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HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme

Download the HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme PDF for free at AglaSem. This is the official marking scheme released by the Board of School Education Haryana (BSEH) for its 2026-27 model question paper (exam 2027). Use it to check your answers and see how marks are awarded step by step.
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About HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme

HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme is available here for free download. Published by Haryana Board for Class 11, this answer key can be viewed online or downloaded as a PDF (14 pages). Candidates preparing for Class 11 can use HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme?

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Is HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme free to download?

Yes. HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme have?

HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme contains 14 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 11 study material?

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HBSE Class 11 Sample Paper 2027 Political Science Marking Scheme – Text

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Page 1

FOR HARYANA CLASS 11 PREPARATION

HBSE Class 11 Sample
Paper 2027 Political
Science Marking
Scheme
EXAM YEAR TYPE SUBJECT

Haryana Class 11 2027 Answer Key Political Science

Notes · Sample Papers · Previous Year Papers · Mock Tests

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Answer Key a
class 11th Political science
खंड- क: व तुिन (Section A: Objective-type
Questions)
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1. िन िलिखत म से कस िव ान को थम राजनीितक वै ािनक कहा जाता है?
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उ र: (C) अर तु (Aristotle)
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laता अित शासन का उ टा प है।" यह कथन िन िलिखत म से कस िव ान का है? ag
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2." वतं

उ र: (B) सीले

3.मानव अिधकार क संयु रा संघ ारा सावभौम घोषणा ई थी -

उ र: (A) सन् 1948 म (10 दसंबर 1948)

4. भारत म िन िलिखत म से कौन सा त व रा िनमाण म बाधा है? m
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उ र: (D) उपयु e
सभी (सां दाियकता, जाितवाद और
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ाचार तीन ही बाधाएँ ह।)

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5.भारतीय संिवधान का िनमाण कया गया

उ र: (A) संिवधान सभा ारा (Constituent Assembly)

6.भारतीय नाग रक को 6 कार के मौिलक अिधकार दान कए गए ह -

उ र: (C) अनु छेद 12 से 35 (भाग-3 म)

7.भारत म लोकसभा का चुनाव लड़ने के िलए यूनतम आयु होनी चािहए - m
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c. o उ र: (D) 25 वष m.co
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g la 8.भारत म सम त सेना का सेनापित है -
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a उ र: (C) रा पित (President)

9.दल बदल िवरोधी कानून पा रत कया गया -

उ र: (B) सन् 1985 म (52वाँ संिवधान संशोधन)

10.भारतीय नाग रकता के संबध
ं म कानून संसद ारा िन िलिखत वष म पास कया गया था -
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उ र: (D) सन् 1955 (नाग रकता अिधिनयम, 1955)

11. िन िलिखत म से कौन सा िवषय संघ सूची म है?

उ र: (A) िवदेशी मामले (Foreign Affairs)

12.सरपंच का चुनाव कया जाता है -

उ र: (C) य प से मतदाता ारा

13. राजनीित को सव िव ान क सं ा कसने दी थी?

उ र: राजनीित को सव या 'सव कृ िव ान' (Master Science) क सं ा यूनानी दाशिनक अर तू
(Aristotle) ने दी थी।

14."भूखे ि के िलए वतं ता का या लाभ है वह वतं ता है ना तो खा सकता है ना पी सकता
है।” यह कथन कस िव ान का है?

उ र: यह िस कथन जवाहरलाल नेह

15. याय के तीन आधारभूत त व के नाम िलख?

उ र: 1. स य और िन प ता, 2. कानून के सम समानता, 3. मानवािधकार व वतं ता का आदर।

16पु ष एवं ि य म भेदभाव करना .............. असमानता का प कहलाता है।

उ र: लिगक (Gender / Natural / Social) असमानता।

17."नाग रकता अपनी िन ा को ठीक से िनभाता है।" यह कथन.............. ने कहा।

उ र: ला क (Harold Laski) (या टी. एच. माशल)।

18.पंजाब और ह रयाणा का उ यायालय ............. म ि थत है।

उ र: चंडीगढ़ (Chandigarh)

19.अिभकथन-कारण पर आधा रत (Assertion-Reason Questions)

अिभकथन (A): भारतीय संिवधान एक जीिवत द तावेज है।

कारण (R): भारतीय संिवधान म संशोधन नह हो सकता।

उ र: (C) अिभकथन सही है परं तु कारण गलत है।

( य क संिवधान म अनु छेद 368 के तहत संशोधन कया जा सकता है, इसीिलए यह जीवंत है।)

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20.अिभकथन (A): तावना संिवधान क आ मा व दपण है। a

कारण (R): तावना के ारं िभक श द "हम भारत के लोग" ह।

उ र: (B) अिभकथन और कारण दोन सही ह परं तु कारण, अिभकथन क सही ा या नह करता है।

खंड- ख: अित लघु उ रा मक
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om Short Answer)
(Section B: Very
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m. े ट पणी िलख। la
21.लोकतं sकेeसफल संचालन के िलए नाग रक का जाग क होना ज री है, सं प
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l a a g
agलोकतं जनता का शासन है। य द नाग रक जाग क नह ह गे, तो वे अपने मत का सही योग
उ र:
नह कर पाएंगे और या अयो य नेता का चुनाव कर बैठगे। जाग क नाग रक ही सरकार क
नीितय पर नजर रखते ह, मौिलक अिधकार क र ा करते ह और तानाशाही को रोकते ह।

22. समानता और वतं ता म या संबध
ं है?

उ र: वतं ता और समानता एक-दूसरे के पूरक ह। िबना समानता के वतं ता कु छ ही लोग के हाथ
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क कठपुतली बन जाएगी (िजससे तानाशाही आएगी), और िबना वतं ता के समानता थािपत करने
से ि गत िवकास क जाएगा।
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(अथवा)
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समानता क दो िवशेषताएं िलख? a

उ र: 1. िवशेषािधकार का अंत (समाज म कसी भी ि को जाित, धम या वंश के आधार पर
िवशेष अिधकार न िमलना)। 2. सभी ि य को अपने िवकास के िलए समान अवसर ा होना।

23. कन आधार पर यह अिधकार अपनी कृ ित के सावभौिमक माने जाते ह?

उ र: अिधकार अपनी कृ ित म सावभौिमक इसिलए माने जाते ह य क ये कसी देश, जाित, लग m
mया धम क सीमा से बंधे नह होते। ये मनु य को 'मानव' होने के नाते ज मजात िमलते ह (जैसे जीने .co
m .co का अिधकार) ता क वह एक ग रमापूण जीवन जी सके ।
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g la (अथवा)
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a अिधकार क दो िवशेषता िलिखए।

उ र: 1. अिधकार समाज ारा वीकृ त और रा य ारा लागू (कानूनी संर ण ा ) होते ह।

2. अिधकार असीिमत नह होते, इन पर समाज और रा के िहत म उिचत ितबंध लगाए जा सकते
ह।

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24. रा ीय आ मिनणय के अिधकार से आप या समझते ह?

उ र: रा ीय आ मिनणय का अथ है क कसी भी िविश सां कृ ितक या रा ीय पहचान वाले जनसमूह
(रा ) को यह अिधकार है क वह अपने राजनीितक भिव य, शासन णाली और िवकास का रा ता
खुद चुने, िबना कसी बाहरी देश के ह त ेप के ।

25.शासक क सीमा का िनधारण करना संिवधान के िलए य ज री है, सं प
े म िलख।

उ र: य द शासक क शि याँ असीिमत ह गी, तो वे अपनी शि य का दु पयोग करके नाग रक के
अिधकार का हनन कर सकते ह और शासन तानाशाही म बदल सकता है। संिवधान सरकार के अंग
(िवधाियका, कायपािलका, यायपािलका) क सीमाएं तय करके कानून का शासन थािपत करता है।

26. लोकसभा कायपािलका पर कारगर ढंग से िनयं ण रखने क नह बि क जन भावना और जनता
क अपे ा क अिभ ि का मंच है। या आप इससे सहमत ह? एक कारण बताएं।

उ र: हम इस बात से आंिशक प से सहमत ह। इसका कारण यह है क संसदीय व था म ब मत
दल क सरकार होने के कारण कायपािलका (मंि प रषद) पर कड़ा कानूनी िनयं ण कभी-कभी
मुि कल होता है, परं तु लोकसभा म पूरे देश के ितिनिध बैठते ह, जो शू यकाल, काल और बहस के
मा यम से जनता क सम या और भावना को सरकार के सामने खरता से रखते ह।

(अथवा)

लोकसभा क रचना का सं प
े म वणन कर।

उ र: लोकसभा संसद का िन व लोकि य सदन है। इसक अिधकतम सद य सं या 550 हो सकती है
(वतमान म 543 िनवािचत सद य ह)। इसके सद य का चुनाव देश के वय क मतदाता ारा य
प से गु मतदान णाली ारा 5 वष के कायकाल के िलए कया जाता है।

27.संिवधान म संशोधन करने के िलए िवशेष ब मत क आव यकता य पड़ती है, सं प
े म िलख।

उ र: िवशेष ब मत (सदन के कु ल सद य का ब मत तथा उपि थत व मतदान करने वाल का दो-
ितहाई) क आव यकता इसिलए पड़ती है ता क कोई भी राजनीितक दल अपने ता कािलक राजनीितक
लाभ या मामूली ब मत के बल पर संिवधान के मूल ढांचे और पिव ता के साथ िखलवाड़ न कर सके ।
इससे संिवधान म ि थरता और गंभीरता बनी रहती है।

28.भारतीय संिवधान क तावना का मह व िलख।

उ र: तावना को संिवधान क 'कुं जी' या 'आ मा' कहा जाता है। इसका मह व यह है क यह
संिवधान के मूल आदश ( याय, वतं ता, समानता, बंधु व), शासन के व प (सं भु, समाजवादी,
पंथिनरपे , लोकतांि क गणरा य) और संिवधान के ोत को प प से दशाती है। कानून क
ा या म यायपािलका इसका सहारा लेती है।

खंड- ग: लघु उ रा मक

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(Section C: Short Answer) a
29. नाग रक क वतं ता को बनाए रखने म रा य क या भूिमका है, सं प
े म िलख?

उ र: नाग रक क वतं ता क र ा म रा य क सकारा मक और नकारा मक दोन भूिमकाएँ होती
ह:

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कानून का शासन: रा य यायपूण कानून बनाकर यह सुिनि त करता है क शि शाली लोग कमजोर
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लोग क वतं ता को न छीन सक।
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अिधकार को eसंmै ािनक संर ण: रा य यायपािलका के मा यम से नाग रक के मौिलक अिधकार la
s
s वध
और वतंlaता क गारं टी देता है। ag
ag
उिचत ितबंध: रा य सामािजक व था बनाए रखने के िलए वतं ता पर ता कक ितबंध लगाता
है, ता क एक क वतं ता दूसरे के िलए मुसीबत न बने।

30.आमतौर पर एक व थ और उ पादक जीवन जीने के िलए ि क यूनतम बुिनयादी ज़ रत
या मानी गई ह? इस यूनतम को सुिनि त करने म सरकार क या िज मेदारी है?

उ र: एक व थ और उ पादक जीवन के िलए यूनतम बुिनयादी ज रत रोटी, कपड़ा, मकान,
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बुिनयादी िश ा, व छ पेयजल और वा य सुिवधाएं मानी गई ह।

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सरकार क िज मेदारी: क याणकारी रा य होने के नाते सरकार क यह िज मेदारी है क वह िविभ
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योजना (जैस-े मु त राशन, सरकारी कू ल, आयु मान भारत वा य योजना, आवास योजना) के
ज रए समाज के गरीब और वंिचत वग तक इन यूनतम आव यकता क प च ं सुिनि त करे ता क
सभी को ग रमापूण जीवन िमल सके ।

(अथवा)

याय क तीन मुख िवशेषताएं समानता, िन प ता, और िविध का शासन (Rule of Law) ह

समानता: इसके तहत याय व था म सभी ि य के साथ िबना कसी जाित, धम, लग या वग के
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भेदभाव के समान वहार कया जाता है।
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िन प ता: याय कसी भी कार के प पात, ि गत वाथ या पूवा ह से मु होता है और सभी
m को अपनी बात रखने का समान अवसर िमलता है। s e
s e िविध का शासन: याय का संचालन मनमाने तरीके से नह , बि क पूव-िनधा रत और पारदश कानून
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g la के आधार पर होता है। a
a
31. रा वादी भावना को े रत करने वाले तीन कारक बताएं?

उ र: रा वादी भावना को े रत करने वाले तीन मु य कारक िन ह:

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साझा इितहास और िवरासत: एक साझा अतीत, ऐितहािसक संघष (जैसे भारत का वतं ता सं ाम)
और पूवज क कहािनयां लोग को एक सू म बांधती ह।

साझा भौगोिलक े : एक िनि त भूभाग या मातृभूिम के ित सामूिहक ेम और जुड़ाव क भावना
रा वाद को ज म देती है।

साझा राजनीितक आदश: लोकताि क मू य, वतं ता, और एक साझा भिव य क क पना जो सभी
नाग रक को आपस म जोड़ती है।

32.भारतीय पंथ िनरपे ता का जोर धम और रा य के अलगाव पर नह वरन् उससे अिधक क ह
बात पर है, इस कथन को समझाइए।

उ र: पि मी पंथिनरपे ता म धम और रा य के बीच पूण अलगाव (पूरी दूरी) होता है, जहाँ रा य
धम के मामले म कोई दखल नह देता। ले कन भारतीय पंथिनरपे ता इससे कह आगे है:

सवधम समभाव: भारतीय रा य सभी धम को समान आदर और संर ण देता है।

सकारा मक ह त पे : समाज सुधार के िलए (जैस-े छु आछू त का अंत, सती था पर रोक, मिहला के
अिधकार) भारतीय रा य धम के मामल म यायपूण ह त ेप कर सकता है।

अ पसं यक के अिधकार: भारत म धा मक अ पसं यक को अपनी िश ण सं थाएं खोलने और
सं कृ ित को बचाने क िवशेष आजादी दी गई है। अतः भारतीय मॉडल 'सै ांितक दूरी' और 'धा मक
सुधार ' के सम वय पर आधा रत है।

33.आपके अनुसार कौन सा मौिलक अिधकार सबसे यादा मह वपूण है? इसके ावधान को सं प
े म
िलख।

उ र: मेरे अनुसार "संवध
ै ािनक उपचार का अिधकार" (अनु छेद 32) सबसे मह वपूण मौिलक
अिधकार है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इसे संिवधान का ' दय और आ मा' कहा था।

इसके ावधान: य द कसी नाग रक के मौिलक अिधकार का उ लंघन सरकार या कसी ि ारा
कया जाता है, तो वह सीधे सव यायालय (अनु छेद 32) या उ यायालय (अनु छेद 226) जा
सकता है। अदालत अिधकार को लागू करने के िलए पांच कार के िवशेष आदेश ( रट) जारी करती
ह— जैसे बंदी य ीकरण, परमादेश, ितषेध, अिधकार पृ छा और उ ेषण लेख। इसके िबना अ य
सभी अिधकार अथहीन हो जाते ह।

(अथवा)

भारतीय संिवधान म दए गए मौिलक अिधकार का मह व बताएं।

उ र: मौिलक अिधकार का मह व िन िलिखत है:

ि गत िवकास: ये अिधकार नाग रक को शारी रक, मानिसक और नैितक िवकास के िलए वतं ता
का माहौल देते ह।

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a कानून का शासन थािपत करते ह।
लोकतं का आधार: ये सरकार को तानाशाह बनने से रोकते ह और

अ पसं यक क सुर ा: ये समाज के कमजोर और अ पसं यक वग को ब सं यक के दबाव से बचाते
ह और सामािजक समानता लाते ह।

34. यायपािलका क वतं ता का अथ या है? यायपािलका क वतं ता को थािपत करने वाले
त व का वणन कर।
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उ र: अथ: यायपािलका क वतं ता का अथ है क यायाधीश िबना कसी बाहरी दबाव, डर,
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राजनीितक भाव या सरकार के अ य दो अंग (िवधाियका और कायपािलका) के ह त ेप के , पूरी
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िन प ता से कानून के अनुसार याय कर सक।
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थािपत
a वाले त व ( ावधान):
lकरने ag
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िनयुि क िनि त या: यायाधीश क िनयुि म राजनीितक दखल कम करने के िलए
कॉलेिजयम णाली या व र ता को आधार बनाया जाता है।

कायकाल क सुर ा: यायाधीश को हटाना अ यंत क ठन है; उ ह के वल संसद म ज टल 'महािभयोग'
या ारा ही हटाया जा सकता है।

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िव ीय वतं ता: यायाधीश के वेतन और भ े संिचत िनिध पर भा रत होते ह, िजन पर संसद म
मतदान नह हो सकता।
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Or
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उ तम यायालय - संगठन (Organization)
यायाधीश क सं या: वतमान म, उ तम यायालय म 1 मु य यायाधीश और 33 अ य यायाधीश
ह।
िनयुि : उ तम यायालय के यायाधीश क िनयुि रा पित ारा क जाती है।
यो यता: यायाधीश बनने के िलए ि को भारत का नाग रक होना चािहए,
कसी उ यायालय म कम से कम 5 वष तक यायाधीश रहा हो, या 10 वष तक वकालत क हो, या
रा पित क दृि म कानून का उ ाता हो। m
m कायकाल: उ तम यायालय के यायाधीश 65 वष क आयु तक अपने पद पर बने रहते
c. o शि याँ और े ािधकार (Powers and Jurisdiction) sem .co
s em मूल े ािधकार (Original Jurisdiction): क और रा य के बीच, अथवा
g l a िविभ रा य के बीच
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ag उ प होने वाले िववाद क सीधी सुनवाई के वल उ तम यायालय म ही होती है।
अपीलीय े ािधकार (Appellate Jurisdiction): यह देश का सव अपीलीय यायालय है।
सलाहकारी े ािधकार: अनु छेद 143 के तहत, रा पित कसी सावजिनक मह व के कानूनी या
त या मक पर उ तम यायालय से परामश मांग सकते ह,
मुख काय (Functions)
संिवधान का संर क (Guardian of the Constitution): यह भारतीय संिवधान का अंितम
ा याकार है।
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अिभलेख यायालय (Court of Record): इसके सभी िनणय और कायवािहय को कानूनी प से
संरि त और मा यता ा होती है।

35. भारतीय संिवधान क ऐसी तीन िवशेषता का उ लेख कर िजसम ादेिशक सरकार क अपे ा
क ीयकरण सरकार को यादा शि यां दान क गई ह?

उ र: भारतीय संिवधान का ढांचा संघा मक है, परं तु इसक आ मा एका मक (क क ओर झुक ई)
है। इसक तीन िवशेषताएं इस कार ह:

शि य का िवभाजन (संघ सूची का भारी होना): रा ीय मह व के सबसे मह वपूण िवषय (र ा,
िवदेश, ब कग) संघ सूची म ह। साथ ही 'समवत सूची' पर टकराव क ि थित म क का कानून मा य
होता है और 'अविश शि यां' भी क के पास ह।

रा यपाल का पद: रा य के रा यपाल क िनयुि रा पित (क सरकार) ारा क जाती है। रा यपाल
क के एजट के प म काम करता है और रा य सरकार को िनयंि त कर सकता है।

आपातकालीन ावधान: अनु छेद 352, 356 और 360 के तहत आपातकाल लागू होने पर देश का पूरा
ढांचा एका मक हो जाता है और संसद को रा य के िवषय पर भी कानून बनाने का अिधकार िमल
जाता है।

Or

भारतीय संिवधान क तीन मुख संघीय िवशेषताएं इस कार ह :

शि य का िवभाजन: संिवधान ारा क और रा य सरकार के बीच शि य का प बंटवारा कया
गया है। इसके िलए सातव अनुसूची म तीन सूिचयाँ (संघ सूची, रा य सूची और समवत सूची) बनाई
गई ह।
िलिखत और सव संिवधान: भारत का संिवधान एक िव तृत, िलिखत द तावेज है。 संिवधान ही
देश का सव कानून है और क व रा य दोन ही इसके अधीन ह।
वतं यायपािलका: क और रा य के बीच िववाद को सुलझाने और संिवधान क ा या करने के
िलए एक सव और वतं यायपािलका क व था क गई है।

36. सामािजक प से कमजोर वग के िलए संिवधान के 73व संिवधान संशोधन म आर ण के या
ावधान ह? सं प
े म िलख।

उ र: 73व संिवधान संशोधन (पंचायती राज अिधिनयम) म कमजोर वग क भागीदारी बढ़ाने के
िलए िन िलिखत आर ण ावधान कए गए ह:

अनुसिू चत जाित (SC) और जनजाित (ST) के िलए आर ण: येक पंचायत तर पर इनक जनसं या
के अनुपात म सीट आरि त क गई ह।

मिहला के िलए एक-ितहाई (33%) आर ण: सभी पंचायत म कु ल सीट क सं या के कम से कम
एक-ितहाई पद मिहला के िलए आरि त कए गए ह (कई रा य म अब यह 50% है)।

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अ य पद पर आर ण: के वल सामा य सद य ही नह , बि क aाम धान, सरपंच और िजला पंचायत
अय के पद पर भी च ानु म (Rotation) से SC, ST और मिहला के िलए आर ण लागू है।

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खंड- घ: िनबंध m .co
e m. l as e
las D: Essay-type Questions)
(Section
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37.राजनीितक, आ थक और सां कृ ितक अिधकार म अंतर बताइए। हर कार के अिधकार के
उदाहरण भी दीिजए।

उ र:

अिधकार का कार अथ / प रभाषा मुख उदाहरण
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s e मत देने (वोट डालने)

g la का अिधकार।
a
1. राजनीितक ये अिधकार नाग रक को देश क
अिधकार राजनीितक व था और सरकार के
(Political संचालन म भाग लेने क शि दान चुनाव लड़ने का
Rights) करते ह। अिधकार।

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m पद पाने
*eसरकारी

s e l a का अिधकार।

g la ag काम/रोजगार का
a अिधकार।
ये अिधकार ि क बुिनयादी भौितक
2. आ थक अिधकार
ज रत (भोजन, आवास, रोजगार) को
(Economic
पूरा करने और आ थक सुर ा सुिनि त
Rights)
करने के िलए दए जाते ह।
उिचत मजदूरी पाने

m .
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अिधकार का कार अथ / प रभाषा मुख उदाहरण

का अिधकार।

* िव ाम और िनि त
कामकाजी घंट का
अिधकार।

अपनी भाषा और
िलिप को संरि त
करने का अिधकार।

3. सां कृ ितक ये अिधकार ि य और समुदाय को
अिधकार अपनी भाषा, िलिप, धम, सं कृ ित और
शै िणक सं थान
(Cultural जीवन प ित को बनाए रखने व उसका
खोलने का अिधकार।
Rights) िवकास करने क वतं ता देते ह।

* धा मक उ सव
मनाने क आजादी।

(अथवा)

अिधकार का अथ एवं िवशेषताएं बताइए।

उ र:

अिधकार का अथ: अिधकार कसी ि के वे यायसंगत और तकसंगत दावे ह, िज ह समाज मा यता
देता है और रा य (कानून) लागू करता है। अिधकार के िबना ि अपना सवागीण िवकास नह कर
सकता।

अिधकार क मु य िवशेषताएं:

सामािजक कृ ित: अिधकार के वल समाज म ही संभव ह। असामािजक या अके ले रहने वाले ि के
िलए अिधकार का कोई अि त व नह होता।

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a मक िवकास के िलए होते ह, समाज
क याणकारी व प: अिधकार हमेशा ि के नैितक और सकारा
को नुकसान प च
ँ ाने वाले काम (जैसे चोरी या हसा) को अिधकार नह माना जा सकता।

अिधकार और कत का संबध ं : अिधकार और कत एक ही िस े के दो पहलू ह। हमारे अिधकार
दूसर के कत ह, और दूसर के अिधकार हमारे कत ह।

रा य का संर ण: स े अिधकार वही ह िज ह देश का कानून और यायपािलका सुर ा दान करती है।
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प रवतनशील: समय और प रि थितय के बदलने के साथ अिधकार का व प भी बदलता रहता है
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(जैसे वतमान म 'इं टरनेट का अिधकार' या 'गोपनीयता का अिधकार' नए अिधकार के प म उभर रहे
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ह)।
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38.भारतl a
जैस े समान नाग रकता दे
न े वाले दे
श म भी लोकतां
ि क नाग रकता एक पू
ण थािपत तaय
नह aवरन एक प रयोजना है। नाग रकता से जुड़े उन मु क चचा क िजए जो आजकल भारत म
उठाए जा रहे ह?

उ र: भारतीय संिवधान सभी को समान नाग रकता देता है, ले कन ावहा रक धरातल पर आज भी
नाग रकता का पूण आदश ा करना एक 'प रयोजना' (चलता आ काम) है। आजकल भारत म
नाग रकता से जुड़े िन िलिखत बड़े मु े चचा म ह:

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सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) का मु ा: नाग रकता संशोधन अिधिनयम (CAA) और रा ीय
नाग रक रिज टर (NRC) को लेकर देश म ापक बहस ई है। इसम वािसय को नाग रकता देने के

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धा मक आधार और देश के वैध नाग रक क पहचान से जुड़े द तावेज क उपल धता पर सवाल
उठाए गए ह।
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शरणा थय और अवैध वािसय क सम या: यांमार से आए रो ह या और बां लादेश से आए अवैध
वािसय का मु ा देश क सुर ा और संसाधन के िवतरण को लेकर अ सर चचा म रहता है।

आ थक व सामािजक असमानता का भाव: कागज पर तो अमीर-गरीब सबक नाग रकता समान है,
ले कन झु गी-झोपिड़य म रहने वाले करोड़ गरीब नाग रक आज भी बुिनयादी सुिवधा (साफ पानी,
िश ा, वा य) से वंिचत ह। वे अपनी 'लोकतांि क नाग रकता' का लाभ पूरी तरह नह उठा पाते।

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े वाद और वािसय के साथ भेदभाव: देश के भीतर ही एक रा य के नाग रक का दूसरे रा य (जैसे
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मुंबई या पूव र) म जाकर काम करने पर थानीयता के नाम पर िवरोध होना, समान नाग रकता क
m भावना को ठे स प च
ँ ाता है। s e
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आदश नाग रक के गुण का वणन कर।

उ र: एक आदश नाग रक वह है जो न के वल अपने अिधकार के ित सचेत रहता है, बि क समाज
और देश के ित अपनी िज मेदा रय को भी बखूबी िनभाता है। उसके मु य गुण िन िलिखत ह:

देशभि और रा के ित िन ा: आदश नाग रक अपने देश से ेम करता है, उसके संकट के समय याग

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करने को तैयार रहता है और रा वज, रा गान व संिवधान का स मान करता है।
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जाग कता और िश ा: वह राजनीितक और सामािजक मु के ित जाग क होता है। िशि त होकर
वह सही और गलत का अंतर समझता है और चुनाव म सोच-समझकर मतदान करता है।

कानून का पालन व कर अदायगी: वह रा य के कानून का वे छा से पालन करता है, यातायात के
िनयम मानता है और ईमानदारी से अपने टै स (कर) का भुगतान करता है ता क देश का िवकास हो
सके ।

सावजिनक संपि क र ा: वह सरकारी संपि य (जैसे ेन, बस, पाक, ऐितहािसक इमारत) को
नुकसान नह प च
ँ ाता और पयावरण संर ण म सहयोग देता है।

सहनशीलता और बंधु व क भावना: वह दूसर के धम, भाषा, िवचार और सं कृ ित का आदर करता
है। समाज म शांित और भाईचारा बनाए रखने म योगदान देता है।

39.भारत क चुनाव णाली का ल य समाज के कमजोर तबके क नुमाइंदगी को सुिनि त करना है।
ले कन हमारी िवधाियका म मिहला सद य क सं या के वल 12% तक प च
ं ी है। इस ि थित म सुधार
के िलए आप या सुझाव दगे?

उ र: भारतीय लोकतं म आधी आबादी (मिहला ) का संसद और िवधानसभा म कम
ितिनिध व एक गंभीर चता का िवषय है। इस ि थित को सुधारने के िलए िन िलिखत ठोस सुझाव
दए जा सकते ह:

संसदीय व िवधानसभा चुनाव म कानूनी आर ण (मिहला आर ण िवधेयक का पूण या वयन):
थानीय िनकाय (पंचायत ) क तज पर संसद (लोकसभा) और रा य क िवधानसभा म मिहला
के िलए 33% सीट कानूनी प से आरि त क जानी चािहए। (हाल ही म पा रत 'नारी शि वंदन
अिधिनयम' को िबना देरी के धरातल पर लागू कया जाना चािहए)।

राजनीितक दल के भीतर आंत रक कोटा: चुनाव आयोग को ऐसा िनयम बनाना चािहए िजससे सभी
पंजीकृ त राजनीितक दल अपने टकट के िवतरण म अिनवाय प से यूनतम 33% या अिधक टकट
मिहला उ मीदवार को द।

सुरि त और अनुकूल माहौल: राजनीित म बढ़ते बा बल, धनबल और अभ ट पिणय के कारण
मिहलाएं आगे आने से कतराती ह। चुनाव सुधार के ज रए राजनीित को व छ बनाया जाए ता क
मिहलाएं सुरि त महसूस कर।

िव ीय सहायता और संसाधन: मिहला उ मीदवार के चुनाव चार के िलए राजनीितक दल िवशेष
फं ड क व था कर, य क आ थक प से वतं न होने के कारण कई यो य मिहलाएं चुनाव नह
लड़ पात ।

जाग कता और मता िनमाण: सामािजक तर पर ढ़वा दता को ख म कया जाए और मिहला
को नेतृ व के गुण िसखाने के िलए िवशेष िश ण िशिवर आयोिजत कए जाएं।

(अथवा)

भारतीय चुनाव णाली क मु य िवशेषता का वणन कर।

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उ र: भारतीय चुनाव णाली क मुख िवशेषताएं इस कार ह:a

वय क मतािधकार: भारत म येक नाग रक, िजसने 18 वष क आयु पूरी कर ली है, को िबना कसी
जाित, धम, लग या वग के भेदभाव के वोट देने का अिधकार ा है।

य और गु मतदान: लोकसभा और िवधानसभा के चुनाव सीधे जनता ारा गु मतदान (अब
EVM और VVPAT के ज रए) से होते ह, िजससे िन प ता बनी रहती है।
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'जो सबसे आगे वही जीते' णाली (First-Past-The-Post System): भारत म चुनाव जीतने के िलए
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कु ल मत का ब मत पाना ज री नह है, बि क चुनाव मैदान म उतरे अ य उ मीदवार से के वल एक
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वोट भी अिधक पाने वाला िवजयी घोिषत हो जाता है।
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वतं gचुlनाव आयोग: चुनाव को वतं , िन प और पारदश तरीके से कराने के िलए संिवधान केa
अनु aछेद 324 के तहत एक वाय 'भारत िनवाचन आयोग' क थापना क गई है।

िनवाचन े का िनधारण और आर ण: देश को जनसं या के आधार पर एक-सद यीय िनवाचन
े म बांटा जाता है। कमजोर वग के ितिनिध व के िलए अनुसूिचत जाितय (SC) और
जनजाितय (ST) के िलए सीट आरि त क जाती ह।

40.संसदीय व था म कायपािलका को िनयं ण म रखने के िलए िवधाियका को ब त से अिधकार
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दए गए ह। कायपािलका को िनयंि त करना इतना ज री य है, आप या समझते ह?

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उ र: संसदीय लोकतं म कायपािलका ( धानमं ी और उनका मंि मंडल) के पास देश क वा तिवक
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शासिनक शि यां और िवशाल संसाधन होते ह। कायपािलका को िवधाियका (संसद) ारा िनयंि त
करना िन िलिखत कारण से अ यंत आव यक है:ag
तानाशाही को रोकने के िलए: य द कायपािलका पर कोई अंकुश नह होगा, तो वह अपनी शि य का
मनमाना योग करके िनरं कुश (तानाशाह) बन सकती है और नाग रक क वतं ता को कु चल सकती
है।

जनता के ित जवाबदेही: िवधाियका (संसद) जनता के चुने ए ितिनिधय क सभा है। कायपािलका
को िनयंि त करके संसद यह सुिनि त करती है क सरकार जो भी नीितयां या कानून बना रही है, वह
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जनता के क याण के िलए हो, न क अपने ि गत या दलीय लाभ के िलए।
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c. o िव ीय िनयं ण (धन का सही उपयोग): देश के खजाने (बजट) पर संसद का िनयंseणmहोता है।
s em कायपािलका जनता से टै स के प म वसूले गए धन को िबना संसद क मंgजlूरaी के एक पैसा भी खच
la a है।
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नह कर सकती। िनयं ण के ज रए ाचार और फजूलखच पर रोक लगती

अिधकार क र ा: य द सरकार कोई ऐसा अवैध कदम उठाती है िजससे नाग रक के मौिलक
अिधकार को ठे स प च
ं ,े तो संसद म काल, यानाकषण ताव या अिव ास ताव के ज रए
सरकार को घेरा जाता है और उसे पीछे हटने पर मजबूर कया जाता है।

(अथवा)

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धानमं ी क िनयुि , शि यां एवं काय का वणन कर।
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उ र:

िनयुि : भारतीय संिवधान के अनु छेद 75 के अनुसार, धानमं ी क िनयुि रा पित ारा क जाती
है। रा पित अपनी मज से कसी को भी िनयु नह कर सकता; वह लोकसभा म ब मत ा दल (या
गठब धन) के नेता को ही धानमं ी िनयु करने के िलए बा य है।

शि यां एवं काय: धानमं ी भारत सरकार का वा तिवक धान होता है। उसके मु य काय
िन िलिखत ह:

मंि प रषद का िनमाण: वह मंि य क सूची तैयार कर रा पित को स पता है। रा पित के वल उ ह
ि य को मं ी िनयु करता है िजनक िसफा रश धानमं ी ने क हो। वह मंि य के िवभाग का
बंटवारा और फे रबदल भी करता है।

मंि मंडल क अ य ता: वह कै िबनेट क सभी बैठक क अ य ता करता है। नीितगत फै सल म
उसका िनणय अंितम और सव प र होता है।

रा पित और मंि मंडल के बीच क कड़ी: सरकार के सभी फै सल और शासिनक काय क जानकारी
वह रा पित तक प चं ाता है। वह रा पित का मु य सलाहकार होता है।

संसद का नेता: धानमं ी लोकसभा का नेता होता है। वह सदन म सरकार क मु य नीितय क
घोषणा करता है और मह वपूण बहस का उ र देता है। लोकसभा को भंग करने क िसफा रश भी वह
रा पित से कर सकता है।

रा का मु य व ा: अंतरा ीय मंच पर वह देश का ितिनिध व करता है और िवदेश नीित के
िनधारण म उसक भूिमका िनणायक होती है। वह नीित आयोग और रा ीय िवकास प रषद का पदेन
अ य भी होता है।

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Document Details

Board / OrgHaryana Board
ExamClass 11
TypeAnswer Key
Pages14
Updated03 Nov 2026