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CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2

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About CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2

CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 is available here for free download. Published by CBSE for Class 12, this marking scheme can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 12 can use CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2?

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Is CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 free to download?

Yes. CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 have?

CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 contains 5 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 12 study material?

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CBSE Class 12 Marking Scheme 2022 for Hindi Core Term 2 – Text

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Page 1

ितदश प 2021-22

िवषय - िहं दी (आधार)

(िवषय कोड - 302)

क ा – बारहवी ं

अंक योजना

िनधा रत समय : 90
2 घंिमनट
टे अिधकतम अंक : 40 अंक

सामा िनदश :-

 अं क योजना का उ े मू ां कन को अिधकािधक व ुिन बनाना है|
 वणना क ों के अंक योजना म िदए गए उ र-िबंदु अं ितम नही ं ह| ये सुझावा क एवं सां केितक ह|
 यिद परी ाथ इन सां केितक िबंदुओं से िभ , िकंतु उपयु उ र दे तो उसे अंक िदए जाएँ |
 मू ां कन काय िनजी ा ा के अनुसार नही,ं ब अं क-योजना म िनिद िनदशानुसार ही िकया
जाए|

सं ा कायालयी िहंदी और रचना क लेखन अं क
(20)

1. िकसी एक िवषय पर लगभग 150 श ों म रचना क लेख िल खए:- 5x1=5

भूिमका - 1 अं क
िवषयव ु - 3 अंक
भाषा - 1 अंक

2. 2 म से िकसी 1 िवषय पर प (लगभग 80-100 श -सीमा) 5x1=5

आरं भ और अं त की औपचा रकताएँ - 1 अंक

Page 2

िवषयव ु - 3 अंक

भाषा - 1 अंक
3. (i) कहानी ग सािह की वह सबसे अिधक रोचक एवं लोकि य िवधा है , जो जीवन 3x1=3
के िकसी िवशे ष प का मािमक, भावना क और कला क वणन करती है।
“िह ी ग की वह िवधा है िजसमे ले खक िकसी घटना, पा अथवा सम ा का
मब ौरा दे ता है , िजसे पढ़कर एक सम त भाव उ होता है,
उसे कहानी कहते ह”।
o कथाव ु
o च र -िच ण
o कथोपकथन
o दे शकाल
o भाषा-शैली
o उ े
अिभनय िकसी अिभने ता या अिभने ी के ारा िकया जाने वाला वह काय है
िजसके ारा वे िकसी कथा को दशाते ह, साधारणतया िकसी पा के मा म से।
अिभनय का उ े होता है िकसी पद या श के भाव को मु अथ तक प ँचा
दे ना; अथात् दशकों या सामािजकों के दय म भाव या अथ से अिभभूत करना"।
संवाद – नाटक म नाटकार के पास अपनी और से कहने का अवकाश नहीं
रहता। वह संवादों ारा ही व ु का उद् घाटन तथा पा ों के च र का िवकास
करता है । अतः इसके संवाद सरल , सुबोध , भािवक तथा पा अनुकूल होने
चािहए।

3. (ii) मा म म मनु की एका ता सीिमत होती है । 2x1=2
चरम उ ष या ाइमे कहानी का अंितम त होता है । इसम कहानी के
उ े की अिभ होती है । कहानी का उ े मनोरं जन के साथ साथ जीवन-
संबंधी अनु भूितयों से मानव-मन का िनकट प रचय कराना है ।

4. (i) o उ ा िपरािमड शैली 3x1=3
o इं टो , बॉडी और समापन

Page 3

फीचर ले खन िकसी कहानी , उप ास की तरह ही कुछ िबंदुओं पर आधा रत होता
है – आरं भ, म , चरम, समापन, भाषा – शैली, ने ता तथा िन ष। फीचर ले खन का
आरं भ िकसी घटना, या ा आिद पर आधा रत होता है। आरं भ म पाठक को कुछ
ऐसी घटना का िज करना चािहए िजससे पूरा ले ख पढ़ने की उ ुकता पाठक के
मन म बरकरार रहे ।

4. (ii) समाचार और फीचर म मु ख अं तर ुतीकरण की शैली और िवषयव ु की 2x1=2
मा ा का होता है। जहाँ उ ा िपरािमड शै ली म िलखा गया समाचार िकसी िवषय
अथवा घटना को संि प म ुत करता है , वही ं फीचर उस समाचार को
िव ार से ु त करता है ।
चार ककार ( ा, कब, कौन, कहाँ ) सूचना क व अ म दो ककार ( ों, कैसे)
िववरणा क होते ह।

सं ा पा पु
क आरोह भाग - 2 तथा अनुपूरक पा पु क िवतान भाग अं क
-2 (20)
5. िन िल खत 03 ों म से िक ी ं 02 ों के उ र दीिजए। 3x2=6
(i) राख से लीपा आ चौका 3
ब त काली िसल
ेट पर या लाल खिड़या चाक मलना
िकसी की गौर िझलिमल दे ह का िहलना

(ii) ‘किवतावली’ म उद् धृत छं दों के अ यन से पता चलता है िक तुलसीदास को अपने 3
युग की आिथक िवषमता की अ ी समझ है। उ ोंने समकालीन समाज का
यथाथपरक िच ण िकया है। वे समाज के िविभ वगों का वणन करते ह जो कई
तरह के काय करके अपना िनवाह करते ह। तुलसी दास तो यहाँ तक बताते ह िक
पेट भरने के िलए लोग गलत-सही सभी काय करते ह। उनके समय म भयंकर
गरीबी व बेरोजगारी थी। गरीबी के कारण लोग अपनी संतानों तक को बेच दे ते थे ।
बेरोजगारी इतनी अिधक थी िक लोगों को भीख तक नही ं िमलती थी। द र ता पी
रावण ने हर तरफ हाहाकार मचा रखा था।

(iii) परदा खोलने से आशय है – अपने बारे म बताना। यिद कोई िकसी दू सरे 3

Page 4

की िनंदा करता है या बुराई करता है। तो वह यं की बुराई कर रहा है। इसीिलए
शायर ने कहा िक मेरा परदा खोलने वाले अपना परदा खोल रहे ह।

6. िन िल खत 04 ों म से िक ी ं 03 ों के उ र दीिजए। 3x3=9

(i) 1. जाित था म का ही िवभाजन नही ं करती ब यह िमक को भी बाँ ट 3

दे ती है

2. जाित था म म का जो िवभाजन िकया गया है , वह की िच को
ान म रखकर नही ं िकया गया है ।

3. जाित था म पेशे का िनधारण एक मनु को जीवनभर के िलए दे िदया
जाता है ।
(ii) इस कहानी म नमक की पु िड़या के मह पू ण बनने का यह कारण है िक 3

भारत-पाक के बीच नमक का ापार गैरकानूनी था। दू सरे , यह िवभाजन
की यादों से जु ड़ी है । क म अिधकारी नमक की पु िड़या लौटाते

ए भावुक हो उठा ोंिक हर को ज भूिम से लगाव होता है । उस
े म की अनु भूित से वह भावु क हो उठा।
(iii) उनका यह आदश समाज तं ता, समता व ातृ ता पर आधा रत होगा। 3

(iv) पहलवान का सारा जीवन ही ढोल की आवाज़ से उठता - िगरता है , 3

पहलवान की ढोलक पूरे गाँ व म सं जीवनी बूटी का काय करती है , ढोल की
थाप से पहलवान की कु ी के दाँ व-पच िनि त होते थे ।
7. िन िल खत ों के उ र दीिजए। 3+2=5

(i) अपनी डायरी म अपनी गुिड़या को वह प िलखती है । गुिड़या को प 3x1=3

िलखते ए अपरो प से वह खु द से ही बात करती है । वह जानती है िक

िजन बातों को वह िलख रही है , शायद उ दू सरे ठीक ढं ग से न
समझ पाय। इसीिलए उसे अपनी गुिड़या को संबोिधत करते ए प

िलखना पड़ा।
ले खक ने िसंधु स ता को 'लो ोफाइल' स ता कहा है। संसार के अ थानों
पर खुदाई करने से राजतं को दिशत करने वाले महल, धम की ताकत िदखाने

Page 5

वाले पूजा थल, मू ितयाँ तथा िपरािमड िमले ह। मोहनजोदड़ो म ऐसी कोई चीज
नही ं िमली है जो राजस ा या धम के भाव को दशाती है।

(ii) अकेलापन ही ऐन क के डायरी लेखन का कारण बना। य िप वह अपने 2x1=2

प रवार और वॉन दं पि के साथ अ ातवास म दो वष तक रही लेिकन इस
दौरान िकसी ने उसकी भावनाओं को समझने का यास नही ं िकया। पीटर

य िप उससे ार करता है लेिकन केवल दो की तरह। जबिक हर िकसी
की शारी रक ज रत होती ह लेिकन पीटर उसकी इस ज़ रत को नही ं

समझ सका। माता-िपता और बहन ने भी कभी उसकी भावनाओं को
गंभीरता से नही ं। समझी शायद इसी कारण वह डायरी िलखने लगी।
इस स ता को लेखक ने साधन-सं प माना है । इस स ता ने भ ता को
मह नही ं िदया है । यह कला कता को मह दे ती है । अतः हम कह

सकते ह िक यहाँ के लोग बोध कला म िच रखते थे । यहाँ की नगर
व था, प र तथा धातु से बनी मूितयाँ , पशु-पि यों की आकृितयाँ , सुं दर

मुहर, खलौने, बालों को सवारने का कंघा, गहने इ ािद इसके सौंदय बोध
का माण दे ते ह। यहाँ पर आपको राजिच या धम से सं बंिधत िच नही ं

िमलते ह। यिद िमलते होते तो इसकी थित िबलकुल अलग होती। यहाँ
आम जनता से जु ड़े िच अिधक िबखरे ए ह। िजनका सौंदय बोध इसी

कारण िव मान है । यह स ता हर तरह से समाज-पोिषत स ता को
दशाती है । यहाँ पर ताकत के िच नही ं िमलते । यह स ता आपसी समझ

के कारण लंबे समय तक चली। यह आडं बर रिहत है ।

Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated30 Apr 2026