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BOARD OF SCHOOL EDUCATIONHARYANA
SAMPLE PAPER 2025-26
MARKING SCHEME
OFFICE SECRETARYSHIP AND STENOGRAPHY HINDI
SUBJECT CODE: OSH (NUMBER CODE: 917)
CLASS: 10+1 (THEORY)
क उत्तर एवं अंक ववभाजन कुल
अंक
स.
1 (i) 2 1
2 (i) 2 1
3 अनुक्रमणिका 1
4 सत्य 1
5 फाइललंग 1
6 (ii) तीव्र गतत से ललखना 1
7 (ii) म 1
8 जो रे खा बांए से दांए ललखी जाती हैं उन्हें समतल रे खा कहते हैं । जैसे –म, क आदद । 1
9 असत्य 1
10 33 1
11 (iv) उपयक्
ु त सभी 1
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12 (i) 4 1
13 CONTROL UNIT 1
14 असत्य 1
15 स,श,ष,ज़ 1
16 आधतु नक कायाुलय की दो ववशेषताएं तनम्नललणखत हैं : 2
1.संस्था का अतनवायु अंग- आधुतनक समय में कायाुलय प्रत्येक संस्था का एक अतनवायु अंग
बन गया है क्योंकक संस्था के अधधकतर कायु कायाुलय द्वारा ही पूिु ककए जाते हैं। 1
(2) एक ववलशष्ट स्थान नहीं-आधुतनक कायाुलय की एक महत्वपूिु ववशेषता यह भी है कक
कायाुलय को ककसी ववलशष्ट स्थान के आधार पर नहीं अवपतु इसफे द्वारा ककए जाने वाले
कायों के आधार पर पररभावषत ककया जाता है। 1
17 डाक - डाक ववभाग या सन्दे शवाहक द्वारा जजस पत्र के माध्यम से सन्दे श, सूचनाएं, आदे श1 2
आदद भेजे या प्राप्त ककए जाते हैं उन्हें डाल कहा जाता है। 1
18 काडु अनुक्रमणिका - काडु अनुक्रमणिका ववधध में अनुक्रमणिका बनाने के ललए काडु का प्रयोग 2
ककया जाता है। इस काडु पर फाइल का नाम ललखकर उसे दटन की दराज में एक छड़ से 1
जोड़कर रखा जाता है ताकक फाइल आसानी से ढूंढी जा सके। यह ववधध अधधकतर पस्
ु तकालयों
में प्रयोग की जाती है। 1
19 2
1,1
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20 त्रत्रस्वर: जब तीन स्वर ध्वतनयां एक साथ आती हैं तो उन्हें त्रत्रस्वर कहते है । 1 2
जैसे – आइए आदद । 1
21 कम्प्यूटर की दो लाभ तनम्नललणखत हैं: 2
1 कम्प्यट
ू र एक तीव्र ववधतु तय मशीन है । 1
2 कम्प्यूटर कभी गलती नहीं करता । 1
22 आउटपुट उपकरि: 1. मॉनीटर 2. वप्रन्टर । 1,1 2
23 आइकन – आइकन वह छोटे - छोटे धचत्र है जो संगिक के डेस्कटॉप पर होते हैं । 1 2
जैसे - फाइल , फ़ोल्डर आदद । 1
24 कायाुलय के सामान्य अथु की तीन ववशेषताएं तनम्नललणखत हैं: 3
1.कायाुलय में मख्
ु यतय: कागजी कायु ककये जाते हैं। 1
2. कायाुलय का एक तनजचचत स्थान होता है। 1
3. कायाुलय में मुख्यतय: दै तनक प्रवततु के कायु ककये जाते हैं। 1
25 फाइललंग के तीन लाभ तनम्नललणखत है : 3
1.सुरक्षा: बाहर से आने वाले मूल पत्र एवं उनके उत्तर में भेजे जाने वाले पत्रों की प्रततललवप
भावी संदभु के ललए सरु क्षक्षत रखना फाइललंग का प्रमख
ु उद्दे चय है । पत्रों को कीड़ों, चह
ू ों आदद
से बचाना भी इसी में सजम्मललत है । 1
2.साक्ष्य: न्यायालय में कई बार ररकॉडु की आवचयकता पड़ती है । ऐसे अवसर पर ररकाडों को
गवाही के रूप में प्रस्तत
ु ककया जाता है । कुछ प्रमािों एवं कागजों को एक तनजचचत अवधध तक
वैधातनक रूप में रखना आवचयक होता है । 1
भावी संदभु: कई बार ऐसी जस्थतत उत्पन्न हो जाती है जब परु ाने पत्रों एवं ररकाडों की
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आवचयकता पड़ती है । जैसे कोई ग्राहक यह ललखे जो आदे श पहले ददया था उतना ही माल उन्हें
भेज दे । ऐसी जस्थतत में फाइललंग भावी संदभु का कायु करती है। 1
26 कैलकुलेदटंग मशीन के तनम्नललणखत लाभ हैं: 3
1.इससे मनुष्य मजस्तष्क व्यायाम से मुजक्त पा लेता है । 1
2.जोड़ गुिा घटा आदद में गलती होने की संभावना कम होती है । 1
3.इस यंत्र की सहायता से बड़े से बड़ा दहसाब शीघ्रता से ककया जा सकता है । 1
4.थोड़े से प्रलशक्षि से ही इस मशीन को चलाना संभव हो जाता है।
27 1. स्वर: जजन वषों का उच्चारि त्रबना ककसी विु की सहायता के ककया जा सके, उन्हें स्वर 3
कहते हैं। जैसे अ, इ, ऊ आदद। 1
2. व्यंजन: जजन वषों का उच्चारि त्रबना स्वर की सहायता के न हो सके, उन्हें व्यंजन कहते
हैं। जैसे क (क् +अ) स (स ् + अ)। 1
3. शब्द: Ward अक्षरों के उस समूह या जोड़ को शब्द कहते हैं, जजससे कोई अथु तनकले।
जैसे कर, सब, मन आदद। 1
28 15. शब्दांक्षरः भाषा में बार-चार प्रयोग होने वाले जजन शब्दों को एक व्यंजन रे खा द्वारा प्रकट 3
ककया जाता है , उन्हें शब्दाक्षर कहते हैं। शब्द धचह्नों की भांतत ये भी अपने तनयत स्थान पर
ललखे जाते हैं। 2
जैसे - आएगा.............होगा..........आएंगे..........होंगे.......... 1
29 इनपुट उपकरि: इनपुट उपकरि ऐसे उपकरि जजनका प्रयोग आंकड़ों को तनवेश करने तथा 3
संगिक यंत्र में सूचना दे ने के ललए ककया जाता है , तनवेश उपकरि कहलाते हैं। यह उपकरि
मनष्ु य की भाषा को मशीनी भाषा में पररवततुत कर दे ते हैं। 1.5
इनपुट उपकरि: कंु जीपटल -इसकी सहायता से आंकड़ों को आसानी से कंप्यूटर में प्रवेश
करवाया जा सकता है। मॉतनटर सूचना को प्रदलशुत करता है । यह वी .डी .य.ू का सरल उदाहरि है
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1.5
30 केन्रीय संसाधन प्रभाग के हैं – 3
1. गणितीय एवं तकु प्रभाग 1
2. तनयंत्रि प्रभाग 1
3. स्मतृ त प्रभाग 1
31 मुरक (Printer): मुरक सामान्तयः उपयोग होने वाला एक मुख्य तनगुम उपकरि है जो हाडु 3
कॉपी तनगुम प्रदान करता है। ये ऐसे उपकरि होते हैं जो संगिक द्वारा प्राप्त पररिामों को
कागज़ के ऊपर मुदरत कर स्थायी रूप से उपयोग करने के ललए प्रस्तुत करते हैं। मुरक
उमकरि गि
ु वत्ता की मांग के अनस
ु ार उपलब्ध होते हैं। 2
वप्रन्टर दो प्रकार के होते हैं ।
1. समघात
2. असमघात 1
32 जावक डाक की व्यवस्था तनम्नानुसार की जाती है : 5
1. डाक एकत्रीकरि-केन्रीय डाक ववभाग द्वारा दस
ू रे ववभागों से हाक को ददन में
दो या तीन बार एकत्रत्रत ककया जाता है। 1
2. पत्रों की जांच- पत्रों को एकत्रत्रत करने के उपरान्त इनकी जांच की जाती है।
सवुप्रथम यह दे खा जाता है कक पत्र अधधकृत अधधकारी द्वारा ललखवाया गया है
या नहीं तथा पत्र पर सम्बजन्धत अधधकारी के हस्ताक्षर है या नहीं। इसके
पचचात ्, यह भी दे खा जाता है कक पत्र के साथ सामग्री संलग्न है या नहीं। यदद
इस प्रकार की कोई कमी पाई जाए, तो उसे पत्र भेजने से पूवु दरू कर ललया
जाता है। 1
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3. जावक डाक की छं टाई आवचयक-: जाने वाली डाक की छं टाई इस प्रकार की जाती है कक
स्थानीय पत्र, सामान्य पत्र जो सामान्य डाक से भेजे जाने हैं तथा रजजस्रीकृत, बीमा
कृत, बी.पी.पी. डाक अलग-अलग ककए जा सकें। तत्पचचात ् स्थानीय पत्रों को पत्र-वाहक
पुजस्तका में दजु करके पत्र वाहक द्वारा भेजा जाता है तथा सामान्य पत्रों व रजजस्रीकृत
डाक को पत्र-प्रेषि रजजस्टर में अककत ककया जाता है। 1
4. जावक डाक का अंकन - कायाुलय से बाहर भेजी जाने वाली डाक का अंकन पत्र-प्रेषि
या डाक पुजस्तका में ककया जाता है । इस रजजस्टर में पत्र की क्रमांक सख्या, ददनांक,
पाने बाले का नाम, पत्ता, पत्र का ववषय, डाक दटकट खचु व दटप्पिी ललखी जाती है।1
5. पत्रों को मोड़ना व ललफाफों पर पते ललखना- पत्रों को सावधानीपूवक
ु ललफाफों के आकार
के अनुसार मोड़ा जाता है । यदद पत्र णखडकीनुमा ललफाफे में भेजना हो, तो पत्र को इस
प्रकार मोड़ा जाता है कक उस पर ललखा या टाइप ककया गया पता ललफाफे की णखड़की
के नीचे आ जाए अन्यथा ललफाफे पर पता ललख कर ललफाफे में पत्रों को डाला जाता है।
ललफाफे के नीचे बाई तरफ भेजने वाले का नाम व पूरा पता ललखा जाता है । 1
6. ललफाफों को बन्द करना- पत्रों को ललफाफों में डालने के उपरान्त इस प्रकार बन्द ककया
जाता है कक गोंद अन्दर डाले गए पत्रों पर न लगे क्योंकक इससे पत्र ललफाफे के साथ
धचपक जाएगें व तनकालते समय पत्र फटने की सम्भावना रहे गी।
7. डाक भेजना पत्रों को ललफाफों में बन्द करने के उपरान्त स्थानीय डाक को पत्र-वाहक
द्वारा भेज ददया जाता है जो संदेश-पुजस्तका में पत्र पाने वाले के हस्ताक्षर ले आता है ।
सामान्य डाक को ललफाफों पर उधचत मूल्य के दटकट लगाकर पत्र-पेटी (Letter Box)
में डलवाया जाता है ।
डाक का महत्व: 5
1 . सस्ता व ववचवसनीय सम्प्रेषि : डाक द्वारा ककया गया सम्प्रेषि अन्य ववधधयों से अधधक
सस्ता व ववचवसनीय होता है। वतुमान समय में डाक सम्बन्धी नवीन तकनीकों के ववकास ने
डाक द्वारा सम्प्रेषि को सुगम, तीव्र तथा ववचवसनीय बना ददया है। 1
2. प्रमाि: ललणखत सम्प्रेषि सदै व पूिु सावधानी से ककया जाता है । अतः भववष्य में ,
आवचयकता पड़ने पर अथवा ककसी भी प्रकार की शंका या वववाद उत्पन्न होने पर पत्रों को
प्रमाि के रूप में प्रस्तुत ककया जा सकता है । 1
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3. कुशलता: पत्रों का प्रारूप ललणखत रूप से तैयार ककया जाए, तो इसे भववष्य में भी सन्दभु के
ललए प्रयोग ककया जा सकता है जजससे कायु में अधधक तनपि
ु ता व कुशलता आती है । इसके
पररिामस्वरूप,, संस्था के कमुचाररयों में भी आत्म-ववचवास की भावना उत्पन्न होती है तथा ये
अधधक कुशलता से अपना कायु कर सकते हैं। 1
4. ररकॉडु: ) मौणखक बातचीत व समझीतों को भववष्य के ललए याद रखना कदिन होता है जबकक
ललणखत पत्रों को ररकॉडु के रूप में सुरक्षक्षत रखा जा सकता है । यह ररकॉडु स्थायी प्रकृतत का 1
होता है तथा भववष्य में ववलभन्न तनिुयों के तनमाुि के ललए इसका प्रयोग ककया. जा सकता है।
5. व्यापाररक प्रततष्िा: ककसी व्यावसातयक संस्था की प्रततष्िा इसके द्वारा ककये जाने वाले पत्र-
व्यवहार पर काफी हद तक तनभुर करती है। 1
33 5
1,1,1,1,1,1
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या
आशल
ु ेखक में तनम्नललणखत गुि होने चादहए:
1.आशुललवपक में अपने कायाुलय या व्यवसाय से संबंधधत पत्र व्यवहार को शुद्ध तथा संक्षक्षप्त
रूप में ललखने की क्षमता होनी चादहए। 1
2.यदद पत्र या मसौदा आपको स्वयं बनाना हो तो बहुत लंबा या बहुत छोटा नहीं होना चादहए।
आशुललवपक में वक्ता की गतत से ललखने और उसे सही व सुंदर ढं ग से टाइप करने की
योग्यता होनी चादहए। 1
3.आशुललवपक में प्रततयोधगता की भावना होनी चादहए क्योंकक इससे साहस और उत्साह के साथ
साथ उसकी दक्षता भी बढ़ती है । 1
4.अच्छी भाषा ज्ञान और सामान्य ज्ञान से आंशुलेखक अच्छा लेखक तथा प्रततलेखक बन
सकता है । वक्ता का आचय समझने पर ही सही प्रततलेखन संभव है । 1
5.सही प्रततलेखन के ललए भाषा ववज्ञान- शब्द, अथु, ललवप, वतुनी, वाक्य, पररच्छे द आदद का
पूिु ज्ञान आवचयक है। 1
34 कम्प्यूटर की ववशेषताएं- 5
1 अववक गवत्त: कम्प्यट
ू र एक तीव्र ववद्यत
ु ीय मशीन है जजसके द्वारा लाखों गिनाओं को
कुछ सैककडों में तनष्पाददत ककया जा सकता है जबकक मानव दइस कायु को पूरा करने में कई
महीने लगा दे ता है। कम्प्यूटर द्वारा ककए गए कायों को लमलीसैककं ड, माइकोरीककड, मैनोसेककं ड
तया पोरोसेककं ड में मापा जाता है । 1
2 शुद्धता: अत्यधधक तेज होने के अततररक्त, कन्प्यूटर द्वारा ककत्याजाने बाला कायु शुद्ध एवं
सही होता है । अशुद्धधयां ऑपरे टर तथा प्रोग्रामर द्वारा प्रदान ककए गए अपयाुप्त आंकड़ों अथया
तकुशास्त्र सम्बन्धी गलततयों के कारि उत्पन्न हो सकती हैं जजसे सामान्य रूप से गारबेज इन
गारवेज आउट (Garbage In Garbage Out) के नाम से जाना जाता है। 1
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3 स्मरि क्षमता: एक कम्प्यट
ू र में मानय की तल
ु ना में अधधक मात्रा में आंकड़ों को संधचत
करने की समता होती है तथा आवचयकता होने पर हम जब चाहे इन आंकड़ों को प्राप्त कर
सकते हैं परन्तु मानय के ललए यह सम्भव नहीं है क्योंकक यह सूचना को कुछ समय तक ही
याद रख सकता है तथा उसके पचचात ् भूल जाता है । 1
4 कमुबद्धता :कम्प्यूटर त्रबना ककसी थकावट तथा गलती के लगातार ककसी कायु को कर
सकता है। यह ककसी भी कायु को दोबारा उसी गवत्त तथा शुद्धता से कर सकता हे परन्तु
मनुष्य के ललए यह सम्भव नहीं है । 1
5 व्यापकता: कम्प्यूटर द्वारा ककया गया कायु लोचशील होता है । यह एक समय में एक साथ
ववलभन्न प्रकार के कायु करके उन्हें यह ताककुक क्रम प्रदान करता है। एक क्षि में , यह लेखांकन
वववरि तैयार करता है तथा दस
ू रे क्षि में यह दो कक्रयाओं के मध्य ड्रॉफ्ट का प्रयोग भी कर
सकता है। यह मर
ु क को ककसी भी वस्तु या डडज़ाइन का वप्रंट लेने की स्वीकृतत प्रदान करता
है। इसका अथु यह है कक यह उन सभी कायों को पूरा कर सकता है जजनकी सूचना तककुक
क्रम में प्रदान की जाती है। 1
6 स्वचालन: स्वचालन से अलभप्राय कायु को स्वचाललत रूप से करने की योग्यता से है। जब
कम्प्यूटर की एक बार प्रोग्राम दे ददया जाता है अथाुत ् इसे कम्प्यूटर की स्मतृ त में डाल ददया
जाता है तो ये प्रोग्राम अथवा तनदे श त्रबना ककली प्रकार की मानवीय अन्त कक्रया के इसका
कक्रयान्वयन व तनयन्त्रि कर सकते हैं।
ववंडोज की तनम्नललणखत गुि एवं ववशेषताएं हैं: 5
1.यह प्रोग्राम में लसंगल जक्लक से प्रवेश प्रदान करता है ।
2.यह जी यू आई पर आधाररत है । 1
3.इसमें सभी फाइलों तथा तनदे शकों को आइकनो के द्वारा प्रस्तुत ककया जाता है ।
4.इसके द्वारा इंटरनेट चलाना आसान है । 1
5.इससे संगिक प्रिाली को आसानी से बैकअप प्रदान ककया जा सकता है ।
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6.सरल व आसान कायों के ललए ववजाडु उपलब्ध है । 1
7.डेस्कटॉप उपयोगकताु लमत्रवत सॉफ्टवेयर है ।
8.संधचत फाइल को प्रबंधधत करना आसान होता है । 1
9.उपयोगकताु एक समय में बहुत से कायु कर सकता है। 1