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HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme

Download the HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme PDF for free at AglaSem. This is the official marking scheme released by the Board of School Education Haryana (BSEH) for its 2026-27 model question paper (exam 2027). Use it to check your answers and see how marks are awarded step by step.
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About HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme

HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme is available here for free download. Published by Haryana Board for Class 11, this answer key can be viewed online or downloaded as a PDF (6 pages). Candidates preparing for Class 11 can use HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme?

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Is HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme free to download?

Yes. HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme have?

HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme contains 6 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 11 study material?

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HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Hindi Elective Marking Scheme – Text

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Page 1

FOR HARYANA CLASS 11 PREPARATION

HBSE Class 11 Sample
Paper 2027 Hindi
Elective Marking
Scheme
EXAM YEAR TYPE SUBJECT

Haryana Class 11 2027 Answer Key Hindi

Notes · Sample Papers · Previous Year Papers · Mock Tests

Page 2

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s अ यंत गोपनीय के वल आंत रक एवं सी मत योगgहेतु
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अंक-योजना 2026-27
वषय हद (ऐ क)
क ा – यारहव
वषय कोड सं या -523

सामा य नदश :-

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1. परी ा थय के सही और उ चत आकलन के लए उ र पु तका का मू यांकन एक मह वपूण
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या

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है। मू यांकन म एक छोट -सी ु ट भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है, जो परी ा थय के भ व य,
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श ा णाली और अ यापन- व ा को भी भा वत कर सकती है। इससे बचने के लए अनुरोध कया
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जाता है क मू यांकन ारंभ करने से पूव ही आप मू यांकन नदश को पढ़ और समझ ल।
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2. यो यता आधा रत का मू यांकन करते समय कृ पया दए गए उतर को समझे, भले ही उ र मा कग
क म म न हो, छा को उनक यो यता के आधार पर अंक दए जाने चा हए।
3. अंक योजना म उ र के लए के वल सुझाए गए मान ब होते ह। ये के वल दशा- नदश क कृ त के ह
और पूण नह ह। य द परी ा थय क अ भ सही है तो उसके अनुसार नयत अंक दए जाने चा हए।
4. परी क सही उ र पर सही का च () लगाएँ और गलत उतर पर गलत का () मू यांकनकता ारा ये
च न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है, परंतु उस पर अंक नह दए गए।
5. य द कसी के उपभाग हो तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दायी ओर अंक दए जाएँ। बाद म
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इन उपभाग के अंक का योग बायाँ और के हा शये म लखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए।

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6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हा शये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया
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जाए।

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7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो ान पर लख दया है और कसी को काटा नह है तो जस
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उ र पर अ धक अंक ा त हो रहे हो, उस पर अंक द और सरे को काट द। य द परी ाथ ने अ त र
/ का उ र दे दया है तो जन उ र पर अ धक अंक ा त हो रहे हो, उ ह ही वीकार करे, उ ह
पर अंक है।
8. एक ही कार क अशु बार-बार हो तो उसे अनदे खा कर और उस पर हर बार अंक न काटे जाएँ।
9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म पूण अंक पैमाना 0-80 (उदाहरण 0-80 अंक जैसा क म
दया गया है) का योग अभी है, अथात परी ाथ ने य द सभी अपे त उ र- ब का उ लेख कया
है तो उसे पूरे अंक दे ने म संकोच न कर।
10. ये सु न त कर क उ र पु तका के अंदर दए गए अंक का आवरण के अंक के साथ मलान हो।
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11. आवरण पृ पर दो तंभ के अंक का योग जाँच ल ।
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12. उ र पु तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) नशान
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लगाएँ और शू य (0) अंक द।

gla 13. उ र पु तका म कसी का बना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना,
a मू यांकन स म त के सभी लोग क छ व को और बोड क त ा को धू मल करता है। परी क सु न त
कर क सभी उ र का मू यांकन आ है। आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशु नह रह गई है तथा
कु ल योग को श द और अंक म लखा गया है।

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अंकन-योजना
वषय हद (ऐ क) आदश - प 2026-27
वषय कोड सं या -523

क ा : यारहव अ धकतम अंक 80

सामा य नदश :-

1. अंक योजना का उ े य मू यांकन को अ धका धक व तु न बनाना है।
2. वणना मक के अंक योजना म दए गए उ र ब अं तम नह है ब क ये सुझावा मक एवम्
सांके तक ह।
3. य द परी ाथ इन सांके तक ब से भ , क तु उपयु उ र है, तो उ ह अंक दए जाएँ।
4. मू यांकन काय नजी ा या के अनुसार नह ब क अंक योजना म दए गए नदशानुसार ही कया
जाए।

उपभाग उ र संकेत/ मु य ब नधा रत अंक
सं या वभाजन
1 1x5=5
i (घ) उपयु सभी 1
ii (क) कथन (A) और कारण (R) दोन सही ह। 1
iii (ग) वशु ावसा यक कला 1
iv
(घ) लोक यता बनने के लए व ापन का सहारा लेना चा हए। 1
(घ) क और ख दोन 1
v
2 1x5=5

i (क) कथन और कारण दोन सही ह 1
ii (घ) य क मनु य मृ यु के बाद फर नया प लेकर काय करने लगता 1
है।

(ख) व ाम- ल 1
iii

(क) नया 1
iv
( ग ) स रता से 1
v

3 1x 5=5
i (ख) चमटा 1
(क) बेरोजगारी 1
ii
1
iii (ग) सूरजछाप
iv 1
( घ) जीवन म कभी हार न मानना

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s v (क) नई ववाह व ध क रचना क
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1

4 3+3+2+2=10
i हा मद ने चमटे क उपयो गता को स करने के लए न न ल खत तक 3
दए-
(क) खलौने ज द न हो जाते ह मगर चमटे का कु छ नह बगड़ेगा। यह
चलता रहेगा।
(ख) दाद चमटा दे खकर उसको लाख आएँ दे ग । उसे नेह से गले से
लगा लेग और लोग के पास उसक तारीफ करेग ।

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(ग) गम , सद , बा रश इ या द म इसका कु छ नह बगड़ेगा।

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(घ) चमटे का योग कई प म हो सकता है।

c. o गूगँ े को देखकर चमेली ने पहली बार यह अनुभव कया क अगर मनु य s e m
e m के गले के अंदर काकल ज़रा-सी भी ठ क न हो तो मनु य का अ त व ही 3 a
ii

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नह रह जाता है | उसके लए यह ब त बड़ा ःख के समान होता है | वह
कतना भी यास कर ले, अपनी भावना को सरे से साझा नह कर
सकता है।

iii रामचं ने जब स े री से मोहन के बारे म पूछा तो स े री को पता 2
नह था क मोहन कहाँ है। फर भी वह रामचं से मोहन के बारे म झूठ
बोलते ए कहती है क मोहन कसी लड़के के घर पढ़ने गया है, आता ही
होगा। उसने रामचं को यह भी कहा क उसका दमाग ब त तेज़ है और
उसका मन सदा पढ़ाई म लगा रहता है। वह हमेशा अपनी पढ़ाई क ही
बात करता रहता है।

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iv.
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चाचा ने लाल का प सल से पु तक के पहले प े पर लखा नाम इस लए

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मटा डालना चाहा क कह पु लसवाले तलाशी लेने आएँ तो उ ह यह 2

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कताब न मल जाए। इसपर लखे लाल के नाम से उसका संबंध भी लाल

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तथा अ य ां तका रय के साथ जोड़कर उसे भी टश सरकार का

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वरोधी जानकर दं ड मल सकता है।

5 1x5=5
i ( क) खानाबदोश 1
ii (क) महेश के साथ 1
iii (ख ) कसनी के खराब चालचलन के कारण 1
iv (ख ) कसनी के साबुन से नहाने से 1
v (घ) अपनी प नी को 1

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6 1x5=5

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i. (घ) नगुण का धारा 1

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(ग)उपयु दोन उ र सही ह

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1
iii. (क) पृ वी , वायु , जल , अ न , आकाश

ag 1
iv. (ग) प व
(ख) अंधा और ानहीन 1
v.
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संग 1
ा या 3
का -सौ दय 1

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8 3+3+2+2=10

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i. खेल म तो हार-जीत होती रहती है। हर खलाड़ी कभी न कभी अव य 3
हारता है। हारकर य द वह ठ जाए; मुँह फु लाकर बैठ जाए और सर
को खेलने क बारी न दे तो खेल आगे कस कार चल सकती है। इस लए
खेल म ठने वाले के साथ उसके सभी साथी खेलना नह चाहते ह।
प नी क आँख से क व को ह मत मलती है, प नी क आँख उन दो
हाथ के समान ह जो येक परेशानी म मेरा सहारा बनी ई ह और उसे
बखरने-टू टने से बचाती ह।

ii. मगध के मा यम से ‘ह त ेप’ क वता म ऐसे तं क ओर इशारा कर रही 3
है जहाँ कसी को कसी भी कार का वरोध करने या अपनी बात कहने
का अ धकार नह है। वरोध करने वाल को यहाँ राज ोही माना जाता है।

iii. कव य ी ने ‘आँसू’ के लए ‘उजले’ वशेषण का योग इस लए कया है 2
य क वे मन क स य भावना के तीक ह। अ य धक ख होने पर
अथवा ब त अ धक सुख मलने पर ये वयं ही मनु य क आँख से
छलछला आते ह ।
iv. क व ने हमालय पवत पर बादल को दे खा। उसे अचानक यान आया क 2
का लदास ने 'मेघ त' का क रचना क थी. जसम मेघ का भावशाली
वणन है। वह मेघ जसके मा यम से वरह- थत य ने अपनी े मका
के पास संदेश भेजा था, उसे कह नह दखाई दया। उसका अनुमान था
क शायद वह कह बरस गया होगा। फर उसने माना क यह के वल क व
का लदास क क पना थी।

9 2+2+3=7
i. चार- सार के पुराने तरीक और वतमान तरीक म काफ अंतर आया 2
है। पहले के दौर म कसी व तु का चार- सार के लए लोग घर-घर
जाकर अपनी व तु का व ापन कया करते थे | ढोल-नगाड़े आ द
बजाकर उसके वषय म घोषणा कया करते थे | कई बार नु कड़ नाटक
आ द के मा यम से भी व तु का व ापन जोर-शोर से कया जाता था |
पर तु, अब के दौर म कसी व तु का सार- चार का ज मा अख़बार,
टे ली वज़न, इंटरनेट, मैगजीन, रे डयो, मोबाइल आ द ने ले लया है।

ii. उनक गहरी भारतीयता, रंग का योग, मानवीय संवेदना का दशन, 2
भारतीय सं कृ त, इ तहास और लोक-सं कृ त ।

iii. शरद के नाना ब त स त थे। उनका मानना था क ब काय बस पढ़ना
होना चा हए। अतः उ ह ने ब को ब त-सी बात करने से साफ़ मना 3
कया आ था। उसम तालाब म नहाना, पशु तथा प य को पालना,
बाहर जाकर खेलना, उपवन लगाना, घूमना, पतंग, ल टू, ग ली-डंडा
तथा गोली इ या द खेल खेलना तक न ष था। जो उनक बात नह
मानता था, उसे ब त कठोर दं ड दया जाता था। शरत् वभाव से
वतं तापूवक जीने का इ ु क था। नाना क स ती और रोक उसे बंधन
लगती थी। वह एक व ोही के समान सब बंधन को तोड़ता था। इसके
लए ह मत क आव यकता होती है और जो उसम ब त थी।
10 1x5=5
i. जन संचार का अथ है एक बड़े समूह या जनसमूह के साथ संवाद करना। 1

ii. अनेक य क अ भ च जस सम यक बात म हो, वह समाचार है । 1

iii. लैश फारवड तकनीक म आप भ व य म होने वाली कसी घटना को 1
पहले ही दखा सकते ह।

iv. सरकारी प का ही एक उपभेद है इसका योग भी सरकार के कामकाज 1

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s em a यक काम क
म होता है । यह कभी-कभी भेजे जाते ह। जब कसी lआव
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a हो, सरकार के
ओर संबं धत अ धकारी का यान तुरंत आकृ कराना
कसी आदे श का प रपालन शी ता से कराना हो, कसी वभाग से कोई
जानकारी अ भलंब लेना हो तब अध सरकारी प भेजे जाते ह।

v. जब कसी बैठक म कसी वषय के संदभ म तैयार कायसूची के ब 1
पर कया जाने वाला वचार- वमश और लया गये नणय क या को
‘कायवृ ’ कहा जाता है।

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11 2+3=5

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i. सूचना सं ह एवं सार, सूचना व षे ण, श ण,सामा जक मू य एवं 2

c. o व ानकोश उस पु तक या रचना को कहते ह जसम व भर क m
ान का सं ेषण तथा लोग का मनोरंजन ।

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ii.
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व भ े णय क ानवधक बात का समावेश होता है। इसे व के

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सम त ान का भंडार कहा जाता है, य क इसम ान क सभी शाखा
का स वेश रहता है।

12 5x1=5
नाटक और फ़ म क पटकथा म न न ल खत अंतर होते ह-
य क लंबाई है, नाटक के य अ धकतर काफ लंबे होते ह और
फ म म य छोटे -छोटे होते ह।
नाटक म आमतौर पर य के लए सी मत घटना ल होते ह, जब क
फ़ म म इसक कोई सीमा नह होती, हर य कसी नए ान पर घ टत

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हो सकता है।

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नाटक एक सजीव कला मा यम है, जहाँ अ भनेता अपने ही जैसे जीते-

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जागते दशक के सामने, अपनी कला को तुत करते ह। जब क सनेमा

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या टे ली वज़न म सबकु छ पहले से ही रकॉडड छ वयाँ एवं व नयाँ होती
ह।
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नाटक के जतने भी य होते ह वे सभी एक ही मंच पर और एक न त
समय समा के अंदर घ टत होते है। जब क इसके वपरीत फ़ म या
टे ली वज़न क शू टग अलग-अलग सेट या अलग-अलग जगह पर दो
दन से लेकर दो साल तक भी क जा सकती है।
नाटक म य क संरचना और उसम काम कर रहे पा क सं या आ द
को सी मत रखना पड़ता है, ले कन सनेमा या टे ली वज़न म ऐसा कु छ नह
होता, इनम पा क सं या कतनी भी हो सकती है और य भी
अन गनत हो सकते ह।
नाटक ‘ली नयर’ होता है, अथात नाटक का मंचन एक-रेखीय होता है, जो

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एक ही दशा म आगे बढ़ता है। जब क सनेमा या टे ली वज़न म फ़लैशबैक

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या फ़लैश फॉरवड तकनीक का इ तेमाल करके आप घटना म को कसी

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भी प म या कसी भी दशा म तुत कर सकते ह।

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अथवा

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ववृ म अपना पूरा प रचय, पता, स क सू - (टे लीफोन, मोबाइल, ई-

la ag
मेल आ द), शै णक व ावसा यक यो यता के सल सलेवार ववरण

ag के साथ-साथ अ य संबं धत यो यता , वशेष उपल य , काय र
ग त व धय व अ भ चय का उ लेख।
13 2x 4=8
i. वह कसी भी प र त म डरने या घबराने से नह डरता है। उसे स ाई, 2
याय और स ांत से डर नह लगता। वह अपनी ज मेदारी को समझने
और स ाई को बना कसी डर के वीकार करने म स म होता है।

ii. "अ हसा परमो धम:" का अथ है क अ हसा ही सबसे बड़ा धम है। कसी 2
भी जी वत ाणी को नुकसान नह प ँचाना, कसी को चोट न प ँचाना,

m .
कसी को ःख न दे ना और कसी पर भी ू रता नह करना।

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iii. यह भावना मक और मान सक वा य को बढ़ावा, संबंध को मजबूत 2
करती है, और सकारा मकता और आ म-स मान को बढ़ाती है,नकारा मक
भावना से मु होने म मदद करती है, सहानुभू त और क णा से
वहार करने के लए े रत करती है।

iv. मे रया नामक जहाज म बंद होने पर वे समु म कू द पडे़ और तैरकर ांस 2
के तट पर जा प ँच।े

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Document Details

Board / OrgHaryana Board
ExamClass 11
TypeAnswer Key
Pages6
Languagehindi
Updated03 Nov 2026