प के संपादक को प ल खएI
अथवा
मोबाइल फोन के द ु पयोग न करने क सलाह दे ते हुए छोटे भाई को प ल खए I
न सं 16 कसी नजी व यालय म कायालय सहायक पद के आवेदन हेतु लगभग 80 श द म 1x5=5
वव ृ ल खएI
अथवा
ै फक जाम क सम या के सम या का सझ
ु ाव दे ते हुए ै फक पु लस के उपायु त को
लगभग 80 श द म एक ई-मेल ल खएI
न सं 17 अपने मुह ले म व छता अ भयान वषय पर लगभग 60 श द म एक व ापन तैयार 1x4=4
क िजएI
अथवा
‘ज म दन क शुभकामना दे ते हुए छोटे भाई को लगभग 60 श द म संदेश ल खएI
****************
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